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» पीली वाली कोठी की मालकिन तो गैर मर्दों से खूब चुदवाती है मालिक परायी बीवियां चोद कर मज़ा लेता है Malkin chudai
पीली वाली कोठी की मालकिन तो गैर मर्दों से खूब चुदवाती है मालिक परायी बीवियां चोद कर मज़ा लेता है Malkin chudai
पीली वाली कोठी की मालकिन तो गैर मर्दों से खूब चुदवाती है मालिक परायी बीवियां चोद कर मज़ा लेता है Malkin chudai, Mast aur jabardast chudai ; chud gayi ; chudwa li ; chod di ; chod di ; choda chadi aur chudas ; antarvasna kamvasna kamukta ; chudwane aur chudne ke khel ; chut gand bur chudwaya ; lund land lauda chusne chuswane chusai chusa cudai coda cudi ; Hindi Sex Story ; Porn Stories ; Chudai ki kahani.
मैं मुंबई में अकेला ही एक फ़्लैट में रहता हूँ और वही एक बड़ी कंपनी में काम करता हूँ . मेरी उम्र है 28 साल और मैं एक हट्टा कट्टा नौजवान हूँ . मेरा नाम अरमान अली है . मेरे घर में काम करने वाली एक बाई आती है उसका नाम है कमला . वह रोज़ सवेरे सवेरे ही काम करके चली जाती है ? बड़ी अच्छी महिला है . समय से मेरा सारा काम कर देती है और मैं भी उसका बड़ा ख्याल रखता हूँ . मौका पड़ने पर मैं उसकी पैसों से भी मदद कर दिया करता हूँ . कभी कभी जब वह नहीं आती है तो अपनी बेटी को भेज देती है . उसकी बेटी का नाम है शन्नो . शन्नो बड़ी खूबसूरत सेक्सी और खुश मिजाज़ लड़की है . कई बार आती है और हंसी ख़ुशी काम करके चली जाती है . मैंने उसे कभी बुरी नियत से नहीं देखा .
पर एक बार वह बड़ा तंग ब्लाउज पहन कर आ गयी . उसकी मस्त चूंचियाँ एकदम बाहर निकलने के लिए बेताब दिख रही थी ., मेरी निगाह ससुरी वहीँ टिक गयी .मैं उसे एकटक देखता रहा .
शन्नो समझ गयी और वह भी प्यार से दिखाती रही ? मुस्करा मुस्करा कर दिखाती रही . फिर अपनी साडी घुटनों तक उठा उठा कर झाडू लगाती रही . उसकी साड़ी कमर के नीचे से बंधी थी . तोंदी के बहुत नीचे थी उसकी साडी ?मुझे लगा की अगर एक आध इंच साड़ी नीचे हो जाये तो उसकी झांटे दिखने लगेंगी ? इस तरह की साडी ब्लाउज पहन वह कई बार मेरे घर आयी . अब जब भी मैं उसे देखता तो मेरा लण्ड खड़ा होने लगता ? उस दिन वह बिना ब्रा के ब्लाउज पहने थी ? काम करते समय उसकी मद मस्त चूंचियाँ बार बार बाहर झांकने लगती थी . उसके बड़े बड़े चूतड़ मटकने लगते थे . उस दिन मेरी नियत डोल गयी . उसके आते ही मैंने कहा शन्नो मुझे नींद आ रही है तुम काम करो जब ख़तम हो जाये तो मुझे उठा देना ? मैं इतना कह कर फर्श पर ही सो गया . मैं नंगे बदन था . केवल एक लुंगी पहने था . मैं टाँगे फैलाकर सो गया ? शन्नो इधर उधर काम करने लगी . जब वह मेरे कमरे में आयी . तो मैंने उसे कनखियों से देखा . मैं वास्तव में सो नहीं रहा था . बस सोने का बहाना कर रहा था .
उसने देखा की मेरी लुंगी खुली हुई है . मेरा लण्ड खड़ा हुआ है . वह पहले दौड़ी दौड़ी गयी और देखा की बाहर का दरवाजा बंद है की नहीं ? दरवाजा बंद था . वह वापस आयी और मेरे खड़े लण्ड को झांकने की कोशिश करने लगी . लुंगी का एक कोना मेरे लण्ड पर फंस गया था . अगर वह गिर जाए तो लण्ड पूरा का पूरा नंगा हो जाये . लण्ड का सुपाड़ा तो लुंगी से बिलकुल ढका हुआ था . नीचे थोड़े पेल्हड़ दिख रहे थे . वह थोडा और झुकी और जान लिया की मेरी झांटे छोटी छोटी है . उससे रहा न जा रहा था . उसने अपने ब्लाउज के बटन खोल डाले . उसकी चूंचियाँ मुझे बिलकुल नंगी दिखाई पड़ने लगी . मेरे लण्ड का तनाव बढ़ता ही जा रहा था . वह अपना हाथ अपनी चूंची पर ले गयी और उसे मसलने लगी . फिर धीरे से आगे बढ़ी और लुंगी का कोना लण्ड के ऊपर से गिरा दिया . पूरा खड़ा देखते ही उसके चहरे पर रौनक आ गयी . उसकी आँखे चमकने लगी . उसने दाँतों तले ऊंगली दबा ली ? वह फिर धीरे से लुंगी अलग करने लगी . बस दो मिनट में ही लुंगी बिलकुल ज़मीन पर आ गयी . अब मेरी दोनों मोटी मोटी जाँघों के बीच खड़ा लण्ड उसे बड़ा प्यारा लग रहा था . मेरा लाल टमाटर की तरह चमचमाता हुआ सुपाडा वह देखे चली जा रही थी . लण्ड बहन चोद बिलकुल कुतुबमीनार बना हुआ था . इतने में उसने अपनी साडी खोल कर अलग कर दी . उसके बदन पर केवल पेटीकोट था . ब्लाउज तो बहन चोद ज़मीन पर पड़ा था . उसने धीरे से हाथ बढ़ाया और लण्ड आहिस्ते से पकड़ लिया . उसे होठों से चूमा . उसका सुपाडा चूमा . उसे मुठ्ठी में ले लिया ? लण्ड साला और कड़क होता जा रहा था . उसने धीरे से लण्ड अपनी चूंची पर छुवाया ? निपल्स पर रगडा लण्ड. अपनी ऊँगलियाँ मेरी झांटों पर फिराया और हौले से पेल्हड़ सहलाए . उधर लण्ड मुठ्ठी में और गरमाने लगा .
इधर मेरी भी कुछ हरकत होने लगी . जब वह मुठ्ठी में लेकर लण्ड ऊपर नीचे करने लगी तो मैंने भी अपनी गांड उचकाना शुरू कर दिया . बस वह समझ गयी की बाबू जी जग गये है ? वह थोडा झुकी और बुदबुदाती हुई बोली हाय दईया कितना प्यारा लग रहा है ? ये तो बहुत बड़ा है ? मैं तो बिलकुल नंगा था ही . मुझसे जब नहीं रहा गया तो मैंने उसे अपनी ओर खींच लिया और जोर से चिपका लिया ? मैं बोला शन्नो तू बड़ी मस्त चीज है यार ? वह बोली बाबू जी तुम ज्यादा मस्त हो ? मैं तुम्हे चाहने लगी हूँ . मैं बड़ी देर तक उसे चूमता चाटता रहा . उसका पेटीकोट खोल डाला . उसकी चूत पर हाथ फेरा , उसकी चूंची खूब मसली और उसकी गांड पर हाथ फेरा ? उसके सारे नंगे बदन पर हाथ फेर फेर कर मज़ा लिया . हम दोनों एक दूसरे से चिपके हुए बड़ी देर तक पड़े रहे . शन्नो मेरे लण्ड को चारों तरफ से घुमा घुमा कर देख रही थी .
मैंने पूंछा :- शन्नो ये क्या है तेरे हाथ में ?
वह थोड़ा शरमाई फिर बोली :- हा बाबू जी है तो बड़ा बढ़िया ? पकड़ने में बड़ा मज़ा आ रहा है मुझे ?
मैंने कहा - पर ये है क्या ? इसका नाम क्या है ?
वह बोली :- इसका नाम तो यही जाने बाबू जी ? पर बड़ा चालू दिखता है ? (उसने लण्ड का चुम्मा लेते हुए कहा )
मैंने कहा :- अब बताओ न ये क्या है ?
वह बोली :- ये तो 'लण्ड' है बाबू जी, और क्या ?
बस उसके मुह से 'लण्ड' सुनते ही मेरा लण्ड उछल पड़ा .
वह बोली :- हाय दईया, देखो कितना मोटा होता जा रहा है लण्ड ?
मैंने कहा :- इसे और भी कुछ कहते है ?
वह बोली :- और क्या लण्ड ही तो कहते है इसे बाबू जी ?
मैंने कहा :- नहीं बताओ न प्लीज इसे और क्या कहते है .
वह बोली :- हां हाँ और इसे 'लौड़ा' भी कहते है न बाबू जी ?
मैंने फिर पूंछा :- हां हां बताओ फिर ज़रा क्या कहते है इसे ?
वह बोली :- 'लौड़ा' 'लौड़ा' और 'लौड़ा' बाबू जी ? 'लण्ड' 'लण्ड' और 'लण्ड' बाबू जी ?
बस मैंने उसे अच्छी तरह चिपका लिया . उसे बहुत प्यार किया ? मैं उसके मुह से बार बार 'लण्ड' सुनना चाहता था . मुझे लड़कियों की मुह से लण्ड सुनना बहुत अच्छा लगता है .
तब तक वह बोली :- जानते हो बाबू जी, इसका एक और भी नाम है ?
मैंने कहा :- हां हां बताओ और क्या नाम है इसका ?
वह बोली :- इसे 'लांड' भी कहते है .
मैंने कहा :- क्या कहा 'लांड' ?
वह बोली :- हां बाबू जी, गाँव में इसे सब लोग 'लांड' ही कहते है . मेरी भौजी तो बड़ी बेशर्मी से इसे 'लांड' 'लांड' ही बुलाती है .चुदवाते समय तो लांड लांड ही बोलती रहती है .
मैंने कहा :- और तेरी चूत को क्या कहते है ?
वह बोली :- इसे तो "चूत" भी कहते है और "बुर" भी कहते है बाबू जी ?
मैंने कहा :- तो फिर भोषडा क्या होता है, शन्नो ?
वह बोली :- अब सब मैं ही बताऊंगी की तुम भी कुछ बताओगे बाबू जी ?
मैंने कहा :- बस तुम भोषडा के बारे में बता दो प्लीज ?
वह बोली :- देखो बाबू जी चूत की उम्र चुदाते चुदाते जब बड़ी हो जाती है तो वह भोषडा बन जाती है . जैसे मेरी भौजी का भोषडा ?
मैंने कहा :- लोग तो माँ का भोषडा कहते है ?
वह बोली ; - माँ का भोषडा नहीं, तेरी माँ का भोषडा ? बाबू जी, ये तो एक गाली है ?
फिर वह बड़ी देर तक मेरा लण्ड हिलाती रही . उसे मथानी की तरह नचाती रही .
वह बोली :- हाय राम, बाबू जी ये तो लण्ड बढ़ता ही चला जा रहा है ?
मैंने कहा :- तेरे हाथ में जादू है शन्नो ? तुम्हारे पकड़ने से लण्ड बढ़ता जा रहा है . और तेरी चूत भी तो मस्त होती जा रही है ?तेरी गांड भी सेक्सी होती रही है .
वह बोली :- अरे ये चूत बहन की लौड़ी उतनी की उतनी ही बनी रहती है . लण्ड की तरह घटती बढती नहीं है ?
इतने में उसका मुह खुला और वह चूसने लगी लण्ड . चाटने लगी लण्ड . मैं भी उसकी चूत चाटने लगा . उसकी चूंची मसल मसल कर मज़ा लेने लगा .
फिर वह बोली :- पेलो न अब लण्ड बाबू जी मेरी बुर में ? देखो न कितनी गरम हो गयी है बहन चोद ? मैंने उसका कहना माना और घुसेड दिया लण्ड ? वह चिल्ला उठी, उई माँ, कितना मोटा है साला मादर चोद तेरा लण्ड ? ज़रा धीरे धीरे पेलो नहीं तो फट जाएगी मेरी बुर ? बाप रे बाप क्या एक ही बार में पूरा घुसेड दिया लौड़ा ?
मैंने कहा :- रुको ज़रा पूरा जाने तो दो ?
वह बोली :- अभी और बाकी है क्या ? और घुसाओगे तो मुह से निकल आएगा लण्ड ?
मैं धीरे धीरे कई बार अन्दर बाहर करने लगा लण्ड .
तब वह बोली :- अरे भोषडी के बाबू जी ज़रा जल्दी जल्दी चोदो न ? पूरा लौड़ा घुसा के चोदो न ? कस कस के चोदो मेरी चूत बिलकुल रंडी की तरह बाबू जी . मैंने स्पीड तेज कर दी और चोदने लगा भकाभक ?
इतने में वह बोली :- बाबू जी एक बात बताऊ ?
मैंने कहा :- हां बताओ न ? खुल कर बताओ ?
वह बोली :- वो लाल कोठी वाले बाबू है उसका लण्ड छोटा है . उसकी बीवी को उसका लण्ड पसंद नहीं है ? वह बिचारी चुदासी रह जाती है . उसको चोदोगे बाबू जी ?
मैंने कहा :-हां जरुर चोदूंगा ? वह भी तो खूबसूरत है ?
वह बोली :- हां बाबू जी खूबसूरत है ? लण्ड खूब चूस चूस कर चुदवाती है पर उसको बढ़िया लण्ड नहीं मिलता चुदवाने के लिया . वह मुझसे कई बार कह चुकी है की शन्नो मुझे एक बड़े और मोटे लण्ड वाला मर्द लाकर दो मैं उससे चुदवाऊँगी . अब तेरा लण्ड तो वाकई उसकी बुर चोद चोद कर भरता बना देगा ? पर बाबू जी मेरे सामने ही चोदना उसे ? छिप छिपकर नहीं
मैंने कहा :- हां ठीक है, मैं तेरे सामने ही चोदूंगा उसकी बुर ? और उसकी बुर से निकाल कर तेरी बुर में ठोंक दूंगा लण्ड ? दोनों को एक साथ चोदूंगा तो ज्यादा मज़ा आयेगा ?
वह बोली :- हां बाबू जी तभी तो आएगा जवानी का पूरा मज़ा .
ऐसा कह कर वह फिर दनादन्न चुदवाने लगी ?
शन्नो ने कहा बाबू जी अब पीछे से चोदो ? मैं कुतिया बन जाती हूँ . तुम लण्ड पेलो . गांड में नहीं बुर में पेलना ? गांड मैं आज नहीं किसी और दिन मरवाऊँगी . मैं उसे मजे से चोदने लगा . मैंने जब कहा हाय शन्नो अब मैं खलास होने वाला हूँ . तो वह बोली ऐसे कैसे खलास हो जाओगे बाबू जी ? मैं खलास करूंगी तेरा लण्ड ? मैं निकालूंगी इसका तेल . मैं निकालूंगी इसकी गरम गरम आईसक्रीम और खूब चाटूंगी . ऐसा कह कर वह मारने लगी लण्ड का सड़ासड़ मुठ्ठ ? मुझे उसका सड़का मारना बड़ा अच्छा लग रहा था . मैं जब झडा तो उसने मुह खोल कर मेरे लण्ड की पिचकारी लेली . बड़े मजे से फिर चाटने लगी मेरा लण्ड ? मैं उसे लण्ड चटाने का मज़ा लेने लगा.
दूसरे दिन मेरा दोस्त रमजान अली आ गया . हम दोनों बैठ कर शराब पीने लगे .
थोड़ी देर में रमजान बोला :- यार अरमान तुम पिछले एक महीने से मेरी बीवी चोदने नहीं आये ? पहले तो हर दूसरे / तीसरे दिन आकार मेरी बीवी चोद जाया करते थे .
मैंने कहा :- नहीं यार पिछले एक महीने से मेरी बीवी नहीं है . वह माईके गयी है और मैं अकेला हूँ . मैं जब आता था तो अपनी बीवी तुमसे चुदवा कर और तुम्हारी बीवी चोद कर जाता था .
वह बोला :- तो क्या हुआ यार चले आते मेरी बीवी चोदने ? जब तेरी बीवी आती तो मैं चोद लेता ? देखो मेरी बीवी तुम्हे बहुत चाहती है ? तेरा लण्ड उसे बहुत पसंद है ?
मैंने कहा :- यही बात तो मेरी बीवी कहती है . वह कहती है उसे रमजान के लण्ड के अलावा किसी और का लण्ड पसंद ही नहीं आता ? देखना जब वापस आएगी तो उसी दिन तुमसे चुदवाने तेरे घर आ जाएगी ?
वह बोला :- पर यार आजकल मेरी बीवी भी गयी हुई है .
मैंने कहा :- यार एक बात तो बताना ही भूल गया . मेरे घर की काम करने वाली बाई उसकी लड़की शन्नो अब मुझसे चुदवाने लगी है . बड़ी मस्त है उसकी बुर यार ? मैं तो कहता हूँ की तुम भी एक दिन उसे चोद कर देखो ? इतने में पीछे आवाज़ आयी :- पहले तो आज लाल कोठी वाली मालकिन की बुर चोद कर देखो ? मुझे फिर कभी चोद लेना ?
मैंने कहा :- अरे शन्नो तुम कब आ गयी ? वह बोली की मैं पीछे वाले दरवाजे से आ गयी वह खुला था . मैंने तुम दोनों की बातें सुन ली है . तुम लोग एक दूसरे की बीवी चोदते हो बड़ा अच्छा है . आजकल हर घर में यही हो रहा है . उस पीली वाली कोठी की मालकिन तो गैर मर्दों से खूब चुदवाती है . और मालिक तो परायी बीवियां चोद चोद कर मज़ा लेता है .
मैंने कहा :- यार शन्नो सुनो हम अपने साथ रमजान को भी ले लेते है . मैं तेरी मालकिन को तेरे सामने चोदूंगा और रमजान उसके सामने तुझे चोदेगा ?
वह बोली :- हां यह बात है मजे दार . मैं तेरे दोस्त से चुदाने के लिए तैयार हूँ .
उसी दिन रात को शन्नो मुझे और रमजान को लेकर अपनी ला कोठी वाली मालकिन के घर पहुच गयी . मैंने जब उसकी मालकिन को देखा तो मेरा लौड़ा साला टन टना कर खड़ा हो गया . वह वाकई बला की खूबसूरत थी . पहले मैंने उसे चोदा और रमजान ने शन्नो को . दूसरी पारी में मैंने शन्नो को चोदा और रमजान ने उसकी मालकिन को....
पर एक बार वह बड़ा तंग ब्लाउज पहन कर आ गयी . उसकी मस्त चूंचियाँ एकदम बाहर निकलने के लिए बेताब दिख रही थी ., मेरी निगाह ससुरी वहीँ टिक गयी .मैं उसे एकटक देखता रहा .
शन्नो समझ गयी और वह भी प्यार से दिखाती रही ? मुस्करा मुस्करा कर दिखाती रही . फिर अपनी साडी घुटनों तक उठा उठा कर झाडू लगाती रही . उसकी साड़ी कमर के नीचे से बंधी थी . तोंदी के बहुत नीचे थी उसकी साडी ?मुझे लगा की अगर एक आध इंच साड़ी नीचे हो जाये तो उसकी झांटे दिखने लगेंगी ? इस तरह की साडी ब्लाउज पहन वह कई बार मेरे घर आयी . अब जब भी मैं उसे देखता तो मेरा लण्ड खड़ा होने लगता ? उस दिन वह बिना ब्रा के ब्लाउज पहने थी ? काम करते समय उसकी मद मस्त चूंचियाँ बार बार बाहर झांकने लगती थी . उसके बड़े बड़े चूतड़ मटकने लगते थे . उस दिन मेरी नियत डोल गयी . उसके आते ही मैंने कहा शन्नो मुझे नींद आ रही है तुम काम करो जब ख़तम हो जाये तो मुझे उठा देना ? मैं इतना कह कर फर्श पर ही सो गया . मैं नंगे बदन था . केवल एक लुंगी पहने था . मैं टाँगे फैलाकर सो गया ? शन्नो इधर उधर काम करने लगी . जब वह मेरे कमरे में आयी . तो मैंने उसे कनखियों से देखा . मैं वास्तव में सो नहीं रहा था . बस सोने का बहाना कर रहा था .
उसने देखा की मेरी लुंगी खुली हुई है . मेरा लण्ड खड़ा हुआ है . वह पहले दौड़ी दौड़ी गयी और देखा की बाहर का दरवाजा बंद है की नहीं ? दरवाजा बंद था . वह वापस आयी और मेरे खड़े लण्ड को झांकने की कोशिश करने लगी . लुंगी का एक कोना मेरे लण्ड पर फंस गया था . अगर वह गिर जाए तो लण्ड पूरा का पूरा नंगा हो जाये . लण्ड का सुपाड़ा तो लुंगी से बिलकुल ढका हुआ था . नीचे थोड़े पेल्हड़ दिख रहे थे . वह थोडा और झुकी और जान लिया की मेरी झांटे छोटी छोटी है . उससे रहा न जा रहा था . उसने अपने ब्लाउज के बटन खोल डाले . उसकी चूंचियाँ मुझे बिलकुल नंगी दिखाई पड़ने लगी . मेरे लण्ड का तनाव बढ़ता ही जा रहा था . वह अपना हाथ अपनी चूंची पर ले गयी और उसे मसलने लगी . फिर धीरे से आगे बढ़ी और लुंगी का कोना लण्ड के ऊपर से गिरा दिया . पूरा खड़ा देखते ही उसके चहरे पर रौनक आ गयी . उसकी आँखे चमकने लगी . उसने दाँतों तले ऊंगली दबा ली ? वह फिर धीरे से लुंगी अलग करने लगी . बस दो मिनट में ही लुंगी बिलकुल ज़मीन पर आ गयी . अब मेरी दोनों मोटी मोटी जाँघों के बीच खड़ा लण्ड उसे बड़ा प्यारा लग रहा था . मेरा लाल टमाटर की तरह चमचमाता हुआ सुपाडा वह देखे चली जा रही थी . लण्ड बहन चोद बिलकुल कुतुबमीनार बना हुआ था . इतने में उसने अपनी साडी खोल कर अलग कर दी . उसके बदन पर केवल पेटीकोट था . ब्लाउज तो बहन चोद ज़मीन पर पड़ा था . उसने धीरे से हाथ बढ़ाया और लण्ड आहिस्ते से पकड़ लिया . उसे होठों से चूमा . उसका सुपाडा चूमा . उसे मुठ्ठी में ले लिया ? लण्ड साला और कड़क होता जा रहा था . उसने धीरे से लण्ड अपनी चूंची पर छुवाया ? निपल्स पर रगडा लण्ड. अपनी ऊँगलियाँ मेरी झांटों पर फिराया और हौले से पेल्हड़ सहलाए . उधर लण्ड मुठ्ठी में और गरमाने लगा .
इधर मेरी भी कुछ हरकत होने लगी . जब वह मुठ्ठी में लेकर लण्ड ऊपर नीचे करने लगी तो मैंने भी अपनी गांड उचकाना शुरू कर दिया . बस वह समझ गयी की बाबू जी जग गये है ? वह थोडा झुकी और बुदबुदाती हुई बोली हाय दईया कितना प्यारा लग रहा है ? ये तो बहुत बड़ा है ? मैं तो बिलकुल नंगा था ही . मुझसे जब नहीं रहा गया तो मैंने उसे अपनी ओर खींच लिया और जोर से चिपका लिया ? मैं बोला शन्नो तू बड़ी मस्त चीज है यार ? वह बोली बाबू जी तुम ज्यादा मस्त हो ? मैं तुम्हे चाहने लगी हूँ . मैं बड़ी देर तक उसे चूमता चाटता रहा . उसका पेटीकोट खोल डाला . उसकी चूत पर हाथ फेरा , उसकी चूंची खूब मसली और उसकी गांड पर हाथ फेरा ? उसके सारे नंगे बदन पर हाथ फेर फेर कर मज़ा लिया . हम दोनों एक दूसरे से चिपके हुए बड़ी देर तक पड़े रहे . शन्नो मेरे लण्ड को चारों तरफ से घुमा घुमा कर देख रही थी .
मैंने पूंछा :- शन्नो ये क्या है तेरे हाथ में ?
वह थोड़ा शरमाई फिर बोली :- हा बाबू जी है तो बड़ा बढ़िया ? पकड़ने में बड़ा मज़ा आ रहा है मुझे ?
मैंने कहा - पर ये है क्या ? इसका नाम क्या है ?
वह बोली :- इसका नाम तो यही जाने बाबू जी ? पर बड़ा चालू दिखता है ? (उसने लण्ड का चुम्मा लेते हुए कहा )
मैंने कहा :- अब बताओ न ये क्या है ?
वह बोली :- ये तो 'लण्ड' है बाबू जी, और क्या ?
बस उसके मुह से 'लण्ड' सुनते ही मेरा लण्ड उछल पड़ा .
वह बोली :- हाय दईया, देखो कितना मोटा होता जा रहा है लण्ड ?
मैंने कहा :- इसे और भी कुछ कहते है ?
वह बोली :- और क्या लण्ड ही तो कहते है इसे बाबू जी ?
मैंने कहा :- नहीं बताओ न प्लीज इसे और क्या कहते है .
वह बोली :- हां हाँ और इसे 'लौड़ा' भी कहते है न बाबू जी ?
मैंने फिर पूंछा :- हां हां बताओ फिर ज़रा क्या कहते है इसे ?
वह बोली :- 'लौड़ा' 'लौड़ा' और 'लौड़ा' बाबू जी ? 'लण्ड' 'लण्ड' और 'लण्ड' बाबू जी ?
बस मैंने उसे अच्छी तरह चिपका लिया . उसे बहुत प्यार किया ? मैं उसके मुह से बार बार 'लण्ड' सुनना चाहता था . मुझे लड़कियों की मुह से लण्ड सुनना बहुत अच्छा लगता है .
तब तक वह बोली :- जानते हो बाबू जी, इसका एक और भी नाम है ?
मैंने कहा :- हां हां बताओ और क्या नाम है इसका ?
वह बोली :- इसे 'लांड' भी कहते है .
मैंने कहा :- क्या कहा 'लांड' ?
वह बोली :- हां बाबू जी, गाँव में इसे सब लोग 'लांड' ही कहते है . मेरी भौजी तो बड़ी बेशर्मी से इसे 'लांड' 'लांड' ही बुलाती है .चुदवाते समय तो लांड लांड ही बोलती रहती है .
मैंने कहा :- और तेरी चूत को क्या कहते है ?
वह बोली :- इसे तो "चूत" भी कहते है और "बुर" भी कहते है बाबू जी ?
मैंने कहा :- तो फिर भोषडा क्या होता है, शन्नो ?
वह बोली :- अब सब मैं ही बताऊंगी की तुम भी कुछ बताओगे बाबू जी ?
मैंने कहा :- बस तुम भोषडा के बारे में बता दो प्लीज ?
वह बोली :- देखो बाबू जी चूत की उम्र चुदाते चुदाते जब बड़ी हो जाती है तो वह भोषडा बन जाती है . जैसे मेरी भौजी का भोषडा ?
मैंने कहा :- लोग तो माँ का भोषडा कहते है ?
वह बोली ; - माँ का भोषडा नहीं, तेरी माँ का भोषडा ? बाबू जी, ये तो एक गाली है ?
फिर वह बड़ी देर तक मेरा लण्ड हिलाती रही . उसे मथानी की तरह नचाती रही .
वह बोली :- हाय राम, बाबू जी ये तो लण्ड बढ़ता ही चला जा रहा है ?
मैंने कहा :- तेरे हाथ में जादू है शन्नो ? तुम्हारे पकड़ने से लण्ड बढ़ता जा रहा है . और तेरी चूत भी तो मस्त होती जा रही है ?तेरी गांड भी सेक्सी होती रही है .
वह बोली :- अरे ये चूत बहन की लौड़ी उतनी की उतनी ही बनी रहती है . लण्ड की तरह घटती बढती नहीं है ?
इतने में उसका मुह खुला और वह चूसने लगी लण्ड . चाटने लगी लण्ड . मैं भी उसकी चूत चाटने लगा . उसकी चूंची मसल मसल कर मज़ा लेने लगा .
फिर वह बोली :- पेलो न अब लण्ड बाबू जी मेरी बुर में ? देखो न कितनी गरम हो गयी है बहन चोद ? मैंने उसका कहना माना और घुसेड दिया लण्ड ? वह चिल्ला उठी, उई माँ, कितना मोटा है साला मादर चोद तेरा लण्ड ? ज़रा धीरे धीरे पेलो नहीं तो फट जाएगी मेरी बुर ? बाप रे बाप क्या एक ही बार में पूरा घुसेड दिया लौड़ा ?
मैंने कहा :- रुको ज़रा पूरा जाने तो दो ?
वह बोली :- अभी और बाकी है क्या ? और घुसाओगे तो मुह से निकल आएगा लण्ड ?
मैं धीरे धीरे कई बार अन्दर बाहर करने लगा लण्ड .
तब वह बोली :- अरे भोषडी के बाबू जी ज़रा जल्दी जल्दी चोदो न ? पूरा लौड़ा घुसा के चोदो न ? कस कस के चोदो मेरी चूत बिलकुल रंडी की तरह बाबू जी . मैंने स्पीड तेज कर दी और चोदने लगा भकाभक ?
इतने में वह बोली :- बाबू जी एक बात बताऊ ?
मैंने कहा :- हां बताओ न ? खुल कर बताओ ?
वह बोली :- वो लाल कोठी वाले बाबू है उसका लण्ड छोटा है . उसकी बीवी को उसका लण्ड पसंद नहीं है ? वह बिचारी चुदासी रह जाती है . उसको चोदोगे बाबू जी ?
मैंने कहा :-हां जरुर चोदूंगा ? वह भी तो खूबसूरत है ?
वह बोली :- हां बाबू जी खूबसूरत है ? लण्ड खूब चूस चूस कर चुदवाती है पर उसको बढ़िया लण्ड नहीं मिलता चुदवाने के लिया . वह मुझसे कई बार कह चुकी है की शन्नो मुझे एक बड़े और मोटे लण्ड वाला मर्द लाकर दो मैं उससे चुदवाऊँगी . अब तेरा लण्ड तो वाकई उसकी बुर चोद चोद कर भरता बना देगा ? पर बाबू जी मेरे सामने ही चोदना उसे ? छिप छिपकर नहीं
मैंने कहा :- हां ठीक है, मैं तेरे सामने ही चोदूंगा उसकी बुर ? और उसकी बुर से निकाल कर तेरी बुर में ठोंक दूंगा लण्ड ? दोनों को एक साथ चोदूंगा तो ज्यादा मज़ा आयेगा ?
वह बोली :- हां बाबू जी तभी तो आएगा जवानी का पूरा मज़ा .
ऐसा कह कर वह फिर दनादन्न चुदवाने लगी ?
शन्नो ने कहा बाबू जी अब पीछे से चोदो ? मैं कुतिया बन जाती हूँ . तुम लण्ड पेलो . गांड में नहीं बुर में पेलना ? गांड मैं आज नहीं किसी और दिन मरवाऊँगी . मैं उसे मजे से चोदने लगा . मैंने जब कहा हाय शन्नो अब मैं खलास होने वाला हूँ . तो वह बोली ऐसे कैसे खलास हो जाओगे बाबू जी ? मैं खलास करूंगी तेरा लण्ड ? मैं निकालूंगी इसका तेल . मैं निकालूंगी इसकी गरम गरम आईसक्रीम और खूब चाटूंगी . ऐसा कह कर वह मारने लगी लण्ड का सड़ासड़ मुठ्ठ ? मुझे उसका सड़का मारना बड़ा अच्छा लग रहा था . मैं जब झडा तो उसने मुह खोल कर मेरे लण्ड की पिचकारी लेली . बड़े मजे से फिर चाटने लगी मेरा लण्ड ? मैं उसे लण्ड चटाने का मज़ा लेने लगा.
दूसरे दिन मेरा दोस्त रमजान अली आ गया . हम दोनों बैठ कर शराब पीने लगे .
थोड़ी देर में रमजान बोला :- यार अरमान तुम पिछले एक महीने से मेरी बीवी चोदने नहीं आये ? पहले तो हर दूसरे / तीसरे दिन आकार मेरी बीवी चोद जाया करते थे .
मैंने कहा :- नहीं यार पिछले एक महीने से मेरी बीवी नहीं है . वह माईके गयी है और मैं अकेला हूँ . मैं जब आता था तो अपनी बीवी तुमसे चुदवा कर और तुम्हारी बीवी चोद कर जाता था .
वह बोला :- तो क्या हुआ यार चले आते मेरी बीवी चोदने ? जब तेरी बीवी आती तो मैं चोद लेता ? देखो मेरी बीवी तुम्हे बहुत चाहती है ? तेरा लण्ड उसे बहुत पसंद है ?
मैंने कहा :- यही बात तो मेरी बीवी कहती है . वह कहती है उसे रमजान के लण्ड के अलावा किसी और का लण्ड पसंद ही नहीं आता ? देखना जब वापस आएगी तो उसी दिन तुमसे चुदवाने तेरे घर आ जाएगी ?
वह बोला :- पर यार आजकल मेरी बीवी भी गयी हुई है .
मैंने कहा :- यार एक बात तो बताना ही भूल गया . मेरे घर की काम करने वाली बाई उसकी लड़की शन्नो अब मुझसे चुदवाने लगी है . बड़ी मस्त है उसकी बुर यार ? मैं तो कहता हूँ की तुम भी एक दिन उसे चोद कर देखो ? इतने में पीछे आवाज़ आयी :- पहले तो आज लाल कोठी वाली मालकिन की बुर चोद कर देखो ? मुझे फिर कभी चोद लेना ?
मैंने कहा :- अरे शन्नो तुम कब आ गयी ? वह बोली की मैं पीछे वाले दरवाजे से आ गयी वह खुला था . मैंने तुम दोनों की बातें सुन ली है . तुम लोग एक दूसरे की बीवी चोदते हो बड़ा अच्छा है . आजकल हर घर में यही हो रहा है . उस पीली वाली कोठी की मालकिन तो गैर मर्दों से खूब चुदवाती है . और मालिक तो परायी बीवियां चोद चोद कर मज़ा लेता है .
मैंने कहा :- यार शन्नो सुनो हम अपने साथ रमजान को भी ले लेते है . मैं तेरी मालकिन को तेरे सामने चोदूंगा और रमजान उसके सामने तुझे चोदेगा ?
वह बोली :- हां यह बात है मजे दार . मैं तेरे दोस्त से चुदाने के लिए तैयार हूँ .
उसी दिन रात को शन्नो मुझे और रमजान को लेकर अपनी ला कोठी वाली मालकिन के घर पहुच गयी . मैंने जब उसकी मालकिन को देखा तो मेरा लौड़ा साला टन टना कर खड़ा हो गया . वह वाकई बला की खूबसूरत थी . पहले मैंने उसे चोदा और रमजान ने शन्नो को . दूसरी पारी में मैंने शन्नो को चोदा और रमजान ने उसकी मालकिन को....
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