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मैंने गांड मरवाने का भी मज़ा लिया - Chut chudai ke sath gand marwane ka bhi majaa liya
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बुर में लेती, गांड में लेती, मुंह में लेती, सबके लण्ड
पकड़ हिलाती, चूम चाट कर पीती रहती सबके लण्ड
दिन चुदवाती, रात चुदाती मुठ्ठ मारती सबके लण्ड
गांड मराती, लण्ड पेलती, खेला करती सबके लण्ड
उस दिन मैं जैसे ही अपनी झांटें बनाकर बाथ रूम से निकली वैसे ही किसी ने डोर बेल बजा दी। मैंने चूंचियों तक सिर्फ एक तौलिया लपेट ली और दरवाजा खोल दिया। मैंने देखा की मेरे सामने रोहित खड़ा है। मैंने उसे अंदर बैठाया और दरवाजा बंद कर दिया। फिर मैंने फ़ौरन अपनी तौलिया उतार कर फेंक दी और बिलकुल नंगी नंगी उसके बगल में बैठ गयी। उसकी नज़रें मेरे पूरे नंगे बदन पर घूमने लगी।
मैंने कहा :- यार रोहित बहुत बहुत मुबारक हो तुम्हे ?
वह बोला :- यार कविता तुम किसलिए मुझे मुबारकबाद दे रही हो ?
मैंने कहा :- तेरा लण्ड निशा को बहुत पसंद आ गया है। वह कह रही थी की रोहित के लण्ड जैसा लण्ड बहुत कम लोगों का होता है। १० लण्ड पकड़ती हूँ तब कहीं जाकर रोहित के जैसा एक लण्ड मिलता है। मैं तो दीवानी हो गयी हूँ रोहित के लण्ड की ?
इतना कह कर मैंने रोहित के कपडे उतार दिया । उसे पूरा नंगा कर दिया और लण्ड हिला हिला कर बताने लगी। मैंने आगे कहा यार उसने अभी सिर्फ एक बार ही चुदवाया तुमसे और इतनी दीवानी हो गयी तो जरुर कोई ख़ास बात तेरे लण्ड में ? मैं तो पहले से ही तेरे लण्ड की दीवानी हूँ। बेपनाह मोहब्बत करती हूँ मैं तेरे लण्ड से रोहित ?
वह बोला :- ऐसी क्या ख़ास बात है मेरे लण्ड में यार ?
मैंने कहा :- निशा कह रही थी की रोहित के लण्ड में तीन बातें ख़ास है। पहला - उसका लण्ड लंबा भी है और मोटा भी ? अधिकतर लोगों के लण्ड या तो पतले और लम्बे होते है या फिर मोटे और छोटे होते है दूसरा - रोहित अपना लण्ड पूरा का पूरा घुसेड़ कर चोदता है। हर धक्के पे वह लण्ड पूरा बाहर खींचता है और फिर पूरा का पूरा अंदर पेल देता है। इससे चूत को दूना मज़ा आता है। ऐसी चुदाई बहुत कम लोग करते है। अक्सर लोग हर बार आधा या फिर तीन चौथाई लण्ड ही अंदर बाहर करते है और तीसरा - रोहित बड़ी देर तक चोदता रहता है। जल्दी झड़ता नहीं है। मैं पहले झड़ जाती हूँ वह बाद में झड़ता है ? उसके लण्ड का वीर्य बड़ा स्वादिस्ट है जिसे पीकर मैं मस्त हो जाती हूँ।
मेरी बातें सुनकर रोहित बहुत खुश हुआ और उससे ज्यादा उसका लौड़ा खुश हुआ क्योंकि लौड़ा और टन्ना उठा अपनी तारीफ सुनकर। फिर क्या मैंने बड़े मजे से वहीँ चुदवाया। इस बार चुदाने का मज़ा कुछ निराला ही था। आज मुझे फिर मालूम हुआ की अपनी तारीफ सुनकर किसको अच्छा नहीं लगता ? यहाँ तक की लण्ड भी अपनी तारीफ सुनकर टन टना कर गुर्राने लगता है।
दोस्तों, मैं कविता हूँ २५ साल की एक मद मस्त गोरी चिट्टी बड़ी बड़ी चूंचियों वाली जवान लड़की। मुझे लण्ड पकड़ने की बड़ी बुरी आदत है। मैं बिना लण्ड के एक पल भी नहीं रह सकती। मैं घर में अकेली हूँ। मेरे साथ हमेशा २/३ लड़के रहते है। मैं घर में कभी कपडे नहीं पहनती और न ही लड़कों को पहनने देती हूँ। यानी मैं नंगी रहती हूँ और लड़कों को नंगा रखती हूँ। मैं जब सोती हूँ तो मेरी दायीं तरफ लण्ड होता है। मेरी बायीं तरफ लण्ड होता है। मेरे सर के ऊपर लण्ड होता है। ताकि रात में मैं जहाँ हाथ फैलाऊं वह मुझे लण्ड पकड़ने को मिल जाए। मैंने लड़कों से कह रखा है की वे रात में जब चाहे मुझे चोद सकते है। मेरी बुर में मेरी गांड मेरे मुंह में लण्ड घुसेड़ सकते है। मेरा जब मन होता है तो मैं रात में लण्ड पकड़ सकती हूँ और चुदवा सकती हूँ। दिन में तो लोग मेरे घर आते रहते है और मैं उनके लण्ड पीती रहती हूँ, चुदवाती रहती हूँ। मैं लण्ड पकड़ने और लण्ड पीने बाहर भी जाती हूँ। कभी किसी होटल में, कभी किसी पार्टी में, कभी किसी के घर में, कभी किसी क्लब में ? मैं तो ट्रेन में बस में में भी लण्ड पकड़ लेती हूँ। जो लण्ड मेरे मन के होते है उन्हें मैं बार बार पकड़ती हूँ। मुझे जितना लण्ड पकड़ने में और लण्ड पीने में मज़ा आता है उतना ही मज़ा चुदवाने में भी आता है। मुझे गांड मराने से भी कोई परहेज नहीं है। मेरी कुछ सहेलियां है जो मेरी ही तरह लण्ड पकड़ने में और लण्ड पीने में माहिर है। वे भी अपनी बुर चुदवाने में उतना ही इंटरेस्ट लेती है जितना मैं लेती हूँ।
"लण्ड मेरी आँखों में रहता है, मेरे दिल में, मेरे मन में रहता है लण्ड"
मेरी एक दोस्त है मिस मलाला मैंने उसे फोन लगा दिया और बातें करने लगी।
मैंने कहा :- तेरा जीजा तो बहन चोद बड़ा स्मार्ट है और इसका दोस्त भी कम नहीं है यार। तू तो बड़ा मज़ा करती होगी निशा , भोसड़ी वाली ?
वह बोली :- हां करती हूँ पर आज नहीं करूंगी। आज तू करेगी मज़ा ? आज मैं इन दोनों से तेरी बुर चुदवाऊँगी ? मैंने कहा :- अरे ये क्या चोदेंगे भोसड़ी वाले मेरी बुर ? मेरी बुर चोदने के लिए हाथ भर का लण्ड चाहिए ? तू क्यों नहीं चुदवाती इन माँ के लौड़ों से मेरे सामने ?
उसने कहा :- पहले इनका लण्ड पकड़ कर तो देख बुर चोदी कविता ? जहाँ तक मेरा चुदाने सवाल है मैं इसलिए नहीं चुदाऊंगी क्योंकि मैं अभी अपनी झांटें उखड़वाकर आ रही हूँ। मेरी चूत एकदम लाल सुर्ख हो गयी है।
मैं बोली :- किसने उखाड़ी तेरी झांटें ?
उसने जबाब दिया :- इन्ही लोगों ने उखाड़ी मेरी झांटें ? आज मैंने गरम गरम राख अपनी चूत में लगा कर इन दोनों से एक एक झांट उखड़वायी। अब ये दोनों कह सकते है कि निशा मैंने तेरी झांट उखाड़ी है। लेकिन मैं भी कल इन दोनों की झांटें उख़ाड़ूँगी क्योंकि मुझे भी मर्दों की झांटें उखाड़ना आता है ? जैसे मुझे इनकी माँ चोदना आता है। आज तो मैं ये दोनों लण्ड तेरी चूत में घुसाऊँगी कविता ?
मैंने कहा :- यार निशा तू बातें बड़ी मस्त करती है। चल कर जल्दी से इन्हे नंगा कर और खड़ा कर इन भोसड़ी वालों के लण्ड ? मैं पेशाब करके आती हूँ।
मैं जब वापस आयी तो दोनों नंगे हो चुके थे। उनके लण्ड लहलहाने लगे थे। निशा तू भी तो अपनी कपडे उतार। मैं भी तो देखूं तेरी चूत कैसी हो गयी है और तेरी चूंचियां कितनी बड़ी बड़ी हो गयीं है ? यह कर मैं भी अपने कपडे खोलने लगी। जब उन मादर चोदों ने मुझे नंगी देखा तो उनके लण्ड और टन्ना उठे ? मैंने अपनी दोनों हाथों लण्ड लिया और हिलाने लगी। उस दिन मैंने निशा के सामने खूब मस्ती से चुदवाया। मैंने गांड मरवाने का भी मज़ा लिया।
एक दिन मेरी दोस्त पूसी अपनी मॉम आ गयी। मैंने उसे बैठाया और अपनी साल उतार कर फेंक दी। मैं नंगी नंगी सोफे पर बैठ कर बातें करने लगी। आंटी को बड़ी हैरानी हुई तो मैंने कहा - आंटी मैं घर में कपडे बिलकुल नहीं पहनती। पूसी बोली - यार ये मेरी मॉम जकोया है तुम तो जानती हो ? मैंने कहा - हां मैं आंटी को जानती हूँ। आंटी बड़ी सेक्सी और जवान आज भी दिख रही है। उसने बताया की मेरी मॉम को मालूम हुआ है कि तेरे घर में हमेशा ३/४ लड़के रहते है। मैंने कहा - यार लड़के नहीं लण्ड बोलो लण्ड ? हां मेरे घर में ३/४ लण्ड हमेशा रहते है। वह बोली - यार कविता मैं उन्ही से आज अपनी माँ चुदाने आयी हूँ। मेरी मॉम को लड़कों से चुदवाने का बड़ा शौक है। अगर तुम २/३ लण्ड दिखा दो तो अच्छा होगा ? मैंने आवाज़ लगाई टोनी यहाँ आ जल्दी से। टोनी तौलिया लपेट कर आ गया। मैंने उसे अपनी तरफ बुला कर उसकी तौलिया खींच दी और कहा भोसड़ी के घर में रह कर कपडे पहनंता है भोसड़ी के ? मैंने कितनी बार कहा है कि यहाँ नंगा रहा कर ? जा विकी और आरिफ को ले आ यहाँ। वह चला गया ?
उसकी माँ बोली - वाओ टोनी का लौड़ा बड़ा गज़ब का है कविता ?
मैंने कहा - आंटी मैं लण्ड की दीवानी हूँ आंटी इसलिए बढ़िया बढ़िया लण्ड रखती हूँ।
तब तक वे दोनों आ गये।
मैंने कहा - आंटी इनके लण्ड पकड़ कर देखो और बताओ तुम्हे पसंद है की नहीं। पूसी तुम भी देखो लण्ड ?
वे दोनों लण्ड पकड़ कर घुमा फिराकर चारों तरफ से देखने लगी।
पूसी बोली - हां यार अब मैं इन्ही दोनों से अपनी माँ का भोसड़ा चुदवाऊँगी ? दोनों लण्ड बड़े मोटे ताज़े है यार ? आंटी बोली - हां कविता अब मेरा मन अपना भोसड़ा चुदाने का हो गया है।
मैंने कहा - पूसी तुमको कैसा चाहिए लण्ड ?
वह बोली - निशा के जीजा के लण्ड जैसा लण्ड मुझे पसंद है। मैंने टोनी से कहा जाओ और जग्गी को ले आओ उसका लौड़ा पूसी को पकड़ा दो। अब उसकी माँ उन दोनों से अपना भोसड़ा चुदवाने लगी और पूसी जग्गी से अपनी बुर चुदवाने लगी।
अचानक डोर बेज बजी। मैंने दरवाजा खोला तो सामने सना खड़ी थी। उसके पीछे ३ आदमी भी। मैंने सबको अंदर बैठाया और खुद चूंची खोले हुए बिलकुल नंगी नंगी सोफे पर बैठ गयी , वे लोग मुझे अजीब तरह से देखने लगे तब सना ने बताया अरे कविता तो हमेशा अपनी घर में नंगी रहती है इसलिए हैरान न हो बहन चोदों ? सना फिर बोली ये है मेरा भोसड़ी का अब्बा है असलम ? ये हैं शकील और वकील मेरे अब्बा के मादर चोद दोस्त ? ये दोनों भोसड़ी के मुझे चोदते है और मेरी माँ की चूत चोदते है। मेरा अब्बा इन दोनों की बीवियां चोदता है। आज ये तीनो मिलकर तेरी बुर चोदेंगे कविता ?
तूने अभी तक लड़कों से चुदवाया है आज तू मर्दों से चुदवाकर देख कितना मज़ा आता है ? इनके लौड़ों में कितना मज़ा है ? ऐसा कह कर सना ने अपने अब्बा का लौड़ा पकड़ कर मेरे हाथ में थमा दिया। मैं लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। तब तक उसने दूसरा भी लौड़ा पकड़ा दिया। दोनों लण्ड मुझे एक ही नज़र में भा गये ? जब तीसरा लण्ड देखा तो मेरी चूत की आग भड़क उठी। मैंने तीनो लण्ड से खेलना शुरू कर दिया और सना तब तक टोनी का लण्ड पकड़ कर चाटने लगी।
अंदर पूसी अपनी माँ चुदा रही थी और साथ ही साथ अपनी बुर भी चुदा रही थी। इधर मैं चुदाने लगी और मेरे सामने सना अपनी माँ चुदवाने लगी। सना भी टोनी से अपनी बुर चुदाने में लग गयी ।
पूरे घर में होने लगी घमाशान चोदा चोदी...
पकड़ हिलाती, चूम चाट कर पीती रहती सबके लण्ड
दिन चुदवाती, रात चुदाती मुठ्ठ मारती सबके लण्ड
गांड मराती, लण्ड पेलती, खेला करती सबके लण्ड
उस दिन मैं जैसे ही अपनी झांटें बनाकर बाथ रूम से निकली वैसे ही किसी ने डोर बेल बजा दी। मैंने चूंचियों तक सिर्फ एक तौलिया लपेट ली और दरवाजा खोल दिया। मैंने देखा की मेरे सामने रोहित खड़ा है। मैंने उसे अंदर बैठाया और दरवाजा बंद कर दिया। फिर मैंने फ़ौरन अपनी तौलिया उतार कर फेंक दी और बिलकुल नंगी नंगी उसके बगल में बैठ गयी। उसकी नज़रें मेरे पूरे नंगे बदन पर घूमने लगी।
मैंने कहा :- यार रोहित बहुत बहुत मुबारक हो तुम्हे ?
वह बोला :- यार कविता तुम किसलिए मुझे मुबारकबाद दे रही हो ?
मैंने कहा :- तेरा लण्ड निशा को बहुत पसंद आ गया है। वह कह रही थी की रोहित के लण्ड जैसा लण्ड बहुत कम लोगों का होता है। १० लण्ड पकड़ती हूँ तब कहीं जाकर रोहित के जैसा एक लण्ड मिलता है। मैं तो दीवानी हो गयी हूँ रोहित के लण्ड की ?
इतना कह कर मैंने रोहित के कपडे उतार दिया । उसे पूरा नंगा कर दिया और लण्ड हिला हिला कर बताने लगी। मैंने आगे कहा यार उसने अभी सिर्फ एक बार ही चुदवाया तुमसे और इतनी दीवानी हो गयी तो जरुर कोई ख़ास बात तेरे लण्ड में ? मैं तो पहले से ही तेरे लण्ड की दीवानी हूँ। बेपनाह मोहब्बत करती हूँ मैं तेरे लण्ड से रोहित ?
वह बोला :- ऐसी क्या ख़ास बात है मेरे लण्ड में यार ?
मैंने कहा :- निशा कह रही थी की रोहित के लण्ड में तीन बातें ख़ास है। पहला - उसका लण्ड लंबा भी है और मोटा भी ? अधिकतर लोगों के लण्ड या तो पतले और लम्बे होते है या फिर मोटे और छोटे होते है दूसरा - रोहित अपना लण्ड पूरा का पूरा घुसेड़ कर चोदता है। हर धक्के पे वह लण्ड पूरा बाहर खींचता है और फिर पूरा का पूरा अंदर पेल देता है। इससे चूत को दूना मज़ा आता है। ऐसी चुदाई बहुत कम लोग करते है। अक्सर लोग हर बार आधा या फिर तीन चौथाई लण्ड ही अंदर बाहर करते है और तीसरा - रोहित बड़ी देर तक चोदता रहता है। जल्दी झड़ता नहीं है। मैं पहले झड़ जाती हूँ वह बाद में झड़ता है ? उसके लण्ड का वीर्य बड़ा स्वादिस्ट है जिसे पीकर मैं मस्त हो जाती हूँ।
मेरी बातें सुनकर रोहित बहुत खुश हुआ और उससे ज्यादा उसका लौड़ा खुश हुआ क्योंकि लौड़ा और टन्ना उठा अपनी तारीफ सुनकर। फिर क्या मैंने बड़े मजे से वहीँ चुदवाया। इस बार चुदाने का मज़ा कुछ निराला ही था। आज मुझे फिर मालूम हुआ की अपनी तारीफ सुनकर किसको अच्छा नहीं लगता ? यहाँ तक की लण्ड भी अपनी तारीफ सुनकर टन टना कर गुर्राने लगता है।
दोस्तों, मैं कविता हूँ २५ साल की एक मद मस्त गोरी चिट्टी बड़ी बड़ी चूंचियों वाली जवान लड़की। मुझे लण्ड पकड़ने की बड़ी बुरी आदत है। मैं बिना लण्ड के एक पल भी नहीं रह सकती। मैं घर में अकेली हूँ। मेरे साथ हमेशा २/३ लड़के रहते है। मैं घर में कभी कपडे नहीं पहनती और न ही लड़कों को पहनने देती हूँ। यानी मैं नंगी रहती हूँ और लड़कों को नंगा रखती हूँ। मैं जब सोती हूँ तो मेरी दायीं तरफ लण्ड होता है। मेरी बायीं तरफ लण्ड होता है। मेरे सर के ऊपर लण्ड होता है। ताकि रात में मैं जहाँ हाथ फैलाऊं वह मुझे लण्ड पकड़ने को मिल जाए। मैंने लड़कों से कह रखा है की वे रात में जब चाहे मुझे चोद सकते है। मेरी बुर में मेरी गांड मेरे मुंह में लण्ड घुसेड़ सकते है। मेरा जब मन होता है तो मैं रात में लण्ड पकड़ सकती हूँ और चुदवा सकती हूँ। दिन में तो लोग मेरे घर आते रहते है और मैं उनके लण्ड पीती रहती हूँ, चुदवाती रहती हूँ। मैं लण्ड पकड़ने और लण्ड पीने बाहर भी जाती हूँ। कभी किसी होटल में, कभी किसी पार्टी में, कभी किसी के घर में, कभी किसी क्लब में ? मैं तो ट्रेन में बस में में भी लण्ड पकड़ लेती हूँ। जो लण्ड मेरे मन के होते है उन्हें मैं बार बार पकड़ती हूँ। मुझे जितना लण्ड पकड़ने में और लण्ड पीने में मज़ा आता है उतना ही मज़ा चुदवाने में भी आता है। मुझे गांड मराने से भी कोई परहेज नहीं है। मेरी कुछ सहेलियां है जो मेरी ही तरह लण्ड पकड़ने में और लण्ड पीने में माहिर है। वे भी अपनी बुर चुदवाने में उतना ही इंटरेस्ट लेती है जितना मैं लेती हूँ।
"लण्ड मेरी आँखों में रहता है, मेरे दिल में, मेरे मन में रहता है लण्ड"
मेरी एक दोस्त है मिस मलाला मैंने उसे फोन लगा दिया और बातें करने लगी।
- मैंने कहा - क्या कर रही हो, मलाला ?
- वह बोली - माँ का भोसड़ा चुदा रहा हूँ यार ?
- तू भोसड़ी वाली जब देखो तब माँ का भोसड़ा ही चुदाया करती है ? तेरे पास और कोई काम नहीं है क्या ?
- नहीं यार आज सवेरे सवेरे मेरे दो बॉय फ्रेंड्स अनीस और रफीक मुझे चोदने आ गये लेकिन आज मैंने सवेरे ही अपनी चूत में मेहँदी लगवा ली थी। तो मेरी चूत खाली नहीं थी। तब मैंने कहा आज तुम लोग मेरी चूत नहीं मेरी माँ का भोसड़ा चोदो ? मेरी चूत में मेहँदी लगी है। मैं उन्हें अम्मी के कमरे में ले गयी और अम्मी को सब बता दिया तो वह बोली ठीक है मादर चोदो पहले ये बताओ तुम लोगों की झांटें बनी है कि नहीं ? वे बोले हां आंटी बनी है। तब अम्मी उठी और उनके लण्ड खोल कर देखा। थोड़ी देर सहलाते ही लण्ड दोनों टना टन्न खड़े हो गये । अम्मी बोली अरी बुर चोदी मलाला तूने पहले क्यों नहीं मुझे इनके लण्ड पकड़ाये ? वे तो बड़े जबर्दस्त लण्ड है। ठीक है तुम बैठो मैं चुदवा रही हूँ इन दोनों बहन चोदों से। बस मैं तभी से बैठीं बैठी माँ चुदा रही हूँ।
- यार तुम लोगों को माँ चुदाने में बड़ा मज़ा आता है। कल मैं सना के घर गयी थी । उसने मुझे बैठाया । मेरे मुंह से अनायास निकल पड़ा क्या हो रहा है सना ? वह बोली यार माँ चुदा रही हूँ। वह फ़ौरन मुझे अपनी माँ के कमरे में ले गयी।मैं भी उसकी माँ चुदते हुए देखने लगी। उसने बताया यार ये शब्बीर अंकल आया था मुझे लण्ड पकड़ाने पर मैं बाथ रूम में झांटें बनवा रही थी। मैंने वहीँ से कहा अम्मी आज तुम चुदवा लो मैं अभी आती हूँ। मैं जब आयी तो देखा की मेरी माँ का भोसड़ा चुद रहा है। तो मैं उसमे सहयोग करने लगी। लण्ड के पेल्हड़ सहलाने लगी और अंकल के चूतड़ों पर हाथ फेरने लगी। तब तक तेरा फोन आ गया। मैं मस्ती से देखने लगी चुदाई। इतने में सना का अंकल आ गया। सना उठी और मेरे सामने ही अंकल के कपडे खोल कर उसे भी बिलकुल नंगा कर दिया। उसका लण्ड पकड़ा तो लण्ड टन्ना गया। सना ने लण्ड मुझे पकड़ा दिया और बोली प्लीज आज मेरे अंकल के चुदवा लो कविता ? मैं तो खड़ा लण्ड देख कर वैसे भी ललचा गयी थी। मुझे लण्ड का चमकता हुआ सुपाड़ा बड़ा सेक्सी लग रहा था। मैंने पहले तो लण्ड खूब चूमा, चाटा और फिर वहीँ अंकल से भकाभक चुदवाया अपनी बुर ?
- पर तू अभी क्या कर रही है कविता ?
- एक लड़के से बुर चटवा रही हूँ और एक लड़के का लण्ड हाथ में लेकर सहला रही हूँ। दूसरे हाथ में फोन लिए तेरे से बात कर रही हूँ।
- यार कविता तू बहन चोद कितने लण्ड पकड़ती है ? जब देखो तब कोई न कोई लण्ड चाटती रहती है तू। कोई न कोई लण्ड पीती रहती है तू माँ की लौड़ी ? क्या हो गया है तुझे ?
- प्यार हो गया है मुझे लण्ड से ? बेपनाह मोहब्बत करती हूँ मैं लण्ड से ? मैं जी नहीं सकती बिना लण्ड के ?
- तो तू शादी क्यों नहीं कर लेती किसी अच्छे लण्ड वाले लड़के से ? कहो तो मैं बताऊँ लड़का ?
- नहीं यार मुझे शादी तो बिलकुल नहीं करनी। मेरा एक लण्ड से क्या होगा ? ऊँट के मुंह में जीरा ? मैं दिन में ४ लण्ड से चुदवाने वाली लड़की ? रात में ४ लण्ड के साथ सोने वाली लड़की भला एक लण्ड से कैसे गुज़ारा करेगी ? मैं तो बिंदास ऐसी ही रहूंगी और खूब मादर चोद मर्दों के लण्ड पीती रहूंगी और चुदवाती रहूंगी अपनी बुर ? मरवाती रहूंगी अपनी गांड ?
- अरे यार फिर कोई मेरी माँ चोदने आ गया कविता ? मैं बाद में बात करती हूँ।
मैंने कहा :- तेरा जीजा तो बहन चोद बड़ा स्मार्ट है और इसका दोस्त भी कम नहीं है यार। तू तो बड़ा मज़ा करती होगी निशा , भोसड़ी वाली ?
वह बोली :- हां करती हूँ पर आज नहीं करूंगी। आज तू करेगी मज़ा ? आज मैं इन दोनों से तेरी बुर चुदवाऊँगी ? मैंने कहा :- अरे ये क्या चोदेंगे भोसड़ी वाले मेरी बुर ? मेरी बुर चोदने के लिए हाथ भर का लण्ड चाहिए ? तू क्यों नहीं चुदवाती इन माँ के लौड़ों से मेरे सामने ?
उसने कहा :- पहले इनका लण्ड पकड़ कर तो देख बुर चोदी कविता ? जहाँ तक मेरा चुदाने सवाल है मैं इसलिए नहीं चुदाऊंगी क्योंकि मैं अभी अपनी झांटें उखड़वाकर आ रही हूँ। मेरी चूत एकदम लाल सुर्ख हो गयी है।
मैं बोली :- किसने उखाड़ी तेरी झांटें ?
उसने जबाब दिया :- इन्ही लोगों ने उखाड़ी मेरी झांटें ? आज मैंने गरम गरम राख अपनी चूत में लगा कर इन दोनों से एक एक झांट उखड़वायी। अब ये दोनों कह सकते है कि निशा मैंने तेरी झांट उखाड़ी है। लेकिन मैं भी कल इन दोनों की झांटें उख़ाड़ूँगी क्योंकि मुझे भी मर्दों की झांटें उखाड़ना आता है ? जैसे मुझे इनकी माँ चोदना आता है। आज तो मैं ये दोनों लण्ड तेरी चूत में घुसाऊँगी कविता ?
मैंने कहा :- यार निशा तू बातें बड़ी मस्त करती है। चल कर जल्दी से इन्हे नंगा कर और खड़ा कर इन भोसड़ी वालों के लण्ड ? मैं पेशाब करके आती हूँ।
मैं जब वापस आयी तो दोनों नंगे हो चुके थे। उनके लण्ड लहलहाने लगे थे। निशा तू भी तो अपनी कपडे उतार। मैं भी तो देखूं तेरी चूत कैसी हो गयी है और तेरी चूंचियां कितनी बड़ी बड़ी हो गयीं है ? यह कर मैं भी अपने कपडे खोलने लगी। जब उन मादर चोदों ने मुझे नंगी देखा तो उनके लण्ड और टन्ना उठे ? मैंने अपनी दोनों हाथों लण्ड लिया और हिलाने लगी। उस दिन मैंने निशा के सामने खूब मस्ती से चुदवाया। मैंने गांड मरवाने का भी मज़ा लिया।
एक दिन मेरी दोस्त पूसी अपनी मॉम आ गयी। मैंने उसे बैठाया और अपनी साल उतार कर फेंक दी। मैं नंगी नंगी सोफे पर बैठ कर बातें करने लगी। आंटी को बड़ी हैरानी हुई तो मैंने कहा - आंटी मैं घर में कपडे बिलकुल नहीं पहनती। पूसी बोली - यार ये मेरी मॉम जकोया है तुम तो जानती हो ? मैंने कहा - हां मैं आंटी को जानती हूँ। आंटी बड़ी सेक्सी और जवान आज भी दिख रही है। उसने बताया की मेरी मॉम को मालूम हुआ है कि तेरे घर में हमेशा ३/४ लड़के रहते है। मैंने कहा - यार लड़के नहीं लण्ड बोलो लण्ड ? हां मेरे घर में ३/४ लण्ड हमेशा रहते है। वह बोली - यार कविता मैं उन्ही से आज अपनी माँ चुदाने आयी हूँ। मेरी मॉम को लड़कों से चुदवाने का बड़ा शौक है। अगर तुम २/३ लण्ड दिखा दो तो अच्छा होगा ? मैंने आवाज़ लगाई टोनी यहाँ आ जल्दी से। टोनी तौलिया लपेट कर आ गया। मैंने उसे अपनी तरफ बुला कर उसकी तौलिया खींच दी और कहा भोसड़ी के घर में रह कर कपडे पहनंता है भोसड़ी के ? मैंने कितनी बार कहा है कि यहाँ नंगा रहा कर ? जा विकी और आरिफ को ले आ यहाँ। वह चला गया ?
उसकी माँ बोली - वाओ टोनी का लौड़ा बड़ा गज़ब का है कविता ?
मैंने कहा - आंटी मैं लण्ड की दीवानी हूँ आंटी इसलिए बढ़िया बढ़िया लण्ड रखती हूँ।
तब तक वे दोनों आ गये।
मैंने कहा - आंटी इनके लण्ड पकड़ कर देखो और बताओ तुम्हे पसंद है की नहीं। पूसी तुम भी देखो लण्ड ?
वे दोनों लण्ड पकड़ कर घुमा फिराकर चारों तरफ से देखने लगी।
पूसी बोली - हां यार अब मैं इन्ही दोनों से अपनी माँ का भोसड़ा चुदवाऊँगी ? दोनों लण्ड बड़े मोटे ताज़े है यार ? आंटी बोली - हां कविता अब मेरा मन अपना भोसड़ा चुदाने का हो गया है।
मैंने कहा - पूसी तुमको कैसा चाहिए लण्ड ?
वह बोली - निशा के जीजा के लण्ड जैसा लण्ड मुझे पसंद है। मैंने टोनी से कहा जाओ और जग्गी को ले आओ उसका लौड़ा पूसी को पकड़ा दो। अब उसकी माँ उन दोनों से अपना भोसड़ा चुदवाने लगी और पूसी जग्गी से अपनी बुर चुदवाने लगी।
अचानक डोर बेज बजी। मैंने दरवाजा खोला तो सामने सना खड़ी थी। उसके पीछे ३ आदमी भी। मैंने सबको अंदर बैठाया और खुद चूंची खोले हुए बिलकुल नंगी नंगी सोफे पर बैठ गयी , वे लोग मुझे अजीब तरह से देखने लगे तब सना ने बताया अरे कविता तो हमेशा अपनी घर में नंगी रहती है इसलिए हैरान न हो बहन चोदों ? सना फिर बोली ये है मेरा भोसड़ी का अब्बा है असलम ? ये हैं शकील और वकील मेरे अब्बा के मादर चोद दोस्त ? ये दोनों भोसड़ी के मुझे चोदते है और मेरी माँ की चूत चोदते है। मेरा अब्बा इन दोनों की बीवियां चोदता है। आज ये तीनो मिलकर तेरी बुर चोदेंगे कविता ?
तूने अभी तक लड़कों से चुदवाया है आज तू मर्दों से चुदवाकर देख कितना मज़ा आता है ? इनके लौड़ों में कितना मज़ा है ? ऐसा कह कर सना ने अपने अब्बा का लौड़ा पकड़ कर मेरे हाथ में थमा दिया। मैं लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। तब तक उसने दूसरा भी लौड़ा पकड़ा दिया। दोनों लण्ड मुझे एक ही नज़र में भा गये ? जब तीसरा लण्ड देखा तो मेरी चूत की आग भड़क उठी। मैंने तीनो लण्ड से खेलना शुरू कर दिया और सना तब तक टोनी का लण्ड पकड़ कर चाटने लगी।
अंदर पूसी अपनी माँ चुदा रही थी और साथ ही साथ अपनी बुर भी चुदा रही थी। इधर मैं चुदाने लगी और मेरे सामने सना अपनी माँ चुदवाने लगी। सना भी टोनी से अपनी बुर चुदाने में लग गयी ।
पूरे घर में होने लगी घमाशान चोदा चोदी...
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