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बरसात में लंड पिया करो बेटी - Barsat me lund chatne ke fayde
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उस दिन बरसात में मैं बुरी तरह भीग गयी थी। मेरे कपड़े मेरे बदन से चिपक गये थे। मेरी ब्रा बाहर से साफ़ साफ़ दिखाई पड़ रही थी। मेरी चूंचियों का साइज़ साफ़ साफ़ मालूम पड़ रहा था। मेरी चूंचियां बड़ी है लेकिन ब्रा छोटी ? इसलिए चूंचियां ब्रा के बाहर आधी निकली हुई थीं। मेरी उभरी हुई चूंचियां देख कर किसी का भी मन मचल सकता था। अगर वहां कोई लड़का होता तो सीधे अपना लौड़ा मेरी चूंचियों में पेल देता ? मेरा घर थोड़ी दूर पर था लेकिन कमला आंटी का घर नजदीक था। मूसला धार पानी बरस रहा था इसलिए मैं आंटी के घर घुस गयी। आंटी ने मुझे अंदर बुलाया और जल्दी जल्दी मेरे कपड़े खोलने लगीं । वह बोलती जा रही थी की इतनी बरसात में तू कहाँ अपनी माँ चुदाने गयी थी भोसड़ी की पूजा ? पानी तो सवेरे से बरस रहा है, बहन चोद ? रुकने का नाम ही नहीं ले रहा ?
आंटी जल्दी जल्दी मेरे कपड़े खोलने लगीं तब मैंने कहा अरे आंटी ब्रा मैं खोल लूंगी ? सलवार भी मैं खोल लूंगी। मैंने उसके नीचे कुछ नहीं पहना है आंटी ? वह बोली अरी पूजा मुझसे क्या शर्म माँ की लौड़ी ? ब्रा के नीचे चूंचियां ही निकलेगीं न तेरी और कुछ तो नहीं निकलेगा ? सलवार के नीचे चूत ही निकलेगी लण्ड तो निकल नहीं आएगा बहन चोद पूजा ? मैं आंटी की प्यार भरी बातें सुन कर मन ही मन मुस्कराने लगी। वह फिर बोली अब तू बिलकुल नंगी हो जा पूजा मैं तुझे अभी गरम गरम पिलाती हूँ।
मैंने कहा :- हां आंटी मैं गरम गरम चाय पियूंगी ?
वह बोली :- चाय की माँ का भोसड़ा पूजा ? तू पहले नंगी होकर अपना बदन ठीक से पोंछ ले। चाहो तो बाथ रूम से थोड़ा नहा लो ? तब तक मैं इंतज़ाम करती हूँ।
मैं बाथ रूम चली गयी। वहां से जब बाहर निकली तो आंटी ने कहा पूजा तू सीधे मेरे कमरे में आ जा ? मैं तौलिया लपेटे लपेटे चूंची खोले खोले आंटी के कमरे में घुस गयी। आंटी बोली अरी बुर चोदी तौलिया भी उतार दे न ? कितना मस्त मौसम है बहन चोद ? ऐसे में कपड़े पहनना ठीक नहीं है भोसड़ी की ? मुझे देख न मैं तो नंगी ही बैठी हूँ। मैंने तौलिया भी उतार दिया। मैं मादर चोद नंगी नंगी उसके सामने खड़ी हो गयी।
तब उसने बेड पर लेटे हुए एक आदमी के ऊपर से चादर हटाई और मुझसे बोली :- लो पूजा, गरम गरम लण्ड पियो ? (आंटी मुझे लण्ड दिखाते हुए बोली ) मुझे क्या मालूम की आंटी बगल में कोई मर्द लेटा है ? लेकिन उसका खड़ा लौड़ा देख कर मैं सारी दुनिया भूल गयी ? मैं यह भी भूल गयी की मैं बिलकुल नंगी हूँ।
मेरे मुंह से निकला :- हाय राम, आंटी इतना बड़ा लण्ड ? इतना मोटा लण्ड ? इतना टन टनाता हुआ लण्ड ? बाप रे बाप ?
वह बोली :- अरे यार तुझे नंगी देख कर लण्ड साला आपे से बाहर हो गया, पूजा ? देखो ने कैसे अपना सिर हिला रहा है ? यह सब तेरी बहन चोद बड़ी बड़ी मस्त सेक्सी चूंचियों का कमाल है, पूजा ?
मैंने भी हाथ बढाकर लण्ड पकड़ लिया।
आंटी बोली :- पूजा, बरसात में गरम गरम चाय नहीं, गरम गरम लण्ड पिया करो, बेटी।
इतना प्यारा लण्ड देख कर मैं मस्त हो गयी और मेरा मुंह अपने आप खुल गया। मैं लण्ड चाटने लगी और यह पूंछना ही भूल गयी की यह लण्ड है किसका ?मुझसे सबसे ज्यादा मज़ा सुपाड़ा चाटने में आ रहा था। मैं एक हाथ से पेल्हड़ भी सहला रही थी। उधर आंटी मेरी चूंचियां और मेरी गांड पर हाथ फेर रहीं थी। फिर मैंने पूंछ ही लिया आंटी यह लौड़ा है किसका बहन चोद ? उसने जबाब दिया यह मेरे दोस्त रोहित का लौड़ा है पूजा ? मैं तो इसका लण्ड अक्सर पीती हूँ। आज मैं तुम्हे इस उम्मीद से पिला रही हूँ की तू भी अपने दोस्तों के लण्ड मुझे पिलाएगी ? आज से मैं अपने दोस्तों के लण्ड तेरी चूत में पेला करूंगी और तुम अपने दोस्तों के लण्ड मेरी चूत में पेला करोगी ? तुम मेरी बुर चोदो मैं तेरी बुर चोदूँ ?
आंटी ने खिड़की खोल रखी थी। बरसात अभी भी अच्छी तरह हो रही थी। सरसराती हुई हवा चल रही थी। बड़ा मस्त माहौल था। बाहर ठंढक थी लेकिन चूत के अंदर आग लगी थी। मुझे आंटी की बात बहुत अच्छी लगी। मैंने लण्ड पूरा मुंह में भर लिया और चूसने लगी। पीछे मेरी गांड उठी हुई थी और मेरी चूंचियां हिल रहीं थीं। अचानक मुझे लगा की कोई मेरी गांड में कुछ छुआ रह है ? लेकिन मैं चुप रही है। फिर मुझे लगा की इस बार और जोर से कोई मेरी गांड में कुछ घुसेड़ने की कोशिश कर रहा है ? मैंने कहा अरे आंटी कोई भोसड़ी का मेरे पीछे है क्या ? कौन है मादर चोद जो मेरी गांड में छेड़ छाड़ कर रहा है ? तब तक आंटी बड़े प्यार से बोली अरे कुछ नहीं पूजा एक लौड़ा है जो तेरी गांड में छेड़ छाड़ कर रहा है। मैंने कहा भोसड़ी की आंटी तेरी बिटिया की बुर, बहन चोद यह सब तेरी की कारस्तानी है ? तो मेरी बुर चुदवाने के साथ साथ मेरी गांड भी मरवाने का काम कर रही है।
मैंने कहा :- तो फिर खुल कर बताओ न आंटी ? लौड़ा मेरी गांड में घुसने जा रहा है और बताने में गांड तेरी फट रही है ?
आंटी ने जबाब दिया :- पूजा बुर चोदी यह मेरे दोस्त का दोस्त करन है। उसे तेरी उठी हुई गांड बड़ी अच्छी लगी तो उसी में घुसेड़ने लगा अपना लण्ड वैसे तो यह मेरा भोसड़ा चोदने आया है ?
मैंने कहा :- अरे आंटी मैं चुदवाऊँगी भी और अपनी गांड भी मारूंगी तो तू क्या यहाँ अपनी झांटें उखाड़ेगी ?
वह बोली :- अरी नहीं पगली आज मैं तेरी बुर अच्छी तरह चुदवा लूंगी तब मुझे संतोष होगा ? गांड तुम थोड़ा मरवा लो फिर मैं भी मरवा लूंगी।
आंटी यह कह कर मेरे चूतड़ों पर हाथ फेरने लगीं। मेरी चूंचियां सहलाने लगीं। कभी रोहित के पेल्हड़ और कभी करन के पेल्हड़ सहलाने लगीं ? रोहित भोसड़ी का मुझे चोदे चला जा रहा था। ऐसी मस्त बरसात में मैं एक मस्त लौड़े से चुदवा रही थी और दूसरे मस्त लौड़े से गांड मरवा रही थी।
थोड़ी देर में मैंने कहा करन भोसड़ी के अब तुम मुझे चोदो। रोहित तुम आंटी की गांड मारो। रोहित ने लौड़ा मेरी बुर से निकाला और सीधे आंटी की गांड में घुसा दिया। आंटी बिलकुल कुतिया की तरह अपनी गांड मरवाने लगी। मैं भी कुतिया की तरह पीछे से अपनी बुर चुदवाने लगी।
आज पहली बार मैं आंटी के साथ चुदवा रही हूँ और मुझे वाकई बड़ा मज़ा आ रहा है। अकेले में चुदवा जरूर लेती थी मैं पर इतना मज़ा नहीं आता था। उधर बाहर पानी बरस रहा है और इधर हो रही थी धकाधक चुदाई। वह भी एक चूत की नहीं बल्कि दो दो चूत की एक साथ ? थोड़ी देर में करन बोला पूजा मैं निकलने वाला हूँ। बस मैं पीछे घूम गयी और लौड़ा मुठ्ठी में पकड़ लिया। मैं एक हाथ से पेल्हड़ साधे हुए लण्ड का दनादन्न सड़का मारने लगी । मैं बोलती जा रही थी भोसड़ी के लौड़े मियां चोद लिए तूने मेरी बुर ? मार ली तूने मेरी गांड ? अब जल्दी से आ जा बाहर नहीं तो मैं मारूंगी तेरी गाड़ ? मैं चोदूंगी तेरी माँ का भोसड़ा ? लण्ड राजा बड़े हसीन लग रहे हो तुम मुझे ? आगे भी आते रहना भोसड़ी के और चोदते रहना मेरी बुर ? मैंने स्पीड बढ़ा दी। करन बोला आ,,,, ओ,, ओ, हाय,, हां,, हां,, उ,,ई ओहो,, हां, ये,, ओ,, ओ ओइ,, चुन,, चो हा,,, उफ़,, आ,, ओ,, लो,,, पूजा भोसड़ी की पी ले मेरा लण्ड ? उसने पिचकारी मेरे मुंह में गिरा दी और मैं जबान निकला कर बिल्ली की तरह उसका लौड़ा चाटने लगी।
मैंने देखा की आंटी भी मेरी तरह झड़ता हुआ लण्ड चाट रही हैं। मैंने कहा आप सही कह रही थी की बरसात में लण्ड पीने का मज़ा कुछ और ही है। अब तो जब तक बरसात है तब तक मैं लण्ड खूब पीती रहूंगी समझी मेरी बुर चोदी, आंटी ?
मैं आंटी के घर से चुदवाकर चली आई लेकिन दो दिन तक यही सोंचती रही की आंटी ने मेरी बुर चुदवाई। मेरी गांड मरवाई। अब मेरी बारी है की मैं आंटी का भोसड़ा चुदवाऊँ और उसकी गांड मरवाऊं ? मैं अपने मन का लौड़ा आंटी के भोसड़ा में पेलूँ ? मैं एक दिन यह सब सोंच ही रही थी की किसी ने बेल बजाई। मैंने उठ कर दरवाजा खोला तो तो मेरे मुंह से निकला अरे पीटर तू ? चल अंदर आ जा। वह अंदर सोफ़ा पर बैठ गया।
इतने में ग्रासिम भी आ गया। मैंने उसे सबसे मिलवाया तो सब लोग खुश हो गए। वह भी थोड़ा भीगा हुआ था। मैंने कहा आंटी ये दोनों पीटर और ग्रासिम शादी शुदा है। आंटी बोली तो क्या हुआ मेरा दोस्त भी शादी शुदा है। मैंने कहा अरे आगे तो सुनो मेरी भोसड़ी की आंटी ? ये दोनों एक दूसरे की बीवी चोदते हैं ? आंटी बोली वाओ, तब तो और अच्छा है। इन्हे परायी बीवी चोदने का अनुभव है न ? तो फिर मुझे भी अच्छी तरह चोदेंगें ? आंटी ने मान लिया की ये लोग चोदने ही आये हैं।
आंटी जल्दी जल्दी मेरे कपड़े खोलने लगीं तब मैंने कहा अरे आंटी ब्रा मैं खोल लूंगी ? सलवार भी मैं खोल लूंगी। मैंने उसके नीचे कुछ नहीं पहना है आंटी ? वह बोली अरी पूजा मुझसे क्या शर्म माँ की लौड़ी ? ब्रा के नीचे चूंचियां ही निकलेगीं न तेरी और कुछ तो नहीं निकलेगा ? सलवार के नीचे चूत ही निकलेगी लण्ड तो निकल नहीं आएगा बहन चोद पूजा ? मैं आंटी की प्यार भरी बातें सुन कर मन ही मन मुस्कराने लगी। वह फिर बोली अब तू बिलकुल नंगी हो जा पूजा मैं तुझे अभी गरम गरम पिलाती हूँ।
मैंने कहा :- हां आंटी मैं गरम गरम चाय पियूंगी ?
वह बोली :- चाय की माँ का भोसड़ा पूजा ? तू पहले नंगी होकर अपना बदन ठीक से पोंछ ले। चाहो तो बाथ रूम से थोड़ा नहा लो ? तब तक मैं इंतज़ाम करती हूँ।
मैं बाथ रूम चली गयी। वहां से जब बाहर निकली तो आंटी ने कहा पूजा तू सीधे मेरे कमरे में आ जा ? मैं तौलिया लपेटे लपेटे चूंची खोले खोले आंटी के कमरे में घुस गयी। आंटी बोली अरी बुर चोदी तौलिया भी उतार दे न ? कितना मस्त मौसम है बहन चोद ? ऐसे में कपड़े पहनना ठीक नहीं है भोसड़ी की ? मुझे देख न मैं तो नंगी ही बैठी हूँ। मैंने तौलिया भी उतार दिया। मैं मादर चोद नंगी नंगी उसके सामने खड़ी हो गयी।
तब उसने बेड पर लेटे हुए एक आदमी के ऊपर से चादर हटाई और मुझसे बोली :- लो पूजा, गरम गरम लण्ड पियो ? (आंटी मुझे लण्ड दिखाते हुए बोली ) मुझे क्या मालूम की आंटी बगल में कोई मर्द लेटा है ? लेकिन उसका खड़ा लौड़ा देख कर मैं सारी दुनिया भूल गयी ? मैं यह भी भूल गयी की मैं बिलकुल नंगी हूँ।
मेरे मुंह से निकला :- हाय राम, आंटी इतना बड़ा लण्ड ? इतना मोटा लण्ड ? इतना टन टनाता हुआ लण्ड ? बाप रे बाप ?
वह बोली :- अरे यार तुझे नंगी देख कर लण्ड साला आपे से बाहर हो गया, पूजा ? देखो ने कैसे अपना सिर हिला रहा है ? यह सब तेरी बहन चोद बड़ी बड़ी मस्त सेक्सी चूंचियों का कमाल है, पूजा ?
मैंने भी हाथ बढाकर लण्ड पकड़ लिया।
आंटी बोली :- पूजा, बरसात में गरम गरम चाय नहीं, गरम गरम लण्ड पिया करो, बेटी।
इतना प्यारा लण्ड देख कर मैं मस्त हो गयी और मेरा मुंह अपने आप खुल गया। मैं लण्ड चाटने लगी और यह पूंछना ही भूल गयी की यह लण्ड है किसका ?मुझसे सबसे ज्यादा मज़ा सुपाड़ा चाटने में आ रहा था। मैं एक हाथ से पेल्हड़ भी सहला रही थी। उधर आंटी मेरी चूंचियां और मेरी गांड पर हाथ फेर रहीं थी। फिर मैंने पूंछ ही लिया आंटी यह लौड़ा है किसका बहन चोद ? उसने जबाब दिया यह मेरे दोस्त रोहित का लौड़ा है पूजा ? मैं तो इसका लण्ड अक्सर पीती हूँ। आज मैं तुम्हे इस उम्मीद से पिला रही हूँ की तू भी अपने दोस्तों के लण्ड मुझे पिलाएगी ? आज से मैं अपने दोस्तों के लण्ड तेरी चूत में पेला करूंगी और तुम अपने दोस्तों के लण्ड मेरी चूत में पेला करोगी ? तुम मेरी बुर चोदो मैं तेरी बुर चोदूँ ?
आंटी ने खिड़की खोल रखी थी। बरसात अभी भी अच्छी तरह हो रही थी। सरसराती हुई हवा चल रही थी। बड़ा मस्त माहौल था। बाहर ठंढक थी लेकिन चूत के अंदर आग लगी थी। मुझे आंटी की बात बहुत अच्छी लगी। मैंने लण्ड पूरा मुंह में भर लिया और चूसने लगी। पीछे मेरी गांड उठी हुई थी और मेरी चूंचियां हिल रहीं थीं। अचानक मुझे लगा की कोई मेरी गांड में कुछ छुआ रह है ? लेकिन मैं चुप रही है। फिर मुझे लगा की इस बार और जोर से कोई मेरी गांड में कुछ घुसेड़ने की कोशिश कर रहा है ? मैंने कहा अरे आंटी कोई भोसड़ी का मेरे पीछे है क्या ? कौन है मादर चोद जो मेरी गांड में छेड़ छाड़ कर रहा है ? तब तक आंटी बड़े प्यार से बोली अरे कुछ नहीं पूजा एक लौड़ा है जो तेरी गांड में छेड़ छाड़ कर रहा है। मैंने कहा भोसड़ी की आंटी तेरी बिटिया की बुर, बहन चोद यह सब तेरी की कारस्तानी है ? तो मेरी बुर चुदवाने के साथ साथ मेरी गांड भी मरवाने का काम कर रही है।
मैंने कहा :- तो फिर खुल कर बताओ न आंटी ? लौड़ा मेरी गांड में घुसने जा रहा है और बताने में गांड तेरी फट रही है ?
आंटी ने जबाब दिया :- पूजा बुर चोदी यह मेरे दोस्त का दोस्त करन है। उसे तेरी उठी हुई गांड बड़ी अच्छी लगी तो उसी में घुसेड़ने लगा अपना लण्ड वैसे तो यह मेरा भोसड़ा चोदने आया है ?
मैंने कहा :- अरे आंटी मैं चुदवाऊँगी भी और अपनी गांड भी मारूंगी तो तू क्या यहाँ अपनी झांटें उखाड़ेगी ?
वह बोली :- अरी नहीं पगली आज मैं तेरी बुर अच्छी तरह चुदवा लूंगी तब मुझे संतोष होगा ? गांड तुम थोड़ा मरवा लो फिर मैं भी मरवा लूंगी।
आंटी यह कह कर मेरे चूतड़ों पर हाथ फेरने लगीं। मेरी चूंचियां सहलाने लगीं। कभी रोहित के पेल्हड़ और कभी करन के पेल्हड़ सहलाने लगीं ? रोहित भोसड़ी का मुझे चोदे चला जा रहा था। ऐसी मस्त बरसात में मैं एक मस्त लौड़े से चुदवा रही थी और दूसरे मस्त लौड़े से गांड मरवा रही थी।
थोड़ी देर में मैंने कहा करन भोसड़ी के अब तुम मुझे चोदो। रोहित तुम आंटी की गांड मारो। रोहित ने लौड़ा मेरी बुर से निकाला और सीधे आंटी की गांड में घुसा दिया। आंटी बिलकुल कुतिया की तरह अपनी गांड मरवाने लगी। मैं भी कुतिया की तरह पीछे से अपनी बुर चुदवाने लगी।
आज पहली बार मैं आंटी के साथ चुदवा रही हूँ और मुझे वाकई बड़ा मज़ा आ रहा है। अकेले में चुदवा जरूर लेती थी मैं पर इतना मज़ा नहीं आता था। उधर बाहर पानी बरस रहा है और इधर हो रही थी धकाधक चुदाई। वह भी एक चूत की नहीं बल्कि दो दो चूत की एक साथ ? थोड़ी देर में करन बोला पूजा मैं निकलने वाला हूँ। बस मैं पीछे घूम गयी और लौड़ा मुठ्ठी में पकड़ लिया। मैं एक हाथ से पेल्हड़ साधे हुए लण्ड का दनादन्न सड़का मारने लगी । मैं बोलती जा रही थी भोसड़ी के लौड़े मियां चोद लिए तूने मेरी बुर ? मार ली तूने मेरी गांड ? अब जल्दी से आ जा बाहर नहीं तो मैं मारूंगी तेरी गाड़ ? मैं चोदूंगी तेरी माँ का भोसड़ा ? लण्ड राजा बड़े हसीन लग रहे हो तुम मुझे ? आगे भी आते रहना भोसड़ी के और चोदते रहना मेरी बुर ? मैंने स्पीड बढ़ा दी। करन बोला आ,,,, ओ,, ओ, हाय,, हां,, हां,, उ,,ई ओहो,, हां, ये,, ओ,, ओ ओइ,, चुन,, चो हा,,, उफ़,, आ,, ओ,, लो,,, पूजा भोसड़ी की पी ले मेरा लण्ड ? उसने पिचकारी मेरे मुंह में गिरा दी और मैं जबान निकला कर बिल्ली की तरह उसका लौड़ा चाटने लगी।
मैंने देखा की आंटी भी मेरी तरह झड़ता हुआ लण्ड चाट रही हैं। मैंने कहा आप सही कह रही थी की बरसात में लण्ड पीने का मज़ा कुछ और ही है। अब तो जब तक बरसात है तब तक मैं लण्ड खूब पीती रहूंगी समझी मेरी बुर चोदी, आंटी ?
मैं आंटी के घर से चुदवाकर चली आई लेकिन दो दिन तक यही सोंचती रही की आंटी ने मेरी बुर चुदवाई। मेरी गांड मरवाई। अब मेरी बारी है की मैं आंटी का भोसड़ा चुदवाऊँ और उसकी गांड मरवाऊं ? मैं अपने मन का लौड़ा आंटी के भोसड़ा में पेलूँ ? मैं एक दिन यह सब सोंच ही रही थी की किसी ने बेल बजाई। मैंने उठ कर दरवाजा खोला तो तो मेरे मुंह से निकला अरे पीटर तू ? चल अंदर आ जा। वह अंदर सोफ़ा पर बैठ गया।
- मैंने कहा भोसड़ी के तुम कब आ गये ? तुम तो विदेश चले गये थे ?
- वह बोला हां यार चला गया था लेकिन अब आ गया हूँ। आज तेरी याद आई तो मैंने पता लगाना शुरू कर दिया। किसी तरह तेरा पता लगा तो मैं सीधे चला आया।
- मैंने पूंछा किसने बताया तुझे मेरा पता ?
- ग्रासिम ने बताया तेरा पता ?
- मैं बोली तो वह मादर चोद नहीं आ सकता क्या ? ग्रासिम साला अभी तक कहाँ अपनी माँ चुदा रहा था ?
- यार पूजा वह तो इसी देश में था लेकिन थोड़ा परेशान था। अब बिलकुल ठीक है। अब तो उसकी शादी हो गयी है।
- मैंने पूंछा पीटर तो तेरी भी शादी हो गयी है की नहीं अभी ?
- मेरी भी हो चुकी है। और जानती हो मेरी बीवी और उसकी बीवी दोनों आपस में सहेलियां हैं ?
- अरे वेरी गुड ? अच्छा यह बताओ की दिन में कितनी बार चोदते हो तुम अपनी बीवी ?
- मैं दिन में नहीं रात में चोदता हूँ अपनी बीवी ? वह भी हर रोज़ नहीं ?
- तो फिर कोई और चोदता है क्या तेरी बीवी भोसड़ी के पीटर ?
- हां ग्रासिम चोदता है मेरी बीवी ? उसे मेरी बीवी चोदना बड़ा अच्छा लगता है ?
- तो तू बहन चोद मना नहीं करता ? अपनी बीवी यूं ही चुदवाता है तू ? तुझे शरम नहीं आती ? गुस्सा नहीं आता तुझे ?
- नहीं बिलकुल नहीं न मुझे गुस्सा आता है और न शर्म क्योंकि मैं उसकी बीवी चोदता हूँ। मुझे उसकी बीवी चोदने में ज्यादा मज़ा आता है।
- बड़े हरामी हो तुम दोनों ? एक दूसरे की बीवी चोदते हो ?
- अरे यार पूजा आजकल यह तो बड़ा कॉमन हो गया है। हर दूसरा लड़का अपनी बीवी चुदवाकर दूसरे की बीवी चोदता है यार ? (मैं सोंचने लगी की मैं भी किसी ऐसे लड़के से शादी करूँ जो मुझे किसी और से चुदवाया करे )
- अच्छा यह बताओ ग्रासिम क्यों नही आया ? वह कहाँ अपनी माँ चुदा रही है भोसड़ी का ? वह भी अभी आता ही होगा । वह भी तुमसे मिलने के लिए बड़ा उत्सुक है यार ?
इतने में ग्रासिम भी आ गया। मैंने उसे सबसे मिलवाया तो सब लोग खुश हो गए। वह भी थोड़ा भीगा हुआ था। मैंने कहा आंटी ये दोनों पीटर और ग्रासिम शादी शुदा है। आंटी बोली तो क्या हुआ मेरा दोस्त भी शादी शुदा है। मैंने कहा अरे आगे तो सुनो मेरी भोसड़ी की आंटी ? ये दोनों एक दूसरे की बीवी चोदते हैं ? आंटी बोली वाओ, तब तो और अच्छा है। इन्हे परायी बीवी चोदने का अनुभव है न ? तो फिर मुझे भी अच्छी तरह चोदेंगें ? आंटी ने मान लिया की ये लोग चोदने ही आये हैं।
थोड़ा नशा चढ़ा तो आंटी खड़ी होकर अपने कपड़े उतारने लगीं। उसने जैसे ही अपनी चूंचियां खोलीं वैसे ही तीनो मादर चोद आँखे फाड़ फाड़ कर देखने लगे। फिर आंटी ने अपना भोसड़ा भी खोल कर दिखा दिया। मुझसे कहा अरी बुर चोदी पूजा तू भी नंगी हो जा न ? आंटी ने मेरे कपड़े उतार डाले। मेरी चूंचियां और मेरी चूत और मेरी गांड देख कर उनके लण्ड बहन चोद टन टना उठे ? आंटी ने पीटर का लौड़ा पकड़ लिया। मैंने ग्रसिम एक लौड़ा और रज़ा का लौड़ा एक साथ पकड़ लिया। मैं दोनों लण्ड बारी बारी से चूसने लगी। आंटी पीटर के लण्ड का मज़ा लेने लगीं।
मेरे हाथ में दो लण्ड थे दोनों मुझे बेहद पसंद आये। आंटी के हाथ में पीटर का लण्ड भी मुझे बहुत अच्छा लगा। ये तीनो लण्ड मेरे लिए नये थे और आंटी के लिए भी ? राजा का लौड़ा मुझे कुछ ज्यादा ही अच्छा लग रहा था क्योंकि उसका सुपाड़ा एकदम बाहर निकला हुआ था। मैं आज पहली बार कोई मुस्लिम लण्ड देख रही थी। मैंने पहले खूब चाटा और फिर उसे बुर में घुसा कर चुदवाने लगी। अपने सामने ग्रासिम का लौड़ा मुंह में डाल कर चूसने लगी। मैं दोनों लण्ड का मज़ा एक साथ। आंटी तो पीटर का लौड़ा हुई थीं।
उसके बाद हम दोनों ने मिलकर इन तीनो से रात भर चुदवाया। लण्ड अदल बदल कर चुदवाया. हमने एक एक करके गांड भी मरवाई।
सच में दोस्तों, उस दिन मुझे बरसात में आंटी का भोसड़ा चुदाने में खूब मज़ा आया ?
०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=० समाप्त
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मेरे हाथ में दो लण्ड थे दोनों मुझे बेहद पसंद आये। आंटी के हाथ में पीटर का लण्ड भी मुझे बहुत अच्छा लगा। ये तीनो लण्ड मेरे लिए नये थे और आंटी के लिए भी ? राजा का लौड़ा मुझे कुछ ज्यादा ही अच्छा लग रहा था क्योंकि उसका सुपाड़ा एकदम बाहर निकला हुआ था। मैं आज पहली बार कोई मुस्लिम लण्ड देख रही थी। मैंने पहले खूब चाटा और फिर उसे बुर में घुसा कर चुदवाने लगी। अपने सामने ग्रासिम का लौड़ा मुंह में डाल कर चूसने लगी। मैं दोनों लण्ड का मज़ा एक साथ। आंटी तो पीटर का लौड़ा हुई थीं।
उसके बाद हम दोनों ने मिलकर इन तीनो से रात भर चुदवाया। लण्ड अदल बदल कर चुदवाया. हमने एक एक करके गांड भी मरवाई।
सच में दोस्तों, उस दिन मुझे बरसात में आंटी का भोसड़ा चुदाने में खूब मज़ा आया ?
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