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रात में बीवियां बदलतीं हैं लन्ड - इस तरह रात भर चुदाई होती रही - Biwi dusre land se chudai
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कहतें हैं की सेक्स करने के लोए सबसे अच्छा समय रात का होता है। यह सच है और इसका अनुभव हम सब लोगों ने किया है और आज भी कर रहें हैं। रात में स्त्री की सेक्स करने की पावर अपने आप बढ़ जाती है और यही हाल मरदों का भी होता है। रात में लन्ड अपने आप उत्तेजित हो जाता है और यह भी कहा जाता है की सबेरे सवेरे हर एक मरद का लौड़ा बहन चोद खड़ा ही रहता है चूत सामने हो अथवा न हो। यही हाल स्त्रियों का भी होता है। रात में चूत बहुत उत्तेजित हो जाती है। उसकी चुदाने की ताकत दुगुनी तिगुनी हो जाती है और फिर उसे लन्ड चाहिए सिर्फ लन्ड ? वह यह नहीं देखती की लन्ड किसका है ?
अब मैं आपको एक ऐसी सच्ची कहानी सुनाने जा रही हूँ जहाँ बीवियां बदल लेती हैं रात में लन्ड ? बीवियों का मन किसी एक लन्ड से नहीं भरता। उसकी इच्छा रात में कई लन्ड लेने की हो जाती है और ऐसे दशा में वह किसी का भी लन्ड अपनी चूत में बेधड़क बेहिचक पेल लेती है।
मेरा नाम साइमा है। मैं २६ साल की हूँ, खूबसूरत हूँ, बड़ी बड़ी सेक्सी और हॉट हूँ। यह मैं नहीं कहती हूँ बल्कि वो लोग कहतें हैं जो मुझे देखते हैं। हां यह सब सुनकर मुझे बड़ा अच्छा लगता है। मेरी शादी अनीस नाम के लड़के हो चुकी है। मैं किसी की बीवी हूँ, किसी की भाभी हूँ, किसी की बहू हूँ, किसी की जेठानी किसी की देवरानी हूँ। मैं बड़ी चंचल, शोख़ और शरारती बीवी हूँ। मैं शरारत मरदों से कम उनके लन्ड से ज्यादा करती हूँ। मेरी इसी बात से आपको मालूम हो गया होगा की मैं एक लन्ड से नहीं कई लन्ड से मोहब्बत करती हूँ। मुझे जब लन्ड पसंद आ जाता है तो मैं उसी से खेलती रहती हूँ, उसी से बातें करती रहती हूँ उसी से शरारत करती रहती हूँ और लन्ड वाले का मुंह भी नहीं देखती ? मेरी इसी आदत की वजह से मुझे धोखे से कई ग़ैर मरदों के लन्ड पकड़ने का मौक़ा अपने आप ही मिल जाता है।
मैं आपको एक बड़ी मजेदार बात बताती हूँ। एक दिन रात में मैं चांदनी रात में छत पर चली गयी। पूर्णमासी की रात थी। चाँदनी पूरी तरह छाई हुई थी। गर्मी के दिन थे। रात के १२ बजे थे। मेरी चूत लन्ड की तलास में घूम रही थी। तभी मुझे छत पर एक जवान लड़का लेटा हुआ मिला। मैंने देखा की चादर तम्बू की तरह तनी हुई है। मैं समझ गयी की इसका लन्ड भोसड़ी का खड़ा हुआ है। मैं समझी की मेरा देवर सोया हुआ है। बस मेरी नियत ख़राब हो गयी। मैं चुपचाप उसके पास गयी और धीरे से अपना हाथ चादर के अंदर घुसेड़ दिया। मैंने जैसे ही लन्ड छुआ तो उसमे करंट लग गया। लन्ड साला और तन कर खड़ा हो गया। आग बहन चोद मेरी भी चूत में लग गयी। मेरे हाथ में लन्ड आया तो मज़ा आ गया। लंबा मोटा लन्ड पाकर मैं तो मस्त होने लगी। उसने भी कोई ऐतराज़ नहीं किया और मेरा साथ देने लगा। मेरी हिम्मत बढ़ी तो मैं लन्ड चूमने लगी, चाटने लगी लन्ड और एक एक करके अपने कपड़ें भी उतारने लगी। बस एक मिनट में मैं मादर चोद एकदम नंगी हो गयी। मैंने फिर लन्ड आधे से अधिक मुंह में भर लिया। मैं लन्ड चूसते हुए पेल्हड़ सहलाने लगी। वह मेरी चूंचियां दबाने लगा और मेरे पूरे नंगे बदन पर हाथ फिराने लगा। तभी उसके मुंह से निकला - तुम तो बहुत बढ़िया लन्ड चूसती हो साइमा बहू ? तब मुझे मालूम हुआ की यह भोसड़ी का मेरा ससुर है। चूंकि लन्ड मुझे बेहद पसंद आ गया था इसलिए मैं कुछ बोली नहीं बस लन्ड और मस्ती से चूसती रही। उस दिन चाँदनी रात में मैंने उससे ३ बार चुदवाया ? उसके बाद तो मेरी हिम्मत बढ़ गयी और मैं पहले से ज्यादा बेशरम हो गयी। मेरा ससुर साला उस दिन से मेरे आगे पीछे अपनी दुम हिलाने लगा।
सवेरा होने के पहले ही मैं अपने कमरे में वापस चली गयी।
आज का दिन बड़ा नायाब दिन है। आज मैं हूँ अपने मियां अनीस के साथ, मेरी खाला जान की बेटी हुमा भी है अपने शौहर असीम के साथ और फूफी की बेटी अलीका भी है अपने मरद कासिम के साथ। तब तक मेरी जेठानी आसमा भी आ गयी मेरे जेठ गिलानी के साथ। हम चार कपल एक ही कमरे में बैठ कर खूब खुल कर बातें करने लगीं। हम सब हम उम्र ही थीं इसलिये बातों में बड़ा मज़ा आ रहा था। घर के दूसरे कोने में ही भी एक महफ़िल लगी हुई थी। उसमें, मेरी खाला जान नाज़नीन अपने मियां फरहत के साथ, मेरी फूफी जान हिबा बेगम अपने शौहर हासिम के साथ कर रहीं थीं। वो ग्रुप भी बड़ा मस्त था और हमारा ग्रुप भी। हम सब खुल कर बातें करि थीं। खूब हंसी मजाक हो रही थी। नॉन वेज चुटकुले भी हो रहे थे। चोदा चोदी की बातें भी होने लगीं थीं। सभी के मुंह से लन्ड बुर चूत भोसड़ा गांड सब धकाधक निकल रहा था। एक अजैब तरह माँ माहौल बन गया था। कपड़े भी हम लोगों के अस्त व्यस्त हो गए थे।
रात को जब सब लोग अपने अपने मियां के साथ बिस्तर पर चली गयी और बत्ती बंद हो गयी। आँगन में एक छोटा सा बल्व जल रहा था जिसकी रोशनी सब जगह जा रही थी। उसके बाद धीरे धीरे कहीं से चूड़ियों की आवाज़, कहीं से लन्ड चूसने चाटने की आवाज़, कहीं से चूंचियां चूसने की आवाज़, कहीं से बुर चाटने की आवाज़, कहीं से तो चुदाई की भी आवाज़ आने लगी। हम सब समझ गयीं की अब लन्ड चूत की चूमा चाटी, चोदा चोदी शुरू हो गयी है। अब तो किसी के बदन पर कोई कपड़ा नहीं होगा। करीब १२ बजे मैं बाथ रूम के लए उठी उसी समय मेरी खाला की बेटी हुमा भी उठी। मैं भी नंगी थी और वह नंगी थी। हम दोनों जब बाथ रूम से निकली तो हुमा बोली हाय साइमा लन्ड बदल लो मुझसे। मैंने कहा ठीक है। फिर मैं उसके मियां असीम के पास चली गयी और वह नंगी नंगी मेरे मियां अनीस के पास। मैंने असीम का लन्ड पकड़ा और उसे बड़ी मस्ती से चूमा। वह समझ गया की मैं साइमा हूँ। उसने मुझे चिपका लिया और बोला हाय साइमा भाभी मैं तेरा ही नाम ले रहा था। अब मुझे तेरी बुर चोदने में मज़ा आएगा। मैंने कहा हां मेरे राजा मेरे मियां को भी तेरी बीवी चोदने में मज़ा आएगा। वह भी हुमा का नाम ले रहा था।
इतने में मेरी फूफी की बेटी अलीका मेरे पास नंगी नंगी आयीऔर बोली साइमा दीदी मैं तेरी जेठानी आसमा से लन्ड बदलने जा रही हूँ। वह मेरे जेठ का लन्ड पकड़ कर उसी के बिस्तर पर हिलाने लगी और जेठानी वहां से जाकर अलीका के मियां का लन्ड पकड़ कर सहलाने आने लगी। इन दोनों के लन्ड बदल गये तो मज़ा ज्यादा आने लगा। दोनों भोसड़ी की एक दूसरे के मियां से चुदवाने लगीं। मेरी जेठानी भी बुर चोदी मेरी ही तरह रात में लन्ड बदले की बड़ी शौक़ीन है। हुमा का मियां मेरी चूत का बाजा बजा रहा था। मैं भी मस्त होकर चुदवा रही थी। मैंने कहा हाय मेरे राजा मुझे खूब कस कस के चोदो। तेरा लन्ड बड़ा हलब्बी है यार। बड़ा मज़ा दे रहा है मुझे । जैसे अपनी बीवी की बुर लेते हो वैसे ही मेरी बुर ले लो। मैं भी तेरी बीवी हूँ। तुम मेरे मरद हो असीम ? हाय दईया तेरा लौड़ा तो मुझे भा गया। अब तुम मुझे चोदने जल्दी जल्दी आया करो। मैं कुछ भी बके चली जा रही थी क्योंकि मुझे मज़ाआ रहा था। मेरी चूत की ठुकाई बहुत अच्छी तरह से हो रही थी। इसी तरह मेरा मियां भी हुमा की चूत का बाजा बजा रहा था।
तब तक मेरी चूत ढीली हो चुकी थी। मैं खलास होने ही वाली थी की असीम बोला साइमा भाभी अब मैं निकलने वाला हूँ। मैंने कहा मेरे मुंह में निकल जा। मेरी चूत पर निकल जा मेरी चूँचियों पर निकल जा। उस भोसड़ी वाले सब जगह अपना मक्खन गिरा दिया लेकिन मैं भी सब जगह का मक्खन चाट कर मस्त हो गयी। मैं मन में कहने लगी की यह रात भी बहन चोद बड़ी सेक्सी और हॉट होती है। रात में जो तरह तरह के लन्ड से चुदवाने का मज़ा आता है वह मज़ा दिन में नहीं आता ? तब तक मुझे मालूम हुआ की हुमा भी बुर चोदी खलास हो चुकी है। हम दोनों अपने अपने बिस्तर पर आ गयीं। कहतें हैं की सेक्स करने के लोए सबसे अच्छा समय रात का होता है। यह सच है और इसका अनुभव हम सब लोगों ने किया है और आज भी कर रहें हैं। रात में स्त्री की सेक्स करने की पावर अपने आप बढ़ जाती है और यही हाल मरदों का भी होता है। रात में लन्ड अपने आप उत्तेजित हो जाता है और यह भी कहा जाता है की सबेरे सवेरे हर एक मरद का लौड़ा बहन चोद खड़ा ही रहता है चूत सामने हो अथवा न हो। यही हाल स्त्रियों का भी होता है। रात में चूत बहुत उत्तेजित हो जाती है। उसकी चुदाने की ताकत दुगुनी तिगुनी हो जाती है और फिर उसे लन्ड चाहिए सिर्फ लन्ड ? वह यह नहीं देखती की लन्ड किसका है ?
अब मैं आपको एक ऐसी सच्ची कहानी सुनाने जा रही हूँ जहाँ बीवियां बदल लेती हैं रात में लन्ड ? बीवियों का मन किसी एक लन्ड से नहीं भरता। उसकी इच्छा रात में कई लन्ड लेने की हो जाती है और ऐसे दशा में वह किसी का भी लन्ड अपनी चूत में बेधड़क बेहिचक पेल लेती है।
मेरा नाम साइमा है। मैं २६ साल की हूँ, खूबसूरत हूँ, बड़ी बड़ी सेक्सी और हॉट हूँ। यह मैं नहीं कहती हूँ बल्कि वो लोग कहतें हैं जो मुझे देखते हैं। हां यह सब सुनकर मुझे बड़ा अच्छा लगता है। मेरी शादी अनीस नाम के लड़के हो चुकी है। मैं किसी की बीवी हूँ, किसी की भाभी हूँ, किसी की बहू हूँ, किसी की जेठानी किसी की देवरानी हूँ। मैं बड़ी चंचल, शोख़ और शरारती बीवी हूँ। मैं शरारत मरदों से कम उनके लन्ड से ज्यादा करती हूँ। मेरी इसी बात से आपको मालूम हो गया होगा की मैं एक लन्ड से नहीं कई लन्ड से मोहब्बत करती हूँ। मुझे जब लन्ड पसंद आ जाता है तो मैं उसी से खेलती रहती हूँ, उसी से बातें करती रहती हूँ उसी से शरारत करती रहती हूँ और लन्ड वाले का मुंह भी नहीं देखती ? मेरी इसी आदत की वजह से मुझे धोखे से कई ग़ैर मरदों के लन्ड पकड़ने का मौक़ा अपने आप ही मिल जाता है।
मैं आपको एक बड़ी मजेदार बात बताती हूँ। एक दिन रात में मैं चांदनी रात में छत पर चली गयी। पूर्णमासी की रात थी। चाँदनी पूरी तरह छाई हुई थी। गर्मी के दिन थे। रात के १२ बजे थे। मेरी चूत लन्ड की तलास में घूम रही थी। तभी मुझे छत पर एक जवान लड़का लेटा हुआ मिला। मैंने देखा की चादर तम्बू की तरह तनी हुई है। मैं समझ गयी की इसका लन्ड भोसड़ी का खड़ा हुआ है। मैं समझी की मेरा देवर सोया हुआ है। बस मेरी नियत ख़राब हो गयी। मैं चुपचाप उसके पास गयी और धीरे से अपना हाथ चादर के अंदर घुसेड़ दिया। मैंने जैसे ही लन्ड छुआ तो उसमे करंट लग गया। लन्ड साला और तन कर खड़ा हो गया। आग बहन चोद मेरी भी चूत में लग गयी। मेरे हाथ में लन्ड आया तो मज़ा आ गया। लंबा मोटा लन्ड पाकर मैं तो मस्त होने लगी। उसने भी कोई ऐतराज़ नहीं किया और मेरा साथ देने लगा। मेरी हिम्मत बढ़ी तो मैं लन्ड चूमने लगी, चाटने लगी लन्ड और एक एक करके अपने कपड़ें भी उतारने लगी। बस एक मिनट में मैं मादर चोद एकदम नंगी हो गयी। मैंने फिर लन्ड आधे से अधिक मुंह में भर लिया। मैं लन्ड चूसते हुए पेल्हड़ सहलाने लगी। वह मेरी चूंचियां दबाने लगा और मेरे पूरे नंगे बदन पर हाथ फिराने लगा। तभी उसके मुंह से निकला - तुम तो बहुत बढ़िया लन्ड चूसती हो साइमा बहू ? तब मुझे मालूम हुआ की यह भोसड़ी का मेरा ससुर है। चूंकि लन्ड मुझे बेहद पसंद आ गया था इसलिए मैं कुछ बोली नहीं बस लन्ड और मस्ती से चूसती रही। उस दिन चाँदनी रात में मैंने उससे ३ बार चुदवाया ? उसके बाद तो मेरी हिम्मत बढ़ गयी और मैं पहले से ज्यादा बेशरम हो गयी। मेरा ससुर साला उस दिन से मेरे आगे पीछे अपनी दुम हिलाने लगा।
सवेरा होने के पहले ही मैं अपने कमरे में वापस चली गयी।
आज का दिन बड़ा नायाब दिन है। आज मैं हूँ अपने मियां अनीस के साथ, मेरी खाला जान की बेटी हुमा भी है अपने शौहर असीम के साथ और फूफी की बेटी अलीका भी है अपने मरद कासिम के साथ। तब तक मेरी जेठानी आसमा भी आ गयी मेरे जेठ गिलानी के साथ। हम चार कपल एक ही कमरे में बैठ कर खूब खुल कर बातें करने लगीं। हम सब हम उम्र ही थीं इसलिये बातों में बड़ा मज़ा आ रहा था। घर के दूसरे कोने में ही भी एक महफ़िल लगी हुई थी। उसमें, मेरी खाला जान नाज़नीन अपने मियां फरहत के साथ, मेरी फूफी जान हिबा बेगम अपने शौहर हासिम के साथ कर रहीं थीं। वो ग्रुप भी बड़ा मस्त था और हमारा ग्रुप भी। हम सब खुल कर बातें करि थीं। खूब हंसी मजाक हो रही थी। नॉन वेज चुटकुले भी हो रहे थे। चोदा चोदी की बातें भी होने लगीं थीं। सभी के मुंह से लन्ड बुर चूत भोसड़ा गांड सब धकाधक निकल रहा था। एक अजैब तरह माँ माहौल बन गया था। कपड़े भी हम लोगों के अस्त व्यस्त हो गए थे।
रात को जब सब लोग अपने अपने मियां के साथ बिस्तर पर चली गयी और बत्ती बंद हो गयी। आँगन में एक छोटा सा बल्व जल रहा था जिसकी रोशनी सब जगह जा रही थी। उसके बाद धीरे धीरे कहीं से चूड़ियों की आवाज़, कहीं से लन्ड चूसने चाटने की आवाज़, कहीं से चूंचियां चूसने की आवाज़, कहीं से बुर चाटने की आवाज़, कहीं से तो चुदाई की भी आवाज़ आने लगी। हम सब समझ गयीं की अब लन्ड चूत की चूमा चाटी, चोदा चोदी शुरू हो गयी है। अब तो किसी के बदन पर कोई कपड़ा नहीं होगा। करीब १२ बजे मैं बाथ रूम के लए उठी उसी समय मेरी खाला की बेटी हुमा भी उठी। मैं भी नंगी थी और वह नंगी थी। हम दोनों जब बाथ रूम से निकली तो हुमा बोली हाय साइमा लन्ड बदल लो मुझसे। मैंने कहा ठीक है। फिर मैं उसके मियां असीम के पास चली गयी और वह नंगी नंगी मेरे मियां अनीस के पास। मैंने असीम का लन्ड पकड़ा और उसे बड़ी मस्ती से चूमा। वह समझ गया की मैं साइमा हूँ। उसने मुझे चिपका लिया और बोला हाय साइमा भाभी मैं तेरा ही नाम ले रहा था। अब मुझे तेरी बुर चोदने में मज़ा आएगा। मैंने कहा हां मेरे राजा मेरे मियां को भी तेरी बीवी चोदने में मज़ा आएगा। वह भी हुमा का नाम ले रहा था।
इतने में मेरी फूफी की बेटी अलीका मेरे पास नंगी नंगी आयीऔर बोली साइमा दीदी मैं तेरी जेठानी आसमा से लन्ड बदलने जा रही हूँ। वह मेरे जेठ का लन्ड पकड़ कर उसी के बिस्तर पर हिलाने लगी और जेठानी वहां से जाकर अलीका के मियां का लन्ड पकड़ कर सहलाने आने लगी। इन दोनों के लन्ड बदल गये तो मज़ा ज्यादा आने लगा। दोनों भोसड़ी की एक दूसरे के मियां से चुदवाने लगीं। मेरी जेठानी भी बुर चोदी मेरी ही तरह रात में लन्ड बदले की बड़ी शौक़ीन है। हुमा का मियां मेरी चूत का बाजा बजा रहा था। मैं भी मस्त होकर चुदवा रही थी। मैंने कहा हाय मेरे राजा मुझे खूब कस कस के चोदो। तेरा लन्ड बड़ा हलब्बी है यार। बड़ा मज़ा दे रहा है मुझे । जैसे अपनी बीवी की बुर लेते हो वैसे ही मेरी बुर ले लो। मैं भी तेरी बीवी हूँ। तुम मेरे मरद हो असीम ? हाय दईया तेरा लौड़ा तो मुझे भा गया। अब तुम मुझे चोदने जल्दी जल्दी आया करो। मैं कुछ भी बके चली जा रही थी क्योंकि मुझे मज़ाआ रहा था। मेरी चूत की ठुकाई बहुत अच्छी तरह से हो रही थी। इसी तरह मेरा मियां भी हुमा की चूत का बाजा बजा रहा था।
मुश्किल से एक घंटा करवट इधर उधर करके लेती रही तो चूत फिर ससुरी चुलबुलाने लगी। इस बार मैं नंगी नंगी अलीका के पास चली गयी। मैंने देखा की वह नंगी नंगी खड़ी है और उसका मियाँ एकदम नंगा लेटा है। मुझे देख कर वह बोली हाय साइमा मैं तो तेरे पास ही आ रही थी। लो अब तुम मेरे मियां का लन्ड पेलो अपनी चूत में, मैं अपनी चूत में तेरे मियां का लन्ड पेलने जा रही हूँ। बस मैंने हाथ बढ़ा कर कासिम का लौड़ा पकड़ लिया और वह मेरे पलंग पर जाकर मेरे मियां का लन्ड पकड़ लिया। कासिम का लन्ड तो अज़ब तरह का था। खड़ा होने पर थोड़ा टेढा हो जता था और लन्ड का सुपाड़ा बिलकुल गोल छतरी की तरह था। लन्ड मोटा भी था और लंबा भी। मुझे लन्ड पकड़ का मज़ा आया तो मैं सबसे पहले अपनी चूंचियां ही चुदवाने लगी।
मेरी बड़ी बड़ी चूँचियों के बीच लन्ड कुलाचें भरने लगा। इधर मैं अलीका के लिया से चुदवाने लगी उधर अलीका मेरे मियां से चुदवाने लगी। तभी मुझे मालूम हुआ की हुमा मेरे जेठ गिलानी से चुदवा रही है और जेठानी उसके मियां से चुदवा रहीं हैं। वह भी मेरी तरह लन्ड अदल बदल कर चुदवाने में माहिर है। मुझे कासिम का लौड़ा बड़ा मज़ा दे रहा था। मैं थोड़ी देर में कुतिया की तरह चुदवाने लगी। पीछे से चुदवाना सबको अच्छा लगता है। कासिम का लौड़ा टेढा होने की वजह से चिपक कर घुस रहा था और इस चिपकने से मज़ा कुछ ज्यादा ही आ रहा था। मैंने उसे इधर उधर घूम कर खूब चुदवाया। चोदने के बाद जब लौड़ा उगलने लगा अपना वीर्य तो मैं उसे पूरा का पूरा चाट गयी। वह भी लौड़ा चटवा कर मस्त हो गया। फिर मैं बॉथ रूम गयी और अपनी चूत धो धा कर वापस आने लगी। तभी मेरे मन में आया की मैं ज़रा देखूँ की खाला क्या कर रही है भोसड़ी वाली ? मैं चुपके से उसके कमरे में चली गयी और झाँकने लगी।
मैंने देखा की मेरा खालू मेरी फूफी की बुर ले रहा है और फूफा खाला की बुर ले रहा है। मतलब की खाला और फूफी जान दोनों ने लन्ड बदल लिया है। खाला बोल रही थी हाय हासिम तेरा लन्ड बड़ा मज़ा दे रहा है यार ? बहुत दिनो के बाद आज मुझे तुमसे चुदवाने का मौक़ा मिला है। उधर फूफी ने कहा हाय फरहत आज तेरा लौड़ा बड़ा हक्कानी लग रहा है। पहले से कुछ ज्यादा ही मोटा हो गया है। हाय दईया बड़ा अच्छा लग रहा है। फिर वह बोली अरी नाज़नीन मेरी नज़र तेरी बेटी के मियां के लन्ड पर है। मैं तेरे मियां से चुदवाने के बाद तेरे दामाद से चुदवाना चाहती हूँ। खाला ने कहा हां हां बिलकुल चुदवा लो न ? उसके लन्ड पर तो मेरी भी नज़र है पर पहले तू चुदवा ले। और हां मैं तेरी बेटी के मियां से भी चुदवाऊँगी। सुना है की उसका लौड़ा बड़ा मस्त है टेढा है और खूब जम कर चोदता है। फूफी ने कहा हां यार मेरी बेटी बुर चोदी लन्ड अदल बाल कर खूब चुदवाती है। तुम उसके मियां का लन्ड पेलोगी तों वह तेरे मियां का लन्ड पेल लेगी।
यह बात सुन कर मेरी भी चूत खाला और फूफा से चुदवाने के लिए मचल उठी। रात बहन चोद चूत में भयंकर आग लगा देती है। अब मेरा मन में आया की मैं आज यहाँ घर में जितने लन्ड है वो सारे लन्ड अपनी चूत में घुसेड़ लूं ? मैं फिर रुकी नहीं। मौक़ा पाकर मैंने खालू से भी चुदवाया और फूफा से भी। इस तरह रात भर चुदाई होती रही।
सवेरे सवेरे सब उठ कर फ्रेश होकर एक जगह बैठ गयी और चाय पीते पीते बातें करने लगीं।
- मैंने कहा - हाय हुमा तू तो बहुत बड़ी बुर चोदी निकली। रात भर तूने खूब लन्ड बदल बदल कर चुदवाया ? तूने सभी लौड़ों का मज़ा ले लिया।
- हुमा ने बताया - हां क्यों न लूं ? रात बहन चोद होती ही है लन्ड बदलने के लिए।
- इतने में उधर से खाला जान भी आ गयी वह बड़ी मस्ती से अपनी बेटी हुमा से बोली तेरी माँ का भोसड़ा। मुझे कल रात को मालूम हुआ की मेरी बेटी जवानी का मज़ा लेने में बड़ी माहिर है। मैं तो बहुत खुश हूँ। मैं तो दुआ करती हूँ की तू इसी तरह कई लौड़ों से चुदवाती रहे ?
- अलीका ने कहा - अरे मामी जान यहाँ कौन भोसड़ी की ऐसी है जो लन्ड अदल बदल कर नहीं चुदवाती ? सब की सब रात भर यही करतीं हैं।
- खाला ने कहा - हां तो ठीक है न। मैंने तो तेरे मियां से चुदवाया है अलीका। क्या मस्त लौड़ा है उसका ? मज़ा आ गया।
- अलीका बोली - मज़ा तो तब और आएगा तुझे जब मैं तेरी चूत में अपने ससुर का लन्ड पेलूंगी। हाय अल्ला, कितना मोटा और कितना प्यारा लौड़ा है मेरे ससुर का ?
- हुमा बोली :- लौड़ा तो मेरे जेठ का भी बड़ा मोटा तगड़ा है यार ? मैंने जब पहली बार उसका लौड़ा देखा तो सच में मेरी गांड फट गयी थी। लेकिन जब चुदवाना शुरू किया तो ज़न्नत मज़ा आने लगा।
- हिबा बोली - रात में लन्ड बदलने का चलन मेरी भी ससुराल में भी खूब होता है। मैंने जब अपनी नन्द को अपने देवर से चुदवाते देखा, अपनी सास को अपने बहनोई से चुदवाते हुए देखा, अपनी जेठानी को मेरे मियां से चुदवाते हुए देखा तो मैं समझ गयी की ये सब भोसड़ी वाली रात में मियां बदलती हैं लन्ड बदलती है और खूब मस्ती से बेशरम होकर चुदवाती हैं। फिर मैं भी दूसरे से शुरू को गयी। सबसे पहले मैंने अपने नंदोई का लौड़ा पकड़ा और उससे चुदवाया। अगले दिन मैं अपने सेवर से चुदवाया और एक दिन रात में मैंने अपने ससुर का लन्ड पकड़ ही लिया। वह भी मादर चोद बड़ा हरामी निकला। मुझसे बोला बहू किसी दिन अपनी माँ का भोसड़ा दिलवाओ मुझे ? मैंने भी हां कर दी और एक दिन मैंने खुद उसका लौड़ा अपनी भोसड़ा में पेल दिया।
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