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आजकल बीवियां पराये मर्दों से चुदवाने लगीं हैं - Patniyon ko dusre mardon ke lund chahiye
आजकल बीवियां पराये मर्दों से चुदवाने लगीं हैं - Patniyon ko dusre mardon ke lund chahiye, Biwi Ko Gair Mard Se Chudwane Ki Tamanna, बीवियां चोद रही है मर्दों के लण्ड, पतिव्रता बीवी को गैर मर्द से, दूसरे मर्द से चुदवाऊँ, गैर मर्द से सेक्सी बीवी की चुदाई, Gair Mard Se Sexy Biwi Ki Chudai, अपनी पत्नी को 'गैरमर्द' के साथ खुद जाने दे रहे हैं पति.
मैंने कहा :- यार प्रेमा आज तो बड़ा मज़ा आ रहा है। मुझे तो तेरी बहुत याद आ रही है बहन चोद ? सच बताऊँ, तू होती तो और मज़ा आता, यार ?
प्रेमा बोली :- अच्छा यह तो बता की वहां हो क्या रहा है, रितिका ?
मैंने कहा :- यहाँ हो रही है आपस में चोदा चोदी ? हां एक दूसरे की बीवी की चोदा चोदी ? बिलकुल उसी तर्ज़ पर की "तुम मेरी बीवी चोदो मैं तेरी बीवी चोदूँ" अब सोंचो अगर तू यहाँ होती तो कितना मज़ा आता ? यहाँ ग्रुप चुदाई का मज़ा दूना हो जाता, बहन चोद ? हम तीनो बीवियां एक ही कमरे में एक दूसरे के मियां से चुदवा रहीं है।
प्रेमा बोली :- तो फिर खुल कर बता न मुझे कौन किसकी बीवी चोद रहा है ? कौन किसके मियां से चुदवा रही है ?
मैंने कहा :- देख, अलका मेरे मियां रोहित से चुदवा रही है। गौरवी अलका के मियां अनिल से चुदवा रही है और मैं तेरे मियां पवन से चुदवा रही हूँ।
प्रेमा बोली :- भोसड़ी की तू बड़ी हरामजादी है बर चोदी ? मेरी absense में तू मेरे मरद से चुदवा रही है। मेरे सामने मेरे मरद से चुदवाने में तेरी गांड फटती है क्या ? और क्या के करती तू मेरे मरद के साथ ?
मैंने कहा :- वाओ, तो यह बात है ? बुरा मान गयी क्या तू माँ की लौड़ी ?
प्रेमा बोली :- अरे नहीं यार मैं तो मजाक कर रही हूँ। मैं खुश हूँ की तूने आखिर कार मेरी बात तो मानी ? आज तूने मेरे मियां से चुदवा तो लिया। लेकिन तूने मुझे यह खबर देकर मेरी चूत में आग लगा दी है यार ? मैं अगर होती तो मैं भला किसके मियां से चुदवाती ?
मैंने कहा :- तू गौरवी के मियां गणेश से चुदवाती और तब यह अदला बदली सही माने में पूरी होती ? पर सच्ची बात तो यह है की न तू है यहाँ और न गौरवी का मियां ? न तेरी बुर है यहाँ और न गौरवी के मियां का लण्ड ?
प्रेमा बोली :- अरे यार यह बात सुनकर मेरी झांटें भी सुलग रही है और अंदर ही अंदर गुदगुदी भी हो रही है।
मैंने कहा :- साफ़ साफ़ बता न मुझे ? ये पहेली न बुझा भोसड़ी की प्रेमा ?
प्रेमा बोली :- मैं साफ साफ़ ही बता रही हूँ। मेरी झांटें इसलिए सुलग रही है की तुम लोग वहां मज़ा कर रही हो और मैं यहाँ पड़े पड़े अपनी चूत सहला रही हूँ तो जलन नहीं होगी क्या ? इसीलिए मेरी झांटें सुलग रहीं है। और गुदगुदी इसलिए हो रही है की अब मैं आकर तीन तीन लण्ड का मज़ा लूंगी। तीनो गैर मर्दों से बारी बारी से चुदवाऊँगी तो कितना मज़ा आएगा ?
दोस्तों, इस कमरे में तीन बीवियां एक दूसरे के मियां से चुदवा रही है। तीनो मर्द बहन चोद एक दूसरे की बीवी चोद रहे हैं।
रोहित, अनिल की बीवी (अलका) चोद रहा है।
अनिल, गणेश की बीवी (गौरवी) चोद रहा है।
पवन, रोहित की बीवी (मुझे रितिका ) चोद रहा है।
यहाँ न प्रेमा है और न गणेश ?
यहाँ अगर गणेश होता तो पवन की बीवी (प्रेमा) चोदता ?
मैं रितिका हूँ ३१ साल की एक खूबसूरत मद मस्त बीवी। प्रेमा मेरी बहुत अच्छी दोस्त है। हम दोनों अक्सर मिलतीं है और खुल कर बातें करती हैं। साथ साथ घूमती हूँ, शॉपिंग करती हूँ और खूब गन्दी गन्दी बातें करती हूँ, गाली गलौज भी करती हूँ खूब मस्ती करती हूँ। प्रेमा ने कई बार मुझसे कहा यार कभी मेरे पति से चुदवा लो। मैंने भी उससे कहा तुम भी मेरे पति से चुदवा लो। कई बार हम दोनों में यहीं बातें हुई लेकिन कभी चोदा चोदी नहीं हुई।
मेरी एक और दोस्त है अलका ? वह भी मेरी तरह ही खूब बातें करती है और हंसी मजाक करती है। एक दिन प्रेमा ने उसके सामने ही कह दिया यार रितिका कभी मेरे मियां से चुदवा लो। मज़ा आये तो आगे भी चुदवाती रहना ? अलका भी बीच में बोल पड़ी अरे यार मेरे पति से भी चुदवा लो ? चोदने में बड़ा मस्त है मेरा पति ? मैं तो कहती हूँ की उसके लण्ड का मज़ा लूटो ? प्रेमा बोली तुम भी मेरे मियां के लण्ड का मज़ा लूटो यार अलका ? उधर अलका बुर चोदी ऐसे कह रही थी की जैसे वह अपने मरद का लण्ड अभी मेरी बुर में घुसा देगी ? इन दोनों की बातें सुनकर मेरी इच्छा उनके मरद से चुदवाने की होने लगी। अलका भी यही सोंचने लगी की मेरा भी मन इन लोगों के पति से चुदवाने का है ?
इस तरह मन ही मन हम तीनो बीवियां एक दूसरे के पति से चुदवाने के लिए तैयार हो गयीं।
आज शाम को मैं अपने पति के साथ बैठी हुई दारू पी रही थी। इतने में प्रेमा का पति पवन आ गया। हम दोनों बहुत खुश हुए और उसे भी दारू में शामिल कर लिया। बातें कुछ गहरी होने लगीं। मेरा पति भी मस्ती में था और मैं भी।
इतने में किसी ने डोर बेल बजाई। मैंने दरवाजा खोला तो सामने अलका और उसका पति अनिल खड़े थे। मैंने उन्हें भी अंदर बुला लिया और दारू में शामिल कर लिया। पहले तो झटका लगा की ये लोग भोसड़ी के क्यों बीच में आ गये ? नहीं आते तो अब तक पवन का लण्ड मेरे हाथ में होता ? बातें फिर आगे बढ़ने लगीं। मैंने अलका के कान में कुछ कहा तो वह भी मुस्कराने लगी। मैं तो अब तक पूरी तरह मस्ती में आ चुकी थी इसलिए मैंने पहल की और कहा पवन आज तुम मेरी बजाने के साथ साथ अलका की भी बजा लो ? अनिल मेरी तरफ देखने लगा। इसी बीच मेरा पति बोला यार अनिल पवन की बीवी आज नहीं है। मैंने कहा यार आज तुम मेरी बीवी चोद लो। मुझे कोई फरक नहीं पड़ता ? बस अनिल भी फटाक से बोला यार पवन तुम मेरी भी बीवी चोद लो मुझे भी कोई फरक नहीं पड़ता ? मैं अपनी बीवी चुदवाने के लिए तैयार हूँ। अनिल की बीवी अलका अपने पति की बात सुनकर मुस्कराने लगी। उसका मन तो किसी और के मरद से चुदवाने का था ही। वह सोंचने लगी की मेरी मुराद तो बिन मांगे ही पूरी हो रही है।
पवन तो मन ही मन बड़ा खुश हो गया। मैं उठी और पवन के बगल में बैठ कर उसकी जांघें सहलाने लगी। उसका हाथ मेरी चूंचियों पर चला गया। वह चूंचियां दबाने लगा। उधर मेरा पति उठा और वह अलका की चूंचियों पर कब्जा जमाने लगा। अनिल भी मेरे बदन पर हाथ फेरने लगा और अनिल का लण्ड मैं पैंट के ऊपर से दबाने लगी। मैं एक हाथ से अनिल का लण्ड और दूसरे हाथ से पवन का लण्ड पकड़ना चाहती थी। इतने में किसी ने दरवाजा खटखटा दिया। मेरे मुंह से निकला अब कौन भोसड़ी वाला आ गया ? मैंने जब दरवाजा खोला तो सामने मेरी सहेली गौरवी खड़ी थी। मैंने उसे अंदर किया और दरवाजे की सिटकनी बंद कर दी। वह बोली हाय रितिका मैं अकेली घर में बोर हो रही थी तो तेरे पास चली आई। मैंने कहा क्यों तेरा मियां कहाँ है ? आज तो छुटटी है। वह तो घर पर ही होगा ? वह बोली नहीं वह टूर पर गया है। दो दिन बाद आएगा।
बस मेरे अंदर का शैतान जाग गया। मेरी नियत खराब हो गयी। मैंने पूंछा तो फिर आजकल तुझे चोदने वाला कोई नहीं है ? वह बोली हां इसीलिए तो बोर हो रही हूँ, मैं ? मैं फ़ौरन अपनी चादर फेंक दी । मैं अंदर से नंगी थी ही। मैं नंगी नंगी खड़ी हो गयी उसके आगे और बोली तू भी नंगी हो जा मेरी तरह बुर चोदी गौरवी। वह उठी और अपने कपडे खोलने लगी। जब वह नंगी हुई तो मैं उसका नंगा बदन देख कर बोली हाय कितना सेक्सी जिस्म है तेरा गौरवी ? तुझे नंगी देख कर तो कोई भीं तेरे ऊपर चढ़ बैठेगा और चोदने लगेगा तेरी बुर ? वह बोली हां यार यही तो मैं चाहती हूँ की कोई मुझे चोदे ?
मैं गौरवी को नंगी नंगी कमरे में ले आई। मैंने देखा की अलका एकदम नंगी होकर मेरे पति का लण्ड चूस रही है। पवन उसकी चूंचियां मसल रहा है और अनिल अपनी बीवी की गांड पर हाथ फेर रहा है। मैंने कहा देखो भोसड़ी वालों ये मेरी सहेली गौरवी है। यह भी चुदवाने आई है। यह सुनते ही अनिल ने उसे पकड़ कर अपनी तरफ खींच लिया और चिपका लिया। मैंने कहा मादर चोद अनिल पहले अपनी पैंट तो खोल, लौड़ा तो दिखा इसे फिर मजे से चिपका कर चोद इसकी बुर ? यह सुनते ही गौरवी खुद उसकी पैंट खोलने लगी। देखते ही देखते वह नंगा हो गया और गौरवी उसका लण्ड हिला हिला कर चाटने लगी। अब तीन लण्ड और तीन चूत का एक बड़ा ग्रुप बन गया।
मैं पवन का लण्ड चाटने लगी, गौरवी अलका के मियां का लण्ड चाटने लगी और अलका मेरे मियां का लण्ड ? हम तीनो को लण्ड चाटने में बड़ा मज़ा आ रहा था। अलका बोली यार रितिका आज शादी के बाद पहली बार किसी गैर मर्द का लण्ड चूस रही हूँ। मैंने कहा यार मेरे मर्द तेरे लिए गैर मर्द नहीं है। वह तो तेरा ही मर्द है ? जब चाहो तब चूसो उसका लण्ड ? वैसे मैं भी आज पहली बार शादी के बाद कोई दूसरा लण्ड चूस रही हूँ। प्रेमा कहा करती थी की मेरे मियां से चुदवाओ किसी दिन तो आज मैं उसी से चुदवाने जा रही हूँ। गौरवी बोली यार मेरी बहुत दिनों से इच्छा थी की मैं किसी और से चुदवाऊँ ? मुझे क्या मालूम था की आज मैं किसी और का लण्ड चूसूंगी ? रितिका की मैं बड़ी तारीफ करती हूँ की उसने मेरी इच्छा पूरी कर दी। शादी के बाद आज मेरी चूत को एक अनोखा मज़ा आएगा। ऐसा कह कर गौरवी ने अनिल का लण्ड अपनी चूत में घुसा लया और चुदवाने लगी। मैं पवन से चुदवाने लगी और अलका मेरे मियां से भकाभक चुदवाने लगी।
तभी मैंने फोन उठाया और प्रेमा से बात करने लगी। मैंने जो बात की वह आपने ऊपर पढ़ा ?
चुदवाते समय सब लोग कुछ सोंच रहे थे। गौरवी सोंच रही थी की आज मैं इन तीनो से चुदवा कर जाऊँगी। अलका के मन था की आज मैं रोहित और पवन दोनों से चुदवाऊँगी। मैं सोंच रही थी की मैं भी अनिल और पवन से चुदवाऊँगी। मेरा मियां ने सोंचा की मैं अलका को चोदने के बाद गौरवी की बुर जरूर चोदूंगा। अनिल भी गौरवी के बाद मुझे चोदने के चक्कर में था। पवन के मन में था की वह आज तीनो की बुर चोदेगा अलका की, मेरी, और गौरवी की बुर ? उसके बाद तो चोदा चोदी का जो सिलसिला शुरू हुआ वह रात भर चलता रहा। सवेरे उठ कर फिर सबने एक दूसरे की बीवी चोदी ?
दो दिन बाद प्रेमा आ गयी। मैंने उसे सारा किस्सा फिर सुनाया। वह बहुत खुश हुई और बोली यार तूने मेरी इच्छा पूरी कर दी। अब तू यह बता की किसका लण्ड कितना बड़ा है और कौन किस तरह चोदता है ? मैंने कहा यार बताने को तो मैं बता दूँगी लेकिन बताने से तेरा मज़ा किरकिरा हो जायेगा ? मैं चाहती हूँ की तू उन सबसे चुदवा ले पहले जिन जिन की बीवियों ने तेरे मरद से चुदवाया है। तो पहले तू मेरे मरद रोहित से चुदवा। फिर अलका के पति अनिल से चुदवा और फिर गौरवी के पति गणेश से चुदवा। उसके बाद मैं एक बड़ी सेक्स पार्टी करूंगी। मैंने तभी गौरवी को फोन लगाया तो उसने बताया की उसका पति गणेश आ गया है और मैं उसे तेरे पास भेज रही हूँ। मैंने उसे सब बता दिया है और अब तुम लोग मेरे मरद से चुदवा लो मैं आज कहीं और जा रही हूँ चुदवाने ? थोड़ी देर में गणेश आ गया।
अब घर मैं मैं, मेरा पति, प्रेमा और गणेश चार लोग हैं। हमने डिंक्स चालू कर दी तो थोड़ी मस्ती आने लगी। गणेश को मालूम ही था की वह किसलिए आया है और मुझे भी मालूम था की अब मुझे क्या करना है ?
प्रेमा ने तो अपनी चूत मेरे पति के मुंह पर रख दी और चटवाने लगी। उसका लण्ड पूरा मुंह में भर कर चूसने लगी। गणेशा बोला रितिका भाभी अब मैं तुम्हे चोदूंगा। मैंने कहा तो फिर चोदो न मुझे मेरे राजा ! मेरी बुर चोदो, मेरी चूत चोदो, मेरी गांड चोदो, मेरी चूंची चोदो ? बस उसने गच्च से पेल दिया लण्ड और मैं मस्ती से चुदवाने लगी। उधर मैंने देखा की मेरा पति प्रेमा की बुर इतनी मजे से चोद रहा है जितने मजे से उसने कभी मेरी बुर नहीं चोदी ? किसी ने सच ही कहा है की परायी बीवी चोदने में जो मज़ा है वह कहीं और नहीं ? पराये मरद से चुदवाने का जो मज़ा है वह कहीं और नहीं ? शायद इसीलिए आजकल बीवियां पराये मर्दों से चुदवाने लगीं हैं।
मैंने कहा :- यहाँ हो रही है आपस में चोदा चोदी ? हां एक दूसरे की बीवी की चोदा चोदी ? बिलकुल उसी तर्ज़ पर की "तुम मेरी बीवी चोदो मैं तेरी बीवी चोदूँ" अब सोंचो अगर तू यहाँ होती तो कितना मज़ा आता ? यहाँ ग्रुप चुदाई का मज़ा दूना हो जाता, बहन चोद ? हम तीनो बीवियां एक ही कमरे में एक दूसरे के मियां से चुदवा रहीं है।
प्रेमा बोली :- तो फिर खुल कर बता न मुझे कौन किसकी बीवी चोद रहा है ? कौन किसके मियां से चुदवा रही है ?
मैंने कहा :- देख, अलका मेरे मियां रोहित से चुदवा रही है। गौरवी अलका के मियां अनिल से चुदवा रही है और मैं तेरे मियां पवन से चुदवा रही हूँ।
प्रेमा बोली :- भोसड़ी की तू बड़ी हरामजादी है बर चोदी ? मेरी absense में तू मेरे मरद से चुदवा रही है। मेरे सामने मेरे मरद से चुदवाने में तेरी गांड फटती है क्या ? और क्या के करती तू मेरे मरद के साथ ?
मैंने कहा :- वाओ, तो यह बात है ? बुरा मान गयी क्या तू माँ की लौड़ी ?
प्रेमा बोली :- अरे नहीं यार मैं तो मजाक कर रही हूँ। मैं खुश हूँ की तूने आखिर कार मेरी बात तो मानी ? आज तूने मेरे मियां से चुदवा तो लिया। लेकिन तूने मुझे यह खबर देकर मेरी चूत में आग लगा दी है यार ? मैं अगर होती तो मैं भला किसके मियां से चुदवाती ?
मैंने कहा :- तू गौरवी के मियां गणेश से चुदवाती और तब यह अदला बदली सही माने में पूरी होती ? पर सच्ची बात तो यह है की न तू है यहाँ और न गौरवी का मियां ? न तेरी बुर है यहाँ और न गौरवी के मियां का लण्ड ?
प्रेमा बोली :- अरे यार यह बात सुनकर मेरी झांटें भी सुलग रही है और अंदर ही अंदर गुदगुदी भी हो रही है।
मैंने कहा :- साफ़ साफ़ बता न मुझे ? ये पहेली न बुझा भोसड़ी की प्रेमा ?
प्रेमा बोली :- मैं साफ साफ़ ही बता रही हूँ। मेरी झांटें इसलिए सुलग रही है की तुम लोग वहां मज़ा कर रही हो और मैं यहाँ पड़े पड़े अपनी चूत सहला रही हूँ तो जलन नहीं होगी क्या ? इसीलिए मेरी झांटें सुलग रहीं है। और गुदगुदी इसलिए हो रही है की अब मैं आकर तीन तीन लण्ड का मज़ा लूंगी। तीनो गैर मर्दों से बारी बारी से चुदवाऊँगी तो कितना मज़ा आएगा ?
दोस्तों, इस कमरे में तीन बीवियां एक दूसरे के मियां से चुदवा रही है। तीनो मर्द बहन चोद एक दूसरे की बीवी चोद रहे हैं।
रोहित, अनिल की बीवी (अलका) चोद रहा है।
अनिल, गणेश की बीवी (गौरवी) चोद रहा है।
पवन, रोहित की बीवी (मुझे रितिका ) चोद रहा है।
यहाँ न प्रेमा है और न गणेश ?
यहाँ अगर गणेश होता तो पवन की बीवी (प्रेमा) चोदता ?
मैं रितिका हूँ ३१ साल की एक खूबसूरत मद मस्त बीवी। प्रेमा मेरी बहुत अच्छी दोस्त है। हम दोनों अक्सर मिलतीं है और खुल कर बातें करती हैं। साथ साथ घूमती हूँ, शॉपिंग करती हूँ और खूब गन्दी गन्दी बातें करती हूँ, गाली गलौज भी करती हूँ खूब मस्ती करती हूँ। प्रेमा ने कई बार मुझसे कहा यार कभी मेरे पति से चुदवा लो। मैंने भी उससे कहा तुम भी मेरे पति से चुदवा लो। कई बार हम दोनों में यहीं बातें हुई लेकिन कभी चोदा चोदी नहीं हुई।
मेरी एक और दोस्त है अलका ? वह भी मेरी तरह ही खूब बातें करती है और हंसी मजाक करती है। एक दिन प्रेमा ने उसके सामने ही कह दिया यार रितिका कभी मेरे मियां से चुदवा लो। मज़ा आये तो आगे भी चुदवाती रहना ? अलका भी बीच में बोल पड़ी अरे यार मेरे पति से भी चुदवा लो ? चोदने में बड़ा मस्त है मेरा पति ? मैं तो कहती हूँ की उसके लण्ड का मज़ा लूटो ? प्रेमा बोली तुम भी मेरे मियां के लण्ड का मज़ा लूटो यार अलका ? उधर अलका बुर चोदी ऐसे कह रही थी की जैसे वह अपने मरद का लण्ड अभी मेरी बुर में घुसा देगी ? इन दोनों की बातें सुनकर मेरी इच्छा उनके मरद से चुदवाने की होने लगी। अलका भी यही सोंचने लगी की मेरा भी मन इन लोगों के पति से चुदवाने का है ?
इस तरह मन ही मन हम तीनो बीवियां एक दूसरे के पति से चुदवाने के लिए तैयार हो गयीं।
आज शाम को मैं अपने पति के साथ बैठी हुई दारू पी रही थी। इतने में प्रेमा का पति पवन आ गया। हम दोनों बहुत खुश हुए और उसे भी दारू में शामिल कर लिया। बातें कुछ गहरी होने लगीं। मेरा पति भी मस्ती में था और मैं भी।
- मैंने कहा यार पवन आज तुम भोसड़ी के बड़े अच्छे लग रहे हो ? कॉलेज में तो लड़कियां तेरे आगे पीछे घूमती होंगी।
- वह बोला अरे भाभी कॉलेज के दिन बहुत अच्छे थे। कभी मैं लड़कियों के पीछे घूमता था कभी लड़कियां मेरे पीछे ?
- मेरा पति रोहित बोला तो कभी किसी लड़की को ठोंका की नहीं ?
- पवन मुस्कराकर बोला हां कभी कभी ऐसा हो जाता था।
- मैंने कहा वाओ, बड़े हरामी हो इसका मतलब बहन चोद तुम ? अब आजकल किसकी बजाते हो ?
- वह बोला अपनी बीवी की ही बजाता हूँ भाभी और किसी की नहीं ?
- मैंने कहा अच्छा तो बजाने का मन तो करता होगा न ?
- वह बोला मन तो करता है लेकिन ऐसा हो कहाँ पाता है ?
- मेरा पति इतने में बड़ी अदा से बोला तो फिर आज मेरी बीवी की बजा लो ?
- मैं मन ही मन बहुत खुश हुई। मैंने आँख मारते हुए कहा बजाओ न यार ? जब मेरा पति अपनी बीवी की बजवाने के लिए तैयार है तो फिर तुझे क्या परेशानी है ?
- वह बोला मेरी बीवी तो नहीं है, भाभी ?
- मेरा पति बोला तभी तो कह रहा हूँ की तेरी बीवी नहीं तो तू आज मेरी बीवी की बजा ले ? जब तेरी बीवी आएगी तो मैं बजा लूंगा।
इतने में किसी ने डोर बेल बजाई। मैंने दरवाजा खोला तो सामने अलका और उसका पति अनिल खड़े थे। मैंने उन्हें भी अंदर बुला लिया और दारू में शामिल कर लिया। पहले तो झटका लगा की ये लोग भोसड़ी के क्यों बीच में आ गये ? नहीं आते तो अब तक पवन का लण्ड मेरे हाथ में होता ? बातें फिर आगे बढ़ने लगीं। मैंने अलका के कान में कुछ कहा तो वह भी मुस्कराने लगी। मैं तो अब तक पूरी तरह मस्ती में आ चुकी थी इसलिए मैंने पहल की और कहा पवन आज तुम मेरी बजाने के साथ साथ अलका की भी बजा लो ? अनिल मेरी तरफ देखने लगा। इसी बीच मेरा पति बोला यार अनिल पवन की बीवी आज नहीं है। मैंने कहा यार आज तुम मेरी बीवी चोद लो। मुझे कोई फरक नहीं पड़ता ? बस अनिल भी फटाक से बोला यार पवन तुम मेरी भी बीवी चोद लो मुझे भी कोई फरक नहीं पड़ता ? मैं अपनी बीवी चुदवाने के लिए तैयार हूँ। अनिल की बीवी अलका अपने पति की बात सुनकर मुस्कराने लगी। उसका मन तो किसी और के मरद से चुदवाने का था ही। वह सोंचने लगी की मेरी मुराद तो बिन मांगे ही पूरी हो रही है।
पवन तो मन ही मन बड़ा खुश हो गया। मैं उठी और पवन के बगल में बैठ कर उसकी जांघें सहलाने लगी। उसका हाथ मेरी चूंचियों पर चला गया। वह चूंचियां दबाने लगा। उधर मेरा पति उठा और वह अलका की चूंचियों पर कब्जा जमाने लगा। अनिल भी मेरे बदन पर हाथ फेरने लगा और अनिल का लण्ड मैं पैंट के ऊपर से दबाने लगी। मैं एक हाथ से अनिल का लण्ड और दूसरे हाथ से पवन का लण्ड पकड़ना चाहती थी। इतने में किसी ने दरवाजा खटखटा दिया। मेरे मुंह से निकला अब कौन भोसड़ी वाला आ गया ? मैंने जब दरवाजा खोला तो सामने मेरी सहेली गौरवी खड़ी थी। मैंने उसे अंदर किया और दरवाजे की सिटकनी बंद कर दी। वह बोली हाय रितिका मैं अकेली घर में बोर हो रही थी तो तेरे पास चली आई। मैंने कहा क्यों तेरा मियां कहाँ है ? आज तो छुटटी है। वह तो घर पर ही होगा ? वह बोली नहीं वह टूर पर गया है। दो दिन बाद आएगा।
बस मेरे अंदर का शैतान जाग गया। मेरी नियत खराब हो गयी। मैंने पूंछा तो फिर आजकल तुझे चोदने वाला कोई नहीं है ? वह बोली हां इसीलिए तो बोर हो रही हूँ, मैं ? मैं फ़ौरन अपनी चादर फेंक दी । मैं अंदर से नंगी थी ही। मैं नंगी नंगी खड़ी हो गयी उसके आगे और बोली तू भी नंगी हो जा मेरी तरह बुर चोदी गौरवी। वह उठी और अपने कपडे खोलने लगी। जब वह नंगी हुई तो मैं उसका नंगा बदन देख कर बोली हाय कितना सेक्सी जिस्म है तेरा गौरवी ? तुझे नंगी देख कर तो कोई भीं तेरे ऊपर चढ़ बैठेगा और चोदने लगेगा तेरी बुर ? वह बोली हां यार यही तो मैं चाहती हूँ की कोई मुझे चोदे ?
मैं गौरवी को नंगी नंगी कमरे में ले आई। मैंने देखा की अलका एकदम नंगी होकर मेरे पति का लण्ड चूस रही है। पवन उसकी चूंचियां मसल रहा है और अनिल अपनी बीवी की गांड पर हाथ फेर रहा है। मैंने कहा देखो भोसड़ी वालों ये मेरी सहेली गौरवी है। यह भी चुदवाने आई है। यह सुनते ही अनिल ने उसे पकड़ कर अपनी तरफ खींच लिया और चिपका लिया। मैंने कहा मादर चोद अनिल पहले अपनी पैंट तो खोल, लौड़ा तो दिखा इसे फिर मजे से चिपका कर चोद इसकी बुर ? यह सुनते ही गौरवी खुद उसकी पैंट खोलने लगी। देखते ही देखते वह नंगा हो गया और गौरवी उसका लण्ड हिला हिला कर चाटने लगी। अब तीन लण्ड और तीन चूत का एक बड़ा ग्रुप बन गया।
मैं पवन का लण्ड चाटने लगी, गौरवी अलका के मियां का लण्ड चाटने लगी और अलका मेरे मियां का लण्ड ? हम तीनो को लण्ड चाटने में बड़ा मज़ा आ रहा था। अलका बोली यार रितिका आज शादी के बाद पहली बार किसी गैर मर्द का लण्ड चूस रही हूँ। मैंने कहा यार मेरे मर्द तेरे लिए गैर मर्द नहीं है। वह तो तेरा ही मर्द है ? जब चाहो तब चूसो उसका लण्ड ? वैसे मैं भी आज पहली बार शादी के बाद कोई दूसरा लण्ड चूस रही हूँ। प्रेमा कहा करती थी की मेरे मियां से चुदवाओ किसी दिन तो आज मैं उसी से चुदवाने जा रही हूँ। गौरवी बोली यार मेरी बहुत दिनों से इच्छा थी की मैं किसी और से चुदवाऊँ ? मुझे क्या मालूम था की आज मैं किसी और का लण्ड चूसूंगी ? रितिका की मैं बड़ी तारीफ करती हूँ की उसने मेरी इच्छा पूरी कर दी। शादी के बाद आज मेरी चूत को एक अनोखा मज़ा आएगा। ऐसा कह कर गौरवी ने अनिल का लण्ड अपनी चूत में घुसा लया और चुदवाने लगी। मैं पवन से चुदवाने लगी और अलका मेरे मियां से भकाभक चुदवाने लगी।
तभी मैंने फोन उठाया और प्रेमा से बात करने लगी। मैंने जो बात की वह आपने ऊपर पढ़ा ?
चुदवाते समय सब लोग कुछ सोंच रहे थे। गौरवी सोंच रही थी की आज मैं इन तीनो से चुदवा कर जाऊँगी। अलका के मन था की आज मैं रोहित और पवन दोनों से चुदवाऊँगी। मैं सोंच रही थी की मैं भी अनिल और पवन से चुदवाऊँगी। मेरा मियां ने सोंचा की मैं अलका को चोदने के बाद गौरवी की बुर जरूर चोदूंगा। अनिल भी गौरवी के बाद मुझे चोदने के चक्कर में था। पवन के मन में था की वह आज तीनो की बुर चोदेगा अलका की, मेरी, और गौरवी की बुर ? उसके बाद तो चोदा चोदी का जो सिलसिला शुरू हुआ वह रात भर चलता रहा। सवेरे उठ कर फिर सबने एक दूसरे की बीवी चोदी ?
दो दिन बाद प्रेमा आ गयी। मैंने उसे सारा किस्सा फिर सुनाया। वह बहुत खुश हुई और बोली यार तूने मेरी इच्छा पूरी कर दी। अब तू यह बता की किसका लण्ड कितना बड़ा है और कौन किस तरह चोदता है ? मैंने कहा यार बताने को तो मैं बता दूँगी लेकिन बताने से तेरा मज़ा किरकिरा हो जायेगा ? मैं चाहती हूँ की तू उन सबसे चुदवा ले पहले जिन जिन की बीवियों ने तेरे मरद से चुदवाया है। तो पहले तू मेरे मरद रोहित से चुदवा। फिर अलका के पति अनिल से चुदवा और फिर गौरवी के पति गणेश से चुदवा। उसके बाद मैं एक बड़ी सेक्स पार्टी करूंगी। मैंने तभी गौरवी को फोन लगाया तो उसने बताया की उसका पति गणेश आ गया है और मैं उसे तेरे पास भेज रही हूँ। मैंने उसे सब बता दिया है और अब तुम लोग मेरे मरद से चुदवा लो मैं आज कहीं और जा रही हूँ चुदवाने ? थोड़ी देर में गणेश आ गया।
अब घर मैं मैं, मेरा पति, प्रेमा और गणेश चार लोग हैं। हमने डिंक्स चालू कर दी तो थोड़ी मस्ती आने लगी। गणेश को मालूम ही था की वह किसलिए आया है और मुझे भी मालूम था की अब मुझे क्या करना है ?
- मैंने पूंछा क्या तुम्हे सब कुछ गौरवी ने बता दिया है गणेश ?
- वह बोला हां भाभी उसने मुझे सब कुछ बता दिया है ? वह मुझसे कुछ भीं नहीं छुपाती ?
- तो उसने बताया तुम्हे की उसे सबसे ज्यादा मज़ा किससे चुदवाने में आया ?
- यह बात तो खुल कर नहीं बताई ? हां यह जरूर बताया की सभी लोगों से चुदवाकर खूब मज़ा आया ?
- उसने किसी के लण्ड के बारे में बताया तुम्हे ? लण्ड के साइज़ की चर्चा की उसने तुमसे ?
- बिलकुल नहीं नहीं ? वैसे भी यह चर्चा मुझसे करने का कोई मतलब नहीं। ये बातें तो बीवियां और लड़कियां ही आपस में करती हैं।
- तो तुम आज मुझे चोदने आये हो न गणेश ?
- अरे भाभी आप तो मजाक कर रही है। मैं भला ऐसी ज़ुर्रत कैसे कर सकता हूँ ?
- पर मैं तो कर सकती हूँ, भोसड़ी के गणेश ? अब दिखाओ न मुझे अपना यह मादर चोद लण्ड ?
प्रेमा ने तो अपनी चूत मेरे पति के मुंह पर रख दी और चटवाने लगी। उसका लण्ड पूरा मुंह में भर कर चूसने लगी। गणेशा बोला रितिका भाभी अब मैं तुम्हे चोदूंगा। मैंने कहा तो फिर चोदो न मुझे मेरे राजा ! मेरी बुर चोदो, मेरी चूत चोदो, मेरी गांड चोदो, मेरी चूंची चोदो ? बस उसने गच्च से पेल दिया लण्ड और मैं मस्ती से चुदवाने लगी। उधर मैंने देखा की मेरा पति प्रेमा की बुर इतनी मजे से चोद रहा है जितने मजे से उसने कभी मेरी बुर नहीं चोदी ? किसी ने सच ही कहा है की परायी बीवी चोदने में जो मज़ा है वह कहीं और नहीं ? पराये मरद से चुदवाने का जो मज़ा है वह कहीं और नहीं ? शायद इसीलिए आजकल बीवियां पराये मर्दों से चुदवाने लगीं हैं।
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