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जीजा और साली की चोदा चादी भरी मस्त चुदाई - Sali ne jija ke land ko choda aur khub chusa
जीजा और साली की चोदा चादी भरी मस्त चुदाई - Sali ne jija ke land ko choda aur khub chusa , Antarvasna Sex Stories , Hindi Sex Story , Real Indian Chudai Kahani , choda chadi cudai cudi coda free of cost , Time pass Story , Adult xxx vasna kahaniyan.
डोर बेल बजते ही मैंने दरवाजा खोला तो देखा की सामने मेरे जीजू खड़े हैं। मैं मुस्कराकर बोली हाय जीजू WHAT A WONDERFUL SURPRISE, JIJU ! PLEASE COME IN. मैंने उन्हें कमरे में बैठाया। मैं बड़ी खुश हो गयी । दोस्तों, मैं आपको बता दूं की मैं अपने जीजू को बहुत चाहती हूँ इसलिए नहीं की वह मेरा जीजू हैं बल्कि इसलिए की वह बहुत नेक इन्शान है, बहुतअच्छे स्वाभाव के हैं बहुत हैंडसम और स्मार्ट हैं। मुझे तो बहुत हॉट लगते हैं मेरे जीजू। उन्हें देख कर मेरे तन बदन में कुछ कुछ होने लगता है। मैंने फौरन एक गिलास पानी झुक कर टेबिल पर रखा तो उनकी निगाहें मेरे स्लीवलेस मैक्सी केअंदर तक झाँक कर देखने लगीं। जी हां मैं एक डीप नेक की टाइट मैक्सी पहने हुई थी। मैक्सी के नीचे ब्रा नहीं पहनी थी। मेरी बड़ी बड़ी चूंचियां अंदर से एकदम नंगी थीं। उसने बड़े गौर से मेरी चूंचियां देख लीं। मुझे लगा की जीजू को मेरी चूँचियों के साइज का अंदाज़ा हो गया है। नीचे मेरी चूत भी बहन चोद खुली थी, नंगी थी। मैंने कोई पैंटी भी नहीं पहनी थी। मेरी धड़कने बढ़ने लगीं। मैं चुप चाप वहीँ बैठ कर बातें करने लगी। तब तक मम्मी ने नास्ता बना दिया और वह भी हमारे साथ नास्ता करने लगीं। थोड़ी देर में मम्मी अपने काम में लग गयी और हम दोनों बातें करते रहे। कुछ देर बाद मम्मी फिर आयीं और बोली अनीता तुम लोग बातें करो मैं ज़रा काम से बाहर जा रही हूँ। मैं शाम को आऊंगी और हां मुझे थोड़ी देर हो जाए तो चिंता न करना । मम्मी चली गयी तो मुझे जीजू से खुल कर बातें करने का मौक़ा मिल गया। आज मैं कुछ मूड में थी। जीजू को अकेले पाकर मेरी तमन्ना और जाग गयी। मेरे दिल की धड़कने और बढ़ने लगीं।
मेरा जीजू का नाम है संजय। वह सांवले हैं और बहुत हैंडसम हैं. स्मार्ट है और हॉट हैं। कद ५" १०" है, रंग आपको बता ही दिया है, तगड़े तंदुरस्त हैं. उम्र ३० साल है। लन्ड का साइज तब बताऊंगी जब उसका लन्ड पकड़ कर देखूँगी।मेरी दीदी सुनीता भी २८ साल की हैं। शादी मेरी भी हो चुकी है। मेरे हसबैंड का नाम है मिस्टर आकाश। वह भी २८ साल के हैं, गोरे चिट्टे हैं, कसरती बदन है उसका और बहुत ही हंसमुख हैं। उसके लन्ड का साइज अभी नहीं बाद में बताऊंगी। तब तक जीजू ने कहा अनीता आज तुम बहुत अच्छी और हॉट लग रही हो ? मेरे जबाब दिया जीजू आज तुम भी बहुत सेक्सी लग रहे हो। मन करता है की ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,? वह बोला अरे रुक क्यों गयीं। बोलो न खुल कर बोलो, अनीता। मैंने कहा पहले तुम बोलो जीजू। मैं तो लड़की हूँ शर्माती हूँ। मुझे लाज़ आती है। लेकिन तुम तो मर्द हो। तुम क्यों शर्माते हो ? मर्दानगी दिखाओ न अपनी ?
मैंने थोड़ा उसे उकसाया। मैं चाहती थी की वह मेरी चूंचियां पकड़ ले ? तब मैं उसका लन्ड पकड़ूँ। लेकिन वह भोसड़ी का आगे बढ़ ही नहीं रहा था। फिर मैंने सोंचा की इसे मैं एक बार फिर चूंचियां दिखा दूं ? मैं अंदर गयी और गर्मागरम पकौड़ा लाकर उसके आगे झुक कर रखा। मैं थोड़ी देर तक झुकी रही और उसे पूरा मौक़ा दिया की वह मेरी चूंचियां अंदर तक देख ले। मैं मुस्कराई और सेक्सी अदा से बोली हाय जीजू तुम बड़े 'वो' हो ? उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहा अनीता आज मैं तुम्हे नहीं छोड़ूंगा। मैंने हंसकर कहा तो फिर क्या करोगे मेरा ? वह उठा और मुझे अपनी बाहों में भर लिया और बोला अब जो करूँगा वो बताऊंगा नहीं ? उसने मेरे गाल थपथपा दिया। मेरी नज़रें झुक गयीं। फिर उसने मेरी चूँचियों पर हाथ रख दिया। मैं बोली हटो जीजू ये क्या कर रहे हो ? मैं शादी शुदा हूँ। वह बोला शादी शुदा हो तभी तो कर रहा हूँ। शादी के बाद तेरी सुहागरात भी हुई होगी। उसमे तुमने भी सब कुछ किया होगा अनीता ? अब मुझसे क्या छुपाना ?
उसने ऐसा बोल कर मेरी मैक्सी के अंदर हाथ डाल कर चूंचियां मसलने लगा। मैंने मना नहीं किया क्योंकि ममुझे भी मज़ा आ रहा था लेकिन नाटक करते हुए कहा हाय जीजू दर्द होता है ? क्या कर रहे हो ? हटो न प्लीज। मत करो ? उसने और जोर से दबा दी चूंचियां. मैं बोली हाय राम अब क्या नोच ही डालोगे ? मैंने उसका हाथ बाहर निकाला नहीं बल्कि चूंचियां मसलवाती रही। मैं उसकी बाहों में घुसी रही। मैं चाहती थी की वह मुझे नंगी कर दे। तब मैं भी उसे नंगा कर दूं और उसका लन्ड पकड़ कर मुंह में भर लूँ। मुझे लन्ड चूसने का बड़ा शौक है। जीजू सांवले है तो इसका लन्ड भी काला होगा या फिर सांवला। मैं काला लन्ड बहुत पसंद करती हूँ। मैं लन्ड पकड़ने के लिए पल पल तड़प रही थी। तब तक उसने मेरे बूब्स मैक्सी के बाहर निकाल लिया। मेरे निपल्स दोनों बाहर आ गए। जीजू ने जबान निकाली और निपल्स चाटने लगा। मैं मस्त होने लगी।
फिर वह मैक्सी की बद्धियां मेरे कंधे से उतारने लगा। मैंने कहा हाय जीजू मैं बिलकुल नंगी हो जाऊंगी। नहीं जीजू प्लीज ऐसा मत करो ? वह नहीं माना और मेरी दोनों बद्धियां नीचे खींच दीं। मैंने अपने स्तन से दोनों बद्धियां रोक लीं। वह बोला अनीता तुम मेरी साली हो। साली तो आधी घर वाली होती ही है। इसमें क्या शर्माना ? मैंने कहा आधी घर वाली होती है जीजू पूरी घर वाली नहीं ? वह बोला तो आज पूरी घर वाली बन जाओ प्लीज ? वह नहीं माना और मेरी मैक्सी उतार कर फेंक दी। अब मैं उसके आगे पूरी नंगी नंगी कड़ी थी। मेरी चूंचियां, मेरी चूत मेरी गांड सब कुछ उसके आगे खुल गयी। मैंने कहा जीजू अब तुम अपने हाथ ऊपर किये हुए चुपचाप खड़े रहो। अब मैं तुझे नंगा करूंगी बहन चोद ? मैं भी देखूँगी तुम्हे पूरा नंगा ? मैंने जैसे ही उसके कपड़े उतारे और बाद में जब उसकी चड्ढी उतारी तो उसका लन्ड टन्न से मेरे गाल में लगा। लन्ड देख कर मैं गद गद हो गयी क्योंकि लन्ड काला और मोटा तगड़ा निकला। मेरी चूत एकदम से गनगना उठी.
मैं उसका लन्ड हिला हिला कर चाटने लगी। वह मेरे पूरे नंगे बदन पर हाथ फेरने लगा। हम फिर 69 की तरह हो गये। मेरी नज़र लन्ड से हट ही नहीं रही थी। मैं लन्ड चूस रही थी और वह मेरी चूत चाट रहा था। थोड़ी देर में वह उठा, मुझे नीचे लिटा कर मेरे ऊपर चढ़ बैठा और लन्ड पेल दिया मेरी चूत में। वह बड़े ताव में आकर चोदने लगा क्योंकि लन्ड उसके काबू के बाहर हो चुका था। मैं भी बुरी तरह चुदासी हो गयी थी इसलिए अपनी गांड उठा उठा के चुदवाने लगी। मैं भूल गयी की यह मेरी दीदी का पति है। मुझे अगर कुछ याद था तो बस उसका लन्ड लन्ड और लन्ड ? मुझे लन्ड पर इतना प्यार आ रहा था की मैं तो लन्ड चबा जाना चाहती थी। सच बताऊँ इतना प्यार मैं अपने पति के लन्ड से नहीं करती जबकि उसका भी लन्ड किसी से कम नहीं है। लेकिन पराये मरद के लन्ड की बात ही कुछ और होती है। फिर मैं उसके खड़े लन्ड पर बैठ गयी और कहा जीजू अब मैं तेरा लन्ड चोदूँगी लन्ड ? मैं लन्ड बहुत अच्छी तरह से चोद लेती हूँ। जीजू ने कहा अनीता अब ये लन्ड तेरा है जो चाहो करो इसका ? जहाँ चाहो वहां पेलो इसे जैसे चाहो वैसे खेलो इसे ? मैंने भी अपने मन की तमन्ना पूरी कर ली जीजू का लन्ड चोद कर ? उसके बाद जीजू ने मुझे फिर हर तरफ से चोदा और मैंने भी एक रंडी की तरह चुदवाया उसका झड़ता हुआ लन्ड पी कर मस्त हो गयी।
चुदाने के बाद मैं बातें करने लगी।
मैंने कहा यह मत समझना जीजू की आज चोद लिया तो बस हो गया ? वादा करो की तुम जब जब आओगे तब तब मुझे चोदोगे ? तुम नहीं चोदोगे तो मैं तेरा लन्ड चोदूँगी। तेरा लन्ड मेरी चूत में घुसने के पहले मेरे दिल घुस चुका है जीजू ?
हां मेरी जान अनीता मैं वादा करता हूँ की मैं जब जब आऊंगा तो तुम्हे चोदूंगा जरूर ?
अच्छा अगर यह बात मेरी दीदी को मालूम हो गयी तो ,,,,,,,,, तब तो तेरी गांड फट जाएगी जीजू ?
क्या पता अनीता जैसे तुमने मुझसे चुदवाया है वैसे तेरी दीदी भी किसी से चुदवाती हो तो ,,,,,,,,,,, ?
तो क्या तो फिर उसकी गांड फटेगी ? हम दोनों हंसने लगे।
मैंने फिर पूंछा अच्छा हां जीजू एक बात बताओ अगर मेरा पति तेरी बीवी चोद ले तो ?
तो क्या ? मैं चुदवा लूँगा अपनी बीवी ? सुनो अनीता तुम्हे चोदने के लिए मैं किसी से भी अपनी बीवी चुदवा सकता हूँ।
अगर कोई तेरी बीवी तेरे सामने चोदे तो ,,,,,,,,,,,,,,,,,?
तो भी मैं चुदवा लूँगा अपनी बीवी बशर्ते की मैं भी उसकी बीवी उसके सामने चोदूं ?
हाय दईया तुम तो बड़े चोदू हो यार। किसी और की बीवी चोदने के लिए अपनी बीवी कुर्वान कर दोगे ?
अरी पगली अनीता मैं जानता हूँ की बीवियों को भी पराये पुरुष से चुदवाने में बड़ा मज़ा आता है।
दो दिन बाद मेरी दीदी सुनीता आ गयीं। जीजू तब तक जा चुका था। मैं उससे बातें करने लगी। एक दिन शाम को मेरा हसबैंड आकाशआ गया। दीदी भी बड़े सेक्सी मूड में थीं। उसे देख कर दीदी बहुत खुश हो गयीं। फिर वह अपने दोस्त से मिलने चला गया। दीदी मुझसे बातें करने लगीं।
वह बोली :- अनीता, अब तो तेरा पति बड़ा स्मार्ट हो गया है और बड़ा हैंडसम लगता है।
मैं कहा :- अच्छा मैंने इस निगाह से नहीं देखा उसे। स्मार्ट हो गया है तो अच्छा ही है।
दीदी :- मुझे तो आज वह बड़ा हॉट लग रहा है।
मैं :- हाय दीदी कहीं आपका दिल तो उस पर नहीं आ गया ?
दीदी :- अगर आ जाये तो क्या तुम रोक लोगों ? दिल तो दिल है किसी पर भी आ सकता है ?
मैं :- फिर तो मेरा भी दिल जीजू पर आ जायेगा ?
दीदी :- उ हूँ आ जाए मुझे क्या ? मैं कोई रोड़ा तो बनूंगी नहीं तुम दोनों के बीच में ?
मैं :- सच दीदी तुम रोड़ा नहीं बनोगी ? तो फिर मैं भी रोड़ा नहीं बनूंगी तुम दोनों के बीच में ?
दीदी :- कौन हम दोनों के बीच में अनीता ?
मैं ;- तुम और मेरा पति। तुम मेरे पति को पसंद करती हो ? तो मैं तुम दोनों के बीच नहीं आऊंगी। जो चाहो करो ? जैसे चाहो वैसे करो ?
दीदी :- अच्छा यह बात है ? मैं अगर तेरे पति को अपने बिस्तर पर लिटा लूँ तो ,,,,,,,,,,?
मैं :- बिस्तर पर लिटा लो चाहे अपने ऊपर लिटा लो दीदी ? मुझे क्या मैं भी जीजू के ऊपर लेट जाऊंगी।
दीदी :- तो क्या तू नंगी नंगी अपने जीजू के ऊपर लेट जाएगी ?
मैं :- हां बिलकुल लेट जाऊंगी। अगर तुम नंगी नंगी मेरे पति के ऊपर लेटोगी तो मैं नंगी नंगी तेरे पति के ऊपर लेट जाऊंगी। मुझे कोई शर्म तो आती नहीं ? मैं तो बिंदास हूँ।
दीदी :- हाय दईया, बिंदास तो मैं भी हूँ। तो फिर हो जाए ? बदल लो आज रात को पति। मम्मी भी नहीं है। किसी का डर भी नहीं है।
मैं :- सोंच लो दीदी ? मैं तो तैयार हूँ तुम पीछे हट न जाना ?
दीदी :- अरे अनीता न मैं पीछे हटूंगी और न तुम्हे हटने दूँगी।
मैं दीदी की मंसा अच्छी तरह समझ गयी। रात को मैंने सारी बातें अपने हसबैंड को बता दीं और कहा की आज रात को तुम दीदी के साथ सोओ ? वो बहुत खुश हो गया बोला सच कह रही हो अनीता की मजाक कर रही हो। मैंने कहा नहीं सच कह रही हूँ। और सुनो वो जो कुछ करें तो करवा लेना मना नहीं करना। मैं पूरी तरह राज़ी हूँ। वो चोदने को कहें तो चोद लेना ? मैं तो चाहती ही थी की मेरा पति दीदी को चोदे ताकि मैं मैं फुरसत से जीजू से चुदवाऊँ। वह चला गया तो उसके पीछे पीछे जीजू मेरे पास आ गया। हम दोनों के कमरे सटे हुए अगल बगल ही थे। बस मैंने फ़टाफ़ट अपने कपडे खोल डाले और जीजू को भी नंगा कर दिया। उसका लन्ड पकड़ कर हिलाने लगी। मेरे मन की मुराद पूरी हो रही थी। मेरी चूत लन्ड खाने के लिए बेचैन हो रही थी। इधर मैं भी लन्ड चूसने के लिए अपना मुंह खोले हुए रेडी थी।
मैं तो पहले भी इससे चुदवा चुकी हूँ। लेकिन आज कुछ और तरह का मज़ा आ रहा है। मैने लन्ड मुंह में लिया और चूसने लगी। तभी अचानक मेरी दीदी मेरे पति का लन्ड पकड़े पकड़े मेरे कमरे में आ गयीं। वह भी बिलकुल नंगी थीं और मेरा पति भी नंगा। आते ही बोली अरी अनीता जब हमें एक दूसरे के पति से चुदवाना है तो शर्म कैसी ? आओ हम दोनों एक साथ एक ही पलंग पर चुदवायें। वास्तव में मैं देखना चाहती हूँ की तू मेरे पति से कैसे चुदवाती है ? और तुम भी देख लो की मैं तेरे पति से कैसे चुदवाती हूँ। मेरा मन में आया की मैं अगर अपने पति के सामने किसी और के पति से चुदवाऊँ तो उसे कैसा लगेगा ? तब तक जीजू बोल पड़ा हां अनीता मैं देखना चाहता हूँ की अगर मैं अपनी बीवी के सामने किसी और की बीवी चोदूं तो मेरे बीवी को कैसा लगेगा ? बस उसकी बात पर हम चरों लोग हंस पड़े ?
तब दीदी ने खुद ही जीजू का लन्ड पकड़ कर मेरी चूत में घुसेड़ दिया और बोली लो तुम अपनी साली की बुर लेना चाहते हो तो फिर ठीक से ले लो उसकी बुर ? लन्ड मेरी चूत में घुस गया। तब मैंने अपने पति को इशारा किया तो उसने दीदी की बुर में पेल दिया लन्ड। वह भी जीजू का तरह उछल उछल कर चोदने लगा। हम दोनों मजे से एक दूसरे के पति से बिंदास चुदवाने लगीं।
एक दिन एक मॉल में मेरी कॉलेज की एक सहेली रेहाना मिल गयी। उसने मेरे कंधे पर हाथ मार कर कहा अरे अनीता तू बुर चोदी यहाँ क्या कर रही है ? मैंने जबाब दिया अरे यार तू रेहाना बहुत दिनों के बाद मिली है यार ? पर तू इस शहर में कैसे आ गयी। वह बोली मेरे शौहर का यहाँ ट्रांसफर हो गया है। वह एक बैंक में काम करता है। हम दोनों यहीं रहतें है। अब तू शॉपिंग कर ले फिर मेरे घर चल ? वह मुझे जबरन अपने घर ले गयी। वह दिन इतवार का दिन था। मैं भी चली गयी। उसने अपने मियां रफीक से मिलवाया। मैं रफीक को देखा तो देखती रह गयी। वह तो बड़ा बांका जवान लंबा चौड़ा गोरा चिट्टा और अच्छे नाक नक्श वाला था। सच बताऊँ तो मेरा दिल उस पर आ गया। रेहाना ने नास्ता वगैरह कराया खूब बातें की और फिर चुपके से पूंछा अनीता यह बता तू अपने मियां के अलावा किसी और से भी चुदवाती है ? मैंने मुस्कराकर हां कर दी। तब वह बोली अच्छा सच बता तुझे मेरा मियां कैसा लगा। मैंने उसकी तारीफ कर दी।
तब वह मुझसे मेरे कान में बोली - लन्ड पकड़ोगी मेरे मियां का, अनीता ? तूने कभी मुसलमानी लन्ड तो पकड़ा नहीं होगा ?
मैंने जबाब दिया - नहीं मैंने तो कभी नहीं पकड़ा ? मुझे नहीं मालूम होता कैसा है मुसलमानी लन्ड ?
वह बोली - तो फिर आज पकड़ के देखो मुसलमानी लन्ड ? खुदा कसम मज़ा आ जायेगा तुझे ? बस वह मुझे
अंदर बीएड रूम में ले गयी। वहां उसका मियां एकदम नंगे बदन लेता था। मैं तो उसकी चौड़ी छाती देख कर मोहित हो गयी। उस पर घने घने बाल तो बड़े सेक्सी लग रहे थे। रेहाना ने पहले तो अपने मियां को आँख मारी फिर अपना हाथ उसकी लुंगी में घुसेड़ दिया। वह अंदर ही अंदर लन्ड सहलाने लगी। फिर एकदम से लुंगी खोल कर फेंक दी तो उसका लन्ड तन कर खड़ा हो गया। मैं लन्ड देख कर बोली बाप रे बाप इतना बड़ा लन्ड ? इतना बड़ा चमकता हुआ लन्ड का टोपा ? लन्ड वाकई सबसे बड़ा और मोटा था ? मैं पहली बात इतना मोटा तगड़ा लन्ड देख रही थी। उसने लन्ड मुझे पकड़ा दिया और मैं चाटने लगी लन्ड। फिर उसने मेरे कपड़े उतार कर मुझे नंगी कर दिया। वह बोली अनीताआज मैं चोदूँगी तेरी चूत ?
फिर उसने वही किया जो उसने कहा। मुझे भी बड़ा मज़ा आया उससे चुदवा कर। मैं दिन भर उसी के घर में रही और दो बार चुदवा कर अपने घर वापस आयी।
डोर बेल बजते ही मैंने दरवाजा खोला तो देखा की सामने मेरे जीजू खड़े हैं। मैं मुस्कराकर बोली हाय जीजू WHAT A WONDERFUL SURPRISE, JIJU ! PLEASE COME IN. मैंने उन्हें कमरे में बैठाया। मैं बड़ी खुश हो गयी । दोस्तों, मैं आपको बता दूं की मैं अपने जीजू को बहुत चाहती हूँ इसलिए नहीं की वह मेरा जीजू हैं बल्कि इसलिए की वह बहुत नेक इन्शान है, बहुतअच्छे स्वाभाव के हैं बहुत हैंडसम और स्मार्ट हैं। मुझे तो बहुत हॉट लगते हैं मेरे जीजू। उन्हें देख कर मेरे तन बदन में कुछ कुछ होने लगता है। मैंने फौरन एक गिलास पानी झुक कर टेबिल पर रखा तो उनकी निगाहें मेरे स्लीवलेस मैक्सी केअंदर तक झाँक कर देखने लगीं। जी हां मैं एक डीप नेक की टाइट मैक्सी पहने हुई थी। मैक्सी के नीचे ब्रा नहीं पहनी थी। मेरी बड़ी बड़ी चूंचियां अंदर से एकदम नंगी थीं। उसने बड़े गौर से मेरी चूंचियां देख लीं। मुझे लगा की जीजू को मेरी चूँचियों के साइज का अंदाज़ा हो गया है। नीचे मेरी चूत भी बहन चोद खुली थी, नंगी थी। मैंने कोई पैंटी भी नहीं पहनी थी। मेरी धड़कने बढ़ने लगीं। मैं चुप चाप वहीँ बैठ कर बातें करने लगी। तब तक मम्मी ने नास्ता बना दिया और वह भी हमारे साथ नास्ता करने लगीं। थोड़ी देर में मम्मी अपने काम में लग गयी और हम दोनों बातें करते रहे। कुछ देर बाद मम्मी फिर आयीं और बोली अनीता तुम लोग बातें करो मैं ज़रा काम से बाहर जा रही हूँ। मैं शाम को आऊंगी और हां मुझे थोड़ी देर हो जाए तो चिंता न करना । मम्मी चली गयी तो मुझे जीजू से खुल कर बातें करने का मौक़ा मिल गया। आज मैं कुछ मूड में थी। जीजू को अकेले पाकर मेरी तमन्ना और जाग गयी। मेरे दिल की धड़कने और बढ़ने लगीं।
मेरा जीजू का नाम है संजय। वह सांवले हैं और बहुत हैंडसम हैं. स्मार्ट है और हॉट हैं। कद ५" १०" है, रंग आपको बता ही दिया है, तगड़े तंदुरस्त हैं. उम्र ३० साल है। लन्ड का साइज तब बताऊंगी जब उसका लन्ड पकड़ कर देखूँगी।मेरी दीदी सुनीता भी २८ साल की हैं। शादी मेरी भी हो चुकी है। मेरे हसबैंड का नाम है मिस्टर आकाश। वह भी २८ साल के हैं, गोरे चिट्टे हैं, कसरती बदन है उसका और बहुत ही हंसमुख हैं। उसके लन्ड का साइज अभी नहीं बाद में बताऊंगी। तब तक जीजू ने कहा अनीता आज तुम बहुत अच्छी और हॉट लग रही हो ? मेरे जबाब दिया जीजू आज तुम भी बहुत सेक्सी लग रहे हो। मन करता है की ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,? वह बोला अरे रुक क्यों गयीं। बोलो न खुल कर बोलो, अनीता। मैंने कहा पहले तुम बोलो जीजू। मैं तो लड़की हूँ शर्माती हूँ। मुझे लाज़ आती है। लेकिन तुम तो मर्द हो। तुम क्यों शर्माते हो ? मर्दानगी दिखाओ न अपनी ?
मैंने थोड़ा उसे उकसाया। मैं चाहती थी की वह मेरी चूंचियां पकड़ ले ? तब मैं उसका लन्ड पकड़ूँ। लेकिन वह भोसड़ी का आगे बढ़ ही नहीं रहा था। फिर मैंने सोंचा की इसे मैं एक बार फिर चूंचियां दिखा दूं ? मैं अंदर गयी और गर्मागरम पकौड़ा लाकर उसके आगे झुक कर रखा। मैं थोड़ी देर तक झुकी रही और उसे पूरा मौक़ा दिया की वह मेरी चूंचियां अंदर तक देख ले। मैं मुस्कराई और सेक्सी अदा से बोली हाय जीजू तुम बड़े 'वो' हो ? उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहा अनीता आज मैं तुम्हे नहीं छोड़ूंगा। मैंने हंसकर कहा तो फिर क्या करोगे मेरा ? वह उठा और मुझे अपनी बाहों में भर लिया और बोला अब जो करूँगा वो बताऊंगा नहीं ? उसने मेरे गाल थपथपा दिया। मेरी नज़रें झुक गयीं। फिर उसने मेरी चूँचियों पर हाथ रख दिया। मैं बोली हटो जीजू ये क्या कर रहे हो ? मैं शादी शुदा हूँ। वह बोला शादी शुदा हो तभी तो कर रहा हूँ। शादी के बाद तेरी सुहागरात भी हुई होगी। उसमे तुमने भी सब कुछ किया होगा अनीता ? अब मुझसे क्या छुपाना ?
उसने ऐसा बोल कर मेरी मैक्सी के अंदर हाथ डाल कर चूंचियां मसलने लगा। मैंने मना नहीं किया क्योंकि ममुझे भी मज़ा आ रहा था लेकिन नाटक करते हुए कहा हाय जीजू दर्द होता है ? क्या कर रहे हो ? हटो न प्लीज। मत करो ? उसने और जोर से दबा दी चूंचियां. मैं बोली हाय राम अब क्या नोच ही डालोगे ? मैंने उसका हाथ बाहर निकाला नहीं बल्कि चूंचियां मसलवाती रही। मैं उसकी बाहों में घुसी रही। मैं चाहती थी की वह मुझे नंगी कर दे। तब मैं भी उसे नंगा कर दूं और उसका लन्ड पकड़ कर मुंह में भर लूँ। मुझे लन्ड चूसने का बड़ा शौक है। जीजू सांवले है तो इसका लन्ड भी काला होगा या फिर सांवला। मैं काला लन्ड बहुत पसंद करती हूँ। मैं लन्ड पकड़ने के लिए पल पल तड़प रही थी। तब तक उसने मेरे बूब्स मैक्सी के बाहर निकाल लिया। मेरे निपल्स दोनों बाहर आ गए। जीजू ने जबान निकाली और निपल्स चाटने लगा। मैं मस्त होने लगी।
फिर वह मैक्सी की बद्धियां मेरे कंधे से उतारने लगा। मैंने कहा हाय जीजू मैं बिलकुल नंगी हो जाऊंगी। नहीं जीजू प्लीज ऐसा मत करो ? वह नहीं माना और मेरी दोनों बद्धियां नीचे खींच दीं। मैंने अपने स्तन से दोनों बद्धियां रोक लीं। वह बोला अनीता तुम मेरी साली हो। साली तो आधी घर वाली होती ही है। इसमें क्या शर्माना ? मैंने कहा आधी घर वाली होती है जीजू पूरी घर वाली नहीं ? वह बोला तो आज पूरी घर वाली बन जाओ प्लीज ? वह नहीं माना और मेरी मैक्सी उतार कर फेंक दी। अब मैं उसके आगे पूरी नंगी नंगी कड़ी थी। मेरी चूंचियां, मेरी चूत मेरी गांड सब कुछ उसके आगे खुल गयी। मैंने कहा जीजू अब तुम अपने हाथ ऊपर किये हुए चुपचाप खड़े रहो। अब मैं तुझे नंगा करूंगी बहन चोद ? मैं भी देखूँगी तुम्हे पूरा नंगा ? मैंने जैसे ही उसके कपड़े उतारे और बाद में जब उसकी चड्ढी उतारी तो उसका लन्ड टन्न से मेरे गाल में लगा। लन्ड देख कर मैं गद गद हो गयी क्योंकि लन्ड काला और मोटा तगड़ा निकला। मेरी चूत एकदम से गनगना उठी.
मैं उसका लन्ड हिला हिला कर चाटने लगी। वह मेरे पूरे नंगे बदन पर हाथ फेरने लगा। हम फिर 69 की तरह हो गये। मेरी नज़र लन्ड से हट ही नहीं रही थी। मैं लन्ड चूस रही थी और वह मेरी चूत चाट रहा था। थोड़ी देर में वह उठा, मुझे नीचे लिटा कर मेरे ऊपर चढ़ बैठा और लन्ड पेल दिया मेरी चूत में। वह बड़े ताव में आकर चोदने लगा क्योंकि लन्ड उसके काबू के बाहर हो चुका था। मैं भी बुरी तरह चुदासी हो गयी थी इसलिए अपनी गांड उठा उठा के चुदवाने लगी। मैं भूल गयी की यह मेरी दीदी का पति है। मुझे अगर कुछ याद था तो बस उसका लन्ड लन्ड और लन्ड ? मुझे लन्ड पर इतना प्यार आ रहा था की मैं तो लन्ड चबा जाना चाहती थी। सच बताऊँ इतना प्यार मैं अपने पति के लन्ड से नहीं करती जबकि उसका भी लन्ड किसी से कम नहीं है। लेकिन पराये मरद के लन्ड की बात ही कुछ और होती है। फिर मैं उसके खड़े लन्ड पर बैठ गयी और कहा जीजू अब मैं तेरा लन्ड चोदूँगी लन्ड ? मैं लन्ड बहुत अच्छी तरह से चोद लेती हूँ। जीजू ने कहा अनीता अब ये लन्ड तेरा है जो चाहो करो इसका ? जहाँ चाहो वहां पेलो इसे जैसे चाहो वैसे खेलो इसे ? मैंने भी अपने मन की तमन्ना पूरी कर ली जीजू का लन्ड चोद कर ? उसके बाद जीजू ने मुझे फिर हर तरफ से चोदा और मैंने भी एक रंडी की तरह चुदवाया उसका झड़ता हुआ लन्ड पी कर मस्त हो गयी।
चुदाने के बाद मैं बातें करने लगी।
मैंने कहा यह मत समझना जीजू की आज चोद लिया तो बस हो गया ? वादा करो की तुम जब जब आओगे तब तब मुझे चोदोगे ? तुम नहीं चोदोगे तो मैं तेरा लन्ड चोदूँगी। तेरा लन्ड मेरी चूत में घुसने के पहले मेरे दिल घुस चुका है जीजू ?
हां मेरी जान अनीता मैं वादा करता हूँ की मैं जब जब आऊंगा तो तुम्हे चोदूंगा जरूर ?
अच्छा अगर यह बात मेरी दीदी को मालूम हो गयी तो ,,,,,,,,, तब तो तेरी गांड फट जाएगी जीजू ?
क्या पता अनीता जैसे तुमने मुझसे चुदवाया है वैसे तेरी दीदी भी किसी से चुदवाती हो तो ,,,,,,,,,,, ?
तो क्या तो फिर उसकी गांड फटेगी ? हम दोनों हंसने लगे।
मैंने फिर पूंछा अच्छा हां जीजू एक बात बताओ अगर मेरा पति तेरी बीवी चोद ले तो ?
तो क्या ? मैं चुदवा लूँगा अपनी बीवी ? सुनो अनीता तुम्हे चोदने के लिए मैं किसी से भी अपनी बीवी चुदवा सकता हूँ।
अगर कोई तेरी बीवी तेरे सामने चोदे तो ,,,,,,,,,,,,,,,,,?
तो भी मैं चुदवा लूँगा अपनी बीवी बशर्ते की मैं भी उसकी बीवी उसके सामने चोदूं ?
हाय दईया तुम तो बड़े चोदू हो यार। किसी और की बीवी चोदने के लिए अपनी बीवी कुर्वान कर दोगे ?
अरी पगली अनीता मैं जानता हूँ की बीवियों को भी पराये पुरुष से चुदवाने में बड़ा मज़ा आता है।
दो दिन बाद मेरी दीदी सुनीता आ गयीं। जीजू तब तक जा चुका था। मैं उससे बातें करने लगी। एक दिन शाम को मेरा हसबैंड आकाशआ गया। दीदी भी बड़े सेक्सी मूड में थीं। उसे देख कर दीदी बहुत खुश हो गयीं। फिर वह अपने दोस्त से मिलने चला गया। दीदी मुझसे बातें करने लगीं।
वह बोली :- अनीता, अब तो तेरा पति बड़ा स्मार्ट हो गया है और बड़ा हैंडसम लगता है।
मैं कहा :- अच्छा मैंने इस निगाह से नहीं देखा उसे। स्मार्ट हो गया है तो अच्छा ही है।
दीदी :- मुझे तो आज वह बड़ा हॉट लग रहा है।
मैं :- हाय दीदी कहीं आपका दिल तो उस पर नहीं आ गया ?
दीदी :- अगर आ जाये तो क्या तुम रोक लोगों ? दिल तो दिल है किसी पर भी आ सकता है ?
मैं :- फिर तो मेरा भी दिल जीजू पर आ जायेगा ?
दीदी :- उ हूँ आ जाए मुझे क्या ? मैं कोई रोड़ा तो बनूंगी नहीं तुम दोनों के बीच में ?
मैं :- सच दीदी तुम रोड़ा नहीं बनोगी ? तो फिर मैं भी रोड़ा नहीं बनूंगी तुम दोनों के बीच में ?
दीदी :- कौन हम दोनों के बीच में अनीता ?
मैं ;- तुम और मेरा पति। तुम मेरे पति को पसंद करती हो ? तो मैं तुम दोनों के बीच नहीं आऊंगी। जो चाहो करो ? जैसे चाहो वैसे करो ?
दीदी :- अच्छा यह बात है ? मैं अगर तेरे पति को अपने बिस्तर पर लिटा लूँ तो ,,,,,,,,,,?
मैं :- बिस्तर पर लिटा लो चाहे अपने ऊपर लिटा लो दीदी ? मुझे क्या मैं भी जीजू के ऊपर लेट जाऊंगी।
दीदी :- तो क्या तू नंगी नंगी अपने जीजू के ऊपर लेट जाएगी ?
मैं :- हां बिलकुल लेट जाऊंगी। अगर तुम नंगी नंगी मेरे पति के ऊपर लेटोगी तो मैं नंगी नंगी तेरे पति के ऊपर लेट जाऊंगी। मुझे कोई शर्म तो आती नहीं ? मैं तो बिंदास हूँ।
दीदी :- हाय दईया, बिंदास तो मैं भी हूँ। तो फिर हो जाए ? बदल लो आज रात को पति। मम्मी भी नहीं है। किसी का डर भी नहीं है।
मैं :- सोंच लो दीदी ? मैं तो तैयार हूँ तुम पीछे हट न जाना ?
दीदी :- अरे अनीता न मैं पीछे हटूंगी और न तुम्हे हटने दूँगी।
मैं दीदी की मंसा अच्छी तरह समझ गयी। रात को मैंने सारी बातें अपने हसबैंड को बता दीं और कहा की आज रात को तुम दीदी के साथ सोओ ? वो बहुत खुश हो गया बोला सच कह रही हो अनीता की मजाक कर रही हो। मैंने कहा नहीं सच कह रही हूँ। और सुनो वो जो कुछ करें तो करवा लेना मना नहीं करना। मैं पूरी तरह राज़ी हूँ। वो चोदने को कहें तो चोद लेना ? मैं तो चाहती ही थी की मेरा पति दीदी को चोदे ताकि मैं मैं फुरसत से जीजू से चुदवाऊँ। वह चला गया तो उसके पीछे पीछे जीजू मेरे पास आ गया। हम दोनों के कमरे सटे हुए अगल बगल ही थे। बस मैंने फ़टाफ़ट अपने कपडे खोल डाले और जीजू को भी नंगा कर दिया। उसका लन्ड पकड़ कर हिलाने लगी। मेरे मन की मुराद पूरी हो रही थी। मेरी चूत लन्ड खाने के लिए बेचैन हो रही थी। इधर मैं भी लन्ड चूसने के लिए अपना मुंह खोले हुए रेडी थी।
मैं तो पहले भी इससे चुदवा चुकी हूँ। लेकिन आज कुछ और तरह का मज़ा आ रहा है। मैने लन्ड मुंह में लिया और चूसने लगी। तभी अचानक मेरी दीदी मेरे पति का लन्ड पकड़े पकड़े मेरे कमरे में आ गयीं। वह भी बिलकुल नंगी थीं और मेरा पति भी नंगा। आते ही बोली अरी अनीता जब हमें एक दूसरे के पति से चुदवाना है तो शर्म कैसी ? आओ हम दोनों एक साथ एक ही पलंग पर चुदवायें। वास्तव में मैं देखना चाहती हूँ की तू मेरे पति से कैसे चुदवाती है ? और तुम भी देख लो की मैं तेरे पति से कैसे चुदवाती हूँ। मेरा मन में आया की मैं अगर अपने पति के सामने किसी और के पति से चुदवाऊँ तो उसे कैसा लगेगा ? तब तक जीजू बोल पड़ा हां अनीता मैं देखना चाहता हूँ की अगर मैं अपनी बीवी के सामने किसी और की बीवी चोदूं तो मेरे बीवी को कैसा लगेगा ? बस उसकी बात पर हम चरों लोग हंस पड़े ?
तब दीदी ने खुद ही जीजू का लन्ड पकड़ कर मेरी चूत में घुसेड़ दिया और बोली लो तुम अपनी साली की बुर लेना चाहते हो तो फिर ठीक से ले लो उसकी बुर ? लन्ड मेरी चूत में घुस गया। तब मैंने अपने पति को इशारा किया तो उसने दीदी की बुर में पेल दिया लन्ड। वह भी जीजू का तरह उछल उछल कर चोदने लगा। हम दोनों मजे से एक दूसरे के पति से बिंदास चुदवाने लगीं।
एक दिन एक मॉल में मेरी कॉलेज की एक सहेली रेहाना मिल गयी। उसने मेरे कंधे पर हाथ मार कर कहा अरे अनीता तू बुर चोदी यहाँ क्या कर रही है ? मैंने जबाब दिया अरे यार तू रेहाना बहुत दिनों के बाद मिली है यार ? पर तू इस शहर में कैसे आ गयी। वह बोली मेरे शौहर का यहाँ ट्रांसफर हो गया है। वह एक बैंक में काम करता है। हम दोनों यहीं रहतें है। अब तू शॉपिंग कर ले फिर मेरे घर चल ? वह मुझे जबरन अपने घर ले गयी। वह दिन इतवार का दिन था। मैं भी चली गयी। उसने अपने मियां रफीक से मिलवाया। मैं रफीक को देखा तो देखती रह गयी। वह तो बड़ा बांका जवान लंबा चौड़ा गोरा चिट्टा और अच्छे नाक नक्श वाला था। सच बताऊँ तो मेरा दिल उस पर आ गया। रेहाना ने नास्ता वगैरह कराया खूब बातें की और फिर चुपके से पूंछा अनीता यह बता तू अपने मियां के अलावा किसी और से भी चुदवाती है ? मैंने मुस्कराकर हां कर दी। तब वह बोली अच्छा सच बता तुझे मेरा मियां कैसा लगा। मैंने उसकी तारीफ कर दी।
तब वह मुझसे मेरे कान में बोली - लन्ड पकड़ोगी मेरे मियां का, अनीता ? तूने कभी मुसलमानी लन्ड तो पकड़ा नहीं होगा ?
मैंने जबाब दिया - नहीं मैंने तो कभी नहीं पकड़ा ? मुझे नहीं मालूम होता कैसा है मुसलमानी लन्ड ?
वह बोली - तो फिर आज पकड़ के देखो मुसलमानी लन्ड ? खुदा कसम मज़ा आ जायेगा तुझे ? बस वह मुझे
अंदर बीएड रूम में ले गयी। वहां उसका मियां एकदम नंगे बदन लेता था। मैं तो उसकी चौड़ी छाती देख कर मोहित हो गयी। उस पर घने घने बाल तो बड़े सेक्सी लग रहे थे। रेहाना ने पहले तो अपने मियां को आँख मारी फिर अपना हाथ उसकी लुंगी में घुसेड़ दिया। वह अंदर ही अंदर लन्ड सहलाने लगी। फिर एकदम से लुंगी खोल कर फेंक दी तो उसका लन्ड तन कर खड़ा हो गया। मैं लन्ड देख कर बोली बाप रे बाप इतना बड़ा लन्ड ? इतना बड़ा चमकता हुआ लन्ड का टोपा ? लन्ड वाकई सबसे बड़ा और मोटा था ? मैं पहली बात इतना मोटा तगड़ा लन्ड देख रही थी। उसने लन्ड मुझे पकड़ा दिया और मैं चाटने लगी लन्ड। फिर उसने मेरे कपड़े उतार कर मुझे नंगी कर दिया। वह बोली अनीताआज मैं चोदूँगी तेरी चूत ?
फिर उसने वही किया जो उसने कहा। मुझे भी बड़ा मज़ा आया उससे चुदवा कर। मैं दिन भर उसी के घर में रही और दो बार चुदवा कर अपने घर वापस आयी।
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