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जेठानी की बुर, नन्द की चूत चुदाई हिंदी कहानी - Jethani ki bur, nanad ki chut ki chudai hindi story
जेठानी की बुर, नन्द की चूत चुदाई हिंदी कहानी - Jethani ki bur, nanad ki chut ki chudai hindi story , Antarvasna Sex Stories , Hindi Sex Story , Real Indian Chudai Kahani , choda chadi cudai cudi coda free of cost , Time pass Story , Adult xxx vasna kahaniyan.
मेरी सुहागरात के दूसरे ही दिन मेरी नन्द मेरे पास आयी और बोली भाभी मैं आपको एक राज़ की बताती हूँ। मेरी बड़ी भाभी यानी तेरी जेठानी अपने ससुर का लन्ड पीती हैं ? मैंने एक बार नहीं कई बार उसे लन्ड पीते हुए देखा है। मैंने कहा वाओ, तो इसका मतलब है की तेरे अब्बू का लन्ड बड़ा जबरदस्त है और तेरी बड़ी भाभी बहुत बदचलन और आवारा औरत है। तेराअब्बू भी बड़ा रंगीला है साला अपनी बहू को अपना लन्ड पिलाता है भोसड़ी का ? लन्ड पिलाता है तो उसकी बुर भी लेता होगा ? वह बोली हां भाभी बुर भी लेता है। मैंने अपनी आँखों से देखा है। अरे भाभी आजकल सब जगह बहन चोद यहीं हो रहा है। मेरा ससुर भी मेरी बुर लेता है। पहले लौड़ा मेरे मुंह में डालता है और फिर धीरे से उसे मेरी चूत में घुसेड़ देता है। मैंने कहा इसका मतलब तुझे भी मज़ा आता होगा ? उसने जबाब दिया भाभी जब लन्ड मोटा तगड़ा और हैंडसम हो तो कौन भोसड़ी वाली उसे छोड़ देगी ? कौन बुर चोदी उसे अपने मुंह में और अपनी बुर में नहीं लेगी ? मैं तो बड़ी बेशर्मी से खूब चुदवाती हूँ। जब मादर चोद चोदने वाले को कोई शर्म नहीं है तो मैं क्यों शर्म करूँ ? ऐसा लन्ड देख कर भला कोई जवान लड़की बिना चुदवाये रह सकती है ? मैंने तो उसका लौड़ा देख कर ही बहुत बेशर्म हो गयी थी। मैंने सोंचा की शरमाऊँगी तो इतने बढ़िया लन्ड का पूरा मज़ा नहीं ले पाऊंगी इसलिए मैंने कहा लो चोदो ससुर जी मेरी बुर पूरा लौड़ा पेल के ? मेरा ऐसा कहना हुआ तो उसका लौड़ा साला और टन टना कर मेरे सामने खड़ा हो गया.
मैंने पूंछा :- अच्छा पहले यह बता की क्या तू अपने अब्बू का लन्ड पकड़ चुकी है ?
वह बोली :- हां भाभी पकड़ चुकी हूँ, चुदवा भी चुकी हूँ और चुदवाती भी हूँ।
हाय दईया तब तो तू बड़ी हरामजादी निर्लज्ज और बेहाया है ?
हां भाभी हूँ ? बिना बेशर्मी के चुदवाने में मज़ा नहीं आता ? मेरी अम्मी कहती हैं की अगर लौड़ा पसंद आ जाए तो उसे अपनी बुर में जरूर पेलो. लौड़ा किसका है इसकी कतई परवाह न करो ?
हाय अल्ला, तो तेरी अम्मी भी बिलकुल तेरी तरह है। यानी मेरी सास भी इसी तरह हैं ?
हां भाभी, मेरी अम्मी भी ऐसी ही हैं। अब तुमसे क्या छुपाना, भाभी ? मैं सच कह रही हूँ की मैं अपनी माँ चुदवाती हूँ और वह अपनी बेटी। माँ का भोसड़ा हो चाहे बेटी की बुर लन्ड तो सबको चाहिए न ? चूत तो चूत है वह चाहे माँ की चूत हो या फिर बेटी की चूत ? माँ की चूत भी कभी बेटी की चूत थी और बेटी की चूत भी कभी माँ की चूत होगी। जहाँ तक चोदने और चुदाने का सवाल है वहां तक माँ की चूत और बेटी की चूत में कोई फर्क नहीं ? लौड़ा इसकी भी चूत को चाहिए और उसकी भी चूत को ? लौड़ा इसमें भी घुसेगा और लौड़ा उसमे भी ?
तू सही कह रही है मेरी नन्द रानी की मुझे चूतिया बना रही है ?
अरे भाभी खुदा कसम बिलकुल सही कह रही हूँ। और एक बात बताऊँ। ये तो सभी लोगों के घर में हो रहा है। मेरी जितनी शादी शुदा सहेलियां है वो सब की सब अपने ससुर से चुदवाती हैं और जब मिलतीं हैं तो अपने ससुर के लन्ड के बारे में बातें करतीं हैं। कुछ तो भोसड़ी वाली ससुर के लन्ड की तश्वीर भी दिखा देतीं है। तबसे मैं चुदवाने में और बेशर्म हो गयी हूँ, भाभी।
अच्छा तो अब यह बता की मेरी जेठानी अपने ससुर के लन्ड के अलावा और किस किस का लन्ड पीती हैं ? लन्ड पीती हैं तो चुदवाती भी होगी ?
अरे भाभी वह भी बिलकुल मेरी तरह है। सबके लन्ड पीती हैं बड़ी भाभी। अपने जेठ का लन्ड, अपने बहनोई का लन्ड, अपने नंदोई का लन्ड, उनके दोस्तों के लन्ड, अपनी खाला ससुर का लन्ड और जो भी लन्ड उसे मिल जाए वो फौरन अपने मुंह में ले लेती है। और फिर अपनी चूत में घुसेड़ कर भकाभक चुदवाती है। अब जब तुम मिलोगी तो तुम्हे भी बुर चुदवाने में एक्सपर्ट बना देगी ? वैसे बड़ी मस्त हैं मेरी बड़ी भाभी। मेरी तो उससे खूब पटती है।
देख नूर तेरा अब्बू तो मेरा ससुर है। तू अपने ससुर से चुदवाती है और तेरी बड़ी भाभी अपने ससुर से चुदवाती है तो मैं क्यों पीछे रहूँ ?
अरे भाभी एक दिन तेरी जेठानी खुद तेरे ससुर का लन्ड तेरी चूत में घुसा देगी। बड़ी भाभी बड़ी मस्ती से हम सबकी चूत में लन्ड घुसेड़ती हैं ?
और किस किस की चूत में घुसेड़ती है लन्ड तेरी बड़ी भाभी ?
मेरी माँ के चूत में पेलती है लन्ड, मेरी खाला के भोसड़ा में घुसाती है लन्ड, मेरी फूफी की बुर में पेलती है लन्ड, उसकी बिटिया की बुर में घुसा देती है लन्ड ? उसे सबकी बुर में लन्ड पेलने में बड़ा मज़ा आता है।
हाय दईया तो तेरे घर क्या साला रंडी खाना है ?
हां भाभी बात बिलकुल सही है और रात को तो वाकई रंडी खाना बन जाता है। यहाँ तो रात भर खूब धकाधक चुदाई होती है। पूरा घर चुदाई से गूंजने लगता है। कोई ऐसी चूत नहीं जो चुदवाती न हो और कोई ऐसा लन्ड नहीं जो चोदता न हो ?
अच्छा यह बताओ की तूने पहली बार कब और कैसे अपने अब्बू का लन्ड पकड़ा ?
हाय भाभी बड़ी छोटी सी कहानी है पर है बड़ी रोचक ? हमारी कॉलोनी में एक ताहिरा आंटी रहती हैं। उम्र में वह लगभग मेरी अम्मी के बराबर हैं। वह बहुत हंसमुख, मजेदार और मजाकियां किस्म की औरत हैं। मैं उनसे काफी घुली मिली हूँ। आंटी जी मुझसे हर तरह की बातें करतीं हैं। लन्ड, चूत, बुर, भोसड़ा चोदा चोदी आदि सब की बातें मुझसे करतीं हैं। मैं भी खूब एन्जॉय करती हूँ। एक दिन मैं बिना बताये उनके घर में चली गयी। दरवाजा खुला तो मैं उसके कमरे तक पहुँच गयी। कमरे के बाहर से मैं झाँकने लगी। अंदर का सीन बड़ा रोमांटिक था। आंटी अपने सारे कपड़े उतार कर बैठीं थीं। उसकी चूंचियां, उसकी चूत उसकी गांड सब कुछ साफ़ साफ़ दिखाई पड़ रहा था। मजे की बात यह थी की वह किसी का लन्ड पकड़ कर हिला रहीं थीं। मेरी नज़र लन्ड पर पड़ी तो मेरी चूत गीली हो गयी। आग लग गयी उसमे और मेरे मुंह में पानी आ गया। उस समय मैं २१ साल की थी। मेरे मन में आया की मैं लौड़ा मुंह में अभी ले लूँ। इतना बड़ा मोटा तगड़ा लौड़ा देख कर मैं अपने आप को रोक नहीं सकी। मैं समझी की यह लन्ड अंकल का है। मैं तो आंटी से खुली थी ही। मैं चुप चाप पीछे से गयी और लन्ड उसके हाथ से लेकर हिलाने लगी। वह बोली हाय नूर ,,,,,, वह कुछ कह ही नहीं पायी तब तक मैंने कहा अरे आंटी लौड़ा भोसड़ी का बड़ा मोटा तगड़ा है। इसे मेरी चूत में घुसा दो आंटी ? वह बोली नूर तू जानती है की यह किसका लौड़ा है ? मैंने मजाक में कहा लौड़ा तो आदमी का है आंटी ? मैंने लन्ड की चुम्मी ले ली ? मैं सेक्स में डूब गयी। तब आंटी बोली अरे नूर ये तेरे अब्बू का लन्ड है बेटी ? यह सुनकर मेरे होश उड़ गए। मेरे हाथ से लन्ड छूट गया। मेरे मुंह से निकला आंटी मेरा अब्बू और यहाँ आपके पास ? आंटी ने लन्ड पकड़ लिया और बोली हां नूर मैं तेरे अब्बू के लन्ड से प्यार करती हूँ। और तुझे घबड़ाने की जरुरत नहीं है। मेरी बेटी भी तेरे अब्बू का लन्ड पकडती है। और एक बात बताऊँ ? मैं उसका मुंह देखने लगी। वह बोली तेरी अम्मी मेरे मियां का लन्ड पकड़तीं हैं बेटी नूर। जब जवानी में चूत में आग लगी हो न तब किसी का भी लन्ड पकड़ लो सब जायज़ है नूर ? इसमें कोई गुनाह नहीं है ? लो अब पकड़ ही लिया हैं लन्ड तो ठीक से पकड़ो ? उसके बाद तो सब कुछ हो गया भाभी ? आंटी मानी नहीं और पेल दिया लन्ड मेरी चूत में ?
नूर की बातें सुनकर मेरी चूत का कबाड़ा हो गया। मैंने सोंचा की अब मैं बहुत जल्दी ही अपने ससुर का लन्ड पकड़ूँगी। नूर दो दिन बाद अपने ससुराल चली गयी।
अब मैं इससे पहले की आगे बढूँ, आपको सबके नाम तो बता दूं ? मेरा नाम हैं तमन्ना। मैं २५ साल की हूँ। एक बहुत ही घुटी हुई लड़की हूँ मैं। लन्ड की तो जबरदस्त चाहने वाली हूँ। जो लन्ड मेरी नज़र में चढ़ जाता है मैं उसका एक एक बूँद रस निचोड़ लेती हूँ और निचोड़ती रहती हूँ। मैं एक बेशर्म, बेहाया और बेबाक लड़की हूँ। मेरी शादी अभी अभी हुई है। अभी मैं गोवा में सुहागरात मना कर आयी हूँ। मेरे शौहर को अभी तक यह मालूम नहीं हुआ की मैंने सुहागरात में दो मर्दों से और चुदवाया है। मैं आपको बता देती हूँ दोस्तों की मैं उनसे आगे भी चुदवाती रहूंगी क्योंकि मैंने उनका पता ठिकाना मालूम कर लिया है। मेरी सास हैं नमीरा। वह ४६ साल की हैं। बड़ी जवान और मद मस्त हैं भोसड़ी वाली ? लन्ड की शौकीन है मेरी सास जैसा मेरी नन्द ने बताया। मेरी जेठानी का नाम है माहिरा वह २६ साल की हैं। बड़ी खूबसूरत सेक्सी और हॉट हैं। उसके बार में बहुत कुछ मालूम हो चुका है मुझे। मेरी नन्द नूर के बारे में तो आप जान ही चुकें हैं।
एक दिन जेठानी ने मुझे बुलाया और बड़े प्यार से बातें करने लगीं। बातों बातों में बोली तमन्ना मेरी प्यारी देवरानी एक बात पूंछूं ? मैंने कहा हां हां बिलकुल पूंछो जीजी ? उसने कहा मैं जो भी पूंछूं उसका जबाब सही सही देना। न तो झूंठ बोलना और न कुछ छुपाना। उसके बाद तुम मुझसे जो पूंछोगी मैं उसका जबाब सच सच दूँगी। मैंने कहा हां जीजी ठीक है। अब आप मुझसे पूँछिये। वह बोली - तुम एक लन्ड के साथ बंध कर रहोगी या फिर गैर मर्दों से चुदवाने की तमन्ना रखती हो ? मैंने कहा जीजी आजकल कोई भी बीवी एक लन्ड से बंध कर नहीं रहती। मुझे तो एक नही अनेक लन्ड चाहिए ? मैं तो गैर मर्दों से चुदवाऊँगी ? अब पता नहीं की मेरा शौहर मुझे यह सब करने देगा की नहीं ? वह बोली बिलकुल करने देगा। उसका लन्ड तो परायी बीवी के नाम से उछलने लगता है। उसका ८" का लन्ड किसी और की बीवी के नाम पर ८१/२" का हो जाता है। मैंने कहा अरे जीजी आप उसके लन्ड को जानती हैं ? उसने कहा हां जानती हूँ और मेरी चूत भी जानती है उसका लन्ड ? बुरा मत मानना नूर मैं तेरे मियां से चुदवाती हूँ। वो मेरा देवर है मैं उसका लन्ड पीती हूँ। तुम भी मेरे मियां का लन्ड पीना तमन्ना। तुम भी मेरे मियां से धकाधक चुदवाना। शर्माने की जरुरत नहीं है। वह तेरी बुर लेने के लिए तैयार बैठा है। बस मेरी चूत ससुरी गनगना उठी।
वह बोली देख तमन्ना जिस दिन मेरा मियां आएगा उसी दिन मैं उसका लन्ड तेरी चूत में घुसेड़ दूँगी। मैंने कहा अगर सास को मालूम हो गया तो ? वह बोली सास का भोसड़ा ? सास की बिटिया की बुर ? मैं सास की भी बुर चोदती हूँ तमन्ना ? सास कुछ नहीं कहेगी। वह भी पराये मर्दों के लन्ड लेती है। यही तो मस्ती है यहाँ ? सास से ज्यादा चुदक्कड़ तो उसकी बेटी है बुर चोदी ? बस अब मेरा काम बन गया। मुझे पूरा यकीन हो गया की अब मैं जवानी का पूरा मज़ा लूटूँगी। दो दिन बाद मेरा जेठ आ गया। मैं उसे हसरत भरी निगाहों से देखने लगी। वह भी मुझे सेक्सी निगाहों से निहारने लगा। रात को जब मैं आने कमरे में लेटी थी तभी मेरी जेठानी आ गयी और बोली तमन्ना चल तू मेरे कमरे में। देख तेरा मियां तो बाहर गया है। आज तू मेरे मियां के साथ रात गुजारेगी। मैंने कहा अरे जीजी आप कहाँ मुझे ले जा रही हैं। मेरा जेठ क्या सोंचेगा मेरे बारे में ? उसने मेरी एक न सुनी और अंदर ले जाकर उसने मुझे जेठ के पास बैठा दिया। फिर उसने अपने जेठ का लन्ड पैजामे से निकाला और कहा लो अब तुम पकड़ो इसका लन्ड और मज़ा लो। मैं किसी और के पास जा रही हूँ। जेठानी चली गयी तो मैंने लन्ड को नज़र भर के देखा। लन्ड साला फनफना गया। मैं लन्ड हिलाने लगी। तब तक जेठ ने मेरी चूंचियां दबा दीं और मुझे अपनी तरफ खींच कर चिपका लिया। मैंने लन्ड छोड़ा नहीं और बराबर हिलाती रही। मेरी नज़रें लन्ड से हटीं नहीं और मैं लन्ड पे नज़रें गड़ाए रही। फिर उसने मुझे नंगी कर दिया और मैंने उसे नंगा कर दिया।
मैं उसे पूरी तरह नंगा देख कर मस्त हो गयी। और मुझे भी उसके सामने नंगी होने में मज़ा आया। मैं फ़ौरन उसका लन्ड चाटने लगी और वह मेरी चूत सहलाकर मेरी चूंचियां दबाने लगा। सुहागरात के बाद आज पहली बार लन्ड मिला तो मेरी चूत चुलबुला उठी। मेरी चूत बिलकुल चिकनी थी और उधर लन्ड भी बिलकुल चिकना था। उसकी झांटें नहीं थीं। हालांकि मैं छोटी छोटी झांट वाला लन्ड पसंद करती हूँ। हां पेल्हड़ में एक भी झांट नहीं पसंद करती क्योंकि मुझे पेल्हड़ भी चाटने का शौक है। थोड़ी देर तक लन्ड चाटने के बाद मैंने एकदम से लन्ड मुंह में भर लिया और चूसने लगी। वैसे आजकल लन्ड चूसने का रिवाज़ है। सभी लड़कियां, बीवियां, आंटिया लन्ड चूसती हैं। लन्ड सामने देखते ही मुंह साला अपने आप खुल जाता है। कोई बुर चोदी ऐसी लड़की नहीं जो लन्ड न चूसती हो ? मैं यह सब सोंच ही रही की जेठ जी ने लन्ड मेरे मुंह से निकाल सीधे मेरी चूत में घुसा दिया। मैं जानती हूँ की लन्ड मादर चोद जब खड़ा होता है तो कहीं घुसने के लिए बेचैन हो जाता है। जब तक घुस नहीं जाता तब तक साला तड़पता रहता है। और जब घुस जाता है तो बड़ी दूर तक चोट करता रहता है।
फिर तो मैं मस्त होकर जेठ से चुदवाने लगी अपनी चूत। पराये मरद का पहला लन्ड मेरी चूत में तहलका मचाने लगा। मैं नीचे थी वह मेरे ऊपर। मैं अपनी गांड उठा उठा के चुदाई में सहयोग देने लगी। जेठ को भी समझ में आ गया की मैं भी चुदाई का उतना ही मज़ा ले रही हूँ जितना वह ले रहा है। मैं फिर उसके ऊपर चढ़ कर चुदाने लगी। फिर उसके लन्ड पर बैठ कर चुदाने लगी। और फिर पीछे से भी। वह भी जान गया की तमन्ना भोसड़ी की बड़ी मस्त चुदक्कड़औरत है। मैंने देखा की मेरे खलास होते ही वह भी खलास हो गया। मैंने उसका झड़ता हुआ लन्ड भी खूब चाटा और उसका स्वाद लिया। लन्ड का टोपा बिलकुल लाल कर दिया।
अब मेरे दिमाग में ससुर का चढ़ा हुआ था। मैं इस फिराक में थी की जल्दी ही उसका लौड़ा अपनी चूत में पेलूँ। मेरी समझ में एक बात आ गयी थी की जो साला अपनी बिटिया की बुर लेता है, वह अपनी बहू की बुर तो दौड़ कर लेगा। जो भोसड़ी का अपनी बड़ी बहू की बुर में लन्ड पेलता है, वो अपनी छोटी बहू की बुर में लन्ड जरूर पेलेगा ? इसलिए जैसे मैं उसका लन्ड लेने के लिए तड़प रही हूँ वैसे वह भी मेरी बुर लेने के लिए तड़प रहा होगा ? एक दिन ऐसा हुआ की इत्तिफाक से मैं घर में अकेली ही रह गयी। मेरे ससुर को भी कहीं बाहर जाना था। वह भी अपना सामान लेकर चला गया। मैं सोंच रही थी की अब क्या करूं ? कभी इधर कभी उधर घूमने लगी और कभी टी वी देखने लगी तो कभी कोई किताब पढ़ने लगी। अचानक किसी ने दरवाजा खटखटाया। मैंने जैसे ही खोला तो सामने मेरे ससुर खड़ा था। वह बोला अरे तमन्ना मेरी तो ट्रेन छूट गयी। मैं स्टेशन से वापसआ गया। फिर उसने खाना खाया और अपने कमरे में चला गया।
मैं सच में अपने पकड़े खोल कर नंगी लेट गयी। मैं ऐसे लेटी थी की मेरी चूंचियां आधे से अधिक खुलीं थी और मेरी चूत की छोटी छोटी झांटें दिख रहीं थीं। इतने में अचानक मेरा ससुर मेरे कमरे में आ गया। वह नंगे बदन था। बस एक हलकी सी लुंगी पहने था। मुझे बड़ी बुरी नियत से देखने लगा। मैं भी उसे चुपके से कनखियों से बुरी नज़र से देखने लगी। वह और नजदीक आया। मैं नाटक किये पड़ी रही। वह और बढ़ा तो मैंने जानबूझ कर ऐसी करवट ली की मेरी चूंचियां पूरी खुल गयीं। उसने हाथ बढ़ाया पर चूंचियां पकड़ न सका। इधर मैं जल्दी में थी। मैं उसका हाथ पकड़ कर अपनी चूँचियों पर रख दिया और कहा पकड़ों न डरते क्यों हो ? उसने पकड़ लीं चूंचियां तो मैं और जोश में आ गयी और उसकी लुंगी खींच कर फेंकी दी। उसका टन टनाता हुआ लन्ड पकड़ लिया। मैंने कहा हाय दईया बड़ा मोटा है लन्ड तेरा ससुर जी ? मेरा इतना कहना था की वह मेरे ऊपर ही चढ़ बैठा बोला तुम भी बड़ी सेक्सी हो बहू। तुम तो मेरी बड़ी बहू से ज्यादा हॉट हो ?
उसने मुझे पूरी तरह चिपका लिया और मैं भी चिपक गयी पर लन्ड नहीं छोड़ा ? फिर हम दोनों 69 हो गए। वह मेरी बुर चाटने लगा और मैं उसका लन्ड ? मेरे मन में आया मेरी नन्द सही कह रही थी। लन्ड तो वाकई बड़ा जबरदस्त है। बस मैंने फिर बड़ी बेशर्मी से खूब चुदवाया। रात भर चुदवाया। उसने भी मुझे रात में ३ बार चोदा। सवेरे भी मैंने उसका लन्ड चाटा और चूसा ?
एक दिन फिर मैं अकेली हो गयी। घर में दो दिन से कोई लन्ड नहीं था। मैं बिना लन्ड लके तड़प रही थी। अचानक मुझे उन लोगों का ख्याल आया जो मेरे साथ मेरी सुहागरात में थे। जिनसे मैंने चुदवाया था और मेरे शौहर को कानो कान खबर नहीं हुई। मैंने उन्हें फोन लगाया और बात भी हो गयी। वे लोग इसी शहर के हैं। मैंने उन्हें बुला लिया। वे दोनों आधे घंटे में आ गए। मैंने उन्हें अंदर बैठाया उर फिर नास्ता वगैरह करवाया। मैंने कहा देखो यार तुम लोगों से चुदवाये बहुत दिन हो गए। आज मुझे तम्हारी याद आ गयी। तुम्हारे लन्ड की याद आ गयी। इसलिए तुम्हे बुला लिया है। अब मैं तुम दोनों से रात भर चुदवाऊँगी। हमारी बातें हो ही रहीं थी की मेरी नन्द अचानक आ गयी। उसके साथ एक और आदमी था। थोड़ी देर में नन्द ने कहा भाभी ये मेरा ससुर है। तब तो मैं खुश हो गयी क्योंकि उसने कहा था की मैं अपने ससुर चुदवाती हूँ। फिर मैंने भी नन्द को अपने दोनों लोगों से मिलवाया। वो भी बहुत खुश हो गयी।
रात में नन्द मेरे पास आयी और बोली भाभी एक प्लान है। देखो मैं अपने ससुर से चुदवा चुकी हूँ और तुम इन दोनों से अपनी सुहागरात में चुदवा चुकी हो। इसलिए आज पहले मैं तेरे सामने इन दोनों से चुदवाऊँगी और तुम पहले मेरे सामने मेरे ससुर से चुदवाओ। उसके बाद फिर रात भर हम दोनों लन्ड अदल बदल कर चुदवाती रहेंगीं। मुझे उसकी बात पसंद आ गयी और फिर होने लगी भकाभक चुदाई। मैं उसकी चूतमे लन्ड पेलने लगी वह मेरी चूत में ? कभी मैं दो लन्ड से चुदवाती कभी वो। कभी वो मेरे मुंह में लन्ड घुसेड़ देती कभी मैं उसके मुंह में लन्ड ?
भाभी नन्द की मस्ती भरी चुदाई मुझे आज भी याद है दोस्तों।
मेरी सुहागरात के दूसरे ही दिन मेरी नन्द मेरे पास आयी और बोली भाभी मैं आपको एक राज़ की बताती हूँ। मेरी बड़ी भाभी यानी तेरी जेठानी अपने ससुर का लन्ड पीती हैं ? मैंने एक बार नहीं कई बार उसे लन्ड पीते हुए देखा है। मैंने कहा वाओ, तो इसका मतलब है की तेरे अब्बू का लन्ड बड़ा जबरदस्त है और तेरी बड़ी भाभी बहुत बदचलन और आवारा औरत है। तेराअब्बू भी बड़ा रंगीला है साला अपनी बहू को अपना लन्ड पिलाता है भोसड़ी का ? लन्ड पिलाता है तो उसकी बुर भी लेता होगा ? वह बोली हां भाभी बुर भी लेता है। मैंने अपनी आँखों से देखा है। अरे भाभी आजकल सब जगह बहन चोद यहीं हो रहा है। मेरा ससुर भी मेरी बुर लेता है। पहले लौड़ा मेरे मुंह में डालता है और फिर धीरे से उसे मेरी चूत में घुसेड़ देता है। मैंने कहा इसका मतलब तुझे भी मज़ा आता होगा ? उसने जबाब दिया भाभी जब लन्ड मोटा तगड़ा और हैंडसम हो तो कौन भोसड़ी वाली उसे छोड़ देगी ? कौन बुर चोदी उसे अपने मुंह में और अपनी बुर में नहीं लेगी ? मैं तो बड़ी बेशर्मी से खूब चुदवाती हूँ। जब मादर चोद चोदने वाले को कोई शर्म नहीं है तो मैं क्यों शर्म करूँ ? ऐसा लन्ड देख कर भला कोई जवान लड़की बिना चुदवाये रह सकती है ? मैंने तो उसका लौड़ा देख कर ही बहुत बेशर्म हो गयी थी। मैंने सोंचा की शरमाऊँगी तो इतने बढ़िया लन्ड का पूरा मज़ा नहीं ले पाऊंगी इसलिए मैंने कहा लो चोदो ससुर जी मेरी बुर पूरा लौड़ा पेल के ? मेरा ऐसा कहना हुआ तो उसका लौड़ा साला और टन टना कर मेरे सामने खड़ा हो गया.
मैंने पूंछा :- अच्छा पहले यह बता की क्या तू अपने अब्बू का लन्ड पकड़ चुकी है ?
वह बोली :- हां भाभी पकड़ चुकी हूँ, चुदवा भी चुकी हूँ और चुदवाती भी हूँ।
हाय दईया तब तो तू बड़ी हरामजादी निर्लज्ज और बेहाया है ?
हां भाभी हूँ ? बिना बेशर्मी के चुदवाने में मज़ा नहीं आता ? मेरी अम्मी कहती हैं की अगर लौड़ा पसंद आ जाए तो उसे अपनी बुर में जरूर पेलो. लौड़ा किसका है इसकी कतई परवाह न करो ?
हाय अल्ला, तो तेरी अम्मी भी बिलकुल तेरी तरह है। यानी मेरी सास भी इसी तरह हैं ?
हां भाभी, मेरी अम्मी भी ऐसी ही हैं। अब तुमसे क्या छुपाना, भाभी ? मैं सच कह रही हूँ की मैं अपनी माँ चुदवाती हूँ और वह अपनी बेटी। माँ का भोसड़ा हो चाहे बेटी की बुर लन्ड तो सबको चाहिए न ? चूत तो चूत है वह चाहे माँ की चूत हो या फिर बेटी की चूत ? माँ की चूत भी कभी बेटी की चूत थी और बेटी की चूत भी कभी माँ की चूत होगी। जहाँ तक चोदने और चुदाने का सवाल है वहां तक माँ की चूत और बेटी की चूत में कोई फर्क नहीं ? लौड़ा इसकी भी चूत को चाहिए और उसकी भी चूत को ? लौड़ा इसमें भी घुसेगा और लौड़ा उसमे भी ?
तू सही कह रही है मेरी नन्द रानी की मुझे चूतिया बना रही है ?
अरे भाभी खुदा कसम बिलकुल सही कह रही हूँ। और एक बात बताऊँ। ये तो सभी लोगों के घर में हो रहा है। मेरी जितनी शादी शुदा सहेलियां है वो सब की सब अपने ससुर से चुदवाती हैं और जब मिलतीं हैं तो अपने ससुर के लन्ड के बारे में बातें करतीं हैं। कुछ तो भोसड़ी वाली ससुर के लन्ड की तश्वीर भी दिखा देतीं है। तबसे मैं चुदवाने में और बेशर्म हो गयी हूँ, भाभी।
अच्छा तो अब यह बता की मेरी जेठानी अपने ससुर के लन्ड के अलावा और किस किस का लन्ड पीती हैं ? लन्ड पीती हैं तो चुदवाती भी होगी ?
अरे भाभी वह भी बिलकुल मेरी तरह है। सबके लन्ड पीती हैं बड़ी भाभी। अपने जेठ का लन्ड, अपने बहनोई का लन्ड, अपने नंदोई का लन्ड, उनके दोस्तों के लन्ड, अपनी खाला ससुर का लन्ड और जो भी लन्ड उसे मिल जाए वो फौरन अपने मुंह में ले लेती है। और फिर अपनी चूत में घुसेड़ कर भकाभक चुदवाती है। अब जब तुम मिलोगी तो तुम्हे भी बुर चुदवाने में एक्सपर्ट बना देगी ? वैसे बड़ी मस्त हैं मेरी बड़ी भाभी। मेरी तो उससे खूब पटती है।
देख नूर तेरा अब्बू तो मेरा ससुर है। तू अपने ससुर से चुदवाती है और तेरी बड़ी भाभी अपने ससुर से चुदवाती है तो मैं क्यों पीछे रहूँ ?
अरे भाभी एक दिन तेरी जेठानी खुद तेरे ससुर का लन्ड तेरी चूत में घुसा देगी। बड़ी भाभी बड़ी मस्ती से हम सबकी चूत में लन्ड घुसेड़ती हैं ?
और किस किस की चूत में घुसेड़ती है लन्ड तेरी बड़ी भाभी ?
मेरी माँ के चूत में पेलती है लन्ड, मेरी खाला के भोसड़ा में घुसाती है लन्ड, मेरी फूफी की बुर में पेलती है लन्ड, उसकी बिटिया की बुर में घुसा देती है लन्ड ? उसे सबकी बुर में लन्ड पेलने में बड़ा मज़ा आता है।
हाय दईया तो तेरे घर क्या साला रंडी खाना है ?
हां भाभी बात बिलकुल सही है और रात को तो वाकई रंडी खाना बन जाता है। यहाँ तो रात भर खूब धकाधक चुदाई होती है। पूरा घर चुदाई से गूंजने लगता है। कोई ऐसी चूत नहीं जो चुदवाती न हो और कोई ऐसा लन्ड नहीं जो चोदता न हो ?
अच्छा यह बताओ की तूने पहली बार कब और कैसे अपने अब्बू का लन्ड पकड़ा ?
हाय भाभी बड़ी छोटी सी कहानी है पर है बड़ी रोचक ? हमारी कॉलोनी में एक ताहिरा आंटी रहती हैं। उम्र में वह लगभग मेरी अम्मी के बराबर हैं। वह बहुत हंसमुख, मजेदार और मजाकियां किस्म की औरत हैं। मैं उनसे काफी घुली मिली हूँ। आंटी जी मुझसे हर तरह की बातें करतीं हैं। लन्ड, चूत, बुर, भोसड़ा चोदा चोदी आदि सब की बातें मुझसे करतीं हैं। मैं भी खूब एन्जॉय करती हूँ। एक दिन मैं बिना बताये उनके घर में चली गयी। दरवाजा खुला तो मैं उसके कमरे तक पहुँच गयी। कमरे के बाहर से मैं झाँकने लगी। अंदर का सीन बड़ा रोमांटिक था। आंटी अपने सारे कपड़े उतार कर बैठीं थीं। उसकी चूंचियां, उसकी चूत उसकी गांड सब कुछ साफ़ साफ़ दिखाई पड़ रहा था। मजे की बात यह थी की वह किसी का लन्ड पकड़ कर हिला रहीं थीं। मेरी नज़र लन्ड पर पड़ी तो मेरी चूत गीली हो गयी। आग लग गयी उसमे और मेरे मुंह में पानी आ गया। उस समय मैं २१ साल की थी। मेरे मन में आया की मैं लौड़ा मुंह में अभी ले लूँ। इतना बड़ा मोटा तगड़ा लौड़ा देख कर मैं अपने आप को रोक नहीं सकी। मैं समझी की यह लन्ड अंकल का है। मैं तो आंटी से खुली थी ही। मैं चुप चाप पीछे से गयी और लन्ड उसके हाथ से लेकर हिलाने लगी। वह बोली हाय नूर ,,,,,, वह कुछ कह ही नहीं पायी तब तक मैंने कहा अरे आंटी लौड़ा भोसड़ी का बड़ा मोटा तगड़ा है। इसे मेरी चूत में घुसा दो आंटी ? वह बोली नूर तू जानती है की यह किसका लौड़ा है ? मैंने मजाक में कहा लौड़ा तो आदमी का है आंटी ? मैंने लन्ड की चुम्मी ले ली ? मैं सेक्स में डूब गयी। तब आंटी बोली अरे नूर ये तेरे अब्बू का लन्ड है बेटी ? यह सुनकर मेरे होश उड़ गए। मेरे हाथ से लन्ड छूट गया। मेरे मुंह से निकला आंटी मेरा अब्बू और यहाँ आपके पास ? आंटी ने लन्ड पकड़ लिया और बोली हां नूर मैं तेरे अब्बू के लन्ड से प्यार करती हूँ। और तुझे घबड़ाने की जरुरत नहीं है। मेरी बेटी भी तेरे अब्बू का लन्ड पकडती है। और एक बात बताऊँ ? मैं उसका मुंह देखने लगी। वह बोली तेरी अम्मी मेरे मियां का लन्ड पकड़तीं हैं बेटी नूर। जब जवानी में चूत में आग लगी हो न तब किसी का भी लन्ड पकड़ लो सब जायज़ है नूर ? इसमें कोई गुनाह नहीं है ? लो अब पकड़ ही लिया हैं लन्ड तो ठीक से पकड़ो ? उसके बाद तो सब कुछ हो गया भाभी ? आंटी मानी नहीं और पेल दिया लन्ड मेरी चूत में ?
नूर की बातें सुनकर मेरी चूत का कबाड़ा हो गया। मैंने सोंचा की अब मैं बहुत जल्दी ही अपने ससुर का लन्ड पकड़ूँगी। नूर दो दिन बाद अपने ससुराल चली गयी।
अब मैं इससे पहले की आगे बढूँ, आपको सबके नाम तो बता दूं ? मेरा नाम हैं तमन्ना। मैं २५ साल की हूँ। एक बहुत ही घुटी हुई लड़की हूँ मैं। लन्ड की तो जबरदस्त चाहने वाली हूँ। जो लन्ड मेरी नज़र में चढ़ जाता है मैं उसका एक एक बूँद रस निचोड़ लेती हूँ और निचोड़ती रहती हूँ। मैं एक बेशर्म, बेहाया और बेबाक लड़की हूँ। मेरी शादी अभी अभी हुई है। अभी मैं गोवा में सुहागरात मना कर आयी हूँ। मेरे शौहर को अभी तक यह मालूम नहीं हुआ की मैंने सुहागरात में दो मर्दों से और चुदवाया है। मैं आपको बता देती हूँ दोस्तों की मैं उनसे आगे भी चुदवाती रहूंगी क्योंकि मैंने उनका पता ठिकाना मालूम कर लिया है। मेरी सास हैं नमीरा। वह ४६ साल की हैं। बड़ी जवान और मद मस्त हैं भोसड़ी वाली ? लन्ड की शौकीन है मेरी सास जैसा मेरी नन्द ने बताया। मेरी जेठानी का नाम है माहिरा वह २६ साल की हैं। बड़ी खूबसूरत सेक्सी और हॉट हैं। उसके बार में बहुत कुछ मालूम हो चुका है मुझे। मेरी नन्द नूर के बारे में तो आप जान ही चुकें हैं।
एक दिन जेठानी ने मुझे बुलाया और बड़े प्यार से बातें करने लगीं। बातों बातों में बोली तमन्ना मेरी प्यारी देवरानी एक बात पूंछूं ? मैंने कहा हां हां बिलकुल पूंछो जीजी ? उसने कहा मैं जो भी पूंछूं उसका जबाब सही सही देना। न तो झूंठ बोलना और न कुछ छुपाना। उसके बाद तुम मुझसे जो पूंछोगी मैं उसका जबाब सच सच दूँगी। मैंने कहा हां जीजी ठीक है। अब आप मुझसे पूँछिये। वह बोली - तुम एक लन्ड के साथ बंध कर रहोगी या फिर गैर मर्दों से चुदवाने की तमन्ना रखती हो ? मैंने कहा जीजी आजकल कोई भी बीवी एक लन्ड से बंध कर नहीं रहती। मुझे तो एक नही अनेक लन्ड चाहिए ? मैं तो गैर मर्दों से चुदवाऊँगी ? अब पता नहीं की मेरा शौहर मुझे यह सब करने देगा की नहीं ? वह बोली बिलकुल करने देगा। उसका लन्ड तो परायी बीवी के नाम से उछलने लगता है। उसका ८" का लन्ड किसी और की बीवी के नाम पर ८१/२" का हो जाता है। मैंने कहा अरे जीजी आप उसके लन्ड को जानती हैं ? उसने कहा हां जानती हूँ और मेरी चूत भी जानती है उसका लन्ड ? बुरा मत मानना नूर मैं तेरे मियां से चुदवाती हूँ। वो मेरा देवर है मैं उसका लन्ड पीती हूँ। तुम भी मेरे मियां का लन्ड पीना तमन्ना। तुम भी मेरे मियां से धकाधक चुदवाना। शर्माने की जरुरत नहीं है। वह तेरी बुर लेने के लिए तैयार बैठा है। बस मेरी चूत ससुरी गनगना उठी।
वह बोली देख तमन्ना जिस दिन मेरा मियां आएगा उसी दिन मैं उसका लन्ड तेरी चूत में घुसेड़ दूँगी। मैंने कहा अगर सास को मालूम हो गया तो ? वह बोली सास का भोसड़ा ? सास की बिटिया की बुर ? मैं सास की भी बुर चोदती हूँ तमन्ना ? सास कुछ नहीं कहेगी। वह भी पराये मर्दों के लन्ड लेती है। यही तो मस्ती है यहाँ ? सास से ज्यादा चुदक्कड़ तो उसकी बेटी है बुर चोदी ? बस अब मेरा काम बन गया। मुझे पूरा यकीन हो गया की अब मैं जवानी का पूरा मज़ा लूटूँगी। दो दिन बाद मेरा जेठ आ गया। मैं उसे हसरत भरी निगाहों से देखने लगी। वह भी मुझे सेक्सी निगाहों से निहारने लगा। रात को जब मैं आने कमरे में लेटी थी तभी मेरी जेठानी आ गयी और बोली तमन्ना चल तू मेरे कमरे में। देख तेरा मियां तो बाहर गया है। आज तू मेरे मियां के साथ रात गुजारेगी। मैंने कहा अरे जीजी आप कहाँ मुझे ले जा रही हैं। मेरा जेठ क्या सोंचेगा मेरे बारे में ? उसने मेरी एक न सुनी और अंदर ले जाकर उसने मुझे जेठ के पास बैठा दिया। फिर उसने अपने जेठ का लन्ड पैजामे से निकाला और कहा लो अब तुम पकड़ो इसका लन्ड और मज़ा लो। मैं किसी और के पास जा रही हूँ। जेठानी चली गयी तो मैंने लन्ड को नज़र भर के देखा। लन्ड साला फनफना गया। मैं लन्ड हिलाने लगी। तब तक जेठ ने मेरी चूंचियां दबा दीं और मुझे अपनी तरफ खींच कर चिपका लिया। मैंने लन्ड छोड़ा नहीं और बराबर हिलाती रही। मेरी नज़रें लन्ड से हटीं नहीं और मैं लन्ड पे नज़रें गड़ाए रही। फिर उसने मुझे नंगी कर दिया और मैंने उसे नंगा कर दिया।
मैं उसे पूरी तरह नंगा देख कर मस्त हो गयी। और मुझे भी उसके सामने नंगी होने में मज़ा आया। मैं फ़ौरन उसका लन्ड चाटने लगी और वह मेरी चूत सहलाकर मेरी चूंचियां दबाने लगा। सुहागरात के बाद आज पहली बार लन्ड मिला तो मेरी चूत चुलबुला उठी। मेरी चूत बिलकुल चिकनी थी और उधर लन्ड भी बिलकुल चिकना था। उसकी झांटें नहीं थीं। हालांकि मैं छोटी छोटी झांट वाला लन्ड पसंद करती हूँ। हां पेल्हड़ में एक भी झांट नहीं पसंद करती क्योंकि मुझे पेल्हड़ भी चाटने का शौक है। थोड़ी देर तक लन्ड चाटने के बाद मैंने एकदम से लन्ड मुंह में भर लिया और चूसने लगी। वैसे आजकल लन्ड चूसने का रिवाज़ है। सभी लड़कियां, बीवियां, आंटिया लन्ड चूसती हैं। लन्ड सामने देखते ही मुंह साला अपने आप खुल जाता है। कोई बुर चोदी ऐसी लड़की नहीं जो लन्ड न चूसती हो ? मैं यह सब सोंच ही रही की जेठ जी ने लन्ड मेरे मुंह से निकाल सीधे मेरी चूत में घुसा दिया। मैं जानती हूँ की लन्ड मादर चोद जब खड़ा होता है तो कहीं घुसने के लिए बेचैन हो जाता है। जब तक घुस नहीं जाता तब तक साला तड़पता रहता है। और जब घुस जाता है तो बड़ी दूर तक चोट करता रहता है।
फिर तो मैं मस्त होकर जेठ से चुदवाने लगी अपनी चूत। पराये मरद का पहला लन्ड मेरी चूत में तहलका मचाने लगा। मैं नीचे थी वह मेरे ऊपर। मैं अपनी गांड उठा उठा के चुदाई में सहयोग देने लगी। जेठ को भी समझ में आ गया की मैं भी चुदाई का उतना ही मज़ा ले रही हूँ जितना वह ले रहा है। मैं फिर उसके ऊपर चढ़ कर चुदाने लगी। फिर उसके लन्ड पर बैठ कर चुदाने लगी। और फिर पीछे से भी। वह भी जान गया की तमन्ना भोसड़ी की बड़ी मस्त चुदक्कड़औरत है। मैंने देखा की मेरे खलास होते ही वह भी खलास हो गया। मैंने उसका झड़ता हुआ लन्ड भी खूब चाटा और उसका स्वाद लिया। लन्ड का टोपा बिलकुल लाल कर दिया।
अब मेरे दिमाग में ससुर का चढ़ा हुआ था। मैं इस फिराक में थी की जल्दी ही उसका लौड़ा अपनी चूत में पेलूँ। मेरी समझ में एक बात आ गयी थी की जो साला अपनी बिटिया की बुर लेता है, वह अपनी बहू की बुर तो दौड़ कर लेगा। जो भोसड़ी का अपनी बड़ी बहू की बुर में लन्ड पेलता है, वो अपनी छोटी बहू की बुर में लन्ड जरूर पेलेगा ? इसलिए जैसे मैं उसका लन्ड लेने के लिए तड़प रही हूँ वैसे वह भी मेरी बुर लेने के लिए तड़प रहा होगा ? एक दिन ऐसा हुआ की इत्तिफाक से मैं घर में अकेली ही रह गयी। मेरे ससुर को भी कहीं बाहर जाना था। वह भी अपना सामान लेकर चला गया। मैं सोंच रही थी की अब क्या करूं ? कभी इधर कभी उधर घूमने लगी और कभी टी वी देखने लगी तो कभी कोई किताब पढ़ने लगी। अचानक किसी ने दरवाजा खटखटाया। मैंने जैसे ही खोला तो सामने मेरे ससुर खड़ा था। वह बोला अरे तमन्ना मेरी तो ट्रेन छूट गयी। मैं स्टेशन से वापसआ गया। फिर उसने खाना खाया और अपने कमरे में चला गया।
मैं सच में अपने पकड़े खोल कर नंगी लेट गयी। मैं ऐसे लेटी थी की मेरी चूंचियां आधे से अधिक खुलीं थी और मेरी चूत की छोटी छोटी झांटें दिख रहीं थीं। इतने में अचानक मेरा ससुर मेरे कमरे में आ गया। वह नंगे बदन था। बस एक हलकी सी लुंगी पहने था। मुझे बड़ी बुरी नियत से देखने लगा। मैं भी उसे चुपके से कनखियों से बुरी नज़र से देखने लगी। वह और नजदीक आया। मैं नाटक किये पड़ी रही। वह और बढ़ा तो मैंने जानबूझ कर ऐसी करवट ली की मेरी चूंचियां पूरी खुल गयीं। उसने हाथ बढ़ाया पर चूंचियां पकड़ न सका। इधर मैं जल्दी में थी। मैं उसका हाथ पकड़ कर अपनी चूँचियों पर रख दिया और कहा पकड़ों न डरते क्यों हो ? उसने पकड़ लीं चूंचियां तो मैं और जोश में आ गयी और उसकी लुंगी खींच कर फेंकी दी। उसका टन टनाता हुआ लन्ड पकड़ लिया। मैंने कहा हाय दईया बड़ा मोटा है लन्ड तेरा ससुर जी ? मेरा इतना कहना था की वह मेरे ऊपर ही चढ़ बैठा बोला तुम भी बड़ी सेक्सी हो बहू। तुम तो मेरी बड़ी बहू से ज्यादा हॉट हो ?
उसने मुझे पूरी तरह चिपका लिया और मैं भी चिपक गयी पर लन्ड नहीं छोड़ा ? फिर हम दोनों 69 हो गए। वह मेरी बुर चाटने लगा और मैं उसका लन्ड ? मेरे मन में आया मेरी नन्द सही कह रही थी। लन्ड तो वाकई बड़ा जबरदस्त है। बस मैंने फिर बड़ी बेशर्मी से खूब चुदवाया। रात भर चुदवाया। उसने भी मुझे रात में ३ बार चोदा। सवेरे भी मैंने उसका लन्ड चाटा और चूसा ?
एक दिन फिर मैं अकेली हो गयी। घर में दो दिन से कोई लन्ड नहीं था। मैं बिना लन्ड लके तड़प रही थी। अचानक मुझे उन लोगों का ख्याल आया जो मेरे साथ मेरी सुहागरात में थे। जिनसे मैंने चुदवाया था और मेरे शौहर को कानो कान खबर नहीं हुई। मैंने उन्हें फोन लगाया और बात भी हो गयी। वे लोग इसी शहर के हैं। मैंने उन्हें बुला लिया। वे दोनों आधे घंटे में आ गए। मैंने उन्हें अंदर बैठाया उर फिर नास्ता वगैरह करवाया। मैंने कहा देखो यार तुम लोगों से चुदवाये बहुत दिन हो गए। आज मुझे तम्हारी याद आ गयी। तुम्हारे लन्ड की याद आ गयी। इसलिए तुम्हे बुला लिया है। अब मैं तुम दोनों से रात भर चुदवाऊँगी। हमारी बातें हो ही रहीं थी की मेरी नन्द अचानक आ गयी। उसके साथ एक और आदमी था। थोड़ी देर में नन्द ने कहा भाभी ये मेरा ससुर है। तब तो मैं खुश हो गयी क्योंकि उसने कहा था की मैं अपने ससुर चुदवाती हूँ। फिर मैंने भी नन्द को अपने दोनों लोगों से मिलवाया। वो भी बहुत खुश हो गयी।
रात में नन्द मेरे पास आयी और बोली भाभी एक प्लान है। देखो मैं अपने ससुर से चुदवा चुकी हूँ और तुम इन दोनों से अपनी सुहागरात में चुदवा चुकी हो। इसलिए आज पहले मैं तेरे सामने इन दोनों से चुदवाऊँगी और तुम पहले मेरे सामने मेरे ससुर से चुदवाओ। उसके बाद फिर रात भर हम दोनों लन्ड अदल बदल कर चुदवाती रहेंगीं। मुझे उसकी बात पसंद आ गयी और फिर होने लगी भकाभक चुदाई। मैं उसकी चूतमे लन्ड पेलने लगी वह मेरी चूत में ? कभी मैं दो लन्ड से चुदवाती कभी वो। कभी वो मेरे मुंह में लन्ड घुसेड़ देती कभी मैं उसके मुंह में लन्ड ?
भाभी नन्द की मस्ती भरी चुदाई मुझे आज भी याद है दोस्तों।
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