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अंकल तेरा लंड बहुत स्वादिष्ट है - Uncle aapka lund bahut mitha hai
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अचानक हमारे पड़ोस में रहने वाले इकबाल अंकल आ गये. हमने उसे बड़े अदब से बैठाया और बियर का एक गिलास उसे भी पकड़ा दिया। अंकल से हमारे बड़े अच्छे सम्बन्ध है। लेकिन हकीकत यह है की हमने कभी उससे न तो हंसी मजाक की है और न ही कभी अश्लील बातें की है। गाली दे कर बात करना तो बड़ी दूर की बात है ? जैसे ही अंकल कमरे में आये हमने अपने कपडे थोड़ा संभाल लिये । बात चीत होने लगी। अंदर तो मस्ती चढ़ी ही थी। अंकल पैजामा पहने थे और ऊपर एक बनियाइन। मेरी निगाह उसके लण्ड पर टिक गयी। मैं मन ही मन अनुमान लगाने लगी की इसका भोसड़ी का लण्ड कैसा होगा ? लम्बा होगा की मोटा होगा सुपाड़ा कैसा होगा देखने में कैसा लगता होगा वगैरह वगैरह ? मैंने कुछ हंसी मजाक शुरू किया। मेरा मन शरारत करने की सोंचने लगा। मैंने सोंचा की अगर हम दोनों कुछ गालियां मुंह से निकालें तो उसका रिएक्सन मालूम पडेगा की अंकल को मज़ा आ रहा है की नहीं ?
मैं बोली हाय अंकल आप तो जानते है की आजकल की लड़कियां बुर चोदी बड़ी हराम जादी हो गयीं है। मेरी कुछ सहेलियां है वो बहन चोद अपनी माँ का भोसड़ा चुदवाती है ? अब तुम ही बताओ अंकल क्या यह सब ठीक है ? वह बोला वैसे तो इसमें कोई गलत नहीं है आजकल मैं भी ऐसी लड़कियों को जानता हूँ जो यही करती है ? मैंने कहा क्या करती है खुल कर बताओ न अंकल ? खुल कर बताने में तेरी गांड फट रही है क्या अंकल ? वह बोला नहीं नहीं ऐसा कुछ नहीं मैं बताता हूँ की यह बात सही है की आजकल लड़कियां अपनी माँ चुदवाती हैं। मैंने फिर पूंछा सुना है अंकल की लड़कियां अपनी गांड भी मरवाती हैं ? वह बड़ी जोर से हंसा और बोला हां सबिहा तुमने सही सुना है । वैसे गांड मराना कोई बुरी बात नहीं है। मैं जान गयी की अंकल को मज़ा आ रहा है।
मैं बोली भोसड़ी के अंकल आजकल तुम भी बहुत अच्छे लगने लगे हो ? अंकल हंसने लगे । भाभी बोली बोली अरी सबिहा इन मर्दों को जब कोई चोदने वाली मिल जाती है तो इनके चेहरे खिल जातें है। इस बात पर अंकल खिलखिलाकर हंस पड़ा।
मेरे अंदर वासना सवार हो गयी और मैं अंकल के बगल में खसक कर बैठ गयी । मैं बड़े गौर से उसके पैजामे की उठान देखने लगी। मुझे लगा की इसका लौड़ा अंदर से खड़ा हो रहा है। बस मैं उसका लण्ड ऊपर से पकड़ कर बड़े प्यार और सेक्सी अंदाज़ से कहा - ये 'लौड़ा' मुझे दे दो, अंकल ? ये 'लौड़ा' मुझे दे दो, अंकल ? तब तक भाभी बोली अरे भोसड़ी के अंकल जब सबिहा इतने प्यार से कह रही है तो दे दो न इसे अपना लौड़ा ? आखिर तू क्या करेगा अपने इस मादर चोद लौड़े का ? तेरी न तो कोई बीवी है चोदने के लिए और न कोई बेटी है लण्ड हिलाने के लिए ? ऐसे में पड़े पड़े सड़ जाएगा तेरा लौड़ा, बहन चोद ? अगर तू इसे सबिहा को दे देगा तो इसका सही इस्ते माल हो जायेगा ? यह तो तेरा लण्ड पहले चाटेगी, चूसेगी और फिर अपनी चूत में पेलेगी। अपनी माँ के भोसड़ा में पेलेगी और मेरी बुर में भी पेलेगी। फिर हम लोगों की गांड में ठोंकेगीं तेरा लण्ड ? इस तरह तेरे लण्ड का सही इस्तेमाल होता रहेगा ? प्लीज अब खोल के दे दो अपना लण्ड इस बुर चोदी सबिहा के हाथ में ?
मैंने पैजामे का नाड़ा खोला और हाथ अंदर घुसेड़ कर लण्ड पकड़ लिया । मैं बोली हाय समीना भाभी लौड़ा तो बहन चोद बड़ा मोटा है ? मैंने लौड़ा बाहर खींच लिया और हिला कर भाभी को दिखाने लगी। भाभी बोली वाओ, कितना प्यारा और मस्त लौड़ा है यार ? अब तू बता भोसड़ी का अंकल इस लौड़े का इस्तेमाल नहीं करेगा तो क्या इसका आचार डालेगा तू बेटी चोद ? देख कितने काम का है तेरा लौड़ा ? क्या करता है तू इतने बढ़िया लण्ड का आजकल ? मुठ्ठ मारता हैं तू बहन चोद ? सड़का मारता हैं तू लण्ड का ? भाभी यह सब कह ही रही थी की मैं अंकल की आँखों में आँखे डाल कर उसका लण्ड चाटने लगी। लण्ड के सुपाड़े के चारों ओर जबाब घुमाने लगी. फिर तो भाभी भी उठीं और मेरे साथ लण्ड चाटने लगीं।
अंकल बोला :- नहीं यार, मैं लण्ड का इस्तेमाल करता हूँ। देखो मैं एक कॉलेज में प्रोफ़ेसर हूँ। मेरे कॉलेज की लड़कियां मेरा लण्ड पकड़ती है, चाटती है और चूसती हैं। रोज़ कोई न कोई मेरे घर आ जाती है मेरा लण्ड चूसने और फिर चुदवाकर ही जाती है। कोई गांड मरा कर जाती है। कोई मुठ्ठ मार के लण्ड पी कर जाती है। कोई अपनी माँ चुदवाती है। कोई अपनी बहन की बुर में पेलती है मेरा लण्ड। चूंकि इतनी लड़कियां मेरे लण्ड का इस्तेमाल करतीं है इसलिए मैंने शादी नहीं की ?
मैंने कहा :- तो आज से मैं भी रोज़ रोज़ चुदवाऊँगी। मेरी भाभी भी चुदवायेगी अपनी चूत और मैं हर रोज़ तेरा लण्ड अपनी माँ के भोसड़ा में पेलूँगी। मुझसे बढ़िया इस्तेमाल तेरा लण्ड का कोई और नहीं कर सकती बुर चोदी ?
हम दोनों को अंकल का लण्ड बहुत अच्छा लगा। फिर समीना भाभी ने मेरे कपड़े उतार दिया और मुझे बुर चोदी ने एकदम नंगी कर दिया । मुझे भी जोश आ गया मैंने लौड़ा उसे पकड़ाया और उसके कपड़े उतार कर फेंक दिया। अब अंकल हम दोनों को नंगी देख कर मज़ा करने लगा। उसका लौड़ा और सख्त हो गया। भाभी ने उसे भी पूरा नंगा कर दिया। भाभी उसका लण्ड पकड़ कर उसे बिस्तर पर ले गयीं और चित लिटा दिया। वह उसके बगल में लेट गयीं और मैं जाकर उसके दूसरी तरफ लेट गयी।
हम दोनों फिर लण्ड चाटने लगीं। दो मिनट में भाभी अपनी चूत अंकल के मुंह पर रख कर चटवाने लगीं । थोड़ी देर में मैं अपनी चूत चटवाने लगी और भाभी लौड़ा चूसने लगीं। तब तक मैं बुरी तरह गरम हो चुकी थी। मैंने कहा हाय भाभी अब मुझसे सहा नहीं जा रहा। अब लौड़ा पेल दो प्लीज मेरी चूत में ? भाभी ने वैसा ही किया और मैं भकाभक चुदवाने लगी। उधर भाभी अपनी चूंचियां चुसवाने लगीं। समीना भाभी के साथ आज मैं पहली बार चुदवा रही थी। भाभी बोली सबिहा तू पहले अच्छी तरह चुदवा ले। इसके बाद मैं तेरी माँ का भोसड़ा भी चोदूंगी। मुझे अपनी सास का भोसड़ा चोदने में बड़ा आएगा सबिहा ? अभी वह बाहर गयी है भोसड़ी वाली नहीं तो मैं अभी उसकी बुर चुदवा लेती। भाभी अंकल के पेल्हड़ सहलाने लगी और उसके चूतड़ों पर हाथ फिराने लगी। मुझे अंकल का लौड़ा बहुत पसंद आ गया । साला बड़ी दूर तक घुस कर चोद रहा है मेरी चूत ?
मैंने फिर लौड़ा भाभी की बुर में घुसा दिया और कहा लो भाभी तुम भी चुदवाओ न प्लीज ? भाभी मस्ती से चुदवाने लगी। उसका चुदाना देख कर मुझे मज़ा आ रहा था। इतनी अच्छी तरह से चुदा रही थी की मुझे लगा यार मुझे अभी बहुत कुछ सीखना है। अंकल का लण्ड साला बड़ा मज़ा दे रहा है सबिहा ? आज बहुत दिनों के बाद चुदाने में असली मज़ा आ रहा है । भाभी ने अंकल से कई तरह से चुदवाया और फिर थोड़ी देर में कहा ले सबिहा पकड़ जल्दी से लण्ड अब यह झड़ने वाला है। मैंने जैसे ही लण्ड को पकड़ कर थोड़ा ऊपर नीचे किया तो वह पिचकारी छोड़ने लगा। थोड़ा मेरे मुंह में थोड़ा भाभी के मुंह में ? हम दोनों मिलकर झड़ता हुआ लण्ड चाटने लगीं.
दोस्तों, अब तो मैं अपनी माँ का भोसड़ा चुदवाती हूँ। मेरी माँ भी मेरी बुर चुदवाती है। मैं माँ के भोसड़ा में लण्ड पेलती हूँ माँ मेरी बुर में ? हम दोनों बिलकुल सहेली की तरह रहतीं है। जब से भाभी आ गयीं तबसे हम दो नहीं तीन सहेलियां हो गयीं है। आज से दो साल पहले की बात है जब मैं २१ साल की थी। मेरे पड़ोस में एक शबाना आंटी रहती थीं। वह मेरे घर बहुत आती जाती थी। खूब बात चीत होती थी और मेरी अम्मी की उससे पक्की दोस्त थीं। एक दिन मैं उसके घर गयी तो देखा की वह बहुत मूड में बैठी हैं।
- आंटी ने मुझसे एकदम से मुस्कराते हुए पूंछ लिया - सबिहा, अपनी माँ का भोसड़ा देखा है कभी तूने बेटी ?
- मैंने भी मुस्कराते हुए जबाब दिया - हां एक बार देखा है अपनी माँ का भोसड़ा, आंटी ?
- उसने कभी तेरी बुर देखी है, बिटिया ?
- हां उसने एक ही बार मेरी बुर देखी है, आंटी। हुआ यह की एक दिन मैं ब्लेड से अपनी झांटें बना रही थी तो मेरी चूत के किनारे थोड़ा कट गया और थोड़ा खून निकल आया तब मैं घबरा गयी। मैंने अम्मी को आवाज़ दी तो वह दौड़ कर आयीं और बैंड - एड लगा दिया . दूसरे दिन वह झांटें बनाने की एक मशीन लेकर आ गयी और मुझे बुलाया। मेरी सलवार खोल दी और अपना भोसड़ा । फिर बोली सबिहा देखो मैं झांटें बनाने की मशीन लायी हूँ। तुम आज से ब्लेड यूज़ करना बंद कर दो। अब मैं तुझे सिखाऊंगी की इससे कैसे झांटें बनायीं जाती है ? आज सीख ले फिर तू बनाती रहना अपनी झांटें। बस उसी दिन मैंने उसका भोसड़ा देखा और उसने मेरी बुर ? उसके बाद आज तक कुछ नहीं ?
- अच्छा कभी उसके सामने कोई लण्ड पकड़ा है तूने ? या फिर उसने कभी तेरे सामने कोई लण्ड पकड़ा है ?
- नहीं आंटी, कतई नहीं ? न मैंने कभी उसके आगे लण्ड पकड़ा और न उसने ?
- बड़ी मादर चोद है तेरी अम्मी, भोसड़ी वाली ? अभी तक अपनी जवान बेटी को कोई लौड़ा नहीं पकड़ाया ? किस चीज का इंतज़ार कर रही है तेरी बुर चोदी अम्मी ? अपना तो भोसड़ा चुदवाया करती है माँ की लौड़ी और अपनी बिटिया की बुर का बिलकुल ख्याल नहीं उसे ?
- तो क्या आंटी, उसे लण्ड पकड़ाना चाहिए मुझे ?
- हां बिलकुल पकड़ाना चाहिए, सबिहा ? बेटी जब जवान हो जाती है तो वह बेटी नहीं रहती बल्कि दोस्त हो जाती है। उसे तो तेरी बुर में लण्ड पेलना चाहिए। लण्ड चाटना, चूसना, लण्ड पीना सब सिखाना चाहिए। खुद तो सब करती है बहन चोद और बेटी को नहीं बताती है ? मुझे देखो मैंने अपनी बेटी को सब सिखा दिया है । अब वह बड़े मजे से मेरा भोसड़ा चुदवाती है। हर दूसरे दिन मेरी चूत में लण्ड पेलती है वो और मैं उसकी चूत में पेलती हूँ ? सेक्स का पूरा मज़ा उठा रही हूँ मैं और मेरी बेटी।
- हाय रब्बा, तब तो बड़ा मज़ा आता होगा तुम दोनों को आंटी ?
- हां बड़ा मज़ा आता है और मैं चाहती हूँ की तुझे भी यही मज़ा मिले ? मैं कल ही तेरी बुर चोदी अम्मी से बात करती हूँ।
यह सीन देख कर मेरे बदन में आग लग गयी बहन चोद ? मेरी चूत तो जलने लगी । आंटी जैसे ही कमरे में घुसी वैसे ही वह बोली देखो अम्मी कितने मस्त लौडें हैं, मादर चोद ? तू भोसड़ी की पता नहीं क्यों नीचे गांड मरा रही थी अपनी ? मैंने उसकी गालियां सुनी तो थोड़ा हैरान हुई। इतने में आंटी बोली अरी लज्जो बुर चोदी मैं तो तेरी तारीफ़ कर रही थी और तू मेरी माँ चोदने लगी भोसड़ी की ? मैं समझ गयी की दोनों में इसी तरह का प्यार है ? गालियों का प्यार है ? लज्जो बोली अच्छा किस भोसड़ी वाली से तारीफ कर रही थी तू मेरी ? तब तक मैं अंदर घुस गयी। मुझे देखते ही लज्जो बोली अरी सबिहा तू ? तू भी अपनी माँ चुदाने आई है क्या ? मैंने कहा यार मैंने अभी माँ चुदाना शुरू नहीं किया ? छूटते ही वह बोली तेरी माँ का भोसड़ा ? कैसी है तेरी बुर चोदी तेरी अम्मी ? जवान लड़की से अभी तक शर्माती है बेटी चोद ? मेरी अम्मी को देखो कितनी मस्ती से मेरे सामने चुदवाती है अपना भोसड़ा ? आंटी बोली अरी लज्जो एक काम कर आज तू सबिहा की चूत में पेल दे लण्ड ? इसे मस्ती से अपनी बुर चुदवा लेने दे यार ? बिचारी एक एक लण्ड के लिए तरसती रहती है । आज इसे लेने दो लण्ड का पूरा मज़ा, बुर चुदवाने का पूरा मज़ा ? कल मैं इसकी अम्मी की झांटें उखाड़ूँगी।
लज्जो फ़ौरन वहाँ से उठी और मुझे बैठा दिया। मेरे दोनों हाथों में लण्ड पकड़ा दिया। मैं लण्ड सहलाने लगी तो उसने मेरे सारे कपड़े उतार कर फेंक दिया। मेरी चूत पर हाथ फेरने लगी। फिर उसने मुझे बेड पर लिटाया । एक लण्ड मेरे मुंह में डाल दिया और दूसरा मेरी चूत में ? मैं भी मस्ती से चुदवाने लगी। लज्जो ने मेरी चूत का बहुत ख्याल रखा। कभी इधर से कभी उधर से लण्ड पेलती रही ? कभी आगे से पीछे से लण्ड पेल पेल कर मेरी बुर चुदवाती रही। आंटी एकदम नंगी बैठी हुई मेरी मस्त चुदाई देखती रहीं।
दूसरे दिन आंटी मेरे घर आ गयीं और मेरी अम्मी बोलीं अरी माँ की लौड़ी सायरा (मेरी अम्मी का नाम) तू मादर चोद खुद तो खूब खाना खाती है लेकिन अपनी बेटी को भूँखा रखती है। अम्मी बोली अरे यह क्या कह रही है तू सबिहा को खाने लिए सब कुछ देती हूँ । वो जो चाहे खाए मैंने कभी हाथ नहीं पकड़ा ? आंटी बोली लण्ड देती तू भोसड़ी वाली अपनी बेटी को खाने के लिए ? देख अब तेरी बेटी पूरी तरह जवान हो गयी है. अब उसे रोटी के साथ साथ लण्ड की भूंख लगती है । तू बुर चोदी खुद तो लण्ड खाती है लेकिन अपनी बेटी को लण्ड नहीं खिलाती ? अम्मी बोली हाय अल्ला, यार मैंने कभी ऐसा सोंचा ही नहीं ? गलती हो गयी मुझसे ? मैं वहीँ बैठी हुई सब सुन रही थी।
आंटी ने अपना भोसड़ा खोल दिया अम्मी का भी भोसड़ा खोल दिया फिर बोलीं सबिहा तू भी अपनी चूत खोल कर दिखा हमें ? मैंने दिखा दिया। आंटी बोली सायरा यह क्या है तेरी बेटी की ? अम्मी बोली यह मेरी बेटी की चूत है शबाना ? फिर आंटी ने मुझसे पूंछा सबिहा यह क्या है ? मैंने बड़ी बेशरमी से जबाब दिया यह मेरी माँ का भोसड़ा है आंटी ? आंटी बोली अब तुम दोनों एक दूसरे को तीन तीन प्यार से गालियां दो। अम्मी पहले बोलीं तेरी माँ का भोसड़ा सबिया ? मादर चोद गांड मराती है तू माँ की लौड़ी ? फिर मैं बोली तेरी बिटिया की बुर, अम्मी ? बहन चोद. सरे आम तू लण्ड हिलाती घूमती है सबके ? जब देखो तब भोसड़ा चुदवाती रहती है तू अपना ?
बस फिर हम तीनो खूब खिलखिलाकर हंसने लगीं ?
उस दिन से मैं अम्मी से बिलकुल खुल गयी और मैं भी लज्जो की तरह अपनी माँ चुदवाने लगी।
एक दिन समीना भाभी का अब्बू युसूफ आ गया। वैसे तो मैं उससे पहले मिल चुकी थी लेकिन आज वह मुझे कुछ ज्यादा ही अच्छा लग रहा था। नास्ता पानी हुआ और फिर बातें होने लगीं। रात को खाना खाने के बाद हम सब अपने अपने बिस्तर पर चली गयीँ। मेरा और मेरी भाभी का बिस्तर एक ही कमरे में था। रात को करीब १२ बजे मैं बाथ रूम के लिए उठी। मैं जब वापस आ रही थी तो मैंने अंकल के कमरे की हलकी सी लाईट जलती हुई देखा। मैं बस झाँक कर अंदर देखने लगी। देखते ही मेरी चूत में आग लग गई बहन चोद ? मैंने देखा की भाभी का अब्बू एकदम नंगा लेटा है और अपना खड़ा लौड़ा सहला रहा है। उसके दूसरे हाथ में मोबाइल है। वह मोबाइल देख रहा है।
मैं लौड़ा एकटक देखने लगी। लण्ड देख कर मेरी लार टपकने लगी। इतने में पीछे से समीना भाभी आ गयी वह बोली तूने इतनी देर लगा दी तो मैं तुझे देखने आ गयी। मैंने कहा भाभी मुझे नहीं अपने अब्बू का लौड़ा देखो। मादर बड़ा मस्त लौड़ा है यार ? भाभी बोलीं तो तू अंदर जाकर पकड़ के देख ले न बुर चोदी ? मैंने कहा यार अंकल बुरा मान गए तो ? वह बोली वो बुरा नहीं मानेगा भोसड़ी का ? उसे लड़कियों को लण्ड पकड़ाने में बड़ा मज़ा आता है। मैं भी उसका लण्ड पकड़ चुकी हूँ सबिहा, हां मैंने कभी चुदवाया नहीं उससे ? तू जा अंदर मैं यहाँ से देखती हूँ। वह भोसड़ी का मोबाइल पर ब्लू फिल्म देख देख कर अपना लण्ड खुद हिलाता रहता है।
मैं अंदर घुस गयी। वह मुझे नहीं देख पाया। मैं थोड़ा नज़दीक चली गयी फिर भी उसने नहीं देखा और अपना लण्ड हिलाता रहा ? फिर मैंने बड़ी बेशर्मी से कहा भोसड़ी के अंकल लण्ड हिलाने का काम तो लड़कियों का है, मर्दों का नहीं ? ला मैं हिलाती हूँ तेरा लण्ड मादर चोद ? मेरा बेशर्मी से बोलना और गाली बकना उसे बड़ा अच्छा लगा । मैंने हाथ बढ़कर लौड़ा पकड़ लिया। लौड़ा साला और टन्ना गया ? मैं बोली वाओ, लण्ड तो साला बड़ा कड़क हो गया अंकल ? मेरे मुंह से लण्ड सुनकर उसने मुझे चिपका लिया और मेरे कपडे उतारने लगा। मुझे नंगी करके मेरी चूंचीं दबाने लगा। मैं उसका लण्ड चूसने लगी। वह बोला तू भी बिलकुल समीना की तरह ही लण्ड चूसती है। तब मैंने भाभी को अंदर बुला लिया। हम दोनों मिलकर लण्ड चूसने लगीं। थोड़ी देर में भाभी ने लण्ड मेरी चूत में पेल दिया और मेरी बुर चुदवाने लगीं .
चुदवाने के बाद मैं बोली अंकल अभी सो जाओ । सवेरे उठ कर मेरी माँ का भोसड़ा चोदना...
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