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उनके लण्ड टना टन बने रहते है और हमारी चूत दनादन्न चोदते रहते है - Chut ki chudai
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उन्हें दबा दबा कर मज़ा ले रहा है . उसकी चूत सहला रहा है . उसकी गांड पर हाथ फिरा रहा है . तूने कोई जगह नहीं छोड़ी है मादर चोद जहाँ तेरा हाथ न पहुंचा हो ? कुत्ते हरामजादे कहीं के ? मैं जब तेरे से पूंछ रही हूँ तो तू मेरी बेटी को दोष दे रहा है . बार बार मुझसे कह रहा है की अपनी बेटी से पूंछ लो, अपनी बेटी से पूंछ लो ? अरे बेटी की माँ का भोषडा ? बेटी की माँ की चूत ? बेटी की माँ की बुर ? बेटी की माँ की गांड ? मेरे मुंह से कुछ और भी सुनेगा तू भोसड़ी वाला ? ठीक ठीक बता मादर चोद नहीं तो मैं तेरी माँ चोदूंगी अभी इसी वख्त ? तूने कैसे मेरी बेटी को इतना बड़ा लण्ड बिना मेरे पूंछे पकड़ा दिया ? मेरी बेटी को लण्ड पकड़ाते हुए मुझसे पूंछा क्यों नहीं ? तेरे बाप की खेती है क्या मेरी बेटी ? मुझसे कहता की आंटी मैं तेरी बेटी को लण्ड पकडाना चाहता हूँ तो मैं शायद हां कह देती और खुश होती ? तेरी माँ की चूत गांडू साले ? अच्छा यह बता पहले की तूने मेरी बेटी की बुर चाटी है की नहीं ?
वह बोला :- नहीं आंटी अभी तो नहीं चाटी ?
मैंने कहा :- बस यही तो कमी है तुम लोगों में ? जानते हो नहीं कुछ और चले आये हो बुर में लण्ड पेलने ? आग तो लगाई नहीं अभी और पानी डालने के लिए तैयार बैठे हो, भोषड़ी के ? पहले सीखो चोदना फिर किसी लड़की की चूत पर हाथ लगाना ? लण्ड तो तेरा भोषड़ा चोदने वाला हो गया है पर भोषडा एक भी नहीं है तेरे हाथ में . अरे अभी तो तुझे ठीक से बुर चोदना भी नहीं आता ? लगता है की तू अभी तक बस मुठ्ठ ही मारता रहा है गांडू कहीं का ?
वह बिलकुल डर गया. सकपका गया. उसका मुह सूख गया. मेरी बेटी भी चुप हो गयी वह भी अपनी चूत और चूंची छुपाये हुए खड़ी हो गयी . थोड़ी देर तक मैं उन्हें देखती रही लेकिन फिर तरस आ गया.
मैं मुस्कराई और धीरे से आगे बढ़ी . मैंने हाथ बढाकर उसका लण्ड पकड़ा, उसे सहलाया और झुक कर उसकी चुम्मी ली फिर बोली अरे बेटा डरो नहीं मैं तो बस यूँ ही मजाक कर रही थी तुमसे और तुम्हारे इस मस्ताने लण्ड से . तुम्हारा लौड़ा मुझे बहुत पसंद आया . अरे जवानी में तुम चूत नहीं चोदोगे तो कब चोदोगे ? चूंची नहीं चूसोगे तो कब चूसोगे गांड नहीं मारोगे तो कब मारोगे . मेरी बेटी हया भी जवान हो गयी है उसे भी लण्ड की सख्त जरुरत है . तुम उसकी बुर में लण्ड पेलो और चोदो हां ज़रा ध्यान रखना की उसे ज्यादा दर्द न हो क्यों की तेरा लण्ड बहुत मोटा है ? आज के बाद भी मेरी बेटी चोदते रहना ?
मैं सफी के गाल थपथपाकर और हया की चुम्मी लेकर यह कहती हुई चली गयी की मैं अभी आती हूँ .
थोड़ी देर में मैं आयी तो देखा की अभी चुदाई चल रही है . सफी मेरी बेटी के ऊपर चढ़ा बैठा है . उसका लण्ड हया की बुर में बार बार घुस रहा है . बाहर पेल्हड़ कूद रहे है . मैं सीधे उसके पास चली गयी और पेल्हड़ सहलाने लगी . जब लण्ड गीला गीला हया की बुर से बाहर निकला तो बड़ा मोटा और लम्बा लग रहा था . मैंने कहा हाय हया दईया तुझे कोई दर्द तो नहीं हुआ इतने मोटे लण्ड से चुदवा कर ? वह बोली नहीं अम्मी लण्ड मोटा होता है तभी तो चुदवाने में मज़ा आता है . मैंने लण्ड फिर घुसा दिया उसकी बुर में ?
सफी दुबारा गचागच चोदने लगा . थोड़ी देर में वह बोला हया अब मैं निकलने वाला हूँ तो हया घूम गयी और लण्ड मुठ्ठी में लेकर मुठ्ठ मारने लगी . जिस तरह से वह मुठ्ठ मार रही थी तो मुझे लगा की हया कई लड़कों का मुठ्ठ मार चुकी है . उसे मुठ्ठ मारना अच्छी तरह से आता ही . मैंने पूंछा तो उसने बताया हां अम्मी मैं हर रोज़ किसी न किसी लड़के का मुठ्ठ मारती हूँ . मैंने कहा तो फिर चुदवाती भी होगी इन सबों से . वह बोली नहीं माँ हर एक से चुदवाने का मौका नहीं मिलता . मुठ्ठ तो मैं सिनेमा हाल में भी मार देती हूँ पर वहां चुदवा नहीं सकती ? मैं समझ गयी की मेरी बेटी चुदाने में और सड़का मारने में बड़ी एक्सपर्ट बन गयी है .
दूसरे दिन डोर बेल बजते ही मैंने दरवाजा खोला तो देखा की एक स्मार्ट लड़का बाहर खड़ा है . लड़का थोडा बड़ा था . मैंने उसे अन्दर बैठाया .
मैंने कहा :- बोलो बेटा क्या काम है ? वह बोला :- मैं साहिद हूँ आंटी ? मुझे हया से मिलना है . उसी ने मुझे बुलाया है ?
मैंने जबाब दिया :- वह तो नहीं है बेटा ? कोई काम हो तो बताओ मुझे .
वह बोला :- नहीं आंटी काम तो उसी से है . उस यहाँ होना चाहिए ?
मैंने कहा :- कोई बात नहीं ? क्या कोई सीक्रेट बात है ?
वह बोला :- नहीं आंटी पर वह होती तो अच्छा था न ?
मैंने कहा :- खुल कर बताओ बेटा घबराने को कोई बात नहीं है . मैं बिलकुल बुरा नहीं मानूगी ?
वह बोला :- आंटी मैं उसे ,,,,,,,,,,,,,,,,,, आया हूँ .उसी ने मुझसे कहा था की कल मुझे ,,,,,,,,,,,आ जाना ?
मैंने कहा :- अच्छा तो तुम मेरी बेटी चोदने आये हो ? ऐसा है तो साफ साफ कहो ? गांड क्यों फट रही है तेरी ?
वह बोला :- हां आंटी ऐसी ही बात है ?
मैंने कहा :- देखो बेटा मेरी बेटी तो है नहीं लेकिन बेटी की माँ का भोषडा है ? मैं तो कहती हूँ की तुम आज उसका भोषडा चोद कर देखो ?
वह बोला :- तो फिर जब तक वह नहीं आती तब तक उसकी माँ का भोषडा ही सही ?
मैं उसे पकड़ कर बेड पर ले गयी . पहले तो मैंने अपने सारे कपडे उतार दिया और फिर उसके . हम दोनों एकदम नंगे . मैंने उसका लौड़ा पकड़ा तो वह आसमान से बातें करने लगा .
मैंने कहा :- अरे यार तेरा लौड़ा तो भोषडा चोदने वाला ही है ? इतना बड़ा इतना मोटा लण्ड बहुत कम लोगों का होता है ? तुमने इसे कितनी बार मेरी बेटी की बुर में पेला है ?
वह बोला :- एक बार भी नहीं आंटी ? आज उसने पेलवाने के लिए ही बुलवाया था . पर वही गायब है ?
मैंने कहा :- वो नहीं तो उसकी माँ तो है . पेलो अपना लण्ड .
मेरा ऐसा कहना हुआ की वह मुझे फचर फचर चोदने लगा . उसका लण्ड पूरा का पूरा मेरी बुर में घुसता और बाहर आ जाता . मैं भी मस्ती में आ गयी . मैं सोंचने लगी की साहिद मादर चोद बड़ा होशियार है बुर चोदने में . ये तो कई लड़कियां चोदता होगा साला ? इसीलिए यह मेरी बेटी की भी बुर में घुसाना चाहता है लण्ड ? खैर मैंने कहा यार अब तुम पीछे से चोदो ? अरे यार वो पीछे से भी चोदने में माहिर निकला . मेरा भोषडा बड़ा मज़ा ले रहा था . इतने में मेरी बेटी हया आ गयी .
उसने मुझे चुदवाते हुए देखा तो बोली :- हाय अल्ला, साहिद तुम बहन चोद मेरी अम्मी का भोषडा चोद रहे हो ? वह बोला :- यार मैं तो तुम्हे चोदने आया था पर आंटी ने मुझे जाने नहीं दिया और अपना भोषडा चुदवाने लगी . इसका भोषडा भी मुझे एकदम ताज़ी ताज़ी चूत जैसी लग रहा है . और मैं भी लालच में आ गया . बस घुसेड दिया लण्ड ? मुझे लड़कियों की बुर जैसा मज़ा मिलने लगा .
वह बोली :- कोई बात नहीं तुम नहीं घुसेड़ते तो मैं घुसेड़ देती लण्ड अम्मी की बुर में . मैं तो यही चाहती थी .
अम्मी बोली :- हाय मेरी जान हया तूने तो मेरा दिल जीत लिया ? अब तू भी आजा और चुदवा ले थोड़ा ?
वह बोली :- तुम चुदाओ अम्मी, मैं अभी अभी खलील भाई जान से चुदवा कर आ रही हूँ ? मै जब उसके घर पहुंची तो वह एक ढीली ढीली नेकर पहने नंगे बदन बैठा था . मैं सेक्सी बातें करने लगी . वो जब उठा तो मेरी नज़र उसके लण्ड पर पड़ी ? मुझे लगा की लण्ड अन्दर ही अन्दर खड़ा है . बस मैंने हाथ बढाया और लण्ड पकड़ लिया .
मैं बोली :- हाय भाई जान बड़ा तगड़ा है तेरा लण्ड ? ज़रा खोल कर दिखाओ न मुझे . ऐसा कह कर मैंने खुद उसकी नेकर नीचे खींच दी . वह नंगा हो गया और लण्ड मेरे हाथ में ? मैंने फिर कहा माँ के लौड़े भाई जान इतना बड़ा लौड़ा लेकर बैठे हो भोषड़ी के, तुमने मुझे कभी इसे पकडाया नहीं ? अब तो मैं इस मादर चोद से चुदवा कर ही जाऊंगी . उसने मुझे नंगी क्या और बेड रूम ले गया . मुझे लिटा कर मेरे ऊपर चढ़ बैठा . पेल दिया लण्ड और चोदने लगा बुर ? मुझे बड़ा मज़ा आया अम्मी भाई जान से चुद्वाकर ? तब मैंने कहा यार एक दिन मेरी अम्मी को भी चोदो . उसे भी तेरे लण्ड का मज़ा मिलेगा तो वह बड़ी खुश होगी . कल आएगा बहन चोद अम्मी तुम्हे चोदने ?
अम्मी बोली :- वाओ, तब तो दुगुना मज़ा आएगा हया . कल मैंने अपनी सहेली के शौहर को बुलाया है तेरी बुर चोदने के लिए ? उसका लण्ड बड़ा ताकतवर है मैं चुदवा कर देख चुकी हूँ . मैंने तभी सोंच लिया की कल इसे अपनी बेटी की बुर में पेलूँगी ? अच्छा अब आजा साहिद झड़ने वाला है .
वह बोली :- अच्छा अम्मी मैं तुम्हारे साथ लण्ड चटवा लेती हूँ . तुम सड़का मारना शुरू करो तब तक मैं कपडे खोल लूं . मैं भी कूद पड़ी नंगी नंगी अम्मी के साथ लण्ड चाटने में . लण्ड जैसे ही झडा तो आधा मक्खन उसके मुह में गया और आधा मेरे मुह में . हम दोनों मिलकर साहिद का लण्ड चाटने लगी . दूसरे दिन खलील भाई आ गया . हया ने उसे बैठाया और बतियाने लगी . तब तक मैं पहुँच गयी .
हया बोली :- खलील भाई ये है मेरी अम्मी जिसके बारे में मैं तुम्हे बता चुकी हूँ .
वह बोली :- वाओ, कितनी जवान है तेरी अम्मी ? बड़ी सेक्सी और खूबसूरत है तेरी अम्मी ?
हया बोली :- मैंने इसीलिए कहा था की एक बार मेरी अम्मी को चोद कर देखो तुम्हे ज़न्नत का मज़ा आएगा ? ये तो अच्छा हुआ की तुम मान गए ? लो थोडा व्हिस्की पी पियो हमारे साथ .
तब तक आसिक अली भी आ गया .
अम्मी बोली :- अरी हया देख ये मेरी सहेली का शौहर आसिक अली है . मैं इसे आज तुझे चोदने के लिए बुलाया है . कल जब मैं तभी मैंने इससे हां करवा ली थी .
हया बोली :- वाओ, कितने हैंडसम हो तुम अंकल ? अंकल, अम्मी तो कल से तेरे लण्ड की बड़ी तारीफ कर रही है . और इधर सुन सुन कर मेरी चूत गरम हो रही है . लो पहले व्हिस्की पियो फिर मैं तुम्हारा लण्ड पीती हूँ . हम चारों दारु पीने में मस्त होने लगी . इतने में अम्मी खलील भाई जान के आगे खड़ी हुई और अपने कपडे खोलने लगी . जब उसकी चूंची गांड और भोषडा खलील ने देखा तो उसके बदन में आग लग गयी . वह बोला :- हया तू भोषड़ी की ठीक ही कह रही थी तेरी माँ तो बम का गोला है . यार आज तेरी माँ का भोषडा जम के चोदूंगा मैं ? हया बोली :- हा यार आज मैं भी जम के अपनी माँ चुदवाऊँगी . अपने सामने चुदवाऊँगी अपनी माँ का भोषडा . बड़ी बेरहमी से चोदो मेरी बुर चोदी अम्मी को . और इसकी गांड भी मारो . इसकी चूंची भी चोद डालो . कोई जगह बाकी मत रखना ? उधर हाय ने जब आसिक अली का लौड़ा पकड़ा तो उसे लगा की जैसे किसी घोड़े का लण्ड पकड़ लिया हो ? वह बोली :- हाय अम्मी तुम इस मादर से चुदवा कर आयी हो ? आसिक बोला :- तो क्या हुआ हया तेरी माँ तो बड़ी भारी चुदक्कड़ है बहन चोद ? तब तक अम्मी बोली :- यार आसिक ये मेरी बेटी है माँ की लौड़ी बड़ी हरामजादी है . इसे लण्ड के अलावा दुनिया में कुछ और अच्छा नहीं लगता ? आज इस लौंडिया की बुर के चीथड़े उड़ा दो . एकदम रंडी की तरह चोदो मेरी बेटी की बुर ? पूरा का पूरा लौड़ा ठोंक दो इसकी चूत में . ये साली अपने आपको मुझसे ज्यादा चुदक्कड़ समझती है . आज मैं अपनी बेटी की बुर धकापेल चुदवाना चाहती हूँ . इसकी गांड भी बिलकुल मक्खन जैसी है . उसमे भी पेलो लण्ड . इसके मुह में घुसेड़ो लण्ड . इसकी चूंची के बीच में घुसा दो लण्ड ? एकदम चढ़ जाओ ससुरी के ऊपर .
हम दोनों इसी तरह एक दूसरे को गाली गाली बक बक कर चुदवाने लगी . इससे खलील के लण्ड में और आसिक के लण्ड में और जोश पर जोश भरने लगा . मर्दों को चोदते समय लड़कियों के मुह से अश्लील और गन्दी गन्दी बातें / गन्दी गन्दी गालियाँ सुनने में ज्यादा मज़ा आता है . उनके लण्ड टना टन बने रहते है और हमारी चूत दनादन्न चोदते रहते है .
मैं इसी तरह अपनी बेटी की बुर चुदवाती हूँ और मेरी बेटी इसी तरह अपनी माँ का भोषडा चुदवाती है...
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