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ननद और भाभी की चूत गांड चुदाई - Nanad aur Bhabhi ki ek sath mast chut gand chudai
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- अरी मेरी हरामजादी भाभी मैं सब जानती हूँ तुम्हारे बारे में ? कहो तो मैं अभी तेरी सारी पोल पट्टी खोल दूं ? तू कहाँ कहाँ जाती है और क्या क्या करती है ? मेरा ज्यादा मुंह न खुलवाओ ? नहीं तो बड़ी परेशानी में पड़ जाओगी, तुम ?
- अच्छा, तो तू क्या समझती है की मुझे कुछ नहीं मालूम तेरे बारे में ? अरे मैं तेरी नस नस से अच्छी तरह परिचित हूँ, मेरी नन्द रानी ? तेरे कितने बॉय फ्रेंड्स आते जाते है ? और तू उनसे कितनी गन्दी गन्दी बातें करती है ? उन्हें हंस हंस के कितने गंदे जबाब देती है तू ? मैं सब जानती हूँ ?
- तू क्या जाने मेरी बुर चोदी भाभी ? मेरे इतने बॉय फ्रेंड्स है तो तेरी गांड क्यों जलती है ?
- गांड जलती होगी तेरी ? मुझे क्या ? मेरे पास क्या दोस्तों की कमी है ? मेरे पास भी कई दोस्त है और सब एक से एक बढ़ कर ? मुझे भी लोग पसंद करते है, समझी तुम ?
- तभी तो मैं कहती हूँ की जाने कितने लोगों के साथ सोती है तू ? कितने लोगों से चुदवाया करती है तू ? कभी किसी और का भी ख्याल किया है तूने ? कभी कहा है मुझसे की लो ननद रानी आज तुम भी चुदवा लो ?
- उस दिन तू थी कहाँ घर पर ? तू तो ब्यूटी पार्लर गयी थी अपनी झांटे बनवाने ? और फिर तूने कब मेरी चूत का ख्याल रखा है भोसड़ी वाली ? अभी पिछले हफ्ते जब तू अपने बॉय फ्रेंड रोहित का लौड़ा चाट रही थी तो मेरा ख्याल आया था तुझे ? अरे मुझसे भी कहा होता लो भाभी तुम भी चाट लो लण्ड . थोडा मज़ा तुम भी ले लो, जवानी का ?
- उस दिन जानती हो, भाभी ? उसका लौड़ा बहन चोद मुंह में ही झड़ गया था ? वह फ़ौरन भाग खड़ा हुआ तो ऐसे मैं तुझे कैसे बुलाती मेरी माँ की लौड़ी भाभी ? और तुम भाभी जब उस दिन दोपहर में ही उस काले अंकल का लौड़ा अपनी बुर में डाले चुदवा रही थी तब तूने मेरी सुध ली थी ? क्या मेरे पास चूत नहीं है ? क्या मैं जवान नहीं हूँ ? क्या मुझे लण्ड की जरुरत नहीं है ?
- अरी याद कर उस दिन तू अपनी माँ चुदाने गयी थी पिकनिक में ? मैं समझी की खूब चुद के आयी है तू ? थकी होगी तू ? इसलिए तुझे डिस्टर्ब नहीं किया मैंने ? नहीं तो पेल देती लौड़ा तेरी चूत में ?
- तो क्या तू अपनी माँ चुदाने नहीं जाती ? तेरे दोस्त तो तुझे होटल में ले जाकर चोदते है .
- अरे उस दिन यार उसकी बीवी माईके गयी थी . उसे "बीवियों की अदला बदली" में जाना था तो उसने मुझसे कहा की भाभी तुम मेरी बीवी बन जाओ ? मैं उसके साथ उसकी बीवी बन कर चली गयी . तो इसमें तेरी बुर क्यों जल रही है ? तेरी गांड क्यों फटी जा रही है, बहन चोद ?
- मेरी बुर क्यों जलेगी ? चुदाया तूने होगा तो तेरी जलेगी ? सबकी बीवी बनी घूमती है तू ? चुदाने का इतना शौक है तो रंडी क्यों नहीं बन जाती बुर चोदी ?
- अरे रंडी तो तू है मादर चोद ? कॉलेज के लड़कों के लण्ड पीती रहती है तू ? गांड मराया करती है तू ?
- लण्ड पीने में क्या हर्ज़ है ? आजकल सभी लड़कियां पीती है लण्ड ? और फिर मैं अभी जवान लड़की हूँ तो लण्ड पियूंगी ही ? तुम्हारी तरह कोई औरत तो नही बन गयी, मैं ?
- अच्छा तो क्या औरत जवान नहीं होती, भोसड़ी की प्रिया ? अच्छा चल बता, बहन चोद एक बार में कितने लण्ड पी सकती है तू ?
- तू जितने पी सकती है, भाभी, उससे एक ज्यादा ?
- और कितने लौड़ों से एक साथ चुदवा सकती है तू ?
- तू जितने से चुदवा सकती है उससे एक ज्यादा ?
- ठीक बुला तू अपने कॉलेज के लड़कों को ? मैं दिखाती हूँ की मैं एक बार में कितने लण्ड पी सकती हूँ . और कितने लौड़ों से चुदवा सकती हूँ . तब मैं देखूँगी की तेरी गांड में कितना दम है बहन चोद ? और देख अगर मैं जीत गयी तो मैं मारूंगी तेरी गांड और चोदूँगी तेरी माँ ? बोलो मंजूर है ?
- हां, मंजूर है
- प्रिया सुन, उस दिन गोपी का लौड़ा मुझे बहुत पसंद आया . मोटा होने के साथ साथ कड़क बहुत था . साला बिलकुल लकड़ी का डंडा जैसा था उसका लण्ड ? उससे चुदाने में बहुत मज़ा आया मुझे ? कभी मौका मिले तो फिर ले आना उसे ?
- अच्छा और भोला का लौड़ा कैसा लगा तुम्हे लतिका भाभी ?
- अरे हां वह भी बहन चोद मस्त चोदने वाला लौड़ा है . वैसे मैंने उस दिन दोनों से चुदवा कर खूब मज़ा लूटा ? तेरे बॉय फ्रेंड्स के लण्ड तो गज़ब के है री ? क्या तू लौड़ा देख के दोस्ती करती है ?
- नहीं ऐसा नहीं है भाभी ? मैं दोस्ती पहले करती हूँ और फिर उसका लौड़ा पकड़ती हूँ . जिसका लौड़ा पसंद आता है उससे पक्की दोस्ती कर लेती हूँ और फिर मौका पाते ही चुदाती रहती हूँ . जानती हो क्या हुआ उस दिन भाभी ? उस दिन गोपी तुम्हे देखते ही लट्टू हो गया भोसड़ी का . जब तुम चाय बनाने गयीं तो उसने मेरे कान में कहा प्रिया यार तुम कहो तो तेरी भाभी चोद लूं आज ? मुझे तेरी भाभी बड़ी सेक्सी लग रही है . इसे देख कर मेरा लौड़ा आपे से बाहर हुआ जा रहा है . मैंने कहा अच्छा ठीक है तुम पहले भाभी की बुर चोद लो. मैं तुमसे बाद में चुदा लूंगी . तब तक भोला भी आ गया . तब मैंने कहा लो अब तो काम बन गया . मैं इधर भोला से चुदवाती हूँ तुम उधर भाभी को चोदो ? मैं अभी भाभी से कह कर उसे तैयार करती हूँ . तब तक तुम चाय लेकर आ गयीं . मैंने तुम्हे भोला से भी मिलवाया और गोपी से चुदाने की बात कही . तुम तुरंत मान गयीं तो मज़ा आ गया ?
- ये दोनों साले आपस में भी दोस्त लगते है मुझे ?
- हां भाभी दोनों आपस में पक्के दोस्त भी है और जानती हो दोनों बहन चोद शादी शुदा है . मुझे कल ही मालूम कि ये दोनों भोसड़ी के एक दूसरे की बीवी चोदते है ?
- अच्छा तो ये बात है ? तभी गोपी मुझे चोदते हुए कह रहा था भाभी ये भोला है न ? इसकी बीवी भी आप की ही तरह मजे ले ले कर चुदवाती है ? मैंने इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया क्योंकि मेरा मन चुदाने में ज्यादा था .
- अरे भाभी उस दिन तेरे दोस्तों में जो करन था उसका लौड़ा आये हाय ? कितना मस्त लौड़ा है उसका, भाभी . मैं तो उसे बड़ी देर तक देखती ही रही ? साले का अंडाकार सुपाड़ा बड़ा गज़ब का लग रहा था .
- अरे प्रिया तुमने उससे अपनी बुर चटवाई ? साला माँ का लौड़ा चूत खूब चाटता है करन ?
- हां भाभी खूब चटवाई मैंने अपनी चूत और मैंने उसका लौड़ा खूब चाटा ?
- ऐसे लण्ड जब मिलते है तो मस्ती छा जाती है न प्रिया ? आग लग जाती है तन बदन में ?
- और भाभी, तरुण का लण्ड तो बहन चोद मेरी गांड मारने में ही जुटा रहा ?
- तरुण तो बहन चोद लगता है कि गांड मारने के लिए ही पैदा हुआ है . तूने कभी समीर और जगन का लौड़ा देखा है . वे दोनों टेढ़े लण्ड है साले मगर जब चूत में आते जाते है तो बड़ा मज़ा आता है .
- अबकी बार आये तो मेरी भी बुर चुदवा देना भाभी ?
- हां यार तेरी बुर कौन नहीं चोदना चाहेगा ? मैं जानती हूँ की तेरी बुर लण्ड खाने की बड़ी शौक़ीन है .
- अरे भाभी सुन तो मैं तुम्हे उस दिन की बात बताती हूँ . मैं गज़ाला के घर गयी थी . मैं बोली यार गज़ाला तू क्या कर रही है बह बोली माँ चुदा रही हूँ अपनी ? मैंने कहा तू बहन चोद हर समय मजाक के मूड में क्यों रहती है ? कभी तो सीरियस रहा कर भोसड़ी की ? वह बोली यार मैं सच कह रही हूँ . मैंने कहा तू बहुत झूंठी है . वैसे तो मैं भी कह सकती हूँ की मैं अपनी बहन चुदा के आ रही हूँ . उसने कहा तू माँ की लौड़ी ऐसे नहीं मानेगी ? चल मेरे साथ वह मुझे अपने बेड रूम में ले गयी . वहाँ मैंने देखा की उसकी माँ रुखसाना वाकई भकाभक चुदवाये चली जा रही थी . वह नीचे लेती टी और एक आदमी उसके ऊपर चढ़ा हुआ दनादन्न अपना लौड़ा पेलता जा रहा था . मेरी निगाह लौड़े पर भी पड़ी मैं समझ गयी की बड़ा खतर नाक है लौड़ा साले का ? तब तक वह बोली प्रिया यह मेरा जुम्मन अंकल है . अब तो मान गयी तू की मैं अपनी माँ चुदा रही हूँ . तब तक आंटी घूमी और बोली अरी प्रिया तू यहाँ कैसे आ गयी ? देखो न ये मेरी बेटी गज़ाला अपनी माँ चुदा रही है . तब तक गज़ाला बोली प्रिया अभी तू थोड़ी देर रुक जा न अभी देखना ये भोसड़ी वाली मेरी माँ अपनी बिटिया की बुर चुदायेगी ? मैं खिलखिला कर हंस पड़ी . गज़ाला फिर बोली यार प्रिया असली बात यह है की हम दो लोग ही इस घर में है और हम एक दूसरे से बुरी तरह खुल गयी है . इसलिए हम मज़ा लेने के लिए एक दूसरे को गाली गाली दे दे कर चोदा चोदी करती है . मुझे यह सुनकर और हँसी आ गयी . मैं मन ही मन कहने लगी की मैं भी यही अपनी भाभी के साथ करती हूँ . हम दोनों आपसे में गाली गलौज़ करके चुदाई का मज़ा लेती है .
उई माँ कितना बड़ा लौड़ा पेल दिया भाभी तुमने मेरी चूत में ? एक ही धक्के में मादर चोद लौड़े ने मेरी जान निकाल ली है . कौन है ये भोसड़ी वाला ? किसका लौड़ा है भाभी मैं इसकी माँ चोदूँगी साले की ? बदला लूंगी मैं इसकी माँ चोद कर ? भाभी बोली अरी मेरी बुर चोदी प्रिया ये तो पहला धक्का है . अब आगे के धक्के मारने के लिए तू खुद कहेगी बहन की लौड़ी ? और एक बात कान लगा कर सुन ले :-
लण्ड शेर बन कर चूत में घुसता है लेकिन चूहा बन कर बाहर निकल आता है
और हां जिसने तेरी चूत में लण्ड पेला है वह मेरा बॉय फ्रेंड है विक्रम . विक्रम मेरा पुराना दोस्त है . हम दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते थे . मैं तब से इसका लण्ड पकड़ती आ रही हूँ . मैंने तो इस मादर चोद से कई बार चुदवाया है . मैंने इससे कहा यार आज तुम मेरी नन्द की बुर चोदो ? वह मान गया और आ गया तुम्हे चोदने .
मैं बोली अच्छा ये तेरे हाथ में किसका लौड़ा है ? यह भी बहन चोद बड़ी देर से फुफकार मार रहा है ,
उसने जबाब दिया :- यह है विक्रम का दोस्त राणा . मैं यह लण्ड तेरे मुंह में देने वाली हूँ . मैं चाहती हूँ की तुम मेरे सामने दो दो लण्ड से चुदवाओ ?
मैंने कहा :- तो क्या तुम बैठे बैठे अपनी झांटें उखाड़ोगी ?
तब तक किसी ने डोर बेल बजा दी . भाभी खुद दरवाजा खोलने गयीं . उसने देखा कि बाहर दो लड़के खड़े है . एक लड़का बोला मैडम मैं अनुज हूँ और ये मेरा दोस्त है मनोज . हम लोग मिस प्रिया से मिलना चाहते है . भाभी ने उन्हें अंदर कमरे में बैठाया और फिर मेरे पास आकर बोली अरी प्रिया कोई दो लड़के अनुज और मनोज आये है . मैंने कहा :- अरे भाभी उन दोनों मादर चोदों को यही ले आओ न ?
वह बोली :- अरी तू क्या कह रही माँ की लौड़ी ? तू बहन चोद यहाँ चुदवा रही है और मैं उन अनजान लड़कों को यहाँ ले आऊं ? ऐसा कैसे हो सकता है ?
मैं बोली :- अरे सुनो मेरी भोसड़ी वाली मस्तानी भाभी ? तुम बिलकुल चिंता न करो . ये दोनों मेरी भाभी की बुर चोदने आये है . उसकी गांड मारने आये है . मैंने इन्हे अपनी भाभी चुदवाने के लिए बुलाया है .
वह बोली :- प्रिया तू बहुत हरामजादी हो गयी है . चुदने और चुदाने का कोई मौका छोड़ती नहीं तू ?
बस २ मिनट में वे दोनों मेरे कमरे में आ गये . दोनों ने मुझे चुदते हुए देखा ?
मैं बोली :- अनुज और मनोज देखो यह है मेरी बुर चोदी लतिका भाभी ? तुम दोनों मिल कर यहीं मेरे सामने मेरी भाभी की बुर चोदो ? आज मैं तुम दोनों के लण्ड का इम्तिहान लूंगी . देखती हूँ किसका लण्ड बढियां बुर चोद लेता है . और इसका निर्णय मेरी भाभी ही करेंगी ? मैंने फिर कहा भाभी ये दोनों मेरे दोस्त है . मेरे कॉलेज में ही पढते है . इनके लण्ड मुझे पसंद है ? आज ये दोनों तुम्हे चोदेंगे ?
भाभी बोली :- वाओ, इसका मतलब है की तेरे दोस्त मुझे चोदेंगें और मेरे दोस्त तुम्हे चोदेंगें ?
मैंने थोड़ी देर में भाभी के मुंह से कुछ बातें निकलने लगी -
हाय दईया, अनुज तुमने तो बड़ी बेरहमी से इतना बड़ा लौड़ा बिना मुझे बताये हुए घुसेड़ दिया मेरी बुर में ? मैं इधर मनोज का लौड़ा चाटती रही, उधर तूने मेरी चूत पर चढ़ाई कर दी भोसड़ी के ? मनोज ने जबाब दिया अरे भाभी मैं चढ़ाई करने ही आया हूँ . तब भाभी बोली अच्छा अभी तुम इसी तरह चोद लो ? कोई बात नहीं ? अभी जब मैं तुझे चोदूँगी और तेरे लण्ड का तेल निकालूंगी तो तेरी गांड फट जायेगी ?
मैंने देखा की भाभी बड़ी मस्ती से लौड़ा चाटती हुई चुदाने में लिप्त हो गयी .
तब तक मैं राणा से चुदाने लगी और विक्रम का लौड़ा चूसने लगी . मुझे विक्रम का लण्ड बड़ा टेस्टी लगा . मैं उसका सुपाड़ा चूस रही थी . उसके पेल्हड़ चाट रही थी . अचानक मेरे मुंह से निकला हाय राणा ज़ोर से धक्का मारो ? खुले के चोदो, यार ? मेरी चूत बहुत चुदासी है . मैं ऐसे ही लण्ड की तलास में थी . हाय बहुत बढ़िया चोदते हो यार ? तेरा लौड़ा बहन चोद बड़ा मस्त है . तूने मेरी भाभी की बुर का हलवा कई बार बनाया होगा ? आज मेरी बुर का बनाओ तो जानूं ? चोदो न कस कस के मुझे ? अपनी भाभी समझ के चोदो मुझे ? हाय बड़ा मज़ा आ रहा है . तेरे लाँड़ में बड़ी दम है ? तेरी गाँड़ में बड़ी दम है . चोदो मेरे राजा खूब चोदो ?
उधर भाभी बोल रही थी . वाओ, भोसड़ी के मनोज और अनुज तुम लोग मेरी नन्द की बुर चोद चोद के अपने आप को बुर चोदने में बड़ा काबिल समझते हो ? आज मैं देखूँगी की तुम्हारे लण्ड में कितनी ताकत है मादर चोदों ? आज मैं देखूँगी की तुम वास्तव में मर्द हो की नहीं ? ऐसा कह कर भाभी अनुज के लौड़े पर चढ़ बैठी . लौड़ा उसकी चूत में पूरा का पूरा घुस गया . भाभी रगड़ रगड़ कर, उछल उछल कर , कूद कूद कर उसका लौड़ा चोदने लगी . और उतनी ही मस्ती से वह मनोज का लौड़ा चूसने लगी . एक लौड़ा मुंह से चोद रही थी और दूसरा लौड़ा अपनी बुर से ? मैं भाभी को ऐसा करते हुए एकटक देखने लगी . मुझे लगा की भाभी अब पूरी तैयारी से दोनों लौड़ों का पूरा मज़ा ले रही है . उसकी मस्ती वास्तव में देखने लायक थी . मुझे यकीन हो गया की भाभी पहले भी बड़े बड़े लौड़ों से चुदवा चुकी है . वह बोली थोडा रुक जाओ भोसड़ी वालों मैं तुम दोनों के लण्ड अभी अपनी गांड से चोदूँगी . धूल चटा दूँगी तुम लोगों के लौड़ों को ?
तब तक अनुज ने मजाक किया और बोला :- नहीं भाभी धूल नहीं, इन्हे अपनी चूंची चटाओ ?
उसकी बात सुनकर सब लोग ठहाका लगा के हंस पड़े ?
इधर मैं विक्रम और राणा से बारी बारी से चुदवाने में लगी थी .
मैं बोली :- भाभी कैसा लग रहा है तुम्हे इन दोनों से चुदाने में ?
वह बोली :- अरे यार आज तो स्वर्ग का आनंद आ रहा है . सच बताऊँ इतना मज़ा मुझे चुदाने में कभी नहीं आया .प्रिया मैं तो तेरी गुलाम हो गयी ? इतने मोटे तगड़े लण्ड तूने मेरी बुर में ठोंका है जिसका कोई जबाब नहीं ? इसके दो कारन है पहला - दोनों मस्त लौड़े है ? दूसरा - मेरी बुर चोदी नन्द मेरे सामने चुदवा रही है .
बस फिर क्या था ? हम दोनों अपनी अपनी गांड उछाल उछाल ऐसे चुदवाने लगी जैसे की कोई कंपटीसन हो रहा हो ? इतने में विक्रम का लौड़ा किनारे आ गया और मैंने मुठ्ठ मार कर उसका मक्खन निकाल लिया . फिर राणा भी बहन चोद लौड़ा निकाल कर मेरे मुंह के आगे कर दिया . मैंने उसका भी सड़का मारा और वीर्य चाट गयी . उधर भाभी के दोनों लण्ड चोदने में जुटे थे . मनोज बुर चोद रहा था तो अनुज उसकी गांड मार रहा था . मैंने गांड नहीं मरवाई लेकिन मैं भाभी को गांड मराते हुए देख रही थी और मुझे मज़ा आ रहा था . इतने में मनोज झड़ने की कगार पे आ गया . मैं भाभी के चेहरे को देख कर समझ गयी की वह भी खलास हो रही है . मनोज का झड़ता हुआ लौड़ा भाभी चाट ही रही थी की अनुज के लण्ड की पिचकारी सीधे उसके मुंह में जा गिरी . भाभी मस्त हो गयी . दोनों लण्ड बड़े प्यार से आहिस्ते आहिस्ते भाभी पीने लगी .
बाद में भाभी मुझसे बोली प्रिया मेरी भोसड़ी की नन्द रानी तुम्हारे दोनों लौड़े इम्तिहान में पास हो गये...
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