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लण्ड पर बैठती है और मज़ा लूटतीं है - Lund par baithne ka real majaa
लण्ड पर बैठती है और मज़ा लूटतीं है - Lund par baithne ka real majaa , लंड पर चूत सेट कर बैठ गई चुदने के लिए , Bhabhi ne lund ke upar baithkar maja liya , Maine husband ke samne hi lund ka maja liya , हाथ पकड़ के पैंट के ऊपर अपने खड़े लण्ड पर रख दिया , Biwiyan sabke land par baithti hai.
अम्मी बोली :- समीना, तू बुर चोदी बहरी हो गयी है क्या ? इतनी देर से कोई दरवाजा खटखटा रहा है। तू सुन रही है भोसड़ी की लेकिन दरवाजा खोल नहीं रही है। दरवाजा खोल के देख न कौन मादर चोद आया है ? बेटी मैं अभी बाथ रूम में हूँ ?
मैंने कहा अंकल आज तो तुम मेरी माँ का भोसड़ा भी चोदोगे ? वह बोला हां मुझे लगता तो है क्योंकि तेरी माँ मुझे देखेगी तो बिना चुदवाये मानेगी नहीं। मैंने पूंछा अंकल सुना है तेरी बेटी भी चुदवाने लगी है ? वह बोला हां मैंने भी सुना है ? जब उसकी माँ भोसड़ी की सबसे चुदवाती है तो फिर उसकी बेटी बुर चोदी क्यों नहीं चुदवायेगी ? वह भी जवान है और मैं चाहता हूँ की वह भी जवानी का मज़ा लुटे ? मैंने कहा अंकल तेरी बेटी अगर तेरे दोस्तों से चुदवाये तो ,,,,, ? वह बोला तो क्या ? तब तो और अच्छा है मैं भी उनकी बेटियां चोदूंगा जैसे तुम्हे चोद रहा हूँ। मैंने कहा अंकल तुम बड़े हरामी हो, मादर चोद हो, बहन का लण्ड हो, भोसड़ी वाले हो ? मुझे भी चोदते हो और मेरी माँ भी चोदते हो ? वह बोला हां तेरी गालियां सुन सुन कर मेरा लण्ड काबू के बाहर हो जाता है समीना तब मुझे तेरी चूत और तेरी माँ की चूत चोदने में बड़ा मज़ा आता है ?
थोड़ी देर में वह बोला खलास होने वाला हूँ। मैं तो पहले ही खलास हो चुकी थी। बस मैं उठ बैठी नौर लण्ड मुठ्ठी में लेकर सड़का मारने लगी। मैं सटासट फ़चाफ़च बार बार लण्ड मुठ्ठी से ऊपर नीचे कर रही थी। लण्ड गीला था ही और उस पर थूंक थूंक कर उसे और गीला कर देती थी. बस २ मिनट में वह सिसियाने लगा बोला समीना अब मैं निकल जाऊंगा। मैंने कहा मेरे मुंह में गिरा दे वीर्य भोसड़ी के मैं तेरा लण्ड चाटूंगी। तेरा लण्ड पियूंगी ? तेरा लण्ड पीने में मुझे बड़ा मज़ा आता है।
बस मैं झड़ता हुआ लण्ड चाटने लगी। चुदाने के बाद मैं अंकल को लेकर बाथ रूम गयी । वहां नहाया धोया। अंकल को नहलाया उसके लण्ड को नहलाया और फिर बाहर आ गयी। मैं फिर एक चादर ओढ़ कर अंदर से नंगी नगी नीचे कमरे में आ गयी। कमरे में आते ही मैंने देखा की अम्मी किसी का लण्ड चाट रही हैं। उसका भोसड़ा बिलकुल खुला है और चूंचियां भी खुली हैं। मैंने नजदीक आकर देखा तो बोली हाय रब्बा, भोसड़ी की अम्मी तू मेरे बॉय फ्रेंड का लण्ड चाट रही है ? तूने मुझे बताया तक नहीं की शैफ अली आया है ? तू तो बहन चोद इससे अपना भोसड़ा चुदवाने के मूड है . वह बोली तू बुर चोदी मेरे बॉय फ्रेंड से चुदवा सकती है तो क्या मैं तेरे बॉय फ्रेंड नहीं चुदवा सकती ? मैंने कहा अरे अम्मी शैफ अली तो मुझे चोदने आया था और लपक लिया तूने उसका लण्ड ? वह बोली भोसड़ी की समीना ताहिर भी मुझे चोदने आया था और बैठ गयी तू उसके लण्ड पर ? तूने मेरे मरद से चुदवाया तो अब मैं तेरे मरद से चुदवाऊँगी। मैंने कहा अम्मी वह वह मेरा मरद नहीं है मेरा दोस्त है ? वह बोली ताहिर भी मेरा मरद नहीं मेरा दोस्त है। समीना अब तू यहीं बैठ बुर चोदी और चुदवा अपनी माँ का भोसड़ा ? पेल दे अपने यार का लण्ड अपनी माँ के भोसड़ा में ?
मैं भी मस्ती में आ गयी और शैफ अली का लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। लण्ड तो पहले से ही टन्नाया हुआ था। मैंने उसे अम्मी की चूत पर रख दिया और उसकी गांड पर एक धक्का मारा। लण्ड सीधे अम्मी की चूत में घुस गया। शैफ ने फिर लण्ड बाहर निकाला और फिर अंदर पेल दिया। वह इसी तरह चोदने लगा मेरी माँ का भोसड़ा ? मैं अम्मी की चूंची उसकी गांड और उसकी चूत ऊपर से सहलाने लगी। अम्मी बोली समीना बड़ा मज़ा आ रहा है तुझे अपनी माँ चुदाने में ? भोसड़ी की कभी शर्म आती है तुझे अपनी माँ चुदाने में ? मैंने कहा अम्मी बुर चोदी, तेरी बेटी की चूत, तेरी बहन का भोसड़ा। शर्म मुझे क्यों आएगी जब तू मेरे यार का लौड़ा अपनी बुर में घुसा लेती है तो तुझे तो शरम नहीं आती ? तू तो बिलकुल छिनार है, बिलकुल रंडी है तू हरामजादी ? देखो न कैसे मेरा यार तेरा भोसड़ा बजा रहा है ?
वह बोली तू चिंता न कर मैं भी तेरी चूत इसी तरह बजाऊँगी। बड़े मोटे मोटे लण्ड पेलूँगी तेरी चूत में ? मैंने जबाब दिया तो फिर मैं क्या झांट उखाड़ूँगी बहन चोद ? लण्ड पेलना मुझे भी आता है। मैं लण्ड तेरी गांड में ठोंक दूँगी, अम्मी ? वह बोली मैं तेरे मुंह में ठूंस दूँगी लण्ड समीना तेरी माँ की चूत ?
मैं समझ रही थी की अम्मी को गालियां दे दे कर और गालियां सुन सुन कर चुदवाने में बड़ा मज़ा आता है। हम दोनों जब एक साथ चुदवातीं है तो एक दूसरे को गालियां खूब सुनाती हैं। इससे चुदवाने का मज़ा दूना हो जाता है. लण्ड भी साला भोंसड़ी का दूना मोटा और सख्त हो जाता है।
मैं बड़ी मस्ती से अपनी माँ चुदा रही हूँ और मेरी माँ भी अपनी बेटी बड़ी मस्ती से चुदवाती हैं। जब पेलती है लण्ड मेरी बुर में तो एक के बाद एक लण्ड पेलती जाती है।
आप सोंच रहें होंगें दोस्तों, की यहाँ कैसा रिस्ता है माँ बेटी के बीच में ? तो मैं आपको वह कहानी बताई हूँ जहाँ से हमारे सम्बन्ध चोदा चोदी के हो गये।
वास्तव में हम दोनों ही मुंबई में घर पर रहतीं हैं। हमारे साथ और कोई नहीं है। मेरा अब्बू दुबई में काम करता है और खूब पैसा कमाता है। हमारे पास पैसों की कमी नहीं है। मेरी जवानी तो १६ साल में ही निकल आई थी। मेरी चूंचियां बड़ी बड़ी हो गयीं थी। मेरी घनी घनी झांटें आ गयीं थी। मेरी जांघें मोटी मोटी हो गयीं थीं। मेरी चूत भी लगभग पक गयी थी । अब मुझे लण्ड पकड़ने की इच्छा होने लगी। मैंने अपने मन की बात अपनी सहेली गौहर को बतायी। वह मुझसे दो साल बड़ी थी।
उसने एक दिन अपने भाई जान का लण्ड मुझे पकड़ा दिया। लण्ड पकड़ते ही मेरा मुंह लाल हो गया। मेरी चूत जलने लगी। मेरे बदन में अजीब तरह की गर्मी सवार हो गयी। उसने पहले खुद लण्ड पकड़ा और फिर मुझे लण्ड पकड़ना सिखाया ? फिर बोली समीना लण्ड मुंह में ले लो और उसे चूसो। उसने मुझे लण्ड चूस कर बताया और फिर मैं लण्ड चूसने लगी। तब तक उसने मुझे नंगी कर दिया और खुद भी नंगी हो गयी। उसका भाई जान तो नंगा था ही। उसने मुझे पेल्हड़ भी थमा दिया और बोली समीना तुम क्या चूस रही हो ? मैंने कहा यही चूस रही हूँ। वह बोली इसका नाम क्या है समीना ? मैंने कहा यार तुमको तो मालूम है। वह बोली हां पर मैं जानना चाहती हूँ की तुम्हे मालूम है की नहीं ? मैने कहा हां मुझे मालूम है ? वह बोली तो फिर बताओ न इसे क्या कहते हैं ? मैंने कहा इसे 'लण्ड' कहते हैं ?
वह बोली एक सास में जितनी बार बोल सकती हो उतनी बार इसका नाम बोलो ? मैंने कहा 'लण्ड' 'लण्ड' 'लण्ड' 'लण्ड' 'लण्ड' 'लण्ड' 'लण्ड' 'लण्ड' 'लण्ड' ? उसने कहा इसका एक और नाम है सनीमा ? मैंने कहा हां मैं जानती हूँ। वह बोली तो फिर उसे भी बताओ न ? मैंने कहा 'लौड़ा' 'लौड़ा' 'लौड़ा' 'लौड़ा' 'लौड़ा' 'लौड़ा' 'लौड़ा' और 'लौड़ा' ? बस ? उसने पूंछा तुम्हे कुछ महसूस हुआ समीना ? मैंने बताया की हां मेरे 'लण्ड' कहते ही इसका लण्ड और मोटा हो गया और सख्त भी हो गया। तब उसने बताया देखो समीना लड़कों को लड़कियों के मुंह से 'लण्ड' सुनना बड़ा अच्छा लगता है। लड़कियों के मुंह से गालियां भी उन्हें बहुत अच्छी लगतीं हैं। तुम गालियां दे सकती हो तो दो। मैंने कहा माँ की लौड़ी, बुर चोदी, भोसड़ी की, तेरी बहन की बुर, तू मुझे गालियां सिखा रही है।
मेरे मुंह से गालियां सुनते ही लण्ड झड़ गया। उसने मुझे लण्ड चाट कर बताया की झड़ता हुआ लण्ड कैसे चाटा जाता है ? उसके बाद मैं हर दिन लण्ड पकड़ने लगी और चाटने लगी। उसके भाई जान का लण्ड, भाई जान के दोस्तों के लण्ड, उसके जीजू का लण्ड ? मैं लण्ड पे लण्ड पकड़ती गयी और चूसती गयी। फिर एक दिन उसने मुझे अपने अब्बू का लण्ड पकड़ा दिया। उस दिन मेरी गौहर ने लण्ड धीरे से मेरी चूत में घुसा दिया. मैं चिल्ला तो पड़ी लेकिन फिर मज़ा करने लगी। मुझे चुदाई का स्वाद मिल गया। तब मैं १९ साल की हो गयी थी। उस लण्ड को देख कर मेरी इच्छा हुई की मैं इसे अपनी माँ की चूत में पेलूँ तो कितना मज़ा आएगा ?
एक दिन अम्मी मुझे अपनी सहेली रेहाना के घर ले गयीं। रेहाना आंटी मेरी अम्मी की उम्र की हैं और उसकी बेटी नाज़ मेरी मेरी उम्र की। नाज़ उस समय नहीं थी जब हम लोग उसके घर पहुंची । आंटी बोली समीना तू शराब पीती है न ? अम्मी ने कहा मेरी बेटी सब कुछ पीती है। मैं अम्मी का इशारा समझ गयी लेकिन चुप रही। मैं सोंचने लगी की अम्मी का इशारा लण्ड पीने की तरफ है लेकिन मैंने तो कभी अम्मी के आगे लण्ड पिया नहीं ? बस फिर हम तीनो लोग शराब पीने लगीं ? आंटी बोली यार मेरी बेटी साली बड़ी आवारा हो चुकी है जाने कहाँ कहाँ घूमती रहती है बुर चोदी ? अम्मी ने कहा मेरी बेटी को पूरी आज़ादी है लेकिन वह ज्यादा कुछ करती ही नहीं ? इतने में उसकी बेटी नाज़ आ गयी।
मैंने कहा :- अरे नाज़ तुम दोनों क्या हमेशा इसी तरह से बातें करती हो ? इतनी गन्दी गन्दी गालियां एक दूसरे को देती हो ? न माँ को कोई शर्म और न बेटी को ? यह सब कैसे होता है ? मेरा तो दिमाग ही काम नहीं कर रहा है यार ?
नाज़ बोली :- अरी मेरी माँ की लौड़ी समीना देख जब लड़की जवान हो जाती है तो वह अपनी अम्मी की बेटी नहीं सहेली हो जाती है। /और फिर सहेली से क्या पर्दा ? चूत उसके पास और चूत मेरे भी पास। लण्ड उसे भी चाहिए और मुझे भी ? चुदाना उसे भी है और चुदाना मुझे भी ? लण्ड मैं भी खाती हूँ और लण्ड वह भी खाती है तो फिर आपस मे दूरी क्यों ? मैं तो हैरान हूँ की तूने अभी तक अपनी माँ क्यों नहीं चुदवाई ? यहाँ तो २० - २० साल की लड़कियां अपनी माँ चुदवाने लगी हैं। और सुन भोसड़ी की गालियों से आपस में प्यार बढ़ता है। चुदाई में जोश आता है। लण्ड में ताकत आती है ? मर्दों को मज़ा आता है। चूत मस्त हो जातीं है गालियां सुन सुन कर ?
रेहाना आंटी बोली :- आयसा तू भोसड़ी की अभी तक अपनी गांड मारा रही थी क्या ? कभी अपनी बेटी के हाथ में कोई लण्ड नहीं रखा तूने ? उसकी चूत में लण्ड नहीं पेला कभी। उस बिचारी की बुर नहीं चुदवाई तूने कभी ? तू कैसी अम्मी है यार ? उसे जवानी का मज़ा कैसे मिलेगा ?
नाज़ बोली :- अरे अम्मी आंटी ने कभी अपनी बेटी को कोई गाली भी नहीं दी। बेटी ने भी कोई गाली नहीं दी अपनी अम्मी को ?
आंटी बोली :- तू मादर चोद आयसा क्या करना चाहती है ? अपनी बेटी की चूत बर्बाद करना चाहती है ? उसे हमेशा चुदासी रखना चाहती है ? चल एक गाली सूना अपनी बेटी को यहीं सबके सामने ?
अम्मी बोली - समीना तेरी माँ की चूत ? नाज़ बोली अब समीना तू एक गाली अपनी माँ को दे।
मैंने कहा :- तेरी बिटिया की बुर आयसा ? आंटी ने कहां दो चार गालियां और दो आयसा ?
अम्मी बोली - भोसड़ी की समीना कितने लण्ड पी कर आई है तू ? तेरी माँ का भोसड़ा चोदूंगी किसी दिन ? हाथ भर का लण्ड घुसेड़ दूँगी तेरी गांड में ? नाज़ ने कहा समीना अब तुम अपनी माँ को गालियों से जबाब दो।
मैंने कहा - तो बुर चोदी आयसा हरामजादी तेरी बेटी की बुर में पेलूँगी बड़े बड़े लण्ड ? तेरे भोसड़ा की उखाड़ लूंगी झांटें ? तेरी चूंची नोंच कर तेरी गांड में घुसा दूँगी। तेरी बहन का भोदूँगी भोसड़ा ?
रेहाना और नाज़ ने खूब तालियां बजायीं। इस तरह हम दोनों वाकई एक दूसरे से खुल गयीं। रेहाना बोली आयसा तुम लोग यहीं बैठो मैं अभी आती हूँ। रेहाना और नाज़ दोनों चली गयीं। तब मैंने कहा अम्मी आज तो मज़ा आगया। अम्मी बोली हां समीना अब हम तुम इसी तरह से बातें किया करेंगीं। तुम मेरी बुर चोदो मैं तेरी बुर चोदूंगी। मैंने कहा हां भोसड़ी की आयसा तू ठीक कर रही है। अम्मी बोली हां बुर चोदी समीना तू ठीक समझ रही है। हम दोनों बस खिलखिलाकर हंस पड़ी।
इतने में मैंने देखा की रेहाना आंटी एकदम नंगी नंगी अपने दाहिने हाथ में एक लण्ड और बाएं हाथ में एक लण्ड पकड़े पकड़े मुस्कराती हुई हमारे पास आ रही हैं। हमें और हैरानी हुई जब उसकी बेटी नाज़ भी बिलकुल नगी नंगी अपने दोनों हाथों के एक एक लण्ड पकड़े हुए हंसती हुई कमरे में आ गयी. वह एक लण्ड मुझे पकड़ाते हुए बोली लो समीना अब तुम इसे चाटो और फिर इसे अपनी माँ के भोसड़ा में घुसेड़ दो और सबके सामने चोदो अपनी माँ का भोसड़ा ? उधर रेहाना आंटी ने एक लण्ड अम्मी को पकड़ा कर कहा आयसा तुम ये लण्ड चाटो और फिर उसे अपनी बिटिया की बुर में पेलो। सबके सामने चोदो अपनी बिटिया की बुर जैसे मैं चोदने जा रही हूँ अपनी बिटिया की बुर और मेरी बेटी चोदने जा रही है अपनी माँ का भोसड़ा ?
नाज़ फिर बोली :- समीना तेरे हाथ में है सप्रू अंकल का लण्ड और मेरे हाथ में है अली अंकल का लण्ड ? तेरी अम्मी टोनी मेरे बॉय फ्रेंड का लण्ड चाट रही है और मेरी अम्मी मेरे दूसरे बॉय फ्रेंड रज़ा का लण्ड चाट रही है। उधर नाज़ ने मुझे और मेरी अम्मी को भी नंगी कर दिया। हम चारो लोग एक एक लण्ड चाटने लॉगिन। कमरे में चुदाई का पूरा माहौल हो गया। चूत और लण्ड की महक से भर गया पूरा कमरा। थोड़ी देर में नाज़ ने लण्ड अपनी माँ के भोसड़ा में घुसेड़ दिया। मुझे देख कर मैंने भी लण्ड अपनी माँ के भोसड़ा में पेल दिया। वह अपनी माँ चुदाने लगी और मैं अपनी माँ चुदाने लगी. मुझेमज़ा आने लगा और मैं सोंचने लगी की मैंने माँ चुदाने में बड़ी देर कर दी। मुझे बहुत पहले माँ चुदाना शुरू कर देना चाहिए था।
जब थोड़ी देर तक दोनों का भोसड़ा चुद चुका तब आंटी ने लण्ड अपनी बिटिया नाज़ की बुर में घुसा दिया। उसे देख कर मेरी अम्मी ने लण्ड मेरी चूत में पेल दिया। उधर उसकी अम्मी अपनी बेटी की बुर चुदाने लगीं और इधर मेरी अम्मी मेरी बुर चुदाने लगी।
- मैंने कहा :- अरे अम्मी मैं दरवाजा खोल नहीं सकती ? तू ही बाथ रूम से निकल कर दरवाजा खोल दे ? नंगी नंगी ही खोल दे न ? कोई तुझे नंगी देखेगा तो क्या हुआ ?
- वह बोली :- तू नंगी नंगी नहीं खोल सकती दरवाजा ? तू क्या वहां अपनी माँ चुदा रही है बहन चोद ? तेरी गांड फटी जा रही है क्या दरवाजा खोलने में ? मैं कुछ समझ नहीं पा रही हूँ ? जा ज्यादा नखरे न कर देख कौन माँ का लौड़ा आया है जल्दी से बता मुझे ?
- मैंने कहा अम्मी तुम मेरी बात सुनती क्यों नहीं हो ? मैंने एक बार कहाँ न की मैं दरवाजा नहीं खोल सकती। मेरी मजबूरी है ? मेरी चूत का कबाड़ा मत करो अम्मी ?
- अम्मी बोली माँ की लौड़ी तेरी कौन सी मज़बूरी आ गयी है ? चूत का कबाड़ा दरवाजा खोलने से हो जायेगा ? अब ज्यादा माँ न चुदा अपनी और दरवाजा खोल कर बता मुझे ?
- मैंने कहा मैं किसी हालत में दरवाजा नहीं खोल सकती क्योंकि मैं अभी लण्ड पर बैठी हूँ, अम्मी ? हां हां लण्ड पर ? और लण्ड पूरी तरह घुस चुका है मेरी चूत में ? इसलिए मैं उठ नहीं सकती ? अगर तू मुझे उठाना ही चाहती है तो आजा और बैठ जा मेरी जगह लण्ड पर तब मैं उठ कर दरवाजा खोल दूँगी।
मैंने कहा अंकल आज तो तुम मेरी माँ का भोसड़ा भी चोदोगे ? वह बोला हां मुझे लगता तो है क्योंकि तेरी माँ मुझे देखेगी तो बिना चुदवाये मानेगी नहीं। मैंने पूंछा अंकल सुना है तेरी बेटी भी चुदवाने लगी है ? वह बोला हां मैंने भी सुना है ? जब उसकी माँ भोसड़ी की सबसे चुदवाती है तो फिर उसकी बेटी बुर चोदी क्यों नहीं चुदवायेगी ? वह भी जवान है और मैं चाहता हूँ की वह भी जवानी का मज़ा लुटे ? मैंने कहा अंकल तेरी बेटी अगर तेरे दोस्तों से चुदवाये तो ,,,,, ? वह बोला तो क्या ? तब तो और अच्छा है मैं भी उनकी बेटियां चोदूंगा जैसे तुम्हे चोद रहा हूँ। मैंने कहा अंकल तुम बड़े हरामी हो, मादर चोद हो, बहन का लण्ड हो, भोसड़ी वाले हो ? मुझे भी चोदते हो और मेरी माँ भी चोदते हो ? वह बोला हां तेरी गालियां सुन सुन कर मेरा लण्ड काबू के बाहर हो जाता है समीना तब मुझे तेरी चूत और तेरी माँ की चूत चोदने में बड़ा मज़ा आता है ?
थोड़ी देर में वह बोला खलास होने वाला हूँ। मैं तो पहले ही खलास हो चुकी थी। बस मैं उठ बैठी नौर लण्ड मुठ्ठी में लेकर सड़का मारने लगी। मैं सटासट फ़चाफ़च बार बार लण्ड मुठ्ठी से ऊपर नीचे कर रही थी। लण्ड गीला था ही और उस पर थूंक थूंक कर उसे और गीला कर देती थी. बस २ मिनट में वह सिसियाने लगा बोला समीना अब मैं निकल जाऊंगा। मैंने कहा मेरे मुंह में गिरा दे वीर्य भोसड़ी के मैं तेरा लण्ड चाटूंगी। तेरा लण्ड पियूंगी ? तेरा लण्ड पीने में मुझे बड़ा मज़ा आता है।
बस मैं झड़ता हुआ लण्ड चाटने लगी। चुदाने के बाद मैं अंकल को लेकर बाथ रूम गयी । वहां नहाया धोया। अंकल को नहलाया उसके लण्ड को नहलाया और फिर बाहर आ गयी। मैं फिर एक चादर ओढ़ कर अंदर से नंगी नगी नीचे कमरे में आ गयी। कमरे में आते ही मैंने देखा की अम्मी किसी का लण्ड चाट रही हैं। उसका भोसड़ा बिलकुल खुला है और चूंचियां भी खुली हैं। मैंने नजदीक आकर देखा तो बोली हाय रब्बा, भोसड़ी की अम्मी तू मेरे बॉय फ्रेंड का लण्ड चाट रही है ? तूने मुझे बताया तक नहीं की शैफ अली आया है ? तू तो बहन चोद इससे अपना भोसड़ा चुदवाने के मूड है . वह बोली तू बुर चोदी मेरे बॉय फ्रेंड से चुदवा सकती है तो क्या मैं तेरे बॉय फ्रेंड नहीं चुदवा सकती ? मैंने कहा अरे अम्मी शैफ अली तो मुझे चोदने आया था और लपक लिया तूने उसका लण्ड ? वह बोली भोसड़ी की समीना ताहिर भी मुझे चोदने आया था और बैठ गयी तू उसके लण्ड पर ? तूने मेरे मरद से चुदवाया तो अब मैं तेरे मरद से चुदवाऊँगी। मैंने कहा अम्मी वह वह मेरा मरद नहीं है मेरा दोस्त है ? वह बोली ताहिर भी मेरा मरद नहीं मेरा दोस्त है। समीना अब तू यहीं बैठ बुर चोदी और चुदवा अपनी माँ का भोसड़ा ? पेल दे अपने यार का लण्ड अपनी माँ के भोसड़ा में ?
मैं भी मस्ती में आ गयी और शैफ अली का लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। लण्ड तो पहले से ही टन्नाया हुआ था। मैंने उसे अम्मी की चूत पर रख दिया और उसकी गांड पर एक धक्का मारा। लण्ड सीधे अम्मी की चूत में घुस गया। शैफ ने फिर लण्ड बाहर निकाला और फिर अंदर पेल दिया। वह इसी तरह चोदने लगा मेरी माँ का भोसड़ा ? मैं अम्मी की चूंची उसकी गांड और उसकी चूत ऊपर से सहलाने लगी। अम्मी बोली समीना बड़ा मज़ा आ रहा है तुझे अपनी माँ चुदाने में ? भोसड़ी की कभी शर्म आती है तुझे अपनी माँ चुदाने में ? मैंने कहा अम्मी बुर चोदी, तेरी बेटी की चूत, तेरी बहन का भोसड़ा। शर्म मुझे क्यों आएगी जब तू मेरे यार का लौड़ा अपनी बुर में घुसा लेती है तो तुझे तो शरम नहीं आती ? तू तो बिलकुल छिनार है, बिलकुल रंडी है तू हरामजादी ? देखो न कैसे मेरा यार तेरा भोसड़ा बजा रहा है ?
वह बोली तू चिंता न कर मैं भी तेरी चूत इसी तरह बजाऊँगी। बड़े मोटे मोटे लण्ड पेलूँगी तेरी चूत में ? मैंने जबाब दिया तो फिर मैं क्या झांट उखाड़ूँगी बहन चोद ? लण्ड पेलना मुझे भी आता है। मैं लण्ड तेरी गांड में ठोंक दूँगी, अम्मी ? वह बोली मैं तेरे मुंह में ठूंस दूँगी लण्ड समीना तेरी माँ की चूत ?
मैं समझ रही थी की अम्मी को गालियां दे दे कर और गालियां सुन सुन कर चुदवाने में बड़ा मज़ा आता है। हम दोनों जब एक साथ चुदवातीं है तो एक दूसरे को गालियां खूब सुनाती हैं। इससे चुदवाने का मज़ा दूना हो जाता है. लण्ड भी साला भोंसड़ी का दूना मोटा और सख्त हो जाता है।
मैं बड़ी मस्ती से अपनी माँ चुदा रही हूँ और मेरी माँ भी अपनी बेटी बड़ी मस्ती से चुदवाती हैं। जब पेलती है लण्ड मेरी बुर में तो एक के बाद एक लण्ड पेलती जाती है।
आप सोंच रहें होंगें दोस्तों, की यहाँ कैसा रिस्ता है माँ बेटी के बीच में ? तो मैं आपको वह कहानी बताई हूँ जहाँ से हमारे सम्बन्ध चोदा चोदी के हो गये।
वास्तव में हम दोनों ही मुंबई में घर पर रहतीं हैं। हमारे साथ और कोई नहीं है। मेरा अब्बू दुबई में काम करता है और खूब पैसा कमाता है। हमारे पास पैसों की कमी नहीं है। मेरी जवानी तो १६ साल में ही निकल आई थी। मेरी चूंचियां बड़ी बड़ी हो गयीं थी। मेरी घनी घनी झांटें आ गयीं थी। मेरी जांघें मोटी मोटी हो गयीं थीं। मेरी चूत भी लगभग पक गयी थी । अब मुझे लण्ड पकड़ने की इच्छा होने लगी। मैंने अपने मन की बात अपनी सहेली गौहर को बतायी। वह मुझसे दो साल बड़ी थी।
उसने एक दिन अपने भाई जान का लण्ड मुझे पकड़ा दिया। लण्ड पकड़ते ही मेरा मुंह लाल हो गया। मेरी चूत जलने लगी। मेरे बदन में अजीब तरह की गर्मी सवार हो गयी। उसने पहले खुद लण्ड पकड़ा और फिर मुझे लण्ड पकड़ना सिखाया ? फिर बोली समीना लण्ड मुंह में ले लो और उसे चूसो। उसने मुझे लण्ड चूस कर बताया और फिर मैं लण्ड चूसने लगी। तब तक उसने मुझे नंगी कर दिया और खुद भी नंगी हो गयी। उसका भाई जान तो नंगा था ही। उसने मुझे पेल्हड़ भी थमा दिया और बोली समीना तुम क्या चूस रही हो ? मैंने कहा यही चूस रही हूँ। वह बोली इसका नाम क्या है समीना ? मैंने कहा यार तुमको तो मालूम है। वह बोली हां पर मैं जानना चाहती हूँ की तुम्हे मालूम है की नहीं ? मैने कहा हां मुझे मालूम है ? वह बोली तो फिर बताओ न इसे क्या कहते हैं ? मैंने कहा इसे 'लण्ड' कहते हैं ?
वह बोली एक सास में जितनी बार बोल सकती हो उतनी बार इसका नाम बोलो ? मैंने कहा 'लण्ड' 'लण्ड' 'लण्ड' 'लण्ड' 'लण्ड' 'लण्ड' 'लण्ड' 'लण्ड' 'लण्ड' ? उसने कहा इसका एक और नाम है सनीमा ? मैंने कहा हां मैं जानती हूँ। वह बोली तो फिर उसे भी बताओ न ? मैंने कहा 'लौड़ा' 'लौड़ा' 'लौड़ा' 'लौड़ा' 'लौड़ा' 'लौड़ा' 'लौड़ा' और 'लौड़ा' ? बस ? उसने पूंछा तुम्हे कुछ महसूस हुआ समीना ? मैंने बताया की हां मेरे 'लण्ड' कहते ही इसका लण्ड और मोटा हो गया और सख्त भी हो गया। तब उसने बताया देखो समीना लड़कों को लड़कियों के मुंह से 'लण्ड' सुनना बड़ा अच्छा लगता है। लड़कियों के मुंह से गालियां भी उन्हें बहुत अच्छी लगतीं हैं। तुम गालियां दे सकती हो तो दो। मैंने कहा माँ की लौड़ी, बुर चोदी, भोसड़ी की, तेरी बहन की बुर, तू मुझे गालियां सिखा रही है।
मेरे मुंह से गालियां सुनते ही लण्ड झड़ गया। उसने मुझे लण्ड चाट कर बताया की झड़ता हुआ लण्ड कैसे चाटा जाता है ? उसके बाद मैं हर दिन लण्ड पकड़ने लगी और चाटने लगी। उसके भाई जान का लण्ड, भाई जान के दोस्तों के लण्ड, उसके जीजू का लण्ड ? मैं लण्ड पे लण्ड पकड़ती गयी और चूसती गयी। फिर एक दिन उसने मुझे अपने अब्बू का लण्ड पकड़ा दिया। उस दिन मेरी गौहर ने लण्ड धीरे से मेरी चूत में घुसा दिया. मैं चिल्ला तो पड़ी लेकिन फिर मज़ा करने लगी। मुझे चुदाई का स्वाद मिल गया। तब मैं १९ साल की हो गयी थी। उस लण्ड को देख कर मेरी इच्छा हुई की मैं इसे अपनी माँ की चूत में पेलूँ तो कितना मज़ा आएगा ?
एक दिन अम्मी मुझे अपनी सहेली रेहाना के घर ले गयीं। रेहाना आंटी मेरी अम्मी की उम्र की हैं और उसकी बेटी नाज़ मेरी मेरी उम्र की। नाज़ उस समय नहीं थी जब हम लोग उसके घर पहुंची । आंटी बोली समीना तू शराब पीती है न ? अम्मी ने कहा मेरी बेटी सब कुछ पीती है। मैं अम्मी का इशारा समझ गयी लेकिन चुप रही। मैं सोंचने लगी की अम्मी का इशारा लण्ड पीने की तरफ है लेकिन मैंने तो कभी अम्मी के आगे लण्ड पिया नहीं ? बस फिर हम तीनो लोग शराब पीने लगीं ? आंटी बोली यार मेरी बेटी साली बड़ी आवारा हो चुकी है जाने कहाँ कहाँ घूमती रहती है बुर चोदी ? अम्मी ने कहा मेरी बेटी को पूरी आज़ादी है लेकिन वह ज्यादा कुछ करती ही नहीं ? इतने में उसकी बेटी नाज़ आ गयी।
- उसे देखते ही आंटी बोली किस किस का लण्ड हिला कर आ रही है तू बहन की लौड़ी ? तेरी माँ का भोसड़ा अगर तुझे देर हो रही थी तो फोन कर देती मुझे ? यहाँ मेरी झांटें सुलग रही हैं।
- अम्मी, तू तो जानती है की मैं अक्सर लेट हो जाती हूँ। ज़रा सी देरी में तेरी गांड क्यों फटने लगती है, अम्मी ?
- तुझे न अपनी माँ का ख़याल है और न अपनी माँ की चूत का ?
- मुझे बहुत ख़याल है अपनी माँ की चूत का। तू बस अपनी बिटिया की बुर की परवाह कर भोसड़ी की रेहाना ? पता नहीं किस किस की निगाह लगी रहती है तेरी बिटिया की बुर पर ?
- निगाह तो तेरी माँ के भोसड़ा पर भी रहती है लोगों की ? तूने कभी उसकी परवाह की है मेरी बुर चोदी नाज़ ?
- मेरी माँ का भोसड़ा इतना कमजोर नहीं है, अम्मी ? जो भी अपना लण्ड उसमे पेलेगा वह जल जायेगा माँ के भोसड़ा की आग में ?
- तो क्या तू मेरी बिटिया की बुर की आग कम समझ रही है ? बड़े बड़े लण्ड मोटे मोटे लण्ड साले शेर की तरह घुसते है मेरी बेटी की बुर में और चूहे की तरह बाहर निकल कर आतें है।
- अम्मी तेरी बेटी की बुर, तेरी बहन की चूत, ससुरी तू बहुत मेरी परवाह न किया कर ?
- तेरी माँ का भोसड़ा नाज़, तेरी बहन का लण्ड, तेरी फूफी की गांड साली तू जल्दी जल्दी अपनी माँ की चूत में लण्ड पेला कर ?
- तू भी अपनी बिटिया की बुर में लण्ड घुसेड़ा कर मेरी हरामजादी अम्मी ? उधर तेरा भोसड़ा चुदेगा तो इधर मेरी बुर चुदेगी।
मैंने कहा :- अरे नाज़ तुम दोनों क्या हमेशा इसी तरह से बातें करती हो ? इतनी गन्दी गन्दी गालियां एक दूसरे को देती हो ? न माँ को कोई शर्म और न बेटी को ? यह सब कैसे होता है ? मेरा तो दिमाग ही काम नहीं कर रहा है यार ?
नाज़ बोली :- अरी मेरी माँ की लौड़ी समीना देख जब लड़की जवान हो जाती है तो वह अपनी अम्मी की बेटी नहीं सहेली हो जाती है। /और फिर सहेली से क्या पर्दा ? चूत उसके पास और चूत मेरे भी पास। लण्ड उसे भी चाहिए और मुझे भी ? चुदाना उसे भी है और चुदाना मुझे भी ? लण्ड मैं भी खाती हूँ और लण्ड वह भी खाती है तो फिर आपस मे दूरी क्यों ? मैं तो हैरान हूँ की तूने अभी तक अपनी माँ क्यों नहीं चुदवाई ? यहाँ तो २० - २० साल की लड़कियां अपनी माँ चुदवाने लगी हैं। और सुन भोसड़ी की गालियों से आपस में प्यार बढ़ता है। चुदाई में जोश आता है। लण्ड में ताकत आती है ? मर्दों को मज़ा आता है। चूत मस्त हो जातीं है गालियां सुन सुन कर ?
रेहाना आंटी बोली :- आयसा तू भोसड़ी की अभी तक अपनी गांड मारा रही थी क्या ? कभी अपनी बेटी के हाथ में कोई लण्ड नहीं रखा तूने ? उसकी चूत में लण्ड नहीं पेला कभी। उस बिचारी की बुर नहीं चुदवाई तूने कभी ? तू कैसी अम्मी है यार ? उसे जवानी का मज़ा कैसे मिलेगा ?
नाज़ बोली :- अरे अम्मी आंटी ने कभी अपनी बेटी को कोई गाली भी नहीं दी। बेटी ने भी कोई गाली नहीं दी अपनी अम्मी को ?
आंटी बोली :- तू मादर चोद आयसा क्या करना चाहती है ? अपनी बेटी की चूत बर्बाद करना चाहती है ? उसे हमेशा चुदासी रखना चाहती है ? चल एक गाली सूना अपनी बेटी को यहीं सबके सामने ?
अम्मी बोली - समीना तेरी माँ की चूत ? नाज़ बोली अब समीना तू एक गाली अपनी माँ को दे।
मैंने कहा :- तेरी बिटिया की बुर आयसा ? आंटी ने कहां दो चार गालियां और दो आयसा ?
अम्मी बोली - भोसड़ी की समीना कितने लण्ड पी कर आई है तू ? तेरी माँ का भोसड़ा चोदूंगी किसी दिन ? हाथ भर का लण्ड घुसेड़ दूँगी तेरी गांड में ? नाज़ ने कहा समीना अब तुम अपनी माँ को गालियों से जबाब दो।
मैंने कहा - तो बुर चोदी आयसा हरामजादी तेरी बेटी की बुर में पेलूँगी बड़े बड़े लण्ड ? तेरे भोसड़ा की उखाड़ लूंगी झांटें ? तेरी चूंची नोंच कर तेरी गांड में घुसा दूँगी। तेरी बहन का भोदूँगी भोसड़ा ?
रेहाना और नाज़ ने खूब तालियां बजायीं। इस तरह हम दोनों वाकई एक दूसरे से खुल गयीं। रेहाना बोली आयसा तुम लोग यहीं बैठो मैं अभी आती हूँ। रेहाना और नाज़ दोनों चली गयीं। तब मैंने कहा अम्मी आज तो मज़ा आगया। अम्मी बोली हां समीना अब हम तुम इसी तरह से बातें किया करेंगीं। तुम मेरी बुर चोदो मैं तेरी बुर चोदूंगी। मैंने कहा हां भोसड़ी की आयसा तू ठीक कर रही है। अम्मी बोली हां बुर चोदी समीना तू ठीक समझ रही है। हम दोनों बस खिलखिलाकर हंस पड़ी।
इतने में मैंने देखा की रेहाना आंटी एकदम नंगी नंगी अपने दाहिने हाथ में एक लण्ड और बाएं हाथ में एक लण्ड पकड़े पकड़े मुस्कराती हुई हमारे पास आ रही हैं। हमें और हैरानी हुई जब उसकी बेटी नाज़ भी बिलकुल नगी नंगी अपने दोनों हाथों के एक एक लण्ड पकड़े हुए हंसती हुई कमरे में आ गयी. वह एक लण्ड मुझे पकड़ाते हुए बोली लो समीना अब तुम इसे चाटो और फिर इसे अपनी माँ के भोसड़ा में घुसेड़ दो और सबके सामने चोदो अपनी माँ का भोसड़ा ? उधर रेहाना आंटी ने एक लण्ड अम्मी को पकड़ा कर कहा आयसा तुम ये लण्ड चाटो और फिर उसे अपनी बिटिया की बुर में पेलो। सबके सामने चोदो अपनी बिटिया की बुर जैसे मैं चोदने जा रही हूँ अपनी बिटिया की बुर और मेरी बेटी चोदने जा रही है अपनी माँ का भोसड़ा ?
नाज़ फिर बोली :- समीना तेरे हाथ में है सप्रू अंकल का लण्ड और मेरे हाथ में है अली अंकल का लण्ड ? तेरी अम्मी टोनी मेरे बॉय फ्रेंड का लण्ड चाट रही है और मेरी अम्मी मेरे दूसरे बॉय फ्रेंड रज़ा का लण्ड चाट रही है। उधर नाज़ ने मुझे और मेरी अम्मी को भी नंगी कर दिया। हम चारो लोग एक एक लण्ड चाटने लॉगिन। कमरे में चुदाई का पूरा माहौल हो गया। चूत और लण्ड की महक से भर गया पूरा कमरा। थोड़ी देर में नाज़ ने लण्ड अपनी माँ के भोसड़ा में घुसेड़ दिया। मुझे देख कर मैंने भी लण्ड अपनी माँ के भोसड़ा में पेल दिया। वह अपनी माँ चुदाने लगी और मैं अपनी माँ चुदाने लगी. मुझेमज़ा आने लगा और मैं सोंचने लगी की मैंने माँ चुदाने में बड़ी देर कर दी। मुझे बहुत पहले माँ चुदाना शुरू कर देना चाहिए था।
जब थोड़ी देर तक दोनों का भोसड़ा चुद चुका तब आंटी ने लण्ड अपनी बिटिया नाज़ की बुर में घुसा दिया। उसे देख कर मेरी अम्मी ने लण्ड मेरी चूत में पेल दिया। उधर उसकी अम्मी अपनी बेटी की बुर चुदाने लगीं और इधर मेरी अम्मी मेरी बुर चुदाने लगी।
अम्मी ने कहा :- हाय रेहाना यार मुझे नहीं मालूम था की बेटी की बुर चुदाने में इतना मज़ा आता है ? और उससे ज्यादा मज़ा आता है बेटी से अपना भोसड़ा चुदवाना ? अब तो मैं अपनी बेटी के कहूँगी की वह हमेशा अपनी माँ का भोसड़ा चुदवाया करे ?
मैंने कहा :- हाय रेहाना आंटी और हाय नाज़ तुम लोगों ने मुझे और मेरी अम्मी को जवानी का असली मज़ा लेना सिखा दिया। अब तो मैं हमेशा अपनी माँ का भोसड़ा चुदवाऊँगी और अम्मी के कहूँगी की वह अपनी बिटिया की बुर चुदवाया करे ?
उसके बाद हम दोनों ने पीछे मुड़ कर कभी नहीं देखा ? मैं एक से बढ़कर एक लण्ड अपनी माँ के भोसड़ा में पेलती हूँ और अम्मी भी एक से एक बेहतर लण्ड मेरी बुर में पेलती है। मैं उसका भोसड़ा चुदवाती हूँ और वह मेरी बुर चुदवाती है ? हम दोनों एक साथ लण्ड पर बैठती हैं और मज़ा लूटतीं हैं।
मैंने कहा :- हाय रेहाना आंटी और हाय नाज़ तुम लोगों ने मुझे और मेरी अम्मी को जवानी का असली मज़ा लेना सिखा दिया। अब तो मैं हमेशा अपनी माँ का भोसड़ा चुदवाऊँगी और अम्मी के कहूँगी की वह अपनी बिटिया की बुर चुदवाया करे ?
उसके बाद हम दोनों ने पीछे मुड़ कर कभी नहीं देखा ? मैं एक से बढ़कर एक लण्ड अपनी माँ के भोसड़ा में पेलती हूँ और अम्मी भी एक से एक बेहतर लण्ड मेरी बुर में पेलती है। मैं उसका भोसड़ा चुदवाती हूँ और वह मेरी बुर चुदवाती है ? हम दोनों एक साथ लण्ड पर बैठती हैं और मज़ा लूटतीं हैं।
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