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बड़े बड़े लण्ड इसमें गोता लगाते हैं - Chut free me leni hai to yahan aaiye
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उस दिन मैं जैसे ही कमरे के पास गयी तो मुझे चुदाई की बड़ी जोर जोर की आवाज़ें आने लगीं। धच्च धच्च, भच्च भच्च, फच्च फच्च की आवाजों से कमरा गूँज रहा था। मैं समझ गयी की किसी की बुर चुद रही है या फिर किसी का भोसड़ा चुद रहा है। मैं छुप कर देखने लगी तो मालूम हुआ की मेरी अम्मी किसी से अपना भोसड़ा चुदवा रहीं हैं। बोल भी रहीं हैं की साले कुत्ते पूरा लौड़ा घुसेड़ के चोद ? जल्दी जल्दी चोद माँ के लौड़े जैसे अनवर की बीवी की बुर चोदता है तू. जैसे अपने साले की बीवी चोदता है तू ? जैसे सना की माँ का भोसड़ा चोदता है तू ? वैसे ही मेरा भी भोसड़ा चोद, बहन का लौड़ा । तेरे लण्ड में बड़ा दम है यार ? तेरी चोदने की स्टाइल भी बहुत बढ़िया है। एक बात का ख्याल रखना भोसड़ी के यह लड़कियों की बुर नहीं है, यह मेरा भोसड़ा है ? बड़े बड़े लण्ड इसमें गोता लगाते हैं।
वैसे तो मैं अम्मी को अच्छी तरह जानती हूँ लेकिन आज की इस चुदाई से और भी जान गयी हूँ। अम्मी जब अपना भोसड़ा चुदाने लगतीं है तो फिर दुनिया में किसी की परवाह नहीं करतीं ? वह किसी की नहीं सुनतीं। सिर्फ अपने भोसड़ा की सुनतीं है। जैसे उसका भोसड़ा बोलता है अम्मी वैसा ही करतीं हैं। उसे शर्म, लिहाज़, संकोच, झिझक कुछ भी नहीं है ? मैंने भी पूरी चुदाई में डिस्टर्ब नहीं किया। चुप चाप चुदवाने दिया और मैं दूर से देखती रही, लेकिन जब उसका भोसड़ा ढीला हो गया उधर लण्ड भी दुबक गया तो मैं कमरे में घुस गयी। मैंने दोनों को नंगे नंगे ही देख लिया। उस भोसड़ी वाले आदमी को तो मैं नहीं पहचान पायी लेकिन अब उसका लण्ड जरूर पहचान गयीं हूँ .उसका बुर चोदने का तरीका भी जान गयी हूँ।
मुझे देखते ही अम्मी बोली फरहा देखो बेटी तेरी माँ एक चुदक्कड़ औरत हूँ, बड़ी बेशर्म, बेहाया और बदचलन औरत है, उससे ज्यादा बेशरम और बदचलन है उसका भोसड़ा ? ये मेरी बात तो बिलकुल नहीं मानता ? साला इतना हरामी है बेटी तेरी माँ का भोसड़ा की ये दूर से ही सूंघ लेता है लण्ड ? और जैसे ही कोई लण्ड इसके पास आता तो यह अपने कपडे उतार कर फेंक देता है और पूरा नंगा हो जाता है मादर चोद ? उसके बाद उसी के आगे मुंह फैलाकर फ़ौरन गप्प से अपने अंदर घुसेड़ लेता है लण्ड ? इसी तरह हर रोज़ यह कोई न कोई लण्ड अपने अंदर ले लेता है। इसे किसी के भी लण्ड से परहेज़ नहीं है। कोई भी लण्ड इससे बच कर जा नहीं पाता ? ऐसा है तेरी माँ का भोसड़ा, बेटी ? अब देखो बेटी फरहा तेरी अम्मी जैसी भी है वैसे ही तुम्हे मजूर करना पड़ेगा ? जैसा भी है इसका भोसड़ा, इसकी चूत, उसी के साथ निभाना पडेगा बेटी। न तू अपनी माँ बदल सकती है और न माँ का भोसड़ा ? अब तू २२ साल की हो गयी है। पूरी तरह जवान है इसलिए हर बात समझती है.
मैंने कहा अम्मी मैं अपनी माँ के भोसड़ा के बारे में जानती हूँ। मैंने पहले भी कई बार तुझे चुदवाते हुए देखा है। आज जो देखा उससे और भी जान गयी हूँ मैं। लेकिन शायद तू अपनी बिटिया की बुर के बारे में कुछ भी नहीं जानती ? तेरी बिटिया की बुर बहन चोद तेरे भोसड़ा से कम नहीं है। लण्ड सूंघने की इसकी भी आदत है. ये भोसड़ी की लण्ड सूंघ कर लण्ड के साइज़ का भी पता लगा लेती है। और जब तक वह लण्ड अपने अंदर पेल नहीं लेती तब तक उसका पीछा करती रहती है। तेरी बेटी की बुर भी बिंदास है अम्मी ? बड़ी आवारा और मस्तानी है बुर चोदी । कॉलेज के सभी लड़कों के लण्ड ले चुकी है माँ की लौड़ी ? अम्मी मैं आज तुमसे साफ़ साफ़ बता रही हूँ की जो जो लण्ड तेरे भोसड़ा में घुसें है वो सभी लण्ड अपनी बिटिया की बुर में पेल दो, ताकि इसकी तमन्ना पूरी हो सके ? जैसे यह आदमी है। इस मादर चोद ने अभी मेरी माँ का भोसड़ा चोदा है इससे कहो की अब तुम मेरे सामने मेरी बेटी की बुर चोदो ? तेरी चुदाई देख कर मेरी चूत की आग भड़क गयी है अम्मी ? अब जैसी तेरी बेटी है, तेरी बेटी की चूत है वैसी ही तुझे accept पड़ेगा और उसी के साथ रहना पड़ेगा ? न तू अपनी बेटी बदल सकती है और न बेटी की बुर।
अम्मी ने कहा :- हाय दईया तेरी चूत तो बुर चोदी मेरे भोसड़ा का मुकाबला कर रही है ? मैं तो अभी तक तुझे भोली भाली लड़की ही समझती थी लेकिन तू तो पूरी जवान हो गयी है भोसड़ी की फरहा ? अब मैं पेलूँगी तेरी चूत में बड़े बड़े मस्ताने लण्ड ?
मैंने कहा :- मैं भी पेलूँगी तेरे भोसड़ा में एक से एक बढ़कर लण्ड ?
मेरी अम्मी का नाम है सबरीना और जो आदमी अम्मी की बुर चोद रहा है वह है अब्बास। अब्बास का लण्ड मुझे दिख तो रहा है लेकिन पूरा नहीं। हां मैं जान समझ गयी हूँ की लण्ड दमदार है। उसने मेरी बातें सुनकर अम्मी का भोसड़ा चोदने की स्पीड बढ़ा दी है। मैं भी उसके सामने बैठ गयी। लेकिन मुझे मेरे कपडे बर्दास्त नहीं हो रहे थे। मैं जब किसी की चुदाई देखती हूँ तो मेरे कपड़े अपने आप उतर जातें है। मैं नगी होकर देखती हूँ चुदाई। यह तक की नंगी होकर ब्लू फिल्म भी देखती हूँ और एकदम नंगी होकर 'Sex' की कहानियां भी पढ़ती हूँ। कहानियां बहन चोद इतनी गरम होती हैं की बदन पर एक रुमाल भी बर्दास्त नहीं होता ? मैं अम्मी का चुदता भोसड़ा नंगी नंगी बैठ कर देखने लगी। जब अम्मी का भोसड़ा चुद चुका तब वह बाथ रूम गयी और फ्रेश होकर बाहर आ गयीं उधर अब्बास भी तैयार होकर आ गया। मेरी चूत की आग तो भड़क ही रही थी। मैं इधर उधर की बातें करने लगीं। कपड़े न मैंने पहना और न अम्मी ने, न अब्बास ने।
मैंने पूंछा :- अब्बास भोसड़ी के, तेरा लौड़ा तो शानदार है। दिन में कितनी बुर चोद लेते हो तुम ?
वह बोला :- अरे बिटिया, मैं बुर चोदने का व्यापार तो करता नहीं ? मगर हां २/३ बुर तो चोद ही लेता हूँ। जब कोई मुझसे चुदवाने आती है या मुझे चुदाने के लिए ले जाती है तो मैं मना नहीं करता ? मैं किसी को निराश नहीं करता।
मैंने कहा :- तो लड़कियों की माँ चोदते हो या फिर लड़कियां भी ?
वह बोला :- देखो बेटी फरहा, मैं बुर चोदता हूँ । लड़की की बुर हो चाहे लड़की की माँ की बुर, चाहे किसी की बेटी की बुर हो, किसी की बहू की बुर, फिर किसी की बीवी की बुर, किसी की नन्द की बुर, किसी की सास की बुर या फिर किसी की खाला की, फूफी की, मामी की या पड़ोसन की बुर ? मेरा काम है बुर चोदना और मैं बुर चोदता हूँ।
मैंने कहा :- इसका मतलब तू अपनी बेटी की भी बुर चोदता होगा ?
वह बोला :- अगर मेरी बेटी मेरा लण्ड पकड़ कर अपनी बुर में घुसेड़ ले तो जरूर चोदूंगा। फिर मैं पीछे नहीं हटूंगा ?
तब अम्मी ने कहा :- देखो बेटी फरहा, मैंने कहा था न चोदा चोदी में कोई रिस्ता नहीं चलता ? सिर्फ लण्ड और चूत का मिलन चलता है। लण्ड भोसड़ी का चाहे जिसका हो ? बुर भोसड़ी की चाहे जिसकी हो ? बस चोदो और चुदाओ, मज़ा लूटो और लूटने दो।
तब तक अब्बास का लण्ड दुबारा खड़ा हो गया । मैं उसे सहला सहला कर बात कर रही थी। मैं झुक कर लण्ड चूसने लगी तो लण्ड और टन टना कर खड़ा हो गया। थोड़ी देर तक चाटने और चूसने के बाद मैंने उसे अपनी चूत में पेला और अम्मी के सामने ही भकाभक चुदवाने लगी। यह मेरा पहला मौका है जब मैं अम्मी के सामने चुदवा रही हूँ। वह मुझे देख कर बोली हाय फरहा तू तो मुझसे भी अच्छी तरह से चुदवा लेती है भोसड़ी की ? तेरी चूत तो वाकई बड़ी चकाचक है बेटी ? यह तो बड़े बड़े लण्ड निगल जाएगी। मेरी मस्ती और बढ़ गयी। मैं और मस्ती से चुदवाने लगी। आधे घंटे के बाद मैंने उसका लण्ड खलास कर दिया। अम्मी ने बड़े फक्र से कहा देखा भोसड़ी के अब्बास यह है मेरी बेटी की बुर ? इसने तेरे लण्ड को परास्त कर दिया।
दोस्तों, मैं एक बात आपको बता देती दूँ की मैं इस ब्लॉग की कहानियां पढ़ कर बड़ी बोल्ड हो गयी हूँ। फर्राटे दार इंग्लिश बोलती हूँ, फर्राटे दार गालियां देती हूँ और फर्राटे दार चुदवाती भी हूँ। मैं किसी से कोई झिझक नहीं करती ? न ही किसी का लण्ड चूसने में और न ही चुदवाने में ? मैं सबके साथ सक्स कर लेती हूँ। मैं सेक्स खूब एन्जॉय करती हूँ और खुले आम करती हूँ। यह बात मुझे मेरी अम्मी ने भी सिखाई है। देखो न उसकी ४६ साल की चूत भी अभी बिलकुल जवान है और १६ साल की चूत का मुकबला करती है। इसीलिए मेरा दिल दिमाग बिलकुल सही रहता है। असली बात तो यह है की लोगों की मेरे से गांड फटती है। मैं जिससे जो चाहती हूँ, करवा लेती हूँ। मैंने इन कहानियों से बहुत कुछ सीखा है. मैं कहानियां लिखने वाले की बहुत शुक्रगुज़ार हूँ। इतनी अच्छी कहानियां मैंने कहीं और देखीं ही नहीं ? हां अगर यह लिखने वाला है तो इसका लण्ड पकड़ने की तमन्ना है और अगर यह लिखने वाली है तो इसकी चूत देखना चाहती हूँ। इसकी गांड मारना चाहती हूँ क्योंकि इतनी हॉट कहानियां कैसे लिखती है बुर चोदी ?
गर्मी के दिन थे। दोपहर का समय था, मैं ए सी रूम में लेटी हुई कुछ सोंच रही थी। तभी अचानक मन बदला। मैंने फोन उठाया और बोली भोसड़ी के अनीस किसकी बीवी चोद रहे हो ? मैंने हवा में तीर चलाया। वह बोला चोद नहीं रहा हूँ चोद कर आया हूँ, परवेज़ की बीवी ? मैंने कहा मादर चोद तो मेरी बुर चोदने में तेरी गाड़ फटती है क्या ? वह बोला नहीं यार कहो तो अभी चोद दूँ ? मैंने कहा हां अभी चोदो मुझे और अकेले नहीं अपने किसी दोस्त को भी लेते आना ? वह आधे घंटे में आ गया। उसने कहा फरहा इससे मिलो यह है रकीब मेरा पक्का दोस्त ? मुझे रकीब पसंद आ गया। बस मैंने दारू दी और हम तीन ने दो दो पैग दारू एक ही बार में गटक लिया। नशा चढ़ा तो मैं अपने कपड़े खोल कर खड़ी हो गयी। मुझे नंगी देख कर उन लोगों के लण्ड टन्ना उठे। वे दोनों भी नंगे हो गये ? दोनों के खड़े लण्ड देख कर मैं बहुत ही खुश हुई और मेरी चूत की आग तो ज्यालामुखी हो गयी। मैंने अपने दोनों हाथों के एक एक लण्ड पकड़ा और सहलाना शुरू कर दिया और एक एक करके दोनों लण्ड चाटना ? मेरी मस्ती बढ़ते जा रही थी. मैं दोनों लण्ड बारी बारी से चूसने लगी। दोनों सुपाड़ा बहन चोद फूल कर कुप्पा हो गये थे।
थोड़ी देर में मैं चित लेट गयी और अनीस से कहा भोसड़ी के तुम अपना लण्ड मेरी बुर में पेलो और चोदो। मैं रकीब का लण्ड चूसते हुए तुमसे चुदवाऊँगी। अब एक लण्ड मेरी बुर में और एक लण्ड मेरे मुंह में। मैं बाहन चोद दो नो लण्ड का मज़ा लेते हुए चुदवाने लगी। मेरी गांड बार बार उचक रही थी। मेरे मुंह से गालकियां भी निकल रहीं थी। तब तक अम्मी कमरे में घुस आयीं और मुझे देख आकर बोली हाय अल्ला, फरहा तू बुर चोदी कितनी मस्ती से चुदवा रही है ? तेरी माँ की चूत भोसड़ी की मुझे पहले क्यों नहीं बताया ? मैं भी चुदवा लेती ? तेरी बहन का लण्ड ? मैंने कहा मैं क्या करती अम्मी जब मैंने दोनों लण्ड अपने हाथ में लिया तो तू भोसड़ी की घर पर नहीं थी। तू कहीं लौड़ा हिला रही होगी ऐसा मैंने सोंचा ? इसके बाद मैंने खुद ही चुदाना शुरू कर दिया क्योंकि मेरी चूत और इंतज़ार नहीं कर सकती थी। ऐसी है अम्मी, तेरी बिटिया की बुर ?
अम्मी बोली हाय दईया तो यह बात है ? अच्छा थोड़ा रुक मैं अभी आती हूँ। तब तक मैं इधर उठी और कुतिया बन गयी। मैंने कहा रकीब अब तुम मेरी बुर पीछे से चोदो। मैं सामने से अनीस का चूसते हुए चुदवाऊँगी। मैं अनीस का लण्ड चूसने लगी। बस १० मिनट में मैंने देखा की अम्मी अपने सारे कपड़ेखोले हुए अपनी भोसड़ा दिखाती और अपनी चूंचियां हिलाती हूँ कमरे में आ गयीं। मजे की बात यह है की उसके दोनों हाथ में एक एक लण्ड है। मैं लण्ड वालों को पहचान गयी। एक था मेरा भोसड़ी का खालू और दूसरा था मेरा मादर चोद चचा जान ? मैंने जब दोनों लण्ड देखे तो सोंचने लगी हाय रब्बा मैंने अब तक इन लोगों से चुदवाया क्यों नहीं ? इतने बढ़िया और मस्त लौड़े मैंने अपनी चूत में पेला क्यों नहीं ? मुझे क्या मालूम की ितमे मोटे तगड़े लण्ड घर में ही मौजूद हैं। मैंने कहा भोसड़ी की अम्मी यूने कभी इन लोगों के लण्ड मुझे नहीं पकड़ाया ? मेरी चूत में नहीं पेला कोई लौड़ा ? वह बोली तूने भी तो अपनी माँ के भोसड़ा में कोई लौड़ा नहीं पेला ? लें आज मैं यही दोनों लण्ड तेरी चूत में पेलूँगी और चोदूंगी तेरी बुर ? मैंने कहा अच्छा तो फिर मैं भी ये दोनों लण्ड तेरे भोसड़ा में पेलूँगी और चोदूंगी तेरा भोसड़ा ?
वैसे तो मैं अम्मी को अच्छी तरह जानती हूँ लेकिन आज की इस चुदाई से और भी जान गयी हूँ। अम्मी जब अपना भोसड़ा चुदाने लगतीं है तो फिर दुनिया में किसी की परवाह नहीं करतीं ? वह किसी की नहीं सुनतीं। सिर्फ अपने भोसड़ा की सुनतीं है। जैसे उसका भोसड़ा बोलता है अम्मी वैसा ही करतीं हैं। उसे शर्म, लिहाज़, संकोच, झिझक कुछ भी नहीं है ? मैंने भी पूरी चुदाई में डिस्टर्ब नहीं किया। चुप चाप चुदवाने दिया और मैं दूर से देखती रही, लेकिन जब उसका भोसड़ा ढीला हो गया उधर लण्ड भी दुबक गया तो मैं कमरे में घुस गयी। मैंने दोनों को नंगे नंगे ही देख लिया। उस भोसड़ी वाले आदमी को तो मैं नहीं पहचान पायी लेकिन अब उसका लण्ड जरूर पहचान गयीं हूँ .उसका बुर चोदने का तरीका भी जान गयी हूँ।
मुझे देखते ही अम्मी बोली फरहा देखो बेटी तेरी माँ एक चुदक्कड़ औरत हूँ, बड़ी बेशर्म, बेहाया और बदचलन औरत है, उससे ज्यादा बेशरम और बदचलन है उसका भोसड़ा ? ये मेरी बात तो बिलकुल नहीं मानता ? साला इतना हरामी है बेटी तेरी माँ का भोसड़ा की ये दूर से ही सूंघ लेता है लण्ड ? और जैसे ही कोई लण्ड इसके पास आता तो यह अपने कपडे उतार कर फेंक देता है और पूरा नंगा हो जाता है मादर चोद ? उसके बाद उसी के आगे मुंह फैलाकर फ़ौरन गप्प से अपने अंदर घुसेड़ लेता है लण्ड ? इसी तरह हर रोज़ यह कोई न कोई लण्ड अपने अंदर ले लेता है। इसे किसी के भी लण्ड से परहेज़ नहीं है। कोई भी लण्ड इससे बच कर जा नहीं पाता ? ऐसा है तेरी माँ का भोसड़ा, बेटी ? अब देखो बेटी फरहा तेरी अम्मी जैसी भी है वैसे ही तुम्हे मजूर करना पड़ेगा ? जैसा भी है इसका भोसड़ा, इसकी चूत, उसी के साथ निभाना पडेगा बेटी। न तू अपनी माँ बदल सकती है और न माँ का भोसड़ा ? अब तू २२ साल की हो गयी है। पूरी तरह जवान है इसलिए हर बात समझती है.
मैंने कहा अम्मी मैं अपनी माँ के भोसड़ा के बारे में जानती हूँ। मैंने पहले भी कई बार तुझे चुदवाते हुए देखा है। आज जो देखा उससे और भी जान गयी हूँ मैं। लेकिन शायद तू अपनी बिटिया की बुर के बारे में कुछ भी नहीं जानती ? तेरी बिटिया की बुर बहन चोद तेरे भोसड़ा से कम नहीं है। लण्ड सूंघने की इसकी भी आदत है. ये भोसड़ी की लण्ड सूंघ कर लण्ड के साइज़ का भी पता लगा लेती है। और जब तक वह लण्ड अपने अंदर पेल नहीं लेती तब तक उसका पीछा करती रहती है। तेरी बेटी की बुर भी बिंदास है अम्मी ? बड़ी आवारा और मस्तानी है बुर चोदी । कॉलेज के सभी लड़कों के लण्ड ले चुकी है माँ की लौड़ी ? अम्मी मैं आज तुमसे साफ़ साफ़ बता रही हूँ की जो जो लण्ड तेरे भोसड़ा में घुसें है वो सभी लण्ड अपनी बिटिया की बुर में पेल दो, ताकि इसकी तमन्ना पूरी हो सके ? जैसे यह आदमी है। इस मादर चोद ने अभी मेरी माँ का भोसड़ा चोदा है इससे कहो की अब तुम मेरे सामने मेरी बेटी की बुर चोदो ? तेरी चुदाई देख कर मेरी चूत की आग भड़क गयी है अम्मी ? अब जैसी तेरी बेटी है, तेरी बेटी की चूत है वैसी ही तुझे accept पड़ेगा और उसी के साथ रहना पड़ेगा ? न तू अपनी बेटी बदल सकती है और न बेटी की बुर।
अम्मी ने कहा :- हाय दईया तेरी चूत तो बुर चोदी मेरे भोसड़ा का मुकाबला कर रही है ? मैं तो अभी तक तुझे भोली भाली लड़की ही समझती थी लेकिन तू तो पूरी जवान हो गयी है भोसड़ी की फरहा ? अब मैं पेलूँगी तेरी चूत में बड़े बड़े मस्ताने लण्ड ?
मैंने कहा :- मैं भी पेलूँगी तेरे भोसड़ा में एक से एक बढ़कर लण्ड ?
मेरी अम्मी का नाम है सबरीना और जो आदमी अम्मी की बुर चोद रहा है वह है अब्बास। अब्बास का लण्ड मुझे दिख तो रहा है लेकिन पूरा नहीं। हां मैं जान समझ गयी हूँ की लण्ड दमदार है। उसने मेरी बातें सुनकर अम्मी का भोसड़ा चोदने की स्पीड बढ़ा दी है। मैं भी उसके सामने बैठ गयी। लेकिन मुझे मेरे कपडे बर्दास्त नहीं हो रहे थे। मैं जब किसी की चुदाई देखती हूँ तो मेरे कपड़े अपने आप उतर जातें है। मैं नगी होकर देखती हूँ चुदाई। यह तक की नंगी होकर ब्लू फिल्म भी देखती हूँ और एकदम नंगी होकर 'Sex' की कहानियां भी पढ़ती हूँ। कहानियां बहन चोद इतनी गरम होती हैं की बदन पर एक रुमाल भी बर्दास्त नहीं होता ? मैं अम्मी का चुदता भोसड़ा नंगी नंगी बैठ कर देखने लगी। जब अम्मी का भोसड़ा चुद चुका तब वह बाथ रूम गयी और फ्रेश होकर बाहर आ गयीं उधर अब्बास भी तैयार होकर आ गया। मेरी चूत की आग तो भड़क ही रही थी। मैं इधर उधर की बातें करने लगीं। कपड़े न मैंने पहना और न अम्मी ने, न अब्बास ने।
मैंने पूंछा :- अब्बास भोसड़ी के, तेरा लौड़ा तो शानदार है। दिन में कितनी बुर चोद लेते हो तुम ?
वह बोला :- अरे बिटिया, मैं बुर चोदने का व्यापार तो करता नहीं ? मगर हां २/३ बुर तो चोद ही लेता हूँ। जब कोई मुझसे चुदवाने आती है या मुझे चुदाने के लिए ले जाती है तो मैं मना नहीं करता ? मैं किसी को निराश नहीं करता।
मैंने कहा :- तो लड़कियों की माँ चोदते हो या फिर लड़कियां भी ?
वह बोला :- देखो बेटी फरहा, मैं बुर चोदता हूँ । लड़की की बुर हो चाहे लड़की की माँ की बुर, चाहे किसी की बेटी की बुर हो, किसी की बहू की बुर, फिर किसी की बीवी की बुर, किसी की नन्द की बुर, किसी की सास की बुर या फिर किसी की खाला की, फूफी की, मामी की या पड़ोसन की बुर ? मेरा काम है बुर चोदना और मैं बुर चोदता हूँ।
मैंने कहा :- इसका मतलब तू अपनी बेटी की भी बुर चोदता होगा ?
वह बोला :- अगर मेरी बेटी मेरा लण्ड पकड़ कर अपनी बुर में घुसेड़ ले तो जरूर चोदूंगा। फिर मैं पीछे नहीं हटूंगा ?
तब अम्मी ने कहा :- देखो बेटी फरहा, मैंने कहा था न चोदा चोदी में कोई रिस्ता नहीं चलता ? सिर्फ लण्ड और चूत का मिलन चलता है। लण्ड भोसड़ी का चाहे जिसका हो ? बुर भोसड़ी की चाहे जिसकी हो ? बस चोदो और चुदाओ, मज़ा लूटो और लूटने दो।
तब तक अब्बास का लण्ड दुबारा खड़ा हो गया । मैं उसे सहला सहला कर बात कर रही थी। मैं झुक कर लण्ड चूसने लगी तो लण्ड और टन टना कर खड़ा हो गया। थोड़ी देर तक चाटने और चूसने के बाद मैंने उसे अपनी चूत में पेला और अम्मी के सामने ही भकाभक चुदवाने लगी। यह मेरा पहला मौका है जब मैं अम्मी के सामने चुदवा रही हूँ। वह मुझे देख कर बोली हाय फरहा तू तो मुझसे भी अच्छी तरह से चुदवा लेती है भोसड़ी की ? तेरी चूत तो वाकई बड़ी चकाचक है बेटी ? यह तो बड़े बड़े लण्ड निगल जाएगी। मेरी मस्ती और बढ़ गयी। मैं और मस्ती से चुदवाने लगी। आधे घंटे के बाद मैंने उसका लण्ड खलास कर दिया। अम्मी ने बड़े फक्र से कहा देखा भोसड़ी के अब्बास यह है मेरी बेटी की बुर ? इसने तेरे लण्ड को परास्त कर दिया।
दोस्तों, मैं एक बात आपको बता देती दूँ की मैं इस ब्लॉग की कहानियां पढ़ कर बड़ी बोल्ड हो गयी हूँ। फर्राटे दार इंग्लिश बोलती हूँ, फर्राटे दार गालियां देती हूँ और फर्राटे दार चुदवाती भी हूँ। मैं किसी से कोई झिझक नहीं करती ? न ही किसी का लण्ड चूसने में और न ही चुदवाने में ? मैं सबके साथ सक्स कर लेती हूँ। मैं सेक्स खूब एन्जॉय करती हूँ और खुले आम करती हूँ। यह बात मुझे मेरी अम्मी ने भी सिखाई है। देखो न उसकी ४६ साल की चूत भी अभी बिलकुल जवान है और १६ साल की चूत का मुकबला करती है। इसीलिए मेरा दिल दिमाग बिलकुल सही रहता है। असली बात तो यह है की लोगों की मेरे से गांड फटती है। मैं जिससे जो चाहती हूँ, करवा लेती हूँ। मैंने इन कहानियों से बहुत कुछ सीखा है. मैं कहानियां लिखने वाले की बहुत शुक्रगुज़ार हूँ। इतनी अच्छी कहानियां मैंने कहीं और देखीं ही नहीं ? हां अगर यह लिखने वाला है तो इसका लण्ड पकड़ने की तमन्ना है और अगर यह लिखने वाली है तो इसकी चूत देखना चाहती हूँ। इसकी गांड मारना चाहती हूँ क्योंकि इतनी हॉट कहानियां कैसे लिखती है बुर चोदी ?
गर्मी के दिन थे। दोपहर का समय था, मैं ए सी रूम में लेटी हुई कुछ सोंच रही थी। तभी अचानक मन बदला। मैंने फोन उठाया और बोली भोसड़ी के अनीस किसकी बीवी चोद रहे हो ? मैंने हवा में तीर चलाया। वह बोला चोद नहीं रहा हूँ चोद कर आया हूँ, परवेज़ की बीवी ? मैंने कहा मादर चोद तो मेरी बुर चोदने में तेरी गाड़ फटती है क्या ? वह बोला नहीं यार कहो तो अभी चोद दूँ ? मैंने कहा हां अभी चोदो मुझे और अकेले नहीं अपने किसी दोस्त को भी लेते आना ? वह आधे घंटे में आ गया। उसने कहा फरहा इससे मिलो यह है रकीब मेरा पक्का दोस्त ? मुझे रकीब पसंद आ गया। बस मैंने दारू दी और हम तीन ने दो दो पैग दारू एक ही बार में गटक लिया। नशा चढ़ा तो मैं अपने कपड़े खोल कर खड़ी हो गयी। मुझे नंगी देख कर उन लोगों के लण्ड टन्ना उठे। वे दोनों भी नंगे हो गये ? दोनों के खड़े लण्ड देख कर मैं बहुत ही खुश हुई और मेरी चूत की आग तो ज्यालामुखी हो गयी। मैंने अपने दोनों हाथों के एक एक लण्ड पकड़ा और सहलाना शुरू कर दिया और एक एक करके दोनों लण्ड चाटना ? मेरी मस्ती बढ़ते जा रही थी. मैं दोनों लण्ड बारी बारी से चूसने लगी। दोनों सुपाड़ा बहन चोद फूल कर कुप्पा हो गये थे।
थोड़ी देर में मैं चित लेट गयी और अनीस से कहा भोसड़ी के तुम अपना लण्ड मेरी बुर में पेलो और चोदो। मैं रकीब का लण्ड चूसते हुए तुमसे चुदवाऊँगी। अब एक लण्ड मेरी बुर में और एक लण्ड मेरे मुंह में। मैं बाहन चोद दो नो लण्ड का मज़ा लेते हुए चुदवाने लगी। मेरी गांड बार बार उचक रही थी। मेरे मुंह से गालकियां भी निकल रहीं थी। तब तक अम्मी कमरे में घुस आयीं और मुझे देख आकर बोली हाय अल्ला, फरहा तू बुर चोदी कितनी मस्ती से चुदवा रही है ? तेरी माँ की चूत भोसड़ी की मुझे पहले क्यों नहीं बताया ? मैं भी चुदवा लेती ? तेरी बहन का लण्ड ? मैंने कहा मैं क्या करती अम्मी जब मैंने दोनों लण्ड अपने हाथ में लिया तो तू भोसड़ी की घर पर नहीं थी। तू कहीं लौड़ा हिला रही होगी ऐसा मैंने सोंचा ? इसके बाद मैंने खुद ही चुदाना शुरू कर दिया क्योंकि मेरी चूत और इंतज़ार नहीं कर सकती थी। ऐसी है अम्मी, तेरी बिटिया की बुर ?
अम्मी बोली हाय दईया तो यह बात है ? अच्छा थोड़ा रुक मैं अभी आती हूँ। तब तक मैं इधर उठी और कुतिया बन गयी। मैंने कहा रकीब अब तुम मेरी बुर पीछे से चोदो। मैं सामने से अनीस का चूसते हुए चुदवाऊँगी। मैं अनीस का लण्ड चूसने लगी। बस १० मिनट में मैंने देखा की अम्मी अपने सारे कपड़ेखोले हुए अपनी भोसड़ा दिखाती और अपनी चूंचियां हिलाती हूँ कमरे में आ गयीं। मजे की बात यह है की उसके दोनों हाथ में एक एक लण्ड है। मैं लण्ड वालों को पहचान गयी। एक था मेरा भोसड़ी का खालू और दूसरा था मेरा मादर चोद चचा जान ? मैंने जब दोनों लण्ड देखे तो सोंचने लगी हाय रब्बा मैंने अब तक इन लोगों से चुदवाया क्यों नहीं ? इतने बढ़िया और मस्त लौड़े मैंने अपनी चूत में पेला क्यों नहीं ? मुझे क्या मालूम की ितमे मोटे तगड़े लण्ड घर में ही मौजूद हैं। मैंने कहा भोसड़ी की अम्मी यूने कभी इन लोगों के लण्ड मुझे नहीं पकड़ाया ? मेरी चूत में नहीं पेला कोई लौड़ा ? वह बोली तूने भी तो अपनी माँ के भोसड़ा में कोई लौड़ा नहीं पेला ? लें आज मैं यही दोनों लण्ड तेरी चूत में पेलूँगी और चोदूंगी तेरी बुर ? मैंने कहा अच्छा तो फिर मैं भी ये दोनों लण्ड तेरे भोसड़ा में पेलूँगी और चोदूंगी तेरा भोसड़ा ?
मैंने रकीब का लण्ड अम्मी के भोसड़ा में ठोंक दिया और अनीस का लण्ड उसके मुंह में ? अम्मी ने चचा जान का लण्ड मेरे मुंह में घुसेड़ा और खालू का लण्ड मेरी बुर में ? इधर मैं धकाधक चुदवाने लगी उधर मेरी अम्मी भकाभक ? बजा बजने लगा हम दोनों की चूत का ? मज़ा आने लगा हमें और इन मादर चोद मर्दों को ? तब तक पीछे से आवाज़ आई अरी भोसड़ी की सासू एक लण्ड अपनी बहू की बुर में भी पेल दे ? अपनी बेटी की बुर चुदा रही है तू हरामजादी तो अपनी बहू की बुर भी चुदवा ले ? मैंने पीछे मुड़ कर देखा तो कहा हाय समीना भाभी तू तो कल आने वाले थी। आज कैसे आ गयी ? वह बोली आज आ गयी तो तुम दोनों की काली करतूतों का पता चला, नहीं तो कैसे पता चलता ? फरहा तेरी माँ का भोसड़ा ? सबरीना तेरी बेटी की गांड ? तुम दोनों मेरे न रहने पर खूब एक दूसरे की बुर चुदवाती हो ? अरे भोसड़ी वालियों मेरे पास भी बुर है और मस्तानी बुर है, जवान बुर है। मेरी भी बुर लण्ड खाती है। इसे भी खिलाया करो लण्ड ? अम्मी ने कहा हां तो फिर आ जा न भोसड़ी की इतनी देर से अपनी माँ क्यों चुदा रही है तू बुर चोदी ?
भाभी ने अम्मी के भोसड़ा से रकीब का लण्ड निकाल कर अपनी चूत में पेल लिया और चुदवाने लगी।
मेरे दोस्तों, सेक्स के खेल अनगिनत हैं। इस खेल को अनगिनत तरीकों से खेल जा सकता है। जरुरत है एक अच्छे और मन पसंद साथी की...
भाभी ने अम्मी के भोसड़ा से रकीब का लण्ड निकाल कर अपनी चूत में पेल लिया और चुदवाने लगी।
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