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ठण्ड के मौसम में गरमा गर्म चूत की चुदाई का नजारा Shardi aur barsaat me garm jwani ka tadka
ठण्ड के मौसम में गरमा गर्म चूत की चुदाई का नजारा Shardi aur barsaat me garm jwani ka tadka , सर्दी में चुदाई , बरसात में चूत गांड मारी , ठंडी में चुदवाई बुर , सर्द ऋतू में चुद कर गर्मी पाई , चुदवाने और चुदने के खेल , चूत गांड बुर चुदवाने और लंड चुसवाने की हिंदी सेक्स पोर्न कहानी.
नमस्कार दोस्तों, आज आपका ये दोस्त हाजिर है एक रियल सेक्स कहानी के साथ जो मेरे साथ घटित हुई थी. बात उस दिन की है जब बारिश हो रही थी और मैं भीगता हुआ अपने घर की तरफ़ अपनी बाइक पे जा रहा था। शाम के करीब ५:३० का समय था। अचानक मैने देखा कि मेरी तरफ़ कोई लिफ़्ट के लिये हाथ हिला रहा था, गौर से देखा तो वो २५-३० साल की एक युवती थी। मैने बाइक रोकी। वो मेरे पास आकर पूछने लगी कि आप कहां जा रहे हो?
नमस्कार दोस्तों, आज आपका ये दोस्त हाजिर है एक रियल सेक्स कहानी के साथ जो मेरे साथ घटित हुई थी. बात उस दिन की है जब बारिश हो रही थी और मैं भीगता हुआ अपने घर की तरफ़ अपनी बाइक पे जा रहा था। शाम के करीब ५:३० का समय था। अचानक मैने देखा कि मेरी तरफ़ कोई लिफ़्ट के लिये हाथ हिला रहा था, गौर से देखा तो वो २५-३० साल की एक युवती थी। मैने बाइक रोकी। वो मेरे पास आकर पूछने लगी कि आप कहां जा रहे हो?
मैने कहा-आपको कहां जाना है?
वो रेलवे स्टेशन जाना चाहती थी। मैने कहा कि मैं भी वहीं जा रहा हूं (जबकि मैं अपने घर जा रहा था)। वो मेरे पीछे बैठ गई। मैं बाइक को रफ़्तार से दौड़ाने लगा। उसके मोम्मे मेरी पीठ से सटे हुये थे। मैं गरम हो रहा था। बातों बातों में पता चला कि वो जयपुर में जोब करती है, उस का पति दिल्ली में कोई प्राइवेट जोब करता था और वो अपनी बेटी को लेने के लिये जा रही थी जो आज़ ट्रेन से आने वाली थी।
हम रेलवे स्टेशन पहुँच गये थे, ट्रेन आने में अभी थोड़ा टाइम था, हम कैंटीन में चाय पीने चले गये। कैंटीन में उस ने जैसे ही उस ने अपना रेन कोट उतारा तो मुझे उस की जवानी के दर्शन हुये। गज़ब की खूबसूरती थी उस की। आप यह कहानी हिंदी सेक्स स्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है। सफ़ेद रंग के टोप में उस की ब्रा भी चमक रही थी सो उसके मोम्मों के साइज़ का अंदाज़ा लगाना कोई मुश्किल नहीं था। एक दम गोरी चिट्टी थी वो।
चाय पीते हुये मैने उसके हुस्न का नज़ारा लिया और खूब बातें भी की। सर्दी के मौसम में उस की गरम जवानी ने मेरे रोम रोम में गरमी भर दी थी और मेरा लण्ड अपने आपे से बाहर हो रहा था।
तभी ट्रेन भी आ गयी। हमने उस की ५ साल की बेटी को साथ लिया और फ़िर मैने उसे कहा- मैं आपके घर तक छोड़ देता हूं।
उस ने मना किया लेकिन मैं जानना चाहता था कि वो कहां रहती है क्योंकि वो मुझे बता चुकी थी कि वो अकेली ही रहती है। मैने दोनो को बाइक पे बैठाया और उस के घर की तरफ़ चल दिया।
उस का घर आते ही बारिश भी तेज़ हो गयी। उस ने मुझे बारिश रुकने तक रुकने के लिये कहा और मैं भी तो यहि चाहता था। मैं पूरी तरह भीग चुका था। उसने कॉफी बनायी और चेंज कर के जब वो मेरे सामने आयी तो ब्लैक सिल्की नाइटी में वो कॉफी से भी ज़्यादा गरम लग रही थी। दिल कर रहा था कि अभी चोद डालूँ साली को।
सफ़र की वजह से उसकी बेटी आते ही सो गयी थी, बारिश रुकने का नाम नही ले रही थी। तभी लाइट भी चली गयी। वो केंडिल लेने के लिये उठी, मैं भी उसकी मदद करने लगा लेकिन केंडिल नहीं मिली। अंधेरे में वो मुझ पर गिर गयी। वाह क्या गरमी थी। उसने उठने की कोशिश की लेकिन मैने उसको अपनी बाहों में भर लिया और छोड़ा ही नहीं, पहले उसने विरोध किया लेकिन वो भी शायद कई दिनो की प्यासी थी तो उसने भी ज़्यादा कोशिश नहीं की।
मैने उसके मोम्मे दबाने शुरु कर दिये, वो गरम हो रही थी। मैने धीरे धीरे अपना एक हाथ उसकी नाइटी उठाते हुये उसकी पैंटी में डाल दिया। वो सिहर उठी। मैने अपना मुँह उस की चूत के पास लाके उस की पैंटी को अलग कर दिया।
उसकी बालों वाली चूत एकदम सेक्सी थी। मैने उसमें अँगुली करनी शुरु कर दी। वो आआआअह कर रही थी। मस्ती उफ़ान पे थी। मेरे दोनो हाथ उसके मोम्मों पे थे। वो आंखें बंद करके मेरा साथ दे रही थी।
जब उस से रहा नहीं गया तो उसने कहा- प्लीज़ अब चोद भी दो, मैं बहुत दिन से प्यासी हूं।
मैने अपनी पैंट उतार दी। मेरा लण्ड देखते ही वो खुश हो गयी। मैने उसकी दोनो टांगों को खोला और फ़िर अपना अंडरवियर।
अपना लण्ड एक ही झटके में उस की चूत में डाल दिया। आप यह कहानी हिंदी सेक्स स्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है। वो ऊऊऊउह की आवाज़ में मज़ा ले रही थी। अब कमरे में उस की आहें और फ़चाक फ़चाक की आवाज़ें गूंज रही थी।
वो बोली- और ज़ोर से चोदो मुझे, फ़ाड़ डालो मेरी चूत को। यो साली बड़े दिन से लण्ड की भूखी है। आज इस की भूख और मेरी प्यास बुझा दो। चोदो चोदो और ज़ोर से चोदो मुझे।
उसके बोलने के साथ ही मेरी स्पीड भी बढ़ रही थी। ये सिलसिला करीब २५ मिनट चला फ़िर हम दोनो शांत होकर एक दूसरे से लिपट के लेटे रहे।
१० मिनट बाद वो उठी और मेरे लण्ड को अपने हाथ में ले लिया। उसने बड़े प्यार से मेरे लण्ड को कहा- यू आर सो स्वीट और अपने मुँह में डाल लिया। वो लण्ड को ऐसे चूस रही थी कि मानो लोलीपोप चूस रही हो।
मेरा लण्ड दोबारा से चुदाई के लिये तैयार हो गया था। १५ मिनट के बाद मैने उसे घोड़ी बनाया और फ़िर पीछे से उसकी गांड में अपना लण्ड डाल दिया। वो चुद रही थी, मैं चोद रहा था। ये चुदाई सारी रात में ६ बार हुई।
बारिश भी तभी रुकी जब सुबह हुई और उसकी प्यास मैने बुझा दी।
उसके बाद जब भी वो या मैं चाहते तो मिलकर ये चुदाई का खेल खेलते हैं।
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