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बीवी की चुदाई का बदला उसकी पत्नी चोदकर ले लो - Badle mein Biwiyan chodo daro mat
बीवी की चुदाई का बदला उसकी पत्नी चोदकर ले लो - Badle mein Biwiyan chodo daro mat , पत्नी के बदले पत्नी को चुदते देखा , घरवाली ने बदले की भावना मिटाई , बदले में चुदकर पति को बचाया , मजेदार टाइमपास कहानियां , दुश्मनी से अच्छा है वाइफ चोदना.
अरे चंदू तू भोसड़ी का इतना परेशान क्यों है ? अगर मेरे मियां ने तेरी बीवी चोद ली है, तो तू उसकी बीवी चोद ले ? मेरे मियां ने तेरी बीवी की बुर में लौड़ा पेल दिया है तो तू उसकी बीवी की बुर में लौड़ा पेल दे ? हिसाब बराबर ? वह बोला अरे कविता भाभी बात यह है की मेरी बीवी ससुरी तेरे मियां से खुद चुदवाना चाहती थी इसलिए उसने चोद लिया ? मैंने कहा तो इसमें कौन सी बड़ी है। अरे बुध्धू, उसकी बीवी भी तुमसे चुदवाना चाहती है। मेरे मियां की बीवी तो तुमसे चुदवाने के लिए जाने कबसे तड़प रही है। आ न इधर मेरे सामने और पकड़ा दे अपना मस्ताना लन्ड मेरे चंदू राजा ?
चंदू मेरे सामने आ गया तो मैं उसकी पैंट खोलने लगी। आज संडे है, छुट्टी का दिन है। करीब करीब ११ बजे मैं जैसे ही बाथ रूम से निकली वैसे ही किसी ने घंटी बजा दिया। मैंने अपनी चूँचियों तक पेटीकोट बाँध रखा था। वैसे मेरा पूरा बदन एकदम नंगा था। मेरे बालों से पानी की बूंदे धीरे धीरे ग टपक रहीं थीं। मैंने दरवाजा खोला तो देखा की मेरे सामने चंदू खड़ा है। चंदू मेरे हसबैंड का दोस्त है। वह मुझे देख कर बोला हाय भाभी माफ़ करना मैंने आपको तकलीफ दी। मैंने कहा अरे यार इसमें तकलीफ की क्या बात है ? अंदर आओ और बैठो। मैंने उसे एक गिलास पानी दिया। वह बैठ गया और पानी पीने लगा। मुझे लगा की वह कुछ परेशान है।
मैं बोली अरे चंदू क्या बात तुम कुछ परेशान लग रहे हो ?
वह बोला हां भाभी परेशान हूँ क्योंकि बात ही कुछ ऐसी है।
अच्छा, तो बताओ न क्या बात है ?
मुझे कुछ अच्छा नहीं लग रहा है बताने में। मैं झिझक भी रहा हूँ और थोड़ा शर्मा भी रहा हूँ।
अरे देखो चंदू मैं तुम्हे अच्छी तरह जानती हूँ। तुमको न तो झिझकना चाहिए और न शर्माना चाहिए। मैं तुम्हारी भाभी हूँ। तुम कुछ भी खुल कर कह सकते हो मुझसे ?
फिर भी थोड़ा तो संकोच होता ही है भाभी ? बुरा तो नहीं मानोगी भाभी ?
भाभी की माँ का भोसड़ा ? भाभी की बहन की बुर ? अब बताओ तुम मुझे खुल कर।
भाभी तेरा हसबैंड मेरी बीवी चोदता है। कल मैंने उसे चोदते हुए देखा था।
वाओ, तो ये बात है ? पर तुम घबरा क्यों रहे हो ? उसने तेरी बीवी चोद ली है तो तुम उसकी बीवी चोद लो
सच बात यह है भाभी की मेरी बीवी तेरे पति से खुद चुदवाती है। गलती मेरी बीवी की है। तेरे पति की नहीं ?
तो भी कोई बात नहीं उसकी बीवी तुमसे चुदवा लेगी।
ऐसा कह कर मैंने उसे अपने सामने खड़ा किया और मैं उसकी पैंट खोलने लगी। पैंट खोली तो वह चड्ढी में आ गया। ऊपर से कमीज उतार दी मैंने। उसका नंगा बदन मुझे अच्छा लग रहा था। बस फिर मैंने उसकी चड्ढी भी खींच कर फेंक दी तो लन्ड फनफनाता हुआ मेरे सामने खड़ा हो गया। मैं लन्ड पकड़ कर हिलाने लगी। तभी उसने मेरे पेटीकोट का नाडा खोल दिया। मेरी नंगी नंगी चूंचियां उसके सामने छलक पड़ीं। उन्हें देख कर लन्ड में एक जबरदस्त उछाल आया। अरे वाह चूंचियां देख कर लन्ड साला एकदम से दूना हो गया। वह बोला भाभी यह सब तेरी चूँचियों का कमाल है। मैंने कहा नहीं यार तेरे लन्ड का कमाल है यार। ऐसा लौड़ा बहुत कम लोगों का होता है। मैं दावे से कहती हूँ की तेरा लन्ड मेरे पति से लन्ड से बड़ा भी है और मोटा भी। मेरी यह बात सुनकर लन्ड साला और कड़क हो गया।
मैं खड़ी हो गयी। मेरी नंगी चूत उसकी आँखों के सामने नाचने लगी। उसने मुझे अपने गले से लगा लिया। मेरे पूरे बदन पर हाथ फिराने लगा। मेरी चूंचियां मसलने लगा और मैं उसके लन्ड में खो गयी। मैंने कहा चंदू तेरा लन्ड तो ८" का है यार ? मैं लन्ड बार बार चूमने लगी। झांटें बिलकुल साफ़ थीं इसलिए लन्ड बड़ा खूबसूरत लग रहा था। मैं कहा यार तेरा लन्ड साहिर, नंदू, गोपी और सूरज के लन्ड से भी बड़ा है। वह बोला वाओ, भाभी क्या तुम इन सबके लन्ड पकड़ चुकी हो ? मैंने कहा पकड़ ही नहीं चुदवा भी चुकी हूँ और आज भी चुदवाती हूँ। वह बोला इसका मतलाबमेरी बीवी भी कई लोगों से चुदवाती होगी। मैंने कहा चुदवाती होगी नहीं भोसड़ी के तेरी बीवी तो कई लोगों से चुदवाती है। मेरे हसबैंड के कई दोस्त तेरी बीवी की बुर लेतें हैं। यह बात मुझे मेरे हसबैंड ने ही बताई है। मैं तुम्हे यहाँ अपनी बुर दे रही हूँ वहां तेरी बीवी किसी और को अपनी बुर दे रही होगी। कहो तो पता लगा के बता दूं। वह बोला हां बता दो भाभी ?
मैंने उसकी बीवी शिखा को फोन लगा दिया और स्पीकर ऑन कर दिया।
वह बोली :- हाय कविता कैसी हो ?
मैंने कहा :- मैं बिलकुल ठीक हूँ। तेरा फोन बहुत दिनों से नहीं आया था इसलिए आज मैंने तुझे फोन लगा दिया।
सॉरी यार कभी कभी ऐसा हो जाता है। अच्छा बोलो सब ठीक ठाक है न ?
हां सब ठीक है , तू एक बात बता शिखा ?
हां हां बोलो कौन सी बात ?
मेरे हसबैंड का लन्ड तुम्हे पसंद है यह बात मैं जानती हूँ। मुझे एक बात बता की मेरे मरद का लन्ड ज्यादा बड़ा है की तेरे मरद का लन्ड ?
यार सच तो यह है की मेरे मरद का बड़ा है और मोटा भी लेकिन जो मज़ा पराये मरद के लन्ड में है वो मज़ा अपने मरद के लन्ड के कहाँ ?
अच्छा तुझे और कौन कौन से लन्ड पसंद हैं। ये तो तुमने कभी मुझे बताया ही नहीं।
अरे यार कविता देखो मुझे तो पराये मरद के लन्ड बहुत अच्छे लगतें हैं। हां कई और ऐसे मरद हैं जिनके लन्ड की मैं दीवानी हूँ।
अच्छा सच सच बता अभी तेरे हाथ में किसका लन्ड है ?
अभी तो मैं अपनी सहेली नीलू के पति का लन्ड हिला रही हूँ। वह भी नंगा है और मैं भी नंगी हूँ। अब ये मुझे चोदने वाला है। मेरी चूत में घुसने वाला है इसका लौड़ा ?
हाय दईया तू तो बहुत बड़ी अय्यास है ? कितने लन्ड पेलती है तू अपनी चूत में ? अरे दो एक लन्ड मेरी भी चूत में पेल दो यार ?
अरे कविता तुम एक काम करो। प्लीज मेरे पति को परायी बीवी चोदना सिखा दो। तुम किसी दिन उससे चुदवा लो और फिर चुदवाती रहो। मैं चाहती हूँ की जैसे मैं पराये मर्दों से चुदवाती हूँ वैसे ही मेरा पति भी परायी बीवियां चोदे। मैं मज़ा लेती हूँ तो वह भी मज़ा ले।
अच्छा ठीक है मैं तेरे पति से चुदवा लूंगी। पर तू २/३ लन्ड का इंतज़ाम मेरी चूत के लिए कर दे न ?
हां बिलकुल कर दूँगी। मैं उनका नाम भी बता दूँगी। तुम जिस समय कहोगी उस समय उन्हें तेरे घर में भेज भी दूँगी।
मैंने फोन बंद कर दिया और कहा देखा चंदू ऐसी है तेरी बुर चोदी बीवी और तू माँ का लौड़ा यहाँ मुझे लन्ड पकड़ाने में शर्मा रहा था। मैं बड़े प्यार से उसका लन्ड चूसने लगी और वह बड़े प्यार से मेरी बुर चाटने लगा। अब उसका हौसला बढ़ चुका था। अब उसे न बीवी का डर था और न मेरे पति का। उसे लगा की जब मेरा दोस्त मेरी बीवी चोदता है तो मैं क्यों न जम कर उसकी बीवी चोदूं ? बस उसका लौड़ा और सख्त हो गया। उसने पलंग के नीचे खड़े होकर मेरी गांड में नीचे दो तकिया लगा दी तो मेरी चूत थोड़ा ऊपर उभर आयी। फिर उसने मेरी दोनों टांगें अपने कंधे पर रखीं और लौड़ा मेरी चूत पर टिका दिया। मैं समझ गयी की अब यह पेल देगा लन्ड मेरी बुर में ? उसने वैसा ही किया। मुझे महसूस हो रहा था की लन्ड अंदर घुस रहा है। उसका मोटा लन्ड जब चिपक कर अंदर घुसा तो मुझे बड़ा मज़ा आया। मैं भी बहन चोद कॉल गर्ल की तरह चुदवाने लगी।
चंदू का लौड़ा पूरा अंदर घुस जाता और फिर पूरा बाहर निकल आता उसके बाद फिर अंदर घुस जाता। मुझे लगा की चंदू को चोदने का बड़ा अनुभव है। मैंने पूंछ ही लिया - चंदू यह बताओ तुमने अभी तक कितनी बुर चोदी हैं ? वह बोला कविता भाभी अब आपसे क्या छुपाना ? सच यह है की मैं भी अपने दोस्तों की बीवियां चोदता हूँ। हां, मैंने अभी तक यह बात अपनी बीवी को नहीं बताई। कभी गाँव जाता हूँ तो २/३ भाभियों को चोद कर आता हूँ। मुझे बड़ा मज़ा आता है जब चुदवाने वाली बड़ी मस्ती से अपनी बुर मुझे देती है जैसे तुम दे रही हो। मैंने कहा अरे यार जब तेरा लन्ड इतना मस्त और जबरदस्त हो तो हर चुदवाने वाली औरत तुमसे अपने दिल से चुदवायेगी। यह सब कमाल तेरे इस बहन चोद लन्ड का है।
उसने चोदने की स्पीड और बढ़ा दी। मैं भी उसका पूरा साथ दे रही थी। मेरी हिलती हुई चूंचियां उसका जोश बढ़ा रही थीं। मैंने कहा हाय मेरे राजा मुझे इसी तरह चोदने आया करो। मुझे तेरा लन्ड बड़ा मज़ा दे रहा है। मुझे अपनी बीवी की तरह ही चोदो। मैं भी बहुत बड़ी हरामजादी हूँ, मादर चोद हूँ और ग़ैर मरदों से चुदवाने में अव्वल हूँ। मेरे आगे कोई रंडी भी बुर चोदी नहीं ठहर सकती ? और चोदो जल्दी जल्दी चोदो। वाओ, हाय रे मेरी चूत के चीथड़े उड़ रहे हैं यार. आज कोई मरद चोद रहा है मुझे। चंदू तू तो मेरा बहुत बढ़िया देवर है। मैं तो तेरे लन्ड की भक्त हो गयी। लो मैं खलास हो गयी रे। तेरे लन्ड ने मेरी चूत ढीली कर दी बहन चोद। वह बोला अरे भाभी मैं भी निकलने वाला हूँ। बस मैं इतने में घूम गयी और लन्ड पकड़ कर मुठ्ठ मारने लगी। मेरा मुंह लन्ड के आगे खुला था और तब लन्ड ने पिचकारी मेरे मुंह मे ही मार दी। मैं मस्ती से झड़ता हुआ लन्ड चाटने लगी। और साथ में चाटने लगी पेल्हड़।
दूसरे दिन मैं दोपहर में चंदू की बीवी शिखा के घर चली गयी। मैंने बताया यार तुम्हे मालूम नहीं है पर यह सच है की तेरा पति भी परायी बीवियां चोदता है। चंदू मेरे पास आया था। मैंने उसका लन्ड पकड़ कर देखा है। लन्ड तो साला बड़ा मोटा ताज़ा है उसका। मेरी चूत साली चुदासी हो गयी थी लेकिन उसी समय उसका फोन आ गया और वह चला गया। मैंने थोड़ा सच और थोड़ा झूंठ बोला। उसने कहा अरे यार कविता अब तुम चिंता न करो मैं खुद किसी अपने पति का लन्ड तेरी चूत में पेल दूँगी। मेरा पति जब मेरे सामने तेरी बुर चोदेगा तो मुझे बड़ा मज़ा आएगा ? मैंने कहा ठीक है वो तो जब चोदेगा तब चोदेगा ? पर आज क्या करूं ? आज मैं किसका लन्ड घुसेडूं अपनी चूत में। वह बोली तू क्यों घुसेड़ेगी लन्ड अपनी चूत मे। मैं घुसेडूंगी लन्ड तेरी चूत में। मैं चोदूंगी तेरी बुर कविता।
मेरे पास एक से एक बेहतरीन लन्ड हैं। बस उसने फोन लगाया और आधे घंटे में ही तीन मस्त जवान लड़के आ गए। उन्हें देख कर मेरे मुंह में पानी आ गया। मैं समझ गयी की आज तो मेरी चूत की चांदी हो गयी। तब तक शिखा ने उन सबको मुझसे मिलवाया और कहा ये है गिट्टू, ये है बिल्लू और ये है कुक्कू। ये तीनो मुझे एक "wife swapping" पार्टी में मिले थे जब मैं भी अपने एक दोस्त को अपना हसबैंड बना कर चुदवाने गयी थी। ये तीनो भोसड़ी के वहां अपनी अपनी बीवी चुदवाकर दूसरों की बीवियां चोद रहे थे। इन तीनो की बीवियां भी बुर चोदी बड़ी चुदक्कड़ है। वो सब घूम घूम कर सबके लन्ड पकड़ रही थी और सबके लन्ड अपनी चूत में घुसा कर चुदवा रहीं थीं। मुझे इन तीनो के लन्ड पसंद आ गये तो मैंने वहीँ इन तीनो से दोस्ती कर ली। अच्छ बात यह ही की ये लोग किसी को भी चोदने के लिए तैयार हो जाते हैं। वैसे ये एक दूसरे की बीवियां एक ही साथ खूब मस्ती से चोदते हैं।
शिखा ने दारू शुरू कर दी। थोड़ी दारू पी लेने के बाद चुदाई में ज्यादा मज़ा आता है। मैं भी उन सबका साथ देने लगी। फिर बातें भी खूब गन्दी गन्दी होने लगी और काम भी होना लगा। शिखा ने गिट्टू के लन्ड पर हाथ रखा और कहा अब इसे भी निकालो बाहर। इसे भी पिलाओ थोड़ी दारू ? इतना बोलते ही उसने गिट्टू की पैंट खोल डाली। पैंट के नीचे लन्ड ही था और कुछ नहीं। शिखा लन्ड पकड़ कर सबको दिखती हुई हिलाने लगी। मैंने लन्ड देखा तो मेरी चूत की आग और भड़क गयी। फिर वह बोली हाय कविता लो इसे पकड़ो तब तक मैं उन दोनों भोसड़ी वालों को नंगा करती हूँ। मैं लन्ड पकड़ा और तब उसने बिल्लू और कुक्कू को नंगा कर दिया। दोनों के लन्ड पकड़ कर मजे से हिलाने लगी। मेरी नज़र उन दोनों लन्ड पर भी पड़ी तो मेरी ख़ुशी का ठिकाना न रहा। मैं अपने आपको बड़ी लकी समझने लगी। तीन तीन पराये मरदों के लन्ड मुझे उत्तेजित करने लगे और मुझे ललकारने लगे।
शिखा ने बिल्लू का लन्ड मेरे मुंह में ठूंस दिया और कुक्क का लन्ड मेरे दूसरे हाथ में रख दया। यानी तीनो लन्ड मेरे कब्जे में आ गये . मैं समझ नहीं पायी की वह क्या करने वाली है। लेकिन वह मेरे पाछे आयी और मेरे कपड़े उतारने लगी। मेरे सारे कपड़े खोला डाला और मैं बुर चोदी एकदम नंगी हो गयी। मुझे उन लोगों के सामने नंगी होने में मज़ा आने लगा। किसी ने सच ही कहा है की बीवियों को पराये मरदों के आगे नंगी होने में सबसे ज्यादा मजा आता है। और उससे भी ज्यादा मज़ा तब आता है जब उनके हाथ में होता है पराये मरद का खड़ा लन्ड ? मुझे नंगी करने के बाद शिखा खुद भी नंगी हो गयी और मेरे हाथ से गिट्टू का लन्ड ले लिया। मैं दो दो लन्ड चूसने लगी और वह एक लन्ड। मैंने कहा यार शिखा लन्ड तो साले तीनो बड़े मस्त और लंबे चौड़े हैं। आज तो मेरी चूत फटेगी ही बल्कि चूत की गांड भी फट जाएगी। मैं दोनों लन्ड बारी बारी से चाटने चूसने लगी। बिलकुल उसी तरह जैसा ब्लू फिल्म में होता है।
बिल्लू मेरी बुर सहला रहा था और कुक्कू मेरी चूंची। बिल्लू को जोश आया तो उसने लन्ड मेरी चूत पर टिका दिया और अंदर की तरफ ठेला। लन्ड सरसराता हुआ अंदर घुसने लगा। मैंने कहा हाय रे कितना मज़ा आ रहा है। तेरा लन्ड तो जैसे सांप के बिल में घुस रहा है साला। वह चोदने लगा और मैं चुदवाने लगी। उधर कुक्कू तो मेरे मुंह ही चूत समझ कर चोदने लगा। मेरे सामने शिखा गिट्टू से चुदवाने लगी। वह बोली हाय कविता मज़ा आ रहा है न चुदाने में ? मैंने कहा हां बिलकुल आ रहा है। अब तो मैं पराये मर्दों के लन्ड की दीवानी ही गयी हूँ। मेरी चूत भी बहुत मस्ती से लन्ड ले रही है। वह बोली यार अब तो मेरी चूत ग़ैर मर्दों के ही लन्ड लेती है। उसे अपने मरद का लन्ड मजूर नहीं है। मैंने हंस कर कहा मुझे तो मजूर है तेरे मरद का लन्ड शिखा। वह भी मुस्कराकर बोली और मुझे भी मंजूर है तेरे मियां का लन्ड ?
थोड़ी देर में कुक्कू ने लन्ड मेरी चूत में पेला और बिल्लू ने मेरे मुंह में। लन्ड वही लेकिन जगह बदल गयी। जगह बदलने से उनका मज़ा भी बदल गया। मैं कुक्की से भी मस्ती से चुदवाने लगी। ८/१० मिनट तक यही चलता रहा लेकिन फिर गिट्टू आया और लन्ड मेरी चूत में घुसा दिया। इधर कुक्कू जाकर शिखा भी बुर चोदने लगा। मैं यह सब देख देख मज़ा लेने लगी। हर लन्ड का मज़ा अलग होता है। मैं आज तीनो लन्ड का मज़ा ले रही थी। कभी गिटटु का लन्ड कभी बिल्लू का लन्ड और कभी कुक्कू का लन्ड। मेरा तो मन हुआ की अगर ३/४ लन्ड और होते तो आता ? मैं लन्ड पर लन्ड बदलती रहती और चुदवाती रहती।
शिखा बोली - कविता, देखो अभी तो यह शुरुआत है। मैं कई ऐसे मर्दों को जानती हूँ जो इससे भी ज्यादा मस्ती से चोदते हैं। चोद चोद के चूत का भोसड़ा बना देते हैं।
मैंने कहा :- यार शिखा, मैं तेरे मरद से चुदवा चुकी हूँ और तुम मेरे मरद से। लेकिन सच यह है की हमने अलग अलग चुदवाया है। मैं चाहती हूँ की तुम मेरे आगे मेरी पति से चुदवाओ और मैं तेरे आगे तेरे पति से चुदवाऊँ ?
शिखा बोली :- हां यार तूने तो मेरे मुंह की बात छीन ली। मैं भी यही कहने वाली थी।
फिर क्या दो दिन जब हम दोनों के पति आ गए तो हमने एक दिन "wife swapping" का प्लान बना लिया। उसमे ४ कपल थे। इन चारों ने अपनी अपनी बीवी के सामने दूसरों की बीवियां चोदीं और हम चारों ने अपने अपने पति के आगे दूसरों के पति से चुदवाया।
अरे चंदू तू भोसड़ी का इतना परेशान क्यों है ? अगर मेरे मियां ने तेरी बीवी चोद ली है, तो तू उसकी बीवी चोद ले ? मेरे मियां ने तेरी बीवी की बुर में लौड़ा पेल दिया है तो तू उसकी बीवी की बुर में लौड़ा पेल दे ? हिसाब बराबर ? वह बोला अरे कविता भाभी बात यह है की मेरी बीवी ससुरी तेरे मियां से खुद चुदवाना चाहती थी इसलिए उसने चोद लिया ? मैंने कहा तो इसमें कौन सी बड़ी है। अरे बुध्धू, उसकी बीवी भी तुमसे चुदवाना चाहती है। मेरे मियां की बीवी तो तुमसे चुदवाने के लिए जाने कबसे तड़प रही है। आ न इधर मेरे सामने और पकड़ा दे अपना मस्ताना लन्ड मेरे चंदू राजा ?
चंदू मेरे सामने आ गया तो मैं उसकी पैंट खोलने लगी। आज संडे है, छुट्टी का दिन है। करीब करीब ११ बजे मैं जैसे ही बाथ रूम से निकली वैसे ही किसी ने घंटी बजा दिया। मैंने अपनी चूँचियों तक पेटीकोट बाँध रखा था। वैसे मेरा पूरा बदन एकदम नंगा था। मेरे बालों से पानी की बूंदे धीरे धीरे ग टपक रहीं थीं। मैंने दरवाजा खोला तो देखा की मेरे सामने चंदू खड़ा है। चंदू मेरे हसबैंड का दोस्त है। वह मुझे देख कर बोला हाय भाभी माफ़ करना मैंने आपको तकलीफ दी। मैंने कहा अरे यार इसमें तकलीफ की क्या बात है ? अंदर आओ और बैठो। मैंने उसे एक गिलास पानी दिया। वह बैठ गया और पानी पीने लगा। मुझे लगा की वह कुछ परेशान है।
मैं बोली अरे चंदू क्या बात तुम कुछ परेशान लग रहे हो ?
वह बोला हां भाभी परेशान हूँ क्योंकि बात ही कुछ ऐसी है।
अच्छा, तो बताओ न क्या बात है ?
मुझे कुछ अच्छा नहीं लग रहा है बताने में। मैं झिझक भी रहा हूँ और थोड़ा शर्मा भी रहा हूँ।
अरे देखो चंदू मैं तुम्हे अच्छी तरह जानती हूँ। तुमको न तो झिझकना चाहिए और न शर्माना चाहिए। मैं तुम्हारी भाभी हूँ। तुम कुछ भी खुल कर कह सकते हो मुझसे ?
फिर भी थोड़ा तो संकोच होता ही है भाभी ? बुरा तो नहीं मानोगी भाभी ?
भाभी की माँ का भोसड़ा ? भाभी की बहन की बुर ? अब बताओ तुम मुझे खुल कर।
भाभी तेरा हसबैंड मेरी बीवी चोदता है। कल मैंने उसे चोदते हुए देखा था।
वाओ, तो ये बात है ? पर तुम घबरा क्यों रहे हो ? उसने तेरी बीवी चोद ली है तो तुम उसकी बीवी चोद लो
सच बात यह है भाभी की मेरी बीवी तेरे पति से खुद चुदवाती है। गलती मेरी बीवी की है। तेरे पति की नहीं ?
तो भी कोई बात नहीं उसकी बीवी तुमसे चुदवा लेगी।
ऐसा कह कर मैंने उसे अपने सामने खड़ा किया और मैं उसकी पैंट खोलने लगी। पैंट खोली तो वह चड्ढी में आ गया। ऊपर से कमीज उतार दी मैंने। उसका नंगा बदन मुझे अच्छा लग रहा था। बस फिर मैंने उसकी चड्ढी भी खींच कर फेंक दी तो लन्ड फनफनाता हुआ मेरे सामने खड़ा हो गया। मैं लन्ड पकड़ कर हिलाने लगी। तभी उसने मेरे पेटीकोट का नाडा खोल दिया। मेरी नंगी नंगी चूंचियां उसके सामने छलक पड़ीं। उन्हें देख कर लन्ड में एक जबरदस्त उछाल आया। अरे वाह चूंचियां देख कर लन्ड साला एकदम से दूना हो गया। वह बोला भाभी यह सब तेरी चूँचियों का कमाल है। मैंने कहा नहीं यार तेरे लन्ड का कमाल है यार। ऐसा लौड़ा बहुत कम लोगों का होता है। मैं दावे से कहती हूँ की तेरा लन्ड मेरे पति से लन्ड से बड़ा भी है और मोटा भी। मेरी यह बात सुनकर लन्ड साला और कड़क हो गया।
मैं खड़ी हो गयी। मेरी नंगी चूत उसकी आँखों के सामने नाचने लगी। उसने मुझे अपने गले से लगा लिया। मेरे पूरे बदन पर हाथ फिराने लगा। मेरी चूंचियां मसलने लगा और मैं उसके लन्ड में खो गयी। मैंने कहा चंदू तेरा लन्ड तो ८" का है यार ? मैं लन्ड बार बार चूमने लगी। झांटें बिलकुल साफ़ थीं इसलिए लन्ड बड़ा खूबसूरत लग रहा था। मैं कहा यार तेरा लन्ड साहिर, नंदू, गोपी और सूरज के लन्ड से भी बड़ा है। वह बोला वाओ, भाभी क्या तुम इन सबके लन्ड पकड़ चुकी हो ? मैंने कहा पकड़ ही नहीं चुदवा भी चुकी हूँ और आज भी चुदवाती हूँ। वह बोला इसका मतलाबमेरी बीवी भी कई लोगों से चुदवाती होगी। मैंने कहा चुदवाती होगी नहीं भोसड़ी के तेरी बीवी तो कई लोगों से चुदवाती है। मेरे हसबैंड के कई दोस्त तेरी बीवी की बुर लेतें हैं। यह बात मुझे मेरे हसबैंड ने ही बताई है। मैं तुम्हे यहाँ अपनी बुर दे रही हूँ वहां तेरी बीवी किसी और को अपनी बुर दे रही होगी। कहो तो पता लगा के बता दूं। वह बोला हां बता दो भाभी ?
मैंने उसकी बीवी शिखा को फोन लगा दिया और स्पीकर ऑन कर दिया।
वह बोली :- हाय कविता कैसी हो ?
मैंने कहा :- मैं बिलकुल ठीक हूँ। तेरा फोन बहुत दिनों से नहीं आया था इसलिए आज मैंने तुझे फोन लगा दिया।
सॉरी यार कभी कभी ऐसा हो जाता है। अच्छा बोलो सब ठीक ठाक है न ?
हां सब ठीक है , तू एक बात बता शिखा ?
हां हां बोलो कौन सी बात ?
मेरे हसबैंड का लन्ड तुम्हे पसंद है यह बात मैं जानती हूँ। मुझे एक बात बता की मेरे मरद का लन्ड ज्यादा बड़ा है की तेरे मरद का लन्ड ?
यार सच तो यह है की मेरे मरद का बड़ा है और मोटा भी लेकिन जो मज़ा पराये मरद के लन्ड में है वो मज़ा अपने मरद के लन्ड के कहाँ ?
अच्छा तुझे और कौन कौन से लन्ड पसंद हैं। ये तो तुमने कभी मुझे बताया ही नहीं।
अरे यार कविता देखो मुझे तो पराये मरद के लन्ड बहुत अच्छे लगतें हैं। हां कई और ऐसे मरद हैं जिनके लन्ड की मैं दीवानी हूँ।
अच्छा सच सच बता अभी तेरे हाथ में किसका लन्ड है ?
अभी तो मैं अपनी सहेली नीलू के पति का लन्ड हिला रही हूँ। वह भी नंगा है और मैं भी नंगी हूँ। अब ये मुझे चोदने वाला है। मेरी चूत में घुसने वाला है इसका लौड़ा ?
हाय दईया तू तो बहुत बड़ी अय्यास है ? कितने लन्ड पेलती है तू अपनी चूत में ? अरे दो एक लन्ड मेरी भी चूत में पेल दो यार ?
अरे कविता तुम एक काम करो। प्लीज मेरे पति को परायी बीवी चोदना सिखा दो। तुम किसी दिन उससे चुदवा लो और फिर चुदवाती रहो। मैं चाहती हूँ की जैसे मैं पराये मर्दों से चुदवाती हूँ वैसे ही मेरा पति भी परायी बीवियां चोदे। मैं मज़ा लेती हूँ तो वह भी मज़ा ले।
अच्छा ठीक है मैं तेरे पति से चुदवा लूंगी। पर तू २/३ लन्ड का इंतज़ाम मेरी चूत के लिए कर दे न ?
हां बिलकुल कर दूँगी। मैं उनका नाम भी बता दूँगी। तुम जिस समय कहोगी उस समय उन्हें तेरे घर में भेज भी दूँगी।
मैंने फोन बंद कर दिया और कहा देखा चंदू ऐसी है तेरी बुर चोदी बीवी और तू माँ का लौड़ा यहाँ मुझे लन्ड पकड़ाने में शर्मा रहा था। मैं बड़े प्यार से उसका लन्ड चूसने लगी और वह बड़े प्यार से मेरी बुर चाटने लगा। अब उसका हौसला बढ़ चुका था। अब उसे न बीवी का डर था और न मेरे पति का। उसे लगा की जब मेरा दोस्त मेरी बीवी चोदता है तो मैं क्यों न जम कर उसकी बीवी चोदूं ? बस उसका लौड़ा और सख्त हो गया। उसने पलंग के नीचे खड़े होकर मेरी गांड में नीचे दो तकिया लगा दी तो मेरी चूत थोड़ा ऊपर उभर आयी। फिर उसने मेरी दोनों टांगें अपने कंधे पर रखीं और लौड़ा मेरी चूत पर टिका दिया। मैं समझ गयी की अब यह पेल देगा लन्ड मेरी बुर में ? उसने वैसा ही किया। मुझे महसूस हो रहा था की लन्ड अंदर घुस रहा है। उसका मोटा लन्ड जब चिपक कर अंदर घुसा तो मुझे बड़ा मज़ा आया। मैं भी बहन चोद कॉल गर्ल की तरह चुदवाने लगी।
चंदू का लौड़ा पूरा अंदर घुस जाता और फिर पूरा बाहर निकल आता उसके बाद फिर अंदर घुस जाता। मुझे लगा की चंदू को चोदने का बड़ा अनुभव है। मैंने पूंछ ही लिया - चंदू यह बताओ तुमने अभी तक कितनी बुर चोदी हैं ? वह बोला कविता भाभी अब आपसे क्या छुपाना ? सच यह है की मैं भी अपने दोस्तों की बीवियां चोदता हूँ। हां, मैंने अभी तक यह बात अपनी बीवी को नहीं बताई। कभी गाँव जाता हूँ तो २/३ भाभियों को चोद कर आता हूँ। मुझे बड़ा मज़ा आता है जब चुदवाने वाली बड़ी मस्ती से अपनी बुर मुझे देती है जैसे तुम दे रही हो। मैंने कहा अरे यार जब तेरा लन्ड इतना मस्त और जबरदस्त हो तो हर चुदवाने वाली औरत तुमसे अपने दिल से चुदवायेगी। यह सब कमाल तेरे इस बहन चोद लन्ड का है।
उसने चोदने की स्पीड और बढ़ा दी। मैं भी उसका पूरा साथ दे रही थी। मेरी हिलती हुई चूंचियां उसका जोश बढ़ा रही थीं। मैंने कहा हाय मेरे राजा मुझे इसी तरह चोदने आया करो। मुझे तेरा लन्ड बड़ा मज़ा दे रहा है। मुझे अपनी बीवी की तरह ही चोदो। मैं भी बहुत बड़ी हरामजादी हूँ, मादर चोद हूँ और ग़ैर मरदों से चुदवाने में अव्वल हूँ। मेरे आगे कोई रंडी भी बुर चोदी नहीं ठहर सकती ? और चोदो जल्दी जल्दी चोदो। वाओ, हाय रे मेरी चूत के चीथड़े उड़ रहे हैं यार. आज कोई मरद चोद रहा है मुझे। चंदू तू तो मेरा बहुत बढ़िया देवर है। मैं तो तेरे लन्ड की भक्त हो गयी। लो मैं खलास हो गयी रे। तेरे लन्ड ने मेरी चूत ढीली कर दी बहन चोद। वह बोला अरे भाभी मैं भी निकलने वाला हूँ। बस मैं इतने में घूम गयी और लन्ड पकड़ कर मुठ्ठ मारने लगी। मेरा मुंह लन्ड के आगे खुला था और तब लन्ड ने पिचकारी मेरे मुंह मे ही मार दी। मैं मस्ती से झड़ता हुआ लन्ड चाटने लगी। और साथ में चाटने लगी पेल्हड़।
दूसरे दिन मैं दोपहर में चंदू की बीवी शिखा के घर चली गयी। मैंने बताया यार तुम्हे मालूम नहीं है पर यह सच है की तेरा पति भी परायी बीवियां चोदता है। चंदू मेरे पास आया था। मैंने उसका लन्ड पकड़ कर देखा है। लन्ड तो साला बड़ा मोटा ताज़ा है उसका। मेरी चूत साली चुदासी हो गयी थी लेकिन उसी समय उसका फोन आ गया और वह चला गया। मैंने थोड़ा सच और थोड़ा झूंठ बोला। उसने कहा अरे यार कविता अब तुम चिंता न करो मैं खुद किसी अपने पति का लन्ड तेरी चूत में पेल दूँगी। मेरा पति जब मेरे सामने तेरी बुर चोदेगा तो मुझे बड़ा मज़ा आएगा ? मैंने कहा ठीक है वो तो जब चोदेगा तब चोदेगा ? पर आज क्या करूं ? आज मैं किसका लन्ड घुसेडूं अपनी चूत में। वह बोली तू क्यों घुसेड़ेगी लन्ड अपनी चूत मे। मैं घुसेडूंगी लन्ड तेरी चूत में। मैं चोदूंगी तेरी बुर कविता।
मेरे पास एक से एक बेहतरीन लन्ड हैं। बस उसने फोन लगाया और आधे घंटे में ही तीन मस्त जवान लड़के आ गए। उन्हें देख कर मेरे मुंह में पानी आ गया। मैं समझ गयी की आज तो मेरी चूत की चांदी हो गयी। तब तक शिखा ने उन सबको मुझसे मिलवाया और कहा ये है गिट्टू, ये है बिल्लू और ये है कुक्कू। ये तीनो मुझे एक "wife swapping" पार्टी में मिले थे जब मैं भी अपने एक दोस्त को अपना हसबैंड बना कर चुदवाने गयी थी। ये तीनो भोसड़ी के वहां अपनी अपनी बीवी चुदवाकर दूसरों की बीवियां चोद रहे थे। इन तीनो की बीवियां भी बुर चोदी बड़ी चुदक्कड़ है। वो सब घूम घूम कर सबके लन्ड पकड़ रही थी और सबके लन्ड अपनी चूत में घुसा कर चुदवा रहीं थीं। मुझे इन तीनो के लन्ड पसंद आ गये तो मैंने वहीँ इन तीनो से दोस्ती कर ली। अच्छ बात यह ही की ये लोग किसी को भी चोदने के लिए तैयार हो जाते हैं। वैसे ये एक दूसरे की बीवियां एक ही साथ खूब मस्ती से चोदते हैं।
शिखा ने दारू शुरू कर दी। थोड़ी दारू पी लेने के बाद चुदाई में ज्यादा मज़ा आता है। मैं भी उन सबका साथ देने लगी। फिर बातें भी खूब गन्दी गन्दी होने लगी और काम भी होना लगा। शिखा ने गिट्टू के लन्ड पर हाथ रखा और कहा अब इसे भी निकालो बाहर। इसे भी पिलाओ थोड़ी दारू ? इतना बोलते ही उसने गिट्टू की पैंट खोल डाली। पैंट के नीचे लन्ड ही था और कुछ नहीं। शिखा लन्ड पकड़ कर सबको दिखती हुई हिलाने लगी। मैंने लन्ड देखा तो मेरी चूत की आग और भड़क गयी। फिर वह बोली हाय कविता लो इसे पकड़ो तब तक मैं उन दोनों भोसड़ी वालों को नंगा करती हूँ। मैं लन्ड पकड़ा और तब उसने बिल्लू और कुक्कू को नंगा कर दिया। दोनों के लन्ड पकड़ कर मजे से हिलाने लगी। मेरी नज़र उन दोनों लन्ड पर भी पड़ी तो मेरी ख़ुशी का ठिकाना न रहा। मैं अपने आपको बड़ी लकी समझने लगी। तीन तीन पराये मरदों के लन्ड मुझे उत्तेजित करने लगे और मुझे ललकारने लगे।
शिखा ने बिल्लू का लन्ड मेरे मुंह में ठूंस दिया और कुक्क का लन्ड मेरे दूसरे हाथ में रख दया। यानी तीनो लन्ड मेरे कब्जे में आ गये . मैं समझ नहीं पायी की वह क्या करने वाली है। लेकिन वह मेरे पाछे आयी और मेरे कपड़े उतारने लगी। मेरे सारे कपड़े खोला डाला और मैं बुर चोदी एकदम नंगी हो गयी। मुझे उन लोगों के सामने नंगी होने में मज़ा आने लगा। किसी ने सच ही कहा है की बीवियों को पराये मरदों के आगे नंगी होने में सबसे ज्यादा मजा आता है। और उससे भी ज्यादा मज़ा तब आता है जब उनके हाथ में होता है पराये मरद का खड़ा लन्ड ? मुझे नंगी करने के बाद शिखा खुद भी नंगी हो गयी और मेरे हाथ से गिट्टू का लन्ड ले लिया। मैं दो दो लन्ड चूसने लगी और वह एक लन्ड। मैंने कहा यार शिखा लन्ड तो साले तीनो बड़े मस्त और लंबे चौड़े हैं। आज तो मेरी चूत फटेगी ही बल्कि चूत की गांड भी फट जाएगी। मैं दोनों लन्ड बारी बारी से चाटने चूसने लगी। बिलकुल उसी तरह जैसा ब्लू फिल्म में होता है।
बिल्लू मेरी बुर सहला रहा था और कुक्कू मेरी चूंची। बिल्लू को जोश आया तो उसने लन्ड मेरी चूत पर टिका दिया और अंदर की तरफ ठेला। लन्ड सरसराता हुआ अंदर घुसने लगा। मैंने कहा हाय रे कितना मज़ा आ रहा है। तेरा लन्ड तो जैसे सांप के बिल में घुस रहा है साला। वह चोदने लगा और मैं चुदवाने लगी। उधर कुक्कू तो मेरे मुंह ही चूत समझ कर चोदने लगा। मेरे सामने शिखा गिट्टू से चुदवाने लगी। वह बोली हाय कविता मज़ा आ रहा है न चुदाने में ? मैंने कहा हां बिलकुल आ रहा है। अब तो मैं पराये मर्दों के लन्ड की दीवानी ही गयी हूँ। मेरी चूत भी बहुत मस्ती से लन्ड ले रही है। वह बोली यार अब तो मेरी चूत ग़ैर मर्दों के ही लन्ड लेती है। उसे अपने मरद का लन्ड मजूर नहीं है। मैंने हंस कर कहा मुझे तो मजूर है तेरे मरद का लन्ड शिखा। वह भी मुस्कराकर बोली और मुझे भी मंजूर है तेरे मियां का लन्ड ?
थोड़ी देर में कुक्कू ने लन्ड मेरी चूत में पेला और बिल्लू ने मेरे मुंह में। लन्ड वही लेकिन जगह बदल गयी। जगह बदलने से उनका मज़ा भी बदल गया। मैं कुक्की से भी मस्ती से चुदवाने लगी। ८/१० मिनट तक यही चलता रहा लेकिन फिर गिट्टू आया और लन्ड मेरी चूत में घुसा दिया। इधर कुक्कू जाकर शिखा भी बुर चोदने लगा। मैं यह सब देख देख मज़ा लेने लगी। हर लन्ड का मज़ा अलग होता है। मैं आज तीनो लन्ड का मज़ा ले रही थी। कभी गिटटु का लन्ड कभी बिल्लू का लन्ड और कभी कुक्कू का लन्ड। मेरा तो मन हुआ की अगर ३/४ लन्ड और होते तो आता ? मैं लन्ड पर लन्ड बदलती रहती और चुदवाती रहती।
शिखा बोली - कविता, देखो अभी तो यह शुरुआत है। मैं कई ऐसे मर्दों को जानती हूँ जो इससे भी ज्यादा मस्ती से चोदते हैं। चोद चोद के चूत का भोसड़ा बना देते हैं।
मैंने कहा :- यार शिखा, मैं तेरे मरद से चुदवा चुकी हूँ और तुम मेरे मरद से। लेकिन सच यह है की हमने अलग अलग चुदवाया है। मैं चाहती हूँ की तुम मेरे आगे मेरी पति से चुदवाओ और मैं तेरे आगे तेरे पति से चुदवाऊँ ?
शिखा बोली :- हां यार तूने तो मेरे मुंह की बात छीन ली। मैं भी यही कहने वाली थी।
फिर क्या दो दिन जब हम दोनों के पति आ गए तो हमने एक दिन "wife swapping" का प्लान बना लिया। उसमे ४ कपल थे। इन चारों ने अपनी अपनी बीवी के सामने दूसरों की बीवियां चोदीं और हम चारों ने अपने अपने पति के आगे दूसरों के पति से चुदवाया।
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