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मुझे चोदना इतना आसान नहीं है - Mujhe chodne ke liye karna hoga ye kaam
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मैं अपने जीजू से खूब मजाक करती हूँ। खुलकर मजाक करती हूँ। न मैं शर्माती हूँ और न ही मैं डरती हूँ।
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| मैं और जीजू का लण्ड |
- एक दिन मैंने कहा जीजू मुझे ऐसा लगता है की तुम्हारी नियत मुझ पर ख़राब हो रही है।
- वह बोला मेरी ख़राब हो नहीं रही है बल्कि ख़राब हो चुकी है तुम पर रेशमा ? मैं किसी दिन जल्दी ही सवारी करने वाला हूँ।
- मैंने कहा अरे जीजू मुझे दीदी की तरह सीधी शादी लड़की मत समझ लेना। मैं बड़ी चालू चीज हूँ। बड़े बड़े लोग मुझसे धोखा खा जातें हैं। ?
- वह बोला तुम कितनी भी चालू क्यों न हो पर मेरे चंगुल में एक न एक दिन जरूर फंस जाओगी।
- मैंने फिर तिरछीं निगाहों से कहा जीजू मैं बड़े बड़े लोगों को पानी पिला देती हूँ। मुझे ऐसी वैसी मत समझना। मैं तेरे किसी जाल में फंसने वाली नहीं हूँ।
- वह बोला तुम कुछ भी कर लो रेशमा एक दिन मैं तुम्हे फंसा कर ही दम लूंगा ?
- अरे जीजू मैं नहीं फंसने वाली ? जाने कितने लड़के मुझे फंसाने के चक्कर में रहतें है। मैं सबको चकमा दे देती हूँ। तुम भी बच कर रहना मुझसे ?
दोस्तों, मेरा नाम है रेशमा मैं एक मद मस्त बिंदास और खूबसूरत लड़की हूँ। मेरे बूब्स बड़े बड़े हैं, सुडौल हैं और सेक्सी है। इन्हे देख कर किसी की भी नियत ख़राब हो सकती है। शायद मेरे जीजू की निगाह इन्ही पर लगी हुई है। इसीलिए इसकी नियत ख़राब हो गयी है। मेरी कमर पतली है और चूतड़ बड़े बड़े हो गये हैं। मेरी गांड सेक्सी और चूत बेहद टाइट और मस्तानी है। मैं स्लीवलेस कपड़े पहनती हूँ तो मेरी सेक्स अपील और निखर आती है। लड़के मुझे देख कर हाय हाय कहने लगते है और कमेंट्स पास करने लगते हैं। उनके कमेंट्स सुनकर मेरे अंदर गुदगुदी होने लगती है। मेरा कद ५' ३" है, मैं गोरी चिट्टी हूँ, हंसमुख हूँ और हर काम में तेज हूँ। मैं एक डिग्री कॉलेज में पढ़ती हूँ। मेरा एक छोटा भाई है और एक बड़ी बहन है। भाई का नाम सल्लू है और बहन का नाम समीना है। बहन की शादी हो चुकी है। उसकी उम्र २४ साल की है। उसका एक बच्चा भी है।
मैं कॉलेज में खूब मस्ती करती हूँ। खूब बातें करती हूँ और अभी दो महीने से मैं खुल कर गालियां भी देने लगी हूँ। हमारे कॉलेज की सभी लड़कियां गालियां देतीं है और मैंने उन्हीं से गालियां देना सीखा है। हुआ यह की एक दिन उस लड़की को बड़ी बड़ी मस्त गालियां देते हुए सुना जो बहुत भोली भाली और सीधी शादी लड़की थी। चुपचाप क्लास में बैठी रहती थी. न कभी कोई सवाल पूंछती थी और न कोई जबाब देती थी। मैं तो यह समझ रही थी उसे अभी तक यह भी नहीं मालूम होगा की लण्ड किसे कहतें है ? चूत बुर भोसड़ा क्या है और गांड मराने का मतलब क्या होता है ? लेकिन जब मैंने उस दिन सब लड़कियों के बीच उसे गन्दी गन्दी और भद्दी भद्दी गालियां देते हुए सुना तो मैं दंग रह गयी। मैंने मन में कहा अरे यह तो सब जानती होगी ? इसे तो चुदना चुदाना सब आता होगा ? बड़ी बदमाश और हरामजादी है यास्मीन ? जी हाँ उसका नाम था यास्मीन ? मैं उससे दोस्ती बढ़ाने लगी और धीरे धीरे वह मेरी पक्की दोस्त बन गयी। मैं उससे खुल कर बात करने लगी और वह मुझसे। होते करते कुछ ऐसा हुआ की वह अपनी सारी बातें भी मुझसे बताने लगी। खुल कर बिना किसी झिझक के सब कुछ मुझसे कहने लगी। अपने घर की बातें बताने लगी यहाँ तक की उसने झाँटें कब कब बनायीं, घर में किसकी चूचियाँ कितनी बड़ी बड़ी हैं, किसकी गांड कितनी मोटी है और किस मर्द का लौड़ा कैसा है सब कुछ मुझे बताने लगी। मैं भी इन बातों में बड़ी रूचि लेने लगी। फिर मैं भी अपनी बातें उसे बताने लगीं। हम दोनों के बीच कोई दूरी नहीं रही।
यास्मीन एक दिन बोली यार रेशमा आज मैंने अपने भाई जान का लण्ड देख लिया। मैंने कहा वाओ तू तो बहुत बड़ी हरामी चीज है यार ? पर यह बता की लण्ड देखा कैसे तूने ? और देखा तो बता की कैसा है तेरे भाई जान का लण्ड ? वह बोली मैंने अपने बाथ रूम में एक सुराख कर रखा है। मैं सबके लण्ड उसी से छुप छुप कर देखती हूँ। कल जब वह नहा रहा था तो मैं झाँक कर देखने लगी। उसने लण्ड पर साबुन लगाया और फिर पानी डाला तो लण्ड टन टना कर खड़ा हो गया। मैं उसे एकटक देखती रही। उसका टोपा बड़ा जबरदस्त है यार। मन कर रहा था की उसे मुंह में रख लूँ। यार मेरी चूत तो गनगना उठी ? मैंने पूंछा कितना बड़ा है लण्ड उसका ? वह बोली यार ७" से कम न होगा। लेकिन अब मैं रुक नहीं सकती। किसी दिन पकड़ लूंगी उसका लण्ड ? उसकी बात सुनकर मेरे बदन में आग लग गयी। मैं भी अपने भाई जान का लण्ड पकड़ने की तमन्ना करने लगी । दो दिन बाद वह दौड़ती हुई मेरे पास आई और बोली रेशमा यार कल रात मैंने भाई जान का लण्ड पकड़ लिया और कल रात में ही मैंने अपनेअब्बू जान का लौड़ा भो देखा ?
मेरी उत्सुकता बढ़ गयी. मैंने कहा हाय अल्ला तूने अपने अब्बू का लौड़ा देख लिया ? अब तो यार चल मेरे साथ वहां एक कोने में और बता मुझे पूरी बात ? वह बोली यार पहले क्लास तो अटेंड कर लो। मैंने कहा क्लास की माँ की चूत ? भाड़ में गया क्लास ? पहले तू मुझे खुल कर बता सारी बात ?
यास्मीन बोली यार कल रात को मैं अपने भाई जान के बिस्तर पर अचानक पहुँच गयी। वह लेटा हुआ था और अपना लण्ड सहला रहा था। हलकी सी रोशनी में मुझे उसका लौड़ा दिख गया। मेरे दिल की धड़कने बढ़ने लगी लेकिन मैं वहां खड़ी रही। तब तक उसने लण्ड पैजामे से बाहर निकाल लिया। अब मैं नंगा लण्ड देख कर अपने आप को रोक न सकी। मैंने कहा भाई जान ये तो बहुत बड़ा है ? क्या लड़कों का इतना बड़ा होता है ? उसने चुपचाप मुझे अंदर घसीट लिया और कहा क्या बड़ा होता है यास्मीन ? मैंने भी जोश में कह दिया यही 'लण्ड' भाभी जान ? मेरे मुंह से 'लण्ड' सुन कर उसका लण्ड और फनफनाने लगा। मैंने हाथ बढ़ाया और लण्ड पकड़ किया। वह पहले तो कुछ नहीं बोला फिर कहा यास्मीन तुम्हे कैसा लगा मेरा ? मैं बोली हाय दईया ये तो जीजू के लण्ड से बड़ा है ?
बस उसने मुझे चिपका लिया और कहा तुम जीजू का लण्ड पकड़ चुकी हो ? मैंने कहा हां पकड़ चुकी हूँ। बस मैं लण्ड मस्ती से हिलने लगी। फिर झुक कर लण्ड चाटने लगी। यार रेशमा मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।
मैंने पूंछा :- कितना बड़ा है उसका लण्ड यास्मीन ?
उसने कहा :- अरे यार यही कोई ७" का होगा बहन चोद ? लेकिन बड़ा प्यारा लग रहा था। मैंने उसे मुंह में भर लिया और चूसती रही। वह भी मेरी चूचियाँ दबाता रहा और मेरी चूत पर भी हाथ फेरता रहा। थोड़ी देर में वह बोला यास्मीन मैं निकल जाऊंगा। मैं समझ नहीं पाई और कह दिया की मेरे मुंह में ही निकल जा ? वह जब झड़ गया तो मुझे थोड़ा अजीब सा लगा। लेकिन मैंने हिम्मत करके लण्ड चूस डाला। वह बाथ रूम चला गया और मैं जल्दी से अपने कमरे में आ गयी। डर था की कहीं अब्बू देख न ले ? मुझे नींद नहीं आ रही थी। रात में करीब १ बज था। मैं पेशाब के लिए उठी। तब मैंने देखा की अब्बू के कमरे से हलकी हलकी रौशनी आ रही है। मैं चुपचाप झांककर देखने लगी। मैंने जो देखा तो हैरान हो गयी। उस दिन मेरी अम्मी मामू के घर गईं थी। मैंने देखा की मेरी खाला मेरे अब्बू का खड़ा लण्ड हिला रही हैं। खाला की चूचियाँ बिलकुल साफ़ दिख रही थीं। अब्बू का लण्ड भी पूरा दिख रहा था। लण्ड का टोपा चमक रहा था। मेरी चूत बहन चोद गनगना उठी। मैं और ध्यान से देखने लगी। इतने में खाला लण्ड चूसने लगीं। मुझे खाला का भोसड़ा दिखाई पड़ा ? भोसड़ा साला एकदम चिकना और मस्त था। थोड़ी देर में अब्बू ने लण्ड भोसड़ा में घुसेड़ दिया और चोदने लगा। खाला बुर चोदी रंडी की तरह चुदवाने लगी।
मैंने पूंछा :- यार तेरे अब्बू का लण्ड कितना बड़ा होगा ?
वह बोली :- मादर चोद ८" से कम न था लण्ड। बड़ा मोटा तगड़ा और सख्त ?
मैंने पूंछा :- तो फिर तूने कितनी देर तक देखा ?
वह बोली :- पूरी चुदाई देखी यार ? यह तो मेरे लिए लाइव ब्लू फिल्म थी। लेकिन मैं समझ ही ये सब होता है। इसलिए मैं जल्दी सो जाने का बहाना करती और रात में उठ कर चुदाई देखती ?
मैंने कहा :- तो तूने किस किस की चुदाई देखी ?
उसने बताया :- अब्बू को खाला का भोसड़ा चोदते हुए देखा। खालू को मेरी माँ का भोसड़ा चोदते हुए देखा ? और अम्मी को जीजू का लण्ड चूसते हुए देखा।
मैंने कहा :- तू बड़ी नसीब वाली है यार ? मैंने अभी तक अपने घर में कुछ भी नहीं देखा।
यास्मीन की बातें सुनकर मेरी चूत में आग लग गयी थी। मेरी भी इच्छा लण्ड देखने की और लण्ड पकड़ने की हो गयी। मैं थोड़ा परेशां थी इसलिए रात में मैंने नेट पर ब्लू फिल्म देखा। उसमे सिर्फ लण्ड देखा और कई तरह के लण्ड देखा वह भी बिलकुल नंगी होकर। मैं एक हाथ से अपनी चूचियाँ मसल रही थी और दूसरे हाथ से अपनी चूत में ऊँगली कर रही थी। अच्छा तो लग रहा था, मज़ा भी आ रहा था लेकिन मन कर रहा था की कोई लण्ड लैपटॉप से निकल कर मेरे हाथ में आ जाये तो कितना अच्छा हो ? फिर सवेरे एकाएक मुझे ख्याल आया की मेरा भी भाई है। वह जवान हो गया है। उसके पास भी लण्ड है। क्यों न मैं भी यास्मीन की तरह अपने भाई का लण्ड पकड़ लूँ ? और हां मेरा तो जीजू भी है। मैं उसका भी लण्ड पकड़ सकती हूँ।
बस मेरे अंदर जोश आ गया और मैं लण्ड पकड़ने का प्लान बनाने लगी।
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