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Sex ki kahaniyan padhkar Maa aur Beti ne chut chudai - Mummy aur Beti ko choda
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उस दिन मैं भी "सेक्स" की कहानियां पढ़ रही थी और अम्मी भी। उस दिन मैं भी गरम हो गई थी और अम्मी भी। उस दिन मैं भी मस्ती के मूड में आ गयी थी और अम्मी भी।
तभी अम्मी बोली - बेटी, तेरी बुर तेरी माँ की चूत।
मैंने भी कहा - अम्मी, तेरा भोसड़ा, तेरी बिटिया की बुर।
फिर हम दोनों एक दूसरे को देख कर मुस्कराने लगीं।
मैं जब १८ + की हो गयी तो अम्मी ने हमारे बीच के सारे बंधन तोड़ दिये और मुझे अपनी पक्की सहेली बना
लिया। अब हम माँ बेटी नहीं रही बल्कि दो दोस्त हो गयीं। वह मुझे बहन की लौड़ी, माँ की लौड़ी, मादर चोद, बुर चोदी साइना कहने लगी और मैं उसे हरामजादी भोसड़ी की शबाना कहने लगी। हां कभी कभी वह मुझे बहन चोद बेटी साइना कह देती तो मैं भी कभी कभी उसे भोसड़ी की अम्मी कह देती थी। हम दोनों के बीच इसी तरह बहुत दिनों तक चलता रहा। दोनों तरफ से प्यार की गालियों से बात चीत होती रही।
एक दिन रात मैं नेट पर बैठी हुई पोर्न फिल्म देख रही थी। फिर अचानक सेक्स कहानियां ढूंढने लगी। तभी मुझे "sex" की कहानियां मिल गईं। कहानियों के शीर्षक पढ़ कर ही मेरी चूत की आग धधकने लगी। दिल की धड़कने बढ़ने लगी। मैं सोंचने लगी की क्या ऐसी भी कहानियां लिखी जा सकतीं हैं ? मैं बड़े मन से एक कहानी पढ़ने लगी तो मेरा हाथ चूँचियाँ पर चला गया। दूसरा हाथ थोड़ी देर में चूत पर पहुँच गया। फिर मेरे कपड़े खुलन लगे और मैं एकदम नंगी हो गयी. कहानी ख़तम होने के पहले ही मैं ऊँगली घुसेड़ कर अपनी चूत चोदने लगी। मुझे कुछ भी पता था की मैं कर क्या रही हूँ ?
अचानक अम्मी मेरे कमरे में आ गयीं। उसने मुझे इस दशा में देख लिया।
देखते ही बोली - साइना बुर चोदी तेरी माँ का भोसड़ा ? आज मैं तेरी माँ चोद दूँगी।
मैं भी गरम थी और मेरा भी जोश उमड़ पड़ा तो मैं बोली - अम्मी मैं आज तेरी बिटिया की बुर चोद डालूंगी। एक मोटा लन्ड घुसेड़ दूँगी तेरी बेटी की चूत में बहन चोद ?
फिर अम्मी की नज़र मेरे लैपटॉप पर पड़ी। उसने कहा अरी साइना क्या तू वही पढ़ रही है जो मैं पढ़ कर आयी हूँ ? मैंने पूंछा क्या मतलब अम्मी ? वह बोली अरे मैं "सेक्स" की कहानियां पढ़ कर आयी हूँ तभी तो मेरा भोसड़ा साला आप से बाहर ही गया है। और तू भी वही पढ़ रही है। फिर अम्मी ने आँखें गड़ा कर देखा तो बोली हाय अल्ला, तू यह कहानी पढ़ रही है "बेटी, मैं तेरी माँ का भोसड़ा चोदूँगी" ? मैने कहा हां अम्मी मैं यही कहानी पढ़ रही थी तभी से मेरे मन में माँ चुदाने की इच्छा हो गई है। अम्मी बोली हाय दईया मैं "अम्मी तेरी बुर चोदी बिटिया की बुर" पढ़ कर आ रही हूँ। अब मैं बिना बेटी की बुर चुदाये यहाँ से जाऊंगी नहीं चाहे कुछ भी हो जाये ?
अब चुदेगा माँ का भोसड़ा, बेटी की बुर
फिर अचानक किसी ने दरवाजा खटखटाया। मैं दरवाजा खोलनी गयी और थोड़ी देर में मैं एक लड़के को लेकर कमरे में वापस आ गयी। अम्मी अभी तक वहीँ थीं। मैंने उसक लड़के का पैजामा खोल कर फेंक दिया और उसका लन्ड हिलाने लगी। लन्ड खड़ा हो गया तो मैंने उसे पकड़ा और बोली हाय शबाना आज मैं इसी लन्ड से साइना की माँ का भोसड़ा चोदूँगी। अम्मी भी मस्त हो गयी और झुक कर लन्ड चूमते हुए बोली मैं अभी आती हूँ। वह ऊपर चली गयी और ५ मिनट के बाद नीचे एकदम नंगी नंगी एक आदमी का नंगा लन्ड पकड़े हुए मेरे पास आयी और बोली साइना आज मैं इसी लन्ड से शबाना की बिटिया की बुर चोदूँगी। आज मैं उस भोसड़ी वाली की बुर में चीथड़े उड़ा दूँगी। अम्मी का जोश वाकई देखने वाला था और उससे ज्यादा देखने वाला उसके हाथ का लन्ड ? मैं थोड़ी देर तक लन्ड ही देखती रही। फिर मुझे लन्ड पर प्यार आ गया तो मैंने लन्ड की कई बार चुम्मी ली और बोली हाय मेरे भोसड़ी के अंकल तेरा लौड़ा तो साला बड़ा जबरदस्त है। शबाना की बिटिया की बुर तो मज़ा करेगी।
मैंने पूंछा :- अम्मी, तेरी बेटी चोदने वाला यह लन्ड है किसका ?
अम्मी ने बताया :- यह लन्ड मेरी सहेली के मियां हलीम का है। मैं कभी कभी उसके मियां से चुदवाती हूँ और वह कभी कभी मेरे मियां से चुदवाती है। आज जब मैं कहानी पढ़ रही थी तो मेरा भोसड़ा बहुत गरम हो गया। उसकी आग बुझाने के लिए मैंने अपनी सहेली को फोन कर दिया की वह अपने मियां को मेरे पास भेज दे। मैं इसका लौड़ा अपनी चूत में पेलने ही वाली थी की तेरी कमरे की लाइट देख ली और मैं यहाँ चली आयी। अब यह लन्ड मेरी चूत में नहीं तेरी चूत में घुसेगा बुर चोदी साइना ? पर तू बता तेरे पास किसका लन्ड है ?
मैंने कहा :- मेरे पास मेरे बॉय फ्रेंड अमन का लन्ड है। मैं पहले भी इसका लन्ड ले चुकी हूँ। कहानी पढ़ते ही मैंने इसे फोन कर दिया और कहा यार तुम जल्दी से आ जाओ मैं तेरा लन्ड पकड़े पकड़े सेक्स की कहानियां पढूंगी और तुम मेरी चूँचियाँ दबाते रहना। मेरी चूत चाटते रहना। मन होगा तो मैं चुदवा लूँगी नहीं तो मुठ्ठ मार लन्ड पी लूंगी। मुझे क्या मालूम था की मेरे सामने भोसड़ी की शबाना आ जायेगीं और तब यह लन्ड उसका भोसड़ा चोदने के काम आएगा।
हम दोनों इसी बात पर खूब हंसी और एन्जॉय किया। फिर मैंने लन्ड खूब मस्ती से हिलाया और दूसरे हाथ से शबाना की चूत सहलाई। मैं जान गयी की चूत अब लन्ड खाने के लिए एकदम तैयार है। मैंने लन्ड उस पर टिकाया और उसकी गांड ऊपर से दबा की। लन्ड पूरा अंदर घुस गया और अमन मजे से चोदने लगा। शबाना बोली माँ की लौड़ी साइना तुझे तो बहुत जल्दी है अपनी माँ की बुर चुदवाने की । ऐसा कह कर उसने हलीम का लन्ड मेरी चूत में घुसेड़ दिया। वह बहन चोद मेरी बुर लेने लगा। मैंने कहा शबाना हरामजादी तुझे अपनी बेटी की बुर हलीम को देने में बड़ा मज़ा आ रहा है।
मुझे हलीम अंकल का ८" का लन्ड मज़ा देने लगा। शबाना भी बड़ी शिद्दत से मेरे दोस्त से चुदवाने लगी। माँ का भोसड़ा और बेटी की बुर चुदने का वैसा ही माहौल हो गया जैसा की कहानी में लिखा था। मुझे लगा की यह कहानी हम दोनों की चुदाई पर ही लिखी गयी है।
शबाना चुदवाते हुए बोली - हाय दईया साइना तू तो बहुत अच्छी तरह अपनी माँ चुदवा लेती है। इतनी बेशर्म हो गयी है तू भोसड़ी की ?
मैंने कहा - अच्छा तो तू क्या कम बेशर्म है बुर चोदी शबाना ? देखो न कैसे गचागच अपनी बिटिया की बुर में लन्ड पेलवा रही है तू ?
चुदाई में लन्ड और चूत का नशा ऐसा ही होता है। इस नशे में कोई कुछ भी बकती रहती है ? सब कुछ बकने की और खूब गन्दी गन्दी गालियां देने की छूट रहती है। ऐसे में कुछ भी करना और कुछ भी कहना सब जायज़ है। जितनी गन्दी गन्दी बातें होतीं है उतना ही चुदाई का जोश बढ़ता जाता है। ऐसे में तो लड़कियां अपने बाप का भी लन्ड पकड़ लेती हैं। बहन अपने भाई जान का लन्ड हिलाने लगती है। ंबेटी अपनी माँ चुदाने लगती है, माँ बेटियां चुदवाने लगती हैं, लोग अपनी बीवियां चुदाने लगते हैं और बीवियां ग़ैर मरदों के लन्ड अपनी बुर में घुसाने लगतीं हैं।
एक दिन मेरी फूफी आ गयीं। मैं थोड़ा मजाक के मूड में थी। उसे देख कर मैंने कहा - अम्मी देखो तेरी नन्द का भोसड़ा आया है। तब तक पीछे से आवाज़ आयी - नन्द के भोसड़ा के साथ साथ नन्द की बिटिया की बुर भी आयी है, साइना ? मैंने देखा की फूफी के पीछे पीछे उसकी बेटी भी आ रही है। उसकी बात सुनकर मुझे समझ में आ गया की वह भी दोनों मेरी तरह अपनी अम्मी के साथ चोदा चोदी करती होगी ? सायरा मेरी फूफी का नाम है और नगमा उसकी बेटी का नाम ?
अम्मी ने कहा - बुर चोदी नगमा क्या तू अपनी माँ चुदा कर आ रही है।
फूफी ने कहा - नहीं भाभी ऐसा नहीं है। हां मगर नगमा अपनी माँ चुदाने जा ही रही थी तभी मैंने कहा आज तुम अपनी माँ न चुदाओ बल्कि आज तुम चलो साइना की माँ चोदो ?
मैंने कहा - अगर ऐसी बात है फूफी, तो मैं फिर नगमा की माँ चोदूँगी। तेरी चूत तेरी माँ की चूत नगमा ?
नगमा भी कम न थी। वह बोली - ठीक है साइना तुम मेरी माँ चोदो। मैं तेरी माँ की बिटिया चोदूँगी।
अम्मी ने कहा - सायरा की बिटिया की बुर तो मैं भी चोदूँगी। सायरा तेरी बुर तेरी बिटिया की बुर ?
इन सब बातों से चुदाई का माहौल बन गया। सबकी चूत बहन चोद चदासी हो गयी। सबको लन्ड की जरुरत महसूस होने लगी।
१० मिनट के बाद नगमा बोली - अरे साइना देख कौन आया है। मैं एक नज़र उसे पहचान नहीं पायी लेकिन वह आदमी बड़ा स्मार्ट था। नगमा बोली ये मरा ससुर है यार शौकत अली । मैंने कहा वाओ, कितना स्मार्ट है तेरा ससुर नगमा। उसने मेरे कान में कहा इसका लन्ड बहन चोद इससे ज्यादा स्मार्ट है। मैं समझ गयी की नगमा ससुरी अपने ससुर से भी चुदवाती है। तो फिर आज वह मुझे भी चोदेगा और मेरी माँ भी चोदेगा। अच्छा है बड़ा मज़ा आएगा।मेरे बदन में सुरसुरी होने लगी। तब तक एक और मस्त जवान लड़का भी आगया। नगमा इसे लेकर ायींहं साइना यह मेरा नन्दोई है। यानी मेरी नन्द का हसबैंड फ़राज़ मियां ? बस मेरी चूत की आग बुरी तरह भड़क उठी। इतने में अम्मी बोली मुझे अभी अभी फोन आया है। तेरा जीजू और खालू भी आ रहे हैं। तुम सबके लिए खाने पीने का इंतज़ाम कर लो बेटी और चुदाई का भी सामान इकठ्ठा कर लो।
मैंने कहा हां हां अम्मी मैं सब कर लूंगी। झांटें बनाने वाली मशीन भी रख लूंगी। मैं अभी खाने का आर्डर कर देती हूँ और डिंक्स का सेट लगा देती हूँ। इतने में मेरा भोसड़ी का जीजू अनीस आ गया और मेरा बहन चोद खालू अजमल मियां भी।
हम सब दारू पीने लगीं और मन ही मन कुछ कुछ सोंचने लगीं। मैं सोंच रही थी की मैं अपने खालू का लन्ड ले चुकी हूँ, अपने जीजू से भी चुदवा चुकी हूँ। अब मुझे नगमा के ससुर का लौड़ा घुसाना है और उसके नन्दोई का लन्ड पेलना है अपनी बुर में ? बस मेरी नज़र इन दोनों लन्ड पर थी। अम्मी सोंच रही थी की मैं बहन चोद साइना के खालू से कई बार चुदवा चुकी हूँ। उसके जीजू का लन्ड भी कई बार पेला है चूत में। अब तो मैं नगमा के ससुर का लन्ड उसके नन्दोई का लन्ड लूंगी। फूफी सोंच रही थी मेरी बेटी नगमा बुर चोदी अपने ससुर से चुदवाये बैठी है जब की मैंने उसका लन्ड दूर से भी नहीं देखा। उसका नन्दोई के लौड़े का कभी दीदार नहीं किया। हां साइना के खालू से चुदवाकर मज़ा आएगा। साइना का जीजू का लौड़ा भी घुसा कर मज़ा लूंगी। मेरे लिए तो मादर चोद चारों लन्ड नये हैं।
नगमा सोंच रही थी की मैंने तो अपने ससुर का लौड़ा तो खूब पेला है अपनी बुर में ? आज इसे अपनी माँ की चूत में पेलूंगी। साइना की बुर में घुसेड़ूँगी ससुर का लन्ड। और इसी से उसकी माँ का भोसड़ा भी चोदूँगी। मेरा नन्दोई साला मेरी बुर कई बार ले चुका है। अब ये साइना की माँ चोदेगा और मैं इसे साइना की चूत में भी घुसाउंगी। हां साइना के खालू का लन्ड मेरे लिए नया होगा। मैं उसका मज़ा लूंगी और उसके जीजू का भी लन्ड चोदूँगी। इस तरह हम सब अपनी अपनी बुर चुदवाने का जुगाड़ कर रही थीं।
मैंने पहल की और आगे बढ़ कर नगमा के ससुर के गले से लिपट गयी और कहा अंकल तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो। सुना है तुम अपनी बहू की बुर लेते हो ? आज उसकी बहन की बुर ले लो ? बड़ा मज़ा आएगा तुम्हे भी और तुम्हारे लन्ड को भी। मैंने अंकल के गाल की चुम्मी ली और सीधे एक हाथ से उसका लन्ड टटोलने लगी। मुझे देख कर अम्मी भी फ़राज़ को अपने से चिपका लिया कर उसका लौड़ा ऊपर से ही रगड़ने लगी। फूफी मेरे जीजू के चिपक गयी और उसकी चुम्मी ली और कहा तुम साइना की बुर चोदते हो न आज तुम उसकी फूफी की बुर चोद लो। इतने में उसकी बेटी नगमा आगे बढ़ कर मेरे खालू की गोद में बैठ गयी और बोली हाय दईया सुना है की तुम्हारा लांड बहुत बड़ा है अंकल ? ज़रा मुझे भी खोल कर दिखो न प्लीज। उसने खालू के पैजामे के अंदर हाथ डाल दिया और अंदर ही अंदर लन्ड सहलाने लगी।
मैं नगमा के ससुर का लन्ड मुंह में लेकर चूसने लगी। मैं नंगी लेटी थी। मेरी चूत खुली थी। मेरी गांड की तरफ अम्मी का मुंह था। वह भी अपनी बुर खोले हुए नगमा के नन्दोई का लन्ड चूसने में जुटी थी। हम एक दूसरे को देख देख कर भी लन्ड चूसने का मज़ा ले रहीं थीं। जब कोई नया लौड़ा हाथ आता है तो मस्ती अपने आप बढ़ जाती है। हमारे सामने ही फूफी मेरे जीजू का लन्ड चाट रही थी और उसकी मेरे मेरे खालू का लन्ड का मज़ा ले रही थीं। वो दोनों माँ बेटी भी 69 की पोजीशन में थीं।
तब नगमा बोली - हाय साइना, तेरी माँ की बहन का लन्ड यार तू भी मेरी ही तरह लन्ड की बड़ी शौक़ीन है।
मैंने कहा - हां नगमा, तेरी माँ की बहन की चूत ? तू तो अपनी माँ चुदाने में हद कर देती है। हर जगह लौड़ा पेल देती है तू, उसकी चूत में, उसकी गांड में, उसके मुंह में और उसकी चूँचियों में भी।
वह बोली - लौड़ा तो तू भी पेलती है अपनी माँ के भोसड़ा में ,उसकी गांड और सब जगह ? आज मैं तेरी तेरी जगह लौड़ा घुसाउंगी।
तब तक इधर नगमा के ससुर ने मेरी बुर चोदना शुरू कर दिया। उसके नन्दोई ने लौड़ा पेल कर मेरी माँ चोदना शुरू कर दिया। हम दोनों एक दूसरे को देख देख कर चुदवाने लगीं। उधर फूफी से भी न रहा गया। उसने भी मेरे जीजू का लौड़ा घुसा लिया अपनी चूत में और खालू ने तो पूरा लौड़ा ही घुसा दिया नगमा की टाइट चूत में। नगमा बोली हाय अंकल क्या एक ही बार में पूरी चूत ले लोगे। अरे भोसड़ी के थोड़ा थोड़ा लो मेरी चूत उठ कर कहीं भाग नहीं जाएगी।
इस तरह हम चारों माँ बेटियां भकाभक चुदवाने लगीं। चारों लन्ड साले पिस्टन की चूत में आ जा रहे थे। चोदने और चुदाने का मज़ा सबको आ रहा था। सब सबकी चुदाई का मज़ा ले रहे थे। इतने में नगमा के ससुर ने लन्ड मेरी माँ के भोसड़ा में घुसा दिया और बोला साइना अब मैं तेरी माँ चोदूंगा। उसका नन्दोई आगे आया और मेरी बुर में अपना लन्ड घुसेड़ दिया और बोला अब मैं आंटी की बिटिया की बुर चोदूंगा। मैं मन में सोंचने लगी की ये दोनों साले बड़े चोदू हैं। उधर फूफी का भोसड़ा मेरा खालू चोदने लगा और नगमा मेरे जीजू से चुदवाने लगी। दोनों माँ बेटी की चूत के लन्ड बदल गये। चुदाने का मज़ा फिर नया हो गया।
फूफी ने कहा - भोसड़ी की नगमा तेरी चूत, तेरी माँ की चूत ? आज तेरी चूत भी फटेगी और तेरी माँ की भी चूत फटेगी।
इधर अम्मी ने भी कहा - साइना, तेरी माँ का भोसड़ा ? तेरी माँ बहन चोद इतनी बेशर्म चुदक्कड़ होगी यह बात मुझे आज मालूम हुआ। अब तो मुझे यकीन हो गया की तेरी माँ मादर चोद किसी से भी चुदवा लेती है।
मैंने कहा - मेरी बुर चोदी अम्मी, सच तो यह है की तेरी बिटिया की बुर बहन चोद बहुत बड़ी आवारा हो चुकी है।इसे तो नये नये लन्ड खाने की आदत पड़ गयी है।
इधर मस्त मस्त बातें हो रहीं थीं उधर चुदाई की स्पीड बढ़ते जा रही थी। लोग बिना रुके गचागच चोदे चले जा रहे थे। कभी लन्ड इसकी बुर में घुस जाता कभी उसकी बुर में ? कभी लन्ड इसके मुँह में घुस जाता कभी उसके मुंह में ? कभी लन्ड इसकी चूँचियाँ चोदने लगता तो कभी उसकी चूँचियाँ। अब तो फ्री स्टाइल होने लगी चुदाई। कहीं कोई रोक टोक नहीं। चाहे चोदो माँ का भोसड़ा चाहे चोदो बिटिया की बुर ? ऐसी चुदाई बहुत देखने को मिलती है।
उस दिन मैं भी "सेक्स" की कहानियां पढ़ रही थी और अम्मी भी। उस दिन मैं भी गरम हो गई थी और अम्मी भी। उस दिन मैं भी मस्ती के मूड में आ गयी थी और अम्मी भी।
तभी अम्मी बोली - बेटी, तेरी बुर तेरी माँ की चूत।
मैंने भी कहा - अम्मी, तेरा भोसड़ा, तेरी बिटिया की बुर।
फिर हम दोनों एक दूसरे को देख कर मुस्कराने लगीं।
मैं जब १८ + की हो गयी तो अम्मी ने हमारे बीच के सारे बंधन तोड़ दिये और मुझे अपनी पक्की सहेली बना
लिया। अब हम माँ बेटी नहीं रही बल्कि दो दोस्त हो गयीं। वह मुझे बहन की लौड़ी, माँ की लौड़ी, मादर चोद, बुर चोदी साइना कहने लगी और मैं उसे हरामजादी भोसड़ी की शबाना कहने लगी। हां कभी कभी वह मुझे बहन चोद बेटी साइना कह देती तो मैं भी कभी कभी उसे भोसड़ी की अम्मी कह देती थी। हम दोनों के बीच इसी तरह बहुत दिनों तक चलता रहा। दोनों तरफ से प्यार की गालियों से बात चीत होती रही।
एक दिन रात मैं नेट पर बैठी हुई पोर्न फिल्म देख रही थी। फिर अचानक सेक्स कहानियां ढूंढने लगी। तभी मुझे "sex" की कहानियां मिल गईं। कहानियों के शीर्षक पढ़ कर ही मेरी चूत की आग धधकने लगी। दिल की धड़कने बढ़ने लगी। मैं सोंचने लगी की क्या ऐसी भी कहानियां लिखी जा सकतीं हैं ? मैं बड़े मन से एक कहानी पढ़ने लगी तो मेरा हाथ चूँचियाँ पर चला गया। दूसरा हाथ थोड़ी देर में चूत पर पहुँच गया। फिर मेरे कपड़े खुलन लगे और मैं एकदम नंगी हो गयी. कहानी ख़तम होने के पहले ही मैं ऊँगली घुसेड़ कर अपनी चूत चोदने लगी। मुझे कुछ भी पता था की मैं कर क्या रही हूँ ?
अचानक अम्मी मेरे कमरे में आ गयीं। उसने मुझे इस दशा में देख लिया।
देखते ही बोली - साइना बुर चोदी तेरी माँ का भोसड़ा ? आज मैं तेरी माँ चोद दूँगी।
मैं भी गरम थी और मेरा भी जोश उमड़ पड़ा तो मैं बोली - अम्मी मैं आज तेरी बिटिया की बुर चोद डालूंगी। एक मोटा लन्ड घुसेड़ दूँगी तेरी बेटी की चूत में बहन चोद ?
फिर अम्मी की नज़र मेरे लैपटॉप पर पड़ी। उसने कहा अरी साइना क्या तू वही पढ़ रही है जो मैं पढ़ कर आयी हूँ ? मैंने पूंछा क्या मतलब अम्मी ? वह बोली अरे मैं "सेक्स" की कहानियां पढ़ कर आयी हूँ तभी तो मेरा भोसड़ा साला आप से बाहर ही गया है। और तू भी वही पढ़ रही है। फिर अम्मी ने आँखें गड़ा कर देखा तो बोली हाय अल्ला, तू यह कहानी पढ़ रही है "बेटी, मैं तेरी माँ का भोसड़ा चोदूँगी" ? मैने कहा हां अम्मी मैं यही कहानी पढ़ रही थी तभी से मेरे मन में माँ चुदाने की इच्छा हो गई है। अम्मी बोली हाय दईया मैं "अम्मी तेरी बुर चोदी बिटिया की बुर" पढ़ कर आ रही हूँ। अब मैं बिना बेटी की बुर चुदाये यहाँ से जाऊंगी नहीं चाहे कुछ भी हो जाये ?
अब चुदेगा माँ का भोसड़ा, बेटी की बुर
फिर अचानक किसी ने दरवाजा खटखटाया। मैं दरवाजा खोलनी गयी और थोड़ी देर में मैं एक लड़के को लेकर कमरे में वापस आ गयी। अम्मी अभी तक वहीँ थीं। मैंने उसक लड़के का पैजामा खोल कर फेंक दिया और उसका लन्ड हिलाने लगी। लन्ड खड़ा हो गया तो मैंने उसे पकड़ा और बोली हाय शबाना आज मैं इसी लन्ड से साइना की माँ का भोसड़ा चोदूँगी। अम्मी भी मस्त हो गयी और झुक कर लन्ड चूमते हुए बोली मैं अभी आती हूँ। वह ऊपर चली गयी और ५ मिनट के बाद नीचे एकदम नंगी नंगी एक आदमी का नंगा लन्ड पकड़े हुए मेरे पास आयी और बोली साइना आज मैं इसी लन्ड से शबाना की बिटिया की बुर चोदूँगी। आज मैं उस भोसड़ी वाली की बुर में चीथड़े उड़ा दूँगी। अम्मी का जोश वाकई देखने वाला था और उससे ज्यादा देखने वाला उसके हाथ का लन्ड ? मैं थोड़ी देर तक लन्ड ही देखती रही। फिर मुझे लन्ड पर प्यार आ गया तो मैंने लन्ड की कई बार चुम्मी ली और बोली हाय मेरे भोसड़ी के अंकल तेरा लौड़ा तो साला बड़ा जबरदस्त है। शबाना की बिटिया की बुर तो मज़ा करेगी।
मैंने पूंछा :- अम्मी, तेरी बेटी चोदने वाला यह लन्ड है किसका ?
अम्मी ने बताया :- यह लन्ड मेरी सहेली के मियां हलीम का है। मैं कभी कभी उसके मियां से चुदवाती हूँ और वह कभी कभी मेरे मियां से चुदवाती है। आज जब मैं कहानी पढ़ रही थी तो मेरा भोसड़ा बहुत गरम हो गया। उसकी आग बुझाने के लिए मैंने अपनी सहेली को फोन कर दिया की वह अपने मियां को मेरे पास भेज दे। मैं इसका लौड़ा अपनी चूत में पेलने ही वाली थी की तेरी कमरे की लाइट देख ली और मैं यहाँ चली आयी। अब यह लन्ड मेरी चूत में नहीं तेरी चूत में घुसेगा बुर चोदी साइना ? पर तू बता तेरे पास किसका लन्ड है ?
मैंने कहा :- मेरे पास मेरे बॉय फ्रेंड अमन का लन्ड है। मैं पहले भी इसका लन्ड ले चुकी हूँ। कहानी पढ़ते ही मैंने इसे फोन कर दिया और कहा यार तुम जल्दी से आ जाओ मैं तेरा लन्ड पकड़े पकड़े सेक्स की कहानियां पढूंगी और तुम मेरी चूँचियाँ दबाते रहना। मेरी चूत चाटते रहना। मन होगा तो मैं चुदवा लूँगी नहीं तो मुठ्ठ मार लन्ड पी लूंगी। मुझे क्या मालूम था की मेरे सामने भोसड़ी की शबाना आ जायेगीं और तब यह लन्ड उसका भोसड़ा चोदने के काम आएगा।
हम दोनों इसी बात पर खूब हंसी और एन्जॉय किया। फिर मैंने लन्ड खूब मस्ती से हिलाया और दूसरे हाथ से शबाना की चूत सहलाई। मैं जान गयी की चूत अब लन्ड खाने के लिए एकदम तैयार है। मैंने लन्ड उस पर टिकाया और उसकी गांड ऊपर से दबा की। लन्ड पूरा अंदर घुस गया और अमन मजे से चोदने लगा। शबाना बोली माँ की लौड़ी साइना तुझे तो बहुत जल्दी है अपनी माँ की बुर चुदवाने की । ऐसा कह कर उसने हलीम का लन्ड मेरी चूत में घुसेड़ दिया। वह बहन चोद मेरी बुर लेने लगा। मैंने कहा शबाना हरामजादी तुझे अपनी बेटी की बुर हलीम को देने में बड़ा मज़ा आ रहा है।
मुझे हलीम अंकल का ८" का लन्ड मज़ा देने लगा। शबाना भी बड़ी शिद्दत से मेरे दोस्त से चुदवाने लगी। माँ का भोसड़ा और बेटी की बुर चुदने का वैसा ही माहौल हो गया जैसा की कहानी में लिखा था। मुझे लगा की यह कहानी हम दोनों की चुदाई पर ही लिखी गयी है।
शबाना चुदवाते हुए बोली - हाय दईया साइना तू तो बहुत अच्छी तरह अपनी माँ चुदवा लेती है। इतनी बेशर्म हो गयी है तू भोसड़ी की ?
मैंने कहा - अच्छा तो तू क्या कम बेशर्म है बुर चोदी शबाना ? देखो न कैसे गचागच अपनी बिटिया की बुर में लन्ड पेलवा रही है तू ?
चुदाई में लन्ड और चूत का नशा ऐसा ही होता है। इस नशे में कोई कुछ भी बकती रहती है ? सब कुछ बकने की और खूब गन्दी गन्दी गालियां देने की छूट रहती है। ऐसे में कुछ भी करना और कुछ भी कहना सब जायज़ है। जितनी गन्दी गन्दी बातें होतीं है उतना ही चुदाई का जोश बढ़ता जाता है। ऐसे में तो लड़कियां अपने बाप का भी लन्ड पकड़ लेती हैं। बहन अपने भाई जान का लन्ड हिलाने लगती है। ंबेटी अपनी माँ चुदाने लगती है, माँ बेटियां चुदवाने लगती हैं, लोग अपनी बीवियां चुदाने लगते हैं और बीवियां ग़ैर मरदों के लन्ड अपनी बुर में घुसाने लगतीं हैं।
एक दिन मेरी फूफी आ गयीं। मैं थोड़ा मजाक के मूड में थी। उसे देख कर मैंने कहा - अम्मी देखो तेरी नन्द का भोसड़ा आया है। तब तक पीछे से आवाज़ आयी - नन्द के भोसड़ा के साथ साथ नन्द की बिटिया की बुर भी आयी है, साइना ? मैंने देखा की फूफी के पीछे पीछे उसकी बेटी भी आ रही है। उसकी बात सुनकर मुझे समझ में आ गया की वह भी दोनों मेरी तरह अपनी अम्मी के साथ चोदा चोदी करती होगी ? सायरा मेरी फूफी का नाम है और नगमा उसकी बेटी का नाम ?
अम्मी ने कहा - बुर चोदी नगमा क्या तू अपनी माँ चुदा कर आ रही है।
फूफी ने कहा - नहीं भाभी ऐसा नहीं है। हां मगर नगमा अपनी माँ चुदाने जा ही रही थी तभी मैंने कहा आज तुम अपनी माँ न चुदाओ बल्कि आज तुम चलो साइना की माँ चोदो ?
मैंने कहा - अगर ऐसी बात है फूफी, तो मैं फिर नगमा की माँ चोदूँगी। तेरी चूत तेरी माँ की चूत नगमा ?
नगमा भी कम न थी। वह बोली - ठीक है साइना तुम मेरी माँ चोदो। मैं तेरी माँ की बिटिया चोदूँगी।
अम्मी ने कहा - सायरा की बिटिया की बुर तो मैं भी चोदूँगी। सायरा तेरी बुर तेरी बिटिया की बुर ?
इन सब बातों से चुदाई का माहौल बन गया। सबकी चूत बहन चोद चदासी हो गयी। सबको लन्ड की जरुरत महसूस होने लगी।
१० मिनट के बाद नगमा बोली - अरे साइना देख कौन आया है। मैं एक नज़र उसे पहचान नहीं पायी लेकिन वह आदमी बड़ा स्मार्ट था। नगमा बोली ये मरा ससुर है यार शौकत अली । मैंने कहा वाओ, कितना स्मार्ट है तेरा ससुर नगमा। उसने मेरे कान में कहा इसका लन्ड बहन चोद इससे ज्यादा स्मार्ट है। मैं समझ गयी की नगमा ससुरी अपने ससुर से भी चुदवाती है। तो फिर आज वह मुझे भी चोदेगा और मेरी माँ भी चोदेगा। अच्छा है बड़ा मज़ा आएगा।मेरे बदन में सुरसुरी होने लगी। तब तक एक और मस्त जवान लड़का भी आगया। नगमा इसे लेकर ायींहं साइना यह मेरा नन्दोई है। यानी मेरी नन्द का हसबैंड फ़राज़ मियां ? बस मेरी चूत की आग बुरी तरह भड़क उठी। इतने में अम्मी बोली मुझे अभी अभी फोन आया है। तेरा जीजू और खालू भी आ रहे हैं। तुम सबके लिए खाने पीने का इंतज़ाम कर लो बेटी और चुदाई का भी सामान इकठ्ठा कर लो।
मैंने कहा हां हां अम्मी मैं सब कर लूंगी। झांटें बनाने वाली मशीन भी रख लूंगी। मैं अभी खाने का आर्डर कर देती हूँ और डिंक्स का सेट लगा देती हूँ। इतने में मेरा भोसड़ी का जीजू अनीस आ गया और मेरा बहन चोद खालू अजमल मियां भी।
हम सब दारू पीने लगीं और मन ही मन कुछ कुछ सोंचने लगीं। मैं सोंच रही थी की मैं अपने खालू का लन्ड ले चुकी हूँ, अपने जीजू से भी चुदवा चुकी हूँ। अब मुझे नगमा के ससुर का लौड़ा घुसाना है और उसके नन्दोई का लन्ड पेलना है अपनी बुर में ? बस मेरी नज़र इन दोनों लन्ड पर थी। अम्मी सोंच रही थी की मैं बहन चोद साइना के खालू से कई बार चुदवा चुकी हूँ। उसके जीजू का लन्ड भी कई बार पेला है चूत में। अब तो मैं नगमा के ससुर का लन्ड उसके नन्दोई का लन्ड लूंगी। फूफी सोंच रही थी मेरी बेटी नगमा बुर चोदी अपने ससुर से चुदवाये बैठी है जब की मैंने उसका लन्ड दूर से भी नहीं देखा। उसका नन्दोई के लौड़े का कभी दीदार नहीं किया। हां साइना के खालू से चुदवाकर मज़ा आएगा। साइना का जीजू का लौड़ा भी घुसा कर मज़ा लूंगी। मेरे लिए तो मादर चोद चारों लन्ड नये हैं।
नगमा सोंच रही थी की मैंने तो अपने ससुर का लौड़ा तो खूब पेला है अपनी बुर में ? आज इसे अपनी माँ की चूत में पेलूंगी। साइना की बुर में घुसेड़ूँगी ससुर का लन्ड। और इसी से उसकी माँ का भोसड़ा भी चोदूँगी। मेरा नन्दोई साला मेरी बुर कई बार ले चुका है। अब ये साइना की माँ चोदेगा और मैं इसे साइना की चूत में भी घुसाउंगी। हां साइना के खालू का लन्ड मेरे लिए नया होगा। मैं उसका मज़ा लूंगी और उसके जीजू का भी लन्ड चोदूँगी। इस तरह हम सब अपनी अपनी बुर चुदवाने का जुगाड़ कर रही थीं।
मैंने पहल की और आगे बढ़ कर नगमा के ससुर के गले से लिपट गयी और कहा अंकल तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो। सुना है तुम अपनी बहू की बुर लेते हो ? आज उसकी बहन की बुर ले लो ? बड़ा मज़ा आएगा तुम्हे भी और तुम्हारे लन्ड को भी। मैंने अंकल के गाल की चुम्मी ली और सीधे एक हाथ से उसका लन्ड टटोलने लगी। मुझे देख कर अम्मी भी फ़राज़ को अपने से चिपका लिया कर उसका लौड़ा ऊपर से ही रगड़ने लगी। फूफी मेरे जीजू के चिपक गयी और उसकी चुम्मी ली और कहा तुम साइना की बुर चोदते हो न आज तुम उसकी फूफी की बुर चोद लो। इतने में उसकी बेटी नगमा आगे बढ़ कर मेरे खालू की गोद में बैठ गयी और बोली हाय दईया सुना है की तुम्हारा लांड बहुत बड़ा है अंकल ? ज़रा मुझे भी खोल कर दिखो न प्लीज। उसने खालू के पैजामे के अंदर हाथ डाल दिया और अंदर ही अंदर लन्ड सहलाने लगी।
मैं नगमा के ससुर का लन्ड मुंह में लेकर चूसने लगी। मैं नंगी लेटी थी। मेरी चूत खुली थी। मेरी गांड की तरफ अम्मी का मुंह था। वह भी अपनी बुर खोले हुए नगमा के नन्दोई का लन्ड चूसने में जुटी थी। हम एक दूसरे को देख देख कर भी लन्ड चूसने का मज़ा ले रहीं थीं। जब कोई नया लौड़ा हाथ आता है तो मस्ती अपने आप बढ़ जाती है। हमारे सामने ही फूफी मेरे जीजू का लन्ड चाट रही थी और उसकी मेरे मेरे खालू का लन्ड का मज़ा ले रही थीं। वो दोनों माँ बेटी भी 69 की पोजीशन में थीं।
तब नगमा बोली - हाय साइना, तेरी माँ की बहन का लन्ड यार तू भी मेरी ही तरह लन्ड की बड़ी शौक़ीन है।
मैंने कहा - हां नगमा, तेरी माँ की बहन की चूत ? तू तो अपनी माँ चुदाने में हद कर देती है। हर जगह लौड़ा पेल देती है तू, उसकी चूत में, उसकी गांड में, उसके मुंह में और उसकी चूँचियों में भी।
वह बोली - लौड़ा तो तू भी पेलती है अपनी माँ के भोसड़ा में ,उसकी गांड और सब जगह ? आज मैं तेरी तेरी जगह लौड़ा घुसाउंगी।
तब तक इधर नगमा के ससुर ने मेरी बुर चोदना शुरू कर दिया। उसके नन्दोई ने लौड़ा पेल कर मेरी माँ चोदना शुरू कर दिया। हम दोनों एक दूसरे को देख देख कर चुदवाने लगीं। उधर फूफी से भी न रहा गया। उसने भी मेरे जीजू का लौड़ा घुसा लिया अपनी चूत में और खालू ने तो पूरा लौड़ा ही घुसा दिया नगमा की टाइट चूत में। नगमा बोली हाय अंकल क्या एक ही बार में पूरी चूत ले लोगे। अरे भोसड़ी के थोड़ा थोड़ा लो मेरी चूत उठ कर कहीं भाग नहीं जाएगी।
इस तरह हम चारों माँ बेटियां भकाभक चुदवाने लगीं। चारों लन्ड साले पिस्टन की चूत में आ जा रहे थे। चोदने और चुदाने का मज़ा सबको आ रहा था। सब सबकी चुदाई का मज़ा ले रहे थे। इतने में नगमा के ससुर ने लन्ड मेरी माँ के भोसड़ा में घुसा दिया और बोला साइना अब मैं तेरी माँ चोदूंगा। उसका नन्दोई आगे आया और मेरी बुर में अपना लन्ड घुसेड़ दिया और बोला अब मैं आंटी की बिटिया की बुर चोदूंगा। मैं मन में सोंचने लगी की ये दोनों साले बड़े चोदू हैं। उधर फूफी का भोसड़ा मेरा खालू चोदने लगा और नगमा मेरे जीजू से चुदवाने लगी। दोनों माँ बेटी की चूत के लन्ड बदल गये। चुदाने का मज़ा फिर नया हो गया।
फूफी ने कहा - भोसड़ी की नगमा तेरी चूत, तेरी माँ की चूत ? आज तेरी चूत भी फटेगी और तेरी माँ की भी चूत फटेगी।
इधर अम्मी ने भी कहा - साइना, तेरी माँ का भोसड़ा ? तेरी माँ बहन चोद इतनी बेशर्म चुदक्कड़ होगी यह बात मुझे आज मालूम हुआ। अब तो मुझे यकीन हो गया की तेरी माँ मादर चोद किसी से भी चुदवा लेती है।
मैंने कहा - मेरी बुर चोदी अम्मी, सच तो यह है की तेरी बिटिया की बुर बहन चोद बहुत बड़ी आवारा हो चुकी है।इसे तो नये नये लन्ड खाने की आदत पड़ गयी है।
इधर मस्त मस्त बातें हो रहीं थीं उधर चुदाई की स्पीड बढ़ते जा रही थी। लोग बिना रुके गचागच चोदे चले जा रहे थे। कभी लन्ड इसकी बुर में घुस जाता कभी उसकी बुर में ? कभी लन्ड इसके मुँह में घुस जाता कभी उसके मुंह में ? कभी लन्ड इसकी चूँचियाँ चोदने लगता तो कभी उसकी चूँचियाँ। अब तो फ्री स्टाइल होने लगी चुदाई। कहीं कोई रोक टोक नहीं। चाहे चोदो माँ का भोसड़ा चाहे चोदो बिटिया की बुर ? ऐसी चुदाई बहुत देखने को मिलती है।
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