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मैं गांड नहीं मराऊँगी - Main gand nahi marvaungi kasam se
मैं गांड नहीं मराऊँगी - Main gand nahi marvaungi kasam se , गांड चुदाई के शौक का मारा , बांके जवान दोस्त से पहली बार चुदाई , गांड किससे मराऊँ, मॉम - Best Hindi sex stories , यहाँ बहन चोद कोई गांड मारने को तैयार ही नहीं होता , मुझे गांड मरवाने के आदत पड़ गयी , मेरी गांड की प्यास (Meri Gand Ki Pyaas).
अम्मी, मैं इतना बढ़िया लण्ड बर्बाद नहीं होने दूँगी। मैं इसे अपनी चूत में पेलूँगी, अपनी गांड में नहीं ? जिसको जो कहना है कहे, मैं किसी भोसड़ी वाली की परवाह नहीं करती ? मैं वही करूंगी जो मुझे पसंद है। मुझे गांड मराना बिलकुल पसंद नहीं है ? मैंने न कभी गांड मराई है और न कभी गांड मराऊँगी ? ख़ुदा ने लौड़ा चूत के लिए बनाया है गांड के लिए नहीं ? लेकिन मैं लोगों की गांड जरूर मारती रहूंगी।
दोस्तों, यहाँ एक सेक्स पार्टी हो रही है। एक बहुत बड़ा मिक्स्ड ग्रुप है। बेटियां भी है यहाँ, बेटियों की माँ भी हैं, सास भी हैं, बहुयें भी है, नन्द भी और भौजाई भी हैं, जेठानी हैं तो देवरानी भी हैं। जो भी हैं, वो सब की सब भोसड़ी वाली नंगी हैं और चुदवाने में जुटी हुईं हैं। कोई लण्ड चूस रही है, कोई बुर चुदवा रही है, कोई अपनी गांड में लौड़ा पेलवा रही है, कोई लौड़ा हिला रही है, कोई लौड़ा अपनी चूंचियों के बीच पेल रही है, कोई अपनी बुर चटवा रही है, कोई अपनी माँ की चूत में लौड़ा पेल रही है, कोई अपनी बिटिया की बुर में लौड़ा पेल रही है, कोई अपनी बहू चुदवा रही है तो कोई अपनी सास का भोसड़ा चुदाने में लगी है। कोई जेठानी की बुर में लौड़ा घुसा रही है तो कोई अपनी देवरानी की बुर में ?
पूरा का पूरा ग्रुप इस समय चोदा चोदी में जुटा है। इतने में मेरे हाथ में एक बड़ा मोटा तगड़ा लौड़ा आ गया। मैं उसे हिला हिला कर चूमने लगी। तभी मेरी अम्मी ने कहा अरी बुर चोदी सबा इसे अपनी गांड में घुसेड़ेगी क्या ? मैंने कहा नहीं मैं इसे अपनी गांड में नहीं घुसेड़ूँगी क्योंकि मैं गांड कतई नहीं मरवाती। हां मैं इसेअपनी चूत में जरूर पेलूँगी और बड़े मजे से चुदवाऊँगी जैसे तू इब्राहिम अंकल से चुदवा रही है। मैंने देखा की मेरी अम्मी अब्राहिम अंकल से भकाभक चुदवाने में जुटी हैं। लौड़ा पूरा पूरा घुसेड़ कर चुदवा रहीं हैं। उसके बगल में मेरी फूफी भी मस्ती से एक लौड़ा चूस रहीं है और दूसरा अपनी चूत में घुसेड़े हुए चुदवा रही है। ये दोनों नन्द भौजाई इसी मस्ती के लिए यहाँ आयीं हैं। मेरी फूफी भोसड़ी की बड़ी चुदक्कड़ औरत है। उसे तो हर रोज़ २/३ लण्ड चाहिए। यही हाल उसकी बुर चोदी बेटी का भी है। वह भी रंडियों की तरह अपनी चूत में बड़े बड़े लण्ड लेती हैं। उसकी शादी हो चुकी है। वह मुझे थोड़ा बड़ी है। शादी के बाद भी गैर मर्दों से ही चुदवाया करती है। अपने मियां का लौड़ा तो शायद वह पहचानती भी नहीं है। जवानी का मज़ा लेना इनसे कोई सीखे ? ये दोनों माँ बेटी एक दूसरे की बुर में लौड़ा घुसेड़तीं है। इन्ही से सीख कर हम दोनों माँ बेटी भी उसी तरह चुदवाने लगीं है।
मेरी फूफी का नाम है रेहाना बेगम। उसकी बेटी है रजिया लेकिन उसे लोग रज्जो कहतें हैं। फूफी अम्मी से बड़ीं है और अज्जो मुझसे। मैं उसे दीदी कहती हूँ और उसके मियां को जीजू। वैसे तो मैं १९ साल की उमर से अपनी अम्मी से खुल कर बातें करने लगी थी। गालियां भी उसी के साथ अपने मुंह से निकालने लगी थी। एक दिन अम्मी ने कहा तेरी माँ की चूत बुर चोदी सबा , मैंने तुरंत जबाब दिया तेरी बेटी की बुर भोसड़ी की नगमा ? नगमा मेरी अम्मी का नाम है। उसके बाद हम दोनों खुल कर हंस पड़ी। फिर धीरे धीरे हम लोग एक दूसरे को भी गलियां मुस्कराकर मुस्कराकर कर देने लगीं। इसमें मज़ा आने लगा तो यह सिलसिला चल पड़ा। अब तो हम दोनों किसी के भी सामने गालियां निकालने में कोई शर्म नहीं करती थीं।
एक दिन मैं अम्मी के साथ फूफी के घर चली गयी। फूफी ने मस्ती से ड्रिंक्स लाकर रख दी। हालांकि मैं बहुत कम शराब पीती थी लेकिन मैंने उस दिन देखा की मेरी अम्मी तो खूब मस्ती से शराब पी रहीं हैं। अम्मी बोली अरी मादर चोद रेहाना तू शराब के साथ लण्ड पिला देती तो कितना अच्छा होता ? पिला न भोसड़ी वाली लण्ड मुझे ? फूफी बोली हाय दईया मैं तो यह भूल ही गयी थी की तुम शराब के साथ लण्ड भी पीती हो भाभी मैं अभी लण्ड का इंतज़ाम करती हूँ। फीफी अपन फोन से किसी से बातें करने लगी। मुझे अम्मी की यह बात सुनकर बड़ा मज़ा आया।
अब हम चारों लोग शराब के नशे में धुत्त हो गयीं। बातें भी बहन चोद खूब गन्दी गन्दी कर होने लगीं। गालियां भी खूब निकलने लगीं। हम चारों एक दूसरे की माँ बहन चोदने लगीं। मस्ती छाने लगी तो कपड़े भी अस्त व्यस्त होने लगे। मेरी चूंचियां खुल गयीं तो अम्मी का भोसड़ा। फूफी की बुर दिखने लगी, बुर की झांटें दिखने लगीं तो रज्जो की गांड। किसी को इस बात कोई परवाह थी ही नहीं। जो दिख रहा है वहऔर दिखे बहन चोद, किसी को तो हमें क्या लेना देना ?
दोस्तों, यहाँ एक सेक्स पार्टी हो रही है। एक बहुत बड़ा मिक्स्ड ग्रुप है। बेटियां भी है यहाँ, बेटियों की माँ भी हैं, सास भी हैं, बहुयें भी है, नन्द भी और भौजाई भी हैं, जेठानी हैं तो देवरानी भी हैं। जो भी हैं, वो सब की सब भोसड़ी वाली नंगी हैं और चुदवाने में जुटी हुईं हैं। कोई लण्ड चूस रही है, कोई बुर चुदवा रही है, कोई अपनी गांड में लौड़ा पेलवा रही है, कोई लौड़ा हिला रही है, कोई लौड़ा अपनी चूंचियों के बीच पेल रही है, कोई अपनी बुर चटवा रही है, कोई अपनी माँ की चूत में लौड़ा पेल रही है, कोई अपनी बिटिया की बुर में लौड़ा पेल रही है, कोई अपनी बहू चुदवा रही है तो कोई अपनी सास का भोसड़ा चुदाने में लगी है। कोई जेठानी की बुर में लौड़ा घुसा रही है तो कोई अपनी देवरानी की बुर में ?
पूरा का पूरा ग्रुप इस समय चोदा चोदी में जुटा है। इतने में मेरे हाथ में एक बड़ा मोटा तगड़ा लौड़ा आ गया। मैं उसे हिला हिला कर चूमने लगी। तभी मेरी अम्मी ने कहा अरी बुर चोदी सबा इसे अपनी गांड में घुसेड़ेगी क्या ? मैंने कहा नहीं मैं इसे अपनी गांड में नहीं घुसेड़ूँगी क्योंकि मैं गांड कतई नहीं मरवाती। हां मैं इसेअपनी चूत में जरूर पेलूँगी और बड़े मजे से चुदवाऊँगी जैसे तू इब्राहिम अंकल से चुदवा रही है। मैंने देखा की मेरी अम्मी अब्राहिम अंकल से भकाभक चुदवाने में जुटी हैं। लौड़ा पूरा पूरा घुसेड़ कर चुदवा रहीं हैं। उसके बगल में मेरी फूफी भी मस्ती से एक लौड़ा चूस रहीं है और दूसरा अपनी चूत में घुसेड़े हुए चुदवा रही है। ये दोनों नन्द भौजाई इसी मस्ती के लिए यहाँ आयीं हैं। मेरी फूफी भोसड़ी की बड़ी चुदक्कड़ औरत है। उसे तो हर रोज़ २/३ लण्ड चाहिए। यही हाल उसकी बुर चोदी बेटी का भी है। वह भी रंडियों की तरह अपनी चूत में बड़े बड़े लण्ड लेती हैं। उसकी शादी हो चुकी है। वह मुझे थोड़ा बड़ी है। शादी के बाद भी गैर मर्दों से ही चुदवाया करती है। अपने मियां का लौड़ा तो शायद वह पहचानती भी नहीं है। जवानी का मज़ा लेना इनसे कोई सीखे ? ये दोनों माँ बेटी एक दूसरे की बुर में लौड़ा घुसेड़तीं है। इन्ही से सीख कर हम दोनों माँ बेटी भी उसी तरह चुदवाने लगीं है।
मेरी फूफी का नाम है रेहाना बेगम। उसकी बेटी है रजिया लेकिन उसे लोग रज्जो कहतें हैं। फूफी अम्मी से बड़ीं है और अज्जो मुझसे। मैं उसे दीदी कहती हूँ और उसके मियां को जीजू। वैसे तो मैं १९ साल की उमर से अपनी अम्मी से खुल कर बातें करने लगी थी। गालियां भी उसी के साथ अपने मुंह से निकालने लगी थी। एक दिन अम्मी ने कहा तेरी माँ की चूत बुर चोदी सबा , मैंने तुरंत जबाब दिया तेरी बेटी की बुर भोसड़ी की नगमा ? नगमा मेरी अम्मी का नाम है। उसके बाद हम दोनों खुल कर हंस पड़ी। फिर धीरे धीरे हम लोग एक दूसरे को भी गलियां मुस्कराकर मुस्कराकर कर देने लगीं। इसमें मज़ा आने लगा तो यह सिलसिला चल पड़ा। अब तो हम दोनों किसी के भी सामने गालियां निकालने में कोई शर्म नहीं करती थीं।
एक दिन मैं अम्मी के साथ फूफी के घर चली गयी। फूफी ने मस्ती से ड्रिंक्स लाकर रख दी। हालांकि मैं बहुत कम शराब पीती थी लेकिन मैंने उस दिन देखा की मेरी अम्मी तो खूब मस्ती से शराब पी रहीं हैं। अम्मी बोली अरी मादर चोद रेहाना तू शराब के साथ लण्ड पिला देती तो कितना अच्छा होता ? पिला न भोसड़ी वाली लण्ड मुझे ? फूफी बोली हाय दईया मैं तो यह भूल ही गयी थी की तुम शराब के साथ लण्ड भी पीती हो भाभी मैं अभी लण्ड का इंतज़ाम करती हूँ। फीफी अपन फोन से किसी से बातें करने लगी। मुझे अम्मी की यह बात सुनकर बड़ा मज़ा आया।
अब हम चारों लोग शराब के नशे में धुत्त हो गयीं। बातें भी बहन चोद खूब गन्दी गन्दी कर होने लगीं। गालियां भी खूब निकलने लगीं। हम चारों एक दूसरे की माँ बहन चोदने लगीं। मस्ती छाने लगी तो कपड़े भी अस्त व्यस्त होने लगे। मेरी चूंचियां खुल गयीं तो अम्मी का भोसड़ा। फूफी की बुर दिखने लगी, बुर की झांटें दिखने लगीं तो रज्जो की गांड। किसी को इस बात कोई परवाह थी ही नहीं। जो दिख रहा है वहऔर दिखे बहन चोद, किसी को तो हमें क्या लेना देना ?
- इतने में फूफी ने कहा अरे नगमा भाभी ये मेरी बेटी रज्जो है न ? ये तो अपनी माँ धकाधक चुदवाती है। अपने बॉय फ्रेंड को घर लाती है फिर उन्हें नंगा करती है, उसका लौड़ा पकड़ कर हिलाती है। लौड़ा जब खड़ा हो जाता है तो उसे मेरे भोसड़ा में पेल देती है। कई बार वह अपने दोस्तों से कहती हां अब आये तो मेरी माँ का भोसड़ा चोद कर जाओ। कभी कहती है प्लीज पहले मेरी माँ चोद लो फिर मैं तुमसे बात करती हूँ। इतनी मादर चोद हरामजादी है मेरी बेटी, रज्जो।
- रज्जो बोली - अरे मामी जान (मेरी अम्मी) मेरीअम्मी कितनी बड़ी छिनार है यह तो तुम्हे मालूम ही है। इसे अपनी बेटी चुदवाने में बड़ा मज़ा आता है। अभी उस दिन रिज़वान अंकल आ गए। मैं भी अम्मी के बगल में बैठी थी। अम्मी ने कहा रज्जो जा थोड़ा नास्ता बना ला अंकल के लिये। मैं जब नास्ता बनाकर लायी तो देखा की अम्मी उसका लौड़ा हिला रहीं हैं। अंकल, भोसड़ी का, बिलकुल नंगा बैठा है। अम्मी की चूंचियां एकदम खुली हैं। मुझे देखते ही अम्मी बोली अरे रज्जो जब तक अंकल नास्ता करतें हैं तब तक तू अंकल का लौड़ा पी ले . बड़ा स्वादिस्ट लौड़ा है इसका ? उसने लौड़ा मेरे मुंह में घुसा दिया और मेरे कपड़े उतार कर मुझे भी नंगी कर दिया। मैं भी मस्ती में आ गयी तो लौड़ा चाटने लगी। उसके बाद अम्मी ने कहा रिज़वान अब तुम मेरी बिटिया की बुर चोदो। अरे नगमा मामी मेरी अम्मी ने जब तकअपनी बेटी चुदवा नहीं ली तब तक वह वहां से हिली नहीं। तो ऐसी है तेरी भोसड़ी की नन्द, रेहाना।
- अम्मी ने कहा - अरी रेहाना तू तो बड़ी खुली हुई है अपनी बेटी से और वह भी वैसी ही है। तुम लोग तो चोदा चोदी खुलेआम करती हो। एक दूसरे की चूत में लण्ड घुसेड़ती हो। हम दोनों तो मुंह से, गालियों से एक दूसरे की बुर चोदतीं है पर तुम लोग तो लण्ड पेल पेल कर चोदती हो एक दूसरे की बुर ? यह बात सही है की तुम लोग हमें चूतिया बना रही हो ?
- फूफी ने जबाब दिया - भाभी मैं सच कह रही हूँ। अब यहाँ कोई लण्ड होता तो मैं अपनी बेटी की बुर में घुसा के दिखा देती और वह मेरे भोसड़ा में घुसा कर दिखा देती । आज रात में तुम देख लेना। देखो भाभी हम दोनों अभी मस्त जवान है और जवानी में जितना मज़ा कर लो उतना अच्छा है। यह जवानी बड़ी जल्दी गायब हो जाएगी भाभी फिर तो पछताने के अलावा कुछ नहीं रह जायेगा। फिर यही सोचोगी की हाय मैंने चुदवाया नहीं अपनी बेटी की बुर। वह सोंचेगी हाय मैंने नहीं चुदवाया अपनी माँ का भोसड़ा ? हमने ऐसा चोदा चोदी का मज़ा नहीं लूटा, सुख नहीं पाया। अरे यह जवानी ऐय्याशी करने के लिए ही होती है, भाभी और ऐय्याशी होती है लण्ड से ? जवानी में लण्ड नहीं तो कुछ नहीं भाभी ? हम दोनों मिलकर एक से एक बेहतरीन लण्ड से आजकल चुदवा रहीं हैं। मैं जो लण्ड लाती हूँ वो रज्जो की चूत में घुसेड़ती हूँ और रज्जो जो लण्ड लाती है वह मेरी चूत में घुसेड़ देती है। हम दोनों की बड़ी मस्ती से ज़िन्दगी गुज़र रही है। सच बताऊँ भाभी मैं तो रज्जो के मियां से चुदवाती हूँ। बाकी दुनिया जाये अपनी माँ की चूत में ?
- मैंने कहा - रज्जो तो क्या आज तुम सबके सामने अपनी माँ चुदवाओगी ? तैयार हो इस बात के लिए ?
- वह बोली - अरे सबा मैं अपनी ही नहीं तेरी भी माँ चुदाऊंगी पगली ? तुझे आज सिखा डोंगी माँ चुदाना। तूने कभी माँ नहीं चुदाई। तू क्या जाने की कितना मज़ा आता है इसमें ?
- तब तक फूफी बोली - और मैं नगमा भाभी को सिखा दूँगी बेटी चुदाना। उसके बाद सबा जवान जवान लड़कों के लण्ड से अपनी माँ का भोसड़ा चुदायेगी तब नगमा भाभी को मज़ा आएगा और तब वह मेरा शुक्रिया अदा करेंगीं। अरे जो मज़ा लण्ड में है वो मज़ा किसी और चीज में नहीं है सबा बिटिया ?
शाम हो गयी और महफ़िल जमने लगी। सबसे पहले रज्जो का खालू आया। उसका नाम शब्बीर है। अम्मी उसे पहचानती थी और मैं भी। हमने उसे आदाब कहा और वह भी। रज्जो बुर चोदी उससे चुदवाती है यह तो मुझे मालूम है लेकिन मैंने कभी उसका लौड़ा भी नहीं देखा। उसके बाद एक और जवान लड़का आ गया। उसे न मैं जानती थी और न अम्मी। रज्जो ने कहा अरे सबा यह मेरा नंदोई है इसका नाम है रौनक ? मैं उसे देख कर खुश हुई क्योंकि वह स्मार्ट और हैंडसम था। बस फिर ड्रिंक्स चालू हो गयी। खूब मस्ती से बातें भी होने लगीं। इतने में रज्जो बाहर गयी और थोड़ी देर में वह एक लड़के के साथ आई और बोली यह है मेरा बॉय फ्रेंड मिस्टर अज़हर। तब तक फूफी ने कहा अभी एक आदमी और आने वाला है। हम लोगों ने एक एक पैग शराब पी ली तब तक वह भी आ गया। फूफी ने कहा यह मेरे मियां का दोस्त है कमर ?
अब हमारे साथ चार मर्द हो गए. शब्बीर, रौनक, अज़हर और कमर ? इधर मैं , रज्जो, अम्मी और फूफी। मैंने कहा फूफी जान आपने बड़ी हिकमत से पार्टी रखी है। उसने कहा की यह सब काम मेरी बुर चोदी बेटी रज्जो का है। इसी तरह की पार्टियां करके अपनी माँ चुदवाती है मेरी बेटी रज्जो । सब लोग उसकी बात सुनकर हंसने लगे। इतने में रज्जो बोली और ये मेरी अम्मी भोसड़ी की अपनी बेटी चुदवाने के लिए कुछ भी कर सकती है। अब चारों तरफ मस्ती छाने लगी। अम्मी बोली हाय रेहाना अब मैं भी इसी तरह लण्ड इकठ्ठा करूंगी अपनी बेटी की बुर चुदवाने के लिए। मैंने मुस्कराकर कहा हाय अल्ला, और मैं भी अब आज से अपनी माँ के भोसड़ा में लण्ड पेलूँगी और खुलेआम चुदवाऊँगी।
औरतों के मुंह से इतनी गन्दी गन्दी बातें और गालियां सुन कर लोगों के लण्ड खड़े हो गए। रज्जो उठी और अपने सारे कपड़े खोल कर रख दिया। उसके बाद रेहाना फूफी ने भी कपड़े खोल डाले। रज्जो ने मेरी अम्मी के कपड़े उतार दिया। मैं भी सबको देख कर नंगी हो गई। रज्जो बोली तुम साले मर्दों को शर्म नहीं आती की यहाँ सब औरतें नंगी हो गयीं है और तुम लोग बैठे बैठे क्या अपनी गांड मरा रहे हो ? अरे मादर चोदों तुम भी उतारो अपने कपड़ेऔर हो जाओ नंगे। देखते ही देखते चारों मरद नंगे हो गए और उनके लण्ड भी खड़े हो गए। रज्जो ने मुझे अपने खालू का लौड़ा पकड़ा दिया। उसने अपने नंदोई का लौड़ा मेरी अम्मी के हाथ में रख दिया। उसने अपने दोस्त अज़हर का लण्ड अपनी अम्मी यानी रेहाना फूफी के मुंह में ढूंस दिया और अपने अब्बा के दोस्त कमर का लण्ड खुद पकड़ कर हिलाने लगी।
मैं अपनी ज़िन्दगी में पहली बार इतने सारे लण्ड एक साथ देख रही थी। मेरी चूत की आग बुरी तरह भड़क उठी थी। लण्ड चारों बहन चोद बड़े मस्त मोटे तगड़े थे। तब तक हम चारों लण्ड मुंह में ले ले कर चूसने लगीं। मरद भी सेल कोई बुर चाटने लगा कोई चूंचों चूसने लगा कोई गांड पर हाथ फेरने लगा और कोई चूत में ऊँगली घुसेड़ने लगा। सब लोग वासना में तल्लीन हो गये। फूफी ने रज्जो से कहा रज्जो तेरी माँ की चूत आज कुछ ज्यादा ही फड़फड़ा रही है भोसड़ी वाली। वह उठी और कमर का लण्ड अपनी माँ के भोसड़ा में घुसा दिया। उधर फूफी ने अज़हर का लण्ड रज्जो की चूत में पेल दिया। उनको भी जोश आ गया और मैंने औने हाथ का लौड़ा अपनी अम्मी के भोसड़ा में घुसा दिया और कहा ले भोसड़ी की नगमा चुदा अपना भोसड़ा शब्बीर से ? वह बोली तू बेटी सबा बुर चोदी अपनी माँ चुदवायेगी ? उसने अपने हाथ का लण्ड मेरी चूत पर टिका दिया। तब रौनक का लण्ड मेरी चूत में घुस गया। मैं मस्ती से चुदवाने लगी। मैंने कहा अम्मीनहीं तू अपनी बिटिया की बुर चुदवा रही है भोसड़ी की।
बस पूरे कमरे में चुदाई की आवाज़ें आने लगीं। धच्च धच्च, फच्च फच्च, गच्च गच्च ? माँ चुदाने का मज़ा मिलने लगा और उधर माँ को बेटी चुदाने का मज़ा मिलने लगा। इतने में रज्जो बोली अरे सबा तेरी गांड में ठोंक दूँ लण्ड ? मैंने कहा नहीं यार मैं गांड में लण्ड नहीं ठोंकवाती। मैं गांड नहीं मरवाती ? हां चाहो तो मेरी माँ की गांड मार लो। वह बोली तू तो बहन चोद मेरी ही तरह है। मैं भी गांड नहीं मरवाती। मैंने कहा यार मेरी बुर चोद लो। चाहे जितने लण्ड और चाहे जैसे लण्ड मेरी चूत में पेल दो मैं ख़ुशी ख़ुशी चुदवा लूंगी और चोदने वाले को पूरा मज़ा दूँगी पर गांड नहीं मरवाऊँगी। हां मैं उसकी गांड में लौड़ा पेल सकती हूँ जो गांड मरवाने की शौक़ीन है। कहो तो मैं तेरी माँ की गांड में घुसेड़ दूँ लण्ड ? लेकिन मैं अपनी गांड में किसी को लण्ड नहीं पेलने दूँगी ।
वह बोली :- तो क्या तेरी गांड फटती है गांड मराने में ?
मैंने कहा :- नहीं ऐसी बात नहीं है। खुदा ने चुदाने के लिए चूत बनायीं है गांड नहीं। गांड तो मैं दुनिया की गालियों से मारती हूँ।
उस रात हम चारों ने बारी बारी से चारों मर्दों से चुदवाया। सबके लण्ड पेले अपनी अपनी चूत में ? ऐसा मज़ा पहली बार आया।
घर आकर दूसरे दिन अम्मी ने कहा :- जानती हो सबाआज मेरी बेटी अपनी माँ का भोसड़ा चुदायेगी ? आज रात में माँ चुदायेगी अपनी बुर चोदी सबा ?
मैंने कहा :- हाय दईया यह बात है ? तो आज रात को सबा की माँ भोसड़ी वाली चुदायेगी अपनी बिटिया की बुर ? उसकी माँ हरामजादी बड़ी चुदक्कड़ है।
हम दोनों फिर खिलखिलाकर हंसने लगीं
०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=० समाप्त
अब हमारे साथ चार मर्द हो गए. शब्बीर, रौनक, अज़हर और कमर ? इधर मैं , रज्जो, अम्मी और फूफी। मैंने कहा फूफी जान आपने बड़ी हिकमत से पार्टी रखी है। उसने कहा की यह सब काम मेरी बुर चोदी बेटी रज्जो का है। इसी तरह की पार्टियां करके अपनी माँ चुदवाती है मेरी बेटी रज्जो । सब लोग उसकी बात सुनकर हंसने लगे। इतने में रज्जो बोली और ये मेरी अम्मी भोसड़ी की अपनी बेटी चुदवाने के लिए कुछ भी कर सकती है। अब चारों तरफ मस्ती छाने लगी। अम्मी बोली हाय रेहाना अब मैं भी इसी तरह लण्ड इकठ्ठा करूंगी अपनी बेटी की बुर चुदवाने के लिए। मैंने मुस्कराकर कहा हाय अल्ला, और मैं भी अब आज से अपनी माँ के भोसड़ा में लण्ड पेलूँगी और खुलेआम चुदवाऊँगी।
औरतों के मुंह से इतनी गन्दी गन्दी बातें और गालियां सुन कर लोगों के लण्ड खड़े हो गए। रज्जो उठी और अपने सारे कपड़े खोल कर रख दिया। उसके बाद रेहाना फूफी ने भी कपड़े खोल डाले। रज्जो ने मेरी अम्मी के कपड़े उतार दिया। मैं भी सबको देख कर नंगी हो गई। रज्जो बोली तुम साले मर्दों को शर्म नहीं आती की यहाँ सब औरतें नंगी हो गयीं है और तुम लोग बैठे बैठे क्या अपनी गांड मरा रहे हो ? अरे मादर चोदों तुम भी उतारो अपने कपड़ेऔर हो जाओ नंगे। देखते ही देखते चारों मरद नंगे हो गए और उनके लण्ड भी खड़े हो गए। रज्जो ने मुझे अपने खालू का लौड़ा पकड़ा दिया। उसने अपने नंदोई का लौड़ा मेरी अम्मी के हाथ में रख दिया। उसने अपने दोस्त अज़हर का लण्ड अपनी अम्मी यानी रेहाना फूफी के मुंह में ढूंस दिया और अपने अब्बा के दोस्त कमर का लण्ड खुद पकड़ कर हिलाने लगी।
मैं अपनी ज़िन्दगी में पहली बार इतने सारे लण्ड एक साथ देख रही थी। मेरी चूत की आग बुरी तरह भड़क उठी थी। लण्ड चारों बहन चोद बड़े मस्त मोटे तगड़े थे। तब तक हम चारों लण्ड मुंह में ले ले कर चूसने लगीं। मरद भी सेल कोई बुर चाटने लगा कोई चूंचों चूसने लगा कोई गांड पर हाथ फेरने लगा और कोई चूत में ऊँगली घुसेड़ने लगा। सब लोग वासना में तल्लीन हो गये। फूफी ने रज्जो से कहा रज्जो तेरी माँ की चूत आज कुछ ज्यादा ही फड़फड़ा रही है भोसड़ी वाली। वह उठी और कमर का लण्ड अपनी माँ के भोसड़ा में घुसा दिया। उधर फूफी ने अज़हर का लण्ड रज्जो की चूत में पेल दिया। उनको भी जोश आ गया और मैंने औने हाथ का लौड़ा अपनी अम्मी के भोसड़ा में घुसा दिया और कहा ले भोसड़ी की नगमा चुदा अपना भोसड़ा शब्बीर से ? वह बोली तू बेटी सबा बुर चोदी अपनी माँ चुदवायेगी ? उसने अपने हाथ का लण्ड मेरी चूत पर टिका दिया। तब रौनक का लण्ड मेरी चूत में घुस गया। मैं मस्ती से चुदवाने लगी। मैंने कहा अम्मीनहीं तू अपनी बिटिया की बुर चुदवा रही है भोसड़ी की।
बस पूरे कमरे में चुदाई की आवाज़ें आने लगीं। धच्च धच्च, फच्च फच्च, गच्च गच्च ? माँ चुदाने का मज़ा मिलने लगा और उधर माँ को बेटी चुदाने का मज़ा मिलने लगा। इतने में रज्जो बोली अरे सबा तेरी गांड में ठोंक दूँ लण्ड ? मैंने कहा नहीं यार मैं गांड में लण्ड नहीं ठोंकवाती। मैं गांड नहीं मरवाती ? हां चाहो तो मेरी माँ की गांड मार लो। वह बोली तू तो बहन चोद मेरी ही तरह है। मैं भी गांड नहीं मरवाती। मैंने कहा यार मेरी बुर चोद लो। चाहे जितने लण्ड और चाहे जैसे लण्ड मेरी चूत में पेल दो मैं ख़ुशी ख़ुशी चुदवा लूंगी और चोदने वाले को पूरा मज़ा दूँगी पर गांड नहीं मरवाऊँगी। हां मैं उसकी गांड में लौड़ा पेल सकती हूँ जो गांड मरवाने की शौक़ीन है। कहो तो मैं तेरी माँ की गांड में घुसेड़ दूँ लण्ड ? लेकिन मैं अपनी गांड में किसी को लण्ड नहीं पेलने दूँगी ।
वह बोली :- तो क्या तेरी गांड फटती है गांड मराने में ?
मैंने कहा :- नहीं ऐसी बात नहीं है। खुदा ने चुदाने के लिए चूत बनायीं है गांड नहीं। गांड तो मैं दुनिया की गालियों से मारती हूँ।
उस रात हम चारों ने बारी बारी से चारों मर्दों से चुदवाया। सबके लण्ड पेले अपनी अपनी चूत में ? ऐसा मज़ा पहली बार आया।
घर आकर दूसरे दिन अम्मी ने कहा :- जानती हो सबाआज मेरी बेटी अपनी माँ का भोसड़ा चुदायेगी ? आज रात में माँ चुदायेगी अपनी बुर चोदी सबा ?
मैंने कहा :- हाय दईया यह बात है ? तो आज रात को सबा की माँ भोसड़ी वाली चुदायेगी अपनी बिटिया की बुर ? उसकी माँ हरामजादी बड़ी चुदक्कड़ है।
हम दोनों फिर खिलखिलाकर हंसने लगीं
०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=० समाप्त
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