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साली और सास की दोनों की चुदाई एक साथ Sali aur saas dono ki chudai ek sath
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मेरा नाम सिद्धार्थ है, मैं 25 साल का शादी शुदा हु, मेरी शादी को १ साल हुए है, मैं दिल्ली में रहता हु, गोरखपुर का रहने बाला हु, मैं दिल्ली के एक किराए का मकान में रहता हु, मेरे मकान के बगल में ही एक फैमिली रहती है, जिनको मैं अंकल आंटी कहता हु, और उनकी दो बेटी है एक सुकन्या और दूसरी गुड़िया, वो दोनों मुझे जीजाजी कहती है, क्यों की वो मेरी वाइफ को बहन मानती है और उसके पापा मम्मी भी मेरी पत्नी को बेटी मानती है, और दोस्तों ये बात सच है की वो मेरे सग्गे सास ससुर और साली से ज्यादा प्यार करते है. कभी कभी ऐसा लगता है की ये लोग ही मेरे अपने है. तो अब आप समझ ही गए होंगे की रिश्ता कैसा है. घर आना जाना कहना पीना घूमना फिरना सब कुछ होता है. जो बड़ी बड़ी सुकन्या है वो मुझे बहुत ही ज्यादा इज्जत देती है और गुड़िया भी, वो दोनों जीजा जी जीजा जी कहके मजाक भी कर लेती है. धीरे धीरे हमारे घर और उनके घर में काफी प्रगाढ़ रिश्ता हो गया.
मेरा नाम सिद्धार्थ है, मैं 25 साल का शादी शुदा हु, मेरी शादी को १ साल हुए है, मैं दिल्ली में रहता हु, गोरखपुर का रहने बाला हु, मैं दिल्ली के एक किराए का मकान में रहता हु, मेरे मकान के बगल में ही एक फैमिली रहती है, जिनको मैं अंकल आंटी कहता हु, और उनकी दो बेटी है एक सुकन्या और दूसरी गुड़िया, वो दोनों मुझे जीजाजी कहती है, क्यों की वो मेरी वाइफ को बहन मानती है और उसके पापा मम्मी भी मेरी पत्नी को बेटी मानती है, और दोस्तों ये बात सच है की वो मेरे सग्गे सास ससुर और साली से ज्यादा प्यार करते है. कभी कभी ऐसा लगता है की ये लोग ही मेरे अपने है. तो अब आप समझ ही गए होंगे की रिश्ता कैसा है. घर आना जाना कहना पीना घूमना फिरना सब कुछ होता है. जो बड़ी बड़ी सुकन्या है वो मुझे बहुत ही ज्यादा इज्जत देती है और गुड़िया भी, वो दोनों जीजा जी जीजा जी कहके मजाक भी कर लेती है. धीरे धीरे हमारे घर और उनके घर में काफी प्रगाढ़ रिश्ता हो गया.
तभी कुछ ऐसा हुआ की मेरी पत्नी को गोरखपुर जाना पड़ गया, और वो पंद्रह दिन के लिए वह चली गई. मैं अकेला ही था, तो मेरे सास ससुर बोले की बेटा आज से कहना यही खा लेना तुम कोई चिंता नहीं करना, आज से कहना मेरे यहाँ ही बनेगा, मैंने कहा नहीं नहीं आप लोग को तकलीफ हो जाएगी, तभी सुकन्या बोल उठी क्यों जीजा जी? कोई और बात है क्या? मैंने कहा और क्या बात हो सकती है, अगर होगी भी तो आप ही हीरोइन होंगे. तो सुकन्या बोली तो फिर जब मुझे आप अपने फिल्म की हीरोइन समझ रहे हो तो विल्लन की तरह ये क्यों बोल रहे हो, प्लीज जीजा जी यही कहना कहना बहुत मजा आएगा आप बहुत ही अच्छी अच्छी बात करते हो. प्लीज आपको तो पता है मुझे आप से बात करके कितना अच्छा लगता है. आप यह कहानी हिंदी सेक्स स्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है। मैंने कहा ठीक है. सुकन्या के पापा उत्तराखंड में एक होटल के मैनेजर है इस वजह से वो वही रहते है वो सिर्फ पंद्रह दिन में २ दिन के लिए आते है. उसी दिन शाम को उनके पापा चले गए.
रात को करीब ९ बजे ड्यूटी से आकर हाथ मुंह धोया तभी सुकन्या को फ़ोन आ गया, जीजा जी आ जाओ कहना बन गया है, आज मैं आपके लिए चिकन बनाई हु, तो मैंने कहा ओह्ह्ह्ह क्या बात है मैं सोच ही रहा था कुछ अलग खाने को और आपने वही कर दिया, तो सुकन्या बोली मैंने कहा था ना की बहुत मजा आएगा, अरे आपके सारे अरमान जब तक दीदी गोरखपुर में है तब तक मैं पूरा कर दूंगी, मैंने कहा ठीक है देखते है, शायद आपको ये पता नहीं के मेरे क्या क्या अरमान है. तो सुकन्या बोली जो भी अरमान होगा पूरा कर दूंगी प्रॉमिस बस चाँद और तारे तोड़ने मत बोलना और दोनों हसने लगे. मैंने कहा सुकन्या गर्मी ज्यादा है अगर आप बियर पीओगी तो ले आता हु., सुकन्या बोल हां हां ले आना पि लुंगी, मैंने तिन बोतल बियर ले लिया और फिर उनके घर गया, वो लोग काफी उचे ख्याल के है, घर में बियर तो सब पीते है और सुकन्या की माँ तो व्हिस्की भी पीती है,
रात में कहना खाये और फिर टीवी देखने लगे, गुड़िया और आंटी दोनों सो गई थी और मैं और सुकन्या दोनों बैठ कर टीवी देखने लगे, अचानक एक सेक्स सिन आ गया, मैंने वही रोक दी, सुकन्या मुझे देखने लगी और मैं सुकन्या को, फिर मैंने कहा फ्रीजर में बियर है, वो उठी और ले के आ गई, उसके बाद उसने दरवाजा बंद कर दिया बोली माँ देख लेगी इस वजह से. फिर मैंने और सुकन्या दोनों बियर पिने लगे, इंग्लिश मूवी लगी थी जिसमे हरेक दस मिनट बाद ही एक बहुत ही हॉट और कामुक सिन आता और हम दोनों मुस्कुरा देते. करीब आधे घंटे में हम दोनों ने एक के बोतल खत्म कर दी, सुकन्या को ज्यादा ही नशा आ गया और मुझे थोड़ा कम, सुकन्या बोली यार ज़िंदगी में है क्या? खाओ पीओ और मजे करो, खैर मैं कहा से मजे करूँ, जीजा जी आपने शादी कर ली नहीं तो मैं पक्का आपसे शादी करती, यार आप बड़े ही हॉट और डैशिंग लगते हो. तो मैंने कहा तो कोई बात नहीं आप मेरे से पंद्रह दिन के लिए शादी कर लो जब तक दीदी नहीं आती है.
तभी सुकन्या बोल उठी साफ़ साफ़ क्यों नहीं कहते की पंद्रह दिन तक ठोकवा लो, और वो जोर जोर से हसने लगी. फिर बोली यार एक बात बताओ रोज रोज एक को ही करने में ऊबते नहीं हो, मैंने कहा क्या करें और भी तो कोई चारा नहीं है, तो सुकन्या बोली यार एक आवाज लगा कर तो देखो, मैं तो कब से इंतज़ार कर रही हु, और वो उठे कर मेरे गोद में बैठ गई. मेरा लण्ड उसके गांड के अंदर दब गया और धीरे धीरे टाइट होने लगा, तभी सुकन्या बोली यारे यार क्या हुआ इस नाग को, फुफकारने लगा है. मैंने कहा मेरे होठ भी तो मचल रहे है. उसके बाद सुकन्या अपना होठ मेरे होठ पर रख दी. और वो मुझे किश करने लगी. उसके मुंह से हलकी हलकी बियर की बू आ रही थी वो और भी मुझे मदहोश कर रहा था . फिर मेरा हाथ अनायास ही उसके बूब्स के ऊपर चला गया और मैंने प्रेस करने लगा, वो मजे लेने लगी फिर मैंने उसका ऊपर का कुरता उतार दिया, अंदर ब्रा जो रेड कलर का था बहुत जी ज्यादा सेक्सी लग रहा था.
मैंने पीछे से हुक खोल दिया, ओह्ह्ह करीब ३४ के साइज का था बूब, गोरी बिच में कथई कलर का निप्पल ओह्ह्ह मैंने अपने मुंह में लेके चूसने लगा. उसके मुंह से इस इस इस उफ्फ्फ उफ्फ्फ आ आ आ आ हा की आवाज निकलने लगी, वो मुझे अपने बाहों में जकड ली, फिर हम दोनों खड़ा हो गए और बेड पे लेट गए, मैंने सुकन्या का पजामा और पेंटी उतार दी. आप यह कहानी हिंदी सेक्स स्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है। चूत बिलकुल साफ़ था मैंने पूछा क्या आज ही सेव किये हो क्या बोली हां, मुझे पता था आज कुछ होने बाला है. फिर क्या था दोस्तों मैंने दोनों पैर को फैला दिया और बिच में बैठ कर सुकन्या के चूत को चाटने लगा, ओह्ह्ह्ह क्या स्वाद आता था हरेक पांच मिनट में, नमकीन सा, वो बार बार पानी छोड़ रही थी और मैं उस पानी को पि रहा था,
फिर वो बोली जीजा जी मुझे भी तो चखाओ अपना लण्ड, मैंने लण्ड उसके मुंह में घुस दिया और वो चूसने लगी. फिर मैंने 69 की पोजीशन में आ गया, वो मेरा लण्ड चूस रही थी और मैं उसका चूत मजा आ गया यारों, उसके बाद क्या था मैं उसके पैर को फैलाया और चूत के बिच में अपने लण्ड को रखा और घुसाने लगा. लण्ड अंदर जा नहीं रहा था क्यों की उसकी चूत काफी टाइट थी. और कभी जाता भी तो वो तुरंत निकालने को कहती, क्यों की उसको दर्द होने लगता, फिर धीरे धीरे कर के उसके चूत में अपना मोटा लण्ड पेल दिया, पहले तो दर्द से काफी छटपटाई फिर शांत हो गई. और वो भी मुझसे चुदवाने लगी.
फिर वो बोली जीजा जी मुझे भी तो चखाओ अपना लण्ड, मैंने लण्ड उसके मुंह में घुस दिया और वो चूसने लगी. फिर मैंने 69 की पोजीशन में आ गया, वो मेरा लण्ड चूस रही थी और मैं उसका चूत मजा आ गया यारों, उसके बाद क्या था मैं उसके पैर को फैलाया और चूत के बिच में अपने लण्ड को रखा और घुसाने लगा. लण्ड अंदर जा नहीं रहा था क्यों की उसकी चूत काफी टाइट थी. और कभी जाता भी तो वो तुरंत निकालने को कहती, क्यों की उसको दर्द होने लगता, फिर धीरे धीरे कर के उसके चूत में अपना मोटा लण्ड पेल दिया, पहले तो दर्द से काफी छटपटाई फिर शांत हो गई. और वो भी मुझसे चुदवाने लगी.
वो अपना चूत मेरे लण्ड में रगड़ने लगी. और कहने लगी. चोद दो मुझे मैं बहुत प्यासी हु जीजाजी, मैं कब से अपना चूत चुदवाने के लिए आतुर थी आपसे, रोज रोज ऊँगली से काम चला रही थी आज मुझे खुश कर दो जीजा जी. मैं आपकी बीवी हु, मैं आपकी रंडी हु, आप मुझे रखैल बना लो. आप मुझे बीवी बना लो. मुझे रोज चोदो, आपके लण्ड का नशा ही कुछ और है, फाड़ दो मेरे चूत को, आज मेरी वासना की आग शांत कर दो, आह आह आह आह आह आह उफ़ उफ़ करते हुए झड़ गई . मैं और भी जोर जोर से चोदने लगा, और फिर मेरा भी खलाश होने का टाइम आ गया और मैंने सुकन्या के चूत में ही अपना सारा माल डाल दिया.
फिर हम दोनों एक दूसरे को पकड़ कर सो गए, सुबह करीब ४ बजे नींद खुली तो सुकन्या दूसरे बेड पे चली गई और मैं वही सो गया, आज ड्यूटी नहीं जाना था क्यों की संडे था. सुकन्या और गुड़िया करीब १० बजे चली गई. क्यों की उसके दोस्त के यहाँ पार्टी था, जब मैं उठा तो देखा की सासु माँ नहा रही थी. वो भी बाथरूम का दरवाजा खोल कर. वो अपना पेटीकोट अपने बूब के ऊपर बाँध रखी थी. उनका पेटीकोट उनके बूब पे सट रहा था जिस वजह से उनकी चूचियाँ और निप्प्पले साफ़ साफ़ दिख रही थी. मैं वही खड़ा हो गया और उनको घूरने लगा. तभी उनकी नजर मेरे पे पड़ी पर उन्होंने ऐसा किया की मुझे पता ना चला हो की उन्होंने मुझे देखा, और बैठ गई. फिर वो मुझे आवाज लगा कर बुलाई, मैं जाकर बोल हाँ जी आंटी तो बोली बेटा थोड़ा मेरा पीठ रगड़ दो. मैंने उनका पीठ रगड़ने लगा तभी वो अपना पेटीकोट का नाडा खोल दी. और उनकी चूचियाँ बाहर आ गई. ओह्ह मेरा लण्ड फिर ठनठन हो गया, वो फिर कहने लगी. शर्माओ नहीं घर में कोई भी नहीं है, मैंने समझ गया उनको कुछ और भी चाहिए मैंने भी उनके पीठ को सहलाते सहलाते हुए उनके चुच को छूने लगा. फिर उन्होंने कहा डरते क्यों हो.
फिर हम दोनों एक दूसरे को पकड़ कर सो गए, सुबह करीब ४ बजे नींद खुली तो सुकन्या दूसरे बेड पे चली गई और मैं वही सो गया, आज ड्यूटी नहीं जाना था क्यों की संडे था. सुकन्या और गुड़िया करीब १० बजे चली गई. क्यों की उसके दोस्त के यहाँ पार्टी था, जब मैं उठा तो देखा की सासु माँ नहा रही थी. वो भी बाथरूम का दरवाजा खोल कर. वो अपना पेटीकोट अपने बूब के ऊपर बाँध रखी थी. उनका पेटीकोट उनके बूब पे सट रहा था जिस वजह से उनकी चूचियाँ और निप्प्पले साफ़ साफ़ दिख रही थी. मैं वही खड़ा हो गया और उनको घूरने लगा. तभी उनकी नजर मेरे पे पड़ी पर उन्होंने ऐसा किया की मुझे पता ना चला हो की उन्होंने मुझे देखा, और बैठ गई. फिर वो मुझे आवाज लगा कर बुलाई, मैं जाकर बोल हाँ जी आंटी तो बोली बेटा थोड़ा मेरा पीठ रगड़ दो. मैंने उनका पीठ रगड़ने लगा तभी वो अपना पेटीकोट का नाडा खोल दी. और उनकी चूचियाँ बाहर आ गई. ओह्ह मेरा लण्ड फिर ठनठन हो गया, वो फिर कहने लगी. शर्माओ नहीं घर में कोई भी नहीं है, मैंने समझ गया उनको कुछ और भी चाहिए मैंने भी उनके पीठ को सहलाते सहलाते हुए उनके चुच को छूने लगा. फिर उन्होंने कहा डरते क्यों हो.
मैंने कहा ना घर में कोई नहीं है. मैंने सब कुछ रात को खिड़की से देख लिया है. अगर तुम चाहते हो ये बात आगे नहीं बढे और तुम्हे बीवी तक ये बात नहीं पहुंचे तो आज मुझे खुश करना पड़ेगा, मैंने भी अब देखा ना ताब, मेरा क्या जाता मुझे तो माल मिल रहा था. आप यह कहानी हिंदी सेक्स स्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है। मैंने सासु माँ के चूचियों को दबाता हुआ, उनके होठ को किश करने लगा, और फिर झरना चला दिया, दोनों भींगे गए और एक दूसरे को किश करते रहे. उनकी चूचियाँ और और भी बड़ी बड़ी और मस्त भी भरा पूरा बदन, मुझे काफी पसंद है. फिर मैं उनके चूत को चाटने लगा. वो जोर जोर से आह आह आह करने लगी. मैं उनको उठा कर बेड रूम में ले गया, चोदने लगा. सच बताऊँ दोस्तों . मैंने उनको खूब चोदा, अब आज ८ दिन हो गए है, मैंने अपने घर भी नहीं आता हु, वही से ऑफिस जाता हु, और वही रहता हु, दोनों को चोदता हु, अब तो सुकन्या को भी पता चल गया की मैं उसके माँ को भी चोद रहा हु, कल रात को ही मैंने दोनों को एक साथ चोदा व्हिस्की पि कर, हम तीनो ने दारु पि और सेक्स किया एक साथ. पे कहानी कैसी लगी दोस्तों को भी बताएं.
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