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मुझे लण्ड बदन पर घुमाना अच्छा लगता है - Mujhe lund badan par ghumana hai
मुझे लण्ड बदन पर घुमाना अच्छा लगता है - Mujhe lund badan par ghumana hai , लंड से प्यार होने लगा है , सपना और चौधरी की चुदाई , हरयाणवी डांसर भी कमाल के है , चोदा चादी और चुदास अन्तर्वासना कामवासना , चुदवाने और चुदने के खेल , चूत गांड बुर चुदवाने और लंड चुसवाने की हिंदी सेक्स पोर्न कहानी.
मैं जब 19 साल की थी तभी अम्मी जान ने मुझे लण्ड पकड़ा दिया था। गर्मी के दिन थे मैं कॉलेज से आयी थी। दिन के ३ बजे थे। अम्मी ने मुझे आवाज़ दी और कहा बेटी यहाँ ये सी चल रहा है तुम यही आ जाओ। मैं जब कमरे में घुसी तो देखा की अम्मी तो अपने सारे कपड़े उतारे हुए बैठीं हैं। उसे मेरे सामने नंगी नंगी बैठने कोई शर्म नहीं आ रही थी। उसके बगल में एक आदमी लेटा था। वह चादर ओढ़े था इसलिए मैं उसे पहचान नहीं पायी। लेकिन मुझे महसूस हुआ की अम्मी जान कुछ चादर के ऊपर नीचे कर रही हैं। मैं जब नजदीक गयी तो अम्मी ने फ़ौरन चाहदार हटा दी। उसके अंदर एक मोटा तगड़ा लण्ड मुझे दिखाई पड़ा। अम्मी ने कहा बेटी लो इसे पकड़ कर देखो और बताओ की तुम्हे ये लण्ड पसंद है की नहीं। मैं थोड़ा झिझकी और वापस जाने लगी तो वह बोली बुर चोदी समीना तेरी माँ का भोसड़ा ? अब तो तू जवान हो गयी है। लण्ड पकड़ने में तेरी गांड फट रही है क्या ? मुझे दखो मैं नंगी बैठी हूँ तेरे सामने लण्ड हिला रही हूँ मुझे तो बहन चोद कोई शर्म नहीं है तो फिर तू क्यों शर्माती है ? तू बस इतना बता दे की आरिफ अंकल का लण्ड मोटा है की इसका लण्ड ? मैं सब जानती हूँ बेटी। मुझसे कुछ भी छुपा नहीं है। वह समझ गयी की मैंने उसे आरिफ अंकल का लण्ड पीते हुए देख लिया है। वह सोंचने लगी कि उस दिन तो अम्मी जान घर पर थी ही नहीं तो फिर देख कैसे लिया ? वह बड़ी असमंजस में पड़ गयी तब मैंने कहा अरे बेटी आरिफ अंकल का लण्ड मैं बहुत दिनों से पी रही हूँ। उसी ने मुझे बताया। उसने फिर हाथ बढ़ाकर लण्ड पकड़ लिया और मजे से हिलाने लगी। वह मेरे कहने पर एक एक करके कपड़े भी उतारने लगी।
मैंने पूंछा - बेटी मुझे सच सच बताओ तुमने आरिफ अंकल से लण्ड पीते हुए क्या कहा था ?
वह बोली - मैंने कहा था की मेरी बुर चोदी अम्मी का भी भोसड़ा चोद लो अंकल ?
मैंने फिर पूंछा - और भी तुमने कुछ कहा था।
वह बोली - हां अम्मी जान, मैंने यह भी कहा था की मैं बहुत बड़ी बुर चोदी हूँ, मादर चोद हूँ मैं। यह बात एक न एक दिन मेरी अम्मी भोसड़ी वाली को पता चल ही जायेगा। पर मैं उसकी झांट परवाह नहीं करती ? वह मेरी एक झांट भी नहीं उखाड़ पायेगी।
मैंने पूंछा - ऐसा क्यों कहा तुमने बेटी ?
वह बोली - क्योंकि मैंने तुम्हे एक दिन फ़राज़ अंकल से चुदवाते हुए देख लिया था, अम्मी जान ? तब मैं जान गयी थी तू गैर मर्दों से खूब चुदवाती है। जो खुद इतनी बड़ी चुदक्कड़ है वो मुझे क्या खाक़ रोकेगी ?
मैंने कहा - तेरी माँ की चूत ? बहन चोद तूने मेरी जासूसी कर डाली।
वह बोली - तू तो बहुत बड़ी बेटी चोद है, अम्मी ? मैं लण्ड पीने में तुमसे कम नहीं हूँ। और सुनो अम्मी जान तेरी बेटी की माँ का भोसड़ा ?
मैंने भी जबाब दिया - बेटी, तेरी माँ की बिटिया की बुर ? अब तो पेल दे लण्ड अपनी माँ की चूत में ?
वह उसी दिन से अपनी माँ चुदवाने लगी। फिर हम दोनों दोस्त हो गयी। उसकी शादी के पहले मैंने दो लड़कों को बुलाया और लण्ड अदल बदल कर रात भर चुदवाया। तब मैंने कहा था की बेटी अपनी ससुर का लण्ड जरूर चोदना ? मैंने सुना है की उसका लण्ड बहुत बड़ा है और मोटा भी। मैं चाहती हूँ की तू इतने बड़े लण्ड का मज़ा जरूर लूटे। कुछ दिन बाद उसकी शादी हो गयीऔर वह अपनी ससुराल चली गयी। मैंने एक दिन फिर फोन पर कहा बेटी ससुर का लण्ड चोदा करो। बड़ा मज़ा आएगा तुम्हे।
अब आगे की कहानी आप मेरी बेटी से सुनिए :-
जिस समय मेरी अम्मी का फोन आया उस समय मैं अपने ससुर के लण्ड पे चढ़ी बैठी थी और बड़ी मस्ती से चोद
रही थी उसका लण्ड ? पहली बार मुझे उसका लण्ड चोदने का मौक़ा मिला था इसलिए मैं एक मिनट भी बर्बाद नहीं करना चाहती थी। मैं तूफ़ान मेल की तरह लण्ड पर अपनी गांड पटक पटक कर लण्ड चोदने में जुटी थी। मेरी उछलती हुई चूचियाँ देख देख कर मेरा ससुर बड़ा मज़ा ले रहा था और उसका 8" का मोटा लण्ड भी सख्त होकर टन टनाता जा रहा था। जब फोन की घंटी बजी तो मैंने मन में कहा इस समय किस बुर चोदी ने फोन की घंटी बजा दी ? लण्ड चोदने में मुझे डिस्टर्ब कर रही है। लेकिन जब फोन पर अम्मी का नाम देखा तो मैंने चुपचाप फोन उठा लिया। मैंने कहा हां अम्मी बोली क्या बात है ? वह बोली तुमसे कुछ बात करनी है, बेटी । कर सकती हूँ क्या ? मैंने कहा अभी नहीं अम्मी। एक घंटे के बाद फोन करना अभी मैं अपने ससुर का लण्ड चोद रही हूँ। वह बोली हाय अल्ला, क्या बात है ? अलीका मैं यही तो चाहती थी। तू ठीक कर रही है। खूब मस्ती से चोदना बेटी अपने ससुर का लण्ड ? खूब भकाभक चोदना उसका लण्ड ? उसे भी मलूम हो की उसकी बहू की चूत कितनी ताकतवर है ? छक्के छुड़ा देना उसके लण्ड के बेटी ? मैं बाद में बात करुँगी। मैंने फोन रख दिया और फिर लण्ड चोदने में व्यस्त हो गयी।
दोस्तों, मैं २६ साल की एक खूबसूरत बीवी हूँ। मेरी शादी अभी ३ महीने पहले हुई है। मैं अभी ससुराल में हूँ और अपने ससुर का लण्ड चोद रही हूँ। मेरा शौहर दुबई चला गया है। वह मुझे भी एक साल के बाद शायद वहां ले जाएगा। मैं यहाँ सब लोगों से चुदवाना चाहती हूँ। सबके लण्ड का मज़ा लेना चाहती हूँ। अभी कल मैंने अपने बड़े देवर से चुदवाया तो खूब मज़ाआया। कल ही रात में मैंने अपनी ससुर का लण्ड देख लिया था। मेरे ससुर को ब्लू फिल्म देखने का बड़ा शौक है। वह रात में नंगा होकर ब्लू फिल्म देखता है। यह बात मुझे मेरी नन्द ने ही बताई थी। मैंने खिड़की का एक कोन खोल रखा था बस रात मैं उसी कोने से मैं उसे देखती रही। वह फिल्म देख रहा था और मैं उसका लण्ड देख रही थी। मेरी चूत में आग लग गयी बहन चोद । खड़ा लण्ड देख कर आग और भड़क उठी। साला ८" लम्बा लण्ड बड़ा मोटा था। मेरी चूत मुझे परेशान करने लगी। इतने में वह बाथ रूम गया। बस मैं उसी समय उसके कमरे में घुस गयी। वह जब वापस आया तो मुझे देखा। मैं बोली ससुर जी मैं भी ब्लू फिल्म देखने की शौक़ीन हूँ। मैं देखूंगी ब्लू फिल्म। मैं उसके बगल में बैठ गयी। मैंने फिल्म देखते देखते अपना हाथ उसके लण्ड पर रख दिया।
उसने ऐतराज़ नहीं किया। मैं जान गयी की इसका भी लण्ड पकड़ाने का मन है। मैं हाथ और बढ़ाती गयी। हाथ से लण्ड दबा दिया। फिर मैंने हाथ लुंगी के अंदर घुसेड़ दिया। तब भी वह कुछ नहीं बोला। मेरी हिम्मत बढ़ गयी। मैंने फिर लण्ड पकड़ लियाऔर बड़े प्यार से कहा हाय अल्ला, ससुर जी तेरा लण्ड तो फिल्म वाले लण्ड से ज्यादा मोटा है। मेरी बात सुनकर उसने मुझे अपनी तरफ खींचा और चिपका लिया। उसका लण्ड मेरी जाँघों से टकराने लगा। मेरी झांटों तक पहुँच गया लण्ड। मेरी चूत पर मंडराने लगा लण्ड ?
मैंने उसकी लुंगी खोल कर फेंक दी। वह मेरे सामने एकदम नंगा हो गया। मैंने भी अपने कपड़े खोल डाले और मैं भी उसके सामने नंगी हो गयी। वैसे भी मुझे मर्दों के आगे नंगी होने में बड़ा मज़ा आता है। अब मैं बेशर्मी पर उतारू हो गयी। मैं उसके ऊपर चढ़ बैठी और चूत उसके मुंह पर रख दी। मैं चाहती थी की वह मेरी बुर चाटे और मैं उसका लण्ड ? बस वह वाकई बुर चाटने लगा और मैं झुक कर उसक लौड़ा चाटने लगी। मुझे लण्ड का टोपा बड़ा खूबसूरत लग रहा था। रात में साला लौड़ा बड़ा अच्छा लगता है। और रात में लौड़ा के आगे कुछ और सुहाता भी नहीं। लौड़ा किसी का भी हो मन करता है की इसे मुंह में ले लूँ और फिर चूत में पेल लूँ। मेरे सामने जब लण्ड होता है तो मैं भूल जाती हूँ की किसका लण्ड है। मैं तो बस लण्ड पकड़ कर चूसने लगती हूँ। मैंने ससुर के लण्ड का सुपाड़ा पूरा मुंह में भर लिया और अंदर हीअंदर उसके चारों तरफ जबान घुमाने लगी। ससुर बोला हाय रे कितना मज़ा आ रहा है। बहू इस तरह तो मेरा लण्ड मेरी बेटी भी नहीं चूसती ? तू उसे सिखा दे न ? मैंने कहा हाय दईया तो क्या तेरी बेटी तेरा लण्ड पकड़ती है। वह बोला जवानी में सब कुछ जायज़ है बहू। बेटी हो चाहे बहू भाभी हो चाहे बहन , सबकी सब पकड़ लेती हैं लण्ड ? और फिर मैं सबकी बुर में पेलता हूँ लण्ड ? मैं चोदने में कोई नाता रिस्ता नहीं देखता। मुझे तो सिर्फ चूत दिखाई पड़ती है ?
ऐसा कह कर वह मेरे मुंह में घुसा हुआ लण्ड बार बार आगे पीछे करने लगा। मेरा मुंह ही बुर समझ कर चोदने लगा। मुझे भी मस्ती आने लगी। फिर में लण्ड मुंह से निकाला और अपनी चूचियों पर फिराने लगी। पूरे बदन की शैर कराने लगी लण्ड की। मुझे लण्ड अपने बदन पर घुमाना भी बड़ा अच्छा लगता है। मैं जब लण्ड अपनी चूत के पास ले गयी तो ससुर का मन मचल गया। उसने लण्ड चूत पर टिका दिया और एक धक्का मारा लण्ड सट्ट से घुस गया अंदर और मैं चिल्ला पड़ी। उई अम्मी इसने तो फाड़ दी मेरी चूत ? हाय अल्ला, कहीं चूत के चीथड़े न हो जाएँ। मैंने कहा बड़ा मोटा है तेरा भोसड़ी का लण्ड ससुर जी ? फिर तो उसकी स्पीड और बढ़ गयी। मुझे मज़ा आने लगा। मैं भी चुदाई में साथ देने लगी। मैंने पूंछा ससुर जी तुम्हे अपनी बेटी की बुर कैसी लगती है ? वह बोला जवानी में सबकी बुर अच्छी होती है। मस्त होती है और मज़ा देती हैं। उसकी भी बुर तेरी बुर की तरह ही है। मैं भी गाड़ उठा उठा के चुदवाने लगी।
चुदवाया तो मैंने पहले भी बहुत है पर चुदाई का मज़ा आज बहुत ज्यादा आया । एक तो मेरे ससुर का लौड़ा बड़ा मोटा तगड़ा है , दूसरे उसके चोदने की स्टाइल बहुतअच्छी है । मैंने कहा ससुर जी तुम बुर बहुत अच्छी तरह से चोदते हो। तो वह बोला अरे बहू मैं तो दर्जनों बुर चोद चुका हूँ और आज भी दर्जनों बुर चोदता हूँ। इसलिए मैं अब एक्सपर्ट हो गया हूँ। हमारे मोहल्ले की कोई ऐसी लड़की नहीं है जो मुझसे चुदवाती न हो ? शादी हो जाने के बाद भी मुझसे चुदवाने आती हैं। लड़कियों की माँ भी खूब चुदवाने आती हैं। मुझे भोसड़ा चोदने में उतना ही मज़ा आता है जितना की लड़कियों की बुर चोदने में ? उससे गन्दी गन्दी बातें करके मैं तो मस्त हो गयी और थोड़ी देर में खलास हो गयी और उसके बाद वह भी खलास हो गया। फिर मैं बाथ रूम गयी और वहां से वापस आ रही थी तो नन्द की कमरे की तरफ मुड़ गयी। मैं झाँक कर अंदर देखने लगी। मैंने देखा की मेरी नन्द भी किसी से चुदवा रही है। चोदने वाला आदमी भी मेरे ससुर के बराबर था लेकिन मैं उसे पहचान नहीं पायी। इसी बीच लौड़ा उसकी चूत से बाहर निकला तो मैं लौड़ा देख कर दंग रह गयी। उसका लौड़ा भी ससुर के लौड़े जैसा था। मेरा मन फिर मचलने लगा।
मैं ससुर के कमरे में ही नंगी लेट गयी। वह मेरे बगल में नंगा लेट गया। मैं जब सवेरे उठी तो उसके लण्ड पर नज़र पड़ी। लण्ड बहन चोद शेर की तरह लेटा था। उसका टोपा बाहर निकला हुआ था ही। चिकना चिकना और साफ़ सुथरा तोप बड़ा खूबसूरत लग रहा था। मेरा दिल लण्ड पर फिर आ गया। मुझे प्यार आ गया और मैं झुक कर जबान से लण्ड का टोपा उठाने लगी। मैंने हौले से उठाया तो वह उठ भी गया। मैंने उसे मुंह में लिया और आहिस्ता आहिस्ता जबान से सुपाड़ा चाटने लगी। इतने में वह जग गया। बोला अरे बहू लण्ड पूरा ले लो मुंह में ? अचानक लण्ड टन टना कर खड़ा हो गया। वह मेरी बुर सहलाने लगा। मेरा मूड बन गया तो मैं लण्ड पर चढ़ बैठी। लण्ड मेरी चूत में गचाक से घुस गया और मैं थोड़ा झुक कर कूद कूद कर लण्ड चोदने लगी। तभी मेरी अम्मी का फोन आ गया। उस पर जो बात चीत हुई वो सब आपने ऊपर पढ़ा।
चुदाई के बाद मैं अपने कमरे में चली गयी। थोड़ी देर में मेरी नन्द मेरे पास आ गयी।
- वह बोली हाय भाभी तुम्हे मेरे अब्बू का लण्ड कैसा लगा ?
- मैंने कहा लण्ड तो बड़ा मोटा और मस्त है यार। मज़ा आ गया उससे चुदवाने में ? पर तू बता भोसड़ी की तू किससे चुदवा रही थी। किसका लण्ड पेल रही थी अपनी चूत में ? मैंने तुझे चुदवाते हुए देखा था।
- अरे भाभी मैं भी अपने ससुर का लण्ड पेल रही थी अपनी चूत में ? मुझे उससे चुदवाने में बड़ा मज़ा आता है। उसका भी लण्ड साला अब्बू के लण्ड की तरह है।
- तो फिर किसी दिन मेरी भी चूत में पेल दे अपने ससुर का लण्ड नन्द रानी ?
- हां भाभी जरूर पेलूंगी। अभी पिछले हफ्ते जब वहआया था तो मैंने अपनी माँ के भोसड़ा में पेला था उसका लण्ड ? अम्मी को तो ज़न्नत का मज़ा आया उससे चुदवाकर।
- तो क्या सासू जी ने कल किसी से नहीं चुदवाया ? क्योंकि उसका मियां तो मुझे चोद रहा था।
- अरे भाभी तेरी सासू यानी मेरी अम्मी बिना चुदवाये कभी रह सकती है भला ? कल वह अपने जीजू से भकाभक चुदवा रही थी। जैसे तूने मुझे अपने ससुर से चुदवाते हुए देखा वैसे ही मैंने अम्मी को अपने जीजू से चुदवाते हुए देखा। उसका लौड़ा भी शानदार है भाभी ?
- हाय अल्ला, इसका मतलब यहाँ सबके लौड़े मोटे तगड़े हैं, मेरा भी मन माँ चुदाने का हो रहा है।
- हां भाभी तुम किसी दिन बुला लो अपनी माँ को। लण्ड तो बड़े मोटे मोटे मैं पेलूंगी उसके भोसड़ा में ?
नन्द तो चली गयी तब मैंने अम्मी को फोन लगाया। मैंने कहा हां अम्मी अब बोलो क्या कह रही थी तुम ? वह बोली हां मैं यह कह रही थी की बेटी तुम कब आओगी ? कल शब्बीर अंकल आया था वह तुम्हारी याद कर रहा था। अभी दो दिन पहले वह दुबई से आया है उसके साथ उसका एक दोस्त भी था। वह अरब का ही रहने वाला है। यह इंडिया घूमने आया है। बेटी उसे देख कर मेरी नियत ख़राब हो गयी। तभी मैंने तुझे फोन किया था। तुम अगर यहाँ होती तो कितना अच्छा होता ? अरब वालों के लण्ड बड़े खूबसूरत मोटे और मजबूत होतें है बेटी ? मेरा मन था की तुम उससे चुदवाओ ? उसके लण्ड का मज़ा लो ? मैंने कहा तो फिर रात में तुमने चुदवाया,अम्मी ? हां बेटी मैंने दोनों से एक साथ चुदवाया। मेरा भोसड़ा साला पनाह बोल गया। आज सवेरे से उसे शराब पिला रही हूँ। अब कहीं जाकर ठीक हुआ है। भोसड़ा साला आधी बोतल शराब पी गया। तू बता तेरे ससुर का लौड़ा कैसा है ? मैंने कहा अरे अम्मी बड़ा मस्त और जबरदस्त है लौड़ा, किसी दिन तेरा भोसड़ा चोदेगा अम्मी ? मैं उसे जल्दी ही तेरे पास ले के आऊंगी।
तब तक नन्द आ गयी वह बोली भाभी मेरी अम्मी और अब्बू दो दिन के लिए बाहर जा रहें है। मेरा ससुर भी जाने वाला था लेकिन मैंने उसे इशारे से रोक लिया है। फिर उसने मेरे कान में कहा आज रात मैं उसका लण्ड तेरी चूत में पेलूंगी भाभी ? मैं भी मुस्करा पड़ी। मैंने कहा तू बहुत शरारती है मेरी नन्द रानी। अब तू बता मैं किसका लण्ड तेरी चूत में पेलूंगी। बस हम दोनों इसी बात पर हंसने लगीं . रात में वह मेरे पास आई और बोली भाभी तैयार हो न चुदाने के लिए ? मैंने कहा हां बिलकुल तैयार हूँ। करा इतना कहना हुआ की उसका ससुर फ़ौरन मेरे सामने आ कर खड़ा हो गया। तब मैंने उस ठीक से देखा। आदमी तो मुझे ढंग का लगा। तब तक मेरी नन्द उसके कपडे खोलने लगी। पैजामा छोड़ कर सारे कपड़े उतार लिया। तब तक उसका खालू आ गया। नन्द ने उसके भी कपड़े खोलना शुरू कर दिया। वह केवल पैजामे में आ गया।
इधर वह घूमी और अपने कपड़े उतारने लगी। अपनी चूचियाँ खोल कर दोनों के आगे खड़ी हो गयी। उसने मेरी भी चूचियाँ नंगी कर दीं। बस वह और मैं दोनों पेटीकोट ही पहने रही। उसने अपने ससुर का हाथ मेरी नंगी चूचियों पर रख दिया। वह मेरी बूब्स मसलने लगा और उसका खालू नन्द के बूब्स दबाने लगा।
नन्द बोली :- भोसड़ी के खालू कल तूने मेरी माँ चोद ली। और आज मेरे पीछे पड़े हो।
वह बोला :- अरी अज़रा मैं तो तुम्हे भी चोदना चाहता था लेकिन तू तो अपने ससुर के लण्ड पर बैठी थी।
वह बोली :- तो क्या हुआ आ जाता तो मैं तेरे लण्ड पर भी बैठ जाती ?
खालू बोला :- इसलिए मैं तेरी माँ के पास चला गया। उसने मुझे देखते ही मेरा लण्ड पकड़ लिया। जब लण्ड उसके हाथ में आया तो वह उसके मुंह में भी घुसा और उसकी चूत में भी।
वह अपने खालू का लण्ड चूसने लगी और मैं उसके ससुर का लण्ड। मुझे लगा की लण्ड वाकई मेरे ससुर के लण्ड के बराबर है। इससे चुदवाने में मज़ा आएगा। जवानी का हाल ऐसा ही होता है। जितने लण्ड पकड़ो उतने लण्ड और पकड़ने का मन करता है। जितना चुदवाओ उतना और चुदवाने का मन करता है। मुझे इस समय नन्द के ससुर का लण्ड बड़ा प्यारा लग रह था। मेरी उसके खालू का लण्ड भी दख रही थी। यह पहला मौका है जब मेरी नन्द मेरे साथ चुदवायेगी। आज मैं उसे पूरी नंगी देख रही हूँ और वह भी मुझे नंगी देख रही है। मैं देख रही हूँ की मेरी नन्द लौड़ा कैसे चाटती है। कैसे चूसती है और कैसे अपनी चूत में घुसेड़ती है। मैंने फिर उसके ससुर को बेड पर लिटा दिया और उसकी दोनों टांगो के बीच बैठ गयी। मेरे बगल में उसका खालू भी टाँगे फैलाकर लेट गया पर उसकी गांड ससुर के मुंह की तरह थी। मेरी नन्द भी मेरी तरह उसकी टांगों के बीच बैठ कर लण्ड हिलाने लगी। हम दोनों के मुंह आमने सामने हो गये। हम एक दूसरे को देख देख कर लण्ड कभी हिलाती, कभी उसे चाटती, कभी उसे मुंह में लेती, कभी लण्ड पर थप्पड मारती उसे पुचकारती और कभी उसे गालियां सुनाती। भोसड़ी के लण्ड राजा आज तुम बहुत खुश नज़र आ रहे हो। आज तू माँ का लौड़ा मेरी चूत चोदेगा। लगता है की तू मेरी माँ चोदेगा। बड़ा मोटा हो गया है तू मादर चोद ,,,,,,? मुझे चुम्मी ले ले कर लण्ड को गालियां सुनाना बड़ा अच्छा लगता है।
मुझे लण्ड से खेलने का बड़ा शौक है। मैं पहले लण्ड का खेल खेलती हूँ फिर चुदवाती हूँ। फिर मैंने लण्ड अपने हाथों की गदलियों के बीच रखा और दोनों हाथों से रगड़ने लगी जैसे मथानी चलायी जाती है। मैं लण्ड मथने लगी। मुझे देख मेरी नन्द भी वैसा ही करने लगी। दोनों मरद इसका मज़ा लेने लगे। लण्ड भी साले मस्ती से झूमने लगे। थोड़ी देर में उसके ससुर ने लण्ड मेरी चूत में घुसा दिया और बोला अलीकाअब मैं तुम्हे चोदूंगा। वहअपनेआप को रोक न सका। वह लौड़ा अंदर बाहर करने लगा। मेरी नन्द भी इसी तरह अपने खालू चुदवाने लगी। हम दोनों आमने सामने भचाभच, धचाधच चुदाने का मज़ा लेने लगीं और अपनी गांड से जोर लगा लगा कर चुदाई में सहयोग करने लगी।
नन्द बोली - और कस कस के चोदो खालू, पूरा लौड़ा पेल के चोदो, मेरी माँ के भोसड़ा की तरह चोदो, मैं देखती हूँ तेरे लण्ड में कितनी ताकत है।
मैं भी मस्ती में थी। मैं भी बोल पड़ी - हाय मेरे राजा, मेरी नन्द के ससुर लौड़ा पूरा घुसा दो मेरी चूत में। तू तो बड़ा चोदू निकला यार। तू अपनी बहू की बुर लेता है।और आज उसकी भाभी की बुर ले रहा है। कल तूने मेरी नन्द की बुर फाड़ दी आज तू मेरी बुर फाड़ दे। तेरा लण्ड तो मोटा है ही, थोड़ा अपनी गांड से और जोर लगा ले। जल्दी जल्दी अंदर बाहर कर अपना लण्ड। चोदने की स्पीड बढ़ा दे। तेरा लण्ड मुझे पसंद आ गया है।
बस मेरी बात सुनकर वह धकाधक चोदने लगा। १० मिनट तक बिना रुके वह तूफ़ान मेल की तरह चोदता रहा। फिर उसका लौड़ा निकालने लगा अपने मुंह से मक्खन और मेरी चूचियों पर गिरा दिया। मैं भी खलास हो चुकी थी। मैं लण्ड मुंह में लेकर चाटने लगी। मेरी नन्द भी मेरे सामने अपने खालू का झड़ता लण्ड चाटने लगी। उसके बाद दूसरी पारी में मैंने खालू ससुर से चुदवाया और नन्द ने अपने ससुर से।
कुछ दिन बाद मैं अपने माईके आई और अपने ससुर को साथ ले आई। उसी रात को अम्मी ने शब्बीर अंकल को बुला लिया। फिर रात मैंने अपने ससुर से अपनी माँ का भोसड़ा चुदवाया।अम्मी ने शब्बीर अंकल मेरी बुर चुदवाई। हम दोनों ने रात भर कई बार लण्ड अदल बदल कर चोदा चोदी की।
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