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देखो मेरी चूत तड़प रही है - Dekho Meri chut tadap rahi hai
देखो मेरी चूत तड़प रही है - Dekho Meri chut tadap rahi hai , मेरी चूत को बड़े लंड से चुदने की तड़प , वासना की तड़प प्यासी चूत चुदाई , रंगीन रातों की कहानियाँ , dekho bhabi meri chut kaise dahakti hai , lund ke bina tadap rahi , लंड खड़ा करो चुत में डाल रही हु सेक्सी चुत चुदाई.
मैं अकीरा हूँ और इस घर की एक बहू हूँ। मेरी उम्र ४४ साल की हूँ. मैं बहुत खूबसूरत और सेक्सी बीवी हूँ। मेरे शौहर के तीन भाई हैं और तीन बहन । मैं बीच वाले भाई से ब्याही हूँ। इसका मतलब की मेरा एक जेठ है और एक देवर है। उनकी बीवियां मेरी जेठानी और देवरानी हैं। जेठानी का नाम आबिदा है और देवरानी का सबीना है । हम तीनो के बीच कभी कभी नोक झोंक होती रहती है। आपस में खूब खुल्लम खुल्ला गन्दी गन्दी बातें भी हो जातीं है और गरमागरम बहस भी हो जाती है। गाली गलौज भी हो जाती है। हम सब एक दूसरे की माँ बहन चोदने लगती हैं। हमारे घर में गालियों का ही माहौल रहता है और पूरी तरह आज़ादी का माहौल रहता है। बच्चे जब जवान हो जातें हैं तो सारी पाबंदियां हटा ली जातीं हैं। किसी पर कोई पाबन्दी नहीं रहती। हमारी औलादें भी बड़ी बड़ी हो गयीं है जवान हो गयीं है।
हमारी बेटियां २१ साल से ऊपर हो गयीं हैं। इसलिए हमारी बेटियां भोसड़ी वाली सब गालियां बकती हैं। गालियों से कभी माँ का भोसड़ा चोदतीं है और कभी बहन की बुर। कभी गांड में लण्ड ठोंकतीं है और कभी एक दूसरे की झांटें उखाड़तीं हैं। इन सबने गालियां हम लोगों से ही सीखीं हैं। जब हम लोग देवरानी जेठानी आपसे में नोक झोंक करने लगती है तो हम भी एक दूसरे की बेटियों की बुर चोदतीं हैं उनकी गांड मारती है और उनकी माँ बहन चोदतीं हैं। कभी कोई न तो शर्म है और न एक दूसरे का कोई लिहाज़ ? हमारी गालियां दुश्मनी की नहीं होतीं बल्कि प्यार की गालियां होती हैं। बेटियां भी प्यार से गालियां देतीं हैं और दूसरों की गालियां सुनती है उन्हें एन्जॉय करती हैं। गालियां देते और लेते समय अक्सर हम लोग हंसने भी लगती हैं। हमारे घर में मर्द भी मादर चोद कम नहीं हैं। वे भी गालियां खूब इस्तेमाल करतें हैं और बेहिचक कभी सबके सामने और कभी मोबाइल पर गालियां बकते रहतें हैं।
एक दिन मेरी जेठानी से कुछ कहा सुनी हो गयी। वह भी बड़े मूड में थी और मैं भी । हमारी बेटियां भी इधर उधर घूम रहीं थीं। सवेरे सवेरे का समय था। उस टाइम पर हर कोई अस्त व्यस्त ही रहता है। पहले तो मीठी मीठी बातें हुई बाद में कुछ और लगा। मेरे सामने अचानक जेठानी आ गयीं। मैंने अनुमान लगाया की वह शायद किसी से चुदवा कर उठी हैं।
अब आगे की कहानी आप मेरी बेटी से सुनिए :-
हां तो मेरे लण्ड वाले दोस्तों और चूत वाली सहेलियों मैं आपको आगे की कहानी सुनाती हूँ।
आपने मेरी माँ का भोसड़ा देखा। नहीं देखा तो अभी दिखाऊँगी। मेरी ताई का भोसड़ा देखा। वह अभी अभी किसी पड़ोस के लड़के से चुदवा कर आई है। आपने जेठानी और देवरानी की नोंक झोंक देखी। अब मैं लड़कियों की बातें करने जा रही हूँ। हमारी अम्मियाँ बहन चोद खूब गालियां बकतीं है। हम लोग भी कम नहीं हैं। दो दिन बाद इतवार था. सुबह का टाइम था। मैं अपने कमरे से निकली और आँगन में आकर खड़ी हो गयी। इतने में निदा निंक्ली।
मैंने कहा सदा तुम सच्ची सच्ची बताओ तुमने कभी अपनी अम्मी का भोसड़ा देखा - उसने जबाब दिया हां देखा। एक बार नहीं कई बार देखा मगर दूर से। मैंने अपनी अम्मी को कई बार अब्बू से नहीं बल्कि और लोगों से चुदवाते हुए देखा है।
फिर मैंने निदा से यही सवाल पूंछा तो उसने भी कहा हां मैं जानती हूँ कि मेरी अम्मी गैर मर्दों से चुदवाती हैं। मैंने उसे चुदवाते हुए भी देखा है और किसी पराये मरद का लण्ड चाटते हुए भी देखा है ? मैंने कहा यार मैंने भी अपनी अम्मी को गैर मर्दों से चुदवाते हुए देखा है। लेकिन इसमें कोई गलत बात नहीं है। हमारे यहाँ, जहाँ तक मुझे मालूम है, घर के मर्दों से और कुनबे के या फिर नाते रिश्तेदारों में किसी से भी चुदवाने में कोई पाबन्दी नहीं हैं। हमारी अम्मियाँ बहन चोद खुले आम सबसे चुदवाती हैं क्योंकि यह सब यहाँ allowed है ऐसा मैंने बड़ी फूफी के मुंह से सुना है ?
अब यह बताओ तेरी अम्मी ने कभी तेरी बुर देखी ? सबने कहा नहीं देखी। फिर मैंने पूंछा अच्छा यह बताओ तुमने किसी के अब्बू का लण्ड देखा ? सबने कहा नहीं देखा। तब मैंने बताया की मैंने निदा के अब्बू का लण्ड देखा है। और लण्ड देखते ही मेरे मन में कुछ कुछ होने लगा था . मैं यह भूल गयी की यह मेरे अंकल का लण्ड है। मैं जब तक देख सकी तब तक देखती ही रही लण्ड ? फिर मैं अपने बॉय फ्रेंड के पास गयी और छुप कर उसका लण्ड पकड़ा, चाटा, चूसा और फिर मुठ्ठ मार कर लण्ड पिया। तब कहीं जाकर मुझे थोड़ी राहत मिली। फिर दूसरे दिन अपने फूफी के लड़के से चुदवाया तब शुकून मिला। अब सवाल इस बात का है की जब हम लोग एक दूसरे की माँ गालियों से चोदतीं हैं ओ फिर सच में क्यों नहीं चोद सकतीं ?
सदा बोली हां यार हया सही कह रही है। देखो हम तीनो किसी न किसी से चुदवाती रहती हैं। हमारी माँ भी हरामजादी खूब गैरों से चुदवातीं हैं। तो फिर हम क्यों न उसी लण्ड से अपनी माँ का भोसड़ा चुदवायें जिससे हम चुदवातीं हैं ? हर एक की माँ जवान लण्ड से चुदवाना चाहती है यह तो पक्की बात है। ऐसे में अगर हम तीनो अपनी अपनी अम्मी की चूत में लण्ड पेलें तो कोई हर्ज़ नहीं है। देखो एक बात तो सच है की हम सब बेशर्म हैं और हमसे ज्यादा बेशर्म है हमारी अम्मियाँ ? हम बिंदास सब कुछ कह सकतीं है और कर सकतीं हैं। निदा ने कहा तब ऐसा करो हम तीनो अपने अपने बॉय फ्रेंड को एक साथ लें आयें और एक ही कमरे में उनके लण्ड पकड़े और उनसे चुदवायें ?
मैंने कहा हां यह अच्छा आईडिया है। पर क्यों न हम एक दूसरे के बॉय फ्रेंड से चुदवायें ? अपने अपने बॉय फ्रेंड के लण्ड तो सभी चूसती हैं क्यों हम एक दूसरे के बॉय फ्रेंड का लण्ड चूसें और फिर एक दूसरे के बॉय फ्रेंड से चुदवायें ? जहाँ तक माँ चुदाने का सवाल है पहले हम अपनी अपनी माँ चुदवायें फिर एक दूसरे की माँ चुदवायें ? मेरी बात पर सबने मोहर लगा दी।
सदा बोली मुझे ऐसा लगता है की जब हम अपनी अपनी माँ चुदवाएंगीं तो हमारी माँ भी अपनी अपनी बेटियां चुदवाएगीं। निदा बोली हां यह हो सकता है। दूसरे दिन मैं अपने दोस्त कमाल को ले आई, निदा अपने दोस्त अब्दुल को और सदा अपने दोस्त अहमद को ले आई। हम तीनो एक दूसरे के दोस्त से मिले और खुल कर बातें की। मैंने पूंछा अच्छा तुम लोग यह बताओ की तुमको सबके सामने हम लोगों को ग्रुप में चोदने में कोई शर्म तो नहीं आएगी ? क्योंकि शर्म आएगी तो लौड़ा बहन चोद खड़ा ही नहीं होगा ? इतने में निदा बोली अरे यार मेरा दोस्त भोसड़ी का ग्रुप में जाने कितनी लड़कियों को चोदता है। इसे तो अपनी माँ चोदने में भी शर्म नहीं है ?
सब लोग इसी बात पर हंस पड़ीं।
मैंने कहा अरे हां अगर तुम लोगों को हमारी माँ भी चोदनी पड़ी तो चोद लोगे न ? वे तीनो एक साथ बोले हां बिलकुल चोद लेगें क्योंकि हमें तो बहुत सी लड़कियां अपनी माँ चुदाने अपने घर ले जातीं है। हम तीनो गज़ब के मूड में थी। सबसे पहले मैंने अपने कपड़े उतारे। मेरे बाद निदा और सदा ने भी। हम तीनो मादर चोद नंगी हो गयीं। फेयर अपने अपने बॉय फ्रेंड को नंगा करने लगी। हम तीनो भोसड़ी वाले नंगे हो गये तो हम लोग उनके लण्ड पकड़ कर हिलाने लगीं। लण्ड बहन चोद टन्ना कर खड़े हो गए।
फिर मैंने हाथ बढाकर निदा के दोस्त अब्दुल का लण्ड पकड़ लिया, निदा ने सदा के दोस्त अहमद का लण्ड पकड़ लिया और सदा ने मेरे दोस्त कमाल का लण्ड ? मैंने कहा यार निदा तेरे दोस्त का लण्ड तो बड़ा मस्त है मोटा भी है और खूबसूरत भी। मेरा तो दिल इस पर आ गया है। वह बोली इसे दिल नहीं तेरी बुर चाहिए हया ? उसने आगे कहा और देखो न सदा के दोस्त अहमद का लण्ड तो माशा अल्ला बड़ा जवान हो गया है बिलकुल दुबई के शेख के लण्ड जैसा है इसका लण्ड ? मैंने कहा निदा बुर चोदी तूने कब किसी शेख का लण्ड पकड़ लिया। उसने कहा अरे यार मेरी एक सहेली है उसने एक शेख से निकाह कर लिया। एक दिन मुझे भी उसका लौड़ा पकड़ने का और उससे चुदवाने का मौक़ा मिल गया था। बड़े जबरदस्त होतें है शख लोगों के लण्ड ? इस तरह बातें करती हूँ मैं अब्दुल से चुदवाने लगी, निदा अहमद से और सदा मेरे दोस्त कमाल से चुदवाने लगी।
उस दिन हमें सबके साथ और सबके सामने एक दूसरे को गालियां दे दे कर चुदवाने में खूब मज़ा आया।
हमने सोंच लिया की अब आज रात में ही अपनी अपनी माँ का भोसड़ा चोदा जाये ? दूसरी पारी में हम लोगों ने अपने अपने दोस्त का लण्ड पकड़ा और उसे खूब हिला हिला कर खड़ा कर दिया। मैंने कहा यार अब हम लोग अपनी अपनी अम्मी को बुला लें यहीं ? तब तक आवाज़ आई तुम्हे बुलाने की जरुरत नहीं है हम लोग खुद ही आ गयी हैं। पहले यह बताओ की यहाँ हो क्या रहा है ? मैंने देखा की तीनो अम्मियाँ एक एक चादर ओढ़े सामने खड़ी हैं। मैंने हिम्मत करके कहा तेरी बिटिया की बुर चुदा रही हूँ अम्मी ? निदा बोली मैं भी तेरी बेटी की बुर में लण्ड पेलने जा रही हूँ, अम्मी ? सदा बोली मैं भी तेरी बिटिया चुदवा रही हूँ, अम्मी ? मैंने कहा लेकिन इसके बाद हम लोग अपनी माँ का भोसड़ा चुदायेंगी।
हमारी बेटियां २१ साल से ऊपर हो गयीं हैं। इसलिए हमारी बेटियां भोसड़ी वाली सब गालियां बकती हैं। गालियों से कभी माँ का भोसड़ा चोदतीं है और कभी बहन की बुर। कभी गांड में लण्ड ठोंकतीं है और कभी एक दूसरे की झांटें उखाड़तीं हैं। इन सबने गालियां हम लोगों से ही सीखीं हैं। जब हम लोग देवरानी जेठानी आपसे में नोक झोंक करने लगती है तो हम भी एक दूसरे की बेटियों की बुर चोदतीं हैं उनकी गांड मारती है और उनकी माँ बहन चोदतीं हैं। कभी कोई न तो शर्म है और न एक दूसरे का कोई लिहाज़ ? हमारी गालियां दुश्मनी की नहीं होतीं बल्कि प्यार की गालियां होती हैं। बेटियां भी प्यार से गालियां देतीं हैं और दूसरों की गालियां सुनती है उन्हें एन्जॉय करती हैं। गालियां देते और लेते समय अक्सर हम लोग हंसने भी लगती हैं। हमारे घर में मर्द भी मादर चोद कम नहीं हैं। वे भी गालियां खूब इस्तेमाल करतें हैं और बेहिचक कभी सबके सामने और कभी मोबाइल पर गालियां बकते रहतें हैं।
एक दिन मेरी जेठानी से कुछ कहा सुनी हो गयी। वह भी बड़े मूड में थी और मैं भी । हमारी बेटियां भी इधर उधर घूम रहीं थीं। सवेरे सवेरे का समय था। उस टाइम पर हर कोई अस्त व्यस्त ही रहता है। पहले तो मीठी मीठी बातें हुई बाद में कुछ और लगा। मेरे सामने अचानक जेठानी आ गयीं। मैंने अनुमान लगाया की वह शायद किसी से चुदवा कर उठी हैं।
- मैंने कहा - आज तो बड़ी मस्त लग रही हो जेठानी जी ? तेरी चूंचियां आज तो कुछ ज्यादा ही बड़ी बड़ी लग रहीं हैं। किससे नुचवाकर आई हो अपनी चूंचियां बहन चोद ?
- वह बोली - मेरी चूंचियां तो हमेशा बड़ी बड़ी रहती है भोसड़ी की अकीरा । अब कोई मर्द ही इन्हे बड़ी बड़ी बनाता है मादर चोद ?
- किस मर्द ने बड़ी बड़ी कर दीं है तेरी चूंचियां क्योंकि जेठ जी तो हैं नहीं ?
- अच्छा बुर चोदी अकीरा सुन, जहाँ मुर्गा नहीं बोलता वहां सवेरा नहीं होता क्या ? मेरा मरद नहीं है तो क्या कोई मेरी चूंचियां मसलने वाला ही नहीं होगा ?
- अगर कोई चूंचियां मसलने वाला है तो फिर कोई बुर चोदने वाला भी होगा ?
- हां है न बुर चोदने वाला तो तेरी गांड में क्यों दर्द हो रहा है माँ की लौड़ी।
- मेरी गांड में दर्द क्यों होगा मैं तो बस पूंछ रही हूँ।
- पूंछ कर क्या तू कोई रिपोर्ट बनाएगी और उसे अपने यारों को दिखाएगी। तू बुर चोदी कितनी हरामी है मैं जानती हूँ अकीरा तेरी बिटिया की बुर बहन चोद ?
- अरे जेठानी जी इसमें मेरी बिटिया की बुर कहाँ से आ गयी ? और अगर आ गयी तो बुर तो तेरी भी बिटिया की है ? (इतने में जेठानी की बिटिया बोली अम्मी तुम दोनों भोसड़ी वालियों से गुज़ारिश है की हम बेटियों को बीच में न लाओ नहीं तो हम फिर सबकी माँ का भोसड़ा चोदना शुरू कर देंगीं, बुर चोदी अकीरा और बुर चोदी आबिदा अपनी अपनी बुर की परवाह करो ? हमारी बुर हमारे पे छोड़ दो)
- हां है तो मेरी बिटिया की बुर तो तू क्या करेगी ? पहले अपनी बुर संभाल फिर औरों की बुर की बात करना ? मैं तेरी सब हरकतें जानती हूँ।
- मैं भी तेरी हरकतें जानती हूँ। अभी उस दिन जब तू चुपके चुपके जुम्मन का लण्ड चाट रही थी तो मैं वहीं बगल के कमरे में थी और तेरी सारी हरकतें देख रही थी। छुप छुप चुदवाती है तू ?
- तो क्या हुआ तेरी गांड में दम है तो तू सबके सामने चुदवा ? तुझे कौन भोसड़ी वाली मना करती है ?
- अच्छा यह तो बता बुर चोदी जेठानी की सवेरे सवेरे किसका लौड़ा हिला कर आई है तू और कौन तेरी चूंचियां मसल कर गया।
- अरे यार सवेरे सवेरे मैं छत पर चली गयी। पड़ोस की छत पर एक जवान लड़का खड़ा था। मैंने उसे पहचानती नहीं थी लेकिन मेरा दिल उस पर आ गया मैंने मन में कहा होगा साला कोई पर है तो लड़का। लण्ड तो होगा ही इसके पास। मैंने इशारे से उसे अपनी छत पर बुलाया जब तक वह आया तब तक मैं अपनी चूंचियां खोल चुकी थी। मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपनी चूंचियों पर रख लिया। वह चूंचियां मसलने लगा। मैं जान गयी की वह भी मस्ती आ गया है। बस मैंने उसके पैजामें का नाड़ा खींच लिया वह मादर चोद नंगा हो गया। मैंने उसका लौड़ा लपक कर पकड़ लिया। लण्ड साला और टन्ना गया। मैं हिलाने लगी लण्ड। फिर उसे मैं अपने कमरे में ले आई। उसका लौड़ा मैंने खूब चाटा और फिर उसे अपनी चूत में घुसा लिया। वह भी साला मस्ती से चोदने लगा। चोदने के बाद वह छत से भाग गया। उसके बाद मैं यहाँ आ गयी।
अब आगे की कहानी आप मेरी बेटी से सुनिए :-
हां तो मेरे लण्ड वाले दोस्तों और चूत वाली सहेलियों मैं आपको आगे की कहानी सुनाती हूँ।
आपने मेरी माँ का भोसड़ा देखा। नहीं देखा तो अभी दिखाऊँगी। मेरी ताई का भोसड़ा देखा। वह अभी अभी किसी पड़ोस के लड़के से चुदवा कर आई है। आपने जेठानी और देवरानी की नोंक झोंक देखी। अब मैं लड़कियों की बातें करने जा रही हूँ। हमारी अम्मियाँ बहन चोद खूब गालियां बकतीं है। हम लोग भी कम नहीं हैं। दो दिन बाद इतवार था. सुबह का टाइम था। मैं अपने कमरे से निकली और आँगन में आकर खड़ी हो गयी। इतने में निदा निंक्ली।
- उसे देख कर मैं जाने क्या सोंचने लगी और बोली अरी भोसड़ी की निदा क्या हो गया है तुझे ? किसी ने लण्ड पेल दिया क्या तेरी गांड में ?
- निदा - मेरी गांड में कौन मादर चोद पेलेगा लण्ड ? अगर किसी ने हिम्मत भी की तो मैं उसकी माँ चोद दूँगी ? समझी तू माँ की लौड़ी हया ?
- तू माँ क्यों चोदेगी भोसड़ी वाली ? क्या तुझे गांड मराना नहीं आता ? जाने कितनी लड़कियां गांड मराने के लिए तरसती रहती हैं। उन्हें लण्ड नहीं मिलता। तुझे तो लण्ड मिल जातें है न बहन की लौड़ी। (इतने में सबीना आंटी की बेटी सदा आ गयी)
- उसे देख कर मैंने कहा हाय सदा क्या तू अपनी माँ चुदा के आ रही है बुर चोदी ?
- तेरी माँ का भोसड़ा हया और तेरी माँ की चूत । मुझे सवेरे सवेरे माँ की गाली क्यों दे रही है तू बहन की लौड़ी ? तेरे पास और कोई काम नहीं है क्या ?
- वाओ, इतना गुस्सा क्यों दिखा रही है तू और किसे दिखा रही है ? ज्यादा बोलेगी तो मैं तेरी गांड में घुसा दूँगी। मुंह नोंच लूंगी तेरा।
- नोचना हो तो किसी का लण्ड नोंचो ? मुंह नोंचने स क्या मिलेगा ? वैसे भी तू कुछ नोंच नहीं पायेगी। अरे तू तो मेरी एक झांट भी टेढ़ी नहीं कर पायेगी भोसड़ी की ? (इन लोगों की बातें सुन कर मेरी अम्मी अकीरा, आबिदा और सबीना सब आँगन में आकर इकठ्ठा हो गयीं और हमारी नोंक जहां एन्जॉय करने लगीं )
- इतने में निदा आगे बढ़ी और बोली सदा मैं तेरी झांटें उखाड़ लूंगी।
- सदा ने कहा ले भोसड़ी की उखाड़ के दिखा मेरी झांटें ? उसने अपनी झांटें दिखाते हुए कहा।
मैंने कहा सदा तुम सच्ची सच्ची बताओ तुमने कभी अपनी अम्मी का भोसड़ा देखा - उसने जबाब दिया हां देखा। एक बार नहीं कई बार देखा मगर दूर से। मैंने अपनी अम्मी को कई बार अब्बू से नहीं बल्कि और लोगों से चुदवाते हुए देखा है।
फिर मैंने निदा से यही सवाल पूंछा तो उसने भी कहा हां मैं जानती हूँ कि मेरी अम्मी गैर मर्दों से चुदवाती हैं। मैंने उसे चुदवाते हुए भी देखा है और किसी पराये मरद का लण्ड चाटते हुए भी देखा है ? मैंने कहा यार मैंने भी अपनी अम्मी को गैर मर्दों से चुदवाते हुए देखा है। लेकिन इसमें कोई गलत बात नहीं है। हमारे यहाँ, जहाँ तक मुझे मालूम है, घर के मर्दों से और कुनबे के या फिर नाते रिश्तेदारों में किसी से भी चुदवाने में कोई पाबन्दी नहीं हैं। हमारी अम्मियाँ बहन चोद खुले आम सबसे चुदवाती हैं क्योंकि यह सब यहाँ allowed है ऐसा मैंने बड़ी फूफी के मुंह से सुना है ?
अब यह बताओ तेरी अम्मी ने कभी तेरी बुर देखी ? सबने कहा नहीं देखी। फिर मैंने पूंछा अच्छा यह बताओ तुमने किसी के अब्बू का लण्ड देखा ? सबने कहा नहीं देखा। तब मैंने बताया की मैंने निदा के अब्बू का लण्ड देखा है। और लण्ड देखते ही मेरे मन में कुछ कुछ होने लगा था . मैं यह भूल गयी की यह मेरे अंकल का लण्ड है। मैं जब तक देख सकी तब तक देखती ही रही लण्ड ? फिर मैं अपने बॉय फ्रेंड के पास गयी और छुप कर उसका लण्ड पकड़ा, चाटा, चूसा और फिर मुठ्ठ मार कर लण्ड पिया। तब कहीं जाकर मुझे थोड़ी राहत मिली। फिर दूसरे दिन अपने फूफी के लड़के से चुदवाया तब शुकून मिला। अब सवाल इस बात का है की जब हम लोग एक दूसरे की माँ गालियों से चोदतीं हैं ओ फिर सच में क्यों नहीं चोद सकतीं ?
सदा बोली हां यार हया सही कह रही है। देखो हम तीनो किसी न किसी से चुदवाती रहती हैं। हमारी माँ भी हरामजादी खूब गैरों से चुदवातीं हैं। तो फिर हम क्यों न उसी लण्ड से अपनी माँ का भोसड़ा चुदवायें जिससे हम चुदवातीं हैं ? हर एक की माँ जवान लण्ड से चुदवाना चाहती है यह तो पक्की बात है। ऐसे में अगर हम तीनो अपनी अपनी अम्मी की चूत में लण्ड पेलें तो कोई हर्ज़ नहीं है। देखो एक बात तो सच है की हम सब बेशर्म हैं और हमसे ज्यादा बेशर्म है हमारी अम्मियाँ ? हम बिंदास सब कुछ कह सकतीं है और कर सकतीं हैं। निदा ने कहा तब ऐसा करो हम तीनो अपने अपने बॉय फ्रेंड को एक साथ लें आयें और एक ही कमरे में उनके लण्ड पकड़े और उनसे चुदवायें ?
मैंने कहा हां यह अच्छा आईडिया है। पर क्यों न हम एक दूसरे के बॉय फ्रेंड से चुदवायें ? अपने अपने बॉय फ्रेंड के लण्ड तो सभी चूसती हैं क्यों हम एक दूसरे के बॉय फ्रेंड का लण्ड चूसें और फिर एक दूसरे के बॉय फ्रेंड से चुदवायें ? जहाँ तक माँ चुदाने का सवाल है पहले हम अपनी अपनी माँ चुदवायें फिर एक दूसरे की माँ चुदवायें ? मेरी बात पर सबने मोहर लगा दी।
सदा बोली मुझे ऐसा लगता है की जब हम अपनी अपनी माँ चुदवाएंगीं तो हमारी माँ भी अपनी अपनी बेटियां चुदवाएगीं। निदा बोली हां यह हो सकता है। दूसरे दिन मैं अपने दोस्त कमाल को ले आई, निदा अपने दोस्त अब्दुल को और सदा अपने दोस्त अहमद को ले आई। हम तीनो एक दूसरे के दोस्त से मिले और खुल कर बातें की। मैंने पूंछा अच्छा तुम लोग यह बताओ की तुमको सबके सामने हम लोगों को ग्रुप में चोदने में कोई शर्म तो नहीं आएगी ? क्योंकि शर्म आएगी तो लौड़ा बहन चोद खड़ा ही नहीं होगा ? इतने में निदा बोली अरे यार मेरा दोस्त भोसड़ी का ग्रुप में जाने कितनी लड़कियों को चोदता है। इसे तो अपनी माँ चोदने में भी शर्म नहीं है ?
सब लोग इसी बात पर हंस पड़ीं।
मैंने कहा अरे हां अगर तुम लोगों को हमारी माँ भी चोदनी पड़ी तो चोद लोगे न ? वे तीनो एक साथ बोले हां बिलकुल चोद लेगें क्योंकि हमें तो बहुत सी लड़कियां अपनी माँ चुदाने अपने घर ले जातीं है। हम तीनो गज़ब के मूड में थी। सबसे पहले मैंने अपने कपड़े उतारे। मेरे बाद निदा और सदा ने भी। हम तीनो मादर चोद नंगी हो गयीं। फेयर अपने अपने बॉय फ्रेंड को नंगा करने लगी। हम तीनो भोसड़ी वाले नंगे हो गये तो हम लोग उनके लण्ड पकड़ कर हिलाने लगीं। लण्ड बहन चोद टन्ना कर खड़े हो गए।
फिर मैंने हाथ बढाकर निदा के दोस्त अब्दुल का लण्ड पकड़ लिया, निदा ने सदा के दोस्त अहमद का लण्ड पकड़ लिया और सदा ने मेरे दोस्त कमाल का लण्ड ? मैंने कहा यार निदा तेरे दोस्त का लण्ड तो बड़ा मस्त है मोटा भी है और खूबसूरत भी। मेरा तो दिल इस पर आ गया है। वह बोली इसे दिल नहीं तेरी बुर चाहिए हया ? उसने आगे कहा और देखो न सदा के दोस्त अहमद का लण्ड तो माशा अल्ला बड़ा जवान हो गया है बिलकुल दुबई के शेख के लण्ड जैसा है इसका लण्ड ? मैंने कहा निदा बुर चोदी तूने कब किसी शेख का लण्ड पकड़ लिया। उसने कहा अरे यार मेरी एक सहेली है उसने एक शेख से निकाह कर लिया। एक दिन मुझे भी उसका लौड़ा पकड़ने का और उससे चुदवाने का मौक़ा मिल गया था। बड़े जबरदस्त होतें है शख लोगों के लण्ड ? इस तरह बातें करती हूँ मैं अब्दुल से चुदवाने लगी, निदा अहमद से और सदा मेरे दोस्त कमाल से चुदवाने लगी।
उस दिन हमें सबके साथ और सबके सामने एक दूसरे को गालियां दे दे कर चुदवाने में खूब मज़ा आया।
हमने सोंच लिया की अब आज रात में ही अपनी अपनी माँ का भोसड़ा चोदा जाये ? दूसरी पारी में हम लोगों ने अपने अपने दोस्त का लण्ड पकड़ा और उसे खूब हिला हिला कर खड़ा कर दिया। मैंने कहा यार अब हम लोग अपनी अपनी अम्मी को बुला लें यहीं ? तब तक आवाज़ आई तुम्हे बुलाने की जरुरत नहीं है हम लोग खुद ही आ गयी हैं। पहले यह बताओ की यहाँ हो क्या रहा है ? मैंने देखा की तीनो अम्मियाँ एक एक चादर ओढ़े सामने खड़ी हैं। मैंने हिम्मत करके कहा तेरी बिटिया की बुर चुदा रही हूँ अम्मी ? निदा बोली मैं भी तेरी बेटी की बुर में लण्ड पेलने जा रही हूँ, अम्मी ? सदा बोली मैं भी तेरी बिटिया चुदवा रही हूँ, अम्मी ? मैंने कहा लेकिन इसके बाद हम लोग अपनी माँ का भोसड़ा चुदायेंगी।
मेरी अम्मी अकीरा बोली तुम लोगों ने कभी अपनी माँ का भोसड़ा देखा भी है ? जबाब में हम तीनो ने एक ही आवाज़ में कहा हां देखा है अम्मी को पराये मर्दों से चुदवाते हुए कई बार देखा है। तब उन तीनो ने अपनी अपनी चादर उतार कर फेंक दी। वे तीनो भोसड़ी वाली नीचे से नंगी ही थी। तीनो अम्मियाँ अपना अपना भोसड़ा खोल कर खड़ी हो गयीं। अदीबा बोली लो अब ठीक से देखो अपनी माँ का भोसड़ा बुर चोदियों ? और चुदाओ मजे से अपनी अपनी माँ की चूत ? इतने में मेरी माँ ने आँखों से किसी को इशारा किया तो तीन अंकल एकदम नंगे नंगे अपना अपना लण्ड खड़ा किये हुए हमारे सामने आ गये। सदा की अम्मी बोली सुनो हरामजादियों, माँ की लौडियों तुम लोग अगर अपनी अपनी माँ का भोसड़ा चुदवाओगी तो फिर हम लोग भी अपनी अपनी बिटिया की बुर चुदवाएंगीं।
अम्मी ने फिर अंकल का एक एक लण्ड हम तीनो को पकड़ा दिया। इधर हमने भी एक एक लण्ड सबकी अम्मी को पकड़ा दिया। हम लोग चुदाने लगी अपनी माँ का भोसड़ा और वो चुदाने लगीं अपनी बिटिया की बुर ? इस तरह की चुदाई पहले कभी नहीं हुई। इसमें सबको खूब मज़ा आया। जब हम तीनो लड़कियों की शादी हो गयी तब इन तीनो अम्मियों ने हमारे शौहरों से भी खूब चुदवाया।
अम्मी ने फिर अंकल का एक एक लण्ड हम तीनो को पकड़ा दिया। इधर हमने भी एक एक लण्ड सबकी अम्मी को पकड़ा दिया। हम लोग चुदाने लगी अपनी माँ का भोसड़ा और वो चुदाने लगीं अपनी बिटिया की बुर ? इस तरह की चुदाई पहले कभी नहीं हुई। इसमें सबको खूब मज़ा आया। जब हम तीनो लड़कियों की शादी हो गयी तब इन तीनो अम्मियों ने हमारे शौहरों से भी खूब चुदवाया।
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