Home
» Hindi adult story Sex Stories चुदने वाली लड़की की कहानी Chudai ki majedar stories
» मुझे तो बस पराये मरद का लन्ड चाहिए - Gair mardon se chudai karne me jyada swad hai
मुझे तो बस पराये मरद का लन्ड चाहिए - Gair mardon se chudai karne me jyada swad hai
मुझे तो बस पराये मरद का लन्ड चाहिए - Gair mardon se chudai karne me jyada swad hai , Antarvasna Sex Stories , Hindi Sex Story , Real Indian Chudai Kahani , choda chadi cudai cudi coda free of cost , Time pass Story , Adult xxx vasna kahaniyan.
दोस्तों, यह कहानी मन गढंत नहीं है। यह मेरी अपनी कहानी है। मेरा नाम रेहाना है। मैं शादी शुदा हूँ और लन्ड की बड़ी शौक़ीन हूँ। मुझे लन्ड पकड़ने की जबरदस्त आदत है। मुझे गैर मर्दों के लन्ड बहुत अच्छे लगते हैं। यह बात मैंने अपने शौहर को भी बता दी थी। वह बोला की अगर तुम्हे ग़ैर मर्दों के लन्ड बहुत अच्छे लगते हैं तो मुझे ग़ैर बीवियों की बुर बहुत अच्छी लगती है। यह जानकार मेरी तो ख़ुशी का ठिकाना न रहा। अब हाल यह है मैं जिससे चाहती हूँ उससे खुले आम चुदवाती हूँ और वो जिसको चाहता है उसको खुलेआम चोदता है। तो सुनिये कहानी :-
मिसेज रेहाना ने कहा हां यार बबिता तूने बिलकुल मेरे मन की बात कह दी। मैं भी यही कहने वाली थी। पकड़ना है तो ग़ैर मर्दों के लन्ड पकड़ो ? चूसना है तो ग़ैर मर्दों के लन्ड चूसो ? पीना है तो ग़ैर मर्दों के लन्ड पियो और चुदवाना है तो गैर मर्दों से चुदवाओ जैसे मैं चुदवाती हूँ। मुझे तो सच में गैर मर्दों के लन्ड से मोहब्बत हो गयी है। लन्ड बहन चोद चाहे मोटा हो, चाहे छोटा हो, चाहे लंबा हो, चाहे पतला हो, चाहे काला हो चाहे गोरा हो ? लन्ड तो हमेशा ग़ैर मर्दों के ही पसंद करती हूँ मैं। नये नये लन्ड नये नये तरह का मज़ा देतें हैं यार ? और फिर ख़ुदा का करिश्मा देखो ? जितने लोग उतने तरह के लन्ड ? किसी एक का लन्ड किसी दूसरे के लन्ड से कतई नहीं मिलता ? जैसे किसी एक की चूंची दूसरी की चूंची के कतई नहीं मिलती ?
मिसेज बबिता बोली :- यार यह तो बताओ की तुम कर क्या रही हो इस समय ?
रेहाना ने जबाब दिया :- ग़ैर मर्दों के लन्ड पी रही हूँ
बबिता - हाय दईया इसका मतलब है की तेरे पास एक से अधिक लन्ड हैं ?
रेहाना - हां यार अभी तो दो लन्ड हैं मेरे हाथ में। मतलब एक हाथ में और एक मुंह में ? मैं मुंह से लन्ड बार बार निकाल कर तेरे से बात कर रही हूँ। पर तू क्या कर रही है भोसड़ी की बबिता ?
बबिता - मैं भी लन्ड पी रही हूँ यार लेकिन मेरे पास एक ही लन्ड है। वह भी मेरी नन्द के हसबैंड का लन्ड है यार।
रेहाना - तो फिर तेरे मियां का लन्ड कौन पी रही है ?
बबिता - यार यह तो मुझे नहीं मालूम है। पर हां कोई न कोई तो पी ही रही होगी। तू बता की तेरे मियां का लन्ड कौन पी रही है ?
रेहाना :- मेरी भाभी की बहन पी रही है मेरे मियां का लन्ड ? मैंने उसे मेरे मियां का लन्ड पीते हुए देखा तो मैं उसके मियां का लन्ड पीने लगी। तभी उसका एक दोस्त आ गया तो मैं उसका भी लन्ड पीने लगी।
बबिता - तू तो बड़ी चालक निकली यार ? रेहाना - हां यार मुझे लन्ड पीने का शौक है तो लन्ड पीने के बहाना निकाल ही लेती हूँ। मुझे पराये मर्दों के लन्ड से खास मोहब्बत है। अच्छा सुनो बबिता हम दोनों ग़ैर मर्दों के लन्ड पीतीं हैं। अब तेरे मियां का लन्ड मेरे लिए पराये मरद का लन्ड है और मेरे मियां का लन्ड तेरे लिए पराये मरद का लन्ड है। तो फिर हम दोनों क्यों न एक दूसरे के मियां का लन्ड पियें ?
बबिता - अरे वाह बड़ी अछि बात कही तुमने ? मैं तैयार हूँ ? मैंने अपने मियां से बात कर लेती हूँ। तुम भी अपने शौहर से बात कर लो ?
रेहाना - मेरा शौहर तो भोसड़ी का हमेशा तैयार रहता है। उसे परायी बीवियों की बुर बहुत अच्छी लगती है यार ? तू तो बड़ी खूबसूरत है तुझे तो दौड़ कर पिलायेगा अपना लन्ड ?
बबिता - तो कल ही रख लो प्रोग्राम। हम तुम दोनों एक ही कमरे में एक दूसरे के मियां का लन्ड पियेंगीं।
मेरा नाम है दोस्तों, रेहाना। मैं २५ साल की हूँ। मेरी शादी अभी ६ महीने पहले ही हुई है। मेरे ससुराल में चुदाई का जबरदस्त माहौल रहता है। रात में कौन किसकी बीवी चोदता है इसका पता लगाना बड़ा कठिन है। हां एक बात है की यहाँ कोई किसी से चुदवा ले या फिर कोई किसी की चोद ले तो सब कुछ जायज़ है। इस पर कोई सवाल नहीं उठाता ? मैं भी इसी माहौल का फायदा उठाते हुए ग़ैर मर्दों से चुदवा लेती हूँ। बबिता मेरे कॉलेज की दोस्त है। उसकी लव मैरिज हुई है। उसके हसबैंड को मैं जानती हूँ पर उसके लन्ड को नहीं जानती। अब मेरी इच्छा है की मैं उसके मियां का लन्ड मुंह में ले लूँ और फिर बुर में ले लूँ। मैंने उसने बात कर ली है जो अपने ऊपर सुनी ? अब कल मैं उसके मियां के लन्ड का दीदार करुँगी। उसका लन्ड अपने मुंह में लूंगी और फिर चूत में ? कितना मज़ा आएगा ?
मैं बबिता के घर अपने मियां मसूद के साथ पहुँच गयी। मेरे मियां ने जब बबिता को देखा तो उसकी लार टपकने लगी। वह मेरे कान में बोला अरे रेहाना तेरी दोस्त तो बहुत खूबसूरत है। तूने मुझे पहले क्यों नहीं मिलवाया ? मैंने उसके कान में ही जबाब दिया अब तो मिल चुके हो अब मैं देखती हूँ की तुम उसकी कितनी झांटें उखाड़ लेते हो ? वह फिर कान में बोला अगर उसकी झांटें होंगी तो जरूर उखाड़ लूँगा और तुम्हे दिखाऊंगा। तब तक बबिता ने ड्रिंक्स का इंतज़ाम कर दिता। मैं उसके हसबैंड समर से मिली तो मेरी चूत में जबरदस्त हलचल होने लगी। मैं तो बस उसके लन्ड का अंदाज़ा लगाने लगी की वह कितना बड़ा और मोटा होगा ? इतने में बबिता ने सबको ड्रिंक्स दी और हम चारों दारू पीने में मस्त होने लगे। समर मेरी चूंचियों पर नज़रें गड़ाए था और मेरा पति बबिता की चूँचियों पर ? मुझे तो समर का लन्ड पीने की जल्दी थी।
बबिता बोली :- यार रेहाना, तेरी लन्ड पीने की आदत कभी छूटी नहीं ? अभी भी तू लन्ड उतनी ही शिद्दत से पीती है जितनी शिद्दत से शादी के पहले पीती थी।
मैंने कहा :- अरे यार तू तो सरे आम मुझे नंगी कर रही है। मेरी पोल खोल रही है। मुझे अपने मियां के आगे नंगी कर रही है। नंगी करने की आदत तेरी गयी नहीं अभी ?
वह हंस कर बोली :- क्या बात करती है तू भोसड़ी वाली ? अरे भई बीवी मियां के आगे नंगी होगी तो फिर किसके आगे होगी। अब वह अपने मियां के आगे नंगी हो या फिर किसी और के मियां के आगे नंगी हो क्या फर्क पड़ता है ? अब मुझे देखो मैं तेरे मियां के आगे नंगी हो सकती हूँ।
मैंने कहा :- नंगी तो मैं भी तेरे मियां के आगे हो सकती हूँ। लेकिन तेरा मियां भी तो मेरे आगे नंगा हो ? मैं भी तो उसे नंगा नंगा देखूँ ?
वह बोली :- अगर मेरा मियां अपने आप नंगा नहीं हो रहा है तो तुम उसे नंगा कर दो ? जैसे मैं तेरे मियां को नंगा करने जा रही हूँ।
बबिता उठी और मेरे मियां की पैंट खोलने लगी। फिर मैंने भी उसके मियां की पैंट खोलनी शुरू कर दी। मैंने समर के सारे कपड़े उतार दिया केवल एक चड्ढी बची। उधर बबीता भी मेरे मियां के सारे कपडे उतार चुकी थी। उसकी भी चड्ढी शेष थी। मुझे समर के लन्ड का उभार मस्त कर रहा था और बबिता को मसूद के लन्ड का उभार। हम दोनों ने उसी उभार पर हाथ फेरा और झुक कर चुम्मी ली। मैंने ख़ुदा से दुआ की या अल्ला, बहुत बढ़िया लन्ड निकालना . इसी तरह बबिता ने भी कहा हे भगवान् लन्ड मेरे मन का हो मज़ा आ जाये ? तब तक मैंने समर की चड्ढी खोल दी। लन्ड साला खड़ा होकर मेरे गाल पर लगा जैसे किसी ने चाटा मारा हो। मैं लन्ड देख कर उछल पड़ी। मेरे सामने बबिता ने जैसे ही चड्ढी खोली तो मेरे मियां का लन्ड टन्न से उसकी नाक पर लगा। उसने लन्ड पकड़ा और मस्ती से चुम्मी ली। वह बड़ी देर तक लन्ड का टोपा ही देखती रही। मैं इधर लन्ड मुठ्ठी में लेकर ऊपर नीचे करने लगी।
तब तक मेरी और बबिता की चूंचियां खुल चुकीं थीं। समर मेरी चूंचियां मसलने लगा और मेरा मियां बबिता की चूंचियां। मैं बबिता के मियां का लन्ड मुंह में लेकर पीने लगी और बबिता मेरे मियां का लन्ड पीने लगी। हम दोनों एक दूसरे को देख रहीं थीं और आँखों से अपनी ख़ुशी ज़ाहिर कर रही थी। सच में बिना झांट के दोनों लन्ड बड़े खूबसूरत लग रहे थे।
बबिता बोली :- यार रेहाना आज पहली बार मैं मुस्लिम लन्ड पी रही हूँ। मुझे तो लन्ड बहुत पसंद आया। ख़ास तौर से लन्ड का सुपाड़ा ? देखो न कितना साफ़ सुथरा और चमकीला लग रहा है।
मैंने कहा :- यार मुझे तेरे मियां का लन्ड पसंद आ गया है। मेरे मन का है लन्ड ? आज मैं भी पहली बार कोई समूचा लन्ड पी रही हूँ। अभी तक तो मैं कटा लन्ड ही लेती आयी हूँ।
तब तक हम दोनों पूरी तरह नंगी हो चुकी थीं। हमारी चूत और हमारी गांड हमारे चूतड़ सब खुल चुके थे। इत्तिफाक से मेरी भी चूत में हलकी हलकी झांटें थी और बबिता की चूत में भी। समर बोला बड़ी हॉट लग रही है रेहाना भाभी तेरी चूत ? उधर मेरा मियां बोला वाओ, कितनी सेक्सी और मस्त चूत है तेरी बबिता भाभी ? मुझे तो ऐसी ही चूत चोदने में मज़ा आता है। हम दोनों लन्ड मुंह में भर भर कर चूसने में जुटी थीं। बबिता बोली हाय रेहाना तेरे मियां का लन्ड ८" + है यार बड़ा मस्त है। एकदम लोहे की तरह सख्त है। मैंने कहा यार तेरे मियां का लौड़ा भी ८' + है और मोटा तो ५" + है . क्या लौड़ा है यार ? आज मेरी चूत को एक अच्छी खुराक मिलेगी। वो दोनों कभी हमारी चूंचियां और कभी छूट गांड पर हाथ फिरा रहे थे।
थोड़ी देर में किसी से और रुका नहीं गाय। समर में लन्ड मेरी बुर में घुसा दिया और चोदना शुरू कर दिया। पचर पचर फच्च फच्च की आवाज़ आनी शुरू हो गयी। मैं यही आवाज़ सुनकर मस्ती हो जाती हूँ। उधर मेरे मियां ने भी देर नहीं लगायी और लौड़ा पूरा का पूरा बबिता की चूत में घुसा दिया। बबिता के मुंह से आह निकले बोली उइ माँ फाड़ डाला इसने मेरी बुर ? और फिर हंस हंस कर रंडी की तरह चुदवाने लगी। हम दोनों एक दूसरे की मियां चुदवा कर मज़ा लेने में जुट गयी। मैंने कहा यार पराये मरद का लौड़ा वाकई बड़ा मज़ा देता है। वह बोली हां यार तभी मैंने प्लान बनाया पराये मरद का लन्ड अपनी अपनी चूत में घुसाने का ? फिर हम दोनों पीछे से भी चुदवाने लगी।
समर बोला :- यार मसूद तेरी बीवी की बुर बड़ा मज़ा दे रही है।
मसूद में जबाब दिया :- हां यार तेरी बीवी की बुर बड़ी जानदार है और बड़ी टाइट है। मुझे ऐसी बुर चोदने में बहुत मज़ा आता है। अब तो मैं तेरी बीवी की बुर लेता ही रहूंगा।
समर बोला :- मैं तेरी बीवी चोदता रहूंगा ?
इस तरह उन दोनों ने रात भर एक दूसरे की बीवी चोद कर मज़ा लूटा।
एक दिन मेरा नंदोई आ गया। उसे देख कर मेरा दिल उस पर आ गया। रात को ११ बजे मैं उसके पास चली गयी। मैंने देखा की वह लेटे लेटे अपना लन्ड सहला रहा है। मैंने कहा नंदोई जी आपका लन्ड हिलाने के लिए मैं हूँ न ? ऐसा कह कर मैंने हाथ बढ़ाया और लन्ड पर रख दिया। वह बोला रेहाना भाभी तुम ? मैंने कहा हां मैं अब मैं तेरा लन्ड हिलाऊंगी। लो तुम मेरी चूंचियां मसलो ? मैंने उसका हाथ अपनी चूँचियों पर रख दिया। बस दरवाजा उढ़काया और उसे नंगा कर दिया। उसका लन्ड खड़ा हो गया। इधर मेरी चूंचियां भी तन गयी। मैं भी नंगी हो गयी। मैंने कहा नंदोई जी तुम मेरी नन्द की बुर लेते हो तो आज नन्द की भाभी की बुर ले लो ? उसने मुझे चिपका लिया। मेरा हाथ लेकिन लन्ड से हटा नहीं। मैं उसके ऊपर चढ़ गयी और अपनी चूत उसके मुंह में रख दी। वह मेरी चूत चाटने लगा और मैं उसका लन्ड ?
गैर मर्दों के लन्ड पीना मेरी आदत है। बुर चुदाना मेरी आदत है। मैंने मस्ती से लन्ड खूब चूसा और फिर अपनी बुर में घुसा कर चुदवाने लगी। तब तक एक आवाज़ आयी अरे बहू तू तो बहुत अच्छी तरह से चुदवाती है । मैं आवाज़ पहचान गयी और मन में कहा मेरी सास जाने कहाँ से टपक पड़ीं। मैं जब पीछे मुड़ी तो देखा की मेरी सास एकदम नंगी नंगी एक आदमी का लन्ड पकड़े खड़ी हैं। मैं उसे देख कर दंग रह गयी। वह बोली अरी भोसड़ी की रेहाना तू ही चुदवाती रहेगी की कभी अपनी सास का भोसड़ा भी चुदवायेगी ? मैंने तेरी बुर में अपने बहनोई का लन्ड पेलती हूँ। तू मेरी बुर में अपने नंदोई का लन्ड पेल दे ? यह सुनकर मैं तो ख़ुशी के मारे उछल पड़ी। मैंने लन्ड फ़ौरन अपनी सास के हाथ से ले लिया और उसे अपने नंदोई का लन्ड पकड़ा दिया। फिर मैंने अपने सामने ही अपनी सास का भोसड़ा चुदवाया और सास ने अपनी बहू की बुर चुदवाई ? मुझे उस रात बड़ा मज़ा आ रह था। मुझे तो बस पराये मरद का लन्ड चाहिए ?
सास चुदवा कर गयी तो फिर सवेरे ४ बजे मेरी नन्द आ गयी। वह भी बुर चोदी नंगी थी। वह बोली अरे भाभी यहाँ रात भर सब बीवियां / औरतें नंगी ही रहतीं हैं। जिसका मन हो वो पेल दे अपना लन्ड ? कोई भी चुदवाने के लिए मना नहीं करती। और तुम जिसका चाहो उसका पेल लो उसका लन्ड। कोई भी चोदने के लिए मना नहीं करता ? इस घर का यही उसूल है भाभी ?
एक दिन इत्तिफाक से रात को मैं बाथ रूम के लिए उठी। मैंने देखा की मेरी जेठानी के कमरे की लाइट धीमी धीमी जल रही है। मैंने सोंचा की मेरा जेठ तो बाहर गया है तो फिर यहाँ कौन है ? मैं झाँक कर देखने लगी। मैंने जो देखा वह तो बहुत सेक्सी और तन बदन में आग लगाने वाला था। मेरी चूत की आग तो एकदम से भभक उठी। मैंने देखा की मेरी जेठानी मेरी नन्द के ससुर का लन्ड चाट रही हैं। जेठानी भी पूरी नंगी और वह आदमी भी नंगा। लन्ड साला बड़ा हलब्बी था। जेठानी बोली अंकल तुम अपनी बहू की बुर लेते हो ? वह बोला हां नगमा मैं अपनी बहू की बुर लेता हूँ क्योंकी वह बड़े प्यार से बुर देती है। मुझे उसकी बुर चोदने में बड़ा मज़ा आता है। उसी ने कहा था की एक दिन मेरी भाभी की बुर ले के देखो तो तुम्हे और मज़ा आएगा ससुर जी। मैं आज इसीलिए आ गया। यह सुनकर मुझसे रहा न गया। मैं रुक नहीं सकी और नंगी नंगी सीधे जेठानी के कमरे में घुस गयी। मैंने कहा भोसड़ी के मेरी नन्द के ससुर मैं भी तेरी बहू की भाभी हूँ। मेरी भी बुर ले लो। आज तुम दोनों भाभियों की बुर चोदो ? तब तक एक आवाज़ आयी मैं भी दोनों भाभियों की बुर चोदूंगा ? ये आवाज़ मेरे देवर की थी।
मैंने लन्ड जेठानी के हाथ से छीन लिया और उसे चाटने लगी। जेठानी देवर का लन्ड चाटने लगीं। फिर हम दोनों ने खूब जम कर लन्ड की अदला बदली करके रात भर चुदवाया।
दोस्तों, यह कहानी मन गढंत नहीं है। यह मेरी अपनी कहानी है। मेरा नाम रेहाना है। मैं शादी शुदा हूँ और लन्ड की बड़ी शौक़ीन हूँ। मुझे लन्ड पकड़ने की जबरदस्त आदत है। मुझे गैर मर्दों के लन्ड बहुत अच्छे लगते हैं। यह बात मैंने अपने शौहर को भी बता दी थी। वह बोला की अगर तुम्हे ग़ैर मर्दों के लन्ड बहुत अच्छे लगते हैं तो मुझे ग़ैर बीवियों की बुर बहुत अच्छी लगती है। यह जानकार मेरी तो ख़ुशी का ठिकाना न रहा। अब हाल यह है मैं जिससे चाहती हूँ उससे खुले आम चुदवाती हूँ और वो जिसको चाहता है उसको खुलेआम चोदता है। तो सुनिये कहानी :-
मिसेज रेहाना ने कहा हां यार बबिता तूने बिलकुल मेरे मन की बात कह दी। मैं भी यही कहने वाली थी। पकड़ना है तो ग़ैर मर्दों के लन्ड पकड़ो ? चूसना है तो ग़ैर मर्दों के लन्ड चूसो ? पीना है तो ग़ैर मर्दों के लन्ड पियो और चुदवाना है तो गैर मर्दों से चुदवाओ जैसे मैं चुदवाती हूँ। मुझे तो सच में गैर मर्दों के लन्ड से मोहब्बत हो गयी है। लन्ड बहन चोद चाहे मोटा हो, चाहे छोटा हो, चाहे लंबा हो, चाहे पतला हो, चाहे काला हो चाहे गोरा हो ? लन्ड तो हमेशा ग़ैर मर्दों के ही पसंद करती हूँ मैं। नये नये लन्ड नये नये तरह का मज़ा देतें हैं यार ? और फिर ख़ुदा का करिश्मा देखो ? जितने लोग उतने तरह के लन्ड ? किसी एक का लन्ड किसी दूसरे के लन्ड से कतई नहीं मिलता ? जैसे किसी एक की चूंची दूसरी की चूंची के कतई नहीं मिलती ?
मिसेज बबिता बोली :- यार यह तो बताओ की तुम कर क्या रही हो इस समय ?
रेहाना ने जबाब दिया :- ग़ैर मर्दों के लन्ड पी रही हूँ
बबिता - हाय दईया इसका मतलब है की तेरे पास एक से अधिक लन्ड हैं ?
रेहाना - हां यार अभी तो दो लन्ड हैं मेरे हाथ में। मतलब एक हाथ में और एक मुंह में ? मैं मुंह से लन्ड बार बार निकाल कर तेरे से बात कर रही हूँ। पर तू क्या कर रही है भोसड़ी की बबिता ?
बबिता - मैं भी लन्ड पी रही हूँ यार लेकिन मेरे पास एक ही लन्ड है। वह भी मेरी नन्द के हसबैंड का लन्ड है यार।
रेहाना - तो फिर तेरे मियां का लन्ड कौन पी रही है ?
बबिता - यार यह तो मुझे नहीं मालूम है। पर हां कोई न कोई तो पी ही रही होगी। तू बता की तेरे मियां का लन्ड कौन पी रही है ?
रेहाना :- मेरी भाभी की बहन पी रही है मेरे मियां का लन्ड ? मैंने उसे मेरे मियां का लन्ड पीते हुए देखा तो मैं उसके मियां का लन्ड पीने लगी। तभी उसका एक दोस्त आ गया तो मैं उसका भी लन्ड पीने लगी।
बबिता - तू तो बड़ी चालक निकली यार ? रेहाना - हां यार मुझे लन्ड पीने का शौक है तो लन्ड पीने के बहाना निकाल ही लेती हूँ। मुझे पराये मर्दों के लन्ड से खास मोहब्बत है। अच्छा सुनो बबिता हम दोनों ग़ैर मर्दों के लन्ड पीतीं हैं। अब तेरे मियां का लन्ड मेरे लिए पराये मरद का लन्ड है और मेरे मियां का लन्ड तेरे लिए पराये मरद का लन्ड है। तो फिर हम दोनों क्यों न एक दूसरे के मियां का लन्ड पियें ?
बबिता - अरे वाह बड़ी अछि बात कही तुमने ? मैं तैयार हूँ ? मैंने अपने मियां से बात कर लेती हूँ। तुम भी अपने शौहर से बात कर लो ?
रेहाना - मेरा शौहर तो भोसड़ी का हमेशा तैयार रहता है। उसे परायी बीवियों की बुर बहुत अच्छी लगती है यार ? तू तो बड़ी खूबसूरत है तुझे तो दौड़ कर पिलायेगा अपना लन्ड ?
बबिता - तो कल ही रख लो प्रोग्राम। हम तुम दोनों एक ही कमरे में एक दूसरे के मियां का लन्ड पियेंगीं।
मेरा नाम है दोस्तों, रेहाना। मैं २५ साल की हूँ। मेरी शादी अभी ६ महीने पहले ही हुई है। मेरे ससुराल में चुदाई का जबरदस्त माहौल रहता है। रात में कौन किसकी बीवी चोदता है इसका पता लगाना बड़ा कठिन है। हां एक बात है की यहाँ कोई किसी से चुदवा ले या फिर कोई किसी की चोद ले तो सब कुछ जायज़ है। इस पर कोई सवाल नहीं उठाता ? मैं भी इसी माहौल का फायदा उठाते हुए ग़ैर मर्दों से चुदवा लेती हूँ। बबिता मेरे कॉलेज की दोस्त है। उसकी लव मैरिज हुई है। उसके हसबैंड को मैं जानती हूँ पर उसके लन्ड को नहीं जानती। अब मेरी इच्छा है की मैं उसके मियां का लन्ड मुंह में ले लूँ और फिर बुर में ले लूँ। मैंने उसने बात कर ली है जो अपने ऊपर सुनी ? अब कल मैं उसके मियां के लन्ड का दीदार करुँगी। उसका लन्ड अपने मुंह में लूंगी और फिर चूत में ? कितना मज़ा आएगा ?
मैं बबिता के घर अपने मियां मसूद के साथ पहुँच गयी। मेरे मियां ने जब बबिता को देखा तो उसकी लार टपकने लगी। वह मेरे कान में बोला अरे रेहाना तेरी दोस्त तो बहुत खूबसूरत है। तूने मुझे पहले क्यों नहीं मिलवाया ? मैंने उसके कान में ही जबाब दिया अब तो मिल चुके हो अब मैं देखती हूँ की तुम उसकी कितनी झांटें उखाड़ लेते हो ? वह फिर कान में बोला अगर उसकी झांटें होंगी तो जरूर उखाड़ लूँगा और तुम्हे दिखाऊंगा। तब तक बबिता ने ड्रिंक्स का इंतज़ाम कर दिता। मैं उसके हसबैंड समर से मिली तो मेरी चूत में जबरदस्त हलचल होने लगी। मैं तो बस उसके लन्ड का अंदाज़ा लगाने लगी की वह कितना बड़ा और मोटा होगा ? इतने में बबिता ने सबको ड्रिंक्स दी और हम चारों दारू पीने में मस्त होने लगे। समर मेरी चूंचियों पर नज़रें गड़ाए था और मेरा पति बबिता की चूँचियों पर ? मुझे तो समर का लन्ड पीने की जल्दी थी।
बबिता बोली :- यार रेहाना, तेरी लन्ड पीने की आदत कभी छूटी नहीं ? अभी भी तू लन्ड उतनी ही शिद्दत से पीती है जितनी शिद्दत से शादी के पहले पीती थी।
मैंने कहा :- अरे यार तू तो सरे आम मुझे नंगी कर रही है। मेरी पोल खोल रही है। मुझे अपने मियां के आगे नंगी कर रही है। नंगी करने की आदत तेरी गयी नहीं अभी ?
वह हंस कर बोली :- क्या बात करती है तू भोसड़ी वाली ? अरे भई बीवी मियां के आगे नंगी होगी तो फिर किसके आगे होगी। अब वह अपने मियां के आगे नंगी हो या फिर किसी और के मियां के आगे नंगी हो क्या फर्क पड़ता है ? अब मुझे देखो मैं तेरे मियां के आगे नंगी हो सकती हूँ।
मैंने कहा :- नंगी तो मैं भी तेरे मियां के आगे हो सकती हूँ। लेकिन तेरा मियां भी तो मेरे आगे नंगा हो ? मैं भी तो उसे नंगा नंगा देखूँ ?
वह बोली :- अगर मेरा मियां अपने आप नंगा नहीं हो रहा है तो तुम उसे नंगा कर दो ? जैसे मैं तेरे मियां को नंगा करने जा रही हूँ।
बबिता उठी और मेरे मियां की पैंट खोलने लगी। फिर मैंने भी उसके मियां की पैंट खोलनी शुरू कर दी। मैंने समर के सारे कपड़े उतार दिया केवल एक चड्ढी बची। उधर बबीता भी मेरे मियां के सारे कपडे उतार चुकी थी। उसकी भी चड्ढी शेष थी। मुझे समर के लन्ड का उभार मस्त कर रहा था और बबिता को मसूद के लन्ड का उभार। हम दोनों ने उसी उभार पर हाथ फेरा और झुक कर चुम्मी ली। मैंने ख़ुदा से दुआ की या अल्ला, बहुत बढ़िया लन्ड निकालना . इसी तरह बबिता ने भी कहा हे भगवान् लन्ड मेरे मन का हो मज़ा आ जाये ? तब तक मैंने समर की चड्ढी खोल दी। लन्ड साला खड़ा होकर मेरे गाल पर लगा जैसे किसी ने चाटा मारा हो। मैं लन्ड देख कर उछल पड़ी। मेरे सामने बबिता ने जैसे ही चड्ढी खोली तो मेरे मियां का लन्ड टन्न से उसकी नाक पर लगा। उसने लन्ड पकड़ा और मस्ती से चुम्मी ली। वह बड़ी देर तक लन्ड का टोपा ही देखती रही। मैं इधर लन्ड मुठ्ठी में लेकर ऊपर नीचे करने लगी।
तब तक मेरी और बबिता की चूंचियां खुल चुकीं थीं। समर मेरी चूंचियां मसलने लगा और मेरा मियां बबिता की चूंचियां। मैं बबिता के मियां का लन्ड मुंह में लेकर पीने लगी और बबिता मेरे मियां का लन्ड पीने लगी। हम दोनों एक दूसरे को देख रहीं थीं और आँखों से अपनी ख़ुशी ज़ाहिर कर रही थी। सच में बिना झांट के दोनों लन्ड बड़े खूबसूरत लग रहे थे।
बबिता बोली :- यार रेहाना आज पहली बार मैं मुस्लिम लन्ड पी रही हूँ। मुझे तो लन्ड बहुत पसंद आया। ख़ास तौर से लन्ड का सुपाड़ा ? देखो न कितना साफ़ सुथरा और चमकीला लग रहा है।
मैंने कहा :- यार मुझे तेरे मियां का लन्ड पसंद आ गया है। मेरे मन का है लन्ड ? आज मैं भी पहली बार कोई समूचा लन्ड पी रही हूँ। अभी तक तो मैं कटा लन्ड ही लेती आयी हूँ।
तब तक हम दोनों पूरी तरह नंगी हो चुकी थीं। हमारी चूत और हमारी गांड हमारे चूतड़ सब खुल चुके थे। इत्तिफाक से मेरी भी चूत में हलकी हलकी झांटें थी और बबिता की चूत में भी। समर बोला बड़ी हॉट लग रही है रेहाना भाभी तेरी चूत ? उधर मेरा मियां बोला वाओ, कितनी सेक्सी और मस्त चूत है तेरी बबिता भाभी ? मुझे तो ऐसी ही चूत चोदने में मज़ा आता है। हम दोनों लन्ड मुंह में भर भर कर चूसने में जुटी थीं। बबिता बोली हाय रेहाना तेरे मियां का लन्ड ८" + है यार बड़ा मस्त है। एकदम लोहे की तरह सख्त है। मैंने कहा यार तेरे मियां का लौड़ा भी ८' + है और मोटा तो ५" + है . क्या लौड़ा है यार ? आज मेरी चूत को एक अच्छी खुराक मिलेगी। वो दोनों कभी हमारी चूंचियां और कभी छूट गांड पर हाथ फिरा रहे थे।
थोड़ी देर में किसी से और रुका नहीं गाय। समर में लन्ड मेरी बुर में घुसा दिया और चोदना शुरू कर दिया। पचर पचर फच्च फच्च की आवाज़ आनी शुरू हो गयी। मैं यही आवाज़ सुनकर मस्ती हो जाती हूँ। उधर मेरे मियां ने भी देर नहीं लगायी और लौड़ा पूरा का पूरा बबिता की चूत में घुसा दिया। बबिता के मुंह से आह निकले बोली उइ माँ फाड़ डाला इसने मेरी बुर ? और फिर हंस हंस कर रंडी की तरह चुदवाने लगी। हम दोनों एक दूसरे की मियां चुदवा कर मज़ा लेने में जुट गयी। मैंने कहा यार पराये मरद का लौड़ा वाकई बड़ा मज़ा देता है। वह बोली हां यार तभी मैंने प्लान बनाया पराये मरद का लन्ड अपनी अपनी चूत में घुसाने का ? फिर हम दोनों पीछे से भी चुदवाने लगी।
समर बोला :- यार मसूद तेरी बीवी की बुर बड़ा मज़ा दे रही है।
मसूद में जबाब दिया :- हां यार तेरी बीवी की बुर बड़ी जानदार है और बड़ी टाइट है। मुझे ऐसी बुर चोदने में बहुत मज़ा आता है। अब तो मैं तेरी बीवी की बुर लेता ही रहूंगा।
समर बोला :- मैं तेरी बीवी चोदता रहूंगा ?
इस तरह उन दोनों ने रात भर एक दूसरे की बीवी चोद कर मज़ा लूटा।
एक दिन मेरा नंदोई आ गया। उसे देख कर मेरा दिल उस पर आ गया। रात को ११ बजे मैं उसके पास चली गयी। मैंने देखा की वह लेटे लेटे अपना लन्ड सहला रहा है। मैंने कहा नंदोई जी आपका लन्ड हिलाने के लिए मैं हूँ न ? ऐसा कह कर मैंने हाथ बढ़ाया और लन्ड पर रख दिया। वह बोला रेहाना भाभी तुम ? मैंने कहा हां मैं अब मैं तेरा लन्ड हिलाऊंगी। लो तुम मेरी चूंचियां मसलो ? मैंने उसका हाथ अपनी चूँचियों पर रख दिया। बस दरवाजा उढ़काया और उसे नंगा कर दिया। उसका लन्ड खड़ा हो गया। इधर मेरी चूंचियां भी तन गयी। मैं भी नंगी हो गयी। मैंने कहा नंदोई जी तुम मेरी नन्द की बुर लेते हो तो आज नन्द की भाभी की बुर ले लो ? उसने मुझे चिपका लिया। मेरा हाथ लेकिन लन्ड से हटा नहीं। मैं उसके ऊपर चढ़ गयी और अपनी चूत उसके मुंह में रख दी। वह मेरी चूत चाटने लगा और मैं उसका लन्ड ?
गैर मर्दों के लन्ड पीना मेरी आदत है। बुर चुदाना मेरी आदत है। मैंने मस्ती से लन्ड खूब चूसा और फिर अपनी बुर में घुसा कर चुदवाने लगी। तब तक एक आवाज़ आयी अरे बहू तू तो बहुत अच्छी तरह से चुदवाती है । मैं आवाज़ पहचान गयी और मन में कहा मेरी सास जाने कहाँ से टपक पड़ीं। मैं जब पीछे मुड़ी तो देखा की मेरी सास एकदम नंगी नंगी एक आदमी का लन्ड पकड़े खड़ी हैं। मैं उसे देख कर दंग रह गयी। वह बोली अरी भोसड़ी की रेहाना तू ही चुदवाती रहेगी की कभी अपनी सास का भोसड़ा भी चुदवायेगी ? मैंने तेरी बुर में अपने बहनोई का लन्ड पेलती हूँ। तू मेरी बुर में अपने नंदोई का लन्ड पेल दे ? यह सुनकर मैं तो ख़ुशी के मारे उछल पड़ी। मैंने लन्ड फ़ौरन अपनी सास के हाथ से ले लिया और उसे अपने नंदोई का लन्ड पकड़ा दिया। फिर मैंने अपने सामने ही अपनी सास का भोसड़ा चुदवाया और सास ने अपनी बहू की बुर चुदवाई ? मुझे उस रात बड़ा मज़ा आ रह था। मुझे तो बस पराये मरद का लन्ड चाहिए ?
सास चुदवा कर गयी तो फिर सवेरे ४ बजे मेरी नन्द आ गयी। वह भी बुर चोदी नंगी थी। वह बोली अरे भाभी यहाँ रात भर सब बीवियां / औरतें नंगी ही रहतीं हैं। जिसका मन हो वो पेल दे अपना लन्ड ? कोई भी चुदवाने के लिए मना नहीं करती। और तुम जिसका चाहो उसका पेल लो उसका लन्ड। कोई भी चोदने के लिए मना नहीं करता ? इस घर का यही उसूल है भाभी ?
एक दिन इत्तिफाक से रात को मैं बाथ रूम के लिए उठी। मैंने देखा की मेरी जेठानी के कमरे की लाइट धीमी धीमी जल रही है। मैंने सोंचा की मेरा जेठ तो बाहर गया है तो फिर यहाँ कौन है ? मैं झाँक कर देखने लगी। मैंने जो देखा वह तो बहुत सेक्सी और तन बदन में आग लगाने वाला था। मेरी चूत की आग तो एकदम से भभक उठी। मैंने देखा की मेरी जेठानी मेरी नन्द के ससुर का लन्ड चाट रही हैं। जेठानी भी पूरी नंगी और वह आदमी भी नंगा। लन्ड साला बड़ा हलब्बी था। जेठानी बोली अंकल तुम अपनी बहू की बुर लेते हो ? वह बोला हां नगमा मैं अपनी बहू की बुर लेता हूँ क्योंकी वह बड़े प्यार से बुर देती है। मुझे उसकी बुर चोदने में बड़ा मज़ा आता है। उसी ने कहा था की एक दिन मेरी भाभी की बुर ले के देखो तो तुम्हे और मज़ा आएगा ससुर जी। मैं आज इसीलिए आ गया। यह सुनकर मुझसे रहा न गया। मैं रुक नहीं सकी और नंगी नंगी सीधे जेठानी के कमरे में घुस गयी। मैंने कहा भोसड़ी के मेरी नन्द के ससुर मैं भी तेरी बहू की भाभी हूँ। मेरी भी बुर ले लो। आज तुम दोनों भाभियों की बुर चोदो ? तब तक एक आवाज़ आयी मैं भी दोनों भाभियों की बुर चोदूंगा ? ये आवाज़ मेरे देवर की थी।
मैंने लन्ड जेठानी के हाथ से छीन लिया और उसे चाटने लगी। जेठानी देवर का लन्ड चाटने लगीं। फिर हम दोनों ने खूब जम कर लन्ड की अदला बदली करके रात भर चुदवाया।
Click on Search Button to search more posts.
आपको ये भी पसंद आएंगें
- चाचा ने चाची को चोदा - चाची की चुदाई - chacha ne chachi ko choda - Aunty ki chut chudai
- चुदवाने के लिए तेरे पास खुद आएगी - Sex ka mantar
- मामा ने भाजी को चोदकर माँ बनाया - Bhanji ko Mama ne choda
- प्यासी आंटी की चूत चुदाई - Pyasi Aunty Ki Chut Chudai - Desi kahani
- ससुर जी ने चोदकर चूत फुला दी - बहु को ससुर ने चोदो - Sasur ji ne chodkar bahu ki chut fula di
- छोटी भाभी की होली में रंग लगाकर की चुदाई Chhoti Bhabhi ki holi me rang lagakar ki chudai
- बेटा माँ बहन बीवी बेटी सब चोदो - Hindi Sex story
- कुँवारी साली को माँ बनाया - जीजा ने की मजेदार चुदाई खूब मजे से चोदा - Jija Sali ki chut ki chudai
- Meri Lovely Sister Shweta Ki Chudai Ki Kahani
- बहू को बाथरूम में नंगा नहाते देखा - ससुर ने बहु को चोदा करी चुदाई - Sasur ne bahu ko nahate dekha
