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चूत चुदवाने का मज़ा लूटने लगी - Chut chudai gand marvai lund chusa bahut maje kiye
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देख बेटी समीना, पहले तू अपने असद अंकल का लण्ड पकड़ के चारों तरफ से घुमा घुमा कर देख ले, हिला हिला के देख ले, लण्ड चाट चाट कर, चूस चूस कर देख ले, उसके सुपाड़े
का जायज़ा ले ले, लण्ड के पेल्हड़ आजमा कर देख ले, ऊपर से नीचे तक लण्ड को अच्छी तरह से परख ले, अगर तुझे लण्ड पसंद आ जाये तो उसे अपनी चूत में पेल कर चुदवाना लेना और अगर न पसंद आये तो अपनी माँ चुदा लेना बेटी। हां हां मेरे आते ही मेरे भोसड़ा में घुसा देना मैं चुदवा लूंगी ? मैं तो हर एक लण्ड से चुदवा लेती हूँ, बेटी ? मेरा मानना है की लण्ड भोसड़ी का चाहे जैसा हो, चूत में घुसेगा तो मज़ा देगा ही ? ऐसा कह कर अम्मी चली गयी। अम्मी जब यह सब कह रही थी तो असद अंकल मेरे साथ सोफ़ा पर बैठे थे। अंकल सब कुछ मुस्कराते सुन रहे थे। अब घर में मैं और मेरे असद अंकल ही थे। अम्मी जा चुकी थी। मैंने कहा अंकल मैं थोड़ा व्हिस्की पीना चाहती हूँ क्या तुम पियोगे ? वह बोला हां हां बिलकुल पियूँगा। बस हम दोनों दारू पीने लगे। अब मुझे यह तो मालूम था ही की अंकल मुझे चोदने आया है और उसे मालूम था की वह मुझे चोदने आया है। इसलिए हम दोनों के बीच शर्म लिहाज़ नाम की कोई चीज नहीं थी। मैंने दारू के दो घूँट लगाये और अपनी पर्श से सिगरेट का पैकट निकाला। उसमे से एक सिगरेट निकाल कर अंकल को दी और कहा लो अंकल पियो। उसने सिगरेट अपने मुंह में लगायी इधर मैंने भी सिगरेट अपने मुंह में लगायी। फिर मैंने लाईटर से उसकी सिगरेट जला दी और अपनी भी जला ली ? मुंह से धुँआ निकलने लगा तो लुत्फ़ आने लगा ।
मैं थोड़ी देर में उठी और उसकी पेंट खोल कर नीचे फेंकी फिर चड्ढी खोल कर उसे पूरी तरह नंगा कर दिया। पकड़ लिया बहन चोद का लण्ड ? लण्ड साला बड़ा मोटा था और लम्बा होने लगा। मैं मस्ती से हिलाने लगी लण्ड । बिना झांट का लण्ड पहाड़ी आलू जैसे सुपाड़ा और मस्ताने पेल्हड़ देख कर मैं मस्त हो गयी। मेरी चूत की आग और भड़क उठी। मैंने लण्ड का कई बार चुम्मा लिया । जबान निकल कर सुपाड़ा चाटा तो लण्ड और बढ़ भी गया, सख्त भी हो गया। मैंने मन में सोंचा अच्छा हुआ की मेरी अम्मी बुर चोदी चली गयी, अब मुझे अकेले चुदवाने में ज्यादा मज़ा आएगा। मैंने लण्ड चूसना शुरू किया। आधे से अधिक लण्ड मुंह में बार बार घुसेड़ने लगी। उसे भी मज़ा आने लगा और मुझे भी।
मैंने कहा :- अंकल, तेरा लण्ड तो भोसड़ी का ८" से ज्यादा हो गया है, मोटा भी साढ़े ५ इंच से ज्यादा है। आदमी का नहीं ये तो घोड़े का लण्ड मालूम पड़ता है अंकल ? तभी सारी लड़कियां तुमसे चुदवाने आती है। उनको माँ खूब भी पेलती हैं तेरा लण्ड अपने भोसड़ा में ? बड़ा मज़ा लेती है बुर चोदी लड़कियां और लड़कियों की मम्मियां ? लेकिन तेरी बीवी तो तेरे लण्ड के लिए तरसती होगी ? तुझे तो अपनी बीवी चोदने का मौक़ा ही नहीं मिलता होगा ?
वह बोला :- मेरी बीवी मुझसे नहीं मेरे दोस्तों से चुदवाती है भोसड़ी वाली। जाने कितने लड़कों से चुदवाती है अपनी बुर ? उसके पास सैकड़ों लण्ड है।
मैंने कहा :- वाओ, यह बात है तो मैं बहुत जल्दी ही आंटी से मिलूंगी । मैं भी नये नये लण्ड से मोहब्बत करती है ?
उसके बाद अंकल ने धीरे से लण्ड मेरी चूत पर रखा और एक धक्का मारा तो लण्ड गप्प से घुसा गया लेकिन पूरा नहीं घुसा। जितना घुसा उतने में ही मेरी गांड फट गयी। मैं चिल्ला पड़ी हाय रे फाड़ दी तूने मेरी चूत ? कितना मोटा पेल दिया लण्ड ? भोसड़ी के इतनी जल्दी क्या है ? आहिस्ते आहिस्ते चोदो न, मेरी चूत कहीं भागी जा रही है क्या ? उसने ८ / १० बार लण्ड अंदर बाहर किया तो रास्ता खुल गया। मैं फिर बोली अबे माँ के लौड़े इतने धीरे धीरे क्यों चोद रहा है ? तेरा लण्ड थक गया क्या ? स्पीड बढ़ाने में तेरी माँ चुद रही है क्या ? जल्दी जल्दी चोद भोसड़ी के ? पूरा लौड़ा घुसा घुसा के चोद साले बहन के लौड़े ? अभी तो तुझे मेरी माँ का भोसड़ा चोदना है, बेटी चोद अंकल ? मैं भकाभक चुदवाने लगी। मैं कोई पहली बार नहीं चुदवा रही थी। जाने कितने लण्ड मेरी चूत की सैर कर चुके है। मैं कभी कभी दो दो तीन तीन लण्ड से एक साथ चुदवाती हूँ।
एक बात जरूर है, जो भी मुझे पहली बार चोद कर जाता है वो दुबारा चोदने जरूर आता है। मैं अपने चोदने वालों का ख़ास ख्याल रखती हूँ।
१० मिनट के बाद वह मुझे पीछे से चोदने लगा मैं भी कुतिया की तरह चुदवाने का मज़ा लूटने लगी। जब लण्ड मोटा और लम्बा होता है तो उससे पीछे से चुदवाने में ज्यादा मज़ा आता है । अंकल बोला समीना यार तुम चुदवाने में बड़ी एक्सपर्ट हो। इतनी मस्ती से आज तक किसी लड़की ने मुझसे नहीं चुदवाया ? मैंने कहा अभी जब तुम मेरी माँ चोदोगे तो तुम्हे और मज़ा आएगा। फिर मैंने लण्ड पर बैठ कर चुदवाना शुरू किया। मैं थोड़ा झुक कर अपनी गांड बार बार उठा उठा के धकाधक चोदने लगी उसका लण्ड ? जैसे मरद ऊपर चढ़ कर बुर चोदता है वैसे ही मैं ऊपर चढ़ कर लण्ड चोदने लगी। तब वह बोला समीना मैं तेरी बुर चोद रहा हूँ की तू मेरा लण्ड चोद रही है ? इस चुदाई से उसका लण्ड पनाह बोल गया। अंकल ने कहा समीना अब मैं निकलने वाला हूँ , मैं घुमी और सटासट लगा दिया लण्ड का सड़का ? अब २ मिनट में ही लण्ड ने उगल दिया वीर्य मेरे मुंह में और मेरे हाथ में ? मैं झड़ता हुआ लण्ड बिल्ली की तरह जबान निकल कर चाटने लगी।
थोड़ी देर में अम्मी आ गयी। मैं सोफ़ा पर बैठी थी और अंकल मेरे बगल में ?
आते ही अम्मी बोली :- समीना कैसा लगा तुझे अंकल का लण्ड ?
मैंने कहा :- अरे अम्मी, बड़ा जबरदस्त है इस मादर चोद का लण्ड ? मुझे चुदाने में बड़ा मज़ा आया । मेरी चूत तो चुद चुकी अब तेरे भोसड़ा की बारी है अम्मी ? इसकी बीवी तेरी दोस्त है न, वो भी बुर चोदी गैर मर्दों से खूब चुदवाती है ? बड़े बड़े लण्ड अपने भोसड़ा में पेलती है ? अच्छा ये बता तू किससे चुदवाकर आ रही है।
अम्मी बोली :- मैं चुदवाकर नहीं आ रही हूँ बल्कि लण्ड पीकर आ रही हूँ। आज की पार्टी मुठ्ठ मार कर लण्ड पीने की थी। चार औरतें थी बाकी सब लड़के ? मैं तो इतनी देर में ३/४ लण्ड पी कर आ रही हूँ। पूरे हाल में किसी के बदन पर कोई कपड़ा नहीं था। औरतें सब नंगी और लड़के सब नंगे ? बड़ा मज़ा आया। मैंने तो कह दिया की अगली बार मैं अपनी बेटी को लेकर आऊँगी। वो भी लण्ड पियेगी ?
मैंने कहा :- ये तूने बहुत अच्छा किया अम्मी ? अब तू आ जा अम्मी, पहले हम लोग थोड़ा दारू पीते है और फिर तुम चुदाओ अपना भोसड़ा ?
मैंने टेबिल पर दारू जमा दी थोड़ा नॉन वेज नास्ता भी रख दिया तब तक अम्मी भी कपडे बदल कर आ गयी। उसने बस एक नाईटी पहन ली जिसमे आधे से अधिक चूंचियां झांकती रहती है। अंकल की आँखें वहीँ थोड़ी देर के लिए जम गयीं। मैं बोली भोसड़ी के अंकल अभी दारू पी लो थोड़ी फिर अम्मी की चूंचियां खोल कर और अपने हाथ से पकड़ कर देखना तब ज्यादा मज़ा आएगा। हम लोग हंस पड़े। खैर दारू चालू हो गयी और देखते ही देखते एक एक पैग खत्म भी हो गया।
अचानक डोर बेल बजी तो अम्मी बोली अब भोसड़ी का कौन आ गया. मैंने कहा मैं देखती हूँ अम्मी ? मैंने दरवाजा खोला तो सामने एक मस्त जवान गोरा चिट्टा आदमी खड़ा था। वह बोला मैं शेख अब्दुल्लाह हूँ और फरीदा भाभी से मिलना मिलना चाहता हूँ। मैंने उसे बैठाया और अम्मी को आवाज़ दी। अम्मी आते ही बोली हाय अब्दुल्लाह तू ? तूने आखिर अपना वादा पूरा कर दिया। अरे यार तुम आ गये तो मज़ा आ गया। अम्मी उसके बगल में बैठ गयीं। फिर बोली यार चलो मैं तुम्हे एक और सख्श से मिलवाती हूँ। अंदर आकर उसने असद अंकल से मिलवा दिया। अब्दुल्लाह भी हमारे साथ दारू पीने लगा वैसे वह पीता नहीं है लेकिन अम्मी का कहना टाल नहीं सका।
थोड़ी देर में अम्मी बोली :- देख समीना, मैं एक बार दुबई गयी थी। जिसके साथ गयी थी वह इसका दोस्त है। उसी ने मुझे अब्दुल्लाह से मिलवाया। मैं तो इसे देख कर ही इस पर फ़िदा हो गयी। मेरी चूत में आग लग गयी। वैसे भी मैंने अरब लोगों के लण्ड के बारे में बहुत सुना था। अब मेरा मन इसका लौड़ा देखने का हो गया । मैंने उसके कान में कहा यार इसका लौड़ा मुझे दिखाओ प्लीज ? उसने इंतज़ाम कर दिया और रात में इसका लौड़ा मेरे हाथ में था। लौड़ा देख कर मैं बुरी तरह चुदासी हो गयी। मैंने फिर रात भर चुदवाया। मैंने इससे कहा इस बार इंडिया आना तो मुझे चोद कर ही जाना ? तो आज इसने अपना वादा निभा दिया ?
मैंने कहा :- अभी कहाँ निभाया अपना वादा इस भोसड़ी वाले ने, अम्मी ? अब जब यह तेरा भोसड़ा चोदेगा तब होगा इसका वादा पूरा ?
अम्मी बोली :- तू ठीक कह रही है समीना। देख तूने असद अंकल का लण्ड पकड़ा है लेकिन अब्दुल्लाह अंकल का लण्ड नहीं पकड़ा ? मैंने अब्दुल्लाह का लण्ड पकड़ा है लेकिन असद का लण्ड नहीं पकड़ा . इसलिए तू अब अब्दुल्लाह का लण्ड पकड़ और अपनी बुर चुदा। इधर मैं असद का लण्ड पकड़ती हूँ और अपना भोसड़ा चुदवाती हूँ।
मैं तो उतावली थी ही। मैं खड़ी हुई और एक एक करके अपने कपडे उसके सामने खोलने लगी। वह मुझे ललचाई निगाहों से देखने लगा। मैंने जब उसे नंगी चूंचियां दिखायीं तो उसकी आँखों में चमक आ गयी। बाद में जब मैंने चूत खोल दी उसके सामने तो वह अंदर झांकने लगा। मैंने कहा ले भोसड़ी के ठीक से देख ले मेरी चूत बहन के लौड़े ? मैंने चूत फैलाकर दिखा दी उसे। फिर मैं आगे बढ़ी और उसके गोद में बैठ गयी।
इधर अम्मी ने भी तब तक अपने कपडे उतार कर असद के बगल में बैठ गयी। असद अंकल उसके स्तन मसलने लगा। मैंने इधर अब्दुल्लाह की लुंगी खोल कर उसे पूरा नंगा कर दिया और उसका लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। गोरा गोरा लम्बा चौड़ा लण्ड बहन चोद बड़ा खूबसूरत लग रहा था। झांटें बिलकुल साफ़ थी इसलिए लण्ड का नज़ारा बड़ा मनमोहक था। मैं झुक कर लण्ड चूमने लगी। कई बार चुम्मी ली तो लण्ड टन टना कर और सख्ती से खड़ा हो गया मेरे सामने। तब मैंने कहा हाय रब्बा, अम्मी ये तो बड़ा उम्दा लौड़ा है ? मुझे तो बहन चोद एक फुट का लगता है लौड़ा ? लोग वाकई सच कहते है की चूत चुदाना हो अरबी मर्दों से चुदवाओ। उनके बड़े बड़े लण्ड पेलो अपनी चूत में तब आएगा गज़ब का मज़ा ? मैं उसका सुपाड़ा चाटने लगी और पेल्हड़ सहलाने लगी ।
उधर अम्मी भी असद का लौड़ा मस्ती से चाटने लगी। वह बोली हाय समीना तूने सही कहा था। इसका लौड़ा तो वाकई कबीले तारीफ है। आज मेरा भोसड़ा बड़ा खुश होगा। बहुत दिनों के बाद आज मुझे एक मस्त लौड़ा मिला है। थोड़ा चाटने चूसने के बाद अम्मी फटाफट लण्ड अपनी बुर में घुसा कर चुदवाने लगी। मेरी भी चूत भठ्ठी की तरह जलने लगी। तब मैंने भी लौड़ा घुसेड़वा लिया अपनी बुर में और गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी। हम दोनों अगल बगल लेटी हुई मस्ती से अपनी अपनी चूत चुदवाने का मज़ा लूटने लगी।
का जायज़ा ले ले, लण्ड के पेल्हड़ आजमा कर देख ले, ऊपर से नीचे तक लण्ड को अच्छी तरह से परख ले, अगर तुझे लण्ड पसंद आ जाये तो उसे अपनी चूत में पेल कर चुदवाना लेना और अगर न पसंद आये तो अपनी माँ चुदा लेना बेटी। हां हां मेरे आते ही मेरे भोसड़ा में घुसा देना मैं चुदवा लूंगी ? मैं तो हर एक लण्ड से चुदवा लेती हूँ, बेटी ? मेरा मानना है की लण्ड भोसड़ी का चाहे जैसा हो, चूत में घुसेगा तो मज़ा देगा ही ? ऐसा कह कर अम्मी चली गयी। अम्मी जब यह सब कह रही थी तो असद अंकल मेरे साथ सोफ़ा पर बैठे थे। अंकल सब कुछ मुस्कराते सुन रहे थे। अब घर में मैं और मेरे असद अंकल ही थे। अम्मी जा चुकी थी। मैंने कहा अंकल मैं थोड़ा व्हिस्की पीना चाहती हूँ क्या तुम पियोगे ? वह बोला हां हां बिलकुल पियूँगा। बस हम दोनों दारू पीने लगे। अब मुझे यह तो मालूम था ही की अंकल मुझे चोदने आया है और उसे मालूम था की वह मुझे चोदने आया है। इसलिए हम दोनों के बीच शर्म लिहाज़ नाम की कोई चीज नहीं थी। मैंने दारू के दो घूँट लगाये और अपनी पर्श से सिगरेट का पैकट निकाला। उसमे से एक सिगरेट निकाल कर अंकल को दी और कहा लो अंकल पियो। उसने सिगरेट अपने मुंह में लगायी इधर मैंने भी सिगरेट अपने मुंह में लगायी। फिर मैंने लाईटर से उसकी सिगरेट जला दी और अपनी भी जला ली ? मुंह से धुँआ निकलने लगा तो लुत्फ़ आने लगा ।
- मैंने पूंछा अंकल तुम मेरी अम्मी को कैसे जानते हो ?
- वह बोला तेरी अम्मी और मेरी बीवी दोनों आपस में पक्की दोस्त है। मैं बाहर था। अभी एक हफ्ते पहले मरा ट्रांसफर यहाँ हो गया है।
- तो क्या तुम पहली बार मेरी अम्मी को देख रहे हो।
- हां मैं आज पहली बार ही तेरी अम्मी से मिला।
- अच्छा इसका मतलब साफ़ है की तेरी बीवी ने तुमसे कहा होगा की जाओ और मेरी सहेली की बुर चोद के आओ। उसका भोसड़ा चोद के आओ।
- हां तुमने ठीक समझा समीना, मेरी बीवी ने ही मुझे यहाँ तेरी अम्मी के पास भेजा है।
- तो तुम मेरी माँ चोदने आये हो पर मुझे नहीं ?
- हां बात तो सही है लेकिन अगर मुझे मालूम होता की तेरी अम्मी की एक जवान बेटी भी है तो मैं उसे भी चोदने की बात करता ?
- वाओ, तो यह बात है ? अच्छा यह बताओ की तेरी कोई बेटी है ?
- हां है न वह भी तेरी उम्र की है, खूबसूरत है और बिंदास है बिलकुल तुम्हारी तरह, समीना ?
- तो फिर तुम भी अपनी बेटी चुदवाते होगे।
- हां चुदवाता हूँ ? उसके चुदवाने में मुझे कोई ऐतराज़ नहीं है । मैं जानता हूँ की मेरी बेटी अपने दोस्तों से चुदवाती है। वह भी जवान है उसे भी चुदवाने का हक़ है ?
- तब तो तुम बहुत पहुंचे हुए कलाकार हो भोसड़ी के अंकल ? तेरी बेटी ने कभी तेरा लण्ड पकड़ा है ?
- हां पकड़ा है। और अपनी सहेलियों को भी पकड़ाया है ?
- वाओ, तू तो बड़ा हरामी निकला यार, मादर चोद ? तू अपने बेटी की सहेलियां चोदता है ? तो फिर उनकी माँ भी चोदता होगा ?
- तूने ठीक समझा समीना, अब तुम ही बताओ मैं क्या करूँ ? लड़कियां खुद ही ले जाती है मुझे अपने घर अपनी माँ चुदवाने।
- इसका मतलब है की तेरे लण्ड में बड़ा दम है बहन चोद ? तो तू देर क्यों कर रहा है, बहन चोद ? हो जा न भोसड़ा का बिलकुल नंगा मेरे सामने। उतार दे अपने कपडे और दिखा दे मुझे अपना मादर चोद, लण्ड ?
मैं थोड़ी देर में उठी और उसकी पेंट खोल कर नीचे फेंकी फिर चड्ढी खोल कर उसे पूरी तरह नंगा कर दिया। पकड़ लिया बहन चोद का लण्ड ? लण्ड साला बड़ा मोटा था और लम्बा होने लगा। मैं मस्ती से हिलाने लगी लण्ड । बिना झांट का लण्ड पहाड़ी आलू जैसे सुपाड़ा और मस्ताने पेल्हड़ देख कर मैं मस्त हो गयी। मेरी चूत की आग और भड़क उठी। मैंने लण्ड का कई बार चुम्मा लिया । जबान निकल कर सुपाड़ा चाटा तो लण्ड और बढ़ भी गया, सख्त भी हो गया। मैंने मन में सोंचा अच्छा हुआ की मेरी अम्मी बुर चोदी चली गयी, अब मुझे अकेले चुदवाने में ज्यादा मज़ा आएगा। मैंने लण्ड चूसना शुरू किया। आधे से अधिक लण्ड मुंह में बार बार घुसेड़ने लगी। उसे भी मज़ा आने लगा और मुझे भी।
मैंने कहा :- अंकल, तेरा लण्ड तो भोसड़ी का ८" से ज्यादा हो गया है, मोटा भी साढ़े ५ इंच से ज्यादा है। आदमी का नहीं ये तो घोड़े का लण्ड मालूम पड़ता है अंकल ? तभी सारी लड़कियां तुमसे चुदवाने आती है। उनको माँ खूब भी पेलती हैं तेरा लण्ड अपने भोसड़ा में ? बड़ा मज़ा लेती है बुर चोदी लड़कियां और लड़कियों की मम्मियां ? लेकिन तेरी बीवी तो तेरे लण्ड के लिए तरसती होगी ? तुझे तो अपनी बीवी चोदने का मौक़ा ही नहीं मिलता होगा ?
वह बोला :- मेरी बीवी मुझसे नहीं मेरे दोस्तों से चुदवाती है भोसड़ी वाली। जाने कितने लड़कों से चुदवाती है अपनी बुर ? उसके पास सैकड़ों लण्ड है।
मैंने कहा :- वाओ, यह बात है तो मैं बहुत जल्दी ही आंटी से मिलूंगी । मैं भी नये नये लण्ड से मोहब्बत करती है ?
उसके बाद अंकल ने धीरे से लण्ड मेरी चूत पर रखा और एक धक्का मारा तो लण्ड गप्प से घुसा गया लेकिन पूरा नहीं घुसा। जितना घुसा उतने में ही मेरी गांड फट गयी। मैं चिल्ला पड़ी हाय रे फाड़ दी तूने मेरी चूत ? कितना मोटा पेल दिया लण्ड ? भोसड़ी के इतनी जल्दी क्या है ? आहिस्ते आहिस्ते चोदो न, मेरी चूत कहीं भागी जा रही है क्या ? उसने ८ / १० बार लण्ड अंदर बाहर किया तो रास्ता खुल गया। मैं फिर बोली अबे माँ के लौड़े इतने धीरे धीरे क्यों चोद रहा है ? तेरा लण्ड थक गया क्या ? स्पीड बढ़ाने में तेरी माँ चुद रही है क्या ? जल्दी जल्दी चोद भोसड़ी के ? पूरा लौड़ा घुसा घुसा के चोद साले बहन के लौड़े ? अभी तो तुझे मेरी माँ का भोसड़ा चोदना है, बेटी चोद अंकल ? मैं भकाभक चुदवाने लगी। मैं कोई पहली बार नहीं चुदवा रही थी। जाने कितने लण्ड मेरी चूत की सैर कर चुके है। मैं कभी कभी दो दो तीन तीन लण्ड से एक साथ चुदवाती हूँ।
एक बात जरूर है, जो भी मुझे पहली बार चोद कर जाता है वो दुबारा चोदने जरूर आता है। मैं अपने चोदने वालों का ख़ास ख्याल रखती हूँ।
१० मिनट के बाद वह मुझे पीछे से चोदने लगा मैं भी कुतिया की तरह चुदवाने का मज़ा लूटने लगी। जब लण्ड मोटा और लम्बा होता है तो उससे पीछे से चुदवाने में ज्यादा मज़ा आता है । अंकल बोला समीना यार तुम चुदवाने में बड़ी एक्सपर्ट हो। इतनी मस्ती से आज तक किसी लड़की ने मुझसे नहीं चुदवाया ? मैंने कहा अभी जब तुम मेरी माँ चोदोगे तो तुम्हे और मज़ा आएगा। फिर मैंने लण्ड पर बैठ कर चुदवाना शुरू किया। मैं थोड़ा झुक कर अपनी गांड बार बार उठा उठा के धकाधक चोदने लगी उसका लण्ड ? जैसे मरद ऊपर चढ़ कर बुर चोदता है वैसे ही मैं ऊपर चढ़ कर लण्ड चोदने लगी। तब वह बोला समीना मैं तेरी बुर चोद रहा हूँ की तू मेरा लण्ड चोद रही है ? इस चुदाई से उसका लण्ड पनाह बोल गया। अंकल ने कहा समीना अब मैं निकलने वाला हूँ , मैं घुमी और सटासट लगा दिया लण्ड का सड़का ? अब २ मिनट में ही लण्ड ने उगल दिया वीर्य मेरे मुंह में और मेरे हाथ में ? मैं झड़ता हुआ लण्ड बिल्ली की तरह जबान निकल कर चाटने लगी।
थोड़ी देर में अम्मी आ गयी। मैं सोफ़ा पर बैठी थी और अंकल मेरे बगल में ?
आते ही अम्मी बोली :- समीना कैसा लगा तुझे अंकल का लण्ड ?
मैंने कहा :- अरे अम्मी, बड़ा जबरदस्त है इस मादर चोद का लण्ड ? मुझे चुदाने में बड़ा मज़ा आया । मेरी चूत तो चुद चुकी अब तेरे भोसड़ा की बारी है अम्मी ? इसकी बीवी तेरी दोस्त है न, वो भी बुर चोदी गैर मर्दों से खूब चुदवाती है ? बड़े बड़े लण्ड अपने भोसड़ा में पेलती है ? अच्छा ये बता तू किससे चुदवाकर आ रही है।
अम्मी बोली :- मैं चुदवाकर नहीं आ रही हूँ बल्कि लण्ड पीकर आ रही हूँ। आज की पार्टी मुठ्ठ मार कर लण्ड पीने की थी। चार औरतें थी बाकी सब लड़के ? मैं तो इतनी देर में ३/४ लण्ड पी कर आ रही हूँ। पूरे हाल में किसी के बदन पर कोई कपड़ा नहीं था। औरतें सब नंगी और लड़के सब नंगे ? बड़ा मज़ा आया। मैंने तो कह दिया की अगली बार मैं अपनी बेटी को लेकर आऊँगी। वो भी लण्ड पियेगी ?
मैंने कहा :- ये तूने बहुत अच्छा किया अम्मी ? अब तू आ जा अम्मी, पहले हम लोग थोड़ा दारू पीते है और फिर तुम चुदाओ अपना भोसड़ा ?
मैंने टेबिल पर दारू जमा दी थोड़ा नॉन वेज नास्ता भी रख दिया तब तक अम्मी भी कपडे बदल कर आ गयी। उसने बस एक नाईटी पहन ली जिसमे आधे से अधिक चूंचियां झांकती रहती है। अंकल की आँखें वहीँ थोड़ी देर के लिए जम गयीं। मैं बोली भोसड़ी के अंकल अभी दारू पी लो थोड़ी फिर अम्मी की चूंचियां खोल कर और अपने हाथ से पकड़ कर देखना तब ज्यादा मज़ा आएगा। हम लोग हंस पड़े। खैर दारू चालू हो गयी और देखते ही देखते एक एक पैग खत्म भी हो गया।
अचानक डोर बेल बजी तो अम्मी बोली अब भोसड़ी का कौन आ गया. मैंने कहा मैं देखती हूँ अम्मी ? मैंने दरवाजा खोला तो सामने एक मस्त जवान गोरा चिट्टा आदमी खड़ा था। वह बोला मैं शेख अब्दुल्लाह हूँ और फरीदा भाभी से मिलना मिलना चाहता हूँ। मैंने उसे बैठाया और अम्मी को आवाज़ दी। अम्मी आते ही बोली हाय अब्दुल्लाह तू ? तूने आखिर अपना वादा पूरा कर दिया। अरे यार तुम आ गये तो मज़ा आ गया। अम्मी उसके बगल में बैठ गयीं। फिर बोली यार चलो मैं तुम्हे एक और सख्श से मिलवाती हूँ। अंदर आकर उसने असद अंकल से मिलवा दिया। अब्दुल्लाह भी हमारे साथ दारू पीने लगा वैसे वह पीता नहीं है लेकिन अम्मी का कहना टाल नहीं सका।
थोड़ी देर में अम्मी बोली :- देख समीना, मैं एक बार दुबई गयी थी। जिसके साथ गयी थी वह इसका दोस्त है। उसी ने मुझे अब्दुल्लाह से मिलवाया। मैं तो इसे देख कर ही इस पर फ़िदा हो गयी। मेरी चूत में आग लग गयी। वैसे भी मैंने अरब लोगों के लण्ड के बारे में बहुत सुना था। अब मेरा मन इसका लौड़ा देखने का हो गया । मैंने उसके कान में कहा यार इसका लौड़ा मुझे दिखाओ प्लीज ? उसने इंतज़ाम कर दिया और रात में इसका लौड़ा मेरे हाथ में था। लौड़ा देख कर मैं बुरी तरह चुदासी हो गयी। मैंने फिर रात भर चुदवाया। मैंने इससे कहा इस बार इंडिया आना तो मुझे चोद कर ही जाना ? तो आज इसने अपना वादा निभा दिया ?
मैंने कहा :- अभी कहाँ निभाया अपना वादा इस भोसड़ी वाले ने, अम्मी ? अब जब यह तेरा भोसड़ा चोदेगा तब होगा इसका वादा पूरा ?
अम्मी बोली :- तू ठीक कह रही है समीना। देख तूने असद अंकल का लण्ड पकड़ा है लेकिन अब्दुल्लाह अंकल का लण्ड नहीं पकड़ा ? मैंने अब्दुल्लाह का लण्ड पकड़ा है लेकिन असद का लण्ड नहीं पकड़ा . इसलिए तू अब अब्दुल्लाह का लण्ड पकड़ और अपनी बुर चुदा। इधर मैं असद का लण्ड पकड़ती हूँ और अपना भोसड़ा चुदवाती हूँ।
मैं तो उतावली थी ही। मैं खड़ी हुई और एक एक करके अपने कपडे उसके सामने खोलने लगी। वह मुझे ललचाई निगाहों से देखने लगा। मैंने जब उसे नंगी चूंचियां दिखायीं तो उसकी आँखों में चमक आ गयी। बाद में जब मैंने चूत खोल दी उसके सामने तो वह अंदर झांकने लगा। मैंने कहा ले भोसड़ी के ठीक से देख ले मेरी चूत बहन के लौड़े ? मैंने चूत फैलाकर दिखा दी उसे। फिर मैं आगे बढ़ी और उसके गोद में बैठ गयी।
इधर अम्मी ने भी तब तक अपने कपडे उतार कर असद के बगल में बैठ गयी। असद अंकल उसके स्तन मसलने लगा। मैंने इधर अब्दुल्लाह की लुंगी खोल कर उसे पूरा नंगा कर दिया और उसका लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। गोरा गोरा लम्बा चौड़ा लण्ड बहन चोद बड़ा खूबसूरत लग रहा था। झांटें बिलकुल साफ़ थी इसलिए लण्ड का नज़ारा बड़ा मनमोहक था। मैं झुक कर लण्ड चूमने लगी। कई बार चुम्मी ली तो लण्ड टन टना कर और सख्ती से खड़ा हो गया मेरे सामने। तब मैंने कहा हाय रब्बा, अम्मी ये तो बड़ा उम्दा लौड़ा है ? मुझे तो बहन चोद एक फुट का लगता है लौड़ा ? लोग वाकई सच कहते है की चूत चुदाना हो अरबी मर्दों से चुदवाओ। उनके बड़े बड़े लण्ड पेलो अपनी चूत में तब आएगा गज़ब का मज़ा ? मैं उसका सुपाड़ा चाटने लगी और पेल्हड़ सहलाने लगी ।
उधर अम्मी भी असद का लौड़ा मस्ती से चाटने लगी। वह बोली हाय समीना तूने सही कहा था। इसका लौड़ा तो वाकई कबीले तारीफ है। आज मेरा भोसड़ा बड़ा खुश होगा। बहुत दिनों के बाद आज मुझे एक मस्त लौड़ा मिला है। थोड़ा चाटने चूसने के बाद अम्मी फटाफट लण्ड अपनी बुर में घुसा कर चुदवाने लगी। मेरी भी चूत भठ्ठी की तरह जलने लगी। तब मैंने भी लौड़ा घुसेड़वा लिया अपनी बुर में और गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी। हम दोनों अगल बगल लेटी हुई मस्ती से अपनी अपनी चूत चुदवाने का मज़ा लूटने लगी।
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