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मैं भी बेशर्म होकर चुदवाने लगी - Main har roj naye ladkon se chudti hun
मैं भी बेशर्म होकर चुदवाने लगी - Main har roj naye ladkon se chudti hun , घर में करवाती हूँ चोदा चोदी , बेशर्म होकर इस हसीना ने तोड़ दी शर्म की सारी हदें , अपनी चूत को मेरे लंड से चुदवाने लगी , नए लंड का मजा , चूत गरम होकर भट्टी की तरह गरम हो रही थी , Call Girl – Free Hindi Sex Stories - Free Sex kahani.
मैंने कहा शबाना आंटी, मैंने एक कंपनी में तेरी बेटी के जॉब के लिए बात की है। बात काफी दूर तक पहुँच गयी है। तेरी बेटी का इंटरव्यू भी हो गया है। खुदा चाहेगा तो उसकी मेरी चूंचियां - बॉस का लण्ड नौकरी पक्की हो जाएगी। बात सिर्फ एक चीज पर अटकी हुई है। उस कंपनी का बॉस बड़ा ऐय्यास है। वह बिना चोदे किसी को नौकरी नहीं देता भोसड़ी का ? वह लड़की भी चोदता है और लड़की की माँ भी चोदता है। मैंने तेरी बेटी को मना लिया है। वह चुदवाने के लिए तैयार है। लेकिन वह अपनी माँ चुदाने में हिचकिचा रही है। अगर तुम उससे खुल कर बात करो तो काम हो जायेगा ? मैं जानती हूँ की यह कोई बड़ी बात नहीं है। उस कंपनी में जितनी लड़कियां है वो सब की सब खुद भी चुदवातीं हैं और अपनी माँ चुदवातीं हैं. ठाठ से काम कर रही है और बढ़िया पगार उठा रही हैं। न उनके चेहरे पर कोई शिकन है न और न उनकी माँ के चेहरे पर ।
वे तो सब बॉस का लण्ड चूसने के लिए उसके घर पहुँच जाती हैं। बॉस का लण्ड चाट चाट कर लण्ड के पेल्हड़ चाट चाट कर आजकल लड़कियां अपना काम करवा लेतीं हैं। उनमे यह भी होड़ लगी रहती है की कौन सबसे अच्छी तरह से बॉस का लण्ड चूसती है और कौन कितनी अच्छी तरह से अपनी माँ चुदवाती है ? अब बात तुम पर अटकी हुई है आंटी ?- वह बोली :- कहाँ है मेरी बुर चोदी बेटी रफ़ा ? बुलाओ न उसे पता नहीं किस किस का लण्ड हिलाती रहती है माँ की लौड़ी ? जो करना है उसे नहीं करती। उससे जाने मैंने कितनी बार कहा है की बेटी अपनी माँ चुदाया कर ? अपनी माँ के भोसड़ा में लण्ड पेला कर ? उसकी गांड में ठोंका कर लण्ड लेकिन भोसड़ी की मेरी बेटी मेरी बात ही नहीं सुनती । आजतक उसने एक भी लण्ड नहीं पेला मेरी चूत में ? कितनी बढ़िया नौकरी मिल रही है तो फिर चुदवा क्यों नहीं लेती अपनी बुर और अपनी माँ का भोसड़ा ? मैं अपने भोसड़ा का क्या आचार डालूंगी। अरे यह किसी के काम आ जाए तो अच्छा ही है न, बेटी ?
- मैंने पूंछा अच्छा यह बताओ आंटी तेरी बेटी लण्ड तो पकड़ती होगी, चाटती और चूसती होगी लण्ड ? कभी उसे चुदवाते हुए देखा है आपने ?
- आंटी ने कहा नहीं मैंने उसे कभी चुदवाते हुए नहीं देखा लेकिन उसने मुझे चुदवाते हुए देखा है।
- तो फिर आपको कैसे मालूम की आपकी बेटी चुदवाती है ?
- मुझे उसकी सहेलियों ने बताया की वह लण्ड पकड़ती है। अब जब कोई जवान लड़की लण्ड पकड़ेगी तो चुदवायेगी भी।
- गाली देती है कभी आपके सामने ?
- हां देती है उसमे तो भोसड़ी वाली बड़ी तेज है। फोन पर जाने किस किस को गाली देती रहती है ? सबकी माँ बहन चोदती रहती है बुर चोदी ? लेकिन छुप छुप कर मेरे सामने नहीं। हां मैं सुन जरूर लेती हूँ।
- कभी उसने आपको गाली दी या फिर आपने कभी उसे गााली दी।
- उसने मुझे कभी गाली नहीं दी। मैंने भी उसे कभी गाली नहीं दी।
- अब आंटी यह बताओ जब उसने कभी आपको गाली नहीं दी तो फिर आपका भोसड़ा किसी को कैसे दे सकती है। ? पहले उसके सामने खुल जाओ। उसकी हिचक बाहर करो। उसे बेशरम बना दो। उसे अपनी दोस्त बनाओ। बेटी का रिस्ता खत्म करो तब बात बनेगी। बेटी जब जवान हो जाती है तो वह बेटी नहीं रहती बल्कि दोस्त बन जाती है, आंटी। उसके साथ दोस्ती का ब्यवहार करो। उसे लण्ड पकड़ाओ उसकी बुर चुदाओ तब वह भी तेरा भोसड़ा चुदायेगी।
- हां रामिया तू बिलकुल सही कह रही है। कमी मुझे में है मेरी बेटी में नहीं ? अब मैं कुछ करती हं लेकिन मुझे हर हाल में उसकी नौकरी चाहिए।
शबाना आंटी बोली अरी नादिरा अब मेरी बेटी भी समझ गयी है । अब मुझे यक़ीन है की वह भी अपनी माँ चुदवायेगी। उसे भी ज़माने के साथ चलना आता है। जब कोई काम माँ चुदाने से होने वाला हो तो फ़ौरन अपनी माँ चुदा लेना चाहिए। मेरी अम्मी ने आवाज़ लगायी अरी वो रामियां भोसड़ी की यहाँ आ न ? मैं जब उसके सामने पहुंची तो वह आँख मारती हुई बोली तू बुर चोदी ऊपर बैठी बैठी अपनी माँ चुदा रही है क्या ? देख न यहाँ शबाना आंटी अपनी बेटी के साथ आई है ? मैं नीचे आई और बोली भोसड़ी की अम्मी इतनी जोर के क्यों चिल्ला रही है तू मादर चोद ? धीरे से बोलने में तेरी गांड में दर्द होता है क्या ? अम्मी ने कहा देखा शबाना यह है मेरी बेटी जो अपनी माँ को गालियां देती है। मैंने कहा आंटी और यह है मेरी अम्मी जो अपनी बेटी को गालियां देती है। हम दोनों यूं ही एक दूसरे का मनोरंजन करती है और खूब ऐय्याशी करती हैं। हमारा काम आजतक कोई नहीं रुका क्योंकि मुझे अपनी बुर चुदाना आता है और अपनी माँ का भोसड़ा ? किसी भी काम के लिए मैं अपनी माँ चुदा लेती हूँ और अपनी बुर भी।
बस दो दिन बाद ही मैं आंटी के घर गयी तो दरवाजा रफ़ा ने खोला और मुझे अंदर बैठा लिया। वहीँ से बैठी बैठी उसने आवाज लगायी अरी वो भोसड़ी की शबाना देख कौन आया है ? मैं उसकी तरफ बड़ी हैरत भरी निगाहों से देखने लगी। आंटी को थोड़ी देर हो गयी आने में तो वह बोली अरे शबाना हरामजादी इतनी देर से क्या अपनी बिटिया की बुर चुदा रही थी तू ? उधर से आंटी ने जबाब दिया बुर चोदी रफ़ा मैं बिटिया की बुर नहीं चुदा रही थी बल्कि अपनी बुर की झांटें बना रही थी। मैंने कहा आंटी मुझे लगता है की अब तो सब ठीक हो गया है । वह बोली हां रामिया अब मेरी बेटी अपनी माँ चुदाने लगी है। कल ही रात में इसने अपनी माँ के भोसड़ा में अपने बॉय फ्रेंड का लण्ड पेल दिया। फिर मैंने भी अपने बॉय फ्रेंड का लण्ड इसकी बुर में पेल दिया। रात भर चोदा चोदी होती रही मेरे घर में ? अब तू इसके बॉस से कह दे की वह इसकी जब चाहे तब माँ चोद ले ?
मैंने कहा अरे आंटी अब तो रफ़ा की नौकरी पक्की ? मैं कल ही इसके बॉस को यहीं घर में बुला लूंगी और फिर वह तुम दोनों को मजे से चोद लेगा ? उसके दूसरे दिन से रफ़ा की नौकरी चालू हो जाएगी। इतने में आंटी नास्ता बनाने चली गयी। मैंने रफ़ा से पूंछ की तू इतनी जल्दी कैसे माँ चुदाने लगी ? वह बोली अरे यार देखो मैं करीब करीब हर रोज़ अपनी बुर चुदवाती हूँ। उस दिन जब अम्मी मुझसे खुल गईं तो रास्ता साफ़ हो गया। मैं तो इसी दिन का इंतज़ार कर रही थी। वैसे मैं अपनी कई सहेलियों की माँ चुदवाती हूँ। मेरे दोस्त मेरे सामने ही उनकी माँ चोदते हैं। मैं उन्ही को अपने घर ले आई और उनके लण्ड अपनी माँ के भोसड़ा में घुसा दिया। बस, चुदने लगा मेरी माँ का भकाभक भोसड़ा ? अब कल मैं बॉस के लण्ड का बाजा बजा दूँगी।
दूसरे दिन शाम को मैंने बॉस को बुला लिया। बॉस का नाम अमाद था। उसकी उम्र लगभग ४० साल की थी। रफा घर पर ही थी और उसकी माँ भी। मैंने सबको एक दूसरे से मिलवा दिया। इतने में रफ़ा ने ड्रिंक्स का सेट लगा दिया। शराब पीने में सबको मज़ा आने लगा। थोड़ा नशा चढ़ा तो सर, आप पहले रफ़ा को चोदेंगे की उसकी माँ को ? उसने रफ़ा की तरफ इशारा किया। मैं समझ गयी की वह पहले उसी की बुर लेता है जिसको वह नौकरी देता है। फिर कुछ दिन बाद उसकी माँ का भोसड़ा चोदता है। बड़ा मादर चोद है अमाद ? लेकिन अपना काम कराने के लिए सब कुछ करना पड़ता है। मैंने अमाद और रफ़ा दोनों को कमरे में भेज दिया। फिर मैं भी चली गयी लेकिन शबाना आंटी बाहर ही रही। अंदर पहुँचते ही रफ़ा उसके कपडे उतारने लगी। वह बोला नहीं रफ़ा पहले तुम अपने कपड़े उतारो। पहले मैं तुम्हे बिलकुल नंगी देखना चाहता हूँ।
रफ़ा ने अपने कपड़े उतारना शुरू किया तो वह एकटक देखने लगा। जब उसकी मस्त चूंचियां खुली तो उसकी आँखें खुल गयी। ऊपर से नहीं मालूम पड़ रहा था की रफ़ा की चूंचियां कितनी बड़ी बड़ी हैं ? भोसड़ी वाली की चूंचियां मेरी चूंचियों के बराबर ही हैं। बॉस की लार टपकने लगी। और जब बॉस ने उसकी नंगी चूत देखी तो वह अपने होंठ चाटने लगा बहन चोद। उसने फ़ौरन रफ़ा को अपनी ओर खींच लिया और उसके पूरे बदन पर हाथ फिराने लगा। रफ़ा ने इतने में उसे पूरा नंगा कर दिया। उसका लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। लण्ड साला टन टना कर खड़ा हो गया। वह बोली हाय रामियां देख इसका लौड़ा कितना बड़ा है भोसड़ी वाले का ? मैं आज इसी लण्ड का कीमा बनाऊँगी। रफ़ा लण्ड चाटने लगी। मैं एक तरफ लण्ड देख कर हैरान थी और दूसरी तरफ उसके लण्ड चाटने की स्टाइल देख कर। लण्ड भी साला ८" से कम नहीं था और रफ़ा को लण्ड चाटते हुए देख कर मैं कह सकती हूँ की यह लड़की अब तक दर्जनों लण्ड चाट चुकी होगी बुर चोदी ?
तब तक मेरी चूत में भी भयंकर आग लग चुकी थी। थोड़ी देर में जब बॉस ने अपना लण्ड रफ़ा की चूत में पेल दिया तो मैंने कहा सर, अब तुम मस्ती से चोदो रफ़ा की बुर मैं अभी आती हूँ। मैं बाहर चली आई। एक घंटे के बाद बॉस कमरे के बाहर निकला और बोला रामियां अब मैं जा रहा हूँ तुम कल रफ़ा को भेज देना। उसकी नौकरी पक्की ? मैं उसकी माँ बाद में चोदूंगा। बॉस यह कह कर चला गया। मैंने आंटी को मुबारकबाद दिया और फिर जश्न मनाया। हम तीनो मस्ती में थीं तभी डोर बेल बज उठी। रफ़ा ने दरवाजा खोला तो देखा की बाहर दो लड़के खड़े हैं। उसने सबको अंदर बैठाया और बोली अम्मी देखो ये हैं मेरे दोस्त अजीब और करीम मैंने इन्हे बुलाया है। मैं भी उनसे मिली और बड़ी खुश हुई क्योंकि दोनों भोसड़ी वाले बड़े हैंडसम और स्मार्ट थे। आंटी भी ख़ुशी के मारे झुक उठी।
मैंने पूंछा रफ़ा ये दोनों कोई ख़ास काम से आये हैं ? वह बड़े आहिस्ता और प्यार से बोली अरे यार मैंने इन दोनों को अपनी माँ चोदने के लिए बुलाया है। मैं तो अभी चुदवाकर आई हूँ और अब मैं अपनी माँ चुदवाऊँगी। मैंने कहा वाओ, तो तुम अपनी माँ दो दो लड़कों से एक साथ चुदवाओगी ? वह बोली नहीं यार एक लौड़ा मैं तेरी चूत में पेलूँगी ? इधर तेरी चुदेगी बुर और उधर चुदेगा मेरी माँ का भोसड़ा ? मैं जानती हूँ की तुम दोनों चुदासी हो अब मैं मस्ती से बैठ कर दोनों की बुर चुदवाऊँगी। ऐसा कह कर रफ़ा ने दोनों को नंगा कर दिया। अजीब का लण्ड पकड़ कर हिलाया जब वह खड़ा हो गया तो रफ़ा ने उसे अपनी माँ को पकड़ा दिया। करीम का लण्ड मुझे पकड़ा दिया। मैं भी जोश में थी । मैं लण्ड चूसने लगी. आंटी भी लण्ड चूसने लगी। तब तक रफ़ा ने हम दोनों को भी नंगी कर दिया। वह खुद भी बुर चोदी नंगी हो गयी। फिर क्या मैं भी बेशर्म होकर चुदवाने लगी और शबाना आंटी भी ?
दूसरे दिन जब रफ़ा ऑफिस गयी और दिन भर काम करने के बाद शाम को घर लौटी तो उसके चेहरे पर गज़ब की चमक थी।
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