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सड़क के किनारे खुलेआम मस्त मधु की चुदाई Sadak ke kinare khuleaam Madhu ki mast chudai
सड़क के किनारे खुलेआम मस्त मधु की चुदाई, Sadak ke kinare khuleaam Madhu ki mast chudai, धमाकेदार चुदाई, जवान लड़के और लड़की की चुदाई की रसीली कहानी, झाठों वाली चूत को चोदा, मैंने जवान लड़की को चोदा, गाँव की लड़की को खूब मज़े से चोदा, जवान लड़की को रात में चोदा, कुंवारी लडकी को चोदा मजा लिया, जवान लड़की की सेक्स-चुदाई, जवान लड़की की चूत की चुदाई, 18 साल की भरी-पूरी जवान कुंवारी लड़की की चुदाई, 18 saal ki kuwari ladki ki chudai, कुंवारी लड़की की प्यास बुझाई.
हेलो दोस्तों, मेरा नाम सुनीत है और मै एक गार्ड की नौकरी करता हु | मुझे रात की शिफ्ट मे काम करना पसंद है | अभी मै एक बाज़ार के बाहर पहरा देता हु | मेरी शिफ्ट रात को ८ बजे से लेकर सुबह ८ बजे तक की होती है और मार्केट सुबह ११ बजे से खुलता है | मै रात को बाहर एक कुर्सी रख लिया करता था, ताकि मै उस पर बैठ सकू | मुझे ज्यादा घुमने की जरुरत नहीं होती थी; क्योकि , मार्केट एक बंद बिल्डिंग मे था और एक ही गेट से कोई भी आ जा सकता था और अगर वो गेट बंद हो जाये, तो कोई भी बिल्डिंग के अन्दर नहीं आ जा सकता था | बिल्डिंग एक साइड मे छोटी सी गली थी, जिसमे मै अक्सर एक कम्बल डालकर सो जाया करता था | लेकिन, मै सोता जब ही था, जब थोडा सा दिन निकल जाता था और सड़क पर थोड़ी से चहल-पहल शुरू हो जाती थी | सुबह ४ बजे सड़क की सफाई होनी शुरू होती थी और उस समय एक औरत सड़क की सफाई करती थी | उसके पास, मेरा आसपास का एरिया था | सुबह ४ बजे काफी अँधेरा होता था, तो उसका पति भी उसके साथ आता था |
हेलो दोस्तों, मेरा नाम सुनीत है और मै एक गार्ड की नौकरी करता हु | मुझे रात की शिफ्ट मे काम करना पसंद है | अभी मै एक बाज़ार के बाहर पहरा देता हु | मेरी शिफ्ट रात को ८ बजे से लेकर सुबह ८ बजे तक की होती है और मार्केट सुबह ११ बजे से खुलता है | मै रात को बाहर एक कुर्सी रख लिया करता था, ताकि मै उस पर बैठ सकू | मुझे ज्यादा घुमने की जरुरत नहीं होती थी; क्योकि , मार्केट एक बंद बिल्डिंग मे था और एक ही गेट से कोई भी आ जा सकता था और अगर वो गेट बंद हो जाये, तो कोई भी बिल्डिंग के अन्दर नहीं आ जा सकता था | बिल्डिंग एक साइड मे छोटी सी गली थी, जिसमे मै अक्सर एक कम्बल डालकर सो जाया करता था | लेकिन, मै सोता जब ही था, जब थोडा सा दिन निकल जाता था और सड़क पर थोड़ी से चहल-पहल शुरू हो जाती थी | सुबह ४ बजे सड़क की सफाई होनी शुरू होती थी और उस समय एक औरत सड़क की सफाई करती थी | उसके पास, मेरा आसपास का एरिया था | सुबह ४ बजे काफी अँधेरा होता था, तो उसका पति भी उसके साथ आता था |
उस पूरी सड़क पर, अकेला मै ही होता था; तो उसका पति मेरे पास आकर बैठ जाता था | मैने उस गली मे, चाय बनाने का भी इंतजाम कर रखा था, तो वो और उसका पति मेरे पास आकर पहले चाय पीते थे और फिर उसकी पत्नी काम शुरू करती थी | बातो-बातो मे, मुझे उसका नाम मधु पता चला था और वो ३२ साल की मस्त और सुंदर औरत थी | उनके कोई भी बच्चा नहीं था और अब वो उसको चाहते भी नहीं थे, तो उसकी पत्नी ने अपना इलाज करवा लिया था | उसका पति काफी बड़ा दारूबाज़ था और हमेशा ही नशे मे धुत रहता था | सुबह भी, जब वो आता था तो उसकी आँखे नशे मे होती थी और उसका शरीर झूल रहा होता था | जब भी मै उन दोनों से मिलता था, तो मधु को बड़ी शर्म महसूस होती थी, कि उसका पति बेवड़ा है | कुछ दिनों से मधु का पति नहीं आ रहा था और मधु भी मेरे साथ चाय नहीं पी रही थी | आप यह कहानी हिंदी सेक्स स्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है। सर्दी का मौसम था और मुझे सुबह नीद आ जाती थी | मुझे सुबह मधु का पति ही जगाता था; उसके ना आने से मै थोडा देर तक सो लेता था | मुझे गंदे सपने देखने की आदत थी, तो शायद मधु ने मेरा खड़ा लंड देख लिया होगा और इसलिए वो मेरे साथ चाय पीने नहीं आयी | एक दिन कुछ खटपट से मेरी नीद खुल गयी, तो देखा कि मधु मेरी जगह को साफ़ कर रही थी |
मैने उसको देखकर चाय के लिए पूछा, तो उसने बोला, तुम मुझे सामान दे दो, मै बना देती हु | उस दिन उसकी आवाज़ मे कुछ उदासी थी | मुझे मधु अच्छी लगती थी और मैने अपने प्यार भरे हाथ उसकी जांघो और कंधे पर रखे; तो वो रो पड़ी और उसने बोला, कि मेरा पति आजकल ज्यादा दारु पीने लगा है और जुआ भी खेलने लगा है | एक दिन उसने किसी से पैसे लेकर जुआ खेला और हार गया, तो उसने मधु का शरीर उसको पेश कर दिया | उस रात उन्होंने मधु को नोचा और काटा, इसलिए मधु ३-४ नहीं आ पाई थी | मुझे उससे हमदर्दी होने लगी थी और मैने उसको अपनी तरफ खीच लिया और उसका सर अपने कंधे पर रख लिया | उसके चुचे के सही माप मुझे उस दिन पता लगा और मेरे हाथ अनायास ही उसके चूचो पर चले गये | उसने टेढ़ी नजरो से मुझे देखा और एक मुस्कराहट के साथ अपना चेहरा नीचे कर लिया | शायद, प्यास का स्पर्श आज उसे पहली बार मिला था और वो भी इस मौके को गवाना नहीं चाहती थी | हम दोनों गली की ओट मे चले गये, ताकि कोई हमें देख ना सके और जमीन पर कम्बल डाल दिया और उस पर मैने मधु को लिटा दिया और खुद अदा उसके ऊपर झुक गया |
हम दोनों एक दुसरे की आँखों मे देख रहे थे और मेरे हाथ उसके बालो से खेल रहे थे | हम दोनों की साँसे तेज होने लगी और फिर मैने अपने होठो को नीचे करके मधु के होठो पर रख दिया और मधु का बदन एक दम ऊपर उठ गया | हम दोनों की साँसे गरम हो चुकी थी और बहुत तेज चल रही थी | मधु के पैर कसमसा रहे थे और मैने अपने हाथो से मधु का चेहरा कसकर पकड़ा हुआ था और और हम दोनों एक दुसरे को मस्त मे चूम रहे थे | फिर, मधु ने मरे शर्ट के बटन खोल दिये और मेरी छाती को चूमने लगी | पता नहीं, कितने दिनों से वो प्यासी थी | मैने भी उसकी साड़ी को खोल दिया और उसका ब्लाउज उतार दिया और उसको आधा नंगा कर दिया |उसके चुचे मेरी उम्मीद से भी ज्यादा बड़े थी और उसके गोरे चूचो पर गुलाबी निप्पल मस्त लग रहे थे | फिर, मुझे जुआ खेलने वालो की याद आये | मधु को देखकर किसी की भी नियत ख़राब हो सकती थी | फिर, मैने अपने होठो से मधु के निप्पल को चुसना और खीचना शुरू कर दिया और मधु के होठो पर अपनी ऊँगली घुसा दी | हम दोनों ही हवस मे बह चुके थे और अब और नहीं रुकना चाहते थे | मै मधु के ऊपर से उठा और मधु के सारे कपडे उतार दिया और खुद भी नंगा हो गया | क्या बला की खुबसूरत थी मधु |
मेरा लंड तो बार-बार झटके मार रहा था और किसी की आनेका भी डर था | मैने मधु के पैर खोले और अपना मुह मधु की चूत मे घुसा दिया और मस्ती मे चाटने लगा | खुद देर तो मधु ने बर्दाश्त किया, लेकिन एक हद के बाद मेरे बाल खीच लिए और बोली, अब डाल दो ना राजा | मधु की प्यास देखकर मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था और मैने अपने घुटनों पर बैठकर मधु की टांग खोल दी और अपना लंड रगड़ने लगा और फिर, एक तेज दवाब से अपनी गांड को धक्का मारा |मेरा लंड एक ही बार मे, मधु की चूत को फाड़ता हुआ, उसकी चूत मे घुस गया | मधु की चीख निकल गयी और उसे दर्द होने लगा था | आप यह कहानी हिंदी सेक्स स्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है। वो काफी बार चुद चुकी थी, लेकिन मेरे बड़े लंड ने उसकी चूत की बैंड बजा दे थी | हम दोनों की गांड जोर से हिल रही थी और फट-फट करके हम दोनों के शरीर टकरा रहे थे | हम दोनों की झांट आपस मे उलझ गयी थी और बाल टूटकर गिर रहे थे | हम दोनों के ही झटके तेज होने लगे थे और एक साथ गरम पिचकारी के साथ हम दोनों ने अपना पानी छोड़ दिया | हम दोनों एक दुसरे के ऊपर गिर गये और काफी देर तक नंगे लेटे रहे | उस दिन मधु और मैने दोनों ने मज़ा किया और बाद मे मधु ने मुझे चाय बनाकर पिलाई | अब हम दोनों रोज़ सुबह चुदाई करते है, फिर चाय पीते है और फिर मधु काम पर जाती है |
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