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होली में नंगी होकर चुदाई - खेलने के बहाने चोदा - Holi mein nangi aurton ladkiyon ki chudai
होली में नंगी होकर चुदाई - खेलने के बहाने चोदा - Holi mein nangi aurton ladkiyon ki chudai , , Antarvasna Sex Stories , Hindi Sex Story , Real Indian Chudai Kahani , choda chadi cudai cudi coda free of cost , Time pass Story , Adult xxx vasna kahaniyan.
होली जैसे ही आती है वैसे ही जाने क्यों लन्ड और चूत में जबरदस्त आग लग जाती है। बदन मस्ती के मूड में आ जाता है। लन्ड चूत में घुसने के लिए बेताब हो जाता है और चूत लन्ड घुसवाने के लिए व्याकुल होने लगती है। होली के दिन मेरी मम्मी मेरे पास आईं और बोली - बेटी, लन्ड पेल के खेलो होली ? लन्ड चोद के खेलो होली ? तेरी माँ का भोसड़ा होली में ? बुर में लौड़ा होली में ?
मैंने भी उसी मूड में जबाब दिया - मम्मी, लन्ड पियो और लौड़ा चोदो होली में ? तेरी बिटिया की बुर होली में। तब तक मेरी मौसी भी आ गयीं। वह कहने लगी - तेरी बहन का लौड़ा होली में ? गांड मरा लो होली में ? रीना, तेरी माँ की बहन की बुर ? अब तो लौड़ा पेल दे अपनी मौसी के भोसड़ा में रीना ? ये होली का मौक़ा है जितने चाहे उतने लौड़े घुसा दे मेरी चूत में ? रीना, तू अपनी माँ चुदा ले पहले भोसड़ी वाली फिर मैं चोदूंगी तेरी बुर ? तब तक पीछे से आवाज़ आयी नहीं मम्मी तुम नहीं चोदोगी रीना की बुर ? रीना की बुर तो मेरे मरद का लन्ड चोदेगा ? यह आवाज़ मेरी मौसी की बेटी सीमा की थी।
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होली जैसे जैसे नजदीक आने लगी वैसे वैसे चूत बहन चोद दिन पर दिन गरमाने लगी। होली के एक दिन पहले तो चूत इतनी गरमा गयी की मुझे लन्ड के बगैर नींद नहीं आ रही थी। मेरे मन में बस लन्ड ही लन्ड घूमने लगे। मेरा मन हुआ की मैं बाहर निकल जाऊं और सारे मर्दों को नंगा कर दूं और सबके लन्ड अपने मुंह में घुसेड़ लूं , सबके लन्ड अपनी चूत में घुसा लूं, लन्ड मम्मी की भी चूत में पेल दूँ और लन्ड पेल कर चोद डालूं मौसी का भोसड़ा ? मेरे मन में आया की हम सब अगर एक साथ लन्ड की पकड़ा पकड़ी, पेला पेली, चोदा चोदी करें तो कितना मज़ाआये ! मेरी मौसी की बेटी सीमा भी बुर चोदी बहुत चुदासी रहती है। मैं यह बात अच्छी तरह जानती हूँ। उसका मन अपने मरद के लन्ड नहीं भरता। वह तो मेरे मरद से चुदवाना चाहती है। पराये मरदों से चुदवाना चाहती है। इधर मैं भी उसके मरद का लौड़ा अपने मुंह में और अपनी चूत में घुसेड़ना चाहती हूँ। आज मेरी चूत कुछ ज्यादा ही लन्ड के बेचैन हो रही है। आज होली के दिन जाने क्यों मेरा मन सीमा के बाप से भी चुदवाने का होने लगा है।
मैं चाहती हूँ की सीमा का बाप भी मेरी बुर चोदे ? मेरे मौसा का लन्ड मेरी चूत फाड़ डाले बहन चोद ? आज तो मैं किसी का भी लौड़ा अपनी बुर में घुसा सकती हूँ। आज कोई गधे का भी लन्ड मेरी चूत में घुसा दे तो मैं उससे भी चुदवा लूंगी। मैंने सुबह सुबह सीमा को यह बात बताई तो वह बोली रीना तेरी मौसी की बिटिया की बुर ? यार, मेरी भी चूत साली बिना लन्ड के लिए तड़प रही है। मेरा तो मन है की आज मैं लौड़ा अपनी माँ के भोसड़ा में ठोंक दूं ? अगर मेरे सामने कोई मेरी माँ चोदे तो मज़ा आ जाये यार ? और उसके सामने कोई अपना लौड़ा मेरी चूत में ठोंक दे ? मैं अपनी झांटें बनाकर बैठी हूँ की कोई लड़का आये और मेरी बुर चाटे। होली के दिन सुबह सुबह हम दोनों इसी तरह की बातें कर रहीं थीं तभी मेरे मन में आया की मेरी मम्मी और मौसी भी कुछ न कुछ बतला जरूर रहीं होंगीं। मैंने कहा सीमा चलो यार देखो की हमारी मम्मियां क्या क्या बातें कर रहीं हैं ?
हम दोनों जब कमरे की तरफ बढ़ी तो मुझे मम्मी की आवाज़ सुनाई पड़ी। मैं आपको बता दूँ की मेरी मम्मी का नाम है सपना और मेरी मौसी का काजल ? मेरी मम्मी ४६ साल की हैं और मौसी ४५ साल की लेकिन दोनों मस्त जवान होने के साथ साथ खूबसूरत भी हैं। बड़ी चूँचियों वाली और मस्त मस्त चूतड़ और गांड वाली हैं दोनों भोसड़ी की ? मैं यह भी जानती हूँ की दोनों लन्ड की बड़ी शौक़ीन हैं। लन्ड मिल जाये तो ये लोग खाना भी भूल जातीं हैं। मैं सीमा के साथ छुप कर उनकी बातें सुनने लगी .
मम्मी - आज तो होली है काजल। आज क्या कर रही हो तुम ?
मौसी - अरे दीदी ये होली तो इस बार बिलकुल गोली सी लग रही है। न कोई लन्ड और न कोई लन्ड वाला बहन चोद ? न मेरा पति और न तेरा पति। अगर आज जीजू होते तो मैं उसका लौड़ा हिला हिला कर होली खेलती। मैं रात भर यह सब सोंचती रही। एकदम सूखी सूखी है इस बार की होली ?
मम्मी - हां बात तो बिलकुल सही कह रही हो काजल। तेरा पति होता तो मैं भी उसके लन्ड का मज़ा लेती। मुझे तो बहनोई और नंदोई के लन्ड के साथ होली खेलने में बड़ा मज़ा आता है। दोनों लन्ड मेरे मन के हैं। मैं भी बस लन्ड याद कर कर के सारी रात गुज़ार दी।
मौसी - अब ज़रा यह सोंचो की मेरी बेटियों का क्या हाल होगा ? उनके भी मरद आज तो फिलहाल नहीं हैं। भले ही वे कल आ जायें ? लन्ड तो उन्हें भी चाहिए।
मम्मी - बेटियों की माँ का भोसड़ा ? वो भी बुर चोदी अभी मस्त जवान है। जिस लड़को को इशारा कर दें वही लड़का अपना लन्ड खोल कर खड़ा हो जायेगा।
मौसी - हां बात तो सही है। अब देखो न होली का माहौल है। मेरा भोसड़ा साला एकदम काबू के बाहर हो रहा है। उसे तो इस समय लन्ड चाहिए बस लन्ड ? मेरा तो मन हो रहा है की मैं आज ही सीमा के सामने ही सीमा की माँ चोद दूँ। उसके भोसड़ा में पेल दूं लन्ड तब उसे मालूम होगा की उसकी माँ कितनी जवान है ?
मम्मी - अरे यार जब तुम सीमा की माँ चोद सकती हो तो फिर बुर चोदी रीना के सामने रीना की भी माँ चोदो। उसके भी भोसड़ा में घुसा दो २/४ लन्ड ? आज तो होली है और होली में किसी की भी बुर चोदो, किसी का भी लौड़ा चोदो सब जायज़ है। होली में चोदने और चुदाने की खुली छूट है.
मौसी - अच्छा मैं देखती हूँ वो दोनों रीना और सीमा भोसड़ी वाली क्या कर रहीं हैं ?
फिर हम दोनों वहां से अपने कमरे में आ गयीं। मैंने कहा सीमा देख एक बात तो मालूम हो गयी की हम दोनों की मम्मियां एक दूसरे के मियां से चुदवाती हैं। दूसरी बात दोनों मम्मियां पराये मरद से चुदवाने के फिराक में रहतीं हैं। तीसरी बात दोनों की चूत इस समय बुरी तरह से चुदासी है और चौथी बात दोनों भोसड़ी की अपनी बेटियों के सामने चुदवाने के लिए तैयार हैं। सीमा बोली हां यार और पांचवी बात यह की दोनों चाहती है की मेरी बेटी मेरे भोसड़ा में लन्ड पेले। मैं तो कहती हूँ की मम्मी की बिटिया की बुर ? मम्मी तो मुझसे ज्यादा चुदक्कड़ लग रहीं हैं। मैंने कहा यार मेरी भी मम्मी बहन चोद लन्ड के लिए तड़प रहीं हैं। मैं तो उसके सामने ही उसकी बिटिया की बुर में पेलूंगी लन्ड।
मौसी की चुदने लगी बुर, कोई चोदने लगा माँ का भोसड़ा
बेटियां पीने लगीं लन्ड और चोदने लगीं लन्ड
तब तक मौसी हमारे कमरे में आ गयी बोली तुम बुर चोदी रीना और सीमा यहाँ क्या अपनी अपनी माँ चुदा रही हो ? आज होली है और आज तो रंग और लन्ड का खेल होता है। तुम लोग यहाँ बैठी बैठी क्या अपनी झांटें गिन रही हो ? देखो रंग तो घर में रखा है अब तुम लोग लन्ड का इंतज़ाम करो ?
मौसी की मंशा साफ ज़ाहिर हो रही थी। इससे पहले की मैं उसे जबाब देती, बाहर से कुछ हल्ला सुनाई पड़ने लगा। लोग बोल रहे थे - होली है भई होली है - बुरा न मानो होली है , इसी तरह के नारे लगाते हुए हमारे घर में घुस लड़के आये। वो सब मोहल्ले के ही लड़के थे। मैं फ़ौरन उन्हें पहचान गयी। वे थे टिल्लू, टेलर , रज़ा, असद और रोहित ? सब के सब रंगे हुए थे और अध् खुले कपड़े पहने हुए थे। वे आते ही हम लोगों के मुंह में रंग लगाने लगे। मेरी मौसी का मुंह रंग डाला, मेरी मम्मी का चेहरा रंग डाला, सीमा के मुंह में रंग पोत दिया उसे हाथों में भी और गले में भी रंग लगाया। मेरे मुंहे में और सारे खुले हुए बदन पर रंग लगाया। फिर हम सब भी जोश में आ गईं और वही रंग उन सब लड़कों के मुंह पर लगाने लगीं। इतने में मौसी ने एक आध लड़के के कपड़े भी फाड़ डाले । कुर्ता फाड़ा और एक लड़के का पैजामा भी फाड़ डाला। उसका नंगा लन्ड देख कर मुस्कराने लगीं। मौसी ने लन्ड पकड़ लिया।
लड़के मौसी पर फिर दौड़ पड़े। इतने में मौसी का ब्लाउज़ फट गया और ब्रा भी। तब मौसी ने बड़ी बेशर्मी से अपनी चूंचियां खोल दीं और बोली लो माँ के लौड़ों इन पर भी लगा लो रंग ? रोहित आगे बढ़ा और उसकी चूंचियां रंगने लगा। असद ने मेरी मम्मी के ब्लाउज़ में हाथ घुसेड़ दिया और चूंचियां रंगने लगा। असद तो साला मेरी मम्मी की चूंचियां चूमने भी लगा। रज़ा में मेरी टी शर्ट में हाथ घुसेड़ कर मेरी चूंचियां पहले दबाईं और फिर रंग लगाया। उसने मेरे निपल्स भी मुंह में ले लिया और उन पर अपनी जबान फिराई। उसे मज़ा आया तो मुझे भी मज़ा आया । सीमा भी बेशर्मी की तरह अपनी चूँचियों पर रंग लगवाने लगी। उसने अपनी टी शर्ट खोल दी। हम सब लोग बड़ी बुरी तरह मस्ती के मूड में आ गए। हमारी चूत में आग लग गयी।
तब तक मौसी अपना पेटीकोट उठा कर बोलीं - अरे मादर चोदो लो मेरे भोसड़ा में भी रंग लगा दो। टिल्लू आगे बढ़ा और वाकई उस पर रंग लगाने लगा। तब मौसी बोली अरे देख उधर मेरी बेटी सीमा है उसकी भी चूत रंग डालो न ? टेलर उसकी तरफ दौड़ा। मौसी फिर बोली अरे वो देखो मेरी बहन की बेटी बुर चोदी रीना कड़ी है उसे भी नंगी करके उसकी चूत में उसकी गांड में उसके चूतड़ों पर रंग लगा दो न। २ लड़के मुझे नंगी करने लगे और इसी बीच मैंने टिल्लू का लन्ड पकड़ लिया। मैंने कहा अब आ तू भोसड़ी का ? मैं तेरा लन्ड ही रंग डालूँगी। उधर सीमा ने रज़ा के पैजामे में हाथ घुसेड़ दिया। पैजामा फटा तो उसका भी लन्ड बाहर निकल आया। अब लन्ड देख कर तो हम सबका मन बदल गया। मैंने फ़ौरन दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। सीमा ने उसका पैजामा और फाड़ डाला ? तब तक मौसी बोली हाय दईया रज़ा तू अगर असली मरद है तो अपना लन्ड पेल के सीमा की माँ का भोसड़ा फाड़ दे।
हम चारों मिलकर उन पाँचों लड़के के कपड़े फाड़ने लगी और वो पांचो मिलकर हम चारों के कपड़े फाड़ने लगे। नतीजा यह हुआ की हम सब एकदम मादर चोद नंगी गयीं और वो भी सब के सब भोसड़ी वाले नंगे हो गए। हम लोग लड़कों के लन्ड बड़े चाव से देखने लगीं और वो लोग हमारी चूंचियां चूत और गांड ललचाई नज़रों से देखने लगे। मम्मी ने टिल्लू का लन्ड पकड़ा लिया, मौसी ने रज़ा का लन्ड पकड़ा। वो तो लन्ड का सुपाड़ा ही बड़ी देर तक देखती रही क्यों की मुस्लम लन्ड का सुपाड़ा तो एकदम बहार ही निकला रहता है। मेरे हाथ में असद का लौड़ा आ गया। सीमा रोहित और टेलर दोनों का लन्ड पकड़ कर हिलाने लगी। हमारे भी रंग था तो हम सबने सबके लन्ड रंग डाले। लन्ड भी मादर चोद हरे, पीले, लाल, बैगनी, और नीले दिखने लगे। उधर हम सबकी चूचियां भी रंग में डूबी हुई थीं। मेरी चूंची लाल थी। मम्मी की चूंचियां गुलाबी रंग में रंगी थी मौसी की चूंचियां बैगनी कलर की हो गयीं और सीमा की चूंचियां हलकी आसमानी कलर की। हम सब एक दूसरे को देख देख कर मज़ा लेने लगी।
मौसी ने कहा - आज तुम लोग इन दोनों लड़कियों की माँ चोदो यार ? ये बुर चोदी लड़कियां बड़ी हरामजादी है। इनकी माँ के भोसड़ा में घुसेड़ दो लन्ड। ये रंगीन लन्ड जब रंगीन भोसड़ा चोदेगें तब मज़ा आएगा।
तब तक मम्मी के मुंह से निकला - हां मेरे प्यारे मरदों भोसड़ी वालों आज मैं देखूँगी की तुम्हारे लन्ड में लड़कियों की माँ चोदने की ताकत है की नहीं ?
सीमा बोली - हाय दईया, आज तुम लोग इन दोनों की बेटियों की बुर चोदो। जब तुम लोगों के लन्ड टाइट चूत में घुसेगें तब तुम्हे भी मज़ा आएगा और तुम्हार लन्ड को भी। इतने बड़े बड़े लन्ड तो भोसड़ा भी फाड़ डालेगें और चूत भी।
मेरी मम्मी ने कहा है आज होली में सब छूट है। चाहे चोदो माँ का भोसड़ा चाहे चोदो बिटिया की बुर ? इस तरह की बातें सुनकर लड़कों के लन्ड जोश में आ गए। टिल्लू ने तो मेरी माँ के भोसड़ा में बड़ी बेशर्मी से पेल दिया और चोदने लगा। उसे देख कर रज़ा ने भी मौसी मौसी की चूत में लन्ड घुसेड़ दिया। वह भी मस्ती से चोदने लगा। इधर मैंने असद का लौड़ा अपनी चूतमे घुसाया और मैं भी मस्त होकर चुदवाने लगी। सीमा रोहित से चुदवाने लगी और टेलर का लन्ड चूसने लगी। वह दो दो लन्ड का मज़ा एक साथ लेने लगी।
इतने में टिल्लू बोला - हाय रीना, मुझे तेरी माँ चोदने में बड़ा मज़ा आ रहा है।
मैंने कहा - भोसड़ी के टिल्लू, मैं भी किसी तेरी माँ चोदूंगी।
उधर रोहित बोला - काजल आंटी, मुझे तेरी बिटिया की बुर बड़ा मज़ा दे रही है।
मौसी ने कहा - अरे बेटा रोहित, कभी मेरी बिटिया की माँ की बुर चोद कर देखो ? वह भी बड़ा मज़ा देगी ? रज़ा ने कहा - सपना आंटी, आज मैं होली के मौके पर तेरी बिटिया की बुर पहली बार चोद रहा हूँ। बड़ा मज़ा आ रहा है मुझे। अब तो मैं आगे भी तेरी बेटी चोदा करूँगा ?
मम्मी बोली - हां बिलकुल चोदा करना ? और उसकी माँ का भोसड़ा भी चोदना ? इसी तरह की गन्दी गन्दी बाते करते हुए सब लोग चुदाई में जुटे हुए थे। रंगीन लन्ड रंगीन चूत चोद चोद कर और मस्ता रहे थे। रंग से रंग मिला, चूत से लन्ड मिला तो चुदाई में चार चाँद लग गए। मौसी बोली रीना बेटी आज बहुत दिनों के बाद मुझे सबके साथ चुदवाने में मज़ा आ रहा है। तुम इसी तरह का चुदाई का जश्न आगे भी मनाती रहना ? तू बहुत मस्त चीज है रीना तेरी माँ का भोसड़ा ?
पहली चुदाई कहातम ही तो सब लोग बाथ रूम चले गए। लड़कियों ने लड़कों के बदन पर, उनके लन्ड पर साबुन लगा लगा कर नहलाया। लड़कों ने भी लड़कियों की चूँचियों पर ,चूत पर, गांड और चूतड़ों पर, उनके भोसड़ा पर खूब मल मल कर साबुन लगाया और प्रेम से नहलाया। मौसी बोली अरी बुर चोदी रीना ला मुझे उधर से रेज़र पकड़ा दे मैं इनके लन्ड की झांटें बना दूं। मौसी झांटें बनाने लगी और मैं भी सीमा के साथ लन्ड की झांटें बनाने में जुट गयी। बस थोड़ी देर में ही सारे लन्ड चिकने हो गए। फिर लड़कों ने हम सब लड़कियों की झांटें बनाने लगे। उधर लन्ड भी चिकने और इधर चूत भी चिकनी। हम सब लोग नहा धोकर आये और फिर नंगे नंगे ही खाना खाया और खूब जम कर हंसी मजाक किया।
करीब एक घंटे के बाद फिर चुदाई माहौल तैयार होने लगा। कोई भी लड़का जाने के मूड में नहीं था और कोई भी लड़की उन्हें जाने नहीं देना चाहती थी। इतने में मम्मी ने रज़ा का लन्ड पकड़ लिया और बोली हाय राम मैंने अभी तो मुस्लिम लन्ड से चुदवाया ही नहीं। देखो साला इसका सुपाड़ा कितना मस्त और खूबसूरत लग रहा है। मम्मी मुंह फैलाकर लन्ड चाटने लगीं। फिर मौसी ने हाथ बढ़ाकर असद का लन्ड पकड़ लिया। वह भी बोली हां दीदी इसका लौड़ा भी मुस्लिम है और इसके लन्ड का टोपा भी मादर चोद बड़ा सुन्दर लग रहा है। वह भी मजे से लन्ड का टोपा चाटने लगीं। मैंने रोहित का लन्ड पकड़ा और दूसरे हाथ से टेलर का लन्ड हिलाने लगी। मैं दोनों लन्ड बारी बारी से चाटने लगी और तब सीमा के पकड़ में आया टिल्लू का लन्ड ? वह झुक कर टिल्लू का लन्ड रंडी की तरफ उचक उचक कर चूसने लगी।
इस तरह हम सबने बारी बारी से सब लड़कों से चुदवाया। यह सच है की होली में सामूहिक चुदाई का आनंद खूब आता है। और उसी दिन हमने ठान लिया की अब हम लोग हर हफ्ते इसी तरह की चुदाई समारोह किया करेगीं। इसका लन्ड उसकी चूत में और उसका लन्ड इसकी चूत में पेला करेगीं।
होली जैसे ही आती है वैसे ही जाने क्यों लन्ड और चूत में जबरदस्त आग लग जाती है। बदन मस्ती के मूड में आ जाता है। लन्ड चूत में घुसने के लिए बेताब हो जाता है और चूत लन्ड घुसवाने के लिए व्याकुल होने लगती है। होली के दिन मेरी मम्मी मेरे पास आईं और बोली - बेटी, लन्ड पेल के खेलो होली ? लन्ड चोद के खेलो होली ? तेरी माँ का भोसड़ा होली में ? बुर में लौड़ा होली में ?
मैंने भी उसी मूड में जबाब दिया - मम्मी, लन्ड पियो और लौड़ा चोदो होली में ? तेरी बिटिया की बुर होली में। तब तक मेरी मौसी भी आ गयीं। वह कहने लगी - तेरी बहन का लौड़ा होली में ? गांड मरा लो होली में ? रीना, तेरी माँ की बहन की बुर ? अब तो लौड़ा पेल दे अपनी मौसी के भोसड़ा में रीना ? ये होली का मौक़ा है जितने चाहे उतने लौड़े घुसा दे मेरी चूत में ? रीना, तू अपनी माँ चुदा ले पहले भोसड़ी वाली फिर मैं चोदूंगी तेरी बुर ? तब तक पीछे से आवाज़ आयी नहीं मम्मी तुम नहीं चोदोगी रीना की बुर ? रीना की बुर तो मेरे मरद का लन्ड चोदेगा ? यह आवाज़ मेरी मौसी की बेटी सीमा की थी।
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होली जैसे जैसे नजदीक आने लगी वैसे वैसे चूत बहन चोद दिन पर दिन गरमाने लगी। होली के एक दिन पहले तो चूत इतनी गरमा गयी की मुझे लन्ड के बगैर नींद नहीं आ रही थी। मेरे मन में बस लन्ड ही लन्ड घूमने लगे। मेरा मन हुआ की मैं बाहर निकल जाऊं और सारे मर्दों को नंगा कर दूं और सबके लन्ड अपने मुंह में घुसेड़ लूं , सबके लन्ड अपनी चूत में घुसा लूं, लन्ड मम्मी की भी चूत में पेल दूँ और लन्ड पेल कर चोद डालूं मौसी का भोसड़ा ? मेरे मन में आया की हम सब अगर एक साथ लन्ड की पकड़ा पकड़ी, पेला पेली, चोदा चोदी करें तो कितना मज़ाआये ! मेरी मौसी की बेटी सीमा भी बुर चोदी बहुत चुदासी रहती है। मैं यह बात अच्छी तरह जानती हूँ। उसका मन अपने मरद के लन्ड नहीं भरता। वह तो मेरे मरद से चुदवाना चाहती है। पराये मरदों से चुदवाना चाहती है। इधर मैं भी उसके मरद का लौड़ा अपने मुंह में और अपनी चूत में घुसेड़ना चाहती हूँ। आज मेरी चूत कुछ ज्यादा ही लन्ड के बेचैन हो रही है। आज होली के दिन जाने क्यों मेरा मन सीमा के बाप से भी चुदवाने का होने लगा है।
मैं चाहती हूँ की सीमा का बाप भी मेरी बुर चोदे ? मेरे मौसा का लन्ड मेरी चूत फाड़ डाले बहन चोद ? आज तो मैं किसी का भी लौड़ा अपनी बुर में घुसा सकती हूँ। आज कोई गधे का भी लन्ड मेरी चूत में घुसा दे तो मैं उससे भी चुदवा लूंगी। मैंने सुबह सुबह सीमा को यह बात बताई तो वह बोली रीना तेरी मौसी की बिटिया की बुर ? यार, मेरी भी चूत साली बिना लन्ड के लिए तड़प रही है। मेरा तो मन है की आज मैं लौड़ा अपनी माँ के भोसड़ा में ठोंक दूं ? अगर मेरे सामने कोई मेरी माँ चोदे तो मज़ा आ जाये यार ? और उसके सामने कोई अपना लौड़ा मेरी चूत में ठोंक दे ? मैं अपनी झांटें बनाकर बैठी हूँ की कोई लड़का आये और मेरी बुर चाटे। होली के दिन सुबह सुबह हम दोनों इसी तरह की बातें कर रहीं थीं तभी मेरे मन में आया की मेरी मम्मी और मौसी भी कुछ न कुछ बतला जरूर रहीं होंगीं। मैंने कहा सीमा चलो यार देखो की हमारी मम्मियां क्या क्या बातें कर रहीं हैं ?
हम दोनों जब कमरे की तरफ बढ़ी तो मुझे मम्मी की आवाज़ सुनाई पड़ी। मैं आपको बता दूँ की मेरी मम्मी का नाम है सपना और मेरी मौसी का काजल ? मेरी मम्मी ४६ साल की हैं और मौसी ४५ साल की लेकिन दोनों मस्त जवान होने के साथ साथ खूबसूरत भी हैं। बड़ी चूँचियों वाली और मस्त मस्त चूतड़ और गांड वाली हैं दोनों भोसड़ी की ? मैं यह भी जानती हूँ की दोनों लन्ड की बड़ी शौक़ीन हैं। लन्ड मिल जाये तो ये लोग खाना भी भूल जातीं हैं। मैं सीमा के साथ छुप कर उनकी बातें सुनने लगी .
मम्मी - आज तो होली है काजल। आज क्या कर रही हो तुम ?
मौसी - अरे दीदी ये होली तो इस बार बिलकुल गोली सी लग रही है। न कोई लन्ड और न कोई लन्ड वाला बहन चोद ? न मेरा पति और न तेरा पति। अगर आज जीजू होते तो मैं उसका लौड़ा हिला हिला कर होली खेलती। मैं रात भर यह सब सोंचती रही। एकदम सूखी सूखी है इस बार की होली ?
मम्मी - हां बात तो बिलकुल सही कह रही हो काजल। तेरा पति होता तो मैं भी उसके लन्ड का मज़ा लेती। मुझे तो बहनोई और नंदोई के लन्ड के साथ होली खेलने में बड़ा मज़ा आता है। दोनों लन्ड मेरे मन के हैं। मैं भी बस लन्ड याद कर कर के सारी रात गुज़ार दी।
मौसी - अब ज़रा यह सोंचो की मेरी बेटियों का क्या हाल होगा ? उनके भी मरद आज तो फिलहाल नहीं हैं। भले ही वे कल आ जायें ? लन्ड तो उन्हें भी चाहिए।
मम्मी - बेटियों की माँ का भोसड़ा ? वो भी बुर चोदी अभी मस्त जवान है। जिस लड़को को इशारा कर दें वही लड़का अपना लन्ड खोल कर खड़ा हो जायेगा।
मौसी - हां बात तो सही है। अब देखो न होली का माहौल है। मेरा भोसड़ा साला एकदम काबू के बाहर हो रहा है। उसे तो इस समय लन्ड चाहिए बस लन्ड ? मेरा तो मन हो रहा है की मैं आज ही सीमा के सामने ही सीमा की माँ चोद दूँ। उसके भोसड़ा में पेल दूं लन्ड तब उसे मालूम होगा की उसकी माँ कितनी जवान है ?
मम्मी - अरे यार जब तुम सीमा की माँ चोद सकती हो तो फिर बुर चोदी रीना के सामने रीना की भी माँ चोदो। उसके भी भोसड़ा में घुसा दो २/४ लन्ड ? आज तो होली है और होली में किसी की भी बुर चोदो, किसी का भी लौड़ा चोदो सब जायज़ है। होली में चोदने और चुदाने की खुली छूट है.
मौसी - अच्छा मैं देखती हूँ वो दोनों रीना और सीमा भोसड़ी वाली क्या कर रहीं हैं ?
फिर हम दोनों वहां से अपने कमरे में आ गयीं। मैंने कहा सीमा देख एक बात तो मालूम हो गयी की हम दोनों की मम्मियां एक दूसरे के मियां से चुदवाती हैं। दूसरी बात दोनों मम्मियां पराये मरद से चुदवाने के फिराक में रहतीं हैं। तीसरी बात दोनों की चूत इस समय बुरी तरह से चुदासी है और चौथी बात दोनों भोसड़ी की अपनी बेटियों के सामने चुदवाने के लिए तैयार हैं। सीमा बोली हां यार और पांचवी बात यह की दोनों चाहती है की मेरी बेटी मेरे भोसड़ा में लन्ड पेले। मैं तो कहती हूँ की मम्मी की बिटिया की बुर ? मम्मी तो मुझसे ज्यादा चुदक्कड़ लग रहीं हैं। मैंने कहा यार मेरी भी मम्मी बहन चोद लन्ड के लिए तड़प रहीं हैं। मैं तो उसके सामने ही उसकी बिटिया की बुर में पेलूंगी लन्ड।
मौसी की चुदने लगी बुर, कोई चोदने लगा माँ का भोसड़ा
बेटियां पीने लगीं लन्ड और चोदने लगीं लन्ड
तब तक मौसी हमारे कमरे में आ गयी बोली तुम बुर चोदी रीना और सीमा यहाँ क्या अपनी अपनी माँ चुदा रही हो ? आज होली है और आज तो रंग और लन्ड का खेल होता है। तुम लोग यहाँ बैठी बैठी क्या अपनी झांटें गिन रही हो ? देखो रंग तो घर में रखा है अब तुम लोग लन्ड का इंतज़ाम करो ?
मौसी की मंशा साफ ज़ाहिर हो रही थी। इससे पहले की मैं उसे जबाब देती, बाहर से कुछ हल्ला सुनाई पड़ने लगा। लोग बोल रहे थे - होली है भई होली है - बुरा न मानो होली है , इसी तरह के नारे लगाते हुए हमारे घर में घुस लड़के आये। वो सब मोहल्ले के ही लड़के थे। मैं फ़ौरन उन्हें पहचान गयी। वे थे टिल्लू, टेलर , रज़ा, असद और रोहित ? सब के सब रंगे हुए थे और अध् खुले कपड़े पहने हुए थे। वे आते ही हम लोगों के मुंह में रंग लगाने लगे। मेरी मौसी का मुंह रंग डाला, मेरी मम्मी का चेहरा रंग डाला, सीमा के मुंह में रंग पोत दिया उसे हाथों में भी और गले में भी रंग लगाया। मेरे मुंहे में और सारे खुले हुए बदन पर रंग लगाया। फिर हम सब भी जोश में आ गईं और वही रंग उन सब लड़कों के मुंह पर लगाने लगीं। इतने में मौसी ने एक आध लड़के के कपड़े भी फाड़ डाले । कुर्ता फाड़ा और एक लड़के का पैजामा भी फाड़ डाला। उसका नंगा लन्ड देख कर मुस्कराने लगीं। मौसी ने लन्ड पकड़ लिया।
लड़के मौसी पर फिर दौड़ पड़े। इतने में मौसी का ब्लाउज़ फट गया और ब्रा भी। तब मौसी ने बड़ी बेशर्मी से अपनी चूंचियां खोल दीं और बोली लो माँ के लौड़ों इन पर भी लगा लो रंग ? रोहित आगे बढ़ा और उसकी चूंचियां रंगने लगा। असद ने मेरी मम्मी के ब्लाउज़ में हाथ घुसेड़ दिया और चूंचियां रंगने लगा। असद तो साला मेरी मम्मी की चूंचियां चूमने भी लगा। रज़ा में मेरी टी शर्ट में हाथ घुसेड़ कर मेरी चूंचियां पहले दबाईं और फिर रंग लगाया। उसने मेरे निपल्स भी मुंह में ले लिया और उन पर अपनी जबान फिराई। उसे मज़ा आया तो मुझे भी मज़ा आया । सीमा भी बेशर्मी की तरह अपनी चूँचियों पर रंग लगवाने लगी। उसने अपनी टी शर्ट खोल दी। हम सब लोग बड़ी बुरी तरह मस्ती के मूड में आ गए। हमारी चूत में आग लग गयी।
तब तक मौसी अपना पेटीकोट उठा कर बोलीं - अरे मादर चोदो लो मेरे भोसड़ा में भी रंग लगा दो। टिल्लू आगे बढ़ा और वाकई उस पर रंग लगाने लगा। तब मौसी बोली अरे देख उधर मेरी बेटी सीमा है उसकी भी चूत रंग डालो न ? टेलर उसकी तरफ दौड़ा। मौसी फिर बोली अरे वो देखो मेरी बहन की बेटी बुर चोदी रीना कड़ी है उसे भी नंगी करके उसकी चूत में उसकी गांड में उसके चूतड़ों पर रंग लगा दो न। २ लड़के मुझे नंगी करने लगे और इसी बीच मैंने टिल्लू का लन्ड पकड़ लिया। मैंने कहा अब आ तू भोसड़ी का ? मैं तेरा लन्ड ही रंग डालूँगी। उधर सीमा ने रज़ा के पैजामे में हाथ घुसेड़ दिया। पैजामा फटा तो उसका भी लन्ड बाहर निकल आया। अब लन्ड देख कर तो हम सबका मन बदल गया। मैंने फ़ौरन दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। सीमा ने उसका पैजामा और फाड़ डाला ? तब तक मौसी बोली हाय दईया रज़ा तू अगर असली मरद है तो अपना लन्ड पेल के सीमा की माँ का भोसड़ा फाड़ दे।
हम चारों मिलकर उन पाँचों लड़के के कपड़े फाड़ने लगी और वो पांचो मिलकर हम चारों के कपड़े फाड़ने लगे। नतीजा यह हुआ की हम सब एकदम मादर चोद नंगी गयीं और वो भी सब के सब भोसड़ी वाले नंगे हो गए। हम लोग लड़कों के लन्ड बड़े चाव से देखने लगीं और वो लोग हमारी चूंचियां चूत और गांड ललचाई नज़रों से देखने लगे। मम्मी ने टिल्लू का लन्ड पकड़ा लिया, मौसी ने रज़ा का लन्ड पकड़ा। वो तो लन्ड का सुपाड़ा ही बड़ी देर तक देखती रही क्यों की मुस्लम लन्ड का सुपाड़ा तो एकदम बहार ही निकला रहता है। मेरे हाथ में असद का लौड़ा आ गया। सीमा रोहित और टेलर दोनों का लन्ड पकड़ कर हिलाने लगी। हमारे भी रंग था तो हम सबने सबके लन्ड रंग डाले। लन्ड भी मादर चोद हरे, पीले, लाल, बैगनी, और नीले दिखने लगे। उधर हम सबकी चूचियां भी रंग में डूबी हुई थीं। मेरी चूंची लाल थी। मम्मी की चूंचियां गुलाबी रंग में रंगी थी मौसी की चूंचियां बैगनी कलर की हो गयीं और सीमा की चूंचियां हलकी आसमानी कलर की। हम सब एक दूसरे को देख देख कर मज़ा लेने लगी।
मौसी ने कहा - आज तुम लोग इन दोनों लड़कियों की माँ चोदो यार ? ये बुर चोदी लड़कियां बड़ी हरामजादी है। इनकी माँ के भोसड़ा में घुसेड़ दो लन्ड। ये रंगीन लन्ड जब रंगीन भोसड़ा चोदेगें तब मज़ा आएगा।
तब तक मम्मी के मुंह से निकला - हां मेरे प्यारे मरदों भोसड़ी वालों आज मैं देखूँगी की तुम्हारे लन्ड में लड़कियों की माँ चोदने की ताकत है की नहीं ?
सीमा बोली - हाय दईया, आज तुम लोग इन दोनों की बेटियों की बुर चोदो। जब तुम लोगों के लन्ड टाइट चूत में घुसेगें तब तुम्हे भी मज़ा आएगा और तुम्हार लन्ड को भी। इतने बड़े बड़े लन्ड तो भोसड़ा भी फाड़ डालेगें और चूत भी।
मेरी मम्मी ने कहा है आज होली में सब छूट है। चाहे चोदो माँ का भोसड़ा चाहे चोदो बिटिया की बुर ? इस तरह की बातें सुनकर लड़कों के लन्ड जोश में आ गए। टिल्लू ने तो मेरी माँ के भोसड़ा में बड़ी बेशर्मी से पेल दिया और चोदने लगा। उसे देख कर रज़ा ने भी मौसी मौसी की चूत में लन्ड घुसेड़ दिया। वह भी मस्ती से चोदने लगा। इधर मैंने असद का लौड़ा अपनी चूतमे घुसाया और मैं भी मस्त होकर चुदवाने लगी। सीमा रोहित से चुदवाने लगी और टेलर का लन्ड चूसने लगी। वह दो दो लन्ड का मज़ा एक साथ लेने लगी।
इतने में टिल्लू बोला - हाय रीना, मुझे तेरी माँ चोदने में बड़ा मज़ा आ रहा है।
मैंने कहा - भोसड़ी के टिल्लू, मैं भी किसी तेरी माँ चोदूंगी।
उधर रोहित बोला - काजल आंटी, मुझे तेरी बिटिया की बुर बड़ा मज़ा दे रही है।
मौसी ने कहा - अरे बेटा रोहित, कभी मेरी बिटिया की माँ की बुर चोद कर देखो ? वह भी बड़ा मज़ा देगी ? रज़ा ने कहा - सपना आंटी, आज मैं होली के मौके पर तेरी बिटिया की बुर पहली बार चोद रहा हूँ। बड़ा मज़ा आ रहा है मुझे। अब तो मैं आगे भी तेरी बेटी चोदा करूँगा ?
मम्मी बोली - हां बिलकुल चोदा करना ? और उसकी माँ का भोसड़ा भी चोदना ? इसी तरह की गन्दी गन्दी बाते करते हुए सब लोग चुदाई में जुटे हुए थे। रंगीन लन्ड रंगीन चूत चोद चोद कर और मस्ता रहे थे। रंग से रंग मिला, चूत से लन्ड मिला तो चुदाई में चार चाँद लग गए। मौसी बोली रीना बेटी आज बहुत दिनों के बाद मुझे सबके साथ चुदवाने में मज़ा आ रहा है। तुम इसी तरह का चुदाई का जश्न आगे भी मनाती रहना ? तू बहुत मस्त चीज है रीना तेरी माँ का भोसड़ा ?
पहली चुदाई कहातम ही तो सब लोग बाथ रूम चले गए। लड़कियों ने लड़कों के बदन पर, उनके लन्ड पर साबुन लगा लगा कर नहलाया। लड़कों ने भी लड़कियों की चूँचियों पर ,चूत पर, गांड और चूतड़ों पर, उनके भोसड़ा पर खूब मल मल कर साबुन लगाया और प्रेम से नहलाया। मौसी बोली अरी बुर चोदी रीना ला मुझे उधर से रेज़र पकड़ा दे मैं इनके लन्ड की झांटें बना दूं। मौसी झांटें बनाने लगी और मैं भी सीमा के साथ लन्ड की झांटें बनाने में जुट गयी। बस थोड़ी देर में ही सारे लन्ड चिकने हो गए। फिर लड़कों ने हम सब लड़कियों की झांटें बनाने लगे। उधर लन्ड भी चिकने और इधर चूत भी चिकनी। हम सब लोग नहा धोकर आये और फिर नंगे नंगे ही खाना खाया और खूब जम कर हंसी मजाक किया।
करीब एक घंटे के बाद फिर चुदाई माहौल तैयार होने लगा। कोई भी लड़का जाने के मूड में नहीं था और कोई भी लड़की उन्हें जाने नहीं देना चाहती थी। इतने में मम्मी ने रज़ा का लन्ड पकड़ लिया और बोली हाय राम मैंने अभी तो मुस्लिम लन्ड से चुदवाया ही नहीं। देखो साला इसका सुपाड़ा कितना मस्त और खूबसूरत लग रहा है। मम्मी मुंह फैलाकर लन्ड चाटने लगीं। फिर मौसी ने हाथ बढ़ाकर असद का लन्ड पकड़ लिया। वह भी बोली हां दीदी इसका लौड़ा भी मुस्लिम है और इसके लन्ड का टोपा भी मादर चोद बड़ा सुन्दर लग रहा है। वह भी मजे से लन्ड का टोपा चाटने लगीं। मैंने रोहित का लन्ड पकड़ा और दूसरे हाथ से टेलर का लन्ड हिलाने लगी। मैं दोनों लन्ड बारी बारी से चाटने लगी और तब सीमा के पकड़ में आया टिल्लू का लन्ड ? वह झुक कर टिल्लू का लन्ड रंडी की तरफ उचक उचक कर चूसने लगी।
इस तरह हम सबने बारी बारी से सब लड़कों से चुदवाया। यह सच है की होली में सामूहिक चुदाई का आनंद खूब आता है। और उसी दिन हमने ठान लिया की अब हम लोग हर हफ्ते इसी तरह की चुदाई समारोह किया करेगीं। इसका लन्ड उसकी चूत में और उसका लन्ड इसकी चूत में पेला करेगीं।
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