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अंकल से चुदाई करने का इरादा - Aaj main tumse chut chudwane aai hun uncle
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उस दिन रविवार था। मैं घर से करीब ११ बजे निकली। मैं कहीं और जाने के लिए निकली थी लेकिन अचानक मेरा मूड बदल गया और मैं इब्राहिम अंकल के घर की तरफ चल पड़ी। बस १५/२० मिनट में मैं पहुँच गयी और दरवाजे पर दस्तक दे दी। उसने दरवाजा खोला और बोला अरे समीना तू ? please come inside . मैं अंदर कमरे में घुस गयी और उसने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। मैंने देखा की मेज पर दारू की बोतल रखी है । एक गिलास में दारू रखी है। गिलास आधा भरा है। मैं समझ गयी की अंकल इस समय दारू का मज़ा ले रहें हैं। वह बोला समीना क्या तुम मेरे साथ दोगी ? क्या तुम भी मेरे साथ व्हिस्की पियोगी ? मैंने कहा हां अंकल मैं भी दारू पीती हूँ और आपका साथ जरूर दूँगी। बस मैंने चियर्स कहते हुए गिलास लड़ाया और दारू पीने लगी। वह मेरी तरफ देख रहा था और मैं उसकी तरफ ?
वह बोला आज तुम शायद पहली बार मेरे साथ दारू पी रही हो समीना ? मैंने कहा हां यह मेरा पहला मौक़ा है पर मैंने इसके पहले भी आपके साथ दारू पीने की कोशिश की थी लेकिन पी नहीं सकी ? उसने कहा अरे तो मुझे बताया क्यों नहीं ? शर्माने की क्या जरुरत ? नेक काम में देरी नहीं करनी चाहिए ? now tell me how is your life going on ? मैंने कहा मेरी लाइफ तो बहन चोद बहुत अच्छी चल रही है, अंकल ? मैं इसे और अच्छी बनाना चाहती हूँ। उसने तपाक से कहा बोलो समीना मैं तेरी क्या मदद कर सकता हूँ ? मैंने कहा हां जरूर बताऊँगी अंकल बिना आपकी मदद के मैं अपनी लाइफे अच्छी नहीं बना सकती ?
मैं अंकल के मुंह लगी थी और बड़ी बेबाकी से बातें करती थी। अंकल भी मुझसे खुल कर बातें करते थे। आज वह अकेले नंगे बदन सोफ़ा पर बैठे शराब पी रहे थे जब मैं कमरे में आई। मैं उसकी चौड़ी छाती और उस पर घने घने बाल देख रही थी और साथ साथ उसकी नेकर के अंदर छिपे हुए लण्ड के बारे में भी सोंच रही थी। मेरे मन में आया की मैं अगर और खुल कर बातें करूँ, कुछ गालियां सुनाऊँ, कुछ अपनी चूंचियां दिखाऊँ तो इसके लण्ड खड़ा होने लगेगा और तब मुझे नेकर के अंदर से ही उछलता हुआ लण्ड दिखायी पड़ेगा। एकाएक मेरा फोन आ गया। बस मैंने उसी का फायदा उठाया। मैं बोली हां बोल नमिता ,,,,,,, उसकी माँ की चूत ,,,,,,,, भोसड़ा दूंगी मैं उसकी माँ का ,,,,,,,,,उसकी तो झांटें उखाड़ लूंगी मादर चोद की ,,,, लण्ड उखाड़ के फेंक दूँगी मैं ,,,,,,,, हाय रे अपनी माँ चुदवाती है ,,,,,,,,मुझे छोटे और पतले लण्ड बिलकुल पसंद नहीं ,,,,,,,,,,लण्ड ८" से कम न हो और मोटा हो ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,उसकी गांड साले की ,,,,,,,,,, उसकी बहन की बुर ,,,,,,उसकी बिटिया की बुर ,,,,,,चूसती है तो चूसने दो लण्ड ,,,,,,,मैं उसका लण्ड चोदूंगी भोसड़ी वाले का ? ठीक है ओ के।
फोन बंद हो गया तो मैंने कहा sorry अंकल वो मेरी फ्रेंड थी। मैं तो अपने दोस्तों से ऐसे ही बातें करती हूँ। मैंने देखा की उसका लण्ड टन टनाने लगा है। इधर मैंने भी चूंचियां आधे से अधिक खोल रखीं थी। उसकी निगाहें मेरी चूंचियां ताक रही थीं। मैं मन ही मन से खुश हो रही थी और मेरे अंदर की आग जोर से सुलग रही थी। अंकल ने कहा समीना तू गालियां अच्छी तरह देती है ?
मैंने मुस्कराकर बड़ी सेक्सी तिरछीं निगाहों से कहा मैं बुर भी अच्छी तरह देती हूँ, भोसड़ी के अंकल ?
मेरे जबाब से वह सिहर उठा। उसका लण्ड एकदम से उछल पड़ा। उसे नहीं मालूम था की मैं इस तरह खुल कर बोलूंगी ? मैं उठी और अंकल के बगल में बैठ कर उसकी नेकर में हाथ घुसेड़ दिया। नेकर में नाड़ा नहीं था एलास्टिक थी इसलिए हाथ सीधे लण्ड से टकरा गया । मैं लण्ड पकड़ कर फिर बोली अंकल मैं इसी मादर चोद को बुर दूँगी, अपनी। वह भी जोश में आ गया और मुझे अपनी तरफ खींच कर चिपका लिया। उसका हाथ मेरी चूंची पर चला गया और मेरा हाथ उसके लण्ड से खेलने लगा। मैंने कहा अंकल मैं उस दिन भी तुझे बुर देने आई थी लेकिन उसी समय मेरा फोन आ गया इसलिए मैं चली गयी। वह बोला वाओ, यह बात मुझे नहीं मालूम थी समीना। लेकिन तुम मुझे क्यों बुर देना चाहती थीं, समीना ?
मैंने कहा इसलिए की मुझ पर तेरे लण्ड ने जादू कर दिया है। याद है तुम्हे जब पिछले हफ्ते आई थी मैं तब तुम आँगन में ही नहा रहे थे। तुम एक हलकी सी नेकर पहने थे। तेरा लण्ड ऑलमोस्ट खड़ा था। लण्ड पूरा भीगा था। बाहर का दरवाजा खुला था। मैं अंदर आ गयी। तुम समझे की मैं अकेला ही हूँ और फिर तुमने अपनी नेकर उतार कर फेंक दी। तेरा टन टनाता हुआ लण्ड मेरी आँखों में घुस गया। मेरे दिल में घुस गया। मेरी चूत गीली हो गयी ससुरी। मैं बड़ी देर तक लण्ड देखती रही। लण्ड के पेल्हड़ देखती रही । तेरी झांटें बनी थी, लण्ड चिकना था, लण्ड का सुपाड़ा बाहर निकला हुआ था । तुमने भी लण्ड पकड़ कर २/३ हिलाया तो मुझे मज़ा आया। मेरा मन हुआ की मैं अभी जाकर तेरा लण्ड खा जाऊं ?
लेकिन मैंने अपने आपको संभाला और यह तय कर लिया की अब मैं इसे किसी न किसी दिन अपनी बुर में पेलूँगी। उस दिन इसी इरादे से आई थी लेकिन मेरा फोन भोसड़ी वाले ने सारा खेल बिगाड़ दिया और मैं चली गयी। लेकिन आज मैं पूरी तैयारी से आई हूँ। आज तो मैं तेरा लण्ड लेकर ही जाऊँगी। आज तुझे अपनी बुर देकर ही जाऊँगी । आज मैं भकाभक चुदवा कर ही जाऊँगी। आज मुझे चुदवाने से दुनिया की कोई भी ताकत नहीं रोक सकती ? ऐसा कह कर मैंने अपना टॉप खोल दिया। मेरी नंगी चूंचियां उसके आँखों के सामने नाचने लगीं । मैंने उसकी नेकर खोल दी और वह पूरा नंगा हो गया और इधर मैं भी पूरी नंगी हो गयी। मुझे नंगे मरद बहुत अच्छे लगते हैं और मुझे मर्दों के आगे नंगी होने में भी बहुत मज़ा आता है।
मैंने उसका लण्ड पकड़ लिया और मस्ती से हिलाने लगी। मेरा पूरा बदन ख़ुशी के मारे नाच उठा। लौड़ा पूरा मेरे मन का था। लंबा भी और मोटा भी ? गोरा भी और चिकना भी ? साफ़ सुथरा भी और बिना झांट वाला भी ? मुझे चिकने लण्ड बहुत पसन्द हैं । मैं झांटू लण्ड पर हाथ भी नहीं लगाती ? मुझे उसके लण्ड पर प्यार आ गया और मैं पुचकारने लगी लण्ड उसकी चुम्मी लेने लगी। मुझे लण्ड से बातें करने में बड़ा अच्छा लगता है। मैं उससे बोली हाय मेरे लण्ड राजा बहुत तड़पाया तूने मुझे ? मैंने जाने कबसे तेरा इंतज़ार कर रही हूँ। आज तू मुझे मिला है भोसड़ी का ? आज तू मुझे चोदेगा न ? ठीक से चोदेगा न, पूरा अंदर घुस कर चोदेगा न ? हां इसी तरह चोदना नहीं तो मैं तेरी माँ चोद दूँगी ?
मैं बीच बीच में पेल्हड़ भी सहलाने लगी और उसकी जाँघों पर भी हाथ फिराने लगी। अंकल तो मेरे पूरे नंगे बदन पर हाथ फेर रहा था। कभी पीठ पर, कभी गांड पर, कभी चूंचियों पर तो कभी जाँघों पर। जितनी मैं मस्त थी उतना वह भी था मादर चोद ?
मैं उसका लण्ड चूस रही थी वह मेरा पूरा बदन चूस रहा था। वैसे मैं पहले भी कई लण्ड चूस चुकी हूँ और आज भी कई लण्ड चूसती हूँ लेकिन अंकल का लण्ड मुझे ज्यादा ही अच्छा लग रहा था। मेरी चूत भोसड़ी की गरम होती जा रही थी। तब मैंने कहा भोसड़ी के अंकल तुझे याद है न मैंने कहा था की एक दिन मैं तुझे अपनी बुर जरूर दूँगी आज तुम मेरी बुर ले लो ? मैं अपनी बुर देने के लिए पूरी तरह तैयार हूँ,अंकल ? पेलो न मेरी चूत में अपना मादर चोद लण्ड ? वह बोला अरे बुर चोदी समीना पहले अपने मुंह से तो निकाल मेरा लण्ड, तभी तो मैं चोदूंगा तुझे ? बस लण्ड मेरे मुंह से निकला और मेरी चूत में सीधा घुस गया और वह मुझे भकाभक चोदने लगा। मैं भी बुर चोदी झमाझम चुदवाने लगी।
मैं बोले जा रही थी। उई माँ पूरा पेल दे लण्ड साले मादर चोद। ,, धकाधक चोद मेरी बुर ,,,,,, हां हां ऐसे ही चोदो मेरे राजा ? ,, और चोदो ,,, और जोर जोर से चोदो न ,,,, ओये, हां उई बड़ा मज़ा आ रहा है धच्च धच्च चोदो भोसड़ी के ,,, अपनी बिटिया की बुर की तरह चोदो ,,,, वाह कितना बढ़िया लौड़ा है तेरा बहन चोद ? ,,,,, सबको तू इसी तरह चोदता है ? साला कुत्ता की तरह चोद रहा है तू ,, बड़ा हरामी है तेरा लौड़ा ? तेरी बहन की बुर अंकल ? तेरी माँ की चूत साले तेरी बिटिया की बुर ? बड़ा मस्त चोदने वाला है तू। किसी दिन मेरी माँ का भोसड़ा भी चोदना ? छुप छुप कर नहीं मेरे सामने चोदना मेरी माँ का भोसड़ा ? हाय रे कितना मज़ा आ रहा है ? अब तो मुझे पीछे से चोद ? मैं हर तरह से चुदवा रही थी।
उस दिन मुझे अंकल से चुदवाने में बड़ा मज़ा आया। मैंने सोंच लिया की अब मैं यहाँ अक्सर आऊँगी और अंकल से चुदवा कर जाऊँगी।
उसके बाद मैं सीधे अपने घर आ गयी। मैं जैसे ही घर में घुसी तो देखा की वहां कमरे में एक मौलाना बैठा है। मुझे देखते है अम्मी बोली अरी समीना कहाँ से आ रही है अपनी माँ चुदवाकर ? मैंने कहा मैं गांड मरा के आ रही हूँ लेकिन इससे तुझे क्या ? तू बता तू क्या कर रही है ? वह बोली अरी समीना देख यह हज़रत मौलाना आया है। मैंने इसे तेरी माँ चोदने के लिए बुलाया है। सुना है इसका लौड़ा बहुत बड़ा है। ज़रा इसका लौड़ा खोल कर देख न समीना। मैंने कहा नहीं अम्मी मैं इस भोसड़ी वाले का लण्ड नहीं देखूँगी। इसकी बड़ी बड़ी दाढ़ी है तो इसकी बड़ी बड़ी झांटें भी होंगी और मैं झांट वाले लण्ड नहीं पकड़ती ? तब वह बोली अच्छा तो तू अंदर जा और अपने सारे कपडे उतार कर नंगी नंगी ही आ जा ? यहन और कोई तो हैं नहीं ?
मैं जब वापस आई तो देखा की अम्मी उसका लण्ड पकड़ कर हिला रही हैं। मैंने देखा की लौड़ा बहन चोद बड़ा चिकना है। झांटें तो बिलकुल है ही नहीं। लण्ड मोटा भी है और लंबा ? बस मेरी भी चूत मस्ता उठी और मैंने हाथ बढ़ा कर लण्ड पकड़ लिया। अम्मी ने बताया की इसे लड़कियों की बुर चाटने का बड़ा शौक है। तुम इसे अपनी बुर चटाओ समीना और मैं इसका लण्ड चाटती हूँ। उसके बाद मैं इसे अपनी बुर चटाऊंगी और तुम इसका लण्ड चाटना। हम दोनों ने मिलकर उसका इसी तरह लण्ड भी चाटा, अपनी अपनी बुर भी चटवाई और फिर भकाभक चुदवाया भी। लौड़ा तो साला वाकई ९" का था। चुदाने में मुझे भी मज़ा आया और अम्मी को भी ?
दूसरे दिन फिर मेरा मूड बन गया तो मैं इब्राहिम अंकल के घर चली गयी। दरवाजा खुला तो मैंने देखा की अंदर एक नौजवान लड़का खड़ा है अंकल नहीं है।
बीवियां खुद मुझसे चुदवाने मेरे घर आतीं हैं। पीटर भी लोगों की बीवियां मेरे साथ चोदने लगा है इसलिए वह अक्सर मेरे घर दोपहर को आ जाता है ? वज़ह यह है की जब लोग ऑफिस चले जातें है और बच्चे स्कूल तब बीवियां चुपके से मेरे घर आतीं है और चुदवा कर चली जाती हैं। कुछ तो बुर चोदी शॉपिंग के बहाने मुझसे चुदवाने आ जाती हैं। कुछ अपनी सहेली के जाने के बहाने मेरे घर चुदाने आतीं है। लड़कियां कॉलेज जाने के बहाने मुझसे चुदवाने आ जातीं है। हम दोनों हर रोज़ ३/४ बुर तो चोद ही लेतें हैं।
वह बोला आज तुम शायद पहली बार मेरे साथ दारू पी रही हो समीना ? मैंने कहा हां यह मेरा पहला मौक़ा है पर मैंने इसके पहले भी आपके साथ दारू पीने की कोशिश की थी लेकिन पी नहीं सकी ? उसने कहा अरे तो मुझे बताया क्यों नहीं ? शर्माने की क्या जरुरत ? नेक काम में देरी नहीं करनी चाहिए ? now tell me how is your life going on ? मैंने कहा मेरी लाइफ तो बहन चोद बहुत अच्छी चल रही है, अंकल ? मैं इसे और अच्छी बनाना चाहती हूँ। उसने तपाक से कहा बोलो समीना मैं तेरी क्या मदद कर सकता हूँ ? मैंने कहा हां जरूर बताऊँगी अंकल बिना आपकी मदद के मैं अपनी लाइफे अच्छी नहीं बना सकती ?
मैं अंकल के मुंह लगी थी और बड़ी बेबाकी से बातें करती थी। अंकल भी मुझसे खुल कर बातें करते थे। आज वह अकेले नंगे बदन सोफ़ा पर बैठे शराब पी रहे थे जब मैं कमरे में आई। मैं उसकी चौड़ी छाती और उस पर घने घने बाल देख रही थी और साथ साथ उसकी नेकर के अंदर छिपे हुए लण्ड के बारे में भी सोंच रही थी। मेरे मन में आया की मैं अगर और खुल कर बातें करूँ, कुछ गालियां सुनाऊँ, कुछ अपनी चूंचियां दिखाऊँ तो इसके लण्ड खड़ा होने लगेगा और तब मुझे नेकर के अंदर से ही उछलता हुआ लण्ड दिखायी पड़ेगा। एकाएक मेरा फोन आ गया। बस मैंने उसी का फायदा उठाया। मैं बोली हां बोल नमिता ,,,,,,, उसकी माँ की चूत ,,,,,,,, भोसड़ा दूंगी मैं उसकी माँ का ,,,,,,,,,उसकी तो झांटें उखाड़ लूंगी मादर चोद की ,,,, लण्ड उखाड़ के फेंक दूँगी मैं ,,,,,,,, हाय रे अपनी माँ चुदवाती है ,,,,,,,,मुझे छोटे और पतले लण्ड बिलकुल पसंद नहीं ,,,,,,,,,,लण्ड ८" से कम न हो और मोटा हो ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,उसकी गांड साले की ,,,,,,,,,, उसकी बहन की बुर ,,,,,,उसकी बिटिया की बुर ,,,,,,चूसती है तो चूसने दो लण्ड ,,,,,,,मैं उसका लण्ड चोदूंगी भोसड़ी वाले का ? ठीक है ओ के।
फोन बंद हो गया तो मैंने कहा sorry अंकल वो मेरी फ्रेंड थी। मैं तो अपने दोस्तों से ऐसे ही बातें करती हूँ। मैंने देखा की उसका लण्ड टन टनाने लगा है। इधर मैंने भी चूंचियां आधे से अधिक खोल रखीं थी। उसकी निगाहें मेरी चूंचियां ताक रही थीं। मैं मन ही मन से खुश हो रही थी और मेरे अंदर की आग जोर से सुलग रही थी। अंकल ने कहा समीना तू गालियां अच्छी तरह देती है ?
मैंने मुस्कराकर बड़ी सेक्सी तिरछीं निगाहों से कहा मैं बुर भी अच्छी तरह देती हूँ, भोसड़ी के अंकल ?
मेरे जबाब से वह सिहर उठा। उसका लण्ड एकदम से उछल पड़ा। उसे नहीं मालूम था की मैं इस तरह खुल कर बोलूंगी ? मैं उठी और अंकल के बगल में बैठ कर उसकी नेकर में हाथ घुसेड़ दिया। नेकर में नाड़ा नहीं था एलास्टिक थी इसलिए हाथ सीधे लण्ड से टकरा गया । मैं लण्ड पकड़ कर फिर बोली अंकल मैं इसी मादर चोद को बुर दूँगी, अपनी। वह भी जोश में आ गया और मुझे अपनी तरफ खींच कर चिपका लिया। उसका हाथ मेरी चूंची पर चला गया और मेरा हाथ उसके लण्ड से खेलने लगा। मैंने कहा अंकल मैं उस दिन भी तुझे बुर देने आई थी लेकिन उसी समय मेरा फोन आ गया इसलिए मैं चली गयी। वह बोला वाओ, यह बात मुझे नहीं मालूम थी समीना। लेकिन तुम मुझे क्यों बुर देना चाहती थीं, समीना ?
मैंने कहा इसलिए की मुझ पर तेरे लण्ड ने जादू कर दिया है। याद है तुम्हे जब पिछले हफ्ते आई थी मैं तब तुम आँगन में ही नहा रहे थे। तुम एक हलकी सी नेकर पहने थे। तेरा लण्ड ऑलमोस्ट खड़ा था। लण्ड पूरा भीगा था। बाहर का दरवाजा खुला था। मैं अंदर आ गयी। तुम समझे की मैं अकेला ही हूँ और फिर तुमने अपनी नेकर उतार कर फेंक दी। तेरा टन टनाता हुआ लण्ड मेरी आँखों में घुस गया। मेरे दिल में घुस गया। मेरी चूत गीली हो गयी ससुरी। मैं बड़ी देर तक लण्ड देखती रही। लण्ड के पेल्हड़ देखती रही । तेरी झांटें बनी थी, लण्ड चिकना था, लण्ड का सुपाड़ा बाहर निकला हुआ था । तुमने भी लण्ड पकड़ कर २/३ हिलाया तो मुझे मज़ा आया। मेरा मन हुआ की मैं अभी जाकर तेरा लण्ड खा जाऊं ?
लेकिन मैंने अपने आपको संभाला और यह तय कर लिया की अब मैं इसे किसी न किसी दिन अपनी बुर में पेलूँगी। उस दिन इसी इरादे से आई थी लेकिन मेरा फोन भोसड़ी वाले ने सारा खेल बिगाड़ दिया और मैं चली गयी। लेकिन आज मैं पूरी तैयारी से आई हूँ। आज तो मैं तेरा लण्ड लेकर ही जाऊँगी। आज तुझे अपनी बुर देकर ही जाऊँगी । आज मैं भकाभक चुदवा कर ही जाऊँगी। आज मुझे चुदवाने से दुनिया की कोई भी ताकत नहीं रोक सकती ? ऐसा कह कर मैंने अपना टॉप खोल दिया। मेरी नंगी चूंचियां उसके आँखों के सामने नाचने लगीं । मैंने उसकी नेकर खोल दी और वह पूरा नंगा हो गया और इधर मैं भी पूरी नंगी हो गयी। मुझे नंगे मरद बहुत अच्छे लगते हैं और मुझे मर्दों के आगे नंगी होने में भी बहुत मज़ा आता है।
मैंने उसका लण्ड पकड़ लिया और मस्ती से हिलाने लगी। मेरा पूरा बदन ख़ुशी के मारे नाच उठा। लौड़ा पूरा मेरे मन का था। लंबा भी और मोटा भी ? गोरा भी और चिकना भी ? साफ़ सुथरा भी और बिना झांट वाला भी ? मुझे चिकने लण्ड बहुत पसन्द हैं । मैं झांटू लण्ड पर हाथ भी नहीं लगाती ? मुझे उसके लण्ड पर प्यार आ गया और मैं पुचकारने लगी लण्ड उसकी चुम्मी लेने लगी। मुझे लण्ड से बातें करने में बड़ा अच्छा लगता है। मैं उससे बोली हाय मेरे लण्ड राजा बहुत तड़पाया तूने मुझे ? मैंने जाने कबसे तेरा इंतज़ार कर रही हूँ। आज तू मुझे मिला है भोसड़ी का ? आज तू मुझे चोदेगा न ? ठीक से चोदेगा न, पूरा अंदर घुस कर चोदेगा न ? हां इसी तरह चोदना नहीं तो मैं तेरी माँ चोद दूँगी ?
मैं बीच बीच में पेल्हड़ भी सहलाने लगी और उसकी जाँघों पर भी हाथ फिराने लगी। अंकल तो मेरे पूरे नंगे बदन पर हाथ फेर रहा था। कभी पीठ पर, कभी गांड पर, कभी चूंचियों पर तो कभी जाँघों पर। जितनी मैं मस्त थी उतना वह भी था मादर चोद ?
मैं उसका लण्ड चूस रही थी वह मेरा पूरा बदन चूस रहा था। वैसे मैं पहले भी कई लण्ड चूस चुकी हूँ और आज भी कई लण्ड चूसती हूँ लेकिन अंकल का लण्ड मुझे ज्यादा ही अच्छा लग रहा था। मेरी चूत भोसड़ी की गरम होती जा रही थी। तब मैंने कहा भोसड़ी के अंकल तुझे याद है न मैंने कहा था की एक दिन मैं तुझे अपनी बुर जरूर दूँगी आज तुम मेरी बुर ले लो ? मैं अपनी बुर देने के लिए पूरी तरह तैयार हूँ,अंकल ? पेलो न मेरी चूत में अपना मादर चोद लण्ड ? वह बोला अरे बुर चोदी समीना पहले अपने मुंह से तो निकाल मेरा लण्ड, तभी तो मैं चोदूंगा तुझे ? बस लण्ड मेरे मुंह से निकला और मेरी चूत में सीधा घुस गया और वह मुझे भकाभक चोदने लगा। मैं भी बुर चोदी झमाझम चुदवाने लगी।
मैं बोले जा रही थी। उई माँ पूरा पेल दे लण्ड साले मादर चोद। ,, धकाधक चोद मेरी बुर ,,,,,, हां हां ऐसे ही चोदो मेरे राजा ? ,, और चोदो ,,, और जोर जोर से चोदो न ,,,, ओये, हां उई बड़ा मज़ा आ रहा है धच्च धच्च चोदो भोसड़ी के ,,, अपनी बिटिया की बुर की तरह चोदो ,,,, वाह कितना बढ़िया लौड़ा है तेरा बहन चोद ? ,,,,, सबको तू इसी तरह चोदता है ? साला कुत्ता की तरह चोद रहा है तू ,, बड़ा हरामी है तेरा लौड़ा ? तेरी बहन की बुर अंकल ? तेरी माँ की चूत साले तेरी बिटिया की बुर ? बड़ा मस्त चोदने वाला है तू। किसी दिन मेरी माँ का भोसड़ा भी चोदना ? छुप छुप कर नहीं मेरे सामने चोदना मेरी माँ का भोसड़ा ? हाय रे कितना मज़ा आ रहा है ? अब तो मुझे पीछे से चोद ? मैं हर तरह से चुदवा रही थी।
उस दिन मुझे अंकल से चुदवाने में बड़ा मज़ा आया। मैंने सोंच लिया की अब मैं यहाँ अक्सर आऊँगी और अंकल से चुदवा कर जाऊँगी।
उसके बाद मैं सीधे अपने घर आ गयी। मैं जैसे ही घर में घुसी तो देखा की वहां कमरे में एक मौलाना बैठा है। मुझे देखते है अम्मी बोली अरी समीना कहाँ से आ रही है अपनी माँ चुदवाकर ? मैंने कहा मैं गांड मरा के आ रही हूँ लेकिन इससे तुझे क्या ? तू बता तू क्या कर रही है ? वह बोली अरी समीना देख यह हज़रत मौलाना आया है। मैंने इसे तेरी माँ चोदने के लिए बुलाया है। सुना है इसका लौड़ा बहुत बड़ा है। ज़रा इसका लौड़ा खोल कर देख न समीना। मैंने कहा नहीं अम्मी मैं इस भोसड़ी वाले का लण्ड नहीं देखूँगी। इसकी बड़ी बड़ी दाढ़ी है तो इसकी बड़ी बड़ी झांटें भी होंगी और मैं झांट वाले लण्ड नहीं पकड़ती ? तब वह बोली अच्छा तो तू अंदर जा और अपने सारे कपडे उतार कर नंगी नंगी ही आ जा ? यहन और कोई तो हैं नहीं ?
मैं जब वापस आई तो देखा की अम्मी उसका लण्ड पकड़ कर हिला रही हैं। मैंने देखा की लौड़ा बहन चोद बड़ा चिकना है। झांटें तो बिलकुल है ही नहीं। लण्ड मोटा भी है और लंबा ? बस मेरी भी चूत मस्ता उठी और मैंने हाथ बढ़ा कर लण्ड पकड़ लिया। अम्मी ने बताया की इसे लड़कियों की बुर चाटने का बड़ा शौक है। तुम इसे अपनी बुर चटाओ समीना और मैं इसका लण्ड चाटती हूँ। उसके बाद मैं इसे अपनी बुर चटाऊंगी और तुम इसका लण्ड चाटना। हम दोनों ने मिलकर उसका इसी तरह लण्ड भी चाटा, अपनी अपनी बुर भी चटवाई और फिर भकाभक चुदवाया भी। लौड़ा तो साला वाकई ९" का था। चुदाने में मुझे भी मज़ा आया और अम्मी को भी ?
दूसरे दिन फिर मेरा मूड बन गया तो मैं इब्राहिम अंकल के घर चली गयी। दरवाजा खुला तो मैंने देखा की अंदर एक नौजवान लड़का खड़ा है अंकल नहीं है।
- मैंने कहा मैं इब्राहिम अंकल से मिलने आई हूँ।
- उसने बताया अंकल अभी बाहर गए हैं थोड़ी देर में आयेंगें आप चाहे तो बैठ कर इंतज़ार कर सकती हैं। बस मैं अंदर जाकर बैठ गयी।
- मैंने पूंछा आपका क्या नाम है आप अंकल को कबसे जानते है ? वह बोला मेरा नाम पीटर है मैं अंकल का दोस्त हूँ।
- मैंने हैरान हो गयी और बोली अंकल का दोस्त इतना जवान लड़का यह कैसे हो सकता है ?
- हो सकता है, हां बात यह है की हम दोनों के शौक एक जैसे ही हैं इसलिए दोस्ती हो गयी ?
- मैंने फिर पूंछा क्या शौक है ? वह कुछ बोला नहीं बल्कि मुस्कराने लगा।
- मैं कुछ भांप गयी तो कहा भोसड़ी के शर्माते क्यों हो बताओ न तेरा क्या शौक है ? (मेरी नज़र उसके लण्ड पर टिक गयी। वह एक नेकर पहने था। उसका लण्ड अंदर ही अंदर कुछ हरकत करने लगा)
- मैं फिर बोली अरे यार क्या गांड फट रही है तेरी बहन चोद ?
- आप क्या अंकल के सामने भी इसी तरह की गालियां बकती हैं।
- गालियां बकती नहीं उसे भी इसी तरह की गालियां देती हूँ भोसड़ी वाले को ? और कैसी गालियां देती हो उसे ?
- उसकी तो बहन की बुर चोद देती हूँ मैं, उसकी माँ का भोसड़ा, साला वो मेरी एक झांट भी नहीं उखाड़ पाता ?उसकी बिटिया की बुर चोदती मैं ? उसकी गांड में लण्ड ठोंकती हूँ मैं ? मादर चोद, मैं जब आती हूँ जब मेरे सामने अपना लण्ड खोल कर हिलाने लगता है, भोसड़ी का ? लण्ड साला उसका बहुत बड़ा है तो अपने आप को बड़ा चोदू समझता है वो ?
बीवियां खुद मुझसे चुदवाने मेरे घर आतीं हैं। पीटर भी लोगों की बीवियां मेरे साथ चोदने लगा है इसलिए वह अक्सर मेरे घर दोपहर को आ जाता है ? वज़ह यह है की जब लोग ऑफिस चले जातें है और बच्चे स्कूल तब बीवियां चुपके से मेरे घर आतीं है और चुदवा कर चली जाती हैं। कुछ तो बुर चोदी शॉपिंग के बहाने मुझसे चुदवाने आ जाती हैं। कुछ अपनी सहेली के जाने के बहाने मेरे घर चुदाने आतीं है। लड़कियां कॉलेज जाने के बहाने मुझसे चुदवाने आ जातीं है। हम दोनों हर रोज़ ३/४ बुर तो चोद ही लेतें हैं।
अच्छा यह बताओ तुमने इसका लौड़ा देखा की नहीं ? मैंने कहा नहीं अभी तो नहीं देखा ? बस देखने ही वाली थी की आप आ गए। वह बोला तो फिर अब देख लो न। मैं तो कहता हूँ पहले इसका लौड़ा ज़रा चाट चूट कर देख लो थोड़ा मुठ्ठ मार कर देख लो तब तक मैं शराब बनाता हूँ . आज तुम पहले इससे चुदवा लो। मैं बैठ कर तेरी चुदाई देखूंगा ? मैं उठी और अपने सारे कपडे खोल कर उनके सामने नंगी हो गयी और फिर पीटर को नंगा किया। उसका लण्ड पकड़ कर प्यार से हिलाने लगी। मुझे लौड़ा अच्छा लगा। मैंने कहा वाओ, लौड़ा तो मेरे मन का है अंकल ? मैं इसे भी अपनी माँ के भोसड़ा में पेलूँगी ? अभी तक तुम लोग लड़कियां चोदते हो ? मैं तुम्हे लड़कियों की माँ चोदना सिखा दूँगी। मैं बस लण्ड चूसने लगी ।
इतने में फिर घंटी बजी। अंकल ने दरवाजा खोला तो उसके साथ एक शादी शुदा लड़की अंदर आ गयी और मुझे लण्ड चूसते हुए देख लिया। वह बोली अंकल मैं मिस्टर जॉर्ज की wife हूँ और चुपके से तुमसे चुदवाने आई हूँ। प्लीज मुझे पहले चोदो। क्योंकि मैं अपने husband के आने के पहले अपनी घर वापस पहुँच जाना चाहती हूँ। वह उठी, अपने सभी कपडे बड़ी बेशर्मी से खोल कर नंगी हो गयी और अंकल का लण्ड पकड़ कर चूसने लगी। मैं समझ गयी की यह पहले से ही अंकल से चुदवा रही है।
उस दिन मैंने भी दोनों से खूब मस्ती से चुदवाया।
इतने में फिर घंटी बजी। अंकल ने दरवाजा खोला तो उसके साथ एक शादी शुदा लड़की अंदर आ गयी और मुझे लण्ड चूसते हुए देख लिया। वह बोली अंकल मैं मिस्टर जॉर्ज की wife हूँ और चुपके से तुमसे चुदवाने आई हूँ। प्लीज मुझे पहले चोदो। क्योंकि मैं अपने husband के आने के पहले अपनी घर वापस पहुँच जाना चाहती हूँ। वह उठी, अपने सभी कपडे बड़ी बेशर्मी से खोल कर नंगी हो गयी और अंकल का लण्ड पकड़ कर चूसने लगी। मैं समझ गयी की यह पहले से ही अंकल से चुदवा रही है।
उस दिन मैंने भी दोनों से खूब मस्ती से चुदवाया।
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