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मेरी चूत पहचानती है लण्ड - Meri chut chudai ke time lund se dosti kar leti hai
मेरी चूत पहचानती है लण्ड - Meri chut chudai ke time lund se dosti kar leti hai , Antarvasna Sex Stories , Hindi Sex Story , Real Indian Chudai Kahani , choda chadi cudai cudi coda free of cost , Time pass Story , Adult xxx vasna kahaniyan, Lund chusa, chut chati, gand marvai, chut chudwayi ke articles.
मेरी बुर चोदी खाला, पहले चुदवाओ अपनी बुर फिर बताओ मुझे की किसने चोदा ? अगर तूने सही सही बता
दिया तो मैं मान जाऊँगी की तेरा भोसड़ा लण्ड पहचानता है ? तुम मेरी चूत में किसी का भी लण्ड पेल दो और उसे थोड़ी देर तक चोदने दो तब मैं बता दूँगी की मुझे कौन चोद रहा है ? मैं क्या, मेरी चूत भी पहचानती है लण्ड मेरी भोसड़ी की खाला ? लण्ड चाहे मेरे हाथ में हो, चाहे मेरे मुंह में हो और चाहे मेरी चूत में हो, मैं उसे फ़ौरन पहचान लेती हूँ । मैं हर एक लण्ड से मोहब्बत करती हूँ। हर आदमी और हर लड़के का लण्ड पसंद करती हूँ। मेरे लिए सभी लोगों के लण्ड दमदार होते है।
एक बात और तुझे बता देती हूँ भोसड़ी वाली खाला, लण्ड कैसा भी हो मैं उसका मज़ा ले ही लेती हूँ। कुनबे में सबके लण्ड पहचानती हूँ, सबके दोस्तों के लण्ड पहचानती हूँ, घर में आने जाने वालों के लण्ड पहचानती हूँ, गली मोहल्ले के लड़कों के लण्ड पहचानती हूँ, नाते रिश्ते दारों के लण्ड पहचानती हूँ, अपने कॉलेज के टीचरों के लण्ड आजतक पहचानती हूँ। कोई भी लौड़ा मुझे मेरी आँखें बंद करके पकड़ा दो, मेरे मुंह में डाल दो या फिर मेरी चूत में घुसेड़ दो, मैं फ़ौरन बता दूँगी की यह किस भोसड़ी वाले का लण्ड है ?
मेरा नाम नाज़ है खाला लेकिन मैं नाज़ नखरे वाली नहीं हूँ। मैं सेक्स के मामले में तो बिलकुल नखरा नहीं करती ? जो लण्ड किसी को भी पसंद न आता हो मैं उससे भी चुदवा लेती हूँ। मैं अपने आपको लण्ड के नज़दीक रखती हूँ। मैं जब सुबह उठती हूँ तो किसी न किसी का लण्ड जरूर पीती हूँ।
"तुम रोज़ सुबह गरमागरम चाय पीती हो, मैं रोज़ सुबह गरमागरम लण्ड पीती हूँ"
फिर लंच में एक लण्ड लेती हूँ और डिनर में कम से कम एक लण्ड लेती हूँ। ये तीन लण्ड तो मैं दिन भर में जरूर लेती हूँ इसके अलावा भी कई लण्ड का सेवन करती हूँ मैं ? कभी अकेले अकेले और कभी सबके साथ ग्रुप में। जबसे मेरी शादी हुई है तबसे मेरी लण्ड लेने की तमन्ना और बढ़ गयी है। आप यकीं नहीं करेंगे मेरी शादी के अभी ६ महीने ही हुए है मगर मैं अपने सभी देवरों के लण्ड चूसने लगी हूँ, जेठ और ससुर का लण्ड पीने लगी हूँ, अपने तीन तीन नंदोई का लण्ड तो अक्सर पीती हूँ, इसके अलावा जेठानी के भाई जान का लण्ड, जेठानी के अब्बा लण्ड, देवरानी के अब्बा लण्ड और उनके दो दोस्तों के लण्ड, खालू ससुर का लण्ड, मामू ससुर का लण्ड अब मैं कहाँ तक गिनाऊँ यार तुम्हे ? बस समझ लो की ,,,,,,,,?
"मेरे सामने जो भी मर्द आता है वह भोसड़ी का नंगा हो जाता है"
अब तुम अच्छी तरह समझ गयी होगी मेरी हरामजादी खाला की तेरी यह बुर चोदी नाज़ कितनी बड़ी मादर चोद हो गयी है ? कितनी बड़ी छिनार और रंडी बन गयी है भोसड़ी वाली जिसे दुनिया में लण्ड के अलावा कुछ दिखता ही नहीं ? इतना ही नहीं खाला, तेरी यह माँ की लौड़ी नाज़ जब माईके में रहती है तो अपनी माँ का भोसड़ा चुदवाती है और जब ससुराल जाती है तो अपनी सास का भोसड़ा चुदवाती है। माईके में अपनी भाभी की बुर चुदवाती है तो ससुराल में अपनी नन्द की चूत ? माईके में अपने अब्बा का लण्ड हिलाती है तो ससुराल में अपने ससुर का लण्ड चूसती हूँ। तुमने अपनी नाज़ जैसी चुदक्कड़ लड़की और कोई नहीं देखी होगी मेरी खाला जान ?
खाला जान बोली :- हाय अल्ला, तू अपने ससुर से इतनी जल्दी चुदवाने लगी। तेरी तो शादी अपनी ६ महीने पहले ही हुई है नाज़ ? लगता है तेरा ससुर भी बड़ा मादर चोद है भोसड़ी का ?
मैंने कहा :- हां खाला, मैं ससुर को खूब गालियां सुनाती हूँ। मैं उसे बोलती हूँ की भोसड़ी के ससुर, तेरी बिटिया की बुर ? मादर चोद ससुर, तेरी माँ की चूत ? तेरी बहन का भोसड़ा ? लेकिन मैं जितनी गालियां सुनाती हूँ उतना ही उसका लौड़ा तन कर खड़ा हो जाता है और फिर खाला जब मेरे सामने लण्ड खड़ा तो मैं भला कैसे रुक सकती हूँ। मैं तो फिर उसे मुंह में या फिर चूत में घुसेड़ ही लेती हूँ।
खाला :- अच्छा ये बता बुर चोदी, नाज़ की उसका लण्ड है कैसा ? और तूने पहली बार कैसे पकड़ा अपने ससुर का लण्ड ? तेरी बातें सुनकर तो मेरा भोसड़ा गरम हो गया नाज़ ? अब तू इसमें किसका लण्ड पेलेगी बता ?
मैंने कहा :- अरी खाला जान, एक ही साथ इतने सवाल पूंछ लिया तूने, बहन चोद ? अब मैं एक एक करके जबाब देती हूँ। मेरे ससुर का लण्ड ८" से ९" के बीच का है मोटा भी साला ५" से ज्यादा है। उसका गोल सुपाड़ा ही बहन चोद ३" का है ? मुझे तो उसका लण्ड चाटने चूसने में खूब मज़ा आता है और चुदवाने में तो उससे ज्यादा ? तेरा भोसड़ा गरम है तो तू जिसका कहे उसका लण्ड पेल दूँ ? अभी यहाँ मेरे पास मेरे जीजू का लण्ड, मेरे जेठ का लण्ड, मेरे मियां के दोस्त का लण्ड और मेरी सहेली के अब्बा का लण्ड है ? बोलो किससे चुदवाओगी ?
खाला बोली :- वैसे मैं इन सबसे चुदवाना चाहती हूँ पर अभी तो तेरी सहेली के अब्बा से चुदवाऊँगी ।
मैं बोली :- ठीक है अभी उसे फोन करके बुला लेती हूँ ? अब मैं बताती हूँ की मैंने पहली बार कैसे पकड़ा अपने ससुर का लण्ड ? यह तो मैं बता ही चुकी हूँ की मेरा ससुर भोसड़ी का बड़ा रंगीन मिज़ाज़ का है। उसके लौड़े में हमेशा खुजली होती रहती है। मेरे ससुराल में सबको गाली बकने का बड़ा शौक है। मेरे ससुर, मेरी सास, मेरी नन्द खूब गालियां बकती है। मेरा जेठ, जेठानी, देवरानी, नंदोई साले मादर चोद गालियों से बात करते है। उस दिन जब मेरी नन्द जाने लगी तो मेरी सास पूंछती है - अरी निदा, सवेरे सवेरे कहाँ जा रही है तू अपनी माँ चुदाने ? एक दिन निदा अपनी अम्मी से बोली - अम्मी इतनी देर से पड़ोस में क्या गांड मरा रही थी तू ? एक मेरा ससुर बोला अरी भोसड़ी की निदा जाके अपनी भाभी से कह ज्यादा न माँ चुदाया करे यहाँ ? बस फिर मैं भी नहीं रुकी। मैं एक दिन बोली ससुर भोसड़ी के इतनी जल्दी किसकी बुर चोदने जा रहा है तू ? एक दिन फिर मैंने किसी बात पर कहा मैं तेरी बहन की बुर चोदूंगी भोसड़ी के ससुर ? वह मेरी गाली सुनकर मुस्कराया और चला गया। मैं जान गयी की वह मेरी गालियां एन्जॉय करता है।
एक दिन रात को मैं उसके कमरे में घुस गयी। वहां मैंने देखा मेरी खाला सास की बेटी अपने सारे कपडे उतार कर नंगी नंगी मेरे ससुर का लण्ड चाट रही है। ससुर भी भोसड़ी वाला बिलकुल नंगा था। मेरी नज़र उसके खड़े लण्ड पर पड़ी तो मैं दंग रह गयी। इतना बड़ा लण्ड मैं पहली बार देख रही थी। चोट सीधे मेरी चूत पर लगी। वो एकदम से लण्ड खाने के मचलने लगी। मेरे मुंह में पानी आ गया ? मैं ललचा गयी मेरा मन हुआ की मैं लण्ड छीन कर अपने मुंह में घुसेड़ लूँ ?
तब तक नियाज़ अंकल आ गया ।
मैंने उसे अपनी खाला से मिलवाया और कहा ये मेरी हरामजादी खाला है और खाला से कहा ये माँ का लौड़ा नियाज़ अंकल है जैसे तुम मेरी माँ का भोसड़ा चोदते हो वैसे आज तुम मेरी खाला का भोसड़ा चोदो ? तब तक भोसड़ी वाली फ़ना आ गयी। मैंने कहा फ़ना तू बुर चोदी पहले नियाज़ अंकल का लण्ड खोल कर हिलाना शुरू कर तब तक मैं तेरी माँ के कपडे उतारती हूँ। आज तू मेरे सामने चुदवा अपनी माँ का भोसड़ा ? मैं देखूँगी की तू ठीक से अपनी माँ चुदवा लेती है की नहीं ? फ़ना मेरी बात मान गयी और नियाज़ का लण्ड खोल कर हिलाने लगी। लण्ड मिनटों में टन टना उठा। तब तक मैंने खाला को नंगी कर दिया। फना लण्ड चाटने लगी। खाला उसके पेल्हड़ सहलाने लगी। तब तक मैंने फ़ना को भी नंगी कर दिया और खुद भी कपडे खोल कर बैठ गयी। थोड़ी देर में फ़ना ने जब अपनी माँ के भोसड़ा लण्ड पेला और पीछे से उसकी गांड से जोर लगाने लगी तो मैं बोली वाह फ़ना वाह तू तो सच मच अच्छी तरह से चुदवा लेती है अपनी माँ का भोसड़ा ? दूसरी पारी में खाला ने फ़ना की चूत में लण्ड पेला और मस्ती से चुदवाई अपनी बेटी की बुर ?
अब मैं अपनी ससुराल में बड़ी मशहूर हो गयी। सब लोग कहने लगे ये जो इस बार नाज़ नाम की बहू आई है वह तो बुर चोदी सबसे आगे निकल गयी है। लण्ड की इतनी दीवानी बहू, सबके लण्ड का ख्याल रखने वाली बहू आज तक इस घर में नहीं आई ? इसने तो किसी का भी लण्ड नहीं छोड़ा ? लण्ड चाहे जैसा हो ये तो उसका मज़ा निकाल ही लेती है। मेरी सास बोली अरे नाज़ तो इतनी अच्छी बहू है की वह केवल अपनी चूत में ही लण्ड नहीं पेलती बल्कि सबकी बुर का ख्याल रखती है। कभी अपनी जेठानी की बुर में लण्ड पेल देती है, कभी अपनी देवरानी की बुर में, कभी अपनी नन्द की चूत में लण्ड पेलती है तो कभी मेरे भोसड़ा में लण्ड घुसेड़ देती है। हम सब इसे बहुत प्यार करती है। हाय अल्ला ऐसी बहू सबको दे ?
एक दिन ससुराल में सभी औरतों ने कहा की जब हम लोग खुल कर चुदवाने लगी है और हमारे बीच कोई शर्म लिहाज़ नहीं रहा ख़ास तौर से जबसे नाज़ आई है तो फिर क्यों न आज हम लोग आँगन में ही खुल्लम खुल्ला चुदवाएँ । एक दूसरे को चुदते हुए देख कर चुदवाने में तो खूब मज़ा आएगा । मालूम तो हो की कौन भोसड़ी वाली कैसे चुदवाती है ? सबने हामी भर दी और प्लान बन गया। रात को आँगन में ही मैं, मेरी सास, मेरी नन्द, जेठानी और देवरानी सब आ गयी। साथ में खाला और खाला सास भी थी। फना भी बुर चोदी आ गयी। कुछ मर्दों को बुला लिया गया। बारण्डे की धीमी धीमी लाइट जल दी गयी, और सबने एक एक करके अपने कपडे उतारने लगे / लगीं ? देखते ही देखते सारे मर्द मादर चोद नंगे हो गए, सब औरतें भी अपना अपना भोसड़ा खोल कर खड़ी हो गयी। सास के हाथ में नियाज़ का लण्ड आ गया। जेठानी मेरे नंदोई का लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी, देवरानी जेठानी के जीजा का लण्ड चाटने लगी, खाला सास अपने बहनोई का लौड़ा सहलाने लगी, मेरी खाला मेरे ससुर का लण्ड हिलाने लगी, मैं अपने मियां के दोस्त का लौड़ा चूसने लगी। मेरी नन्द निदा अपने देवर का लण्ड चूमने लगी और फ़ना बुर चोदी मेरे बॉय फ्रेंड का लौड़ा अपनी चूंचियों पर फिराने लगी। थोड़ी देर में ये सारे लण्ड बहन चोद सबकी चूत में घुस गये और भकाभक चोदने लगे। सब औरतें एक दूसरे को चुद्वाते हुए देख कर मज़ा लेने लगीं । सब भोसड़ी वाली औरतें पराये मर्दों से चुदवाने लगी ? सारे मर्द भोसड़ी वाले परायी बीवियां चोदने लगे।
कहते है की जितना मज़ा परायी बीवी चोदने में है और पराये मर्द से चुदवाने में है उतना मज़ा कहीं और नहीं है
मेरी चूत में मेरे मियां के दोस्त का लण्ड घुसा था। मैं मस्त होकर चुदवा रही थी। तभी लाइट चली गयी। अब एकदम से अन्धेरा हो गया। थोड़ी देर में लौड़ा मेरी चूत से निकला और एक दूसरा लण्ड उसकी जगह घुस गया। मैं बोली भोसड़ी के नियाज़ तू मुझे चोदने लगा ? बात मेरी सच थी। निदा बोली हाय अल्ला भाभी तूने तो अँधेरे में लण्ड पहचान लिया । मैंने कहा की मैंने नहीं पहचाना, मेरी चूत ने पहचान लिया लण्ड ? थोड़ी देर में मैं फिर बोली निदा तूने अपने देवर का लौड़ा घुसा दिया मेरी बुर में ? उसने कहा तेरी चूत तो वाकई महान है ? १० मिनट के बाद फिर एक और लौड़ा घुसा मेरी चूत में ? जैसे ही पूरा लण्ड अंदर तक गया मैं बोल पड़ी अबे माँ के लौड़े, मादर चोद, भोसड़ी के मेरे ससुर तूने मेरी चूत में एक ही बार में पूरा का पूरा पेल दिया लण्ड ?
मेरे ऐसा बोलते ही लाइट आ गयी। सबने देखा की वाकई मेरे ससुर ने अपना लण्ड मेरी बुर में घुसा रखा था। सबने तालियां बजायीं और जम कर मेरी तारीफ की ?
मेरी सास बोली शाबाश बहू तेरी चूत वाकई लण्ड पहचानती है।
दिया तो मैं मान जाऊँगी की तेरा भोसड़ा लण्ड पहचानता है ? तुम मेरी चूत में किसी का भी लण्ड पेल दो और उसे थोड़ी देर तक चोदने दो तब मैं बता दूँगी की मुझे कौन चोद रहा है ? मैं क्या, मेरी चूत भी पहचानती है लण्ड मेरी भोसड़ी की खाला ? लण्ड चाहे मेरे हाथ में हो, चाहे मेरे मुंह में हो और चाहे मेरी चूत में हो, मैं उसे फ़ौरन पहचान लेती हूँ । मैं हर एक लण्ड से मोहब्बत करती हूँ। हर आदमी और हर लड़के का लण्ड पसंद करती हूँ। मेरे लिए सभी लोगों के लण्ड दमदार होते है।
एक बात और तुझे बता देती हूँ भोसड़ी वाली खाला, लण्ड कैसा भी हो मैं उसका मज़ा ले ही लेती हूँ। कुनबे में सबके लण्ड पहचानती हूँ, सबके दोस्तों के लण्ड पहचानती हूँ, घर में आने जाने वालों के लण्ड पहचानती हूँ, गली मोहल्ले के लड़कों के लण्ड पहचानती हूँ, नाते रिश्ते दारों के लण्ड पहचानती हूँ, अपने कॉलेज के टीचरों के लण्ड आजतक पहचानती हूँ। कोई भी लौड़ा मुझे मेरी आँखें बंद करके पकड़ा दो, मेरे मुंह में डाल दो या फिर मेरी चूत में घुसेड़ दो, मैं फ़ौरन बता दूँगी की यह किस भोसड़ी वाले का लण्ड है ?
मेरा नाम नाज़ है खाला लेकिन मैं नाज़ नखरे वाली नहीं हूँ। मैं सेक्स के मामले में तो बिलकुल नखरा नहीं करती ? जो लण्ड किसी को भी पसंद न आता हो मैं उससे भी चुदवा लेती हूँ। मैं अपने आपको लण्ड के नज़दीक रखती हूँ। मैं जब सुबह उठती हूँ तो किसी न किसी का लण्ड जरूर पीती हूँ।
"तुम रोज़ सुबह गरमागरम चाय पीती हो, मैं रोज़ सुबह गरमागरम लण्ड पीती हूँ"
फिर लंच में एक लण्ड लेती हूँ और डिनर में कम से कम एक लण्ड लेती हूँ। ये तीन लण्ड तो मैं दिन भर में जरूर लेती हूँ इसके अलावा भी कई लण्ड का सेवन करती हूँ मैं ? कभी अकेले अकेले और कभी सबके साथ ग्रुप में। जबसे मेरी शादी हुई है तबसे मेरी लण्ड लेने की तमन्ना और बढ़ गयी है। आप यकीं नहीं करेंगे मेरी शादी के अभी ६ महीने ही हुए है मगर मैं अपने सभी देवरों के लण्ड चूसने लगी हूँ, जेठ और ससुर का लण्ड पीने लगी हूँ, अपने तीन तीन नंदोई का लण्ड तो अक्सर पीती हूँ, इसके अलावा जेठानी के भाई जान का लण्ड, जेठानी के अब्बा लण्ड, देवरानी के अब्बा लण्ड और उनके दो दोस्तों के लण्ड, खालू ससुर का लण्ड, मामू ससुर का लण्ड अब मैं कहाँ तक गिनाऊँ यार तुम्हे ? बस समझ लो की ,,,,,,,,?
"मेरे सामने जो भी मर्द आता है वह भोसड़ी का नंगा हो जाता है"
अब तुम अच्छी तरह समझ गयी होगी मेरी हरामजादी खाला की तेरी यह बुर चोदी नाज़ कितनी बड़ी मादर चोद हो गयी है ? कितनी बड़ी छिनार और रंडी बन गयी है भोसड़ी वाली जिसे दुनिया में लण्ड के अलावा कुछ दिखता ही नहीं ? इतना ही नहीं खाला, तेरी यह माँ की लौड़ी नाज़ जब माईके में रहती है तो अपनी माँ का भोसड़ा चुदवाती है और जब ससुराल जाती है तो अपनी सास का भोसड़ा चुदवाती है। माईके में अपनी भाभी की बुर चुदवाती है तो ससुराल में अपनी नन्द की चूत ? माईके में अपने अब्बा का लण्ड हिलाती है तो ससुराल में अपने ससुर का लण्ड चूसती हूँ। तुमने अपनी नाज़ जैसी चुदक्कड़ लड़की और कोई नहीं देखी होगी मेरी खाला जान ?
खाला जान बोली :- हाय अल्ला, तू अपने ससुर से इतनी जल्दी चुदवाने लगी। तेरी तो शादी अपनी ६ महीने पहले ही हुई है नाज़ ? लगता है तेरा ससुर भी बड़ा मादर चोद है भोसड़ी का ?
मैंने कहा :- हां खाला, मैं ससुर को खूब गालियां सुनाती हूँ। मैं उसे बोलती हूँ की भोसड़ी के ससुर, तेरी बिटिया की बुर ? मादर चोद ससुर, तेरी माँ की चूत ? तेरी बहन का भोसड़ा ? लेकिन मैं जितनी गालियां सुनाती हूँ उतना ही उसका लौड़ा तन कर खड़ा हो जाता है और फिर खाला जब मेरे सामने लण्ड खड़ा तो मैं भला कैसे रुक सकती हूँ। मैं तो फिर उसे मुंह में या फिर चूत में घुसेड़ ही लेती हूँ।
खाला :- अच्छा ये बता बुर चोदी, नाज़ की उसका लण्ड है कैसा ? और तूने पहली बार कैसे पकड़ा अपने ससुर का लण्ड ? तेरी बातें सुनकर तो मेरा भोसड़ा गरम हो गया नाज़ ? अब तू इसमें किसका लण्ड पेलेगी बता ?
मैंने कहा :- अरी खाला जान, एक ही साथ इतने सवाल पूंछ लिया तूने, बहन चोद ? अब मैं एक एक करके जबाब देती हूँ। मेरे ससुर का लण्ड ८" से ९" के बीच का है मोटा भी साला ५" से ज्यादा है। उसका गोल सुपाड़ा ही बहन चोद ३" का है ? मुझे तो उसका लण्ड चाटने चूसने में खूब मज़ा आता है और चुदवाने में तो उससे ज्यादा ? तेरा भोसड़ा गरम है तो तू जिसका कहे उसका लण्ड पेल दूँ ? अभी यहाँ मेरे पास मेरे जीजू का लण्ड, मेरे जेठ का लण्ड, मेरे मियां के दोस्त का लण्ड और मेरी सहेली के अब्बा का लण्ड है ? बोलो किससे चुदवाओगी ?
खाला बोली :- वैसे मैं इन सबसे चुदवाना चाहती हूँ पर अभी तो तेरी सहेली के अब्बा से चुदवाऊँगी ।
मैं बोली :- ठीक है अभी उसे फोन करके बुला लेती हूँ ? अब मैं बताती हूँ की मैंने पहली बार कैसे पकड़ा अपने ससुर का लण्ड ? यह तो मैं बता ही चुकी हूँ की मेरा ससुर भोसड़ी का बड़ा रंगीन मिज़ाज़ का है। उसके लौड़े में हमेशा खुजली होती रहती है। मेरे ससुराल में सबको गाली बकने का बड़ा शौक है। मेरे ससुर, मेरी सास, मेरी नन्द खूब गालियां बकती है। मेरा जेठ, जेठानी, देवरानी, नंदोई साले मादर चोद गालियों से बात करते है। उस दिन जब मेरी नन्द जाने लगी तो मेरी सास पूंछती है - अरी निदा, सवेरे सवेरे कहाँ जा रही है तू अपनी माँ चुदाने ? एक दिन निदा अपनी अम्मी से बोली - अम्मी इतनी देर से पड़ोस में क्या गांड मरा रही थी तू ? एक मेरा ससुर बोला अरी भोसड़ी की निदा जाके अपनी भाभी से कह ज्यादा न माँ चुदाया करे यहाँ ? बस फिर मैं भी नहीं रुकी। मैं एक दिन बोली ससुर भोसड़ी के इतनी जल्दी किसकी बुर चोदने जा रहा है तू ? एक दिन फिर मैंने किसी बात पर कहा मैं तेरी बहन की बुर चोदूंगी भोसड़ी के ससुर ? वह मेरी गाली सुनकर मुस्कराया और चला गया। मैं जान गयी की वह मेरी गालियां एन्जॉय करता है।
एक दिन रात को मैं उसके कमरे में घुस गयी। वहां मैंने देखा मेरी खाला सास की बेटी अपने सारे कपडे उतार कर नंगी नंगी मेरे ससुर का लण्ड चाट रही है। ससुर भी भोसड़ी वाला बिलकुल नंगा था। मेरी नज़र उसके खड़े लण्ड पर पड़ी तो मैं दंग रह गयी। इतना बड़ा लण्ड मैं पहली बार देख रही थी। चोट सीधे मेरी चूत पर लगी। वो एकदम से लण्ड खाने के मचलने लगी। मेरे मुंह में पानी आ गया ? मैं ललचा गयी मेरा मन हुआ की मैं लण्ड छीन कर अपने मुंह में घुसेड़ लूँ ?
- मैं बोली हाय बुर चोदी फ़ना तू अपने ही खालू का लण्ड चाट रही है ?
- वह बोली अरे भाभी तो क्या हुआ ? क्या मैं कोई गुनाह कर रही हूँ। लण्ड ही तो चाट रही हूँ किसी का दिमाग तो नहीं चाट रही ?
- तुझे शर्म नहीं आती भोसड़ी वाली अपने खालू का लण्ड चाटने में ?
- जब बेटी चोद खालू को मुझे लण्ड चटवाने में कोई शर्म नहीं आ रही है तो फिर मुझे क्यों आये ? और सुन मेरी बुर चोदी नाज़ भाभी जब मेरी अम्मी को शर्म नहीं आती इसका लण्ड चाटने में तो मुझे क्यों आये बहन चोद ? अम्मी ने ही इसका लण्ड पकड़ाया था मुझे क्योंकि मैंने उस दिन अम्मी को इससे अपना भोसड़ा चुदवाते हुए देख लिया था।
- वाओ, तो इसका मतलब बुर चोदी तू भी चुदवायेगी अपनी बुर ?
- हां बिलकुल चुदवाऊँगी लेकिन मैं पहले यह लण्ड तेरे मुंह में घुसेड़ूँगी भाभी फिर अपनी बुर में घुसेड़ूँगी ?
- अच्छा अब तू सच्ची सच्ची बता की तू अपनी माँ का भोसड़ा चुदवाती है की नहीं ?
- हां भाभी चुदवाती हूँ। अपने बॉय फ्रेंड्स के लण्ड अपनी माँ के भोसड़ा में पेलती हूँ मैं ?
- तेरी माँ ने कभी तेरी बुर चुदवाई ?
- हां चुदवाई वह भी अपने बॉय फ्रेंड्स लण्ड पेलती है मेरी चूत में ? अच्छा अब ले तू भी चाट ले भोसड़ी की भाभी, अपने ससुर का लण्ड ?
तब तक नियाज़ अंकल आ गया ।
मैंने उसे अपनी खाला से मिलवाया और कहा ये मेरी हरामजादी खाला है और खाला से कहा ये माँ का लौड़ा नियाज़ अंकल है जैसे तुम मेरी माँ का भोसड़ा चोदते हो वैसे आज तुम मेरी खाला का भोसड़ा चोदो ? तब तक भोसड़ी वाली फ़ना आ गयी। मैंने कहा फ़ना तू बुर चोदी पहले नियाज़ अंकल का लण्ड खोल कर हिलाना शुरू कर तब तक मैं तेरी माँ के कपडे उतारती हूँ। आज तू मेरे सामने चुदवा अपनी माँ का भोसड़ा ? मैं देखूँगी की तू ठीक से अपनी माँ चुदवा लेती है की नहीं ? फ़ना मेरी बात मान गयी और नियाज़ का लण्ड खोल कर हिलाने लगी। लण्ड मिनटों में टन टना उठा। तब तक मैंने खाला को नंगी कर दिया। फना लण्ड चाटने लगी। खाला उसके पेल्हड़ सहलाने लगी। तब तक मैंने फ़ना को भी नंगी कर दिया और खुद भी कपडे खोल कर बैठ गयी। थोड़ी देर में फ़ना ने जब अपनी माँ के भोसड़ा लण्ड पेला और पीछे से उसकी गांड से जोर लगाने लगी तो मैं बोली वाह फ़ना वाह तू तो सच मच अच्छी तरह से चुदवा लेती है अपनी माँ का भोसड़ा ? दूसरी पारी में खाला ने फ़ना की चूत में लण्ड पेला और मस्ती से चुदवाई अपनी बेटी की बुर ?
अब मैं अपनी ससुराल में बड़ी मशहूर हो गयी। सब लोग कहने लगे ये जो इस बार नाज़ नाम की बहू आई है वह तो बुर चोदी सबसे आगे निकल गयी है। लण्ड की इतनी दीवानी बहू, सबके लण्ड का ख्याल रखने वाली बहू आज तक इस घर में नहीं आई ? इसने तो किसी का भी लण्ड नहीं छोड़ा ? लण्ड चाहे जैसा हो ये तो उसका मज़ा निकाल ही लेती है। मेरी सास बोली अरे नाज़ तो इतनी अच्छी बहू है की वह केवल अपनी चूत में ही लण्ड नहीं पेलती बल्कि सबकी बुर का ख्याल रखती है। कभी अपनी जेठानी की बुर में लण्ड पेल देती है, कभी अपनी देवरानी की बुर में, कभी अपनी नन्द की चूत में लण्ड पेलती है तो कभी मेरे भोसड़ा में लण्ड घुसेड़ देती है। हम सब इसे बहुत प्यार करती है। हाय अल्ला ऐसी बहू सबको दे ?
एक दिन ससुराल में सभी औरतों ने कहा की जब हम लोग खुल कर चुदवाने लगी है और हमारे बीच कोई शर्म लिहाज़ नहीं रहा ख़ास तौर से जबसे नाज़ आई है तो फिर क्यों न आज हम लोग आँगन में ही खुल्लम खुल्ला चुदवाएँ । एक दूसरे को चुदते हुए देख कर चुदवाने में तो खूब मज़ा आएगा । मालूम तो हो की कौन भोसड़ी वाली कैसे चुदवाती है ? सबने हामी भर दी और प्लान बन गया। रात को आँगन में ही मैं, मेरी सास, मेरी नन्द, जेठानी और देवरानी सब आ गयी। साथ में खाला और खाला सास भी थी। फना भी बुर चोदी आ गयी। कुछ मर्दों को बुला लिया गया। बारण्डे की धीमी धीमी लाइट जल दी गयी, और सबने एक एक करके अपने कपडे उतारने लगे / लगीं ? देखते ही देखते सारे मर्द मादर चोद नंगे हो गए, सब औरतें भी अपना अपना भोसड़ा खोल कर खड़ी हो गयी। सास के हाथ में नियाज़ का लण्ड आ गया। जेठानी मेरे नंदोई का लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी, देवरानी जेठानी के जीजा का लण्ड चाटने लगी, खाला सास अपने बहनोई का लौड़ा सहलाने लगी, मेरी खाला मेरे ससुर का लण्ड हिलाने लगी, मैं अपने मियां के दोस्त का लौड़ा चूसने लगी। मेरी नन्द निदा अपने देवर का लण्ड चूमने लगी और फ़ना बुर चोदी मेरे बॉय फ्रेंड का लौड़ा अपनी चूंचियों पर फिराने लगी। थोड़ी देर में ये सारे लण्ड बहन चोद सबकी चूत में घुस गये और भकाभक चोदने लगे। सब औरतें एक दूसरे को चुद्वाते हुए देख कर मज़ा लेने लगीं । सब भोसड़ी वाली औरतें पराये मर्दों से चुदवाने लगी ? सारे मर्द भोसड़ी वाले परायी बीवियां चोदने लगे।
कहते है की जितना मज़ा परायी बीवी चोदने में है और पराये मर्द से चुदवाने में है उतना मज़ा कहीं और नहीं है
मेरी चूत में मेरे मियां के दोस्त का लण्ड घुसा था। मैं मस्त होकर चुदवा रही थी। तभी लाइट चली गयी। अब एकदम से अन्धेरा हो गया। थोड़ी देर में लौड़ा मेरी चूत से निकला और एक दूसरा लण्ड उसकी जगह घुस गया। मैं बोली भोसड़ी के नियाज़ तू मुझे चोदने लगा ? बात मेरी सच थी। निदा बोली हाय अल्ला भाभी तूने तो अँधेरे में लण्ड पहचान लिया । मैंने कहा की मैंने नहीं पहचाना, मेरी चूत ने पहचान लिया लण्ड ? थोड़ी देर में मैं फिर बोली निदा तूने अपने देवर का लौड़ा घुसा दिया मेरी बुर में ? उसने कहा तेरी चूत तो वाकई महान है ? १० मिनट के बाद फिर एक और लौड़ा घुसा मेरी चूत में ? जैसे ही पूरा लण्ड अंदर तक गया मैं बोल पड़ी अबे माँ के लौड़े, मादर चोद, भोसड़ी के मेरे ससुर तूने मेरी चूत में एक ही बार में पूरा का पूरा पेल दिया लण्ड ?
मेरे ऐसा बोलते ही लाइट आ गयी। सबने देखा की वाकई मेरे ससुर ने अपना लण्ड मेरी बुर में घुसा रखा था। सबने तालियां बजायीं और जम कर मेरी तारीफ की ?
मेरी सास बोली शाबाश बहू तेरी चूत वाकई लण्ड पहचानती है।
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