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चारों तरफ लण्ड चूची गांड चूत नजर आ रही थी - Chut chudai lund chuchi chusai gand marayi
चारों तरफ लण्ड चूची गांड चूत नजर आ रही थी - Chut chudai lund chuchi chusai gand marayi, Mast aur jabardast chudai ; chud gayi ; chudwa li ; chod di ; chod di ; choda chadi aur chudas ; antarvasna kamvasna kamukta ; chudwane aur chudne ke khel ; chut gand bur chudwaya ; lund land lauda chusne chuswane chusai chusa cudai coda cudi ; Hindi Sex Story ; Porn Stories ; Chudai ki kahani.
कल मैंने एक सेक्स पार्टी रखी थी .उसमे अपने सभी बॉय फ्रेंड्स को बुलाया था . सबने पहले खूब शराब पी फिर वे सब मिलकर मेरी माँ के पकडे खोलने लगे . मुझे भी नंगी करने कगे . देखते ही देखते हम दोनों नंगी हो गयी . कुछ लड़के मेरी माँ की चूंचियाँ दबाने लगे . उन्हें मसलने लगे चूसने लगे . कुछ लड़के मेरी माँ का भोषडा चूमने लगे भोषडा चाटने लगे . कुछ तो उसकी गांड पर हाथ फेरने में ही मस्त थे . लेकिन सब के सब मादर चोद नंगे थे . सबके लण्ड टन टना कर खड़े हुए थे . मैं भी दो चार लण्ड पकड़ कर पीने लगी . मेरी अम्मी ने भी लण्ड पीना शुरू किया . उसे लण्ड पसंद आ रहे थे .फिर साले बहन चोद जितने मेरे बॉय फ्रेंड्स थे, सबने चोदा मेरी माँ का भोषडा ? मैं भी क्या करती उन सालों को मेरी माँ का भोषडा इतना ज्यादा पसंद आया की कोई मादर चोद बिना चोदे जाने को तैयार नहीं हुआ . मैंने कई बार कहा यार मुझे चोद लो . मेरी चूत मेरी बुर चोद लो, मेरा भोषडा चोद लो लेकिन किसी ने मेरी बात सुनी ही नहीं ? सब साले एक के बाद एक अपना लण्ड खड़ा किये हुए मेरी माँ के भोषडा में घुसेड रहे थे .
मैं भी थोडा चुप हो गयी क्यों की मेरी अम्मी को मज़ा आ रहा था . बहुत दिनों के बाद इतने सारे लड़कों से एक साथ चुदवाने का मौका मिला था उसे ? वह भी चार चार पांच पांच लण्ड एक साथ ले रही थी . वह भोषडा भी चुदा रही थी, गांड भी मरवा रही थी, चूंची भी चुदवा रही थी .मुह में भी घुसा रही थी लण्ड और मुठ्ठ तो इतनी तेजी से मार रही थी, अंकल, की लण्ड फटाफट खलास हो रहे थे .
खूब मस्ती से चुदवाया अम्मी ने अंकल ?
मैं देख रही थी की बहन चोद सबके लण्ड एक एक करके झड़ते जा रहे थे . अंकल, वहां का सीन बड़ा सेक्सी था . तुम होते तो तुम्हे भी खूब मज़ा आता ? वैसे तो तुमने मेरी माँ कई बार चोदी है और उसे चुदवाते हुए देखा भी है पर कल अम्मी ने कमाल कर दिया . जानते हो अंकल एक दर्ज़न लण्ड मेरी माँ का भोषडा चोद रहे थे . नंगी मैं भी थी . मैं भी इधर उधर लण्ड पकड़ रही थी . सहला रही थी चूम चाट रही थी पर मैंने कोई भी लण्ड अपनी बुर में नहीं पेला ? मैं तो अपनी माँ का भोषडा चुदवाने में मस्त थी .
दोस्तों, मैं हूँ सानिया २५ साल की एक मस्त लड़की . मैं अपनी पूरी जवानी पर हूँ . मेरी अम्मी भी जवान है क्योंकि वह अभी केवल ४५ साल की ही है . उसकी मस्त जवानी देख कर लोग हम दोनों को बहने मानते है . माँ बेटी नहीं . हम लोग अमेरिका में रहते थे . अभी दो साल पहले मुंबई में आयी हूँ . यहाँ भी अमेरिका के काफी दोस्त है . वहां भी यहाँ के कई लोग थे . मेरी अम्मी का नाम वहीदा है . बड़ी बड़ी चूंचियों वाली मेरी अम्मी बड़ी खूबसूरत भी है . विदेशी लोग उस पर खूब मरते है . अम्मी बिलकुल बिंदास है . उसका बस चले तो वह सड़क पर नंगी चले . लण्ड पकड़ने की तो उसे जबर्दस्त आदत है .
एक बार घर पे एक मैगजीन बेचने वाला आ गया .
उसने कहा:- मैडम आप मेरी किताब बहुत अच्छी है आप इसे खरीद लीजिये ?
वह बोली :- मैं किताब देख कर नहीं तेरा लण्ड देख कर खरीदूंगी . अपना लण्ड दिखाओ मुझे ?
वो थोडा ना नुकुर करने लगा .
अम्मी बोली :- तो फिर जा मैं नहीं लूँगी तेरी किताब ?
वह चुप हो गया . फिर बोला :- अच्छा मैडम ठीक है मैं दिखाता हूँ .
वह अपनी पैन्ट खोलने लगा . उस समय मैं बस १८ साली की हुई ही थी . अम्मी ने झट खुद ही उसकी पैंट खींच ली और लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी . लण्ड खड़ा हो गया . वह थोडा झुकी और लण्ड चूम कर कहा ठीक है लण्ड मुझे पसंद आ गया। अब मैं इसका मक्खन खाऊँगी तब तुम्हे पैसा दूँगी . अम्मी मेरे सामने ही उसका सड़का मारने लगी . लण्ड टन्ना उठा . उसका सुपाड़ा चमकने लगा और फिर वह झड गया . अम्मी ने झड़ता हुआ लण्ड चाटा फिर उसे पैसे देख कर जाने दिया .
तो ऐसी है मेरी माँ ?
एक बार एक फोन आया अम्मी बोली हां बोलो क्या काम काम है वह बोला मैडम मैं आपसे कुछ प्राईवेट बात करना चाहता हूँ . अम्मी ने कहा अगर ऐसी बात करना है तो मेरे घर आओ मैं फोन पर ऐसी बात नहीं कर सकती . वह घर आ गया . लड़का बड़ा जवान था . स्मार्ट और सेक्सी लग रहा था . मैं समझ गयी की आज अम्मी इसका लण्ड पकड़ेगी ? मैंने उसे बैठाया और अम्मी को बुलाया .
वह बोला:- मैडम मैं आपसे एक बात कहना चाहता हूँ .
अम्मी बोली:- नहीं पहले मुझे अपना लण्ड दिखाओ . मैं तेरा लण्ड देख कर बात करूंगी . तेरा लण्ड पकड़ कर बात करूंगी . बिना लण्ड पकडे हुए मैं किसी मर्द से बात नहीं करती ?
वह बोला - अरे मैडम सबके सामने मैं कैसे अपना ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,?
अम्मी बोली :- अबे माँ के लौड़े ? यहाँ मेरी बेटी के अलावा और कोई है भी . और यह भी जवान हो गयी है बालिग है मेरी बेटी . दिखा भोषडी के लण्ड नहीं तो जा ? वह मान गया . तब अम्मी उठी और उसके कपडे खोलने लगी . उसे नंगा किया और लण्ड पकड़ लिया . मेरी नज़र लण्ड पर थी . लण्ड टन टना कर खड़ा हो गया .मैं लण्ड देख कर ललचा गयी . मेरे मन में आया की मैं इसे अभी अपने मुह में ले लूं . मेरी चूत गरम हो गयी .
माँ ने उसे हिलाया और मुझसे कहा :- सानिया लो इसे पकड़ो और मजे से चूमो चाटो और मस्ती करो . आज तुम मेरे सामने इसका मुठ्ठ मारो और मक्खन खाकर लण्ड पियो . तुम जवान हो . मुझसे ज्यादा तुम्हे लण्ड की जरुरत है .
मैं बहुत खुश हो गयी . मेरे मन की मुराद पूरी हो गयी . मैं लण्ड चाटने लगी . फिर मैंने दनादन्न लगाया लण्ड का सड़का ? जब लण्ड झड रहा था तो अम्मी उठी और मेरे साथ लण्ड चाटने लगी . अब मेरे और अम्मी के बीच कोई शर्म नहीं रही . शर्म की चुद गयी माँ ?
उसके बाद माँ मुझे क्लबों में ले जाने लगी . मैं जब पहली बार गयी तो वहां का सीन देख कर हैरान हो गयी और सोचने लगी की क्या ऐसा भी होता है ? पहले तो लोग सब एक दूसरे से मिले . फिर शुरू हो गयी शराब और फिर उतरने लगे कपडे . बस आधे घंटे में वहां सब के सब नंगे ? चाहे मर्द हो या औरत ? मैं भी नंगी . मेरी अम्मी भी नंगी . फिर सब इधर उधर जा जा कर मर्द पकड़ने लगे चूंचियाँ और औरतें पकड़ने लगी लण्ड ? इतने सारे नंगे लण्ड देख कर मैं भी चकित हो गयी . एक से एक मस्ताने लण्ड ? हर तरह के लण्ड ? हर कलर के लण्ड ? कुछ झांट वाले लण्ड कुछ बिना झांट वाले लण्ड ? सबसे ज्यादा तो मजेदार बात यह की इतनी बड़ी छूट ? चाहे जिसका पकड़ो लण्ड ? जिससे चाहो उससे चुदवाओ ? जिससे चाहो उससे गांड मराओ ? लण्ड चूसो, चाटो, चूमो, पियो जो मन में आये करो ? कोई कुछ कहने वाला नहीं ? कोई टोकने वाला नहीं ? मुझे लगा की मेरे लिए जैसे लण्ड की लाटरी खुल गयी हो .
तब तक मैंने अम्मी को देखा की वह तीन तीन लण्ड का मज़ा एक साथ ले रही है . एक लण्ड मुह में एक हाथ में और एक भोषडा में ? मुझे भी जोश आ गया . मैंने दो लण्ड पकडे और धीरे से एक लण्ड चूत में पेला और चुदाने लगी भकाभक . मैं सारी दुनिया छोड़ कर चुदवाने में मस्त हो गयी . मेरी निगाहें जब अम्मी से मिली तो उसने इशारे से कहा ठीक है सानिया, खूब चुदाती रहो ? खूब पीती रहो लण्ड ? खूब ऐय्यासी करो ? सभी मर्दों के लण्ड एन्जॉय करो ? खूब बदल बदल के लण्ड का मज़ा लो ? मैं तो पागल हो गयी उस दिन लण्ड का मज़ा लेत लेते ? मेरे चारों तरफ लण्ड ही लण्ड ? सब के सब टन टनाते हुए लण्ड ? मैं सोंचने लगी की इस तरह के क्लब इस शहर में और भी होंगे ? वहां भी लण्ड की भरमार होगी . यार रहने का मंजा तो अमेरिका में ही है .
दो दिन बाद मै जब शाम को घर पहुंची तो देखा की वहां बहुत चहल पहल है . मैं कुछ समझ न सकी ?
मैंने अम्मी से पूंछा :- अम्मी ये आज यहाँ क्या होने वाला है ?
अम्मी बोली :_ आज यहाँ एक पार्टी होने वाली है . मैं उसी का इंतजाम कर रही हूँ .
मैंने कहा :- किस तरह की पार्टी अम्मी ?
अम्मी बोली :- उस दिन तुमने अपनी माँ का भोषडा चुदाने का प्रोग्राम किया था न ? जहाँ तेरे सभी बॉय फ्रेंड्स ने तेरी माँ का भोषडा चोदा था ?
मैंने कहा :- हां अम्मी मुझे याद है ? पर आज क्या होने वाला है ?
अम्मी बोली :- आज मेरी बेटी की बुर चोदी जाएगी ? आज मेरे बॉय फ्रेंड्स मेरी बेटी की बुर चोदेंगे ?
मैं अम्मी से लिपट गयी . मैंने कहा तुम कितने अच्छी हो अम्मी ? कितना ख्याल रखती हो मेरी बुर का ?
वह बोली :- जब तुम अपनी माँ के भोषडा का इतना ख्याल रखती हो तो मैं क्या अपनी बेटी की बुर का ख्याल नहीं रख सकती ? आज तुम जम का मेरे सामने ऐय्यासी करो ? आज सारे लण्ड तुम्हारे मन के लण्ड होंगे ? शाम हुई तो लोगों का आना शुरू हो गया . थोड़ी देर में काफी लोग आ गए . मैंने उन्हें देख कर कहा अम्मी ये तो बड़े बड़े लोग है . इसमें तो कोई लड़का नहीं है .
अम्मी बोली :- अरी मेरी माँ की लौड़ी सानिया, ये सब मेरे बॉय फ्रेंड्स है . तुम्हारे अंकल लोग है . बड़े तो होंगे ही . इनके लण्ड भी बड़े है .
खैर जब सब लोग आ गए तब शराब का दौर चल पडा ? सबने शराब करीब करीब एक एक पैग पी लिया तो कपडे खुलने लगे . देखते ही देखते सब बहन चोद नंगे हो गए . सबके लण्ड बाहर आ गए . कोई लटका हुआ कोई आधा खड़ा हुआ कोई हिलता हुआ कोई मटकता हुआ लण्ड ? मेरी नज़र सब लौडों पर पड़ी तो मेरी गांड फटने लगी .
मैंने कहा :- हाय अम्मी मेरी गांड क्या मेरी तो बुर भी फट जाएगी . बड़े जबरदस्त लण्ड है इनके ?
अम्मी बोली :- तुम अकेली नहीं हो . मैं हूँ न ? और वो पीछे देखो कौन आया है ? मैंने पीछ मुड़ कर देखा तो मेरी सहेली महक बिलकुल नंगी खड़ी थी . उसके पीछे थी उसकी अम्मी जाहिरा ?
अम्मी बोली :- लो अब जाहिरा का भोषडा भी सामने आ गया . मेरा भोषडा तो है ही . पर तुम्हारी बुर और महक की बुर चुदवाने में आगे रहेगी .
मैंने कहा :- वाओ, जाहिरा आंटी तुम तो मेरी अम्मी से भी ज्यादा जवान लग रही हो . आज तो इन लौडों की खर नहीं है ? और महक मुझे नहीं मालूम था की तुम भी मेरी तरह बेशम हो चुकी हो चुदाने में वह भी अपनी माँ के सामने ?
महक बोली :- मेरी माँ मादर चोद बड़ी चुदक्कड़ है . इसका भोषडा बड़े बड़े लण्ड गटक जाता है . बड़ा मस्त भोषडा है मेरी अम्मी का ?
जाहिरा आंटी बोली :- और ये मेरी बुर चोदी बेटी की बुर खचाखच लण्ड खाती रहती है . आज मैं इन मर्दों के लण्ड पेलूंगी इसकी बुर में ?
बस मैं समझ गयी की आज की पार्टी भयानक होने वाली है .
इतने मेरे सामने दो काले लण्ड आकर खड़े हो गए .
अम्मी बोली :- सानिया ये मलेसिया के लौड़े है . एक तेरे लिए और एक महक के लिए .
महक बोली :- हाय आंटी ये तो दस दस इंच के लौड़े है ? ये तो भोषडा चोदने वाले लण्ड है आंटी ?
अम्मी बोली :- हां ये भोषडा ही चोदेंगे पर कुछ देर तक इनका मज़ा तो लूटो ?
हम दोनों जुट गयी इन दोनों लौडों को निपटाने में ? उधर जाहिरा आंटी ने दो लण्ड और अम्मी ने तीन लण्ड संभाला ? होने लगी लण्ड की चाटा चाटी, चूसा चूसी, पीना पिलाना ? छाने लगी मस्ती . चढ़ने लगा लण्ड का नशा ? लोग बुर और भोषडा देख कर मस्ताने लगे और टन टनाने लगे उनके लण्ड ?
बस १५ मिनट बाद चुदने लगा मेरी माँ का भोषडा ? चुदने लगा महक की माँ का भोषडा ? इधर चुदने लगी मेरी माँ की बेटी की बुर और चुदने लगी आंटी की बेटी की बुर ?
माहौल बिलकुल चुदाई से भर गया . चारों तरफ लण्ड ही लण्ड चूंची ही चून्ही . गांड ही गांड , चूत ही चूत ?
मेरे मन ने कहा वाकई इस पार्टी का शबाब नहीं ?
शाबाश मेरी अम्मी और मेरी अम्मी का भोषडा...
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