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अदल बदल के चोदो चूत चुसाओ लंड मारो गांड - Adla badli karke chut chudai kiya karo
अदल बदल के चोदो चूत चुसाओ लंड मारो गांड - Adla badli karke chut chudai kiya karo , Antarvasna Sex Stories , Hindi Sex Story , Real Indian Chudai Kahani , choda chadi cudai cudi coda free of cost , Time pass Story , Adult xxx vasna kahaniyan.
एक दिन दोनों सुधा के घर पर बैठी हुई व्हिस्की पी रही थी . शराब के साथ सिगरेट भी चल रही थी .
अचानक सुधा ने सिगरट का एक कस लिया और मुंह से धुआं निकलती हुई कहा :- यार कांता, बड़ा तगड़ा है तेरे पति का "लौड़ा" ? मैं दावे के साथ कह रही हूँ की तेरे पति का लण्ड मेरे पति के लण्ड से तगड़ा है .
कांता ने जबाब दिया :- नहीं हकीकत तो इसकी बिलकुल उलट है . तेरे पति का "लण्ड" मेरे पति से तगड़ा है ?
सुधा बोली :- नहीं यार, मेरे हाथ में जैसे ही तेरे पति का लण्ड टन टना कर खड़ा हुआ तो मैं समझ गयी इसका लौड़ा बड़ा तगड़ा है यार ? मैं खुश हो गयी और उसे चाटने लगी . मैं जान गयी की आज मुझे चुदवाने में ज्यादा मज़ा आएगा . और मज़ा आया भी . जैसे ही उसने लण्ड मेरी बुर में घुसेड़ा वैसे ही मेरे मुह से चीख निकली . मैंने तेरे पति से कहा हाय मेरी तो फट गयी चूत ? इतना बड़ा लौड़ा एकदम से धच्च से पेल दिया तुमने भोषडी के ? न त्तुम्हे रहम आयी और न ही तेरे इस मादर चोद लण्ड को ? इतना मोटा लण्ड तो मेरी बुर चीर कर रख देगा ? लेकिन फिर मुझे जो मज़ा आया मैं उसे बयान नहीं कर सकती . यार कांता मुझे तेरे पति का लौड़ा बहुत पसंद आया . मेरी चूत ने भी महसूस किया की तेरे हसबैंड का लण्ड ज्यादा तगड़ा है ?
कांता ने कहा :- जानती हो उस दिन क्या हुआ ? जब तुमने कहा की मेरा हसबैंड तुम्हारे पास आ रहा है तो मैं झटपट तैयार होकर बैठ गयी . मैंने अपने सारे कपडे उतार रखे थे . मैंने एक चुनरी ओढ़ रखी थी . जैसे ही घंटी बजी मैंने झांक कर देखा तो बाहर तेरे पति खड़ा था . मैंने मुस्करा कर दरवाजा खोला और उसे सोफे पर बैठा दिया . फिर मैंने जल्दी से दरवाजा बंद किया और फ़ौरन अपनी चुनरी उतार कर फेंक दी . मैं मादर चोद बिलकुल नंगी उसके आगे खड़ी हो गयी, वह फटी फटी आँखों से मुझे देखे चला जा रहा था . उसकी निगाह मेरी चूंचियों पर टिकी थी . बीच बीच में वह मेरी चूत की तरफ भी देखने लगता था . मेरी छोटी छोटी झांटें थी . तुमने ही बताया था की मेरे हसबैंड को छोटी छोटी झांटो वाली चूत बहुत पसंद है . इतने में वह उठा और मेरी चूंचियाँ पकड ली . उसे मालूम तो था की वह मुझे चोदने आया है . तुमने उसे बता ही दिया था . इसलिए उसे कोई संकोच नहीं हुआ . इधर मैंने उसके कपडे खोल डाले . उसे एकदम नंगा कर दिया और उसका खड़ा होता हुआ लौड़ा अपनी मुठ्ठी में कर लिया . मुझे लण्ड की मोटाई का अहसास हुआ . तब मैं समझ गयी की सुधा के मरद का लौड़ा मेरे मरद से ज्यादा तगड़ा है ?
सुधा के हसबैंड का नाम है सजल और कांता के हसबैंड का नाम है कमल किशोर लेकिन लोग उसे कुक्कू के नाम से जानते है .
शादी के बाद दोनों एक दूसरे के घर आते जाते थे . दोनों हसबैंड एक दूसरे को खूब अच्छी तरह जानते थे . ये दोनों बीवियां अक्सर मिलती और खाली वख्त में शराब लेकर बैठ जातीं .
एक दिन सुधा बोली :- यार कांता, आजकल ज़िन्दगी में कुछ मज़ा नहीं आ रहा है . यार इससे तो अच्छी ज़िन्दगी कॉलेज में थी जब कोई न कोई लड़का मिल ही जाता था . या तो गांड मारने के लिए या फिर माँ चोदने के लिए लेकिन यह सब अब कहाँ रह गया है ?
कांता बोली :- हां यार सुधा अब कुछ करना पड़ेगा ? मैं तो अभी से एक ही लण्ड से चुदाते चुदाते बोर होने लगी हूँ . बताओ क्या किया जाए ?
सुधा बोली :- यार एक बात मेरे दिमाग में आ रही है. देखो मेरे पास एक लण्ड नहीं बल्कि दो लण्ड है ?
कांता बोली :- यह तुम क्या कह रही हो ?
कांता बोली :- यह तुम क्या कह रही हो ?
सुधा ने बताया :- हां यार दो लण्ड ? एक मेरे पति का लण्ड और एक तेरे पति का लण्ड ?
कांता बोली :- वाओ, ये तो मैंने सोचा ही नहीं था . यानी मेरे पति का लण्ड तेरा ? तेरे पति का लण्ड मेरा ? लेकिन क्या हमारे पति मान जायेंगे ?कांता बोली :- हां जरुर मानेगें मगर कुछ प्लान करना पड़ेगा ?
सुधा बोली :- हां बताओ मैं बिलकुल तैयार हूँ .
कान्ता बोली :- हम एक दूसरे के पति को फांसने का प्रयास करें . तुम मेरे घर आओ कम कपडे पहन कर और उसे अपनी आधी से ज्यादा चूंचियाँ दिखाओ और खूब अश्लील बातें करों। ख़ास तौर पर जब मैं किचेन में हूँ तब ? इसी तरह जब मैं तेरे घर आऊँ तो तेरे पति को चूंचियाँ दिखाऊँ उससे खूब गन्दी गन्दी बातें करू जब तुम मेरे सामने न हो . उसके बाद रात में अपने पति का लौड़ा सहलाते हुए कहो क्या तुम मेरी सहेली को चोदना चाहते हो ?
सुधा बोली :- नहीं ऐसे नहीं ? मैं तो कहूँगी की मेरी सहेली तेरा लौड़ा पकड़ना चाहती है . क्या तुम उसे अपना लौड़ा पकड़ा दोगें ? देखो मना मत करना नहीं तो उसका दिल टूट जायेगा ? लौड़ा पकडाने में हर्ज़ ही क्या है ? वह तेरा लण्ड देखना चाहती है . उसके बाद देखना हमारे पति कैसे एक दूसरे की बीवी को लण्ड पकडाने के लिए तैयार हो जाते है ?
कांता बोली :- हां यह ज्यादा ठीक रहेगा. अब आज से यह काम शुरू कर दो. तुम आज शाम को मेरे घर अपने हसबैंड को लेकर आना ?
अब दोस्तों आगे का हाल आप सुधा के मुह से सुनिए :-
कांता का आईडिया सही था . उस रात को मैं अपने हसबैंड बड़ी मीठी मीठी बातें कर रही थी . फिर उसे बेड पर ले गयी और धीरे धीरे उसका लौड़ा पकड़ा . वह भी मेरी चूंचियों से खेलने लगा .
मैंने लौड़ा कई बार चूमा और बड़े प्यार से बोली :- सुनो जी मेरी सहेली है न कांता वह मन ही मन तुम्हे चाहने लगी है . तुमसे प्यार करने लगी है .
वह बोला :- सच कह रही हो तुम ? मैं उसे प्यार तो नहीं करता पर वह मुझे अच्छी लगती है . मन करता है की मैं उसकी भी चूंचियाँ दबा दूं ?
मैंने कहा :- तो दबा दो न ? मरद हो तो फिर डरते क्यों हो ?
वह बोला :- अरे कहीं वो बुरा मान गयी तो बड़ी परेशानी हो जाएगी ?
मैंने कहा :- अरे वह बुर चोदी बुरा क्यों मानेगी ? वह तो खुद ही तुम्हारा लौड़ा पकड़ना चाहती है .
वह बोला :- हाय रे क्या कह रही हो तुम . वैसे मेरा लौड़ा तो उसके नाम से ही खड़ा हो जाता है . मैं तो उसे चोदना चाहता हूँ . बोलो क्या वह चुदवा लेगी ? और क्या तुम्हे बुरा नहीं लगेगा अगर वह मुझसे चुदवाये ?
मैंने कहा :- नहीं अगर तुम सिर्फ कांता को चोदोगे तो मैं बुरा नहीं मानूंगी . हां किसी और को मुझे बिना बताये चोदोगे तो मैं बुरा जरूर मानूंगी ?
वह बोला :- नहीं और किसी को नहीं चोदूंगा मैं कसम खाता हूँ .
मैंने कहा :- तो ठीक है मैं आने वाले इतवार को प्रोग्राम बनाती हूँ .
उधर कांता ने मुझे सवेरे सवेरे फोन किया और कहा यार काम बन गया . मेरा पति तुम्हे चोदने इतवार को आएगा 3 बजे दोपहर में . मैंने कहा ठीक है मैं भी अपने हसबैंड को तेरे पास 3 बजे भेज दूँगी .
दोस्तों, उस दिन दोनों हसबैंड ने एक दूसरे की बीवी चोदी लेकिन उन्हें यह नहीं मालूम था की उनकी भी बीवी चुद रही है . बाकी आपने ऊपर पढ़ा की कैसे मैंने कांता के हसबैंड से चुदवाया और कैसे उसने मेरे पति से चुदवाया ? अब बात फिर वहीँ पर आकर टिक गयी की किसके पति का लौड़ा तगड़ा है ?
मैंने कहा :- यार कांता मान जाओ तेरे पति का लण्ड ज्यादा तगड़ा है ?
कांता बोली :- नहीं तुम मान जाओ तेरे पति का लण्ड मेरे पति से लण्ड से ज्यादा तगड़ा है ?
इतने में पीछे से आवाज़ आयी रुको मै इसका फैसला कर देती हूँ . मैंने पीछे मुड कर देखा तो मेरे पड़ोस की वहीदा आंटी खड़ी थी . मैंने कहा आंटी आप यहाँ क्या दरवाजा खुला था क्या ? उसने कहा हां तुमने खुला छोड़ दिया था . मैं बड़ी देर से तुम दोनों की बातें सुन रही हूँ . मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था . अब तुम दोनों मेरे सामने नंगी हो चुकी हो . मैं जान गयी हूँ की तुम दोनों ने एक दूसरे के पति से चुदवाया है और अब यह साबित नहीं कर पा रही हो किसका लौड़ा ज्यादा तगड़ा है ?
मैंने कहा :- हां आंटी आप तो सब जान गयी है . अब आप ही बताएं की इसका हल क्या है ?
आंटी बोली :- देखो सीधी सी बात है ये मादर चोद मर्दों के लण्ड बड़े हरामी होते है . एक बात हमेशा याद कर लो की लण्ड परायी बीवी के हाथ में जाकर बड़ा मस्त हो जाता है . खूब टन्ना जाता है और सख्त हो जाता है . परायी बीवियाँ मर्दों को बड़ी अच्छी लगती है . और यही परायी बीवी जब लण्ड बड़े प्यार से पकड़ लेती है, उससे हंस हंस कर अश्लील बातें करती है, लण्ड को दो चार गालियाँ सुनाती है तो लण्ड और सख्ती से फन फना कर खड़ा हो जाता है . ऐसे में लण्ड कम से कम आधा इंच जरुर बढ़ जाता है . मोटा भी ज्यादा हो जाता है . सुधा अगर तेरे हाथ में तेरे पति का लण्ड 7" का है तो कांता के हाथ में जाकर वह 7 1/2" का जरुर हो जायेगा ? यही हाल उसके पति के लण्ड का होगा जब तुम उसे पकड़ोगी ?
मैंने कहा :- आंटी, यह सब आपको कैसे मालूम है ?
आंटी बोली :-- देखो तेरे अंकल यानी मेरे हसबैंड का लौड़ा 8" का है लेकिन जब वह परायी बीवी के हाथ में जाता है 8 1/2" से 9" तक बढ़ जाता है .
कांता बोली :- तो इसका मतलब तेरा पति परायी बीवियों को लण्ड पकडाता है .
आंटी बोली :- हां बिलकुल और मैं भी तो पराये मर्दों के लण्ड पकड़ती हूँ . उनसे चुदवाती हूँ . जानती हो यह सब कैसे हुआ ?
कांता बोली :- बताओ आंटी कैसे हुआ .
आंटी बोली :- जब मेरी शादी हुई तो मेरे शौहर मुझे मुंबई ले गया हनीमून पर ? वहां रात में जब मैं अपने मियां का लौड़ा हिला रही थी तो किसी ने बेल बजाई . मेरा हसबैंड उठा और दरवाजा खोल दिया . बाहर उसका दोस्त खड़ा था . उसके साथ उसकी बीवी भी थी .मेरे मियां ने अपने दोस्त को मुझसे मिलवाया, उसकी बीवी से मिलवाया . उसके दोस्त ने अपनी बीवी की चुनरी खींच ली तो वह बिलकुल नंगी हो गयी . उसने मेरे मियां से कहा यार अब तुम मेरी बीवी चोदो . चोद कर मुझे बताओ की इसकी बुर तुम्हे कैसी लगी ? इतना कहना था की उसकी बीवी ने हाथ बढा कर मेरे मियां का लौड़ा पकड़ लिया . फिर मेरे मियां के मुह से निकला ठीक है मैं तेरी बीवी चोदता हूँ पर तुम मेरी बीवी चोदो . मेरी बीवी भी चुदवाने में मस्त है . मैं अन्दर से नंगी थी . ऊपर से एक चादर लपेटे हुए बैठीं थी . मेरे मियां ने चादर घसीट ली और मुझसे कहा वहीदा अब तुम मेरे दोस्त का लौड़ा पकड़ो और इससे चुदवाओ . मैं भी मस्त हो गयी . मैंने बड़ी बेशर्मी से उसका लौड़ा पकड़ लिया . लौड़ा मुझे पसंद आया तो मैं और बेशरम हो गयी झुक कर लौड़ा चाटने लगी . फिर मैंने अपने मियां के सामने उससे खूब चुदवाया . उसकी बीवी ने मेरे हसबैंड से खूब चुदवाया . तबसे यह सिलसिला चल पड़ा और आज भी खूब चलता है . मुझे तो गर मर्दों से चुदवाने की आदत पड़ गयी है .
कांता बोली :- तो अपने मियां का लौड़ा पकडाओ न हमे, आंटी ?
मैंने कहा :- आंटी आप मेरे पड़ोस में रहती हो आपने कभी बताया नहीं की तेरे मियां का लौड़ा इतना बड़ा है?
आंटी बोली :- तुम तो मुझसे कभी खुली ही नहीं ? तेरे पीछे वाली मिसेस कल्पना है उससे पूंछो उसे कितना मज़ा आता है ? वह तो खूब चुदवाती है मेरे मियां से और मैं उसके मियां से चुदवाती हूँ . वह बिलकुल खुली हुई है . खूब गाली बक बक मजे से चुदवाती है और सब मर्दों से चुदवाती है भोसड़ी वाली।
मैंने कहा :- :- तो हम लोंगों के साथ भी लण्ड की अदला बदली करो न प्लीज आंटी ?
आंटी बोली :- पहले तुम दोनों आमने सामने एक दूसरे पति से चुदवाओ तब बात आगे बढ़ेगी . हां मैं वादा करती हूँ की मैं खुद तेरी बुर में एक दिन अपने मियां का लण्ड पेलूंगी और तेरे मियां का लण्ड अपनी बुर में पेलूंगी . मुझे तुम दोनों के मियां पसंद है .
उसके बाद शनिवार को कांता ने अपने घर पर पार्टी रखी . सुधा को उसके पति से साथ बुलाया और आंटी को अंकल के साथ . फिर हुई घमशान चुदाई . सुधा ने अंकल से चुदवाया और फिर कांता के हसबैंड से भी . कांता ने सुधा के हसबैंड से चुदवाया और अंकल से भी . आंटी ने दोनों मर्दों के लण्ड का मज़ा लिया . सुधा का मियां और कांता का मियां दोनों आंटी का भोषडा चोद कर मस्त हो गए . तब उन दोनों को मालूम हुआ की वास्तव में लण्ड परायी बीवियों के हाथ में जाकर बड़ा हो जाता है .
अब दोस्तों आगे का हाल आप सुधा के मुह से सुनिए :-
कांता का आईडिया सही था . उस रात को मैं अपने हसबैंड बड़ी मीठी मीठी बातें कर रही थी . फिर उसे बेड पर ले गयी और धीरे धीरे उसका लौड़ा पकड़ा . वह भी मेरी चूंचियों से खेलने लगा .
मैंने लौड़ा कई बार चूमा और बड़े प्यार से बोली :- सुनो जी मेरी सहेली है न कांता वह मन ही मन तुम्हे चाहने लगी है . तुमसे प्यार करने लगी है .
वह बोला :- सच कह रही हो तुम ? मैं उसे प्यार तो नहीं करता पर वह मुझे अच्छी लगती है . मन करता है की मैं उसकी भी चूंचियाँ दबा दूं ?
मैंने कहा :- तो दबा दो न ? मरद हो तो फिर डरते क्यों हो ?
वह बोला :- अरे कहीं वो बुरा मान गयी तो बड़ी परेशानी हो जाएगी ?
मैंने कहा :- अरे वह बुर चोदी बुरा क्यों मानेगी ? वह तो खुद ही तुम्हारा लौड़ा पकड़ना चाहती है .
वह बोला :- हाय रे क्या कह रही हो तुम . वैसे मेरा लौड़ा तो उसके नाम से ही खड़ा हो जाता है . मैं तो उसे चोदना चाहता हूँ . बोलो क्या वह चुदवा लेगी ? और क्या तुम्हे बुरा नहीं लगेगा अगर वह मुझसे चुदवाये ?
मैंने कहा :- नहीं अगर तुम सिर्फ कांता को चोदोगे तो मैं बुरा नहीं मानूंगी . हां किसी और को मुझे बिना बताये चोदोगे तो मैं बुरा जरूर मानूंगी ?
वह बोला :- नहीं और किसी को नहीं चोदूंगा मैं कसम खाता हूँ .
मैंने कहा :- तो ठीक है मैं आने वाले इतवार को प्रोग्राम बनाती हूँ .
उधर कांता ने मुझे सवेरे सवेरे फोन किया और कहा यार काम बन गया . मेरा पति तुम्हे चोदने इतवार को आएगा 3 बजे दोपहर में . मैंने कहा ठीक है मैं भी अपने हसबैंड को तेरे पास 3 बजे भेज दूँगी .
दोस्तों, उस दिन दोनों हसबैंड ने एक दूसरे की बीवी चोदी लेकिन उन्हें यह नहीं मालूम था की उनकी भी बीवी चुद रही है . बाकी आपने ऊपर पढ़ा की कैसे मैंने कांता के हसबैंड से चुदवाया और कैसे उसने मेरे पति से चुदवाया ? अब बात फिर वहीँ पर आकर टिक गयी की किसके पति का लौड़ा तगड़ा है ?
मैंने कहा :- यार कांता मान जाओ तेरे पति का लण्ड ज्यादा तगड़ा है ?
कांता बोली :- नहीं तुम मान जाओ तेरे पति का लण्ड मेरे पति से लण्ड से ज्यादा तगड़ा है ?
इतने में पीछे से आवाज़ आयी रुको मै इसका फैसला कर देती हूँ . मैंने पीछे मुड कर देखा तो मेरे पड़ोस की वहीदा आंटी खड़ी थी . मैंने कहा आंटी आप यहाँ क्या दरवाजा खुला था क्या ? उसने कहा हां तुमने खुला छोड़ दिया था . मैं बड़ी देर से तुम दोनों की बातें सुन रही हूँ . मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था . अब तुम दोनों मेरे सामने नंगी हो चुकी हो . मैं जान गयी हूँ की तुम दोनों ने एक दूसरे के पति से चुदवाया है और अब यह साबित नहीं कर पा रही हो किसका लौड़ा ज्यादा तगड़ा है ?
मैंने कहा :- हां आंटी आप तो सब जान गयी है . अब आप ही बताएं की इसका हल क्या है ?
आंटी बोली :- देखो सीधी सी बात है ये मादर चोद मर्दों के लण्ड बड़े हरामी होते है . एक बात हमेशा याद कर लो की लण्ड परायी बीवी के हाथ में जाकर बड़ा मस्त हो जाता है . खूब टन्ना जाता है और सख्त हो जाता है . परायी बीवियाँ मर्दों को बड़ी अच्छी लगती है . और यही परायी बीवी जब लण्ड बड़े प्यार से पकड़ लेती है, उससे हंस हंस कर अश्लील बातें करती है, लण्ड को दो चार गालियाँ सुनाती है तो लण्ड और सख्ती से फन फना कर खड़ा हो जाता है . ऐसे में लण्ड कम से कम आधा इंच जरुर बढ़ जाता है . मोटा भी ज्यादा हो जाता है . सुधा अगर तेरे हाथ में तेरे पति का लण्ड 7" का है तो कांता के हाथ में जाकर वह 7 1/2" का जरुर हो जायेगा ? यही हाल उसके पति के लण्ड का होगा जब तुम उसे पकड़ोगी ?
मैंने कहा :- आंटी, यह सब आपको कैसे मालूम है ?
आंटी बोली :-- देखो तेरे अंकल यानी मेरे हसबैंड का लौड़ा 8" का है लेकिन जब वह परायी बीवी के हाथ में जाता है 8 1/2" से 9" तक बढ़ जाता है .
कांता बोली :- तो इसका मतलब तेरा पति परायी बीवियों को लण्ड पकडाता है .
आंटी बोली :- हां बिलकुल और मैं भी तो पराये मर्दों के लण्ड पकड़ती हूँ . उनसे चुदवाती हूँ . जानती हो यह सब कैसे हुआ ?
कांता बोली :- बताओ आंटी कैसे हुआ .
आंटी बोली :- जब मेरी शादी हुई तो मेरे शौहर मुझे मुंबई ले गया हनीमून पर ? वहां रात में जब मैं अपने मियां का लौड़ा हिला रही थी तो किसी ने बेल बजाई . मेरा हसबैंड उठा और दरवाजा खोल दिया . बाहर उसका दोस्त खड़ा था . उसके साथ उसकी बीवी भी थी .मेरे मियां ने अपने दोस्त को मुझसे मिलवाया, उसकी बीवी से मिलवाया . उसके दोस्त ने अपनी बीवी की चुनरी खींच ली तो वह बिलकुल नंगी हो गयी . उसने मेरे मियां से कहा यार अब तुम मेरी बीवी चोदो . चोद कर मुझे बताओ की इसकी बुर तुम्हे कैसी लगी ? इतना कहना था की उसकी बीवी ने हाथ बढा कर मेरे मियां का लौड़ा पकड़ लिया . फिर मेरे मियां के मुह से निकला ठीक है मैं तेरी बीवी चोदता हूँ पर तुम मेरी बीवी चोदो . मेरी बीवी भी चुदवाने में मस्त है . मैं अन्दर से नंगी थी . ऊपर से एक चादर लपेटे हुए बैठीं थी . मेरे मियां ने चादर घसीट ली और मुझसे कहा वहीदा अब तुम मेरे दोस्त का लौड़ा पकड़ो और इससे चुदवाओ . मैं भी मस्त हो गयी . मैंने बड़ी बेशर्मी से उसका लौड़ा पकड़ लिया . लौड़ा मुझे पसंद आया तो मैं और बेशरम हो गयी झुक कर लौड़ा चाटने लगी . फिर मैंने अपने मियां के सामने उससे खूब चुदवाया . उसकी बीवी ने मेरे हसबैंड से खूब चुदवाया . तबसे यह सिलसिला चल पड़ा और आज भी खूब चलता है . मुझे तो गर मर्दों से चुदवाने की आदत पड़ गयी है .
कांता बोली :- तो अपने मियां का लौड़ा पकडाओ न हमे, आंटी ?
मैंने कहा :- आंटी आप मेरे पड़ोस में रहती हो आपने कभी बताया नहीं की तेरे मियां का लौड़ा इतना बड़ा है?
आंटी बोली :- तुम तो मुझसे कभी खुली ही नहीं ? तेरे पीछे वाली मिसेस कल्पना है उससे पूंछो उसे कितना मज़ा आता है ? वह तो खूब चुदवाती है मेरे मियां से और मैं उसके मियां से चुदवाती हूँ . वह बिलकुल खुली हुई है . खूब गाली बक बक मजे से चुदवाती है और सब मर्दों से चुदवाती है भोसड़ी वाली।
मैंने कहा :- :- तो हम लोंगों के साथ भी लण्ड की अदला बदली करो न प्लीज आंटी ?
आंटी बोली :- पहले तुम दोनों आमने सामने एक दूसरे पति से चुदवाओ तब बात आगे बढ़ेगी . हां मैं वादा करती हूँ की मैं खुद तेरी बुर में एक दिन अपने मियां का लण्ड पेलूंगी और तेरे मियां का लण्ड अपनी बुर में पेलूंगी . मुझे तुम दोनों के मियां पसंद है .
उसके बाद शनिवार को कांता ने अपने घर पर पार्टी रखी . सुधा को उसके पति से साथ बुलाया और आंटी को अंकल के साथ . फिर हुई घमशान चुदाई . सुधा ने अंकल से चुदवाया और फिर कांता के हसबैंड से भी . कांता ने सुधा के हसबैंड से चुदवाया और अंकल से भी . आंटी ने दोनों मर्दों के लण्ड का मज़ा लिया . सुधा का मियां और कांता का मियां दोनों आंटी का भोषडा चोद कर मस्त हो गए . तब उन दोनों को मालूम हुआ की वास्तव में लण्ड परायी बीवियों के हाथ में जाकर बड़ा हो जाता है .
अब हाल यह है की सुधा के ग्रुप से १० / १२ कपल है . ये सब मिलकर हर शनिवार की रात को एक दूसरे की बीवियां चोदते है..
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