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दोस्तों, आप लोग भी चोदो ग्रुप में - चुदाओ ग्रुप में ? फिर देखो कितना मज़ा आता है Group chudai ka mazaa
दोस्तों, आप लोग भी चोदो ग्रुप में - चुदाओ ग्रुप में ? फिर देखो कितना मज़ा आता है Group chudai ka mazaa, Mast aur jabardast chudai ; chud gayi ; chudwa li ; chod di ; chod di ; choda chadi aur chudas ; antarvasna kamvasna kamukta ; chudwane aur chudne ke khel ; chut gand bur chudwaya ; lund land lauda chusne chuswane chusai chusa cudai coda cudi ; Hindi Sex Story ; Porn Stories ; Chudai ki kahani.
मैं बहुत बातूनी हूँ और हर किस्म की बातें करती हूँ . मैं कभी किसी बात का बुरा नहीं मानती ? मजाक का तो बिलकुल बुरा नहीं मानती .मजाक करने में मैं बहुत आगे हूँ . यही हाल मेरी सास का भी है . हैं वह ४४ साल की पर दिल उसका अभी २४ साल की लड़की की तरह है . अभी बिलकुल हट्टी कट्टी रखी हुई है . बड़े बड़े चूतड, बड़ी बड़ी आँखे, बड़ी बड़ी चूंची और एक मस्त गांड ? मेरी सास को देख कर आज भी मर्द अपना लौड़ा सहलाने लगते है . मेरी कॉलोनी में एक लड़का रहता है नाम है उसका सफी . सफी वैसे तो मुझसे बड़ा है पर मेरे हसबैंड से छोटा है इसलिए मुझे भाभी कहता है . मैं भी उसे अपना छोटा देवर मानती हूँ . वह मेरे घर आता जाता रहता है / मेरी सास से भी खूब बातें करता है और मुझसे तो वह हर तरह की बात करता है .
एक दिन सफी बोला :- भाभी आप मुझे इतनी खूबसूरत क्यों लगती है ?
मेरे मुह से निकला :- अरे मेरे राजा, मैं खूबसूरत हूँ इसलिए लगती हूँ .
वह बोला :- तो आपकी 'वो' भी खूबसूरत होगी ?
मैंने कहा :- अच्छा मैं समझ गयी तुझे माँ के लौड़े, तेरे लौड़े में खुजली होने लगी है . तूने कब मेरी 'वो' देख लिया है रे ? .
वह बोला :- अरे भाभी देखा नहीं अभी ? लेकिन देखने के मूड में हूँ .
मैंने कहा :- चल हट कमीने कही के ? मेरी 'वो' देखने के लिए तेरे 'वो' में ताकत नहीं है ?
वह बोला :- अरे भाभी बिना देखे आप ऐसा नहीं कह सकती ? मैं अपने 'वो' को बहुत संभाल कर रखता हूँ . मैंने कहा :- तो मैं क्या अपनी 'वो' को हाथ में लिए घूमती हूँ . मेरी 'वो' हमेशा परदे में रहती है .
वह बोला :- एक दिन मैं उसका पर्दा उठा दूंगा ?
मैंने कहा :- अच्छा तेरे में इतना दम है ? देखती हूँ और अगर नहीं उठा पाया तो मैं तेरी गांड मारूंगी . .
मेरी उससे इसी तरह की अक्सर नोक झोंक / हंसी मजाक हुआ करती है .
एक दिन वह फिर आया और बोला :- भाभी क्या मैं आपकी 'वो' में अपना 'ये' डाल दूं ?
मैंने कहा :- अरे बहन चोद तू हमेशा 'ये' 'वो' क्यों कहता रहता है ? 'लण्ड' 'चूत' कहने में तेरी गांड फटती है क्या ?
उसने कहा :- हां भाभी फटती है ?
इतना कह कर वह भाग गया . करीब एक हफ्ते बाद एक दिन मैं उसके घर गयी . वह अकेला ही रहता है . उसने मुझे बड़ी इज्ज़त दी और नास्ता आदि करवाया ? फिर अचानक उसका फोन आ गया और वह यह कह कर चला गया की भाभी ज़रा देखना मैं अभी आता हूँ . इत्तिफाक से उसका लैपटॉप खुला था और खुला था उसका इ मेल का पेज . वह साईन आउट करना भूल गया .मैं उसका इ मेल पढने लगी . फिर थोड़ा पुराने मेल पढने लगी . . मेरी सांस तो जहाँ की तहां रह गयी ?. उसमे लिखा था :-
मेरे राजा सफी,
मैं तुमसे चुदवाने के लिए तैयार हूँ बशर्ते की तेरा लण्ड मेरे बॉय फ्रेंड के लण्ड से बड़ा हो ?
उसका लण्ड ७" का है ? लण्ड की फोटो भेज रही हूँ .
जबाब के इंतज़ार में - तेरी हसीना
मैंने फोटो देखी तो मन ललचा गया . आगे इसका जबाब था . सफी ने लिखा :-
हाय मेरी रानी, हसीना
मेरा लण्ड ८" का है ? मैं तुम्हे पाने के लिए तड़प रहा हूँ . मैं अपने लण्ड की फोटो जो स्केल के साथ ली गयी है, तुम्हे भेज रहा हूँ ताकि तुम्हे मेरे लण्ड की सही लम्बाई का पता चल सके . हां इसकी मोटाई ५" की है . अब तो दे दो प्लीज.
तेरा चहेता - सफी
मैंने तुरंत उसके लण्ड की फोटो खोली और देखा तो मेरी बेचैनी बढ़ गयी . लौड़ा बड़ा शानदार है सफी का मैं आगे पढने लगी . लिखा था .
हाय मेरे राजा सफी,
मैं आज रात को १ ० बजे तेरा इंतज़ार करूंगी . मेरे घर पर मैं अकेले ही हूँ . छत वाले दरवाजे से चले आना . मैं तेरा इंतज़ार करूंगी .
तेरी - हसीना .
तेरा चहेता - सफी
मैंने तुरंत उसके लण्ड की फोटो खोली और देखा तो मेरी बेचैनी बढ़ गयी . लौड़ा बड़ा शानदार है सफी का मैं आगे पढने लगी . लिखा था .
हाय मेरे राजा सफी,
मैं आज रात को १ ० बजे तेरा इंतज़ार करूंगी . मेरे घर पर मैं अकेले ही हूँ . छत वाले दरवाजे से चले आना . मैं तेरा इंतज़ार करूंगी .
तेरी - हसीना .
मैंने सफी के लण्ड की फोटो देखी तो बड़ी देर तक देखती रही ? मुझे उसका लण्ड भा गया ? मुझे यकीन नहीं हो रहा था की सफी का लौड़ा इतना बड़ा होगा ? इतना मोटा होगा ? मेरी चूत चुलबुला उठी . मेरा सारा बदन गरम हो गया . आग लग गयी मेरी बुर में ? अगर उस समय सफी मेरे सामने होता तो मैं उसका लौड़ा खींच कर पकड़ लेती ? एक बात तो तय है की आज हसीना की बुर चुदेगी / मैंने सोच लिया की मैं भी उसकी बुर चुदते हुए देखूँगी जरुर .
फिर मैं खोजने लगी की ये हसीना कौन है और कहाँ रहती है ? ढूंढते ढूंढते मुझे उसका पता मिल गया . मैंने कहा अरे ये तो यहीं बगल के घर में रहती है और जुम्मन चचा जान की बेटी है . मैं तो इसे अच्छी तरह से जानती हूँ . अब मेरे सामने पिक्चर बिलकुल क्लियर हो गयी . मैं समझ गयी की सफी हसीना को चोदना चाहता है . मैंने मन में कहा यार मैं तो उससे कहीं ज्यादा सुन्दर हूँ . मुझे चोदने की इच्छा उसकी क्यों नहीं हुई ? खैर अब देखती हूँ शायद मैंने ही उसे लिफ्ट नहीं दी ? अब तो लिफ्ट क्या मैं सीधे सीधे उसे बुर दूँगी उसे ? इतने में कुछ आहट हुई और मैंने फ़ौरन लैपटॉप बंद कर दिया . पीछे मुड कर देखा तो सफी खड़ा था . वह बोला भाभी सॉरी मैंने आपको बहुत इंतज़ार करवाया . मैं कुछ बोलने वाली थी की किसी ने दरवाजे की घंटी बजा दी . मैंने देखा की उसका कोई मिलने वाला आया है तो मैं फ़ौरन वहां से चली आयी .
रात को १० बजे के पहले ही मैं छिप कर बैठ गयी छत पर . जब सफी अन्दर घुसा तो मैंने उसे देख लिया . वह मुझे नहीं देख पाया . कमरे की खिड़की थोड़ी खुली थी मैं वही आँख लगा कर बैठ गयी .
सफी बोला :- हाय रानी आज बहुत खूबसूरत लग रही हो / (मैंने मन में कहा अरे भोषडी के मैं उससे कहीं ज्यादा खूबसूरत हूँ )
हसीना बोली :- जबसे तेरे लण्ड की फोटो देखी है तबसे इसे पकड़ने की इच्छ हो गयी है .
सफी बोला :- पहले तुम अपनी मस्त चूंचियाँ पकडाओ न मुझे ? फिर मेरा लौड़ा पकड़ना . अभी उसे मस्ती से खड़ा होने दो ?
इतने में सफी ने उसे नंगी किया और उसकी चूंची दबाने लगा .( मैंने कहा मादर चोद इसकी चूंची में तो कोई दम नहीं है . इससे दुगुनी से भी ज्यादा मेरी चूंची है ) हसीना भी जल्दी में थी . उसने सफी को फ़ौरन नंगा किया और लण्ड पकड़ कर सहलाने लगी . लण्ड टन टना कर खड़ा हो गया .
वह बोली :- वाओ, तुम ठीक कह रहे थे . ये तो मेरे बॉय फ्रेंड के लण्ड से बहुत बड़ा है यार / इतना बड़ा और मोटा लण्ड मेरी चूत फाड़ डालेगा ?
सफी बोला :- तू चिंता क्यों करती है ? तेरी गांड भले फट जाए पर चूत नहीं फटेगी ? इस बात की मेरी गारंटी है ( .मैंने कहा हां यह बात तो सही कह रहा है सफी )
हसीना झुक कर लण्ड पीने लगी और सफी उसकी चूंची मेरी भी बुर में खुजली होने लगी . मैं भी बुर सहलाने लगी और अपनी चूंची दबाने लगी . मुझे सफी का लण्ड साफ दिखाई पड़ रहा था . मेरा मन हुआ की मैं भी कूद पडू इस खेल में पर मैं रुक गयी और तमाशा देखने लगी .
थोड़ी देर में सफी ने चोदना शुरू किया .हसीना चुदवाने में बड़ी मस्त लगी मुझे . मैं समझ गयी की वह कई मर्दों से चुदवा चुकी है मादर चोद ? उसे चुदाने का सलीका आता है .
तब तक सफी ने पूंछ लिया :- हसीना तुम किस किस से चुदवाती हो ?
वह बोली :- यार, मुझे तो चुदाने का शौक है ? लण्ड किसी का भी हो ? मैं तो अंकल लोगो से भी चुदवा लेती हूँ . इमरान अंकल खूब चोदते है उसके दोस्त भी मुझे चोदने आते है . मेरे अब्बू के कई दोस्त मुझे चोदते है . थामस अंकल भी अब चोदने लगे है मेरी बुर . कॉलेज के लड़के तो अक्सर चोदने आ जाते है . लेकिन मैं उससे ज्यादा चुदवाती हूँ जिसका लण्ड मुझे पसंद आ जाता है . जैसे अब मैं तुमसे खूब चुदवाय करूंगी . ऐसा कह कर वह घूम गयी और बोली सफी अब तुम मुझे पीछे से चोदो ? मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था . आखिर में जब लण्ड झड़ा तो हसीना ने उसे खूब चाटा और झड़ता हुआ लण्ड पी गयी . वह वाकई बड़ी चुदक्कड निकली . फिर मैं चुपके से वापस आ गयी .
मैंने लेटे लेटे ठान लिया की हसीना जिस जिस से चुदवाती है उस उस से मैं भी चुदवाऊँगी . चाहे वो इमरान अंकल हो, थामस अंकल हो, इसका अब्बू हो या फिर उनके दोस्त और कॉलेज के लड़के ? मैं इस ढंग से चुदवाऊँगी मी लोग हसीना को चोदना भूल जायेगें ? मैं अब चुप नहीं रहूंगी . सास है मेरे साथ पर सास की माँ की भोषडा ? मैं देखती हूँ की वह मुझे कैसे रोकती है ? अगर रोकेगी तो मैं खुद उसके भोषडा में पेल दूँगी लण्ड ? आखिर कार उसका भोषडा भी लण्ड खाने का शौक़ीन होगा ? वह भी किसी न किसी का लण्ड पकडती होगी ? किसी न किसी से जरुर चुदवाती होगी ? जो जो लण्ड मेरी सास के भोषडा में घुसा होगा मैं उन सबको अपनी चूत में पेलूँगी ?
यही सब सोचते सोचते सवेरा हो गया .
मैं दो दिन के लिए शहर के बाहर चली गयी . वहां से लौटी तो देखा की मेरी सास के कमरे में कुछ खुसर फुसर हो रही है . गर्मी के दिन थे और उस दिन इतवार था . मैं चुपके से झांक कर देखने लगी . मैंने देखा की मेरी सास बिलकुल नंगी है और जुम्मन चचा का लौड़ा सहला रही है . सास की चूंचियाँ तनी हुई है . उसका भोष\डा खिला हुआ है . मेरी नज़र जब लण्ड पर पड़ी तो मैंने दाँतों तले उंगली दबा ली . मेरे मुह से निकला अरे इसका मादर चोद लौड़ा तो सफी के लौड़े से भी बड़ा है . मेरी लार टपक पड़ी मैंने अपनी साड़ी खोल डाली . फिर ब्लाउज खोला और बाद में पेटीकोट भी . मैं गरम हो गयी . मेरा चूत भट्टी की तरह जलने लगी . तब मुझसे न रहा गया . मैंने सोचा की जब मेरी सास का ये हाल है तो मैं चुप क्यों रहूँ . ? मैं कमरे में नंगी नंगी घुस गयी .
मैंने सास के हाथ से लौड़ा छीनते हुए कहा :- अरे सासू जी अब तुम हटो मुझे लौड़ा पकड़ने दो . तुम तो चुदवाते चुदवाते सास बन गयी हो मैं अभी जवान हूँ . मुझे लण्ड की ज्यादा जरुरत है . बस मैं लण्ड पकड़ कर सहलाने लगी . लण्ड साला मुझे नंगी देखकर और सख्त हो गया .
मैंने कहा :- अरे भोषडी के जुम्मन अंकल तुझे इतनो दिनों तक मेरी चूत की याद नहीं आयी ? .साले इतना मस्त और मोटा बहन चोद लौड़ा लिए घूमते हो कभी मेरी बुर में पेलने की कोशिश नहीं की तुमने ? तुम तो बस मेरी सास को ही चोदते रहते हो ? आज मैं दूँगी तुम्हे बुर चोदने का मज़ा ?
अंकल बोला :- अरे नहीं हबीबा मैं, मैं कई लड़कियों की बुर चोदता हूँ .उनकी माँ का भोषडा चोदता हूँ . कई लोगों की बीवियां चोदता हूँ . लोग बड़े प्रेम से अपनी बीवियां मुझसे चुदवाते है यार ? मैंने कहा :- तो फिर यह सब तेरे लण्ड का कमाल है तेरा नहीं ?
मेरी बात सुनकर सास चचा के पेल्हड़ सहलाने लगी . मैं लण्ड पर टूट पड़ी . मुझे लण्ड इस समय हर तरफ से अच्छा लग रहा था . बहुत दिनों से खॊङ्खि थी लण्ड की ? मैंने अपनी चूत अंकल के मुह पे रख दिया था और वह मजे से चाटने भी लगा . आज बहुत दिनों के बाद मैं चूत चटवा रही थी . फिर मैं उठी और अंकल
लण्ड पर बैठ गयी . मैं कूद कूद कर चुदवाने लगी .उधर सास ने अपना भोषडा चटवाना शुरू कर दिया .फिर मैं खोजने लगी की ये हसीना कौन है और कहाँ रहती है ? ढूंढते ढूंढते मुझे उसका पता मिल गया . मैंने कहा अरे ये तो यहीं बगल के घर में रहती है और जुम्मन चचा जान की बेटी है . मैं तो इसे अच्छी तरह से जानती हूँ . अब मेरे सामने पिक्चर बिलकुल क्लियर हो गयी . मैं समझ गयी की सफी हसीना को चोदना चाहता है . मैंने मन में कहा यार मैं तो उससे कहीं ज्यादा सुन्दर हूँ . मुझे चोदने की इच्छा उसकी क्यों नहीं हुई ? खैर अब देखती हूँ शायद मैंने ही उसे लिफ्ट नहीं दी ? अब तो लिफ्ट क्या मैं सीधे सीधे उसे बुर दूँगी उसे ? इतने में कुछ आहट हुई और मैंने फ़ौरन लैपटॉप बंद कर दिया . पीछे मुड कर देखा तो सफी खड़ा था . वह बोला भाभी सॉरी मैंने आपको बहुत इंतज़ार करवाया . मैं कुछ बोलने वाली थी की किसी ने दरवाजे की घंटी बजा दी . मैंने देखा की उसका कोई मिलने वाला आया है तो मैं फ़ौरन वहां से चली आयी .
रात को १० बजे के पहले ही मैं छिप कर बैठ गयी छत पर . जब सफी अन्दर घुसा तो मैंने उसे देख लिया . वह मुझे नहीं देख पाया . कमरे की खिड़की थोड़ी खुली थी मैं वही आँख लगा कर बैठ गयी .
सफी बोला :- हाय रानी आज बहुत खूबसूरत लग रही हो / (मैंने मन में कहा अरे भोषडी के मैं उससे कहीं ज्यादा खूबसूरत हूँ )
हसीना बोली :- जबसे तेरे लण्ड की फोटो देखी है तबसे इसे पकड़ने की इच्छ हो गयी है .
सफी बोला :- पहले तुम अपनी मस्त चूंचियाँ पकडाओ न मुझे ? फिर मेरा लौड़ा पकड़ना . अभी उसे मस्ती से खड़ा होने दो ?
इतने में सफी ने उसे नंगी किया और उसकी चूंची दबाने लगा .( मैंने कहा मादर चोद इसकी चूंची में तो कोई दम नहीं है . इससे दुगुनी से भी ज्यादा मेरी चूंची है ) हसीना भी जल्दी में थी . उसने सफी को फ़ौरन नंगा किया और लण्ड पकड़ कर सहलाने लगी . लण्ड टन टना कर खड़ा हो गया .
वह बोली :- वाओ, तुम ठीक कह रहे थे . ये तो मेरे बॉय फ्रेंड के लण्ड से बहुत बड़ा है यार / इतना बड़ा और मोटा लण्ड मेरी चूत फाड़ डालेगा ?
सफी बोला :- तू चिंता क्यों करती है ? तेरी गांड भले फट जाए पर चूत नहीं फटेगी ? इस बात की मेरी गारंटी है ( .मैंने कहा हां यह बात तो सही कह रहा है सफी )
हसीना झुक कर लण्ड पीने लगी और सफी उसकी चूंची मेरी भी बुर में खुजली होने लगी . मैं भी बुर सहलाने लगी और अपनी चूंची दबाने लगी . मुझे सफी का लण्ड साफ दिखाई पड़ रहा था . मेरा मन हुआ की मैं भी कूद पडू इस खेल में पर मैं रुक गयी और तमाशा देखने लगी .
थोड़ी देर में सफी ने चोदना शुरू किया .हसीना चुदवाने में बड़ी मस्त लगी मुझे . मैं समझ गयी की वह कई मर्दों से चुदवा चुकी है मादर चोद ? उसे चुदाने का सलीका आता है .
तब तक सफी ने पूंछ लिया :- हसीना तुम किस किस से चुदवाती हो ?
वह बोली :- यार, मुझे तो चुदाने का शौक है ? लण्ड किसी का भी हो ? मैं तो अंकल लोगो से भी चुदवा लेती हूँ . इमरान अंकल खूब चोदते है उसके दोस्त भी मुझे चोदने आते है . मेरे अब्बू के कई दोस्त मुझे चोदते है . थामस अंकल भी अब चोदने लगे है मेरी बुर . कॉलेज के लड़के तो अक्सर चोदने आ जाते है . लेकिन मैं उससे ज्यादा चुदवाती हूँ जिसका लण्ड मुझे पसंद आ जाता है . जैसे अब मैं तुमसे खूब चुदवाय करूंगी . ऐसा कह कर वह घूम गयी और बोली सफी अब तुम मुझे पीछे से चोदो ? मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था . आखिर में जब लण्ड झड़ा तो हसीना ने उसे खूब चाटा और झड़ता हुआ लण्ड पी गयी . वह वाकई बड़ी चुदक्कड निकली . फिर मैं चुपके से वापस आ गयी .
मैंने लेटे लेटे ठान लिया की हसीना जिस जिस से चुदवाती है उस उस से मैं भी चुदवाऊँगी . चाहे वो इमरान अंकल हो, थामस अंकल हो, इसका अब्बू हो या फिर उनके दोस्त और कॉलेज के लड़के ? मैं इस ढंग से चुदवाऊँगी मी लोग हसीना को चोदना भूल जायेगें ? मैं अब चुप नहीं रहूंगी . सास है मेरे साथ पर सास की माँ की भोषडा ? मैं देखती हूँ की वह मुझे कैसे रोकती है ? अगर रोकेगी तो मैं खुद उसके भोषडा में पेल दूँगी लण्ड ? आखिर कार उसका भोषडा भी लण्ड खाने का शौक़ीन होगा ? वह भी किसी न किसी का लण्ड पकडती होगी ? किसी न किसी से जरुर चुदवाती होगी ? जो जो लण्ड मेरी सास के भोषडा में घुसा होगा मैं उन सबको अपनी चूत में पेलूँगी ?
यही सब सोचते सोचते सवेरा हो गया .
मैं दो दिन के लिए शहर के बाहर चली गयी . वहां से लौटी तो देखा की मेरी सास के कमरे में कुछ खुसर फुसर हो रही है . गर्मी के दिन थे और उस दिन इतवार था . मैं चुपके से झांक कर देखने लगी . मैंने देखा की मेरी सास बिलकुल नंगी है और जुम्मन चचा का लौड़ा सहला रही है . सास की चूंचियाँ तनी हुई है . उसका भोष\डा खिला हुआ है . मेरी नज़र जब लण्ड पर पड़ी तो मैंने दाँतों तले उंगली दबा ली . मेरे मुह से निकला अरे इसका मादर चोद लौड़ा तो सफी के लौड़े से भी बड़ा है . मेरी लार टपक पड़ी मैंने अपनी साड़ी खोल डाली . फिर ब्लाउज खोला और बाद में पेटीकोट भी . मैं गरम हो गयी . मेरा चूत भट्टी की तरह जलने लगी . तब मुझसे न रहा गया . मैंने सोचा की जब मेरी सास का ये हाल है तो मैं चुप क्यों रहूँ . ? मैं कमरे में नंगी नंगी घुस गयी .
मैंने सास के हाथ से लौड़ा छीनते हुए कहा :- अरे सासू जी अब तुम हटो मुझे लौड़ा पकड़ने दो . तुम तो चुदवाते चुदवाते सास बन गयी हो मैं अभी जवान हूँ . मुझे लण्ड की ज्यादा जरुरत है . बस मैं लण्ड पकड़ कर सहलाने लगी . लण्ड साला मुझे नंगी देखकर और सख्त हो गया .
मैंने कहा :- अरे भोषडी के जुम्मन अंकल तुझे इतनो दिनों तक मेरी चूत की याद नहीं आयी ? .साले इतना मस्त और मोटा बहन चोद लौड़ा लिए घूमते हो कभी मेरी बुर में पेलने की कोशिश नहीं की तुमने ? तुम तो बस मेरी सास को ही चोदते रहते हो ? आज मैं दूँगी तुम्हे बुर चोदने का मज़ा ?
अंकल बोला :- अरे नहीं हबीबा मैं, मैं कई लड़कियों की बुर चोदता हूँ .उनकी माँ का भोषडा चोदता हूँ . कई लोगों की बीवियां चोदता हूँ . लोग बड़े प्रेम से अपनी बीवियां मुझसे चुदवाते है यार ? मैंने कहा :- तो फिर यह सब तेरे लण्ड का कमाल है तेरा नहीं ?
मेरी बात सुनकर सास चचा के पेल्हड़ सहलाने लगी . मैं लण्ड पर टूट पड़ी . मुझे लण्ड इस समय हर तरफ से अच्छा लग रहा था . बहुत दिनों से खॊङ्खि थी लण्ड की ? मैंने अपनी चूत अंकल के मुह पे रख दिया था और वह मजे से चाटने भी लगा . आज बहुत दिनों के बाद मैं चूत चटवा रही थी . फिर मैं उठी और अंकल
इतने में मैंने देखा की कमरे में हसीना बुर चोदी अपने दोनों हाथों में एक एक लण्ड पकडे हुए बड़ी मस्ती से चली आ रही है . उसके लण्ड देख कर मेरी आग और गयी .मैं गयी की ये हसीना अपने से भी चुदवाती है .तभी तो उसके सामने गैर मर्दों से चुदाने का मज़ा ले रही है .
आते ही हसीना बोली :- आंटी, कैसा लग रहा है तुम्हे मेरे अब्बू से चुदवाने में ? मेरी सास बोली :- हाय हसीना बड़ा शैतान है तेरे अबा का लौड़ा ? बड़ी बेरहमी से चोदता है मेरा भोषडा ? हसीना बोली :- अरे आंटी , ये दोनों भी मादर चोद बड़ी बेरहमी से चोदते है . यह है इमरान का लौड़ा और यह है थामस का लौड़ा ? उसने इमरान का लण्ड मेरी सास को पकड़ा दिया और थामस का मुझे . अब मैं डोडो लण्ड का लुत्फ़ उठाने लगी . मेरा मज़ा दुगुना होइत जा रहा था .
अचानक मेरे कंधे पर एक और लौड़ा आ गया . मैजे तिरछी निगाह से देखा तो वह सफी था .
मैंने कहा :- भोषडी के सफी ? तेरी माँ की चूत साले तू हसीना की बुर चोदता रहा और मुझसे केवल मजाक ही करता रहा . कभी अपने लण्ड का मज़ा मुझे नहीं दिया तूने .
वह बोला :- आज दूंगा न भाभी ? पहले चोद लूं तुझे कस के फिर तेरी बात का जबाब दूंगा .तेरी इतनी मस्त चूत देख कर मुझे चोदने के अलावा कुछ और सूझ नहीं रहा है .
इतना कह कर उसने अपना लण्ड मेरी बुर में पेल दिया और मैं जुम्मन का लौड़ा छोड़ कर थामस का लण्ड चूसने लगी . मेरे सामने मेरी सास जुम्मन से चुदवाने लगी . उधर हसीना इमरान से चुदवाने लगी . बड़ा मज़ा आ रहा था . दूसरी की बुर चुदते देख कर अपनी बुर चुदवाने में ज्यादा मज़ा आ रहा था .
मैंने कहा :- यार हसीना, अब तो अकेले चुदवाने में उतना मज़ा नहीं आता है जितना सबके साथ चुदवाने में आता है ? तुम इसी तरह मर्दों को लाती रहो और हम सब इसी तरह चुदवाती रहें ?
वह बोली हां , भाभी आप सही कह रही है इसीलिए मैं हमेशा ग्रुप में चुदवाती हूँ . ऊपर जब मैंने इमरान और थामस अंकल के लण्ड पकडे तो मैंने सोचा की मैं इन्हें नीचे ले चलू जहाँ मेरे अब्बा आंटी और हबीबा भाभी को चोद रहे है . बस मैं सबके साथ चुदवाने के लिए आ गयी और देखो अब कितना मज़ा सबको आ रहा है ?
मेरी सास बोली :- हां मेरी बुर चोदी बह, मैं तो कहती हूँ जब भी चुदाओ, सब मिलकर चुदाओ ?
उसके बाद हम तीनो ने उन चारों लण्ड से रात भर अदल बदल कर खूब चुदवाया .
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