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सभी महिलाऐं मेरी तरह ही चुदवाती है - Gand bhi marwati hai chut bhi deti hai
सभी महिलाऐं मेरी तरह ही चुदवाती है - Gand bhi marwati hai chut bhi deti hai , पति से गांड चुदवाकर मदमस्त , मेरी गांड चुदाई की घटना , स्वादिष्ट गर्म गांड , इस तरह चुदती हुई बेहद कामुक लग रही थी , महिलाएं अपनी सहेलियों को सबकुछ बता देती हैं , चिकनी चूत लाइव सेक्स कैमरे , कोई पत्नी अपने पति को नहीं बताती.
आजकल ऐसी बीवियों की संख्या बढती जा रही है जो ग़ैर मर्दों से चुदवाना ज्यादा पसंद करती है और मौक़ा पाते ही गैर मर्दों से बिना हिचक के चुदवा लेतीं हैं। एक बार नहीं कई बार चुदवातीं है और फिर हमेशा चुदवाती रहतीं हैं। एक एक बीवी दर्जनों मर्दों से चुदवाती है। मजे की बात यह है की वह किसी से बताती नहीं है की मैं कितने मर्दों से चुदवाती हूँ ? जिससे चुदवाती है बस उससे यही कहती है की मैं तुम्हारे अलावा किसी और से नहीं चुदवाती हूँ। मुझे तुम्हारा लण्ड बहुत पसंद है। मुझे किसी और का लण्ड नहीं चाहिए ? यही बात वह सबसे कहती है और दिन पर दिन चुदवाने वाले लोगों की संख्या बढ़ाती जाती है। कई बीवियों तो गैर मर्दों का टाइम तक फिक्स्ड कर देतीं है। जैसे तुम रोज़ दोपहर में ११ बजे से १ बजे के बीच चोदा करो मुझे। तुम शाम को ३ से ५ के बीच चोदा करो मुझे, तुम हर संडे को सुबह ६ बजे आया करो और चोद के जाया करो. तुम शनिवार सुबह १० बजे आया करो मुझे चोदने। जब मेरा पति कहीं टूर पर जायेगा तो मैं तुम्हे बुला लिया करूंगी चोदने के लिए ?
कई बीवियां अपने हस्बैंड से १/२ बीवियां चुदवा लेतीं हैं फिर उन्ही की आड़ में खुद कई मर्दों से चुदवाया करती हैं। कई बीवियां अपने मरद को "बीवियों की अदला बदली" करना सिखा देतीं हैं। फिर वो कितने लोगों से चुदवातीं हैं इसकी कोई गिनती ही नहीं ? कुछ उच्च घराने की बीवियां क्लब में जाकर अनजान लोगों से चुदवातीं हैं। विदेशी लोगों से चुदवातीं हैं। कुछ चोदने वाले मर्दों को अपने घर बुला कर चुदवातीं है। कुछ बीवियां होटलों के जाकर ग़ैर मर्दों से चुदवातीं है। कुछ बीवियां बड़े बड़े होटलों के किराए के मर्दों को बुला कर चुदवाती हैं। कुछ बीवियां घर में ही मर्दों की अदला बदली करके चुदवातीं हैं। कुछ अपने नाते रिश्ते दारों से चुदवा लेतीं है और कुछ अपने मोहल्ले के मर्दो से, लड़कों से चुदवा लेतीं हैं।
अगर देखा जाए तो दुनियां बड़ी रंगीन है, दोस्तों ? बीवियां अगर चोरी छिपे चुदवाना छोड़ दें और अपने मियां को विश्वाश लेकर कर एक दूसरे के मर्दों से चुदवायें तो ज्यादा अच्छा हो ? लेकिन वह भी कोई बीवी है जो चोरी छिपे किसी से चुदवाये न ?
मेरा नाम आरती है दोस्तों, आपने जो भी ऊपर पढ़ा अभी, वह बिलकुल सच है। मैं भी एक बीवी हूँ और मैं अच्छी तरह जानती हूँ की दुनिया में कोई बुर चोदी ऐसी बीवी नहीं है जो कभी पराये मरद से चुदवाती नहीं है ? हां कोई कम चुदवाती है, कोई अधिक चुदवाती है, कोई कभी कभी चुदवाती है और कोई तब चुदवाती है जब वह अपने आपको पूरी तरह सुरक्षित कर लेती है। जहाँ तक लण्ड पकड़ने का सवाल तो आजकल लड़कियां शादी के पहले ही कई लण्ड पकड़ चुकी होतीं है और शादी के बाद भी लण्ड पकड़ती रहतीं है। अगर कोई बीवी यह कहती है की उसने शादी के बाद किसी और का लण्ड नहीं पकड़ा तो समझों की वह भोसड़ी वाली सफ़ेद झूंठ बोल रही है। लण्ड पकड़ना एक बहुत ही कॉमन चीज है जो हर लड़की करती है और हर बीवी करती है।
अब मुझे देखो मेरे हाथ में जैसे ही करन का लण्ड आया और मैंने हिला कर उसे खड़ा किया और फ़ौरन बोली हाय करन तेरा लण्ड मेरे पति के लण्ड से बड़ा भी है और मोटा भी। फिर उसने जैसे ही चोदना शुरू किया और १०/२० बार लण्ड मेरी चूत के अंदर बाहर किया तो मैंने फ़ौरन कहा यार तू तो भोसड़ी का मेरे पति से बढ़िया चोदता है ? ऐसे ही चोदे जाओ, मेरा राजा ? मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है। मुझे तो तेरे जैसा ही बुर चोदने वाला लण्ड चाहिए। सच बताऊँ दोस्तों, मैं जिससे चुदवाती हूँ उससे यही बात कहती हूँ। बस वह मेरी बात सुनकर कुत्ते की तरह चोदने लगता है मेरी बुर ? मेरा ही नहीं हर बीवी का यही हाल है। चुपक चुपके चुदवाने में शायद हम बीवियों को खूब मज़ा आता है ?
लेकिन मैं कोई काम चुपके चुपके नहीं करती। मैं डंके की चोट पर करती हूँ हर काम ? मर्दों के लण्ड चूसती हूँ, डंके की चोट पर ? बुर चुदवातीं हूँ अपनी, डंके की चोट पर ? गांड भी मरवाती हूँ अपनी, डंके की चोट पर ? मैं किसी भोसड़ी वाले से नहीं डरती ? मैंने बहुत पहले अपने पति की आदत दूसरों की बीवियां चोदने की डाल दी है। अब वह अगर एक बीवी चोदता है तो मैं दो मर्दों से चुदवा लेती हूँ. वह अगर दो बुर चोदता है तो मैं चार लण्ड से चुदवा लेतीं हूँ। इससे मैं भी खुश और वह भी खुश ? करन मेरे कॉलेज का दोस्त है।
एक दिन वह मुझे एक शॉपिंग मॉल में मिल गया। उसके मिलते ही मुझे अपने पुराने दिनों की याद आ गयी। मैं उससे बातें करने लगी। उसकी प्यारी प्यारी बातें सुनकर मेरा दिल उस पर आ गया। मेरा मन हुआ की मैं उससे चुदवा लूँ। मेरी चूत में हलचल होने लगी। तभी उसने मुझे अपनी बीवी से मिलवाया।
उसकी बीवी वाकई बड़ी सुन्दर थी। मुझसे भी ज्यादा सुन्दर ? मैंने सोंचा यार करन इतनी सुन्दर बीवी की बुर लेता है तो क्या वह मेरी बुर लेगा ? क्या वह मुझे चोदने के लिए तैयार होगा ? फिर मन में विचार आया की अब अगर दिल आ ही गया है तो कोशिश करने में हर्ज़ ही क्या है ? क्यों न कोशिश की जाये ? मैंने फ़ौरन करन का मोबाइल नंबर ले लिया और अपने उसे दे दिया। उसकी बीवी से भी बात की और नंबर की आला बदली की। फिर हम तीनो ने वहीँ एक रेस्टोरेंट में बैठ कर काफी पी । उसके बाद मैं घर चली आई। लेकिन मैं करन के लण्ड के बारे में सोंचती रही।
मैं रात भर सोयी नहीं बस करन का लण्ड दिमाग में घूमता रहा। सवेरे मैंने करन को फोन मिला दिया। वह बोला अरे आरती मैं तुम्हारे बारे में ही सोंच रहा था। मैंने कहा तो फिर आ जाओ न मैं चाय बनाने जा रही हूँ। उसने कहा अरे यार मैं तो दारू पियूँगा चाय नहीं ? मैंने कहा ओ के आ जाओ मैं इंतज़ाम कर लेती हूँ। मैं घर के अकेली थी। वह आ गया. मैं इधर केवल पेटीकोट पहन कर बैठ गयी। ऊपर एक चुन्नी डाल ली ? हमने चियर्स कहा और हम दरू पीने लगे। मेरी नियत तो खराब थी ही। मैं बीच बीच में अनजान बन कर हाथ उठा कर अपनी चूंचियां दिखाने लगी। उसकी नज़रें मेरी नंगी चूंचियां ढूंढ रही थीं। नशा चढ़ता जा रहा था। उधर उसकी बीवी बाहर गयी थी इधर मेरा मियां। मैंने कहा यार करन आज तुम बड़े हैंडसम लग रहे हो। वह बोला आरती तुम भी बहुत सेक्सी लग रही हो। मैं अंदर कुछ सामान लेने गयी और जब वापस आई तो बैठते हुए चुन्नी नीचे गिरा दी।
मेरी चूंचियां एकदम नंगी नंगी उसके सामने आ गयीं। मैं झुक कर चुन्नी उठाने लगी तो वह बोला नहीं आरती प्लीज मत उठाओ अपनी चुन्नी ? ऐसा ही रहने दो । तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो यार ? मैंने कहा तो फिर तुम भी अपना खोल कर दिखाओ मुझे ? मैंने अपनी चूंचियां उसके मुंह के सामने कर दीं और उसके लण्ड पर हाथ मार कर कहा निकालो इस भोसड़ी वाले को ? वह उठा और मुझे गले से लगा लिया मैं भी उससे चिपट गयी और फिर हम दोनों कपड़े उतार कर एकदम नंगे हो गये। उसका हाथ मेरी चूंचीं , मेरी चूत और मेरी गांड पर चलने लगा और मेरा हाथ उसके लण्ड पर दौड़ने लगा। मुझे उसका लण्ड सहलाने में मज़ा आने लगा। लण्ड तो पूरा टन टनाया हुआ था। सुपाड़ा बिलकुल निकल कर बाहर आ गया था। मैं लण्ड चूमने लगी और पेल्हड़ भी। वह मेरी चूंची चूत गांड सब जगह चूमने लगा। मैं जान गयी की आग दोनों तरफ लगी है। मैं बेड पर 69 की पोजीशन पर आ गयी और उसका लण्ड चाटने लगी वह मेरी चूत। मेरे मन की मुराद पूरी होने जा रही थी।
थोड़ी देर में मैंने लण्ड अपनी चूत में घुसा लिया और कहा यार अब मुझे चोदो । पूरा घुसेड़ दो अपना मादर चोद लण्ड ? मैं तेरी बीवी हूँ मुझे चोदो, मैं तेरी रंडी हूँ मुझे चोदो, मैं तेरी रखैल हूँ मुझे चोदो, मैं तेरी प्रेमिका हूँ मुझे चोदो। मुझे चोदो भोसड़ी के, करन ? मेरी चूत फाड़ डालो ? मेरी चूत की माँ चोद डालो, करन ? चीथड़े उदा दो मेरी बुर चोदी बुर के ? तेरे लण्ड की माँ की चूत ? मेरी चूत की माँ का भोसड़ा ? मैं चुदवाने में पूरे मूड में आ गयी।
उसे भी ताव आ गया और वह गांड से जोर लगा लगा के मुझे चोदने लगा। वह धीरे धीरे स्पीड बढ़ने लगा। मुझे महसूस हुआ की उसका लण्ड मेरी चूत में फूलता जा रहा है। मोटा होता जा रहा है। मुझे मज़ा आने लगा। मुझे लगा की यह तो मेरे पति से अच्छा चोद लेता है। फिर मैं तारीफ़ किये बिना रुक नहीं सकी। मैंने कहा यार करन, तुम तो मेरे पति से बढ़िया चोद लेते हो ? यह तो तेरा और तेरे लण्ड का कमाल है। मुझे तो बड़ा आनंद आ रहा है तुमसे चुदवाने में। प्लीज मुझे इसी तरह चोदा करो। ऐसा बोल कर मैं भी अपनी गांड से जोर लगा लगा के चुदवाने लगी। थोड़ा चुदवाने के बाद मुझे लण्ड पर प्यार आ गया और फिर मैंने उसे तौलिया से पोंछा। मैंने लण्ड की चुम्मी ली और गप्प से मुंह में घुसेड़ लिया। मैं लण्ड आधे से अधिक मुंह में डाल कर चूसने लगी। उसे भी मज़ा आने लगा। वह अपनी गांड बार बार आगे पीछे करने लगा जैसे वह मेरा मुंह बुर समझ कर चोद रहा हो।
मुझे ऐसा करने से भी मज़ा आया। कुछ देर बाद मैंने कहा यार करन अब तुम मुझे पीछे से चोदो। मैं कुतिया बन कर चुदवाने लगी। तब मेरे मन में आया की अगर एक लौड़ा और होता तो मैं सामने से उसे अपने मुंह में ले लेती। मेरी इच्छा दो लण्ड से एक साथ चुदवाने की होने लगी। इतने में मुझे करन की बीवी रोली का ख्याल आया। मैं सोंचने लगी की अगर रोली बुर चोदी मेरे पति से चुदवाने लगे तो फिर मैं करन से धकापेल चुदवा सकती हूँ। उसके बाद मैंने करन को चित लिटा दिया और उसके लण्ड पर बैठ कर चुदवाने लगी। मुझे किसी के भी लण्ड पर बैठने में बड़ा मज़ा आता है। लण्ड भक्क से मेरी चूत में घुस जाता है और मुझे बैठने में आराम मिल जाती है। मैं धीरे धीरे अपनी गांड हिला हिला कर लण्ड चोदा करती हूँ। मैं यही काम करन के लण्ड के साथ करने लगी।
वह बोला हाय भाभी तुम तो मेरी बीवी से अच्छी तरह चुदवा लेती हो ?
मुझे उस दिन करन से चुदाने में बहुत अच्छा लगा। मुझे असली चुदाई का मज़ा मिला। मैंने मन बना लिया की अब मैं बिना इससे चुदवाये रह नहीं सकती इसलिए मुझे इसका कोई परमानेंट हल निकालना पडेगा। मुझे इसकी बीवी की बुर अपने पति से चुदवानी पड़ेगा। क्यों न मैं करन की बीवी से बात करूँ और उसे मेरे पति से चुदवाने के लिए उकसाऊँ ? बस इसी ख्याल से मैं दूसरे दिन उसके घर पहुँच गयी। जैसे ही रोली (करन की बीवी) ने दरवाजा खोला तो वह मुझे देख कर खुश हो गयी। मुझे अंदर बैठाया। मैं देखा की वहां एक और लेडी पहले ही बैठी है। वह भी भोसड़ी की बड़ी खूबसूरत है। रोली बोली आरती इससे मिलो यह है मिसेज रूचि मेरे मियां के दोस्त की बीवी। आज यह अपने माईके जा रही है। इसीलिए यह कहने आई है की आज से इसका पति मेरे घर रहेगा और यहीं खाना खायेगा ?
मैं मन में सोंचने लगी की यह कैसा प्रोग्राम है ?
मैंने कहा यार फिर तो मुझे भी अपने ग्रुप का मेंबर बना लो न ? मेरे भी पति से चुदवा लो तुम दोनों ? रूचि बोली अरे यार आरती तुम यही थोड़ी देर रुको। मैं अपने पति को अभी भेजती हूँ। वह मुझे एयर पोर्ट छोड़ेगा और फिर सीधे यहीं आएगा ? फिर तुम यही रोली के सामने उससे चुदवा लेना मैं जब माईके से वापस आऊँगी तब तेरे मियां से चुदवा लूंगी। मुझे तो बिना मांगें मेरे मन की मुराद पूरी हो रही है। मैं रुक गयी। इतने में रूचि चली गयी और मैं रोली से बातें करने लगी। एक घंटे के बाद रूचि का पति मिस्टर राहुल आ गया। रोली ने मुझे उससे मिलवाया। मैं तो मिलकर बहुत खुश हुई। वह भी खुश हुआ मुझसे मिलकर। रोली ने मेरे कान में कहा आरती इसका लौड़ा बड़ा मस्त है। थोड़ी दारू के बाद रोली ने कहा राहुल तुम आरती को लेकर बेड पर चलो, इसके कपड़े उतारो और इसकी चूंचियां मसलो मैं अभी आती हूँ। आज तुम मेरे सामने आरती की बुर चोदो।
राहुल मुझे बेड रूम में ले गया और मेरे कपड़े खोलने लगा। मैं उसके कपड़े उतारने लगी। पल भर में हम दोनों नंगे हो गये । वह मेरी बड़ी बड़ी चूंचियां देख कर मस्त हो गया और मसलने लगा। मेरा सारा बदन चूमने लगा। मैं भी उसका लंबा चौड़ा लौड़ा देख कर मस्त हो गयी। मैं जान गयी की आज मेरी चूत मज़ा करेगी। तब तक रोली भी आ गयी। वह भी बिलकुल नंगी थी। हम दोनों मिलकर लण्ड चाटने लगीं। कभी सुपाड़ा तो कभी पेल्हड़ ? रोली ने पूंछा पसंद आया आरती तुम्हे राहुल का लण्ड ? मैंने कहा वाओ, कितना मस्त मौला और कितना मोटा ताज़ा है इसका लण्ड यार रोली एक हाथ से मेरी चूत सहला रही थी। दूसरे हाथ से राहुल के पेल्हड़ ? मैं लण्ड चूस रही थी और राहुल मेरी चूंची दबा रहा था। इतने में रोली ने घुसा दिया लण्ड मेरी चूत में और बोली आरती अब चुदाओ रूचि के मरद से भकाभक अपनी चूत जैसे मैं चुदवाती हूँ। जैसे ही लौड़ा पूरा घुसा, वैसे ही मुझे तो मज़ा आने लगा। राहुल मस्ती से चोदने लगा ? मैंने कहा वाओ, इतना बढ़िया तो मुझे मेरा मियां भी नहीं चोदता ?
मैं गांड उठा उठा के चुदवाने लगी। रोली बोली यार इस तरह तो किसी का भी मियां अपनी बीवी नहीं चोदता ? सब साले मरद दूसरों की बीवियां बड़े मजे से चोदते हैं इसीलिए मैं दूसरों के मर्दों से ही चुदवाती हूँ। राहुल चोदने की स्पीड बढ़ा दी ? मैं भी साथ देने लगी। मुझे उसका लण्ड करन के लण्ड के बराबर लग रहा था।
तब तक रोली ने पूंछा :- आरती, तुझे रूचि के मरद का लण्ड ज्यादा पसंद है की मेरे मरद का लण्ड ?
मैं उसे बड़ी हैरानी से देखने लगी।
तब उसने बताया :- आरती मुझे सब मालूम है। तुम मेरे मरद से चुदवा चुकी हो ? तुमको मेरा मरद अच्छी तरह चोदता है। तेरा मरद भी तुझे उतनी अच्छी तरह नहीं चोदता ? है न सच्ची बात, आरती ?
मैंने कहा:- हां बिलकुल सच्ची बात है रोली ? यह मैंने तेरे मर्द से चुदवाते समय कहा था।
रोली ने कहा :- देखो आरती हर बीवी को पराये मरद का लण्ड बड़ा अच्छा लगता है। उससे चुदवाना बड़ा अच्छा लगता है। जानती हो क्यों ? क्योंकि हम मादर चोद, भोसड़ी वाली बीवियां उतनी मस्ती से और उतने मन से अपने मरद से नहीं चुदवातीं, जितनी मस्ती से और जितने मन से पराये मर्दों से चुदवातीं हैं। इसीलिए हम सबको ऐसा फील होता है पराया मरद ज्यादा अच्छी तरह चोदता है ? गलती हमारी है न की हमारे मर्दों की या फिर उनके लण्ड की ? एक बात नोट कर लो की लण्ड कैसा भी हो अगर मन लगाकर और मस्ती से चदुवाया जाये तो मज़ा पूरा का पूरा आता है...
कई बीवियां अपने हस्बैंड से १/२ बीवियां चुदवा लेतीं हैं फिर उन्ही की आड़ में खुद कई मर्दों से चुदवाया करती हैं। कई बीवियां अपने मरद को "बीवियों की अदला बदली" करना सिखा देतीं हैं। फिर वो कितने लोगों से चुदवातीं हैं इसकी कोई गिनती ही नहीं ? कुछ उच्च घराने की बीवियां क्लब में जाकर अनजान लोगों से चुदवातीं हैं। विदेशी लोगों से चुदवातीं हैं। कुछ चोदने वाले मर्दों को अपने घर बुला कर चुदवातीं है। कुछ बीवियां होटलों के जाकर ग़ैर मर्दों से चुदवातीं है। कुछ बीवियां बड़े बड़े होटलों के किराए के मर्दों को बुला कर चुदवाती हैं। कुछ बीवियां घर में ही मर्दों की अदला बदली करके चुदवातीं हैं। कुछ अपने नाते रिश्ते दारों से चुदवा लेतीं है और कुछ अपने मोहल्ले के मर्दो से, लड़कों से चुदवा लेतीं हैं।
अगर देखा जाए तो दुनियां बड़ी रंगीन है, दोस्तों ? बीवियां अगर चोरी छिपे चुदवाना छोड़ दें और अपने मियां को विश्वाश लेकर कर एक दूसरे के मर्दों से चुदवायें तो ज्यादा अच्छा हो ? लेकिन वह भी कोई बीवी है जो चोरी छिपे किसी से चुदवाये न ?
मेरा नाम आरती है दोस्तों, आपने जो भी ऊपर पढ़ा अभी, वह बिलकुल सच है। मैं भी एक बीवी हूँ और मैं अच्छी तरह जानती हूँ की दुनिया में कोई बुर चोदी ऐसी बीवी नहीं है जो कभी पराये मरद से चुदवाती नहीं है ? हां कोई कम चुदवाती है, कोई अधिक चुदवाती है, कोई कभी कभी चुदवाती है और कोई तब चुदवाती है जब वह अपने आपको पूरी तरह सुरक्षित कर लेती है। जहाँ तक लण्ड पकड़ने का सवाल तो आजकल लड़कियां शादी के पहले ही कई लण्ड पकड़ चुकी होतीं है और शादी के बाद भी लण्ड पकड़ती रहतीं है। अगर कोई बीवी यह कहती है की उसने शादी के बाद किसी और का लण्ड नहीं पकड़ा तो समझों की वह भोसड़ी वाली सफ़ेद झूंठ बोल रही है। लण्ड पकड़ना एक बहुत ही कॉमन चीज है जो हर लड़की करती है और हर बीवी करती है।
अब मुझे देखो मेरे हाथ में जैसे ही करन का लण्ड आया और मैंने हिला कर उसे खड़ा किया और फ़ौरन बोली हाय करन तेरा लण्ड मेरे पति के लण्ड से बड़ा भी है और मोटा भी। फिर उसने जैसे ही चोदना शुरू किया और १०/२० बार लण्ड मेरी चूत के अंदर बाहर किया तो मैंने फ़ौरन कहा यार तू तो भोसड़ी का मेरे पति से बढ़िया चोदता है ? ऐसे ही चोदे जाओ, मेरा राजा ? मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है। मुझे तो तेरे जैसा ही बुर चोदने वाला लण्ड चाहिए। सच बताऊँ दोस्तों, मैं जिससे चुदवाती हूँ उससे यही बात कहती हूँ। बस वह मेरी बात सुनकर कुत्ते की तरह चोदने लगता है मेरी बुर ? मेरा ही नहीं हर बीवी का यही हाल है। चुपक चुपके चुदवाने में शायद हम बीवियों को खूब मज़ा आता है ?
लेकिन मैं कोई काम चुपके चुपके नहीं करती। मैं डंके की चोट पर करती हूँ हर काम ? मर्दों के लण्ड चूसती हूँ, डंके की चोट पर ? बुर चुदवातीं हूँ अपनी, डंके की चोट पर ? गांड भी मरवाती हूँ अपनी, डंके की चोट पर ? मैं किसी भोसड़ी वाले से नहीं डरती ? मैंने बहुत पहले अपने पति की आदत दूसरों की बीवियां चोदने की डाल दी है। अब वह अगर एक बीवी चोदता है तो मैं दो मर्दों से चुदवा लेती हूँ. वह अगर दो बुर चोदता है तो मैं चार लण्ड से चुदवा लेतीं हूँ। इससे मैं भी खुश और वह भी खुश ? करन मेरे कॉलेज का दोस्त है।
एक दिन वह मुझे एक शॉपिंग मॉल में मिल गया। उसके मिलते ही मुझे अपने पुराने दिनों की याद आ गयी। मैं उससे बातें करने लगी। उसकी प्यारी प्यारी बातें सुनकर मेरा दिल उस पर आ गया। मेरा मन हुआ की मैं उससे चुदवा लूँ। मेरी चूत में हलचल होने लगी। तभी उसने मुझे अपनी बीवी से मिलवाया।
उसकी बीवी वाकई बड़ी सुन्दर थी। मुझसे भी ज्यादा सुन्दर ? मैंने सोंचा यार करन इतनी सुन्दर बीवी की बुर लेता है तो क्या वह मेरी बुर लेगा ? क्या वह मुझे चोदने के लिए तैयार होगा ? फिर मन में विचार आया की अब अगर दिल आ ही गया है तो कोशिश करने में हर्ज़ ही क्या है ? क्यों न कोशिश की जाये ? मैंने फ़ौरन करन का मोबाइल नंबर ले लिया और अपने उसे दे दिया। उसकी बीवी से भी बात की और नंबर की आला बदली की। फिर हम तीनो ने वहीँ एक रेस्टोरेंट में बैठ कर काफी पी । उसके बाद मैं घर चली आई। लेकिन मैं करन के लण्ड के बारे में सोंचती रही।
मैं रात भर सोयी नहीं बस करन का लण्ड दिमाग में घूमता रहा। सवेरे मैंने करन को फोन मिला दिया। वह बोला अरे आरती मैं तुम्हारे बारे में ही सोंच रहा था। मैंने कहा तो फिर आ जाओ न मैं चाय बनाने जा रही हूँ। उसने कहा अरे यार मैं तो दारू पियूँगा चाय नहीं ? मैंने कहा ओ के आ जाओ मैं इंतज़ाम कर लेती हूँ। मैं घर के अकेली थी। वह आ गया. मैं इधर केवल पेटीकोट पहन कर बैठ गयी। ऊपर एक चुन्नी डाल ली ? हमने चियर्स कहा और हम दरू पीने लगे। मेरी नियत तो खराब थी ही। मैं बीच बीच में अनजान बन कर हाथ उठा कर अपनी चूंचियां दिखाने लगी। उसकी नज़रें मेरी नंगी चूंचियां ढूंढ रही थीं। नशा चढ़ता जा रहा था। उधर उसकी बीवी बाहर गयी थी इधर मेरा मियां। मैंने कहा यार करन आज तुम बड़े हैंडसम लग रहे हो। वह बोला आरती तुम भी बहुत सेक्सी लग रही हो। मैं अंदर कुछ सामान लेने गयी और जब वापस आई तो बैठते हुए चुन्नी नीचे गिरा दी।
मेरी चूंचियां एकदम नंगी नंगी उसके सामने आ गयीं। मैं झुक कर चुन्नी उठाने लगी तो वह बोला नहीं आरती प्लीज मत उठाओ अपनी चुन्नी ? ऐसा ही रहने दो । तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो यार ? मैंने कहा तो फिर तुम भी अपना खोल कर दिखाओ मुझे ? मैंने अपनी चूंचियां उसके मुंह के सामने कर दीं और उसके लण्ड पर हाथ मार कर कहा निकालो इस भोसड़ी वाले को ? वह उठा और मुझे गले से लगा लिया मैं भी उससे चिपट गयी और फिर हम दोनों कपड़े उतार कर एकदम नंगे हो गये। उसका हाथ मेरी चूंचीं , मेरी चूत और मेरी गांड पर चलने लगा और मेरा हाथ उसके लण्ड पर दौड़ने लगा। मुझे उसका लण्ड सहलाने में मज़ा आने लगा। लण्ड तो पूरा टन टनाया हुआ था। सुपाड़ा बिलकुल निकल कर बाहर आ गया था। मैं लण्ड चूमने लगी और पेल्हड़ भी। वह मेरी चूंची चूत गांड सब जगह चूमने लगा। मैं जान गयी की आग दोनों तरफ लगी है। मैं बेड पर 69 की पोजीशन पर आ गयी और उसका लण्ड चाटने लगी वह मेरी चूत। मेरे मन की मुराद पूरी होने जा रही थी।
थोड़ी देर में मैंने लण्ड अपनी चूत में घुसा लिया और कहा यार अब मुझे चोदो । पूरा घुसेड़ दो अपना मादर चोद लण्ड ? मैं तेरी बीवी हूँ मुझे चोदो, मैं तेरी रंडी हूँ मुझे चोदो, मैं तेरी रखैल हूँ मुझे चोदो, मैं तेरी प्रेमिका हूँ मुझे चोदो। मुझे चोदो भोसड़ी के, करन ? मेरी चूत फाड़ डालो ? मेरी चूत की माँ चोद डालो, करन ? चीथड़े उदा दो मेरी बुर चोदी बुर के ? तेरे लण्ड की माँ की चूत ? मेरी चूत की माँ का भोसड़ा ? मैं चुदवाने में पूरे मूड में आ गयी।
उसे भी ताव आ गया और वह गांड से जोर लगा लगा के मुझे चोदने लगा। वह धीरे धीरे स्पीड बढ़ने लगा। मुझे महसूस हुआ की उसका लण्ड मेरी चूत में फूलता जा रहा है। मोटा होता जा रहा है। मुझे मज़ा आने लगा। मुझे लगा की यह तो मेरे पति से अच्छा चोद लेता है। फिर मैं तारीफ़ किये बिना रुक नहीं सकी। मैंने कहा यार करन, तुम तो मेरे पति से बढ़िया चोद लेते हो ? यह तो तेरा और तेरे लण्ड का कमाल है। मुझे तो बड़ा आनंद आ रहा है तुमसे चुदवाने में। प्लीज मुझे इसी तरह चोदा करो। ऐसा बोल कर मैं भी अपनी गांड से जोर लगा लगा के चुदवाने लगी। थोड़ा चुदवाने के बाद मुझे लण्ड पर प्यार आ गया और फिर मैंने उसे तौलिया से पोंछा। मैंने लण्ड की चुम्मी ली और गप्प से मुंह में घुसेड़ लिया। मैं लण्ड आधे से अधिक मुंह में डाल कर चूसने लगी। उसे भी मज़ा आने लगा। वह अपनी गांड बार बार आगे पीछे करने लगा जैसे वह मेरा मुंह बुर समझ कर चोद रहा हो।
मुझे ऐसा करने से भी मज़ा आया। कुछ देर बाद मैंने कहा यार करन अब तुम मुझे पीछे से चोदो। मैं कुतिया बन कर चुदवाने लगी। तब मेरे मन में आया की अगर एक लौड़ा और होता तो मैं सामने से उसे अपने मुंह में ले लेती। मेरी इच्छा दो लण्ड से एक साथ चुदवाने की होने लगी। इतने में मुझे करन की बीवी रोली का ख्याल आया। मैं सोंचने लगी की अगर रोली बुर चोदी मेरे पति से चुदवाने लगे तो फिर मैं करन से धकापेल चुदवा सकती हूँ। उसके बाद मैंने करन को चित लिटा दिया और उसके लण्ड पर बैठ कर चुदवाने लगी। मुझे किसी के भी लण्ड पर बैठने में बड़ा मज़ा आता है। लण्ड भक्क से मेरी चूत में घुस जाता है और मुझे बैठने में आराम मिल जाती है। मैं धीरे धीरे अपनी गांड हिला हिला कर लण्ड चोदा करती हूँ। मैं यही काम करन के लण्ड के साथ करने लगी।
वह बोला हाय भाभी तुम तो मेरी बीवी से अच्छी तरह चुदवा लेती हो ?
मुझे उस दिन करन से चुदाने में बहुत अच्छा लगा। मुझे असली चुदाई का मज़ा मिला। मैंने मन बना लिया की अब मैं बिना इससे चुदवाये रह नहीं सकती इसलिए मुझे इसका कोई परमानेंट हल निकालना पडेगा। मुझे इसकी बीवी की बुर अपने पति से चुदवानी पड़ेगा। क्यों न मैं करन की बीवी से बात करूँ और उसे मेरे पति से चुदवाने के लिए उकसाऊँ ? बस इसी ख्याल से मैं दूसरे दिन उसके घर पहुँच गयी। जैसे ही रोली (करन की बीवी) ने दरवाजा खोला तो वह मुझे देख कर खुश हो गयी। मुझे अंदर बैठाया। मैं देखा की वहां एक और लेडी पहले ही बैठी है। वह भी भोसड़ी की बड़ी खूबसूरत है। रोली बोली आरती इससे मिलो यह है मिसेज रूचि मेरे मियां के दोस्त की बीवी। आज यह अपने माईके जा रही है। इसीलिए यह कहने आई है की आज से इसका पति मेरे घर रहेगा और यहीं खाना खायेगा ?
मैं मन में सोंचने लगी की यह कैसा प्रोग्राम है ?
- तब तक रोली बोली और जब मैं माईके चली जाती हूँ तो मेरा मियां इसके घर में रहता है और वहीँ खाना खाता है।
- मैंने सवाल कर दिया की आरती तेरा मियां कहीं बाहर टूर पर चला जाए तो ?
- वह बोली तब मैं रूचि के घर में रहती हूँ। और जब रूचि का मरद कहीं चला जाता है तो रूचि मेरे घर में रहती है।
- मैंने पूंछा रोली जब रूचि का पति कहीं बाहर चला जाता है तो रूचि तेरे घर में रहती है इससे तुझे कोई आपत्ति नहीं है ?
- आपत्ति क्यों होगी भोसड़ी वाली ? जब मेरा पति कहीं बाहर जाता तो मैं रूचि के घर चली जाती हूँ। वहीँ खाती हूँ और वहीँ चुदवाती हूँ।
- वाओ, तो तुम रूचि के सामने रूचि के पति से चुदवाती हो ?
- हां हां बिलकुल चुदवाती हूँ। तो क्या हुआ ? इसमें कौन सी बड़ी बात है यार ? रूचि भी तो मेरे सामने मेरे पति से चुदवाती है। बात बराबर ? देखो आरती, बीवी को चाहिए लण्ड ? चाहे अपने मियां का लण्ड हो चाहे उसके दोस्त का लण्ड ?
- तब मैंने मुस्कराकर कहा और मियां को चाहिए बुर ? चाहे वह अपनी बीवी की बुर हो, चाहे अपने दोस्त की बीवी की बुर ?
मैंने कहा यार फिर तो मुझे भी अपने ग्रुप का मेंबर बना लो न ? मेरे भी पति से चुदवा लो तुम दोनों ? रूचि बोली अरे यार आरती तुम यही थोड़ी देर रुको। मैं अपने पति को अभी भेजती हूँ। वह मुझे एयर पोर्ट छोड़ेगा और फिर सीधे यहीं आएगा ? फिर तुम यही रोली के सामने उससे चुदवा लेना मैं जब माईके से वापस आऊँगी तब तेरे मियां से चुदवा लूंगी। मुझे तो बिना मांगें मेरे मन की मुराद पूरी हो रही है। मैं रुक गयी। इतने में रूचि चली गयी और मैं रोली से बातें करने लगी। एक घंटे के बाद रूचि का पति मिस्टर राहुल आ गया। रोली ने मुझे उससे मिलवाया। मैं तो मिलकर बहुत खुश हुई। वह भी खुश हुआ मुझसे मिलकर। रोली ने मेरे कान में कहा आरती इसका लौड़ा बड़ा मस्त है। थोड़ी दारू के बाद रोली ने कहा राहुल तुम आरती को लेकर बेड पर चलो, इसके कपड़े उतारो और इसकी चूंचियां मसलो मैं अभी आती हूँ। आज तुम मेरे सामने आरती की बुर चोदो।
राहुल मुझे बेड रूम में ले गया और मेरे कपड़े खोलने लगा। मैं उसके कपड़े उतारने लगी। पल भर में हम दोनों नंगे हो गये । वह मेरी बड़ी बड़ी चूंचियां देख कर मस्त हो गया और मसलने लगा। मेरा सारा बदन चूमने लगा। मैं भी उसका लंबा चौड़ा लौड़ा देख कर मस्त हो गयी। मैं जान गयी की आज मेरी चूत मज़ा करेगी। तब तक रोली भी आ गयी। वह भी बिलकुल नंगी थी। हम दोनों मिलकर लण्ड चाटने लगीं। कभी सुपाड़ा तो कभी पेल्हड़ ? रोली ने पूंछा पसंद आया आरती तुम्हे राहुल का लण्ड ? मैंने कहा वाओ, कितना मस्त मौला और कितना मोटा ताज़ा है इसका लण्ड यार रोली एक हाथ से मेरी चूत सहला रही थी। दूसरे हाथ से राहुल के पेल्हड़ ? मैं लण्ड चूस रही थी और राहुल मेरी चूंची दबा रहा था। इतने में रोली ने घुसा दिया लण्ड मेरी चूत में और बोली आरती अब चुदाओ रूचि के मरद से भकाभक अपनी चूत जैसे मैं चुदवाती हूँ। जैसे ही लौड़ा पूरा घुसा, वैसे ही मुझे तो मज़ा आने लगा। राहुल मस्ती से चोदने लगा ? मैंने कहा वाओ, इतना बढ़िया तो मुझे मेरा मियां भी नहीं चोदता ?
मैं गांड उठा उठा के चुदवाने लगी। रोली बोली यार इस तरह तो किसी का भी मियां अपनी बीवी नहीं चोदता ? सब साले मरद दूसरों की बीवियां बड़े मजे से चोदते हैं इसीलिए मैं दूसरों के मर्दों से ही चुदवाती हूँ। राहुल चोदने की स्पीड बढ़ा दी ? मैं भी साथ देने लगी। मुझे उसका लण्ड करन के लण्ड के बराबर लग रहा था।
तब तक रोली ने पूंछा :- आरती, तुझे रूचि के मरद का लण्ड ज्यादा पसंद है की मेरे मरद का लण्ड ?
मैं उसे बड़ी हैरानी से देखने लगी।
तब उसने बताया :- आरती मुझे सब मालूम है। तुम मेरे मरद से चुदवा चुकी हो ? तुमको मेरा मरद अच्छी तरह चोदता है। तेरा मरद भी तुझे उतनी अच्छी तरह नहीं चोदता ? है न सच्ची बात, आरती ?
मैंने कहा:- हां बिलकुल सच्ची बात है रोली ? यह मैंने तेरे मर्द से चुदवाते समय कहा था।
रोली ने कहा :- देखो आरती हर बीवी को पराये मरद का लण्ड बड़ा अच्छा लगता है। उससे चुदवाना बड़ा अच्छा लगता है। जानती हो क्यों ? क्योंकि हम मादर चोद, भोसड़ी वाली बीवियां उतनी मस्ती से और उतने मन से अपने मरद से नहीं चुदवातीं, जितनी मस्ती से और जितने मन से पराये मर्दों से चुदवातीं हैं। इसीलिए हम सबको ऐसा फील होता है पराया मरद ज्यादा अच्छी तरह चोदता है ? गलती हमारी है न की हमारे मर्दों की या फिर उनके लण्ड की ? एक बात नोट कर लो की लण्ड कैसा भी हो अगर मन लगाकर और मस्ती से चदुवाया जाये तो मज़ा पूरा का पूरा आता है...
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