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ज़िन्दगी का पूरा मज़ा चूत गांड की चुदाई में है - Nayi ladkiyan patakar chodne me jyada majaa hai
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के आऊंगी तो बहन चोद बार बार मेरी गांड में ऊँगली क्यों कर रहे हो ? यहाँ मेरी बुर चुद रही है . मेरी माँ का भोसड़ा चुद रहा है और तू मादर चोद बार बार फोन करके डिस्टर्ब किये जा रहा है . एक बार की बात तू मानता क्यों नहीं है, अब्बू ? मैं जानती हूँ तू क्यों फोन कर रहा है ? तुझे तो शराब पीने के लिए पैसे चाहिए न ? तेरी गांड में तो दम है नहीं . तू मेरी कमाई और मेरी माँ की कमाई पर चल रहा है . अबकी बार अगर तेरा फोन आया तो मैं तेरी गांड में घुसेड़ दूँगी तेरा मोबाईल, बहन चोद ?
मैं कुछ देर बाद अपनी माँ के साथ घर पहुंची . मेरा अब्बू बैठा था . वह गुस्से में था .
वह बोला :- इतनी देर बाद आ रही है तू अपनी माँ चुदा के ?
मैंने जबाब दिया :- हां देर तो लगती ही है माँ चुदाने में . और फिर कोई एक तो था नहीं चोदने वाला . साले तीन तीन थे . मैंने भी चुदवाया और माँ ने भी ? तेरी गांड क्यों जलती है भोसड़ी के, अब्बू ?
वह बोला :- अब्बू से ऐसी बातें करते हुए तुझे शर्म नहीं आती ?
मैंने कहा :- अच्छा अब तू मुझे शर्म सिखाएगा . तू जब शराब पीकर नंगा हो जाता है और मेरे सामने अपना लौड़ा हिलाता है तब तुझे शर्म नहीं आती ? अपने दोस्तों के लण्ड मुझे पकड़ाता है तब तुझे शर्म नहीं आती ? अपने दोस्तों से अपनी बीवी और अपनी बेटी चुदवाता है तब तुझे शर्म नहीं आती मादर चोद ? अब तो न तेरे लण्ड में दम है और न तेरे दोस्तों के लण्ड में ? शराब पी पी कर तुम सबने अपने लण्ड सड़ा लिए है . ऐसे में मैं अपनी माँ नहीं चुदवाऊंगी तो क्या करूंगी ? मैं खुद नहीं चुदवाऊंगी तो क्या करूंगी ?
मेरा नाम है मिस सायरा २४ साल की हूँ मेरी माँ का नाम है मिसेज शहनाज़ वह ४४ साल की है . मैं पढ़ लिख कर एक अच्छी नौकरी करती हूँ . मेरी माँ भी एक प्राईमरी टीचर है . इसलिए हमें पैसों की कमी महसूस नहीं होती हां लण्ड की कमी जरुर महसूस होती थी .
जब से मैं जवान हुई और अपनी माँ चुदाने लगी तबसे मुझे लण्ड की कमी महसूस नहीं होती है .
एक दिन मेरे फोन आया . वह मेरी दोस्त फरीदा थी .
मैंने कहा :- हां फरीदा बोलो क्या हाल है ?
वह बोली :- हाल सब ठीक ठाक है . सुनो सायरा, तुम्हारा चुदाने का मन है तो फ़ौरन मेरे घर आ जाओ . और तुम तो अपनी माँ भी चुदवाती हो .उसे भी ले आना .आज बड़ा अच्छा मौका है माँ चुदाने का ? तेरी माँ का भोसड़ा भी बहुत खुश हो जायेगा समझी ? मैं भी तुम्हारे साथ चुदवा लूंगी . बड़ा मज़ा आएगा एक साथ चुदाने का ?
मैंने कहा :- हां जरुर चुदवाऊंगी मगर चोदने वाला कौन है ?
वह बोली :- देख सायरा तू तो जानती है की मेरा अब्बू दुबई में रहता है . वह आजकल यहाँ आया हुआ है अपने दो दोस्तों के साथ . वे दोनों अरबी है . बड़े हैंडसम है दोनों . लम्बे चौड़े गोरे चिट्टे मैं समझती हूँ की उनके लौड़े भी बड़े बड़े होंगे . वे लोग इंडियन लड़की चोदना चाहते है . एक तो मैं हो गयी एक तुम हो जाओ और एक तेरी माँ . बड़ा मज़ा आयेगा .
मैंने कहा :- क्यों तेरी माँ कहाँ गयी है ?
वह बोली :- मेरी अम्मी, बुर चोदी अपने माईके अपने यारों से चुदवाने गयी है . बोलो कब आओगी ?
मैंने कहा :- तो तेरा अब्बू क्या कहेगा बहन चोद ?
वह बोली :- अरे वह भी भोसड़ी वाला चोदेगा न ? मैं तो अब्बू से भी चुदवाती हूँ . देख उधर तीन लण्ड होंगे इधर तीन चूत ? खूब मज़ा आएगा लण्ड बदल बदल कर चुदाने में ?
मैंने कहा :- ठीक है मैं आती हूँ . मैं अपनी माँ के साथ फरीदा के घर पहुँच गयी . उसने हमारा खैरमकदम किया .और अब्दे अदब से बैठाया . इतने में उसका अब्बू आ गया . मैं उसे पहचानती थी . मैं बोली आदाब
अंकल बोला :- अरे सायरा तुम तो बड़ी खूबसूरत हो गयी हो . बला की जवानी आ गयी है तुझ पर . और शहनाज़ भाभी तुम्हारी जवानी तो अभी भी कायम है . बड़ी हसींन लग रही हो तुम ?
अम्मी बोली :- अब्बास मियां जब तक तेरे जैसे मर्द मेरे साथ रहेंगे तब तक मेरी जवान कायम रहेगी .
अंकल बोला :- भाभी मेरे साथ दो दोस्त आये है मैं तुको उनसे मिलवाती हूँ . उसने अपने दोस्तों को बुलाया और फिर कहा भाभी यह है अली खान और यह है बालू खान . दोनों शेख के लड़के है . इन्हे इंडिया कि लड़कियां बहुत पसंद है . भाभी बताओ तुम्हे मेरे दोस्त पसंद आये कि नहीं ?
अम्मी बोली :- हाय अल्ला, बड़े हैंडसम है तेरे दोस्त . बड़े स्मार्ट है और तगड़े तंदुरुस्त है . मुझे भी पसंद है और मेरी बेटी को भी .
अम्मी ने फिर मेरे कान में कहा अरी सायरा इनके लण्ड बड़े मोटे तगड़े होते है इनसे चुदाने में बड़ा मज़ा आएगा . उसके बाद अंकल ने शराब का इंतज़ाम कर दिया और हम ६ लोग बैठ कर दारू का मज़ा लेने लगे . अंकल बोला - अरी सायरा, बेटी मैंने सुना है की तुम अपनी माँ चुदाने लगी हो ?
मैंने कहा :- हां अंकल आपने सही सुना है मैं अपनी माँ चुदाती हूँ . तुम तो जानते हो कि मेरा अब्बू बहन चोद शराब शराब पी पी कर किसी काबिल नहीं रहा . इधर मेरी अम्मी अभी जवान है और मैं भी जवान हो गयी . मैं जब लण्ड पकड़ने लगी तो अपनी अम्मी का ख्याल आया की वह बिचारी बिना लण्ड से दिन गुज़ार रही है
बिना लण्ड के जवानी नहीं कटती, अंकल
तभी मैंने यह ठान लिया कि मैं अम्मी कि ज़िन्दगी में बहार लाऊंगी . उसे लण्ड पकड़ाऊँगी और उसकी सेक्स लाईफ को रगीन बनाऊंगी . तबसे मैं अपनी माँ चुदवाने लगी अंकल ?
अंकल बोला :- तुमने बहुत अच्छा किया सायरा ? मेरी बेटी भी अपनी माँ चुदवाती है .बेटी फरीदा बोलो न कुछ ? तुम खुद बताओगी तो अच्छा रहेगा ?
फरीदा बोली :- हां सायरा मैं भी अपनी माँ चुदवाती हूँ . मेरा अब्बू दुबई में रहता है . मेरी माँ यहाँ अकेली बिना किसी लण्ड के दिन गुज़ार रही थी . इसे लौड़ा तब नसीब होता है जब मेरा अब्बू दुबई से आता है ., यह केवल साल में दो बार ही होता है . तब तक अम्मी परेशान रहती थी . मैं जब जवान हुई तो लण्ड पकड़ना शुरू कर दिया . मैं करीब करीब हर रोज़ लण्ड पकड़ने लगी . चूसने लगी लण्ड ? धीरे धीरे चुदवाने लगी . चुदाते हुए एक दिन मुझे ख्याल आया कि मेरी माँ बिना चुदाये दिन गुज़ार रही है तो मैंने खुल कर एक दिन अपमा माँ से कहा अम्मी मेरा एक दोस्त तुम्हे चोदना चाहता है तो अम्मी का चेहरा खिल गया . उस दिन मैंने अपने दोस्त को बुलाया और अपने सामने अपनी माँ चुदवाई . बस उस दिन शुरू हो गया सिलसिला माँ चुदाने का ? आज भी मैं जब भी चुदवाती हूँ तो अपने साथ अपनी माँ जरुर चुदवाती हूँ . यह बात मैंने अपने अब्बू को टेलीफोन पर बता दी . अब्बू बड़ा खुश हुआ बोला की अगली बार जब मैं आऊंगा तो तुम अपनी माँ मेरे सामने चुदवाना . अब्बू जब आया तो एक दिन मैंने अपने एक चहेते अंकल को बुलाया और अपनी माँ को उससे अपने अब्बू के सामने चुदाने लगी . अब्बू देखने लगा . मैं उस बगल में बैठी थी . मैंने देखा की अब्बू का लौड़ा खड़ा हो गया है . लुंगी के अंदर का उभार मुझे साफ़ साफ दिखाई पड़ रहा था . उधर मेरे सामने अंकल का लण्ड मेरी माँ के भोसड़ा में घुसा हुआ उसे चोद रहा था . मुझे जोश आ गया . मैंने अब्बू के लण्ड पे हाथ रख दिया . वह कुछ नहीं बोला तो मैंने हाथ लुंगी के अंदर घुसेड़ दिया और लण्ड पकड़ लिया . उसे बाहर निकाला और झुक कर लण्ड चूसने लगी . मैंने लुंगी खोल दी और अब्बू को नंगा कर दिया . सायरा, सुनो वह मेरा पहला दिन था जब मैंने अब्बू से चुदवाया . उसके बाद तो शर्म वगैरह तो कुछ रही नहीं . मैं लेने लगी जवानी का पूरा मज़ा .
फरीदा की कहानी सुन कर मेरे अंदर की आग भड़क उठी . मैं सोंचने लगी की काश मेरे अब्बू का लौड़ा भी पहले जैसे होता तो आज कितना मज़ा आता ? यह बात दिमाग आते ही मेरा हाथ अंकल के लण्ड पर चला गया . मैंने बिना समय गवाएं उसका लौड़ा लुंगी से निकाल ही लिया . मेरी अम्मी मुझे देखकर मुस्कराने लगी . मैंने कहा हाय अम्मी अंकल का लौड़ा तो जबर्दस्त है ? अच्छा हुआ की फरीदा ने हमें बुला लिया . तब तक अम्मी भी उसके दोस्त अली का लौड़ा टटोलने लगी . उधर फरीदा ने बालू खान के लण्ड पर हाथ डाल दिया . देखते ही देखते तीनो लण्ड बाहर आ गये . मेरी निगाह तीनो पर पड़ी ., मैं बड़ी खुश हुई की चलो आज रात भर चुदाने का प्रोग्राम बन गया . फरीदा का अब्बू मेरी चूंचियों पर हाथ फिरा रहा था . फिर उसने धीरे से मेरी कुर्ती निकाली और नीचे का सलवार भी खोल डाला . मैं ब्रा पहनने लगी थी . मेरी चूंचियां बाहर झांकने लगी . अंकल ने उम्हे बाहर से ही कई बार चूमा और फिर धीरे से ब्रा की चुटपुटी खोल दी . ब्रा जैसे ही खुली तो मेरी मस्तानी चूंचियां नंगी नंगी अंकल के आँखों के सामने नाचने लगी . अंकल मेरे निपल्स चाटने लगा . मेरी चूंची दबा दबा कर मज़ा लेने लगा . मुझे भी एक नये तरीके के आनंद का अनुभव होने लगा .
उधर मेरी अम्मी की चूंचियां अली अंकल मुंह में ले कर पीने लगा . फरीदा भी चूंचियां पिलाने में पीछे नहीं रही . वो बारी बारी दोनों चूंचियां बार बार बालू अंकल के मुंह में घुसेड़ती रही . इधर मैंने अब्बास अंकल को पूरा नंगा कर दिया . वह खड़ा हो गया . मैं घुटनो के बल नीचे बैठ गयी . मेरे हाथ उसके दोनों चूतड़ों पर चले और लौड़ा मेरे मुंह के अंदर . मैं चूतड़ों को धीरे आगे पीछे करने लगी . जिससे लौड़ा मेरे मुंह में आने जाने लगा . मैं मुंह चुदवाने लगी . मेरे बगल मेरी माँ अली अंकल का लौड़ा ऐसे चूस रही थी जैसे उसे बहुत दिनों के बाद लौड़ा मिला है . मेरी माँ भी नंगी हो गयी और अली अंकल भी . फरीदा तो पहले ही नंगी हो चुकी थी और बालू अंकल भी . हम तीनो और वो तीनो मादर चोद नंगे थे . उसका ड्राइंग रूम बहुत बड़ा था . बस वहीँ होने लगा सेक्स का नंगा नाच ? एक अनोखा मज़ा आने लगा हम सबको .
मैं बोली :- हाय फरीदा, तेरे अब्बू का लौड़ा मादर चोद बहुत बढ़िया है ? तूने मुझे पहले नहीं बताया ? आज मैं इसकी माँ चोद चोद कर चुदवाऊंगी . फिर मैंने उसके अब्बू से कहा तुम साले अपनी बेटी की बुर चोदने लगे हो तो फिर मेरी भी बुर चोदा करो भोषड़ी के अब्बास ?
वह मस्ती से मुझे लौड़ा चुसवा रहा था . मैं उसका सुपाड़ा आम की गुठली की तरह चूस रही थी . मेरी माँ तो अपना भोसड़ा खोल कर लौड़ा उसमे पेलने को तैयार हो गयी . फरीदा ने तो खुले आम भकाभक चुदवाना शुरू कर दिया . उसके मुंह से आ , ऊ, ओह , ये हाय उई की आवाजे आने लगी .
अम्मी बोली :- अरे बुर चोदी सायरा तू भी चुदाना शुरू कर माँ की लौड़ी ? देख फरीदा कितनी दूर निकल गयी है . कितनी मस्त हो के चुदवा रही है ससुरी .
आज मुझे अपनी बेटी की बुर चुदाने का असली मज़ा आएगा
मैंने बोली :- तू बहन की लौड़ी माँ अपने भोषडा में पेल लो लौड़ा और चुदाओ दनादन . मैं मजे मजे ले ले कर चुदवाऊंगी . मुझे अंकल का लौड़ा चूसने में ज्यादा मज़ा आ रहा है . थोड़ी देर में हम तीनो ने गचागच चुदवाना शुरू कर दिया . मुझे फरीदा के अब्बू से चुदवाने में एक नया मज़ा मिलने लगा . मेरी अम्मी बोली हाय सायरा ये शेख तो बड़ी बेरहमी से चोदते है भोषड़ी वाले ज़रा संभल के चुदवाना तुम ? मैं इस बात से बहुत खुश की मेरी माँ को ज़िन्दगी का बहुत बड़ा सुख मिल रहा है . जवानी में लण्ड का सुख धन दौलत के सुख से ज्यादा होता है .
मैंने कहा अंकल अब तुम मुझे पीछे से चोदो लेकिन गांड अभी नहीं मारना प्लीज . अंकल ने मुझे कुतिया बनाकर चोदना शुरू किया . मुझे देख कर मेरी माँ भी बन गयी कुतिया और फरीदा भी . हम तीनो की चूंचियां नीचे हालर हालर हिल रही थी . मेरी माँ तो मस्त हुई जा रही थी . उसे इतना सुख अपनी भरी जवानी में भी नहीं मिला था .
माँ बोली जबसे मेरी बेटी ने मेरा भोसड़ा चुदाना शुरू किया तबसे मैं ख़ूब मज़ा ले रही हूँ .
मैं देख रही थी वे दोनों विदेशी किस तरह बुर चोद्ते है . साले भूंखे शेर की तरह जुटे है चोदने में जहाँ फरीदा को विदेशी लण्ड चुदाने में मज़ा आ रहा था वहाँ उसे ऐसा भी लग रहा था कि कहीं मेरी चूत फट न जाए ?> मेरी माँ को तो कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा था क्योंकि उसके भोसड़ा में जाने कितने लण्ड आये और गये ?
अब्बास अंकल ने पूंछा :- बालू खान तुम्हे कैसी लगी बेटी चोदने में ?
वह बोला :_ यार जैसा सुना था बिलकुल वैसा ही . मुझे इंडियन बुर बहुत अच्छी लगती है . आज मुझे तेरी बेटी की बुर चोदने में ज़न्नत का मज़ा आ रहा है .
उधर अली खान बोला :- हां यार यहाँ कि औरतें भी कितनी मस्ती से चुदवाती है . मुझे तो शहनाज़ भाभी को चोदने जितना मज़ा आ रहा है उतना मज़ा तो मुझे अपनी बीवी चोदने में नहीं आया ? अभी तो इसकी बेटी चोदना बाकी है . मैं देख रहा हूँ की कितनी अच्छी तरह से तुमसे चुदवा रही है .
अब्बास बोला :- हां यार सायरा तो इतना मस्त चुदवाती है , ऐसा लगता है की ज़िन्दगी का पूरा मज़ा इसकी बुर में है . इसकी चूत , इसकी चूंची इसकी गांड, सब मुझे बहुत पसंद है . अभी तो इसकी गांड मारने का भी मज़ा लूँगा मैं ? तुम भी मेरी बेटी की गांड मारना . इतने में अली अंकल झड़ने लगा . पूरा पूरा का वीर्य मेरी माँ के मुंह में उगल दिया उसने . लेकिन अम्मी सब चाट गयी और फिर खूब मजे से पिया अली अंकल का लण्ड ? इधर अब्बास भी बोला सायरा मैं खलास होने वाला हूँ . मैं खुश हुई क्योंकि मैं भी खलास हो रही थी . मैंने उसका सारा सीमेन पी लिया . और मेरे सामने फरीदा भी बालू अंकल का लण्ड पीने में मस्त थी .
उसके बाद डिनर हुआ खूब मस्ती से बातें हुई . २ घंटे कब बीत गये किसी को पता नहीं चला .
दूसरी पारी में मैंने बालू अंकल का लौड़ा पकड़ लिया और मेरी माँ ने अब्बास का लौड़ा पकड़ा और फरीदा ने अली अंकल का लण्ड ?
तीसरी पारी में फिर लण्ड की अदला बदली हुई . मैंने अली अंकल का लौड़ा लिया अपनी चूत में . मेरी माँ ने बालू अंकल का लण्ड और फरीदा ने अपने अब्बू से चुदवाया . रात भर खूब हम तीनो ने चुदाया ?
सवेरे मैं अम्मी के साथ अपने घर आ गयी .
दो दिन बाद अम्मी के पास एक फोन आया .
- अम्मी बोली :- हां ज़रीना बोलो क्या हाल है तेरा ? कैसी है तू और तेरा भोसड़ा ?
- वह बोली :- हां मैं ठीक हूँ . मेरा भोषडा भी मस्त है . बोलो यार कैसे याद किया तुमने ?
- मैंने सुना है की तुम अपनी बेटी चुदवाती हो और तेरी बेटी अपनी माँ चुदवाती है ?
- हां तुमने ठीक सुना है और इसमें हम दोनों खूब मज़ा कर रही है .
- अच्छा सुनो मैं तीन आदमी भेज रही हूँ तेरे पास तू इनसे अपनी बेटी चुदवा लो और अपना भोसड़ा भी .
- ऐसा क्या हुआ यार ? तू नहीं चुदायेगी क्या . तेरी बेटी भी तो खूब चुदवाती है ? वह कहाँ है ?
- हां यार बात सही है . मेरी बेटी सवेरे से ही कहीं किसी पार्टी में चुदवा रही है . वह रात भर चुदवायेगी और कल शाम को आएगी . ये तीनो मुझे चोदने आये है लेकिन मैं एक पार्टी में चुदाने जा रही हूँ . मेरा वहाँ जाना जरुरी है . आज तुम इन तीनो लौड़ों का मज़ा लो अपनी बेटी के साथ . मैं यही चाहती हूँ . तुम दोनों दो दिन तक चुदाओ . उसके बाद ये दोनों मुझे और मेरी बेटी चोदेंगें ?
- बहुत अच्छा, उन तीनो को भेज दो मेरे घर .
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