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ससुर और नंदोई के साथ चूत की चुदाई - Sasur aur Nanadoi ne ki chut ki chudai
ससुर और नंदोई के साथ चूत की चुदाई - Sasur aur Nanadoi ne ki chut ki chudai , एक साथ दो लंड से चुदी , चोदा चादी और चुदास अन्तर्वासना कामवासना , चुदवाने और चुदने के खेल , चूत गांड बुर चुदवाने और लंड चुसवाने की हिंदी सेक्स पोर्न कहानी.
मुझे अभी अभी पता चला है की मेरा ससुर साला इतना बड़ा हरामजादा है की है की वह अपने दोस्तों की बीवियों के साथ साथ उनकी बेटियां भी चोदता है। इसीलिए मैं उसे बेटी चोद ससुर कहती हूँ। बस उसी दिन से मेरी झांटें सुलग रहीं हैं। मैंने सोंच लिया है की मैं किसी दिन उसी के सामने उसकी बिटिया की बुर चोदूँगी। जब तक मैं ससुर का लण्ड अपने हाथ से पकड़ नहीं लेती तब तक मेरी झांटें सुलगती रहेंगीं बहन चोद। उसकी बेटी मेरी नन्द है बुर चोदी इसलिए मुझे रिश्ते के मुताबिक उसे चोदने का हक़ हैं. उसका शौहर मेरा नंदोई है. मैं उसका भी लण्ड चोदूँगी। उसकी माँ का भोसड़ा चोदूँगी। जब से मुझे मालूम हुआ की मेरी ससुराल में सारे मरद भोसड़ी वाले चोदने में बड़े तेज हैं। वो किसी को भी, कहीं भी और कभी भी बड़ी बेशर्मी से चोद सकते हैं तब से मैंने भी सबको चोदने और सबसे चुदाने की कमर कस ली है।
यार सच बताऊँ तुम्हे, उस दिन वास्तव में मेरी गांड फट गयी थी जिस दिन पहली बार मैंने अपने ससुर का लौड़ा देखा था। मैंने कभी सोंचा नहीं था की मेरे ससुर का लौड़ा भोसड़ा की इतना बड़ा, इतना लम्बा चौड़ा होगा ? मैंने जब उसे झुक कर देखा तो मुझे ऐसा लगा जैसे मैं किसी आदमी का लौड़ा नहीं बल्कि किसी अरबी घोड़े का लौड़ा देख रही हूँ। इतना बड़ा लौड़ा मेरे घर में ही होगा यह तो मैंने कभी सोंचा भी न था। मैं मन ही मन बेहद खुश हुई थी। मेरे तन बदन में आग तो उसी दिन लग गयी थी। मैं क्या मेरी चूत भी बुर चोदी ललचा गयी थी इतना मस्त लौड़ा देख कर।बस मैं मन ही मन प्लान बनाने लगी की कैसे और कब इस मादर चोद लौड़े को अपंने बस में किया जाये ?
मैं रेशमा हूँ दोस्तों, मेरी शादी अभी एक साल के अंदर ही हुई है। मैं मादर चोद लण्ड की बड़ी शौक़ीन हूँ। बिना लण्ड पकड़े मुझे चैन नहीं मिलता है। अगर दो दिन तक मुझे लौड़ा न मिले तो मैं तिलमिला जाती हूँ। लौड़ा भोसड़ी का किसी का भी हो मैं इसकी परवाह बिलकुल नहीं करती और न ही शर्माती हूँ। मुझे लौड़ा पकड़ने की और लौड़ा पीने की जबरदस्त आदत है। और अब तो लौड़ा अपनी बुर में घुसेड़ कर चुदवाने की भी आदत पड़ गयी है। मैंने बताया न की मैंने उस दिन जब अपने ससुर के लौड़े की एक झलक देखी तबसे आज तक मैं पगलाई हुई सी घूम रही हूँ। मेरी चूत बहन चोद मुझे बेचैन करती है, मेरी चूंचियां मुझे परेशान करतीं है और मेरी गांड मुझे लण्ड पकड़ने के लिए उकसाया करती है।
एक दिन मैंने देखा की मेरी नन्द रफ़ा अपनी सहेली नूर से बात कर रही है। नूर को मैं जानती हूँ। मैंने सोंचा की क्यों न इन लोगों की बातें चुपके चुपके सुनूँ ? बस इसी ख्याल से मैं छुप कर उनकी बातें सुनने लगी।
- रफ़ा - यार नूर तुझे एक राज़ की बात बताऊँ ? मैं अपने अब्बू से थोड़ा दूर दूर ही रहती हूँ।
- नूर - ऐसा क्यों है री भोसड़ी की ? क्या तेरा अब्बू तुझे खा जाएगा ? क्या तू अपने अब्बू से डरती है ?
- रफ़ा - अब्बू से नहीं यार ,उसके लण्ड से डरती हूँ। सुना है की उसका लौड़ा बड़ा मोटा और लंबा चौड़ा है। अगर किसी दिन मेरी चूत में घुस गया तो मेरी चूत फट जाएगी बहन चोद ? मैं यही सोंच सोंच कर दूर दूर ही रहती हूँ।
- नूर - तुझे कैसे मालूम की तेरे अब्बू का लौड़ा इतना बड़ा है और इतना मोटा तगड़ा है ? अरी पगली लड़कियां तो ऐसे लण्ड के लिए तरसती रहती है और एक तू है जो दूर दूर भागती है ?
- रफ़ा - पहली बात तो यह की मैंने अपने अब्बू के लण्ड के बारे से खाला के मुंह से सुना है। वह एक दिन अपनी सहेली नगमा से बतला रहीं थी। तभी खाला बोली यार नगमा, जानती हो की मेरे जीजा का लौड़ा कितना मोटा तगड़ा है ? नगमा ने कहा नहीं यार मैं नहीं जानती हूँ तभी मैं तेरे जीजा का लौड़ा पकड़ना चाहती हूँ। वैसे तो मुझे तेरे मरद का लौड़ा भी खूब पसंद है। मैं जब उससे चुदवाती हूँ तो मुझे ज़न्नत का मज़ा आ जाता है। खाला ने कहा हां यार मैं भी जब तेरे मियां से चुदवाती हूँ तो मुझे भी बड़ा अच्छा लगता है। तेरे मियां का लौड़ा तो मेरे मन का लौड़ा है ? अभी कल ही चुदवाया था तेरे मियां से। नगमा बोली यार किसी दिन अपने जीजा का लौड़ा भी मेरी चूत में घुसा दो आतिफ़ा (मेरी खाला) मैं भी मज़ा लूटूँ उसके मस्ताने लण्ड का ? खाला ने हां कर दी और कहा जल्दी ही वह तेरी बुर लेगा तू चिंता न कर ?
- नूर - पर तू इतना घबराती क्यों है अपने अब्बू से ? क्या वह जबरदस्ती लौड़ा तेरी बुर में पेल देगा ?
- रफ़ा - नहीं यार मेरा अब्बू ऐसा नहीं है। वह अपनी बेटी चोदने की सोंच भी नहीं सकता ? लेकिन अब मैं जवान हो गयी हूँ। २१ साल की हूँ मैं। कभी कभी मैं भी फिसल जाती हूँ। मैंने एक दिन अम्मी को कहते हुए सुना है की जब लौड़ा टन्ना कर खड़ा हो जाता है तो फिर वह किसी की भी बुर में घुस सकता है। उस समय कोई रिस्ता नाता का ख्याल नहीं रहता ? और यही हाल बुर चोदी बुर का भी होता है ? वह भी जब कोई खड़ा लौड़ा देख लेती है तो दौड़ कर उसे अपने अंदर घुसेड़ लेती है। न लण्ड भोसड़ी का किसी के काबू में रहता है और न बुर चोदी बुर ? इसलिए मैं जितना अब्बू से डरती हूँ उतना ही मैं अपनी चूत से भी डरती हूँ। कहीं ऐसा न हो की किसी दिन मेरी चूत ही अब्बू का लौड़ा अपने अंदर घुसेड़ ले ?
उनकी बातें सुनकर मैं समझ गयी की मेरी नन्द किसी दिन अपने अब्बू से चुदवायेगी जरूर ? वह कहती है की मैं अब्बू से दूर रहती हूँ पर उसकी चूत उसका लौड़ा खाने के लिए मचल रही है। मुझे एक बात तो मालूम हो ही गयी की मेरी खाला सास मेरे ससुर से चुदवाती है। अब मैं अपनी खाला सास से नजदीकियां बढ़ाने लगी। इसके कई फायदे होंगें। एक तो मुझे ससुर का लौड़ा मिलेगा दूसरा खालू का भी लौड़ा मुझे अपनी चूत में घुसेड़ने को मिल जाएगा और खाला की सहेली नगमा के मियां का भी लण्ड मेरी बुर प्रेम से चोदेगा। यानी तीन तीन लण्ड का जुगाड़ तो हो चुका है।
अब मैं खाला सास को पटाने के लिए उसके इर्द गिर्द घूमने लगी और उससे प्यारी प्यारी बातें करने लगी। एक दिन मैं ऐसी ही बैठी हुई उसस बतला रही थी तो उसकी बेटी आती हुई दिखाई पड़ी। खाला सास ने मुझसे कहा देखो बहू रेशमा ये मेरी बेटी सलमा बुर चोदी २१ साल की हो गयी है। मस्त जवान हो गयी है और इधर उधर ससुरी अपनी माँ चुदवाती घूमती रहती है। कभी इसने सही में अपनी माँ नहीं चुदवाई। तब तक सलमा नजदीक आ गयी।
खाला सास बोली - अरी सलमा, किसकी झांटें गिन कर आ रही है तू भोसड़ी वाली ? ----अरे अम्मी झांटें गिनी नहीं जातीं. झांटें कौन भोसड़ी वाली गिन सकती है ? झांटें तो उखाड़ी जातीं है --- अच्छा तो तू झांटें उखाड़ने गयी थी क्या ? मैं तो झाटें गिन गिन के उखाड़ती हूँ बहन चोद --- अम्मी अब वो ज़माना गया, 'झांटें उखाड़ना' एक नॉन - वेज कहावत है इसका माने गुस्सा करना भी होता है और प्यार करना भी होता है --- अक्च्छा तो तू प्यार से झांटें उखाड़ रही थी की गुस्से से --- अरे अम्मी मैंने कहा न, सच में झांटें किसी की नहीं उखाड़ी जातीं --- क्यों नहीं उखड़ी जातीं ? पहले तो हम लोग गरम गरम राख से झांटें उखाड़तीं थीं अब आजकल हेयर रिमूवर आ गया है --- अम्मी आजकल कोई भी लड़की अपनी झांटों में हेयर रिमूवर नहीं लगाती। इससे झांटें उगना बंद हो जातीं हैं जबकि सब बुर चोदी झांटें रखना चाहती हैं। आजकल झांटें रेज़र से बनायीं जाती है ताकि झांटें और घनी घनी जग आएं , झांटें रखने से जवानी का पता चलता है अम्मी जान --- अच्छा तो क्या तू झांटों की खेती करती है मादर चोद --- अब तुम जो चाहो समझो मगर आजकल की लड़कियां झांटों की डिजाइन बनातीं है, बल्कि पार्लर में जाकर झांटों की डिजाइन बनवातीं है --- अरे वाह, लगता है की तू माँ की लौड़ी आजकल झाटों पर पी एच डी कर रही है।
यह सुनकर हम सब लोग हंसने लगीं।
मैंने कहा खाला सास, आजकल तो मैं भी झांटें रखती हूँ। वह बोली तो अच्छा है न ? मैं भी छोटी छोटी झांटें रखती हूँ। ये तो मैं सलमा से मजाक कर रही थी। झांटें तो आजकल के मरद भी रखतें हैं। मेरे मियां की झांटें हैं, मेरे नंदोई की झांटें है, मेरे जीजा यानी तेरे ससुर की भी की छोटी छोटी झांटें हैं ? मैंने कहा उसकी झांटें छोटी छोटी है मगर लौड़ा तो छोटा नहीं है न, सासू जी ? वह बोली हाय रब्बा, क्या कह रही है तू रेशमा ? अरी भोसड़ी की जानती है तू, की तेरे ससुर का लौड़ा सबसे बड़ा है, सबसे मोटा तगड़ा है और मस्त चोदने वाला है ? तुमको अभी तक किसी ने बताया नहीं क्या ? मेरी बेटी ने भी नहीं बताया तुम्हे ? जब की उसे सब मालूम है ? मैंने कहा नहीं सासू जी किसी ने नहीं बताया ? वह बोली अच्छा अब मैं तुम्हे उसका लौड़ा पकड़ा कर बताऊँगी ? मैंने जैसे ही यह बात सुनी वैसे ही मेरी चूत में दुगुनी आग लग गयी। मैंने मन में कहा अब तो अल्ला मियां ने काम बना दिया।
खाला सास ने कहा आज रात को १२ बजे मैं जब तुम्हे एक मिस्ड कॉल दूँगी तब तुम फ़ौरन मेरे कमरे में आ जाना ? बस मैं १२ बजे का इंतज़ार करने लगी। जैसे ही रात के १२ बजे वैसे ही मिस्ड कॉल आ गयी और मैंने कहा चलो चूत रानी आज तुझे सबसे बड़ा लौड़ा मिलने वाला है। मैं खाला सास के कमरे घुस गयी। कमरे में लाईट जल रही थी। सब कुछ साफ़ साफ़ दिखाई पड़ रहा था। मैंने देखा की खाला जान ससुर का लौड़ा हिला रहीं है। ससुर का मुंह दूसरी तरफ था वह मुझे नहीं देख पाया। मेरी नज़र जब लौड़े पर पड़ी तो मेरी चूत भनभना उठी। मेरी आँखें खुली की खली रह गयी। मैं तो एकटक लौड़ा ही देखने लगी। इतने में खाला सास बोली अरी भोसड़ी की रेशमा बहू क्या देख रही है माँ की लौड़ी ? तूने कभी इतना बड़ा लौड़ा नहीं देखा क्या ? वहां दूर क्यों खड़ी है बुर चोदी ? नजदीक आ ना और पकड़ कर देख अपने मादर चोद ससुर का लण्ड ? तब तक मेरा ससुर बोला अरे आतिफ़ा ये रेशमा यहाँ कैसे आ गयी ?
खाला सास बोली भोसड़ी के जीजू क्या बहू को यहाँ आना मना है ? क्या उसके पास चूत नहीं है ? क्या उसे लौड़ा नहीं चाहिए ? माँ का लौड़ा मेरा भोसड़ा चोदता है तू, मेरी बिटिया की बुर चोदता है तू, मेरी नन्द की बुर में लौड़ा घुसेड़ता है तू ? मेरी देवरानी की चूत में लण्ड पेलता है तू ? तो क्या तू अपनी बहू की बुर में लण्ड नहीं घुसा सकता ?
मैं अच्छी तरह जानती हूँ तुझे ? जिस दिन से बहू घर में आई है उसी दिन से तेरा लौड़ा उछला उछला घूम रहा है उसकी बुर में घुसने के लिए ? और अब तू हरामजादा नाटक कर रहा है। तब तक मैंने लौड़ा पकड़ लिया था। वह बोली और अब देख न तेरा लौड़ा कैसे बहू के हाथ में जाकर हिनहिनाने लगा है ? खाला सास ने तब तक मेरे कपड़े उतार कर मुझे नंगी कर दिया। वह तो बुर चोदी नंगी थी ही और नंगा था मेरा भोसड़ी का ससुर ?
खाला सास की मस्तानी बातें सुनकर मेरी चूत की आग धधकने लगी। मुझे मालूम हो गया की ये बहन चोद ससुर तो खुद मुझे चोदने के लिए तड़प रहा है। मेरी नज़र तो लण्ड से हट ही नहीं रही थी। मैंने उसे कई बार चूमा, उसके पेल्हड़ चूमे, और जबान निकाल कर सुपाड़ा चाटने लगी। ससुर मेरी चूत सहलाने लगा। मेरी गांड पर हाथ फेरने लगा और मेरी जांघें मसलने लगा।
मैंने कहा :- लौड़ा तो ९" लंबा है सासू जी और मोटा तो बहन चोद ६" का है ? ऐसा लौड़ा तो अरब का होता है या फिर मलेसिया वालों का या फिर नीग्रो का ?
वह बोली :- हाय दईया रेशमा, तेरी माँ का भोसड़ा ? बड़ी जानकारी है तुझे लण्ड के बारे में ? अपनी माँ की चूत में पेलती है क्या इतने लण्ड ? लगता है की तू दर्जनों लण्ड खा चुकी है, भोसड़ी की ?
मैंने कहा :- अरे नहीं सासू जी, मैंने यह सब नेट में देखा है और पढ़ा भी है। अब मैं तुझे नेट पर भी दिखाऊँगी बड़े बड़े लण्ड ?
मैं यह सब कह ही रही थी की इतने में ससुर ने पेल दिया लण्ड मेरी चूत में ? मैं चिल्ला पड़ी। उई माँ मर गयी ! इस भोसड़े वाले ने एकदम से पेल दिया लण्ड मेरी चूत में ! बड़ा मादर चोद है अम्मी मेरा ससुर ? साला इसी तरह अपनी बिटिया की बुर भी चोदता है ? उई माँ, घोड़े जैसा लण्ड है इसका अम्मी ?
खाला सास बोली :- तो बुर चोदी अम्मी को क्यों बुला रही है ? अपनी माँ का भोसड़ा भी चुदवायेगी क्या तू रेशमा ? माँ चुदाना हो अपनी तो बता मुझे ?
मैंने कहा :- आरी मेरी भोसड़ी की खाला सास, जब तू चुदवा सकती है अपना भोसड़ा तो मेरी माँ क्यों नहीं चुदवा सकती अपना भोसड़ा ? उसे भी इस तरह के लण्ड बहुत पसंद हैं। वह भी तेरी तरह जवान है। और फिर क्या तू अपने इस भोसड़ी वाले जीजू को रोक लगी उसे चोदने से ? अरे मेरा ससुर तो खुद ही उसका भोसड़ा चोदने के लिए बेताब है ? यह बात तो इसका लण्ड बता रहा है मुझे ? मैंने जैसे ही अपनी माँ की चूत की बात की वैसे इसका लौड़ा फुफकार मारने लगा ? अब मैं जान गयी खाला सासू जी की मेरा ससुर, बहन का लण्ड, बड़ा चोदू है ? इस तो बस बुर चाहिए बुर ? इसके लण्ड को भी सिर्फ बुर चाहिए बुर ?
बस मैं भकाभक चुदवाने लगी। चुदवाने के बाद मैंने खाला सास का शुक्रिया अदा किया। वह बोली रेशमा मैं तेरे साथ हूँ। अब ऐसा कर पहले तू मेरे शौहर से चुदवा ले। उसका लौड़ा भी तुझे पसंद आएगा। मैं तुझे एक राज़ की बात बता दूँ की तेरी सास मेरे मियां का लौड़ा अपनी चूत में अक्सर घुसेड़ती है। मेरे मियां से चुदवाना उसका शौक है। और तेरी नन्द भी बुर चोदी उससे चुदवाती है। मैं मन ही मन बहुत खुश हुई की मुझे बिन मांगें वो मिल रहा है जो मैं लेना चाहती हूँ। मैं यह भी जान गयी की मेरी नन्द रफ़ा अपने खालू से चुदवाती है। शायद इसीलिए वहअपने अब्बू से भी चुदवाना चाहती है।
अगली रात को मैं खालू ससुर से रूबरू हो गयी। उसे मालूम था की मैं किसलिएआई हूँ। इसलिए न उसने देर लगायी और न मैंने। मैंने तो फ़ौरन उसकी लुंगी खींच ली। उसने अंदर कुछ नहीं पहना था। वह मेरे आगे बिलकुल नंगा हो गया। मैंने उसका लौड़ा पकड़ लिया और आहिस्ते आहिस्ते हिलाने लगी। उसने मेरे कपड़े उतार दिया और मेरी चूंचियां सहलाने लगा। लौड़ा बढ़ने लगा और जब पूरी तरह खड़ा हो गया तो बिलकुल मेरे ससुर के लण्ड की तरह हिनहिनाने लगा। मैंने मन में कहा खाला सास सही कह रही थी। मैंने लौड़ा चूमा और पूंछा क्या मेरी नन्द रफ़ा तुमसे चुदवाती है ? वह बोला हां बिलकुल चुदवाती है। वह तो बड़ी मस्त होकर चुदवाती है। बड़े मजे से चूसती है मेरा लण्ड ? मैंने मन में कहा तो रफ़ा भोसड़ी की मुझे चूतिया बना आ रही थी। उसकी चूत तो बड़े बड़े लण्ड बर्दास्त करती है। मैंने फिर पूंछा क्या तेरी बेटी सलमा भी रफ़ा केअब्बू से चुदवाती है ? वह बोला हां हां चुदवाती है तो इसमें हैरानी की क्या बात है। यहाँ तो लड़कियां एक दूसरे केअब्बू से चुदवातीं है। इसमें किसी को कोई ऐतराज़ नहीं है।
इतने में उसने लौड़ा मेरी चूत में गप्प से घुसेड़ दिया और मैं बेफिक्र होकर चुदवाने लगी। इसका लौड़ा भी बड़ा मजेदार निकला। चुदवाने के बाद मैं बाहर जा रही थी तो दूसरे कमरे से आती हुई आवाज़ मैंने सुनी। मैं तुरंत कमरे के पास गयी और झाँक कर देखने लगी। वह आवाज़ किसी और की नहीं बल्कि रफ़ा की थी। वह बोल रही थी हाय अब्बू भोसड़ी के इतना बड़ा लौड़ा पेल दिया तूने मेरी चूत में ? तेरी बहन की चूत साले ? तूने मेरी चूत को अपनी साली का भोसड़ा समझ लिया क्या ? ये बुर चोदी खाला बैठी बैठी मेरी बुर चुदवा रही है, अब्बू। तेरे जैसा मोटा लण्ड तो यहाँ किसी का नहीं है। कल तूने मेरी भाभी की बुर चोदा और आज तू मेरी बुर चोदने लगा ? बड़ा बेशर्म है तू और तेरा ये भोसड़ी का लण्ड ? ये मेरी बुर चोदी खाला हैं न ? कल इसी ने तेरा लण्ड मेरी भाभी की बुर में पेला था और आज इसी ने तेरा लण्ड मेरी बुर में पेल दिया है ?
फिर मैं अंदर घुस गयी और बोली अरी भोसड़ी रफ़ा मैं जानती थी की तू किसी दिन अपने अब्बू से चुदवाने वाली है। तेरी चूत चुदवाने के लिए मचल रही थी। जबसे तुझे मालूम हुआ की तेरेअब्बू का लौड़ा सबसे बड़ा और मोटा है तबसे तू इससे चुदवाने के फिराक में घूम रही थी और आज सबको चूतिया बना रही है तू ? वह बोली अरी भाभी तुम तो जानती हो की जब चूत भोसड़ी की गरम हो जाती है तो फिर कोई नाता रिस्ता नहीं देखती। मेरे साथ भी वही हुआ। मैं तो अब्बू के लण्ड से रूबरू होना चाहती थी। और मेरी चूत भी उसके लण्ड का दीदार करना चाहती थी। आज यह सब हो गया न ? रेशमा भाभी अब तुम भी आओ एक बार मेरे सामने चुदवा लो अपने ससुर से ?
बस, मैं आगे बढ़ी और लण्ड पकड़ कर चूमने लगी। फिर क्या हम दोनों उसके लण्ड का खूब मज़ा लूटा। ऐसे ही एक दिन रफ़ा का शौहर आ गया यानी मेरा नंदोई। मैंने उसे पहली बार देखा तो दिल दे बैठी। मेरे मुंह से निकला हाय अल्ला, कितना हैंडसम है तेरा मियां नन्द रानी ! फिर मैंने मन बना लिया की आज ही रात को मैं इसका लण्ड चोदूँगी। रात को करीब १२ बजे मैं नन्द के कमरे में घुस गयी। वह पलंग पर बैठी थी और उसके बगल में बैठा था उसका मियां। रफ़ा बोली भाभी जान तुम अच्छे मौके से आ गयी हो। देखो ये मेरा शौहर है न ये तो तेरे पे मर मिटा है। जबसे तुम्हे देखा है तब से तेरी खूबसूरती की तारीफ किये जा रहा है। मैंने कहा वाओ, ऐसी बात है क्या ? वैसे मेरा नंदोई भी बांका छोरा है किसी से कम नहीं है। वह तपाक से बोली अरे तो फर क्या भाभी जान पकड़ लो न इसका लण्ड ? ऐसा कह कर उसने मेरा हाथ पकड़ कर अपने मियां के लण्ड पर रख दिया। मैंने भी लण्ड ऊपर से दबा दिया तो मेरी मंशा उसे मालूम हो गयी। उसने भी आगे बढ़ कर मेरी चूँचियाँ दबा दीं। तब रफ़ा बोली आज की रात मेरा मियां तेरे साथ ? आज तुम मेरे सामने इसका लण्ड चोदो भाभी जान ?
उसके बाद मैंने उसका लण्ड चोदने में कोई कसर उठा नहीं रखी।
उसके बाद मैंने उसका लण्ड चोदने में कोई कसर उठा नहीं रखी।
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