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चुदवाने का मज़ा दुगुना ऐसे करें - Is tarah chudai karne se double majaa aata hai
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बस यही सोंच कर मेरी चूत में जबरदस्त आग लग गयी। मेरी मस्ती धीरे धीरे बढ़ने लगी। फिर अचानक मेरी सास की बेटी छमिया (मेरी नन्द) आ गयी। उसने देखते ही कहा हाय अल्ला, अम्मी तू भोसड़ी वाली किसका लण्ड चाट रही है ? सास ने मुंह उठाया और बोली अच्छा तो तू भी आ गयी है मादर चोद ? इतनी देर से कहाँ अपनी माँ चुदा रही थी तू माँ की लौड़ी छमिया ? अब आ गयी है तो ले तू भी चाट ले लण्ड ? उस दिन मैंने तुमसे छीन कर तेरे बॉय फ्रेंड का लण्ड चाटा था आज तू मुझसे छीन कर मेरे बॉय फ्रेंड का लण्ड चाट ले ? वह बोली हां अम्मी मैं तो चाट लूंगी लण्ड मगर तू शीबा भाभी को भी गैर मर्दों के लण्ड अभी से चटाने लगी है ? सास बोली देख छमिया अब तेरी भाभी को किसी न किसी दिन तो गैर मर्दों के लण्ड चाटना ही है। कब तक बिचारी चुदासी बैठी रहेगी ? मैं नहीं चटाऊंगी तो लण्ड तो वह छुप छुप कर चाटेगी लण्ड ? औरत की फितरत ही यही है ? छुप छुप कर चुदवाती रहेगी अपनी बुर ? अब तू ही बता कब तक मैं और मेरी बहू गैर मर्दों से छुप छुप कर चुदवाती रहेंगीं। इसलिए मैंने सोंचा क्यों न जल्दी ही हम दोनों साथ मिल कर चुदवाना शुरू करें ? वह मेरी चूत में लण्ड पेला करे और मैं उसकी चूत में ? मैं समझती हूँ की आज से मैंने यह सिलसिला शुरू कर दिया है।
छमियां बोली :- वाह अम्मी वाह ? मेरी भी सास यही करने लगी है। मेरी सुहागरात के दो दिन बाद ही उसने मेरी चूत में लण्ड पेलते हुए कहा ले बहू अब तू भी मेरी तरह गैर मर्दों से चदुवाना शुरू कर दे ? उसने मेरे सामने ही किसी और का लण्ड अपने भोसड़ा में घुसेड़ा और चुदवाने लगी। उसे देख कर मुझ पर भी लण्ड की हबस सवार हो गयी और मैंने भी बड़ी बेशर्मी से उसके सामने लण्ड अपनी चूत में पेला और मस्ती से चुदवाने लगी। अब आज मैं तेरे सामने तेरे बॉय फ्रेंड से चुदवाने जा रही हूँ।
अम्मी बोली :- हां अब तुम दोनों नन्द भौजाई मिलकर चुदवाओ। मैं बाद में आऊँगी।
फिर हम दोनों ने मिलकर खूब चुदवाया। कभी मैं लण्ड अपनी बुर में पेलती तो वह पेल्हड़ चाटने लगती और मेरी बुर से लण्ड निकाल कर चाटने लगती ? कभी वह अपनी बुर में लण्ड घुसेड़ती तब मैं पेल्हड़ चाटती और लण्ड उसकी बुर से निकाल निकाल कर चाट लेती। हम दोनों को बड़ा मज़ा आया। वह बोली हाय भाभी तेरे साथ चुदवाने में तो बड़ा मज़ा आ रहा है। कभी मेरे मियां से चुदवा के देखो भाभी ? बहुत बढ़िया चोदेगा तेरी बुर ? मैंने पूंछा तब तुम क्या करोगी ? तो वह बोली अरे मैं उसी भोसड़ी वाले के सामने उसके दोस्त से चुदवाऊँगी ? मैंने कहा अरे तो वह ऐतराज़ नहीं करेगा क्या ? वह बोली उसकी माँ की चूत भाभी, उसकी बहन की बुर ? वह मादर चोद खुद मेरी बुर अपने दोस्तों से चुदवाता है।
मेरे मियां को अपनी बीवी चुदवाने का और दूसरे की बीवी चोदने का बड़ा शौक है ?
इतने में लण्ड झड़ने लगा तो हम दोनों ने मिलकर झड़ता हुआ लण्ड चाटा ?
गर्मी के दिन थे। मैं शाम को छमिया के साथ बियर पी रही थी। पीते पीते मैंने कहा यार छमिया तू तो अपनी अम्मी से बिलकुल खुली हुई है और वह भी तुमसे उतनी ही खुली हुई है। तुम दोनों के बीच कोई शर्म नहीं है ? वह बोली शर्म की माँ की चूत, भाभी ? असली बात यह है की मेरी अम्मी को चुदवाने का का बड़ा शौक है और मुझे भी। मैं जब जवान हुई तो मैं चाहती थी की मैं किसी दिन अम्मी के सामने किसी का लण्ड पकडूँ ? अम्मी चाहती थी की मेरी बेटी अपनी माँ चुदाना शुरू कर दे । लेकिन हम दोनों खुल नहीं पायीं।
मेरे पड़ोस में एक फ़रज़ाना आंटी रहती हैं। एक दिन वह मेरे घर आयीं। मैं अम्मी के साथ बैठी थी। आते ही बोली अरी बुर चोदी फ़रज़ाना कभी अपनी बिटिया को लण्ड पकड़ाया तूने ? मैं उसकी यह बात सुनकर जाने लगी तो वह बोली हाय दईया छमिया तू भोसड़ी वाली कहाँ जा रही हैं। अब तो तू २१ साल की हो गई है । तेरी चूंचियां बड़ी बड़ी हो गयीं हैं। तेरी गांड उभर आई है। तेरी झांटें भी आ गयीं है बहन चोद ? इतनी मस्त जवानी में भी तूने कभी लण्ड नहीं पकड़ा ? और अगर पकड़ा तो तूने कभी अपनी अम्मी को बताया नहीं और न ही उसके सामने कोई लण्ड पकड़ा ? क्या तेरे लड़की होने में कोई खराबी है ? आंटी की यह बात मुझे खल गयी। मैंने कहा नहीं आंटी मैं पूरी तरह जवान लड़की हूँ। मुझमे कोई खराबी नहीं ? वह बोली खराबी नहीं है तो तूने अभी तक अपनी माँ चुदाना क्यों नहीं शुरू किया ? मेरी बेटी को देख ? वह तुमसे एक साल छोटी है फिर भी हर दूसरे दिन अपनी माँ के भोसड़ा में लण्ड पेलवा देती है। अगर तू वाकई लड़की है तो अपनी माँ चुदवा के दिखा ? आंटी किसी काम से चली गयी और मैं सोंचती रही की मैं क्या करूँ ?
आंटी की बेटी है रज़िया। मैंने सोंचा की मैं रज़िया से बात करती हूँ। एक दिन इसीलिए मैं उसके घर चली गयी। उसने दरवाजा खोला और मुझे अंदर बैठा लिया। उसने पूंछा की छमिया क्या कोई ख़ास बात है ? मैंने कहा नहीं यार मैं तो बोर हो रही थी तो तेरे पास चली आई ? तू क्या कर रही है इस समय बहन चोद ? वह बड़ी बेशर्मी से मुस्कराकर बोली यार अभी मैं अपनी माँ चुदा रही हूँ। मैं तो उसकी यह बात सुनकर हैरान रह गयी लेकिन फिर थोड़ा संभल कर बोली यार क्या तू सच कह रही है की मुझे चूतिया बना रही है ? मजाक मत करो और सच बताओ की अंदर क्या हो रहा है ? वह फिर हंस कर बोली अंदर मैत्री माँ चुद रही है भोसड़ी की छमिया ? सच में मैं अपनी माँ का भोसड़ा चुदवा रही हूँ। मैंने कहा यार मैंने कभी किसी को अपनी माँ चुदवाते हुए देख नहीं है ? मैं माँ चुदाना देखना चाहती हूँ। मुझे भी दिखाओ की कैसे चुदवाया जाता है माँ का भोसड़ा ? उसने कहा हां बिलकुल देख सकती हो तुम लेकिन तुझे मेरी जैसी होना पड़ेगा। उसने अपनी चादर उतार कर कहा। वह भोसड़ी की अंदर से बिलकुल नंगी थी। मैंने उसे पहली बार नंगी देखा तो मज़ा आ गया। फिर मैं भी अपने कपड़े उतार कर नंगी हो गयी।
रजिया मुझे नंगी नंगी लेकर अंदर कमरे मे घुस गयी। मैंने देखा की उसकी माँ बिलकुल नंगी चित लेटी हुई है। उसकी चूत में एक लण्ड घुसा हुआ है और वह आदमी भकाभक चोदने में लगा है। एक दूसरा लण्ड उसकी माँ के मुंह में घुसा है । वह लण्ड चूसते हुए बुर चुदवा रही है। रजिया चूत वाला लण्ड पकड़ कर उसे बार बार अंदर घुसेड़ने लगी और बाहर निकालने लगी। उसके पेल्हड़ सहलाने लगी। बीच बीच में वह अपंनी अम्मी के मुंह से लण्ड निकाल कर चाटने लगी। थोड़ी देर में उसने लण्ड मुझे पकड़ा दिया और बोली रजिया लो अब तुम पेलो लण्ड मेरी माँ के भोसड़ा में ? उसने चूत वाला लण्ड खींच लिया और उसे तौलिया से पोंछ कर खुद चाटने लगी। मैंने उसके कहने पर लण्ड आंटी के भोसड़ा पर टिका दिया और उस आदमी की गांड जोर से दबा दिया बस लण्ड सट्ट से घुस गया भोसड़ा में। मैं उसकी कमर पकड़ कर बार यहीं करने लगी। रजिया बोली वाओ, तू तो अच्छी तरह जानती है माँ का भोसड़ा चुदाना ? तब तक आंटी बोली हां छमिया बस इसी तरह तुम भी चोदो अपनी माँ का भोसड़ा ?
मैंने कहा मेरी माँ का भोसड़ा है कहाँ जो चोदूँ ? मेरे सामने होता तो मैं अभी चोदने लगती अपनी माँ का भोसड़ा ? तब तक आंटी बोली अरी माँ की लौड़ी छमिया ज़रा पीछे मुड़ कर देख तो ले ? मैं पीछे मुड़ी तो मेरे सामने खुला था मेरी माँ का भोसड़ा। अम्मी मुस्करा रही थी। तब तक रजिया बोली तो फिर देख लिया न अपनी माँ का भोसड़ा ? अब तो ठोंक दे अपनी माँ के भोसड़ा में लण्ड ? मैं भी जोश में थी और मैंने लण्ड माँ के भोसड़ा में टिका दिया। फिर वही किया जो मैं आंटी के भोसड़ा के साथ कर रही थी।
इस तरह मैं उसी दिन से अपनी माँ चुदवाने लगी, भाभी ?
मैंने कहा :- हाय छमिया तेरी कहानी तो वाकई बड़ी मजेदार है और मसाले दार भी। अब तू यह भी बता दे की तूने अपने ससुर का लण्ड कब और कैसे पकड़ा ? कैसे उस भोसड़ी वाले से चुदवाने लगी तू ?
छमिया बोली :- मैंने तुम्हे बताया न की मेरी सुहागरात के दो दिन बाद ही मेरी सास ने लण्ड मेरी चूत में पेल दिया था। और मैं उसी दिन से सास के सामने पराये मर्दों से चुदवाने लगी। हुआ यह था की वह बुर चोदी पराये मरद से चुदवा रही थी। अब जब चोरी पकड़ी गयी तो उसने उस चोरी में मुझे भी शामिल कर लिया। मैंने सोंचा की मैं भी सब लोगों से चुदवाना चाहती हूँ तो फिर क्यों न मौके का फायदा उठाऊं और अपनी सास के सामने ही अपनी बुर चुदवाऊँ ? इस तरह मैंने सास को अपने पेटीकोट में घुसेड़ लिया। अब मेरी नज़र ससुर के लण्ड पर थी। मैं जल्दी से जल्दी उसका लण्ड पकड़ कर देखना चाहती थी। उसे भी अपने पेटीकोट में घुसेड़ना चाहती थी। मैं धीरे धीरे उसके नज़दीक आने लगी और अपनी बड़ी बड़ी मस्त चूंचियां किसी न किसी बहाने उसे दिखाने लगी। मैं उसके सामने अपनी अधखुली चूंचियां निकाले घूमने लगी। उसकी नज़र मेरी चूंचियों पर टिकने लगी।
जब किसी मर्द की नज़रें अध नंगी चूंचियों पर टिकी रहें तो समझो की उसके लण्ड में आग लग चुकी है और वह चोदना चाहता है। और जिस मर्द के लण्ड में यह आग नहीं लगती वह भोसड़ी का मर्द ही नहीं होता ?
मेरा भोसड़ी का ससुर मुझे जिन नज़रों से देखता था, मैं समझ गयी की वह मुझे पटक पटक कर चोदना चाहता है।
एक दिन मैं अकेली थी और मर्दों में वह भी अकेला था। मैंने मौक़ा अच्छा देखा तो घुस गयी उसके कमरे में ? मैंने चूंचियां आधे से अधिक खोल रखीं थी और साड़ी कमर के नीचे तक पहन रखी थी। अगर साड़ी एक इंच नीचे हो जाये तो मेरी झांटें दिखने लगेंगीं ? मैं बड़ी बेशर्मी से बोली ससुर जी भोसड़ी के तुम मुझे घूरते क्यों रहते हो ? अगर कुछ देखना है तो खोल कर देख लो न ? मैं मना नहीं करूंगी। मैं दिखा दूँगी ? मैंने थोड़ा उसके नज़दीक गयी तो उसका लण्ड मेरी जांघ से टकरा गया। मैंने कहा हाय दईया तेरा बहन चोद लण्ड तो बहुत बड़ा है ? बड़ा सख्त है लण्ड ? उसने मुझे अपनी तरफ खींच लिया और बोला अरे तू तो बातें बहुत बढ़िया करती है, बहू ? उसने मेरी चूंची दबा दी ? मैंने कहा खोल कर दबाओ न ? मस्ती से दबाओ। मैं बिना तेरा लण्ड पकडे जाऊँगी नहीं यहाँ से ? मेरे मुंह से लण्ड सुनकर उसका लौड़ा और तन गया।
उसने मेरी चूंचियां खोल कर निकाल ली। मेरी साड़ी और पेटीकोट खोल कर मेरी चूत पर मेरी गांड पर हाथ फेरने लगा। मैंने भी उसकी लुंगी खोल कर फेंक दी और लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। लण्ड तो साला तन कर खड़ा हो गया। मैंने लण्ड की चुम्मी ली। कई बार चुम्मी ली। उसे पुचकारा और प्यार किया तो लण्ड और फ़ुफ़कारने लगा। मैंने बड़े प्यार से कहा अरे ससुर जी तेरा भोसड़ी का लण्ड तो एकदम हीरो है ? कितना प्यारा है बहन चोद ? इसकी झांटें लगता है की आज ही बनायीं है तूने ? वह बोला मैंने नहीं बनायीं बहू, वो तो सवेरे सवेरे मेरे पड़ोसन की लड़की जूली मेरी झांटें बना कर गयी है। वह अक्सर मेरा लण्ड पीने आ जाती है। और उसकी माँ चुदवाने आ जाती है। मैंने कहा तो फिर मुझे भी चोदो ?
- मैंने पूंछा - छमियां तो क्या तूने पहले ही दिन चुदवा लिया अपने ससुर से ?
- उसने जबाब दिया - हां भाभी, जब चुदवाना है तो देर किस बात की ? साले ने ९" का लण्ड पेल दिया मेरी चूत में ?
- तब तो तेरी चूत फट गयी होगी ससुरी ?
- नहीं भाभी चूत कहाँ फट सकती है। न मेरी चूत फटी और न मेरी माँ का भोसड़ा फटा ?
- तो क्या तेरी माँ ने भी चुदवाया तेरे ससुर से ?
- अरे भाभी जब कोई औरत इतना बड़ा लण्ड देख लेगी तो क्या वह अपने आपको चुदवाने से रोक पायेगी भोसड़ी वाली ? उस दिन जब मैं ससुर का लण्ड हिला हिला कर मज़ा ले रही थी तो अचानक मेरी अम्मी आ गयी। अम्मी ने तो लण्ड मुझसे छीन लिया और खुद उसे चूमने चाटने लगीं। थोड़ी देर में मैंने उससे लण्ड छीन लिया और उसी के भोसड़ा में पेल दिया लण्ड ? मैं भकाभक चुदवाने लगी अपनी माँ का भोसड़ा।
- हाय दईया तो फिर किसी दिन मेरी भी चूत में पेलो उसका लण्ड ? मेरी भी चुदवा दो चूत छमिया ?
- हां बिलकुल चुदवाऊँगी तेरी चूत भाभी ? मैं तो तेरी माँ का भोसड़ा भी चुदवाऊँगी। ताकि मैं तुझे गाली दे सकूँ शीबा भाभी तेरी माँ का भोसड़ा ?
उधर हम दोनों की चूत में आग लगी थी क्योंकि हम बड़ी देर से लण्ड, चूत, भोसड़ा की बातें कर रही थीं। मैंने पूंछा भोसड़ी के खालू तू खाला की बुर चोद कर आया है न ? वह बोला नहीं मैं तो उसकी नन्द की बुर चोद कर आया हूँ। तब मेरे मुंह से निकला तो फिर आज तू मेरी नन्द की भी बुर चोद ले ? मैंने उसके लण्ड पर हाथ रख दिया और दबाने लगी। मैं उसका लण्ड कई बार पी चुकी हूँ लेकिन अभी तक चुदवाया नहीं उससे ? मैंने उसका लण्ड धीरे से बाहर निकाला और हिलाने लगी। तोप के गोला जैसा उसका सुपाड़ा साला फूलने लगा। मैंने लण्ड छमिया को पकड़ा दिया। छमिया लण्ड पकड़ते ही बोली हाय अल्ला. लड़का तो झांट भर है लेकिन लण्ड इसका हाथ भर का है।
मैं छमिया के कपडे उतारने लगी। वह नंगी हो गयी। मैंने फिर खालू को भी नंगा कर दिया। उसका लण्ड छमिया को नंगी देख कर और टन्ना गया फिर मैं भी नंगी हो गयी। छमियां उसका लण्ड चाटने लगी, मैं उसकी चूत चाटने लगी और खालू मेरी चूत चाटने लगा। मैं थोड़ी देर में बोली खालू भोसड़ी के तूने कभी मेरी बुर नहीं चोदी पर आज तू मेरी नन्द की बुर चोद ले ? मैं नन्द की बुर चुदवाकर मज़ा लूंगी। ऐसा कह कर मैंने लण्ड छमिया की बुर में घुसा दिया। वह ससुरी बड़े मजे से गांड से जोर लगा लगा के चुदवाने लगी। छमिया की बुर चोद कर यह चला गया।
चुदवाने के बाद वह बोली भाभी तूने आज मेरी बुर चुदवाई है कल मैं तेरी बुर चुदवाऊँगी।
दो दिन बाद अचानक छमियां का ससुर उसे ले जाने के लिए आ गया। मुझसे भी उसकी मुलाक़ात हुई। वह मेरी सास से भी मिला। सास तो बड़ी खुश हो गयी उसे देख कर । छमिया चुपके से बोली भाभी आज तो तेरी सास का भोसड़ा चुदेगा। मैंने कहा हा हां तुझे तो अपनी माँ चुदवानी है न ? तो चुदवा मस्ती से ? तुझे अपनी भाभी की बुर का ख्याल तो है नहीं ? वह बोली अरे भाभी इतनी जलन क्यों हो रही है ? तेरी तो बुर चोदने मेरा नंदोई आ रहा है ? शाम को उसका नंदोई आ गया। हम लोग कुछ बातें कर ही रही थी की मेरे माईके से मेरा मामू जान आ गया। उसे देख कर मेरी ख़ुशी का ठिकाना न रहा। मैंने छमियां के कान में कहा ले बुर चोदी तेरी बुर के लिए भी लण्ड आ गया है। आज मैं चोदूंगी तेरी बुर।
रात को एक ही कमरे में हम सब थीं। छमियां ने वहीँ पर अपने ससुर को बुला लिया अपने नंदोई को भी ? मैंने भी अपने मामू जान को बुला लिया। छमिया बड़ी बेशर्मी से अपने नंदोई का लण्ड लुंगी के अंदर हाथ डाल कर हिलाने लगी। इधर मैंने भी मामू के पैजामे का नाड़ा खोला और हाथ उसके अंदर घुसेड़ दिया। मैं भी लण्ड अंदर ही अंदर हिलाने लगी। इतने में छमिया ने अपनी नंदोई का लण्ड बाहर निकाल लिय और कहा लो भाभी इसे चूसो। मैंने कहा तो फिर तू भी ले मेरे मामू का लण्ड चूस, भोसड़ी की छलिया ? वह बोली भाभी अभी लेती हूँ एक मिनट रुक जा ज़रा। उसने जल्दी से अपने ससुर की लुंगी खींच ली और उसका नंगा लण्ड हिला कर बोली ले भोसड़ी की अम्मी तू इसे पकड़ और चुदवा ले अपना भोसड़ा ? मेरी सास ने लण्ड पकड़ लिया और उसे बड़े प्यार से चूसने लगी। मैं छमिया के नंदोई का लण्ड चूसने लगी और वह मेरे मामू का लण्ड ?
अब कमरे में चुदाई का नंगा नाच होने लगा, छमियां का ससुर मेरी सास का भोसड़ा चोदने लगा, मैं उसके नंदोई से चुदवाने लगी और छमिया मेरे मामू से चुदवाने लगी। पूरा कमरे में छप्प छप्प, धच्च धच्च,गच्च गच्च, की आवाजों से गूंजने लगा। किसी की बुर चुदने लगी तो किसी की गांड ? किसी की चूंची चुद रही थी तो किसी का मुंह ? कोई लण्ड चूस रही थी, कोई लण्ड अपनी बुर में पेल रही थी, कोई गांड मरा रही थी, कोई चूंची के बीच लण्ड पेल रही थी। बड़ा घमाशान मचा था कमरे में।
सास बोली :- हाय बेटी तेरे ससुर का लौड़ा तो घोड़े के लौड़े जैसा है। बड़ा मस्त चोद रहा है मुझे, भोसड़ी का ? तेरी माँ का भोसड़ा बुर चोदी छमिया ? तू ससुराल पहुँचते ही अपने ससुर से चुदवाने लगी ?
छमियां बोली :- अरे मेरी बुर चोदी अम्मी, मैं अपनी चूत ही नहीं अपनी माँ का भोसड़ा भी चुदवाने लगी हूँ ससुर से ? तेरी बिटिया की बुर , अम्मी तू बहन चोद बड़ी चुदक्कड़ है। तेरी गांड भी मारेगा मेरा ससुर ?
मैंने कहा :- हाय मेरी मादर चोद सास, तू बहन चोद अपनी बिटिया की बुर चुदवाती है ? अपनी बहू की बुर भी चुदवाती है ? और तू भोसड़ी वाली खुद भी रंडी की तरफ सबके सामने चुदवाती है अपना भोसड़ा ?
हम तीनो इसी तरह एक दूसरे को खूब गन्दी गन्दी गालियां दे दे कर चुदवाने लगीं ? लण्ड अदल बदल कर चुदवाने लगीं। गालियां देकर चुदवाने में जोश ज्यादा बढ़ जाता है और फिर चुदवाने का मज़ा दूना हो जाता है।
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