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आज मुझे नये लण्ड से चुदाने का मौका मिलेगा - Aaj ek naye lund se hogi chut gand chudai
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मेरे मन में आया देखो रेहाना कितनी स्वार्थी है। मेरी झांटें सुलगने लगी। इस भोसड़ी वाली को कभी मेरी चूत का ख्याल नहीं आया ? मेरी अच्छी खासी दोस्ती है उससे ? हम दोनों साथ साथ घूमती फिरती है,शॉपिंग करती है और फ़िल्में देखती है। इतना ही नहीं खुल कर लण्ड चूत की बातें करती है। आपस में गाली गलौज़ करती है लेकिन फिर भी रेहाना ने मुझे आजतक किसी का लौड़ा नहीं पकड़ाया। हां यह बात जरुर है की उसकी उम्र ३० साल की है और वह शादी शुदा है। मैं २५ साल की हूँ। और अभी कुवांरी हूँ , बस ५ साल का ही तो फर्क है हमारे बीच में ? पर दोस्ती भी कोई चीज होती है। दोस्ती कभी उम्र से नहीं तौली जाती ? उसे दोस्ती का ज़रा सा भी ख्याल नहीं आया ? मैं तो अपने बॉय फ्रेंड्स के लण्ड के बारे में सब बता देती हूँ उसे ? पर उसने मुझे कभी नहीं बताया कि वह कई मर्दों से चुदवाती है। अरे मुझे यह तक नहीं बताया की उसके मियां का लण्ड कैसा है ? मैं यह सब सोंच ही रही थी की उधर लौड़ा रेहाना की बुर में घुस गया और वह आदमी भकाभक चोदने लगा रेहाना की मस्तानी चूत । रेहाना भी अपनी गांड उठा उठा कर मस्ती से चुदवाने लगी। उस दिन तो मैं चुदाई देख कर लौट आयी। लेकिन मेरी चूत में बुरी तरह से आग लग चुकी थी।
दो दिन बाद फिर मैं चुपके से उसके घर गयी तो देखा की रेहाना आज भी नंगी बैठी हुई एक आदमी का लण्ड सहला रही है। मुझे लगा की यह उस दिन वाला लण्ड नहीं है। आज कोई दूसरा आदमी है। इतने में मैंने उसका मुंह भी देख लिया। हां यह कोई और है ? बस मेरे तन बदन में आग लग गयी। रेहाना भोसड़ी वाली खूब मज़ा कर रही है और मेरी कोई याद नहीं है उसे ? मेरी झांटें फिर सुलग उठी। चूत की आग फिर भड़क उठी। इस बार मैं रुकी नहीं और सीधे घुस गयी उसके कमरे में ?
- मैं बोली - तू भोसड़ी की बुर चोदी रेहाना इतनी स्वार्थी निकलेगी मैंने कभी सोंचा न था ? तू मादर चोद बड़ी धोखे बाज है। मुझसे सारी बातें छुपा कर रखती है बहन की लौड़ी ? इतने दिनों की दोस्ती आज तू खतम करने पर उतारू है । मैंने तेरे पर बड़ा भरोषा किया और तूने मेरा भरोषा तोड़ा है ?
- अरे यार सना बोलो न हुआ क्या है ? तू इतनी गरम क्यों है ? मेरे से क्या गलती हो गयी है ? मैंने तुझे कोई धोखा नहीं दिया है। तू तो मेरी ख़ास दोस्त है सना ?
- क्या ख़ास दोस्त हूँ, यार ? दोस्ती तो सब तूने अपनी गांड में घुसा ली है रेहाना ? मुझे तेरे पर बड़ा नाज़ था पर आज मैं इतनी गुस्से में हूँ कि लगता है मैं तेरी चूत फाड़ कर भोसड़ा बना दूं ?
- अरे बताएगी भी कुछ की बस गाली ही देती जायेगी, बहन चोद ?
- अच्छा जैसे तू कुछ जानती ही नहीं ? यह क्या है तेरे हाथ में ? लण्ड है न ? क्या यही लण्ड मेरे हाथ में नहीं रख सकती है तू माँ की लौड़ी ? क्या मेरी चूत नहीं है ? क्या मैं जवान नहीं हूँ ? क्या मुझे लण्ड की जरुरत नहीं है ? जब तू सब कुछ मेरे साथ साथ करती है तो फिर साथ साथ चुदवा क्यों नहीं सकती ? अकेले ही चुदा चुदा कर मज़ा ले रही है तू ? तू तो मेरी चूत को ही भूल गयी, रेहाना ?
- तो यह बात है ? तू मेरे हाथ में लण्ड देख कर जल रही है ?
- हां जल रही हूँ बुर चोदी रेहाना ? मैं जल रही हूँ, मेरी चूत जल रही है, मेरी झांटें जल रही है। मेरी गांड में आग लगी है। तेरी जगह कोई और होती तो मेरा कुछ भी नहीं जलता। पर एक सहेली मेरे साथ ऐसा करे तो जलूँगी ही ?
- देखो यार जलने की कोई बात नहीं है ? लो तुम ही पकड़ लो इसका लण्ड ? मैं २/ ४ लण्ड और बुला लेती हूँ। उनके भी पकड़ो लण्ड ? चाहे चूसो, चाहे चाटो और चाहे पियो लण्ड ? और जितने चाहो उतने लण्ड घुसेड़ लो अपनी चूत में ? मैं तुम्हे बहुत चाहती हूँ, सना ? मेरी दोस्ती में कोई दरार नहीं है।
- तेरी चूत में तो दरार है बहन चोद ? इसी चूत में तू हर रोज़ एक नया लण्ड पेलती है। तू अपने मियां को धोखा दे रही है। हर रोज़ पराये मर्द से चुदवाती है तू, भोसड़ी वाली रेहाना ? मैं किसी दिन ये सारी बातें तेरे हसबैंड को खुल कर बता दूँगी तब तुझे पता चलेगा ? मैं तेरी ज़िन्दगी में आग लगाना नहीं चाहती पर तू मजबूर कर रही मुझे तो फिर लगा ही दूँगी आग ?
मैंने कहा :- अरे असलम जीजू आप यहाँ ? मैं तो समझती थी की आप कहीं बाहर गये है।
तब तक रेहाना बोली :- जानती हो सना, ये औरत कौन है जिसके हाथ में मेरे मियां का लण्ड है ?
मैंने कहा :- नहीं यार, मैं इसे बिलकुल नहीं जानती ? कौन है ये औरत ?
वह बोली :- यह औरत उस आदमी की बीवी जिसका लण्ड मेरे हाथ में है ?
मैंने कहा :- तो इसका मतलब की तुम इसके मियां का लौड़ा पी रही हो और वो तेरे मियां का लौड़ा पी रही है।
वह बोली :- हां अब बिलकुल ठीक समझी तो तुम सना। दरअसल, हम दोनों हसबैंड अदल बदल कर चुदवा रही है। और ये दोनों बीवी अदल बदल कर चोद रहे है।
मैं बोली :- तो फिर परसों क्या हो रहा था ? उस दिन तो तेरे हाथ में किसी और का लौड़ा था ?
वह बोली :- अच्छा तो तुमने परसों भी मुझे चुदवाते हुए देखा था ? परसों भी मैं उसी आदमी से चुदवा रही थी जिसकी बीवी मेरा हसबैंड मेरे बगल वाले कमरे में चोद रहा था। तूने उस कमरे में झाँक कर नहीं देखा ? अगर देखा होता तो वहीँ बात साफ़ हो जाती मेरी बुर चोदी सना समझी माँ की लौड़ी ?
मैंने कहा :- इसका मतलब तू कई लोगों से चुदवाती है।
वह बोली :- देखो सना 'बीवियों की अदला बदली' या 'मर्दों की अदला बदली' का खेल शादी शुदा लोगों के बीच ही होता है। हमारे ग्रुप में कई कपल है जो इस खेल को खेलते है। चूंकि तेरी अभी शादी नहीं हुई है इसलिए अभी तक तुम्हे इसमें शामिल नहीं किया है। देख मैं सच बता रही हूँ सना, मेरे ग्रुप का हर आदमी तेरी बुर चोदना चाहता है। सब जानते है की तू मेरी पक्की दोस्त है। लेकिन मैंने ही सबको रोक रखा है।
मैं बोली :- तो क्यों रोक रखा है तूने ? तू तो जानती है की लण्ड मुझे बड़े अच्छे लगते है ?
वह बोली :- हां मैं जानती हूँ सना, पर सच बात तो यह है की अभी एक महीने में ही तेरा निकाह होने वाला है। मैं उस लड़के को भी जानती हूँ जिससे तेरी शादी होने वाली है। मैं चाहती हूँ की जल्दी से तेरी शादी हो जाये तो फिर मैं तुम्हे अपने ग्रुप में शामिल कर लूं फिर तुम भी पूरा मज़ा लूटो मेरी तरह ? मैंने तो सोंच रखा है की मैं तेरी सुहागरात में ही तेरे मियां से चुदवाऊँ और तुम मेरे मियां से चुदवाओ ?
मैं बोली :- वाओ, तू ऐसा करेगी न ? पक्का वादा करती है, तू ? पीछे तो नहीं हटेगी भोसड़ी वाली ?
वह बोली :- नहीं हटूंगी ? तेरी बुर अपने मियां से चुदवा के रहूंगी उस दिन ?
बस मैंने जल्दी से रेहाना के मियां के लण्ड की कई बार चुम्मी ली। उसके बाद उस आदमी के लण्ड की भी चुम्मी ली जो रेहाना के हाथ में था और फिर भाग आयी।
एक महीने के बाद मेरा निकाह हो गया। मैंने अपनी अम्मी से कहा की मैं अपनी सुहागरात रेहाना के घर में मनाऊँगी। अम्मी मान गयी और बड़ी खुश हुई । बस, सुहागरात की सारी तैयारियां होने लगीं। रेहाना के घर में सवेरे से ही हलचल होने लगी। शाम को मैं उसके घर गयी और वह मुझे सुहागरात के लिए तैयार करने लगी। कमरे में केवल मैं और रेहाना थी।
वह बोली चलो सना मैं पहले तेरी झांटें साफ़ कर दूं। मैंने कहा यार अभी बहुत छोटी छोटी है झांटें मेरी ? अभी साफ करने की क्या जरुरत है ? वह बोली नहीं यार मैंने सुना है की तेरे मियां को चिकनी चूत पसंद है। और फिर मेरे मियां को भी चिकनी चूत ही पसंद है न ? देखो मैं भी हमेशा झांटें साफ़ रखती हूँ। उसने अपना पेटीकोट उठा कर अपनी बुर दिखा दी। मैंने झांटें बनवा ली और तैयार होकर बैठ गयी। शाम को मेरा हसबैंड आया उस समय रेहाना मेरे साथ ही थी। रेहाना बोली लो नदीम संभालो अपनी बीवी को ? नदीम बोला तुम कहाँ जा रही हो भाभी आज तो मुझसे ,,,,,,,,,,,,,? तब रेहाना ने बताया देखो सना तेरा हसबैंड बहुत दिनों से मुझे चोदने की फिराक में है । मैंने इससे कहा की देख नदीम तेरी शादी सना से होने वाली है। सना मेरी पक्की सहेली है। मैं उसके साथ धोखा नहीं कर सकती ? मैं जब भी तुमसे चुदवाऊगी तो सना के सामने ही चुदवाऊंगी वह भी तेरी शादी हो जाने के बाद ? आज वो दिन आ गया है।लेकिन सना तू पहले अपने मियां से चुदवा ले और मना ले अपनी सुहागरात ? दूसरी पारी में मैं मनाऊँगी तेरी सुहागरात तेरे मिया के साथ और तू मनाएगी अपनी सुहागरात मेरे मियां के साथ। रेहाना चली गयी तो मैं बस अपने मियां के लण्ड के बारे में सोंचने लगी की वह कैसा होगा। मुझे बहुत जल्दी थी उसका लण्ड पकड़ने की ?
जब उसने मेरे कपडे उतारने शुरू किया तो मैं भी फटाफट उतारने में जुट गयी। मैं नंगी हुई तो वह मेरी चूंचियां दबाने लगा।मेरे पूरे जिस्म पर हाथ फेरने लगा। मैं मस्त होने लगी। फिर मैं उसके कपडे खोलने लगी। आखिर में जब मेरे हाथ उसके लण्ड से टकराया तो मुझे करंट लगा। मैंने जैसे ही उसकी नेकर खोली तो टन टनाता हुआ लण्ड मेरे सामने खड़ा हो गया। मैं बड़ी खुश हुई। लौड़ा मेरे मन का निकला। मोटा और लम्बा भी। मेरे तो नसीब जाग गए। मैं लौड़ा पकड़ कर हिलाने लगी। लौड़ा और सख्त हो गया। फिर मैं झुक कर लण्ड मुंह में ले लिया और पीने लगी। चूसने लगी लण्ड ? उसके बाद तो खूब जम कर चुदवाया। उसका गाढ़ा गाढ़ा वीर्य जब मेरी चूत में गिरा तो मुझे ज़न्नत का मज़ा आया। बाद में झड़ता लण्ड चाटा ।
उसके बाद वह थोड़ी देर के लिए बाहर चल गया। करीब एक घंटे के बाद वह वापस आ गया उसके पीछे पीछे रेहाना और फिर असलम जीजू भी आ गया। रेहाना बोली मुबारक हो सना ? पहले यह बता की तेरे मियां का लण्ड कैसा है ? मैंने कहा यार मज़ा आ गया लेकिन मैं उसके लण्ड का साईज़ बताऊंगी नहीं तू खुद ही खोल कर देख ले ? इधर मैं जीजू का लौड़ा खोल कर देखती हूँ। उस दिन ठीक से न पकड़ पायी थी और न ही चूस पायी थी तेरे मियां का लण्ड ? मैं जब उसके मियां का लण्ड पकड़ने के लिए लपकी तो वह बोला नहीं सना पहले मुझे ठीक से तुम्हे देख लेने दो। तुम्हे नंगी देखने की अपनी तमन्ना पहले पूरी कर लेने दो। असलम मेरे जिस्म पर हाथ फेरने लगा। रेहाना बोली हाय सना तू बला की खूबसूरत है यार। तू तो मुझे नंगी देख चुकी है पर आज मैं पहली बार तुम्हे नंगी देख रही हूँ।
उसके बाद मैंने जल्दी से असलम का लौड़ा खोला उसे पकड़ा और खूब हिलाया। वह साला एकदम से खड़ा हो गया। मैं रेहाना को भी अपने मियां का लण्ड हिलाते हुए देख रही थी। उसके बाद, मैं रेहाना के मियां से चुदाने लगी और रेहाना मेरे मियां से चुदाने लगी। एक ही कमरे में हम दोनों अपना अपना मियां अदल बदल कर चुदवा रही थी। इतने में एक आदमी अपना लण्ड खड़ा किये हुए कमरे में घुस आया । रेहाना ने कहा देखो सना ये अज़ीज़ है और इसके पीछे है इसकी बीवी हया ? हया भी बिलकुल नंगी थी। बड़ी गोरी चिट्टी बेहद सुन्दर थी हया ? मेरे मियां की लार टपकने लगी। वह बोला हाय हया भाभी लो मेरा भी लण्ड पकड़ लो । उधर रेहाना ने मेरा हाथ अज़ीज़ के लण्ड पर रख दिया। वह भी लण्ड बड़ा जबर्दस्त था। रेहाना बोली सना मैं हया के साथ भी मर्दों की अदला बदली करती हूँ। अब तुम बारी बारी से मेरे मियां का लण्ड और हया के मियां का लण्ड अपनी बुर में पेल पेल कर खूब चुदाओ। मैं वैसा ही करने लगी। मेरी तो किस्मत ही खुल गयी। सुहागरात में तीन तीन लण्ड का मज़ा लेने लगी मैं। रेहाना बोली कल भी तेरी सुहागरात ज़ारी रहेगी। कल दो कपल और हमारे साथ होंगे। तुझे कल दो नये नये लण्ड से चुदाने का मौका मिलेगा और तेरे मियां को दो नयी नयी चूत चोदने का ?
मैंने रेहाना का हाथ चूम लिया और बोली हाय रेहाना पड़ोसन हो तो तेरी जैसी ? दोस्त हो तो तेरी जैसी...
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