Home
» Majedar Chudai Kahaniyan in Hindi मजेदार चोदा चादी की हिंदी कहानी Chodan ki mast stories
» भैया की मदद से मैंने की भाभी की चुदाई Bhaiya ki madad se maine ki bhabhi ki chudai
भैया की मदद से मैंने की भाभी की चुदाई Bhaiya ki madad se maine ki bhabhi ki chudai
भैया की मदद से मैंने की भाभी की चुदाई Bhaiya ki madad se maine ki bhabhi ki chudai , भाभी को चोदा , चुदने को तैयार हुई और प्यार से चुदवाई , चूत गांड बुर चुदवाने और लंड चुसवाने की हिंदी सेक्स पोर्न कहानी.
यह कहानी मेरी और मेरे सगे भाई अनिल और उसकी पत्नी टीना की है.अनिल मुझसे 2 साल बड़ा हैं. हम दोनों आपस में खुले बोलते है और ब्ल्यू फ्लिमस भी साथ में देखते थे और एक ही रंडी की चूत भी मारते थे. वो पढने में मुझ से थोडा विक था इसलिए उसने बी.कोम किया और मैं यहाँ दिल्ली में चार्टर्ड अकाउंटेंट हूँ. मेरी शादी तब तक नहीं हुई थी जब यह चुदाई हुई लेकिन अनिल का रिश्ता हो चूका था और वह कहता था कि तुझे बड़े मजे आयेंगे मेरी शादी के बाद. वो लोग पार्क भी मेरे साथ ही जाते थे. वो लोग मुझे साइड में बिठा के कोने में चुम्माचाटी और बूब्स दबाने का काम करते थे. और वो सब मेरी शैतानी नजरों से छिपा नहीं रहता था. मेरा मन टीना भाभी की शादी के पहले से ही उसकी चुदाई करने को बना हुआ था. लेकिन मैं डरता था की कहीं अनिल को पता चला तो वो बुरा मान जायेंगा. मैंने अक्सर टीना भाभी के बारें में सोच के अपने लंड के पानी को बाथरूम में निकाला था.
यह कहानी मेरी और मेरे सगे भाई अनिल और उसकी पत्नी टीना की है.अनिल मुझसे 2 साल बड़ा हैं. हम दोनों आपस में खुले बोलते है और ब्ल्यू फ्लिमस भी साथ में देखते थे और एक ही रंडी की चूत भी मारते थे. वो पढने में मुझ से थोडा विक था इसलिए उसने बी.कोम किया और मैं यहाँ दिल्ली में चार्टर्ड अकाउंटेंट हूँ. मेरी शादी तब तक नहीं हुई थी जब यह चुदाई हुई लेकिन अनिल का रिश्ता हो चूका था और वह कहता था कि तुझे बड़े मजे आयेंगे मेरी शादी के बाद. वो लोग पार्क भी मेरे साथ ही जाते थे. वो लोग मुझे साइड में बिठा के कोने में चुम्माचाटी और बूब्स दबाने का काम करते थे. और वो सब मेरी शैतानी नजरों से छिपा नहीं रहता था. मेरा मन टीना भाभी की शादी के पहले से ही उसकी चुदाई करने को बना हुआ था. लेकिन मैं डरता था की कहीं अनिल को पता चला तो वो बुरा मान जायेंगा. मैंने अक्सर टीना भाभी के बारें में सोच के अपने लंड के पानी को बाथरूम में निकाला था.
देखते ही देखते अनिल की शादी हो गई और मेरी चुदाई के सपने चुद गएँ. शादी वाली रात मैंने ही अनिल को दरवाजे तक छोड़ा था और मैं मनोमन उस से जल रहा था की साला इसे बढ़िया पिस मिल गया हैं. सुहागरात मना के जब अनिल निचे आया तो मैं भी निचे ही था. मुझे देख के उसने आँख मारी और हंस पड़ा. अनिल मेरे पास बैठा और उसने मेरी और देखा. मैंने उसे धीरे से कहा, “मुफ्त की पहली चुदाई कैसी रही?” “साले मुफ्त की थोड़ी हैं डेड ने शादी में 10 लाख खर्चा किया हैं तो ऐसा बोल के जिन्दगी की सब से महंगी चुदाई कैसी रही.” उसने धीरे से कहा. वो आगे बोला, “बड़ा सही पिस हैं यार. उसके साथ तो पूरी रात खींचातानी रही. उसने अपने कोलेज के अफेर के बारे में भी बताया. बड़ी वाइल्ड हैं तेरी भाभी तो…!” आप यह कहानी हिंदी सेक्स स्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है।
मेरे मन में यह सब सुन के और भी जलन होने लगी. उसकी चुदाई की बातें तब तक चली जब तक टीना भाभी को दीदी निचे ले के नहीं आई. लेकिन लास्ट में जो बात अनिल ने कही उस से मेरा दिमाग चकरा गया, “काश तू अपनी भाभी की चूत देख सकता तो तुझे पता चलता की वो कितना बड़ा माल हैं.” मैं कुछ नहीं बोला; लेकिन मुझे इस लाइन से यह पता चल गया की अनिल के मन में सॉफ्ट कोर्नर हैं और अगर मैं थोडा प्रयास करूँ तो भाभी की चुदाई का जुगाड़ हो सकता था. मैंने मनोमन अनिल की मदद से टीना भाभी की चुदाई का प्लान उसी वक्त वही बैठे बैठे बनाया. अनिल एक नंबर का शराब का शौकीन हैं और उसकी यही आदत का मैंने फायदा उठाने का नक्की कर लिया.
अनिल की शादी को अभी 2 हफ्ते ही हुए थे. शाम का वक्त था और किंगफिशर की दो बोतलें खुली और साथ में मैंने बोइल्ड सिंग और तले हुए काजू का चखना रखा हुआ था. अनिल को थोड़ी पिलाई और मैंने टीना भाभी की बात निकाली. अनिल को चढ़ी नहीं थी अभी लेकिन मैं जानता था की वो टीना से शादी कर के बड़ा खुश हैं और वो उसकी बातें मुझे जरुर बतायेंगा.
अनिल: अरे मत पूछ यार उसके बारे में. बड़ी क़यामत चीज हैं तेरी भाभी. रोज अपना पल्लू उठा के पहले अपने चुंचो का रसपान कराती हैं और फिर अपनी चूत की चुदाई में मुझे मग्न करती हैं. सच में यार हमने आज तक जितनी चूतें मारी हैं उसमे से ऐसी गरमी किसी के भी अंदर नहीं थी. बड़ा कस के दबाती हैं लौड़े को अपने छेद के अंदर जब झड़नेवाली होती हैं. अनिल की बात सुन के मेरा लंड खड़ा होने लगा था और मैंने सोचा की मूठ नहीं मारी तो मजा नहीं आयेंगा. मैंने अनिल को कहा की मैं मूत के आता हूँ और बाथरूम में मैंने टीना भाभी के नाम की मूठ मार ली. वापिस आके मैंने बियर को वापिस अपने होंठो पे लगाया. अनिल मेरे सामने देख रहा था और उसके हाथ के काजू को वो मुहं में डाल रहा था.
मेरे मन में टीना भाभी की चुदाई के सपने आने लगे थे. तभी वह बोला - देख भाई तू मुझसे चाहे कितना भी छिपा ले लेकिन मैं तेरी हर हरकत जानता हूँ तू अब भी मुठ मार के आया है. हम दोनों ने अब तक जो कुछ भी किया है साथ - साथ ही किया है इसलिए अब तेरी भाभी को भी साथ में ही चोदेंगे. यदि वह नहीं मानी तो मैं भी जब तक तेरी शादी नहीं हो जाएगी तब तक मुठ मारकर ही काम चलाऊंगा. मैंने सोचा अब इसे चढ़ गई है इसलिए ऐसे बोल रहा है. तभी वो ऊपर कमरे में टीना भाभी के पास गया और पूरी दस मिनिट में बाहर आया. सीडी के ऊपर से ही उसने मुझे इशारा किया उपर आने के लिए. सीडी के ऊपर हम दोनों इकठ्ठे हुए तो वो हंस के बोला, “तेरी भाभी मान गई हैं दो लंड से चुदने के लिए. लेकिन उसने कहा की मैं तुझ से यह प्रोमिस लू पहले की यह किसी को बतायेंगा नहीं.” आप यह कहानी हिंदी सेक्स स्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है।
मैंने अनिल को कहा, “अरे आजतक हमारी बात बाहर आई हैं कभी.”
हम दोनों अंदर कमरे में गए. टीना भाभी आईने के सामने खड़ी हुई अपने होंठो पे लिपस्टिक लगा रही थी. मुझे देख के वो बोली, “आओ देवर जी; हमारे गरीबखाने में.”
मैंने कहा, “भाभी आप जैसे लोग गरीब होने लगे तो बेचारे असली गरीब को क्या कहेंगे.”
टीना भाभी ने ठठ्ठा लगाया और उसकी बड़ी गांड हंसी के साथ हिलने लगी. भाभी पलंग के ऊपर आ बैठी और अनिल की तरफ देखा. अनिल ने मुझे इशारा किया की मैं भी पलंग के ऊपर बैठ जाऊं. भाभी ने मेरी तरफ देखा और बोली, “बड़े शैतान हो दोनों भाई. लेकिन मुझे अच्छा लगा आप का प्यार देख के.”
मैं भाभी के करीब बैठ गया और वो मेरे छाती वाले भाग पे अपना हाथ चलाने लगी. अनिल ने दरवाजा खिंचा और स्टोपर लगा दी. टीना भाभी मेरे बगल में ही थी और मेरी साँसों की बढ़ने की आवाज शायद उसे आ ही गई होंगी. अनिल वापस आया और हम दोनों की और देखा. टीना भाभी ने पहले अनिल और फिर मेरी और देखा और बोली, “चलो पहल कौन करेंगा यह तो बताओ…?”
अनिल ने मुझे इशारा किया. मेरा दिल जोर जोर से धडक रहा था भाभी की तरफ हाथ बढाते हुए. अनिल वही बैठ गया और वो मुझे और टीना भाभी को देखने लगा. मैंने अपने हाथ को टीना भाभी की बड़ी चुंची पे रख दिया और हलके से दबा दी. टीना भाभी की चुंची मस्त सॉफ्ट थी और उसे दबाते ही उसके मुहं से एक सिसकी निकल पड़ी. मेरा हाथ फिर रुकने वाला नहीं था. मैंने अपने दुसरे हाथ को भी चुंची के ऊपर लगा दिया और अब दोनों चुंचियां मैं अपने हाथ से दबाने लगा. टीना भाभी ने पतला गाउन पहना था और उसकी ब्रा का अहसास मुझे अच्छे से हो रहा था. मैंने चुंचियां 1 मिनिट दबाई और फिर भाभी ने मेरे हाथ हटा के अपने गाउन को उपर उठाया. सच में वो चुंचियां मस्त और गोल थी; जो अभी सफ़ेद ब्रा के पीछे छिपी बैठी थी.
भाभी ने जैसे ही अपने हाथ पीछे कर के अपना ब्रा खोला मेरे मुहं में उनकी निपल्स देख के पानी आने लगा. मैंने भाभी की चुंचियां अपने मुहं के पास रखी और उन्हें चूसने लगा, इतने में अनिल भी खड़ा हो गया और उसका लंड भी. अनिल ने अपनी पेंट से लौड़े को बाहर निकाला और भाभी के मुहं के सामने रख दिया. मैंने भाभी की चुंचियां चूसना बंध किया और भाभी ने अनिल का लंड मुहं में ले लिया. अनिल की आँखे बंध थी और वो अपनी गांड को आगे पीछे कर के लंड को मुहं में चलाने लगा. यह हॉट सिन देख के मेरा लौड़ा भी चुदाई के लिए जैसे की पागल हो रहा था. अनिल का काला मोटा लंड भाभी के गोरे मुहं में मस्त चल रहा था. मैंने उठ के अपनी पेंट निकाली और अंडरवियर भी उतार फेंकी. टीना भाभी ने लंड चूसते चूसते मेरे सामने देखा और अपनी टाँगे फैला दी.
मैं समझ गया की भाभी अपनी चूत चूसवाना चाहती थी. मैं उसकी टांगो के पास आ बैठा और मुझे देख के अनिल थोडा साइड में हो गया. मैंने अपने होंठ भाभी के चूत के सामने रखे और पहले हलके से एक किस किया, मेरी नाक में भाभी के पेशाब की खारी सुगंध भर सी गई. लेकिन मुझे तो जैसे उस से और भी उत्तेजना हो रही थी. मैंने अपनी जीभ भाभी की चूत के अंदर डाली और उसके होंठो को अपनी जीभ से लपलपाने लगा. टीना भाभी के मुहं में अनिल का लंड था इसलिए शायद वो आह भी नहीं कर पाई.
अनिल भाभी के मुहं में लंड देता गया और मैंने चूत का पानी निकाल दिया था उसे चूस चूस के. अब मुझ से जरा भी रहा नही गया. मैंने चूत की चुसाई को छोड़ा और सोचा की अब चुदाई में ध्यान देते हैं. मैंने अपने लौड़े के सुपाड़े के ऊपर थूंक मला और भाभी की टाँगे फैला दी. भाभी ने अपनी उँगलियों से चूत के होंठो को खोला जिस से उसके चूत के अंदर की लाली साफ़ नजर आ रही थी. मैंने अपने लंड के सुपाड़े को सेट कर के एक जोर का झटका दिया और भाभी की बूर में अपना लंड पेल दिया. सच में जैसे अनिल ने कहा था वैसे ही भाभी की चूत मस्त टाईट और गरम थी. उसकी चूत के होंठो ने जैसे मेरे लौड़े को अंदर दबोच लिया था. टीना भाभी अभी भी अनिल के लौड़े को अपने मुहं से मजा दे रही थी और इधर वो मेरे लंड को अपनी चूत में फसाये हुए थी. आप यह कहानी हिंदी सेक्स स्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है।
अनिल भी अपनी मस्ती में मस्त था और वो टीना भाभी के बालों को पकड के उनके मुहं को जोर जोर से पेल रहा था. अनिल के जैसे ही मैंने भी अपनी कमर को हिलाना चालू कर दिया और अपने लंड को भाभी की चूत के अंदर जोर जोर से अंदर बाहर करने लगा. टीना भाभी भी बड़ी मस्ती में आ गई थी और वो अपनी गांड को आगे पीछे कर के मुझे और भी मजे दे रही थी. मुझे लग रहा था जैसे की मैं आठवें आसमान में हूँ जहाँ यह भाभी कोई अप्सरा हैं. मेरी सांस उखड़ रही थी और पसीना भी आ रहा था. लेकिन टीना भाभी ने मेरे लंड के ऊपर अपनी चूत की पकड वैसे ही मजबूत बनाई हुई थी. दो मिनट की और चुदाई में तो जैसे मेरे लंड की साँस निकल गई. भाभी की चूत के अंदर वीर्य निकल गया और भाभी ने चूत को और भी टाईट कर लिया. इस टाईट चूत के अंदर मेरा वीर्य एक एक बूंद कर के निकल गया. मैंने लंड निकाला और मैं वही बैठ गया. इसके बाद अनिल ने अपना लंड भाभी की चूत में दिया और उसने भी भाभी की चुदाई मेरे सामने ही कर दी....
अनिल भाभी के मुहं में लंड देता गया और मैंने चूत का पानी निकाल दिया था उसे चूस चूस के. अब मुझ से जरा भी रहा नही गया. मैंने चूत की चुसाई को छोड़ा और सोचा की अब चुदाई में ध्यान देते हैं. मैंने अपने लौड़े के सुपाड़े के ऊपर थूंक मला और भाभी की टाँगे फैला दी. भाभी ने अपनी उँगलियों से चूत के होंठो को खोला जिस से उसके चूत के अंदर की लाली साफ़ नजर आ रही थी. मैंने अपने लंड के सुपाड़े को सेट कर के एक जोर का झटका दिया और भाभी की बूर में अपना लंड पेल दिया. सच में जैसे अनिल ने कहा था वैसे ही भाभी की चूत मस्त टाईट और गरम थी. उसकी चूत के होंठो ने जैसे मेरे लौड़े को अंदर दबोच लिया था. टीना भाभी अभी भी अनिल के लौड़े को अपने मुहं से मजा दे रही थी और इधर वो मेरे लंड को अपनी चूत में फसाये हुए थी. आप यह कहानी हिंदी सेक्स स्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है।
अनिल भी अपनी मस्ती में मस्त था और वो टीना भाभी के बालों को पकड के उनके मुहं को जोर जोर से पेल रहा था. अनिल के जैसे ही मैंने भी अपनी कमर को हिलाना चालू कर दिया और अपने लंड को भाभी की चूत के अंदर जोर जोर से अंदर बाहर करने लगा. टीना भाभी भी बड़ी मस्ती में आ गई थी और वो अपनी गांड को आगे पीछे कर के मुझे और भी मजे दे रही थी. मुझे लग रहा था जैसे की मैं आठवें आसमान में हूँ जहाँ यह भाभी कोई अप्सरा हैं. मेरी सांस उखड़ रही थी और पसीना भी आ रहा था. लेकिन टीना भाभी ने मेरे लंड के ऊपर अपनी चूत की पकड वैसे ही मजबूत बनाई हुई थी. दो मिनट की और चुदाई में तो जैसे मेरे लंड की साँस निकल गई. भाभी की चूत के अंदर वीर्य निकल गया और भाभी ने चूत को और भी टाईट कर लिया. इस टाईट चूत के अंदर मेरा वीर्य एक एक बूंद कर के निकल गया. मैंने लंड निकाला और मैं वही बैठ गया. इसके बाद अनिल ने अपना लंड भाभी की चूत में दिया और उसने भी भाभी की चुदाई मेरे सामने ही कर दी....
Click on Search Button to search more posts.
आपको ये भी पसंद आएंगें
- चाचा ने चाची को चोदा - चाची की चुदाई - chacha ne chachi ko choda - Aunty ki chut chudai
- Kuwari ladki ki chudai
- चुदवाने के लिए तेरे पास खुद आएगी - Sex ka mantar
- छोटी बहन की सील तोड़ी - Chhoti bahan ki seel todi
- सगी बहनों की रसीली चूत - भाई ने सगी बहनों को चोदा - दीदी की चुदाई - Bhai ka land Bahan ki chut
- पूरी फैमिली चोदो अदल बदल के - Badla karke biwi ko chudwaya
- ससुर जी ने चोदकर चूत फुला दी - बहु को ससुर ने चोदो - Sasur ji ne chodkar bahu ki chut fula di
- छोटी भाभी की होली में रंग लगाकर की चुदाई Chhoti Bhabhi ki holi me rang lagakar ki chudai
- बेटा माँ बहन बीवी बेटी सब चोदो - Hindi Sex story
- कुँवारी साली को माँ बनाया - जीजा ने की मजेदार चुदाई खूब मजे से चोदा - Jija Sali ki chut ki chudai
