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एक साथ चुदाने का मज़ा ही कुछ और है - Swad lena hai to sab ek sath chudai kiya karo
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बहू आज मुझे तेरी नन्द की पूरी असलियत मालूम हो गयी है। हो तो गयी है वह २२ साल की लेकिन ऐसे रहती थी की जैसे कुछ जानती ही नहीं बिचारी ? उसे कुछ पता ही नहीं है। अभी वह बच्ची है। उसे क्या मालूम की लन्ड, बुर ,चूत, गांड, भोसड़ा क्या होता है ? पर आज मुझे मालूम हुआ है की वह तो बड़ी घुटी हुई चीज है, बहू। खूब धकाधक शराब पीती है और साथ ही साथ लड़कों के लन्ड पीती है। लड़को के आगे बिलकुल नंगी हो जाती है भोसड़ी वाली। लन्ड सिर्फ पीती ही नहीं बहू, लन्ड तो वह अपनी चूत में घुसेड़ती है। भकाभक चुदवाती है बुर चोदी अपनी बुर ? गांड भी कहो भोसड़ी वाली मरवाती होगी ? तेरी नन्द अभी से इतनी चुदक्कड़ हो गयी है और मुझे कानो कान खबर नहीं ? यह भी पता चला है की वो खुलेआम लड़कों के पेल लेती है लन्ड ? एक लन्ड से नहीं बल्कि दो दो / तीन तीन लन्ड से एक साथ चुदवाती है। जो काम उसकी मादर चोद माँ नहीं कर पायी वो काम वो खुद कर रही है। बड़ी चालू चीज हो गयी है तेरी नन्द बहू। संभालो अपनी नन्द को नहीं तो किसी दिन तेरी भी बुर में घुसेड़ देगी किसी का मोटा लन्ड ? मुझे किसी ने बताया की वह अब किसी दिन अपनी माँ का भोसड़ा चुदवाने वाली है ? इसीलिए मैं कहती हूँ बहू की इससे पहले की वह मेरा भोसड़ा चुदवाये, मैं ही उसकी चूत में पेल देती हूँ लन्ड। मैंने तो सोंच लिया है की आज मैं तेरी नन्द की बुर चोदूँगी ? वो अपने आपको सझती क्या है, माँ की लौड़ी ? मेरा भोसड़ा चुदवायेगी वो बुर चोदी ? अरे मैं उससे पहले चुदवाऊँगी उसकी बुर ? उसकी तो माँ का भोसड़ा बहू ? आने तो उसे अभी मज़ा चखाती हूँ उसे और उसकी चूत को भी ?
मेरी सास ने अपने मन की भड़ास मेरे आगे निकाल तो दी। लेकिन मैं यह समझ नहीं पा रही थी की असली बात क्या है ? सही बात क्या है ? सही बात का पता नहीं चल पा रहा था। मेरी नन्द तो मेरी सास की बेटी है। क्या माँ बेटी दोनों में मनमुटाव हो गया है। क्या कोई माँ अपनी बेटी के आगे इतनी खुल कर करेंगीं ? क्या वाकई दोनों एक दूसरे से इतनी खुल गयी हैं की वो एक दूसरे की चूत में लन्ड पेलेगीं ? अगर ऐसा नहीं है तो सास इतना खुल कर मुझसे क्यों कह रही हैं ? या फिर ये सब सिर्फ बातें ही बातें है और हकीकत में कुछ भी नहीं ?
मैं यह भी सोंचने लगी की शायद मेरी सास भी अपना भोसड़ा चुदवाना चाहती हों ? क्योंकी अभी उसकी उम्र केवल ४६ साल की है और इस उम्र में तो औरत बिलकुल टना टन जवान होती है। शायद सास यह भी चाहती हों की मेरी बेटी मुझसे एक बार खुल जाए तो फिर उसके दोस्तों के लन्ड का मज़ा मुझे भी मिलने लगे। मेरी बेटी अगर अपनी माँ चुदाने लगे तो फिर इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है। दोनों को एक साथ जवानी का मज़ा लूटने का मौका मिले तो फिर मज़ा ही मज़ा ? मैं इसी अधेड़ बुन में थी लेकिन सही बात का पता बिलकुल भी नहीं लग पा रहा था। फिर मेरे मन में ख्याल आया की क्यों की इन दोनों की जासूसी की जाए ? बस उसके बाद मैं अपने काम पर लग गयी और ताक झाँक करनी शुरू कर दी।
मेरा नाम है दोस्तों, निदा। मैं २५ साल की हूँ। मेरी शादी अभी ६ महीने पहले ही हुई है। मैं इस घर की बहू हूँ और मेरा शौहर दुबई में काम करता है। मैं यहाँ मुम्बई में अपनी सास और नन्द के पास रहती हूँ। मेरी सास है ४६ साल की आसफा और २२ साल की मेरी मस्तानी नन्द सलमा ? अभी आपने मेरी सास के मुंह से मेरी नन्द की बुर के बारे में सुना। सास वास्तव में अपनी बेटी की बुर के बारे में बता रही थीं। मेरी नन्द पूरी तरह जवान है और खूब लन्ड पीती है। चुदवाती भी है लेकिन अपनी माँ के भोसड़ा में लन्ड कभी नहीं पेला। शायद इसी बात का मलाल है सास जी को। अब मुझे मालूम हो गया है की मेरी सास लन्ड की बड़ी दीवानी है। उसे अपना भोसड़ा एक से नहीं कई। लोगों से चुदवाना है। मैंने यह भी सोंचा की सास अगर अपना भोसड़ा चुदवाने के लिए इतनी उतावली है तो अब तक कहाँ गांड मरा रही थी अपनी ? अब तक क्यों नहीं चुदवाया लोगों से अपना भोसड़ा ? हां यह भी हो सकता हो की सास बुर चोदी खूब दनादन चुदवाती हो और अपनी बेटी की बुर में एक भी लन्ड न पेलती हो ? इसीलिए इसकी बेटी इससे नाराज़ रहती होगी ? यानी कुछ भी हो सकता है ? मैं तो बस अनुमान लगा रही हूँ और सच की तलास कर रही हूँ।
एक दिन मैंने सास को रंगे हाथों पकड़ लिया। घर में मैं थी और सास। मैंने कहा की मैं बाज़ार जा रही हूँ शाम तक आऊंगी। लेकिन कुछ ऐसा हुआ की मैं बाज़ार नहीं जा पायी और एक घंटे ही वापस आ गयी। मैंने ताला खोला और अपने कमरे में अंदर घुस गयी। मैं कपड़े बदल रही थी तो मुझे सास के कमरे से आवाज़ सुनाई पड़ी। मैं चुपचाप अंदर झाँक कर देखने लगी। मैं तो दंग रह गयी जब मैंने अपनी सास को बिलकुल नंगी देखा। उसे किसी का लन्ड हिलाते हुए देखा ? लन्ड भी साला जबरदस्त था। मैं तो उसे देख कर ललचा गयी। सास बोल रही थी रफ़ी तुम किसी दिन लन्ड मेरी बेटी की बुर में पेल दो। क्योंकि जब तक मैं उसकी बुर नहीं चुदवाऊँगी तब तक वह मेरा भोसड़ा नहीं चुदवायेगी ? उसके बॉय फ्रेंड्स बड़े मस्त जवान लड़के हैं मैं उन सबके लन्ड का मज़ा लेना चाहती हूँ। उनसे चुदवाना चाहती हूँ। मगर मेरी बेटी तभी अपनी माँ चुदवायेगी जब मैं उसकी बुर चुदवाऊँगी। वह मुझसे साफ़ साफ़ कह चुकी है।
उसने मुझसे कहा था की अम्मी पहले तुम मुझे लन्ड दो फिर मैं तुम्हे लन्ड दूँगी। वह बड़ी जिद्दी लड़की है अपनी बात पर क़ायम रहेगी। इसलिए पहल मुझे ही करना पड़ेगा। तुम आज रात को ही पकड़ा दो उसे अपना लन्ड ? और हां अब तो मेरी बहू भी आ गयी है। उसे भी लन्ड चाहिए। मेरी बेटी के बाद मेरी बहू की भी बुर ले लेना यार ? तेरे लन्ड की तो बल्ले बल्ले हो जाएगी ? मैं उसकी बातें सुनकर मस्त हो गयी। फिर वहीँ बैठी बैठी अपनी सास की चुदाई देखती रही। इतना मोटा लन्ड और सास का भोसड़ा चुदता हुआ देख कर मैं भी बुरी तरह चुदासी हो गयी। लेकिन मैं सब्र किये बैठी रही। जाते समय सास ने कहा रफ़ी तुम रात को करीब १० बजे आ जाना। आज मुझे अपनी बेटी चुदवानी है। उसके जाने के बाद मेरी सास भी कहीं चली गयी। उसे यह नहीं मालूम हुआ की मैं घर में हूँ। दरअसल घर की चाभियाँ तीन है। एक एक हम सबके पास। हम तीनो कहीं भी जाएँ तो अपने घर वापस आने में कोई दिक्कत नहीं होती।
उसके थोड़ी देर बाद मेरी नन्द आ गयी। नन्द के साथ एक अधेड़ उम्र का आदमी था। मेरी नन्द सलमा उसे अपने कमरे में ले गयी। वह अपने उतारने लगी। मैं खिड़की से झाँक कर सब कुछ देखने लगी। मैं तो हैरान हो गयी जब वह उस आदमी के बिलकुल नंगी हो गयी। वह आगे बढ़ी और उस आदमी के कपड़े उतारने लगी। थोड़ी देर में वह आदमी भी नंगा हो गया। सलमा उसका लन्ड पकड़ कर हिलाने लगी। लन्ड खड़ा होने लगा। जब लन्ड पूरी तरह तन कर खड़ा हो गया तो सलमा बोली वाओ, अंकल तेरा तो लन्ड भोसड़ी का आज बड़ा मोटा लग रहा है ? ताहिर अंकल के लन्ड से तेरा लन्ड बड़ा भी है। उसने लन्ड की झुक कर कई बार चुम्मी ली। लन्ड मुझे भी पसंद आ गया। मेरा मन हुआ की मैं अभी कमरे में घुस जाऊं और लन्ड गप्प से मुंह में भर लूँ। तब तक सलमा एक हाथ से पेल्हड़ थामे हुए लन्ड के टोपा पर जबान फिराने लगी।
सलमा लन्ड चूसते हुए बोली हसन अंकल तुम ताहिर के दोस्त हो। आज पहली बार मैं तेरा लन्ड चूस रही हूँ। मुझे लौड़ा बड़ा मजेदार लग रहा है। इतना बढ़िया लन्ड बहुत कम लोगों का होता है। ताहिर अंकल ने मुझे तुमसे मिलवाकर बड़ा अच्छा किया। वैसे तुम ताहिर के कितने करीबी दोस्त हो ? वह बोला अरे सलमा हम दोनों बहुत पक्के दोस्त हैं। असली बात यह है की मैं उसकी बीवी चोदता हूँ और वह मेरी बीवी चोदता है। हम दोनों की बीवियां एक दूसरे के शौहर का लन्ड बहुत पसंद करतीं हैं। सलमा ने कहा अरे वाह तब तो मैं उन दोनों आंटियों से जरूर मिलूँगी। अच्छा मैं एक बात तुमसे कहना चाहती हूँ। वह बोला हां हां कहो सलमा तुम्हे किस बात की झिझक ? खुल कर कहो ? सलमा बोली देखो अंकल मेरी अम्मी बुर चोदी बड़ी चुदक्कड़ है। लेकिन मैंने आजतक कोई लन्ड उसकी चूत में नहीं पेला। मैंने कहा अम्मी पहले लण्ड तुम मेरी चूत में पेलो फिर मैं तेरी चूत में पेलूँगी। मैं जानती हूँ की मेरी अम्मी बड़ी जिद्दी हैं अड़ियल हैं। वह पहल कभी नहीं करेगी। इसलिए मैं चाहती हूँ आज तुम मेरी माँ चोदो अंकल ? मेरी सामने मेरी माँ चोदो। उसके बाद तो वह खुद ही लन्ड मेरे हाथ में पकड़ा देगी। मैं और ज्यादा एन्जॉय करने के लिए उसकी जिद पूरी करना चाहती हूँ।
मैंने सुना है की अम्मी के दोस्तों के लन्ड बड़े बड़े और मोटे मोटे हैं। मैं उन सभी लौडों का मज़ा लूटना चाहती हूँ। अभी तुम मुझे बड़े मजे से चोदो लेकिन रात को १० बजे मेरी माँ चोदने आ जाना। मैं तेरा इंतज़ार करुँगी। बस फिर सलमा ने लन्ड अपनी चूत में घुसा कर भकाभक चुदवाने लगी और मैं बैठी बैठी चुदाई देखती रही। अभी अभी सास का भोसड़ा चुदता हुआ देखा और अब नन्द की बुर चुदती हुई देख रही हूँ। मेरे मन में आया की अगर दोनों एक साथ एक दूसरे के सामने चुदवायें तो ज्यादा मज़ा आये। जब दोनों आपस में एक दूसरे की बुर गालियों से चोदतीं है तो फिर लन्ड से क्यों नहीं ? सलमा बड़े मजे से अपनी गांड से जोर लगा कर चुदवा रही थी। मैंने यह महसूस किया की सास से ज्यादा नन्द बुर चुदवाने में माहिर है। सास ठीक ही कहती हैं की बहू तेरी बुर चोदी नन्द की बुर ?
शाम को जब मेरी सास आईं तो वह मुझसे पूछने लगी बहू निदा कहाँ है तेरी बुर चोदी नन्द ? आज मैं उसकी चूत का बाजा बजाऊंगी ? मैं यह सुनकर हंस पड़ी। तो सास बोली री निदा बहू देख घर में हम ही थीं इसलिए मज़ा करने के लिए हम दोनों आपस में एक दूसरे को गालियां देने लगीं। हमारा मनोरंजन भी होता है और मज़ा भी आता है। अब तुम आ गयी हो तो मज़ा और ज्यादा आएगा क्योंकि मैं तुम्हे भी खूब गालियां दूँगी। मैं तेरी भी चूत का बाजा बजाऊंगी। तेरी भी माँ चोदूँगी। तेरी भी सास की गांड मारूंगी। तेरी नन्द की माँ चोदूँगी। सास उधर गयी तो नन्द आ गयी वह बोली अरे भाभी कहाँ गयी तेरी भोसड़ी की सास ? आज मैं उसके भोसड़ा में लन्ड ठोंकूंगी और चोदूँगी उसकी बिटिया की बुर ? मैंने कहा सलमा तू तो अपनी ही बुर को गाली दे रही है। अभी सास भी अपनी ही चूत को गाली देकर गयीं हैं। ये सब क्या हो रहा है ? वह बोली भाभी हम दोनों माँ बेटी मजे के लिए, माहौल को खुश मिज़ाज़ बनाने के लिए गालियां देतीं हैं। हमारी कोई लड़ाई नहीं है भाभी। हम तो जान बूझ कर गन्दी गन्दी गालियां मुंह से निकालती हैं। अब हमारी इच्छा है की जो भी गाकियों में होता तो हकीकत में भी हो तो और मज़ा आएगा। अम्मी कहतीं है बेटी तेरी माँ चोदूँगी तो आज मैं उसके भोसड़ा में लन्ड पेलूँगी।
रात को १० बजे एक तरफ से रफ़ी अंकल आ गए। सास ने रफ़ी को मुझसे मिलवाया और सलमा से भी। बस २ मिनट में हसन अंकल आ गए तो सलमा ने उससे मुझे और सास दोनों को मिलवाया। उसके बाद एक और आदमी कमरे में आया तो मैंने कहा सासू जी यह मेरा मामू जान असद है ? मैंने देखा की यहाँ एक एक आदमी सबके पास है तो मैंने भी एक आदमी बुला लिया। सास ने मेरे कान में कहा - भोसड़ी की बहू आज रात को चोदा चोदी होगी। तेरे मामू के रहते कैसे चुदाई हो पायेगी। इसे अभी रफ्फू चक्कर करो। मैंने सासू के कान में कहा - सासू जी ये भी तेरा भोसड़ा चोदेगा। तेरी बिटिया की बुर चोदेगा ? सासू तो खिलखिलाकर हंस पड़ी। फिर सबके सामने सास ऊंची आवाज़ में बोली बहू बता की तेरे मामू जान का लौड़ा कितना बड़ा है ? मैंने कहा मेरे बताने से क्या फायदा खुद ही पकड़ कर देख लो न मेरे मामू जान का लन्ड ? तब तक सलमा बोली नहीं अम्मी आज तुम पहले हसन अंकल का लन्ड पकड़ो ? आज मेरा मन अपनी माँ चुदाने का है ? सास बोली ठीक है बेटी सलमा पर आज तुम मेरे देवर रफ़ी का लन्ड पकड़ो। आज मेरा मन अपनी बिटिया की बुर चुदाने का है ?
उसके बाद तो किसी ने भी देर नहीं लगायी। सास ने हसन के लन्ड पर हाथ रख दिया। सलमा ने रफ़ी के लन्ड पर हाथ रखा और मैंने अपने मामू के लन्ड पर। हम तीनो ने अपने अपने लन्ड बाहर निकाल लिया। लन्ड सबके खड़े होने लगे। नीचे से तीनो मरद नंगे हो गये। झांटें तीनो की साफ़ थीं इसलिए लन्ड की खूबसूरती झलक रही थी। तब तक सास उठी और अपने कपड़े खोलने लगी. बड़ी बेशर्मी से सास एकदम नंगी हो गयी। उसके बाद सलमा भी कपड़े उतार कर नंगी हो गयी। उसने मुझे भी इशारा किया तो मैं भी नंगी हो गयी। अब कमरे में ३ लन्ड और ३ चूत का बोल बाला हो गया।
आज बहुत दिनों के मामू का लन्ड मिला तो मैंने उसे बड़े प्यार से चूसने लगी। सलमा रफ़ी अंकल का लौड़ा मुंह में लेकर चूसने लगी और सासू ने हसन का लन्ड पहले तो अपनी चूँचियों के बीच घुसेड़ा और फिर उसका टोपा चाटने लगी। हम तीनो धीरे धीरे मस्त होने लगीं। तब तक सलमा ने हसन का लन्ड सास से लेकर सुकी चूत पर टिका दिया और बोली हां यार हसन अंकल अब चोदो मेरी माँ का भोसड़ा। लौड़ा साला तुरंत अनादर घुस गया और चुदने लगी सलमा की माँ कई चूत। तब सास ने मुझे इशारा तो मैंने रफ़ी का लौड़ा सलमा की बुर में घुसा दिया। उसकी भी चूत चुदने लगी। तब तक मामू ने लन्ड मेरी बुर में पेल दिया तो मैं भी बेशर्मी से चुदवाने लगी। मेरी सास बोली बहू मस्त होकर चुदवाओ इसमें कोई शर्माने की जरुरत नहीं है। देखो न तेरी नन्द भोसड़ी की कैसे भकाभक चुदवा रही है ? सलमा बोली हां भाभी और तेरी सास भी कितने मजे से अपना भोसड़ा चुदवा रही है ? सास ने कहा हां बहू आज बहुत दिनों के बाद मुझे चुदाई का मज़ा आ रहा है। एक साथ चुदाने का मज़ा और ही होता है।
थोड़ी देर के बाद सास ने हसन का लन्ड मेरी चूत में घुसेड़ दिया और मामू का लन्ड खुद चूसने लगी। उधर से इतने में सलमा ने रफ़ी का लन्ड मेरे मुंह में डाल दिया। मैं लन्ड चूसते हुए हसन अंकल से चुदवाने लगी। सास नन्द दोनों मिलकर मेरे मामू का लन्ड चूसने लगीं। मज़ा बहन चोद दूना हो गया। ५ मिनट के बाद रफ़ी ने मुझे चोदना शुरू किया और मैं हसन का लन्ड चूसने लगी। मेरे सामने मेरी नन्द मेरे मामू से धकाधक चुदवा रही थी मेरी सास मामू की गांड पर हाथ फिरा रही थी। उसके पेल्हड़ सहला रही थी। मैं उन दोनों को देख कर और मस्ती में आती जा रही थी। आज मैं पहली ही बार दो दो लन्ड से एक साथ चुदवाने का मज़ा ले रही थी। मेरी ख़ुशी का ठिकाना न था। मैं जान गयी की अब मुझे लन्ड की कभी कमी महसूस नहीं होगी ? रात भर इस तरह की लन्ड अदल बदल कर चुदाई होती रही। किसी ने कोई कपड़ा नहीं पहना। सब के सब नंगे नंगे ही खाना खाया और सो भी गए।
सवेरे उठ कर फिर होने लगी धकाधक चुदाई।
सास बोली बहू देखा तूने अपनी बुर चोदी नन्द की बुर ? तब तक नन्द बोल पड़ी और भाभी देखा तूने अपनी सास का मादर चोद भोसड़ा ? हम तीनो इसी बात पर खिलखिलाकर हंस पड़ीं।
बहू आज मुझे तेरी नन्द की पूरी असलियत मालूम हो गयी है। हो तो गयी है वह २२ साल की लेकिन ऐसे रहती थी की जैसे कुछ जानती ही नहीं बिचारी ? उसे कुछ पता ही नहीं है। अभी वह बच्ची है। उसे क्या मालूम की लन्ड, बुर ,चूत, गांड, भोसड़ा क्या होता है ? पर आज मुझे मालूम हुआ है की वह तो बड़ी घुटी हुई चीज है, बहू। खूब धकाधक शराब पीती है और साथ ही साथ लड़कों के लन्ड पीती है। लड़को के आगे बिलकुल नंगी हो जाती है भोसड़ी वाली। लन्ड सिर्फ पीती ही नहीं बहू, लन्ड तो वह अपनी चूत में घुसेड़ती है। भकाभक चुदवाती है बुर चोदी अपनी बुर ? गांड भी कहो भोसड़ी वाली मरवाती होगी ? तेरी नन्द अभी से इतनी चुदक्कड़ हो गयी है और मुझे कानो कान खबर नहीं ? यह भी पता चला है की वो खुलेआम लड़कों के पेल लेती है लन्ड ? एक लन्ड से नहीं बल्कि दो दो / तीन तीन लन्ड से एक साथ चुदवाती है। जो काम उसकी मादर चोद माँ नहीं कर पायी वो काम वो खुद कर रही है। बड़ी चालू चीज हो गयी है तेरी नन्द बहू। संभालो अपनी नन्द को नहीं तो किसी दिन तेरी भी बुर में घुसेड़ देगी किसी का मोटा लन्ड ? मुझे किसी ने बताया की वह अब किसी दिन अपनी माँ का भोसड़ा चुदवाने वाली है ? इसीलिए मैं कहती हूँ बहू की इससे पहले की वह मेरा भोसड़ा चुदवाये, मैं ही उसकी चूत में पेल देती हूँ लन्ड। मैंने तो सोंच लिया है की आज मैं तेरी नन्द की बुर चोदूँगी ? वो अपने आपको सझती क्या है, माँ की लौड़ी ? मेरा भोसड़ा चुदवायेगी वो बुर चोदी ? अरे मैं उससे पहले चुदवाऊँगी उसकी बुर ? उसकी तो माँ का भोसड़ा बहू ? आने तो उसे अभी मज़ा चखाती हूँ उसे और उसकी चूत को भी ?
मेरी सास ने अपने मन की भड़ास मेरे आगे निकाल तो दी। लेकिन मैं यह समझ नहीं पा रही थी की असली बात क्या है ? सही बात क्या है ? सही बात का पता नहीं चल पा रहा था। मेरी नन्द तो मेरी सास की बेटी है। क्या माँ बेटी दोनों में मनमुटाव हो गया है। क्या कोई माँ अपनी बेटी के आगे इतनी खुल कर करेंगीं ? क्या वाकई दोनों एक दूसरे से इतनी खुल गयी हैं की वो एक दूसरे की चूत में लन्ड पेलेगीं ? अगर ऐसा नहीं है तो सास इतना खुल कर मुझसे क्यों कह रही हैं ? या फिर ये सब सिर्फ बातें ही बातें है और हकीकत में कुछ भी नहीं ?
मैं यह भी सोंचने लगी की शायद मेरी सास भी अपना भोसड़ा चुदवाना चाहती हों ? क्योंकी अभी उसकी उम्र केवल ४६ साल की है और इस उम्र में तो औरत बिलकुल टना टन जवान होती है। शायद सास यह भी चाहती हों की मेरी बेटी मुझसे एक बार खुल जाए तो फिर उसके दोस्तों के लन्ड का मज़ा मुझे भी मिलने लगे। मेरी बेटी अगर अपनी माँ चुदाने लगे तो फिर इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है। दोनों को एक साथ जवानी का मज़ा लूटने का मौका मिले तो फिर मज़ा ही मज़ा ? मैं इसी अधेड़ बुन में थी लेकिन सही बात का पता बिलकुल भी नहीं लग पा रहा था। फिर मेरे मन में ख्याल आया की क्यों की इन दोनों की जासूसी की जाए ? बस उसके बाद मैं अपने काम पर लग गयी और ताक झाँक करनी शुरू कर दी।
मेरा नाम है दोस्तों, निदा। मैं २५ साल की हूँ। मेरी शादी अभी ६ महीने पहले ही हुई है। मैं इस घर की बहू हूँ और मेरा शौहर दुबई में काम करता है। मैं यहाँ मुम्बई में अपनी सास और नन्द के पास रहती हूँ। मेरी सास है ४६ साल की आसफा और २२ साल की मेरी मस्तानी नन्द सलमा ? अभी आपने मेरी सास के मुंह से मेरी नन्द की बुर के बारे में सुना। सास वास्तव में अपनी बेटी की बुर के बारे में बता रही थीं। मेरी नन्द पूरी तरह जवान है और खूब लन्ड पीती है। चुदवाती भी है लेकिन अपनी माँ के भोसड़ा में लन्ड कभी नहीं पेला। शायद इसी बात का मलाल है सास जी को। अब मुझे मालूम हो गया है की मेरी सास लन्ड की बड़ी दीवानी है। उसे अपना भोसड़ा एक से नहीं कई। लोगों से चुदवाना है। मैंने यह भी सोंचा की सास अगर अपना भोसड़ा चुदवाने के लिए इतनी उतावली है तो अब तक कहाँ गांड मरा रही थी अपनी ? अब तक क्यों नहीं चुदवाया लोगों से अपना भोसड़ा ? हां यह भी हो सकता हो की सास बुर चोदी खूब दनादन चुदवाती हो और अपनी बेटी की बुर में एक भी लन्ड न पेलती हो ? इसीलिए इसकी बेटी इससे नाराज़ रहती होगी ? यानी कुछ भी हो सकता है ? मैं तो बस अनुमान लगा रही हूँ और सच की तलास कर रही हूँ।
एक दिन मैंने सास को रंगे हाथों पकड़ लिया। घर में मैं थी और सास। मैंने कहा की मैं बाज़ार जा रही हूँ शाम तक आऊंगी। लेकिन कुछ ऐसा हुआ की मैं बाज़ार नहीं जा पायी और एक घंटे ही वापस आ गयी। मैंने ताला खोला और अपने कमरे में अंदर घुस गयी। मैं कपड़े बदल रही थी तो मुझे सास के कमरे से आवाज़ सुनाई पड़ी। मैं चुपचाप अंदर झाँक कर देखने लगी। मैं तो दंग रह गयी जब मैंने अपनी सास को बिलकुल नंगी देखा। उसे किसी का लन्ड हिलाते हुए देखा ? लन्ड भी साला जबरदस्त था। मैं तो उसे देख कर ललचा गयी। सास बोल रही थी रफ़ी तुम किसी दिन लन्ड मेरी बेटी की बुर में पेल दो। क्योंकि जब तक मैं उसकी बुर नहीं चुदवाऊँगी तब तक वह मेरा भोसड़ा नहीं चुदवायेगी ? उसके बॉय फ्रेंड्स बड़े मस्त जवान लड़के हैं मैं उन सबके लन्ड का मज़ा लेना चाहती हूँ। उनसे चुदवाना चाहती हूँ। मगर मेरी बेटी तभी अपनी माँ चुदवायेगी जब मैं उसकी बुर चुदवाऊँगी। वह मुझसे साफ़ साफ़ कह चुकी है।
उसने मुझसे कहा था की अम्मी पहले तुम मुझे लन्ड दो फिर मैं तुम्हे लन्ड दूँगी। वह बड़ी जिद्दी लड़की है अपनी बात पर क़ायम रहेगी। इसलिए पहल मुझे ही करना पड़ेगा। तुम आज रात को ही पकड़ा दो उसे अपना लन्ड ? और हां अब तो मेरी बहू भी आ गयी है। उसे भी लन्ड चाहिए। मेरी बेटी के बाद मेरी बहू की भी बुर ले लेना यार ? तेरे लन्ड की तो बल्ले बल्ले हो जाएगी ? मैं उसकी बातें सुनकर मस्त हो गयी। फिर वहीँ बैठी बैठी अपनी सास की चुदाई देखती रही। इतना मोटा लन्ड और सास का भोसड़ा चुदता हुआ देख कर मैं भी बुरी तरह चुदासी हो गयी। लेकिन मैं सब्र किये बैठी रही। जाते समय सास ने कहा रफ़ी तुम रात को करीब १० बजे आ जाना। आज मुझे अपनी बेटी चुदवानी है। उसके जाने के बाद मेरी सास भी कहीं चली गयी। उसे यह नहीं मालूम हुआ की मैं घर में हूँ। दरअसल घर की चाभियाँ तीन है। एक एक हम सबके पास। हम तीनो कहीं भी जाएँ तो अपने घर वापस आने में कोई दिक्कत नहीं होती।
उसके थोड़ी देर बाद मेरी नन्द आ गयी। नन्द के साथ एक अधेड़ उम्र का आदमी था। मेरी नन्द सलमा उसे अपने कमरे में ले गयी। वह अपने उतारने लगी। मैं खिड़की से झाँक कर सब कुछ देखने लगी। मैं तो हैरान हो गयी जब वह उस आदमी के बिलकुल नंगी हो गयी। वह आगे बढ़ी और उस आदमी के कपड़े उतारने लगी। थोड़ी देर में वह आदमी भी नंगा हो गया। सलमा उसका लन्ड पकड़ कर हिलाने लगी। लन्ड खड़ा होने लगा। जब लन्ड पूरी तरह तन कर खड़ा हो गया तो सलमा बोली वाओ, अंकल तेरा तो लन्ड भोसड़ी का आज बड़ा मोटा लग रहा है ? ताहिर अंकल के लन्ड से तेरा लन्ड बड़ा भी है। उसने लन्ड की झुक कर कई बार चुम्मी ली। लन्ड मुझे भी पसंद आ गया। मेरा मन हुआ की मैं अभी कमरे में घुस जाऊं और लन्ड गप्प से मुंह में भर लूँ। तब तक सलमा एक हाथ से पेल्हड़ थामे हुए लन्ड के टोपा पर जबान फिराने लगी।
सलमा लन्ड चूसते हुए बोली हसन अंकल तुम ताहिर के दोस्त हो। आज पहली बार मैं तेरा लन्ड चूस रही हूँ। मुझे लौड़ा बड़ा मजेदार लग रहा है। इतना बढ़िया लन्ड बहुत कम लोगों का होता है। ताहिर अंकल ने मुझे तुमसे मिलवाकर बड़ा अच्छा किया। वैसे तुम ताहिर के कितने करीबी दोस्त हो ? वह बोला अरे सलमा हम दोनों बहुत पक्के दोस्त हैं। असली बात यह है की मैं उसकी बीवी चोदता हूँ और वह मेरी बीवी चोदता है। हम दोनों की बीवियां एक दूसरे के शौहर का लन्ड बहुत पसंद करतीं हैं। सलमा ने कहा अरे वाह तब तो मैं उन दोनों आंटियों से जरूर मिलूँगी। अच्छा मैं एक बात तुमसे कहना चाहती हूँ। वह बोला हां हां कहो सलमा तुम्हे किस बात की झिझक ? खुल कर कहो ? सलमा बोली देखो अंकल मेरी अम्मी बुर चोदी बड़ी चुदक्कड़ है। लेकिन मैंने आजतक कोई लन्ड उसकी चूत में नहीं पेला। मैंने कहा अम्मी पहले लण्ड तुम मेरी चूत में पेलो फिर मैं तेरी चूत में पेलूँगी। मैं जानती हूँ की मेरी अम्मी बड़ी जिद्दी हैं अड़ियल हैं। वह पहल कभी नहीं करेगी। इसलिए मैं चाहती हूँ आज तुम मेरी माँ चोदो अंकल ? मेरी सामने मेरी माँ चोदो। उसके बाद तो वह खुद ही लन्ड मेरे हाथ में पकड़ा देगी। मैं और ज्यादा एन्जॉय करने के लिए उसकी जिद पूरी करना चाहती हूँ।
मैंने सुना है की अम्मी के दोस्तों के लन्ड बड़े बड़े और मोटे मोटे हैं। मैं उन सभी लौडों का मज़ा लूटना चाहती हूँ। अभी तुम मुझे बड़े मजे से चोदो लेकिन रात को १० बजे मेरी माँ चोदने आ जाना। मैं तेरा इंतज़ार करुँगी। बस फिर सलमा ने लन्ड अपनी चूत में घुसा कर भकाभक चुदवाने लगी और मैं बैठी बैठी चुदाई देखती रही। अभी अभी सास का भोसड़ा चुदता हुआ देखा और अब नन्द की बुर चुदती हुई देख रही हूँ। मेरे मन में आया की अगर दोनों एक साथ एक दूसरे के सामने चुदवायें तो ज्यादा मज़ा आये। जब दोनों आपस में एक दूसरे की बुर गालियों से चोदतीं है तो फिर लन्ड से क्यों नहीं ? सलमा बड़े मजे से अपनी गांड से जोर लगा कर चुदवा रही थी। मैंने यह महसूस किया की सास से ज्यादा नन्द बुर चुदवाने में माहिर है। सास ठीक ही कहती हैं की बहू तेरी बुर चोदी नन्द की बुर ?
शाम को जब मेरी सास आईं तो वह मुझसे पूछने लगी बहू निदा कहाँ है तेरी बुर चोदी नन्द ? आज मैं उसकी चूत का बाजा बजाऊंगी ? मैं यह सुनकर हंस पड़ी। तो सास बोली री निदा बहू देख घर में हम ही थीं इसलिए मज़ा करने के लिए हम दोनों आपस में एक दूसरे को गालियां देने लगीं। हमारा मनोरंजन भी होता है और मज़ा भी आता है। अब तुम आ गयी हो तो मज़ा और ज्यादा आएगा क्योंकि मैं तुम्हे भी खूब गालियां दूँगी। मैं तेरी भी चूत का बाजा बजाऊंगी। तेरी भी माँ चोदूँगी। तेरी भी सास की गांड मारूंगी। तेरी नन्द की माँ चोदूँगी। सास उधर गयी तो नन्द आ गयी वह बोली अरे भाभी कहाँ गयी तेरी भोसड़ी की सास ? आज मैं उसके भोसड़ा में लन्ड ठोंकूंगी और चोदूँगी उसकी बिटिया की बुर ? मैंने कहा सलमा तू तो अपनी ही बुर को गाली दे रही है। अभी सास भी अपनी ही चूत को गाली देकर गयीं हैं। ये सब क्या हो रहा है ? वह बोली भाभी हम दोनों माँ बेटी मजे के लिए, माहौल को खुश मिज़ाज़ बनाने के लिए गालियां देतीं हैं। हमारी कोई लड़ाई नहीं है भाभी। हम तो जान बूझ कर गन्दी गन्दी गालियां मुंह से निकालती हैं। अब हमारी इच्छा है की जो भी गाकियों में होता तो हकीकत में भी हो तो और मज़ा आएगा। अम्मी कहतीं है बेटी तेरी माँ चोदूँगी तो आज मैं उसके भोसड़ा में लन्ड पेलूँगी।
रात को १० बजे एक तरफ से रफ़ी अंकल आ गए। सास ने रफ़ी को मुझसे मिलवाया और सलमा से भी। बस २ मिनट में हसन अंकल आ गए तो सलमा ने उससे मुझे और सास दोनों को मिलवाया। उसके बाद एक और आदमी कमरे में आया तो मैंने कहा सासू जी यह मेरा मामू जान असद है ? मैंने देखा की यहाँ एक एक आदमी सबके पास है तो मैंने भी एक आदमी बुला लिया। सास ने मेरे कान में कहा - भोसड़ी की बहू आज रात को चोदा चोदी होगी। तेरे मामू के रहते कैसे चुदाई हो पायेगी। इसे अभी रफ्फू चक्कर करो। मैंने सासू के कान में कहा - सासू जी ये भी तेरा भोसड़ा चोदेगा। तेरी बिटिया की बुर चोदेगा ? सासू तो खिलखिलाकर हंस पड़ी। फिर सबके सामने सास ऊंची आवाज़ में बोली बहू बता की तेरे मामू जान का लौड़ा कितना बड़ा है ? मैंने कहा मेरे बताने से क्या फायदा खुद ही पकड़ कर देख लो न मेरे मामू जान का लन्ड ? तब तक सलमा बोली नहीं अम्मी आज तुम पहले हसन अंकल का लन्ड पकड़ो ? आज मेरा मन अपनी माँ चुदाने का है ? सास बोली ठीक है बेटी सलमा पर आज तुम मेरे देवर रफ़ी का लन्ड पकड़ो। आज मेरा मन अपनी बिटिया की बुर चुदाने का है ?
उसके बाद तो किसी ने भी देर नहीं लगायी। सास ने हसन के लन्ड पर हाथ रख दिया। सलमा ने रफ़ी के लन्ड पर हाथ रखा और मैंने अपने मामू के लन्ड पर। हम तीनो ने अपने अपने लन्ड बाहर निकाल लिया। लन्ड सबके खड़े होने लगे। नीचे से तीनो मरद नंगे हो गये। झांटें तीनो की साफ़ थीं इसलिए लन्ड की खूबसूरती झलक रही थी। तब तक सास उठी और अपने कपड़े खोलने लगी. बड़ी बेशर्मी से सास एकदम नंगी हो गयी। उसके बाद सलमा भी कपड़े उतार कर नंगी हो गयी। उसने मुझे भी इशारा किया तो मैं भी नंगी हो गयी। अब कमरे में ३ लन्ड और ३ चूत का बोल बाला हो गया।
आज बहुत दिनों के मामू का लन्ड मिला तो मैंने उसे बड़े प्यार से चूसने लगी। सलमा रफ़ी अंकल का लौड़ा मुंह में लेकर चूसने लगी और सासू ने हसन का लन्ड पहले तो अपनी चूँचियों के बीच घुसेड़ा और फिर उसका टोपा चाटने लगी। हम तीनो धीरे धीरे मस्त होने लगीं। तब तक सलमा ने हसन का लन्ड सास से लेकर सुकी चूत पर टिका दिया और बोली हां यार हसन अंकल अब चोदो मेरी माँ का भोसड़ा। लौड़ा साला तुरंत अनादर घुस गया और चुदने लगी सलमा की माँ कई चूत। तब सास ने मुझे इशारा तो मैंने रफ़ी का लौड़ा सलमा की बुर में घुसा दिया। उसकी भी चूत चुदने लगी। तब तक मामू ने लन्ड मेरी बुर में पेल दिया तो मैं भी बेशर्मी से चुदवाने लगी। मेरी सास बोली बहू मस्त होकर चुदवाओ इसमें कोई शर्माने की जरुरत नहीं है। देखो न तेरी नन्द भोसड़ी की कैसे भकाभक चुदवा रही है ? सलमा बोली हां भाभी और तेरी सास भी कितने मजे से अपना भोसड़ा चुदवा रही है ? सास ने कहा हां बहू आज बहुत दिनों के बाद मुझे चुदाई का मज़ा आ रहा है। एक साथ चुदाने का मज़ा और ही होता है।
थोड़ी देर के बाद सास ने हसन का लन्ड मेरी चूत में घुसेड़ दिया और मामू का लन्ड खुद चूसने लगी। उधर से इतने में सलमा ने रफ़ी का लन्ड मेरे मुंह में डाल दिया। मैं लन्ड चूसते हुए हसन अंकल से चुदवाने लगी। सास नन्द दोनों मिलकर मेरे मामू का लन्ड चूसने लगीं। मज़ा बहन चोद दूना हो गया। ५ मिनट के बाद रफ़ी ने मुझे चोदना शुरू किया और मैं हसन का लन्ड चूसने लगी। मेरे सामने मेरी नन्द मेरे मामू से धकाधक चुदवा रही थी मेरी सास मामू की गांड पर हाथ फिरा रही थी। उसके पेल्हड़ सहला रही थी। मैं उन दोनों को देख कर और मस्ती में आती जा रही थी। आज मैं पहली ही बार दो दो लन्ड से एक साथ चुदवाने का मज़ा ले रही थी। मेरी ख़ुशी का ठिकाना न था। मैं जान गयी की अब मुझे लन्ड की कभी कमी महसूस नहीं होगी ? रात भर इस तरह की लन्ड अदल बदल कर चुदाई होती रही। किसी ने कोई कपड़ा नहीं पहना। सब के सब नंगे नंगे ही खाना खाया और सो भी गए।
सवेरे उठ कर फिर होने लगी धकाधक चुदाई।
सास बोली बहू देखा तूने अपनी बुर चोदी नन्द की बुर ? तब तक नन्द बोल पड़ी और भाभी देखा तूने अपनी सास का मादर चोद भोसड़ा ? हम तीनो इसी बात पर खिलखिलाकर हंस पड़ीं।
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