Home
» Hindi Mein Swadu Sex Kahani हिंदी में स्वादू चुदाई कहानियां Kamukta ki hindi kahaniyan
» बेटी ने अपनी माँ के सामने चूत गांड चुदाई - Beti ne apni maa ke samne chut gand ko chudwaya
बेटी ने अपनी माँ के सामने चूत गांड चुदाई - Beti ne apni maa ke samne chut gand ko chudwaya
बेटी ने अपनी माँ के सामने चूत गांड चुदाई - Beti ne apni maa ke samne chut gand ko chudwaya , Antarvasna Sex Stories , Hindi Sex Story , Real Indian Chudai Kahani , choda chadi cudai cudi coda free of cost , Time pass Story , Adult xxx vasna kahaniyan, Lund chusa, chut chati, gand marvai, chut chudwayi ke articles.
मैंने जैसे ही घंटी बजाई तो असलम अंकल ने तुरंत दरवाजा खोला। उसने मुझे अपनी बीवी सारा के साथ देखते ही बोला वाओ असद ,आओ सारा।
आओ यार बैठो ? मैं सोफा पर बैठ गया। मेरे बगल में मेरी बीवी सारा बैठ गयी। अंकल ने फ़ौरन चार पैग व्हिस्की बनाई और फिर अपनी बीवी को आवाज़ दी अरे डियर ज़ाहिरा बेगम देखो असद और सारा आये हैं ? जल्दी आओ न प्लीज ? उधर से आवाज़ आयी, हां मैं अभी आती हूँ। बस २ मिनट में ज़ाहिरा आंटी भी आ गयी। हम चारों ने चियर्स कहा और शराब का मज़ा लेने लगे। बातें होने लगी। खूब खुल कर बातें और गहरी बातें होने लगी। धीरे धीरे दूसरा पैग बन गया। बातें और गहरी होने लगी।
अंकल बोला :- कहाँ से आ रही है तू माँ चुदा के अपनी, सना ?
सना बोली :- माँ कहाँ चुदा के आ रही हूँ मैं ? मेरी माँ तो तू चुदवाता है अब्बू वह भी असद भाई जान से ? मैं सब जान गयी हूँ भोसड़ी के अब्बू ? तुम असद की बीवी चोदते हो और असद तेरी बीवी चोदता है।
अंकल भी उसी टोन में बोला :- मगर आज असद मेरी बीवी नहीं मेरी बेटी चोदेगा ? मेरी बीवी चोदने के लिए मेरा दोस्त रफीक आ रहा है जिसकी बीवी मैं चोदता हूँ।
सना बोली :- हां हां जानती हूँ तुम लोग एक दूसरे की बीवियां चोदते हो ? बड़ा मज़ा करते हो तुम लोग ? अब क्या एक दूसरे की बेटियां भी चोदोगे ?
अंकल ने आंटी से कहा :- हां ज़ाहिरा बेगम, रफीक की बेटी भी तो चुदाने वाली हो गयी होगी ?
आंटी बोली :- हां हां बिलकुल हो गयी होगी। वह तो सना से एक साल बड़ी है। आने दो रफीक को मादर चोद ? मैं उसी से पूंछती हूँ। वही बतायेगा सही बात क्या है।
इतने में मेरी बीवी सारा बोल पड़ी :- हां आंटी वह चुदाने लगी है। उसका नाम ज़ारा है न ? उसकी एक सहेली मेरे मोहल्ले में रहती है। उसने मुझे बताया है की ज़ारा बड़ी चालू लड़की है। वो साली लड़कों लण्ड पकड़ती रहती है। तब तक रफीक भी आ पहुंचा। सब लोग खुश हो गये। मेरी बीवी रफीक को अच्छी तरह जानती है लेकिन हमारे अभी तक चोदा चोदी के रिस्ते नहीं हुए ? मुझे लगा की रफीक पहले से दारू पी के आया है। फिर भी अंकल ने उसे एक पैग थमा दिया। वह मस्ती से पीने लगा।
अंकल बोला :- देख रफीक मैंने तुझे अपनी बीवी चोदने के लिए बुलाया है। तू अभी मेरी बीवी का भोसड़ा चोदेगा। मैं असद की बीवी चोदूँगा और असद मेरी बेटी चोदेगे ?
रफीक बोला :- हाय रे उफ़ ? मुझे भी अपनी बेटी चुदवानी है यार असलम ?
अंकल बोला :- यार तुम अपनी बीवी तो चुदवाते ही हो अब क्या अपनी बेटी भी चुदवाने लगे हो ?
वह बोला :- देखो यार असलम मेरा फंडा बिलकुल साफ़ है। इन जवान लड़कियों को अपनी ज़िन्दगी में ऐय्यासी करने का पूरा मौका मिलना चाहिए ? मैं तो अपनी बेटी का खूब हौसला बढ़ाता हूँ। उसकी माँ खुद उसे हर रोज़ नये नये लण्ड पकड़ने के लिये उकसाती है । यार यही तो समय है जवानी का पूरा मज़ा लेने के लिए ? मेरी बीवी भी उसका साथ देती है। कभी कभी मेरी बेटी अपनी माँ चुदवाती है और कभी माँ अपनी बेटी चुदवाती है ? मेरे कई दोस्तों के लण्ड भी पकड़ चुकी है ज़ारा। एक दिन वह तेरा भी लण्ड पकड़ेगी असलम मियां ? होशियार रहना ?
सना बोली :- ज़ारा बुर चोदी बड़ी चुदक्कड़ हो गयी है मैं जानती हूँ, रफीक अंकल ? पर आजतक न उसने मेरे अब्बू का लौड़ा पकड़ा है और न मैंने उसके अब्बू का लौड़ा ?
रफीक बोला :- तो आज तो मौका है न तेरे लिए । आज तू ज़ारा के अब्बू का लौड़ा पकड़ ले ? कल ज़ारा तेरे अब्बू का लौड़ा पकड़ लेगी। सब लोग इतने में हंस पड़े ?
सना बोली :- हाय रफीक अंकल, मैं पहले असद भाई जान का लण्ड पकडूँगी बाद में तुमसे चुदवाऊँगी ?
ऐसा कह कर सना असद का लौड़ा खोलने लगी। उधर मेरी बीवी ने अंकल के कपडे उतार कर उसका लौड़ा पकड़ लिया। फिर आंटी ने रफीक को नंगा किया और उसका लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। लौड़ा खड़ा हो गया। अब एक ही कमरे तीन तीन लण्ड दहाड़ने लगे। देखते ही देखते मेरी बीवी ने सारे कपडे उतार दिया। उसने असलम अंकल का लण्ड सहलाया और फिर मुंह में लेकर चूसने लगी। आंटी भी बिलकुल नंगी हो गयी । उसकी बेटी सना बड़ी बेशर्मी से अपने सभी कपडे खोल कर मेरा लण्ड चाटने लगी और मैं उसकी चूंचियां सहलाने लगा। इतने में मैंने की चूत में ऊँगली डाल कर देखा ? जब वह बुरी तरह गीली हो गयी तो मैंने अपना लौड़ा गप्प से घुसेड़ दिया। वह चीख पड़ी हाय इतना बड़ा लौड़ा पेल दिया भोसड़ी के भाई जान ? मैं तो मर ही जाऊंगी ? थोड़ी देर में उसे मज़ा आने लगा तो वह फिर बोली वाओ कितना मस्त लौड़ा है साला चुदाने में ज़न्नत का मज़ा आने लगा है अम्मी मुझे ?
तब तक आंटी बोल पड़ी हां मुझे भी चुदवाने में खूब मज़ा आ रहा है। फिर मेरी बीवी सारा बोल पड़ी हाय अंकल भोसड़ी के इतना बड़ा लौड़ा अभी तक कहाँ छुपा रखा था। पहले पेला होता मेरी बुर में तो कितना मज़ा आता ? वाओ, मैं तो इसी तरह के लौड़ों से मोहब्बत करती हूँ। हालांकि मैं पहले भी चुदवा चुकी हूँ तुमसे लेकिन आज कुछ ज्यादा ही मज़ा आ रहा है। आंटी बोली आज तेरा अंकल भोसड़ी वाला अपनी बेटी के सामने किसी की बुर चोद रहा है। देखो न कैसे ललचाई आँखों से अपनी बेटी की बुर चुदते हुए देख रहा है। सारा बोली अरे आंटी मैं भी ललचाई आँखों से रफीक अंकल का लौड़ा देख रही हूँ। दूसरी पारी में इसे अपनी बुर में घुसाऊँगी। उधर सना बोली हाय रे मुझे तो असद भाई जान के लण्ड का पूरा मज़ा मिल रहा है लेकिन मैं अब्बू के लण्ड पर नज़ारे गड़ाए बैठी हूँ। और रफीक अंकल का लण्ड भी मेरे दिल में समा गया है। मैं आज रात भर इन तीनो लौड़ों से चुदवाऊँगी ? कमरे में धकापेल चुदाई हो रही थी। तीन तीन चूत एक साथ चुद रही थी।
मजे की बात यह की कोई भी अपनी बीवी नहीं बल्कि दूसरे की बीवी चोद रहा था। अचानक सना अपने अब्बू के पेल्हड़ सहलाने लगी। लौड़ा तो सारा की बुर में घुसा था। दूसरे हाथ से रफीक के पेल्हड़ सहलाने लगी क्योंकि उसका लौड़ा उसकी माँ का भोसड़ा चोद रहा था। रफीक का एक हाथ सना की चूंची पर चला गया। वह बोला असलम यार तेरी बेटी बड़ी मस्त और सेक्सी है। देखो कितनी मस्ती से चुदवा रही है। इसी तरह मेरी बेटी भी चुदवाती है। किसी दिन उसे चोद कर देखो यार ?
मैंने कहा :- अंकल क्या मैं नहीं चोद सकता तेरी बेटी ?
वह बोला:- नहीं यार तेरा लौड़ा तो वह दौड़ कर घुसेड़ लेगी अपनी चूत में। तुम उसे जरुर चोदना ?
असलम बोला:- जानते हो रफीक इसकी बीवी की बुर कितनी रसीली है। मुझे तो असद की बीवी चोदने में खूब मज़ा आता है। मैं तो इससे अपनी बीवी चुदवाता हूँ आज से अपनी बेटी भी चुदाऊँगा ? अचानक रफीक का लौड़ा आंटी मुंह में लेकर चूसने लगी। उधर मेरी बीवी अंकल का लण्ड चूसने लगी। थोड़ी देर में दोनों मादर चोद झड़ गए । उन्हें देख कर सना मेरा लण्ड चूसने में जुट गयी। मैंने कहा यार मैं तेरे मुंह में ही झड़ जाऊंगा वह बोली झड़ जा भोसड़ी के ? मैंने दनादन ३/४ पिचकारी उसके मुंह में गिरा दी। वह पीने लगी मेरा लण्ड ? दो दिन बाद रफीक मेरे घर आ गया। मैंने कहा :- अरे अंकल आप ? यहाँ मेरे घर ?
वह बोला :- हां असद आज मैं तुमसे अपनी बिटिया की बुर चुदाने आया हूँ। तुम मेरे सामने चोदो मेरी बेटी ?
मैंने कहा :- ठीक है अंकल ? तुम मेरे सामने मेरी चोदो बीवी ?
मैंने अपनी बीवी को आवाज़ दी वह आयी तो बोली हाय रफीक अंकल ? लाओ पकड़ाओ पहले अपना लण्ड मुझे ? बस फिर क्या मैंने अपनी बीवी के सामने ही ज़ारा को नंगी किया। उसकी बड़ी बड़ी चूंचियां दबाना शुरू किया और उसकी चूत और गांड पर हाथ फेरा ? इधर रफीक अंकल ने भी मेरे बीवी के कपडे उतार कर उसे पूरी नंगी कर दिया। उसकी चूंची पीने लगा और बुर सहलाने लगा। फिर मैंने गपागप्प चोदना शुरू किया ज़ारा की चूत जैसे मैंने सना की चूत चोदी थी। अंकल भी मेरी बीवी अपनी बीवी समझ कर झमाझम चोदने लगा। चोदते चोदते वह बोला :- यार असद किसी दिन मेरी बीवी भी चोदो ? उसका भोसड़ा चोदो तुम्हे जरुर मज़ा आएगा। तब तक ज़ारा बोली :- अरे अब्बू मैं एक दिन असद भाई जान को अपने घर ले जाऊंगी और अपने सामने अपनी माँ चुदवाऊँगी ? इसका लौड़ा अम्मी को बड़ा पसंद आएगा।
एक दिन मैं शाम को अपने घर में बैठे हुए अपनी बीवी के साथ व्हिस्की पी रहा था। इतने में डोर बेल बजी। मैंने दरवाजा खोला तो सामने साजिया आंटी खड़ी थी। वह मेरे घर से थोड़ी दूर पर रहती है और मेरे घर कभी कभी आ जाती है। उसके साथ एक जवान लड़की भी थी। मैंने दोनों को अंदर बैठाया और अपनी बीवी से मिलवाया। सारा भी बहुत खुश हुई।
मैंने कहा :- आंटी व्हिस्की पियोगी ?
वह बोली :- हां जरुर पियूंगी और मेरी बेटी भी पियेगी। ये है मेरी बेटी बुर चोदी समीना ? बड़ी खुली हुई है और मस्त है। आज मैं अपनी बेटी चुदाने आयी हूँ बेटा ? मुझे रफीक ने सब कुछ बता दिया है।
तब तक समीना बोली :- असद भाई जान मेरी अम्मी भी भोसड़ी वाली बड़ी ऊंची चीज है। जो भी मरद घर में आता है उसका लौड़ा अम्मी जरुर पकड़ लेती है और फिर मुझे भी पकड़ा देती है। मैंने सुना है भाई नजान की सारा भाभी भी चुदाने में बड़ी तेज है ?
मैंने कहा :- तुम इसी से पूंछ लो न समीना ?
समीना बोली :- हाय भाभी जान क्या लोग ठीक कहते है ?
मेरी बीवी बोली :- हां बिलकुल ठीक कहते है। मेरे पास एक मस्त चूत है एक मस्त गांड है मेरी चूंचियाँ बड़ी बड़ी है, मस्त है तो मैं क्यों न चुदवाऊँ ? तुम लण्ड मेरी बुर में पेलो मैं लण्ड तेरी बुर में पेलती हूँ ?
फिर न मैंने देर लगाई और न सामना ने। उसने फ़ौरन मेरा लण्ड पकड़ लिया और अपनी माँ के सामने पीने लगी लण्ड ? और पेलने लगी लण्ड अपनी चूत में ?
उस दिन समीना खुद चुदवाकर और अपनी माँ चुदवाकर गयी।
आओ यार बैठो ? मैं सोफा पर बैठ गया। मेरे बगल में मेरी बीवी सारा बैठ गयी। अंकल ने फ़ौरन चार पैग व्हिस्की बनाई और फिर अपनी बीवी को आवाज़ दी अरे डियर ज़ाहिरा बेगम देखो असद और सारा आये हैं ? जल्दी आओ न प्लीज ? उधर से आवाज़ आयी, हां मैं अभी आती हूँ। बस २ मिनट में ज़ाहिरा आंटी भी आ गयी। हम चारों ने चियर्स कहा और शराब का मज़ा लेने लगे। बातें होने लगी। खूब खुल कर बातें और गहरी बातें होने लगी। धीरे धीरे दूसरा पैग बन गया। बातें और गहरी होने लगी।
- मैंने कहा :- अंकल, आज मैं तेरी बिटिया की बुर चोदने आया हूँ।
- अंकल बोला :- यार क्या बात कर रहे हो ? यह कैसे हो सकता है ?
- अच्छा जब तुम मेरी बीवी चोद सकते हो तो मैं तेरी बेटी नहीं चोद सकता ? (मेरी बीवी मुस्कराने लगी )
- बीवी तो तुम भी मेरी चोदते हो असद ? मेरी बीवी की चूत चोदते हो बरखुरदार ?
- मैं तेरी बीवी की चूत नहीं आंटी का भोसड़ा चोदता हूँ, अंकल ? मैं तो चूत के बदले चूत चोदना चाहता हूँ ? (मेरी बीवी की मुस्कराहट और तेज हो गयी )
- अंकल अपनी बीवी की तरफ मुंह करके बोले :- डियर ज़ाहिरा क्या सना लण्ड पकड़ने लगी है। क्या उसने लण्ड चाटना शुरू कर दिया है। क्या वह लण्ड लण्ड पीने लगी है ?
- ज़ाहिरा आंटी बोली :- हां और नहीं तो क्या ? उसकी उम्र २३ साल की हो गयी है। मस्त जवान और बड़ी बड़ी चूंचियों वाली हो गयी है बुर चोदी सना ? बड़ी सेक्सी है सना ? उसकी जांघें मोटी मोटी हो गयी है और चूत मस्त निकल आयी है ? उसकी काली काली घनी झांटें उसकी चूत की खूबसूरती बढ़ाती है। लड़कियों में इसी उम्र में लण्ड पकड़ने की इच्छा बड़ी तेज हो जाती है। अभी लण्ड नहीं पकड़ेगी तो कब पकड़ेगी ? मैं तो कहती हूँ खुदा करे खूब पकडे लण्ड, मेरी बेटी ?
- अंकल बोला :- तो क्या उसने बहन चोद चुदवाना भी शुरू कर दिया है ?
- आंटी बोली :- बिलकुल शुरू कर दिया है ? चुदवाना क्या उसने तो गांड भी मरवाना शुरू कर दिया है। बुर तो वह जाने कब से चुदवा रही है ? एक दिन उसने मुझे याकूब मियां से चुदवाते हुए देख लिया था। मैं जब पकड़ी गयी तो मैंने उसे अपने पास बुलाया और याकूब का लण्ड सना को पकड़ा दिया। मैंने खुल कर कहा सना तुमने मुझे जब चुदवाते हुए देख ही लिया है तो लो भोसड़ी की तुम भी पकड़ो लण्ड ? फिर धीरे से मैंने उसी दिन सना की चूत में लण्ड घुसेड़ भी दिया। तबसे वह खुले आम चुदवाने लगी। वो तो तेरा लण्ड भी पकड़ेगी किसी दिन ? वह कहती है की मेरी सारी सहेलियां अपने अपने अब्बू का मादर चोद लण्ड पकड़ती है। अब्बू से चुदवाती है। कॉलेज में सभी लड़कियां अपने अपने अब्बू के लण्ड के बारे में बातें करती है ? एक मैं हूँ जो चुप रहती हूँ। और तो और सब की सब ससुरी अपनी माँ चुदवाती है और कॉलेज में माँ चुदाने की बातें करती है। लड़कियां बड़ी हरामजादी है मेरे कॉलेज की अम्मी ?
- अंकल बोला :- ज़ाहिरा बेगम, तो फिर असद ठीक कह रहा है। इसे मेरी बेटी की बुर चोदने दो मैं भी इसकी बीवी की बुर अपनी बेटी के सामने ही चोदूँगा ? और मैं अभी अपने दोस्त रफीक को बुला लेता हूँ वह तेरा भोसड़ा चोदेगा ?
अंकल बोला :- कहाँ से आ रही है तू माँ चुदा के अपनी, सना ?
सना बोली :- माँ कहाँ चुदा के आ रही हूँ मैं ? मेरी माँ तो तू चुदवाता है अब्बू वह भी असद भाई जान से ? मैं सब जान गयी हूँ भोसड़ी के अब्बू ? तुम असद की बीवी चोदते हो और असद तेरी बीवी चोदता है।
अंकल भी उसी टोन में बोला :- मगर आज असद मेरी बीवी नहीं मेरी बेटी चोदेगा ? मेरी बीवी चोदने के लिए मेरा दोस्त रफीक आ रहा है जिसकी बीवी मैं चोदता हूँ।
सना बोली :- हां हां जानती हूँ तुम लोग एक दूसरे की बीवियां चोदते हो ? बड़ा मज़ा करते हो तुम लोग ? अब क्या एक दूसरे की बेटियां भी चोदोगे ?
अंकल ने आंटी से कहा :- हां ज़ाहिरा बेगम, रफीक की बेटी भी तो चुदाने वाली हो गयी होगी ?
आंटी बोली :- हां हां बिलकुल हो गयी होगी। वह तो सना से एक साल बड़ी है। आने दो रफीक को मादर चोद ? मैं उसी से पूंछती हूँ। वही बतायेगा सही बात क्या है।
इतने में मेरी बीवी सारा बोल पड़ी :- हां आंटी वह चुदाने लगी है। उसका नाम ज़ारा है न ? उसकी एक सहेली मेरे मोहल्ले में रहती है। उसने मुझे बताया है की ज़ारा बड़ी चालू लड़की है। वो साली लड़कों लण्ड पकड़ती रहती है। तब तक रफीक भी आ पहुंचा। सब लोग खुश हो गये। मेरी बीवी रफीक को अच्छी तरह जानती है लेकिन हमारे अभी तक चोदा चोदी के रिस्ते नहीं हुए ? मुझे लगा की रफीक पहले से दारू पी के आया है। फिर भी अंकल ने उसे एक पैग थमा दिया। वह मस्ती से पीने लगा।
अंकल बोला :- देख रफीक मैंने तुझे अपनी बीवी चोदने के लिए बुलाया है। तू अभी मेरी बीवी का भोसड़ा चोदेगा। मैं असद की बीवी चोदूँगा और असद मेरी बेटी चोदेगे ?
रफीक बोला :- हाय रे उफ़ ? मुझे भी अपनी बेटी चुदवानी है यार असलम ?
अंकल बोला :- यार तुम अपनी बीवी तो चुदवाते ही हो अब क्या अपनी बेटी भी चुदवाने लगे हो ?
वह बोला :- देखो यार असलम मेरा फंडा बिलकुल साफ़ है। इन जवान लड़कियों को अपनी ज़िन्दगी में ऐय्यासी करने का पूरा मौका मिलना चाहिए ? मैं तो अपनी बेटी का खूब हौसला बढ़ाता हूँ। उसकी माँ खुद उसे हर रोज़ नये नये लण्ड पकड़ने के लिये उकसाती है । यार यही तो समय है जवानी का पूरा मज़ा लेने के लिए ? मेरी बीवी भी उसका साथ देती है। कभी कभी मेरी बेटी अपनी माँ चुदवाती है और कभी माँ अपनी बेटी चुदवाती है ? मेरे कई दोस्तों के लण्ड भी पकड़ चुकी है ज़ारा। एक दिन वह तेरा भी लण्ड पकड़ेगी असलम मियां ? होशियार रहना ?
सना बोली :- ज़ारा बुर चोदी बड़ी चुदक्कड़ हो गयी है मैं जानती हूँ, रफीक अंकल ? पर आजतक न उसने मेरे अब्बू का लौड़ा पकड़ा है और न मैंने उसके अब्बू का लौड़ा ?
रफीक बोला :- तो आज तो मौका है न तेरे लिए । आज तू ज़ारा के अब्बू का लौड़ा पकड़ ले ? कल ज़ारा तेरे अब्बू का लौड़ा पकड़ लेगी। सब लोग इतने में हंस पड़े ?
सना बोली :- हाय रफीक अंकल, मैं पहले असद भाई जान का लण्ड पकडूँगी बाद में तुमसे चुदवाऊँगी ?
ऐसा कह कर सना असद का लौड़ा खोलने लगी। उधर मेरी बीवी ने अंकल के कपडे उतार कर उसका लौड़ा पकड़ लिया। फिर आंटी ने रफीक को नंगा किया और उसका लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। लौड़ा खड़ा हो गया। अब एक ही कमरे तीन तीन लण्ड दहाड़ने लगे। देखते ही देखते मेरी बीवी ने सारे कपडे उतार दिया। उसने असलम अंकल का लण्ड सहलाया और फिर मुंह में लेकर चूसने लगी। आंटी भी बिलकुल नंगी हो गयी । उसकी बेटी सना बड़ी बेशर्मी से अपने सभी कपडे खोल कर मेरा लण्ड चाटने लगी और मैं उसकी चूंचियां सहलाने लगा। इतने में मैंने की चूत में ऊँगली डाल कर देखा ? जब वह बुरी तरह गीली हो गयी तो मैंने अपना लौड़ा गप्प से घुसेड़ दिया। वह चीख पड़ी हाय इतना बड़ा लौड़ा पेल दिया भोसड़ी के भाई जान ? मैं तो मर ही जाऊंगी ? थोड़ी देर में उसे मज़ा आने लगा तो वह फिर बोली वाओ कितना मस्त लौड़ा है साला चुदाने में ज़न्नत का मज़ा आने लगा है अम्मी मुझे ?
तब तक आंटी बोल पड़ी हां मुझे भी चुदवाने में खूब मज़ा आ रहा है। फिर मेरी बीवी सारा बोल पड़ी हाय अंकल भोसड़ी के इतना बड़ा लौड़ा अभी तक कहाँ छुपा रखा था। पहले पेला होता मेरी बुर में तो कितना मज़ा आता ? वाओ, मैं तो इसी तरह के लौड़ों से मोहब्बत करती हूँ। हालांकि मैं पहले भी चुदवा चुकी हूँ तुमसे लेकिन आज कुछ ज्यादा ही मज़ा आ रहा है। आंटी बोली आज तेरा अंकल भोसड़ी वाला अपनी बेटी के सामने किसी की बुर चोद रहा है। देखो न कैसे ललचाई आँखों से अपनी बेटी की बुर चुदते हुए देख रहा है। सारा बोली अरे आंटी मैं भी ललचाई आँखों से रफीक अंकल का लौड़ा देख रही हूँ। दूसरी पारी में इसे अपनी बुर में घुसाऊँगी। उधर सना बोली हाय रे मुझे तो असद भाई जान के लण्ड का पूरा मज़ा मिल रहा है लेकिन मैं अब्बू के लण्ड पर नज़ारे गड़ाए बैठी हूँ। और रफीक अंकल का लण्ड भी मेरे दिल में समा गया है। मैं आज रात भर इन तीनो लौड़ों से चुदवाऊँगी ? कमरे में धकापेल चुदाई हो रही थी। तीन तीन चूत एक साथ चुद रही थी।
मजे की बात यह की कोई भी अपनी बीवी नहीं बल्कि दूसरे की बीवी चोद रहा था। अचानक सना अपने अब्बू के पेल्हड़ सहलाने लगी। लौड़ा तो सारा की बुर में घुसा था। दूसरे हाथ से रफीक के पेल्हड़ सहलाने लगी क्योंकि उसका लौड़ा उसकी माँ का भोसड़ा चोद रहा था। रफीक का एक हाथ सना की चूंची पर चला गया। वह बोला असलम यार तेरी बेटी बड़ी मस्त और सेक्सी है। देखो कितनी मस्ती से चुदवा रही है। इसी तरह मेरी बेटी भी चुदवाती है। किसी दिन उसे चोद कर देखो यार ?
मैंने कहा :- अंकल क्या मैं नहीं चोद सकता तेरी बेटी ?
वह बोला:- नहीं यार तेरा लौड़ा तो वह दौड़ कर घुसेड़ लेगी अपनी चूत में। तुम उसे जरुर चोदना ?
असलम बोला:- जानते हो रफीक इसकी बीवी की बुर कितनी रसीली है। मुझे तो असद की बीवी चोदने में खूब मज़ा आता है। मैं तो इससे अपनी बीवी चुदवाता हूँ आज से अपनी बेटी भी चुदाऊँगा ? अचानक रफीक का लौड़ा आंटी मुंह में लेकर चूसने लगी। उधर मेरी बीवी अंकल का लण्ड चूसने लगी। थोड़ी देर में दोनों मादर चोद झड़ गए । उन्हें देख कर सना मेरा लण्ड चूसने में जुट गयी। मैंने कहा यार मैं तेरे मुंह में ही झड़ जाऊंगा वह बोली झड़ जा भोसड़ी के ? मैंने दनादन ३/४ पिचकारी उसके मुंह में गिरा दी। वह पीने लगी मेरा लण्ड ? दो दिन बाद रफीक मेरे घर आ गया। मैंने कहा :- अरे अंकल आप ? यहाँ मेरे घर ?
वह बोला :- हां असद आज मैं तुमसे अपनी बिटिया की बुर चुदाने आया हूँ। तुम मेरे सामने चोदो मेरी बेटी ?
मैंने कहा :- ठीक है अंकल ? तुम मेरे सामने मेरी चोदो बीवी ?
मैंने अपनी बीवी को आवाज़ दी वह आयी तो बोली हाय रफीक अंकल ? लाओ पकड़ाओ पहले अपना लण्ड मुझे ? बस फिर क्या मैंने अपनी बीवी के सामने ही ज़ारा को नंगी किया। उसकी बड़ी बड़ी चूंचियां दबाना शुरू किया और उसकी चूत और गांड पर हाथ फेरा ? इधर रफीक अंकल ने भी मेरे बीवी के कपडे उतार कर उसे पूरी नंगी कर दिया। उसकी चूंची पीने लगा और बुर सहलाने लगा। फिर मैंने गपागप्प चोदना शुरू किया ज़ारा की चूत जैसे मैंने सना की चूत चोदी थी। अंकल भी मेरी बीवी अपनी बीवी समझ कर झमाझम चोदने लगा। चोदते चोदते वह बोला :- यार असद किसी दिन मेरी बीवी भी चोदो ? उसका भोसड़ा चोदो तुम्हे जरुर मज़ा आएगा। तब तक ज़ारा बोली :- अरे अब्बू मैं एक दिन असद भाई जान को अपने घर ले जाऊंगी और अपने सामने अपनी माँ चुदवाऊँगी ? इसका लौड़ा अम्मी को बड़ा पसंद आएगा।
एक दिन मैं शाम को अपने घर में बैठे हुए अपनी बीवी के साथ व्हिस्की पी रहा था। इतने में डोर बेल बजी। मैंने दरवाजा खोला तो सामने साजिया आंटी खड़ी थी। वह मेरे घर से थोड़ी दूर पर रहती है और मेरे घर कभी कभी आ जाती है। उसके साथ एक जवान लड़की भी थी। मैंने दोनों को अंदर बैठाया और अपनी बीवी से मिलवाया। सारा भी बहुत खुश हुई।
मैंने कहा :- आंटी व्हिस्की पियोगी ?
वह बोली :- हां जरुर पियूंगी और मेरी बेटी भी पियेगी। ये है मेरी बेटी बुर चोदी समीना ? बड़ी खुली हुई है और मस्त है। आज मैं अपनी बेटी चुदाने आयी हूँ बेटा ? मुझे रफीक ने सब कुछ बता दिया है।
तब तक समीना बोली :- असद भाई जान मेरी अम्मी भी भोसड़ी वाली बड़ी ऊंची चीज है। जो भी मरद घर में आता है उसका लौड़ा अम्मी जरुर पकड़ लेती है और फिर मुझे भी पकड़ा देती है। मैंने सुना है भाई नजान की सारा भाभी भी चुदाने में बड़ी तेज है ?
मैंने कहा :- तुम इसी से पूंछ लो न समीना ?
समीना बोली :- हाय भाभी जान क्या लोग ठीक कहते है ?
मेरी बीवी बोली :- हां बिलकुल ठीक कहते है। मेरे पास एक मस्त चूत है एक मस्त गांड है मेरी चूंचियाँ बड़ी बड़ी है, मस्त है तो मैं क्यों न चुदवाऊँ ? तुम लण्ड मेरी बुर में पेलो मैं लण्ड तेरी बुर में पेलती हूँ ?
फिर न मैंने देर लगाई और न सामना ने। उसने फ़ौरन मेरा लण्ड पकड़ लिया और अपनी माँ के सामने पीने लगी लण्ड ? और पेलने लगी लण्ड अपनी चूत में ?
उस दिन समीना खुद चुदवाकर और अपनी माँ चुदवाकर गयी।
Click on Search Button to search more posts.
