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होली में चोदो सब की बीवियां - होली में जो भी फसे उसकी चुदाई करो - Holi me sabko chodo
होली में चोदो सब की बीवियां - होली में जो भी फसे उसकी चुदाई करो - Holi me sabko chodo , , Antarvasna Sex Stories , Hindi Sex Story , Real Indian Chudai Kahani , choda chadi cudai cudi coda free of cost , Time pass Story , Adult xxx vasna kahaniyan.
सास हो, बहू हो, नन्द बेटियां
हैं तो भोसड़ी की बुर चोदी बीवियां
चूत चोदो बुर चोदो और चूंचियां
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होली का माहौल होता ही है मस्ती का ? सारे गिले शिकवे भुला कर लोग एक दूसरे को रंग लगा कर होली का जश्न मनाते हैं। होली के रंग में सब लोग रंग जातें हैं । जान पहचान वालों को तो रंग लगाया की जाता है लेकिन ऐसे मौके पर तो अनजान लोगों को भी रंग दिया जाता है और कोई बुरा नहीं मानता बल्कि लोग उसे एन्जॉय करतें हैं। होली में छोटा बड़ा कुछ नहीं होता कोई भी किसी के ऊपर रंग डाल सकता है। रंग लगा सकता है। पर असली तो बात यह है की जब तक किसी की चूँचियों पर रंग न लगाओ। किसी के लन्ड पर रंग न लगाओ। किसी के कपड़ों के अंदर हाथ डाल सब जगह रंग न लगाओ, तब तक होली का असली मज़ा नहीं आता। जब कोई चूत में रंग न लगाए, कोई चूतड़ों पर रंग न पोते, लन्ड पर रंग लगा लगा कर उसे लाल पीला हरा बैगनी न करे, पेल्हड़ को अच्छी तरह न रंगें तब तक होली, होली नहीं होती। होली का असली मज़ा तो चुदाई में आता है।
जब तक देवर भाभी की बुर न चोदे। जब तक जीजा अपनी साली की बुर न ले, जब तक कोई अपनी साले की बीवी न चोदे, जब तक कोई मौसा का लौड़ा न पकड़े, जब तक साली अपने जीजा का लन्ड न हिलाये, जब तब नंदोई चूत में लन्ड न पेले तब तक होली कोई होली है क्या ? होली में जब तक प्यार की गालियां न दी जायें, एक दूसरे का मजाक न उड़ाया जाये, एक दूसरे कपड़े न फाड़े जायें , एक दूसरे को नंगा और नंगी न कियी जाये तब तक होली कोई होली है क्या ? अरे होली में तो चोदा चोदी जबरदस्त होती है। होली में किसी भी चूत चोदी जा सकती है और किसी का नद पकड़ा जा सकता है। इस दिन सब छूट होती है। इसीलिए कहा गया है की होली में बाबा भी देवर लगता है। यानी होली में बहू बाबा का भी लन्ड पकड़ सकती हैं।
मेरा नाम मिसेज पूजा है दोस्तों, मैं कानपूर में अपने हसबैंड के साथ रहती हूँ। मेरी शादी के अभी दो साल ही हुए हैं। कानपुर की होली बहुत मशहूर है। यहाँ की जैसी मौज़ मस्ती की होली कहीं और नहीं होती ? मेरी मौसी काजल भी यहीं रहती हूँ। मजे की बात यह है की वह मुझसे केवल दो साल ही बड़ी हैं। इसलिए वह मुझे अपनी सहेली ही मानती हैं। उसके हसबैंड पवन बड़े हंसमुख आदमी है, स्मार्ट और हैंडसम हैं। हम चारों लोग होली की मस्ती में ही थे और उसी तरह की हंसी मजाक की बातें हो रहीं थीं। इतने में मेरी एक सहेली मिसेज रेनू होली खेलने अपने हसबैंड सनी के साथ आ गयी। मैं तो उन्हें देख कर बड़ी खुश हुई। थोड़ी देर तक हम सबने होली खेला। एक दूसरे के रंग लगाया और फिर बैठ कर थोड़ा व्हिस्की पीने लगीं। मेरे देखा की मेरे पति ने रेनू की चूँचियों पर भी रंग लगा दिया। रेनू ने अपना हाथ उसके लन्ड तक पहुंचा दिया था। मैंने भी सनी के लौड़े पर हाथ मारा था। सनी में भी अपना हाथ मेरे ब्लाउज़ के अंदर घुसेड़ दिया था। इसी बीच मैंने मौसा का लौड़ा भी इधर उधर हिलाने की कोशिश की और उसने भी मेरी चूंचियां दबायीं। मेरी मौसी मेरे पति का लन्ड छूने की कोशिश कर रही थी . सबके मन में कुछ न कुछ चल रहा था। मेरी नज़र तो मौसा और सनी के लन्ड पर थी। रेनू और मौसी की नज़र भी एक दूसरे के मियां के लन्ड पर थी। इसी तरह तीनो मरद भी एक दूसरे की बीवी की चूंचियां खूब ललचाई नज़रों से देख रहे थे।
सब लोग शराब पीने लगे। बीवियां तो ज्यादा मस्ती से शराब पी रहीं थीं। बातें होने लगीं, धीरे धीरे गन्दी गन्दी बातें और अश्लील बाते भी होने लगीं। लन्ड, बुर, चूत, भोसड़ा, गांड, झांट भी होने लगा तो मस्ती और बढ़ने लगी। बहन चोद मादर चोद भोसड़ी के लौड़े से सब कुछ होने लगा। लोग एक दूसरे से खुलने लगे। शर्म धीरे धीरे गायब होने लगी।
तब तक मैंने एक शेर सुना दिया -
शराब इतना पियो मयखाने में
की माँ चुद जाये बहन चोद घर जाने में
सबने तालियां बजायी और मज़ा लिया। इतने में मेरे पति ने भी सुना दिया -
मिल जाए तो चोदो चूत
न मिले तो उसकी माँ की चूत
मौसा ने भी एक बात कह दी -
चंदू के चाचा ने चंदू की चाची को चांदनी रात में चादर के नीचे चार बार चोदा
सबने खूब मज़ा लिया और ठहाका लगाया।
तब तक सनी बोला : -
लड़की - मम्मी, आज एक लड़के ने मेरी चूंची दबा दी।
मम्मी - तो तूने उसे चाटा नहीं मारा ?
लड़की - नहीं मम्मी, मुझे गाँधी जी की याद आ गयी तो मैंने दूसरी चूंची भी उसके आगे कर दी।
मस्तियाँ बढ़ती ही जा रही थीं।
सनी की बीवी रेनू को भी कुछ याद आया वह भी सुनाने लगी :-
एक लड़की लन्ड पकड़ कर ऊपर नीचे कर रही थी।
लड़का - आज क्या चुदवाने का मन कर रहा है, तुम्हारा ?
लड़की - नहीं, मुझे २/३ लिफ़ाफ़े चिपकाने हैं इसलिए तेरे लन्ड का गोंद निकाल रही हूँ।
मेरी काजल मौसी भी कम न था। उसने भी सुना दिया -
मुसीबत में यह मत सोंचो की कौन काम आएगा ?
बल्कि ये सोंचो की कौन अपनी बीवी चुदवायेगा ?
ग़ैर मरद के लन्ड चूसती, सभी बीवियां मस्त
मियां चोदते सबकी बीवी, लन्ड हो गए पस्त
मैंने कहा तब तो मेरा मौसा अपनी बीवी जरूर चुदवा लेगा। तब तक मौसी बोली हाय दईया तेरे पति भी कम नहीं है पूजा। वह भी अपनी बीवी चुदवा लेगा ? उधर से रेनू बोली तो क्या तुम लोग मेरे पति को कम समझती हो। जब सब लोग अपनी अपनी बीवी चुदवायेगें तो मेरा पति भी अपनी बीवी चुदवा लेगा। इस तरह सबने खूब मस्ती की, एन्जॉय किया और सबकी चूत में आग भी लग गयी। अब तो मरदों के मन में आ गया की आज हमें किसी और की बीवी चोदने को जरूर मिलेगी। उधर बीवियां भी सोंचने लगी चलो इसी बहाने हमें पराये मरदों के लन्ड पकड़ने का मौक़ा मिलेगा और उनसे चुदवाने का भी।
इधर सबकी चूत चुलबुलाने लगी तो उधर लन्ड भी साले कुलबुलाने लगे और माहौल बिलकुल गरम हो गया। शराब का नशा भी बहन चोद अपना काम करने लगा। इतने में मैं मौसा की तरफ झुक गयी और उसके गले में बाहें डाल दीं। मैंने कहा हाय मेरे मौसा जी ज़रा अंदर तक रंग लगा दो मेरे ? मैंने उसकी चुम्मी ले ली। तब तक मौसी सनी से चिपक गयीं। उसके पूरे बदन पर हाथ फिराने लगीं। फिर रेनू कहाँ रुकने वाली थी। वह मेरे पति सूरज की बाहों में चली गयी। मेरा पति उसे चिपका कर उसकी चूंचियां मसलना शुरू कर दिया। मियां भी परायी बीवी चोदने के लिए उतावले थे और बीवियां भी पराये मरद से चुदवाने के लिए बेताब हो रहीं थीं। यह सब नतीजा है ब्लू फिल्मो का जिन्हें देख देख कर आजकल की बीवियां पराये मर्दों से चुदवाने में कोई परहेज नहीं करती और लोग भी दूसरों की बीवियां चोद कर अपनी बीवी चुदवाने से परहेज नहीं करते।
फिल्मो के अलावा अब तो ऐसी ऐसी कहानियां लिखी जा रही है जिन्हें पढ़कर लोगों का मन दूसरों की बीवियां चोदने का हो जाता है और बीवियों का मन पराये मरदों से चुदवाने का हो जाता है। इसीलिए आजकल "बीवियों की अदला बदली" "हसबैंड की अदल बदली" ज्यादा होने लगी है । लोग एक दूसरे की बीवी चोद कर मज़ा लेते है और बीवियां एक दूसरे के हसबैंड से चुदवाकर कर मज़ा लेतीं हैं। सबसे अच्छी बात यह है की लोगों को अब अपनी बीवी चुदवाने में मज़ा आता है और बीवियों को भी अपने मरद को दूसरों की बीवियां चोदते हुए देखने में मज़ा आता है। इसलिए सब मिलजुल कर एन्जॉय करते हैं। अब वास्तव में ज़माना बदल रहा है। कहानियों में भी वही लिखा जाता है जो समाज में होता है या हो सकता है। इतने में मैंने मौसा जी का लौड़ा बाहर निकाल लिया। मैंने उसे एकदम नंगी कर दिया। मौसा ने भी मेरे कपड़े खोल डाले। वैसे मुझे पराये मर्दों के आगे नंगी होने में बड़ा मज़ा आ रहा था। मौसी भी रेनू के पति सनी का लन्ड हिलाने लगीं। वह भी नंगा था और मेरी बुर चोदी मौसी भी नंगी। मौसी की चूंचियां सबका मन मोह रहीं थीं।
रेनू ने मेरे पति को नंगा किया और उसका खड़ा लन्ड चारों तरफ से घुमा घुमा कर देखने लगी। पेल्हड़ चूमने लगी और लन्ड के टोपा पर जबान फिराने लगी। रेनू की नंगी चूत पर मेरे पति का हाथ चल रहा था। उसका दूसरा हाथ रेनू की गांड सहला रहा था। ऐसा लग रहा था की वह सबके पहले लण्ड रेनू की गांड में ही घुसेड़ देगा। हम तीनो बीवियां एक दूसरे के मरद का लन्ड चूसने लगीं। यह पहला मौक़ा है जब की हम लोग होली के मौके पर पतियों की अदला बदली करके चुदवाने का मन बनाया है। ऐसा लगता है की अब यह सिलसिला अक्सर होता रहेगा। मियों को भी परायी बीवी की चूत चटाने में बड़ा मज़ा आ रहा था। परायी बीवी चोदने का सपना बहन चोद हर आदमी को होता है और आज यह सपना पूरा हो रहा है। मुझे तो सबके लन्ड देखने में ही मज़ा आ रहा था और मरदों को दूसरों की बीवियां नंगी देखने में ?
इतने में मेरा पति सूरज सनी की बीवी चोदने लगा, सनी पवन की बीवी चोदने लगा और पवन सूरज की बीवी चोदने लगा यानी मुझे चोदने लगा। मुझे पवन का लन्ड बड़ा मज़ा देने लगा। मोटा लन्ड मेरी सबसे बड़ी कमजोरी है। मैं मोटा लन्ड बहुत पसंद करती हूँ क्योंकि मोटा लन्ड ही चूत में चारों तरफ से चिपक कर घुसता है, चूत के अंदर आता जता है। मैं अपने पति को भी मस्ती से रेनू की बुर लेते हुए देख रही थी। मुझे इस बात की ज्यादा ख़ुशी है की मैं अपने पति से सामने ही किसी दूसरे मरद से चुदवा रही हूँ।
मैंने मजाक करते हुए कहा :- मौसी जी, तेरी बहन की बिटिया की बुर ? तू भी उतनी ही चुदक्कड़ है जितनी तेरी बहन का भोसड़ा चुदक्कड़ है ? तेरे पति का लौड़ा तो जबरदस्त है। देखो न कितनी मस्ती से तेरी बहन की बेटी चोद रहा है ?
काजल मौसी ने भी उसी मस्ती से जबाब दिया :- बुर चोदी पूजा, तेरी माँ की बहन की चूत ? तू भी भोसड़ी की पराये मरद के लन्ड की बड़ी शौक़ीन है और यहाँ तू सबके सामने होली के मौके पर अपनी माँ की बहन की बुर चुदवा रही है। देखो न, रेनू का पति कैसे अपनी गांड से जोर लगा लगा कर तेरी माँ की बहन की बुर ले रहा है।
रेनू भी बोल पड़ी :- हाय पूजा, तेरा पति तो मेरी चूत के चीथड़े उड़ा रहा है यार। इसका लन्ड मादर चोद मोटा भी है और सख्त भी। मैं तो वैसे भी पराये मरद के लन्ड दीवानी हूँ और आज मुझे इतना दीवाना लौड़ा मिला है जिसकी जितनी तारीफ करूँ उतना कम है। अब तो मैं अक्सर तेरे पति से चुदवाया करुँगी। इस तरह तीनो बीवियां वाकई बड़ी मस्ती से चुदवा रही थी।
यह बात सच है की अगर चुदवाने वाली बीवियां मन से चुदवाये तो चोदने वालों को ज्यादा मज़ा आता है। तब तक मौसा मुझे पीछे से चोदने लगा। जैसे ही लौड़ा उसने मेरी चूत में रखा वैसे ही मैंने कहा देखो भोसड़ी के मौसा मेरी गांड में लौड़ा मत पेल देना। मुझे गांड मराने का बिलकुल शौक नहीं है। तब तक उसने दन्न से लौड़ा मेरी चूत में घुस गया। वह बोला मुझे भी गांड मारने का कोई शौक नहीं है पूजा। मेरे बगल में रेनू भी पीछे से मेरे पति का लन्ड ले रही थी और काजल मौसी तो रेनू के पति सनी के लन्ड पर बैठी थी। वह लन्ड चोदने का मज़ा लेने लगी। उसने कहा पूजा भगवान् करे की होली हर दिन आये ! तभी तो पराये मरदों से चुदवाने का मज़ा मिला करेगा। उधर से रेनू बोली अरे यार जब मन हो तभी मना लो होली। अगर दूसरों से चुदवाने का इतना मन है जब चाहो तब चुदवाओ और मनाओ होली। मेरे पति का लन्ड तेरे लिए हमेशा तैयार है।
ऐसी ही मस्ती और गन्दी गन्दी बातें करते हुए हम सब चुदाई का आनंद लेने लगीं। थोड़ी देर में मैं तो खलास होने लगी। मेरी चूत ढीली हो गयी और मौसा का लन्ड भी बोल गया। मैं उसका झड़ता हुआ लन्ड चाटने लगी। उधर मैंने देखा की रेनू भी मेरे मियां का लन्ड चाट रही है और मौसी भी सनी का लन्ड मुंह में घुसेड़े हुए पी रहीं हैं। हम सब एक दूसरे को देख देख कर खुश होने लगी। चुदाई के बाद हमने नंगे नंगे ही डिनर किया और ढेर सारी खुली खुली अश्लील बातें की।
जब दूसरी पारी शुरू हुई तो मैंने लपक कर सनी का लन्ड पकड़ लिया। मैंने उसे चूमा और प्यार से हिलाने लगी। लन्ड साला एकदम से खड़ा हो गया। मैंने उसका सुपाड़ा फिर चूमा और उसके चारों तरफ अपनी जबान घुमाने लगी। तब तक मौसी ने मेरे पति सूरज का लन्ड अपने कब्जे में ले लिया। उसका लन्ड मौसी के हाथ में जाकर छलागें मारने लगा। मेरा पति मौसी की बड़ी बड़ी चूँचियों से खेलने लगा। उधर रेनू के हाथ में मौसा का लन्ड आ गया। वह बोली हाय पूजा तेरे मौसा का लौड़ा तो साला बड़ा मोटा है। सच बताओ क्या तुमने आज से पहले कभी अपने मौसा से चुदवाया ? कभी इसका लन्ड पकड़ा और अपनी चूत में पेला। मैंने कहा नहीं यार मैंने पहले कभी इसका लौड़ा नहीं पकड़ा लेकिन मेरा मन बहुत दिनों से इसका लन्ड पकड़ने का था। यह बात सच है की मैं इससे चुदवाना भी चाहती थी। आज मेरी इच्छा पूरी हुई। अब मुझे इसका लन्ड का स्वाद मिल गया है।
तब मौसी बोली अरे रेनू मुझे भी पूजा के पति के लन्ड का स्वाद मिल गया है। पूजा की माँ का भोसड़ा। अगर ये मेरे पति का लन्ड चोदेगी तो मैं भी इसके पति का लन्ड चोदूंगी। हम लोग इसी तरह की बातें कर ही रहीं थीं की मेरे पति ने मेरी मौसी की चूत में घुसा दिया लन्ड। सूरज पवन की बीवी चोदने लगा। पवन सनी की बीवी चोदने लगा। और सनी सूरज की बीवी यानी मुझे चोदने लगा। तीनो मरद आपस में एक दूसरे की बीवी चोदने का मज़ा लूटने लगे।
उसके बाद तो मेरे पति ने अपने कुछ दोस्तों के साथ बीवियों की अदला बदली की तब मुझे रोहित, संजय, विपुल और जॉन से चुदवाने का सुनहरा मौक़ा मिला। इन चारों के लन्ड से मैंने खूब जी भर के चुदवाया। धीरे धीरे कई लोगों को मालूम हो गया की हम लोग "wife swapping" करते हैं।
एक दिन मैं अपने पति के साथ शाम को बैठी हुई बियर पी रही थी। तभी अचानक उसके दोस्त का फोन आ गया। उसने मोबाइल स्पीकर पर लगा दिया।
वह बोला यार सूरज मैं बलराम बोल रहा हूँ।
अरे वाह ! बहुत दिनों के बाद याद किया तुमने यार। कहाँ थे अब तक ?
मैं दो साल के लिए विदेश चला गया था। अभी पिछले हफ्ते ही वापस आया हूँ।
और भाभी कैसी हैं ? सब ठीक ठाक है न ?
हां यार सब ठीक है। मैंने सुना है सूरज की तुम "wife swapping" करते हो ?
हां करता तो हूँ।
तो फिर मेरे साथ करो न ? मुझे मेरी बीवी हर रोज़ याद दिलाती है। हम जब अमेरिका में थे तो हर रोज़ रात में "wife swapping" की पार्टी में जाया करते थे और खूब एन्जॉय करते थे। जब से यहाँ आया हूँ तब से कोई ऐसा मिल ही नहीं रहा है। मेरी बीवी तो पराये मरद के लिए तरस रही है।
अरे यार तो फर क्या ? अभी आ जाओ न मेरी बीवी भी तम्हे पूंछ रही है।
बस बलराम अपनी बीवी बबली के साथ आधे घंटे में आ गया। मैं उसे देख कर खुश हो गयी और सूरज उसकी बीवी को देख कर। हमने पहले शराब पीने का इंतज़ाम किया और फिर एकदम मस्त चुदाई का। मैंने देखा की मुझसे ज्यादा बेशर्म बबली थी पराये मरद से चुदवाने में। मैं बलराम से चुदवाने लगी और बबली मेरे पति से चुदवाने लगी। वह बोली यार सूरज मैं तो पराये मरदों से गांड भी मरवाती हूँ। आज तुम अपनी बीवी के सामने मेरी गांड भी मारो। मेरा पति बोला बबली भाभी मुझे गांड मारना नहीं आता ? वह बोली मैं तुम्हे सिखा दूँगी की कैसे मारी जाती है गांड ? उसने जब मेरे पति को गांड मारना सिखाया तो मैंने भी उससे गांड मरवाना सीख लिया। उस दिन मुझे मालूम हुआ की गांड मरवाने का मज़ा भी कितना मस्त होता है ? मैंने बलराम से कई बार चुदवाया तो कई बार गांड भी मरवाया।
तो दोस्तों, ऐसा होता है होली में चुदाई का मज़ा ?
सास हो, बहू हो, नन्द बेटियां
हैं तो भोसड़ी की बुर चोदी बीवियां
चूत चोदो बुर चोदो और चूंचियां
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होली का माहौल होता ही है मस्ती का ? सारे गिले शिकवे भुला कर लोग एक दूसरे को रंग लगा कर होली का जश्न मनाते हैं। होली के रंग में सब लोग रंग जातें हैं । जान पहचान वालों को तो रंग लगाया की जाता है लेकिन ऐसे मौके पर तो अनजान लोगों को भी रंग दिया जाता है और कोई बुरा नहीं मानता बल्कि लोग उसे एन्जॉय करतें हैं। होली में छोटा बड़ा कुछ नहीं होता कोई भी किसी के ऊपर रंग डाल सकता है। रंग लगा सकता है। पर असली तो बात यह है की जब तक किसी की चूँचियों पर रंग न लगाओ। किसी के लन्ड पर रंग न लगाओ। किसी के कपड़ों के अंदर हाथ डाल सब जगह रंग न लगाओ, तब तक होली का असली मज़ा नहीं आता। जब कोई चूत में रंग न लगाए, कोई चूतड़ों पर रंग न पोते, लन्ड पर रंग लगा लगा कर उसे लाल पीला हरा बैगनी न करे, पेल्हड़ को अच्छी तरह न रंगें तब तक होली, होली नहीं होती। होली का असली मज़ा तो चुदाई में आता है।
जब तक देवर भाभी की बुर न चोदे। जब तक जीजा अपनी साली की बुर न ले, जब तक कोई अपनी साले की बीवी न चोदे, जब तक कोई मौसा का लौड़ा न पकड़े, जब तक साली अपने जीजा का लन्ड न हिलाये, जब तब नंदोई चूत में लन्ड न पेले तब तक होली कोई होली है क्या ? होली में जब तक प्यार की गालियां न दी जायें, एक दूसरे का मजाक न उड़ाया जाये, एक दूसरे कपड़े न फाड़े जायें , एक दूसरे को नंगा और नंगी न कियी जाये तब तक होली कोई होली है क्या ? अरे होली में तो चोदा चोदी जबरदस्त होती है। होली में किसी भी चूत चोदी जा सकती है और किसी का नद पकड़ा जा सकता है। इस दिन सब छूट होती है। इसीलिए कहा गया है की होली में बाबा भी देवर लगता है। यानी होली में बहू बाबा का भी लन्ड पकड़ सकती हैं।
मेरा नाम मिसेज पूजा है दोस्तों, मैं कानपूर में अपने हसबैंड के साथ रहती हूँ। मेरी शादी के अभी दो साल ही हुए हैं। कानपुर की होली बहुत मशहूर है। यहाँ की जैसी मौज़ मस्ती की होली कहीं और नहीं होती ? मेरी मौसी काजल भी यहीं रहती हूँ। मजे की बात यह है की वह मुझसे केवल दो साल ही बड़ी हैं। इसलिए वह मुझे अपनी सहेली ही मानती हैं। उसके हसबैंड पवन बड़े हंसमुख आदमी है, स्मार्ट और हैंडसम हैं। हम चारों लोग होली की मस्ती में ही थे और उसी तरह की हंसी मजाक की बातें हो रहीं थीं। इतने में मेरी एक सहेली मिसेज रेनू होली खेलने अपने हसबैंड सनी के साथ आ गयी। मैं तो उन्हें देख कर बड़ी खुश हुई। थोड़ी देर तक हम सबने होली खेला। एक दूसरे के रंग लगाया और फिर बैठ कर थोड़ा व्हिस्की पीने लगीं। मेरे देखा की मेरे पति ने रेनू की चूँचियों पर भी रंग लगा दिया। रेनू ने अपना हाथ उसके लन्ड तक पहुंचा दिया था। मैंने भी सनी के लौड़े पर हाथ मारा था। सनी में भी अपना हाथ मेरे ब्लाउज़ के अंदर घुसेड़ दिया था। इसी बीच मैंने मौसा का लौड़ा भी इधर उधर हिलाने की कोशिश की और उसने भी मेरी चूंचियां दबायीं। मेरी मौसी मेरे पति का लन्ड छूने की कोशिश कर रही थी . सबके मन में कुछ न कुछ चल रहा था। मेरी नज़र तो मौसा और सनी के लन्ड पर थी। रेनू और मौसी की नज़र भी एक दूसरे के मियां के लन्ड पर थी। इसी तरह तीनो मरद भी एक दूसरे की बीवी की चूंचियां खूब ललचाई नज़रों से देख रहे थे।
सब लोग शराब पीने लगे। बीवियां तो ज्यादा मस्ती से शराब पी रहीं थीं। बातें होने लगीं, धीरे धीरे गन्दी गन्दी बातें और अश्लील बाते भी होने लगीं। लन्ड, बुर, चूत, भोसड़ा, गांड, झांट भी होने लगा तो मस्ती और बढ़ने लगी। बहन चोद मादर चोद भोसड़ी के लौड़े से सब कुछ होने लगा। लोग एक दूसरे से खुलने लगे। शर्म धीरे धीरे गायब होने लगी।
तब तक मैंने एक शेर सुना दिया -
शराब इतना पियो मयखाने में
की माँ चुद जाये बहन चोद घर जाने में
सबने तालियां बजायी और मज़ा लिया। इतने में मेरे पति ने भी सुना दिया -
मिल जाए तो चोदो चूत
न मिले तो उसकी माँ की चूत
मौसा ने भी एक बात कह दी -
चंदू के चाचा ने चंदू की चाची को चांदनी रात में चादर के नीचे चार बार चोदा
सबने खूब मज़ा लिया और ठहाका लगाया।
तब तक सनी बोला : -
लड़की - मम्मी, आज एक लड़के ने मेरी चूंची दबा दी।
मम्मी - तो तूने उसे चाटा नहीं मारा ?
लड़की - नहीं मम्मी, मुझे गाँधी जी की याद आ गयी तो मैंने दूसरी चूंची भी उसके आगे कर दी।
मस्तियाँ बढ़ती ही जा रही थीं।
सनी की बीवी रेनू को भी कुछ याद आया वह भी सुनाने लगी :-
एक लड़की लन्ड पकड़ कर ऊपर नीचे कर रही थी।
लड़का - आज क्या चुदवाने का मन कर रहा है, तुम्हारा ?
लड़की - नहीं, मुझे २/३ लिफ़ाफ़े चिपकाने हैं इसलिए तेरे लन्ड का गोंद निकाल रही हूँ।
मेरी काजल मौसी भी कम न था। उसने भी सुना दिया -
मुसीबत में यह मत सोंचो की कौन काम आएगा ?
बल्कि ये सोंचो की कौन अपनी बीवी चुदवायेगा ?
ग़ैर मरद के लन्ड चूसती, सभी बीवियां मस्त
मियां चोदते सबकी बीवी, लन्ड हो गए पस्त
मैंने कहा तब तो मेरा मौसा अपनी बीवी जरूर चुदवा लेगा। तब तक मौसी बोली हाय दईया तेरे पति भी कम नहीं है पूजा। वह भी अपनी बीवी चुदवा लेगा ? उधर से रेनू बोली तो क्या तुम लोग मेरे पति को कम समझती हो। जब सब लोग अपनी अपनी बीवी चुदवायेगें तो मेरा पति भी अपनी बीवी चुदवा लेगा। इस तरह सबने खूब मस्ती की, एन्जॉय किया और सबकी चूत में आग भी लग गयी। अब तो मरदों के मन में आ गया की आज हमें किसी और की बीवी चोदने को जरूर मिलेगी। उधर बीवियां भी सोंचने लगी चलो इसी बहाने हमें पराये मरदों के लन्ड पकड़ने का मौक़ा मिलेगा और उनसे चुदवाने का भी।
इधर सबकी चूत चुलबुलाने लगी तो उधर लन्ड भी साले कुलबुलाने लगे और माहौल बिलकुल गरम हो गया। शराब का नशा भी बहन चोद अपना काम करने लगा। इतने में मैं मौसा की तरफ झुक गयी और उसके गले में बाहें डाल दीं। मैंने कहा हाय मेरे मौसा जी ज़रा अंदर तक रंग लगा दो मेरे ? मैंने उसकी चुम्मी ले ली। तब तक मौसी सनी से चिपक गयीं। उसके पूरे बदन पर हाथ फिराने लगीं। फिर रेनू कहाँ रुकने वाली थी। वह मेरे पति सूरज की बाहों में चली गयी। मेरा पति उसे चिपका कर उसकी चूंचियां मसलना शुरू कर दिया। मियां भी परायी बीवी चोदने के लिए उतावले थे और बीवियां भी पराये मरद से चुदवाने के लिए बेताब हो रहीं थीं। यह सब नतीजा है ब्लू फिल्मो का जिन्हें देख देख कर आजकल की बीवियां पराये मर्दों से चुदवाने में कोई परहेज नहीं करती और लोग भी दूसरों की बीवियां चोद कर अपनी बीवी चुदवाने से परहेज नहीं करते।
फिल्मो के अलावा अब तो ऐसी ऐसी कहानियां लिखी जा रही है जिन्हें पढ़कर लोगों का मन दूसरों की बीवियां चोदने का हो जाता है और बीवियों का मन पराये मरदों से चुदवाने का हो जाता है। इसीलिए आजकल "बीवियों की अदला बदली" "हसबैंड की अदल बदली" ज्यादा होने लगी है । लोग एक दूसरे की बीवी चोद कर मज़ा लेते है और बीवियां एक दूसरे के हसबैंड से चुदवाकर कर मज़ा लेतीं हैं। सबसे अच्छी बात यह है की लोगों को अब अपनी बीवी चुदवाने में मज़ा आता है और बीवियों को भी अपने मरद को दूसरों की बीवियां चोदते हुए देखने में मज़ा आता है। इसलिए सब मिलजुल कर एन्जॉय करते हैं। अब वास्तव में ज़माना बदल रहा है। कहानियों में भी वही लिखा जाता है जो समाज में होता है या हो सकता है। इतने में मैंने मौसा जी का लौड़ा बाहर निकाल लिया। मैंने उसे एकदम नंगी कर दिया। मौसा ने भी मेरे कपड़े खोल डाले। वैसे मुझे पराये मर्दों के आगे नंगी होने में बड़ा मज़ा आ रहा था। मौसी भी रेनू के पति सनी का लन्ड हिलाने लगीं। वह भी नंगा था और मेरी बुर चोदी मौसी भी नंगी। मौसी की चूंचियां सबका मन मोह रहीं थीं।
रेनू ने मेरे पति को नंगा किया और उसका खड़ा लन्ड चारों तरफ से घुमा घुमा कर देखने लगी। पेल्हड़ चूमने लगी और लन्ड के टोपा पर जबान फिराने लगी। रेनू की नंगी चूत पर मेरे पति का हाथ चल रहा था। उसका दूसरा हाथ रेनू की गांड सहला रहा था। ऐसा लग रहा था की वह सबके पहले लण्ड रेनू की गांड में ही घुसेड़ देगा। हम तीनो बीवियां एक दूसरे के मरद का लन्ड चूसने लगीं। यह पहला मौक़ा है जब की हम लोग होली के मौके पर पतियों की अदला बदली करके चुदवाने का मन बनाया है। ऐसा लगता है की अब यह सिलसिला अक्सर होता रहेगा। मियों को भी परायी बीवी की चूत चटाने में बड़ा मज़ा आ रहा था। परायी बीवी चोदने का सपना बहन चोद हर आदमी को होता है और आज यह सपना पूरा हो रहा है। मुझे तो सबके लन्ड देखने में ही मज़ा आ रहा था और मरदों को दूसरों की बीवियां नंगी देखने में ?
इतने में मेरा पति सूरज सनी की बीवी चोदने लगा, सनी पवन की बीवी चोदने लगा और पवन सूरज की बीवी चोदने लगा यानी मुझे चोदने लगा। मुझे पवन का लन्ड बड़ा मज़ा देने लगा। मोटा लन्ड मेरी सबसे बड़ी कमजोरी है। मैं मोटा लन्ड बहुत पसंद करती हूँ क्योंकि मोटा लन्ड ही चूत में चारों तरफ से चिपक कर घुसता है, चूत के अंदर आता जता है। मैं अपने पति को भी मस्ती से रेनू की बुर लेते हुए देख रही थी। मुझे इस बात की ज्यादा ख़ुशी है की मैं अपने पति से सामने ही किसी दूसरे मरद से चुदवा रही हूँ।
मैंने मजाक करते हुए कहा :- मौसी जी, तेरी बहन की बिटिया की बुर ? तू भी उतनी ही चुदक्कड़ है जितनी तेरी बहन का भोसड़ा चुदक्कड़ है ? तेरे पति का लौड़ा तो जबरदस्त है। देखो न कितनी मस्ती से तेरी बहन की बेटी चोद रहा है ?
काजल मौसी ने भी उसी मस्ती से जबाब दिया :- बुर चोदी पूजा, तेरी माँ की बहन की चूत ? तू भी भोसड़ी की पराये मरद के लन्ड की बड़ी शौक़ीन है और यहाँ तू सबके सामने होली के मौके पर अपनी माँ की बहन की बुर चुदवा रही है। देखो न, रेनू का पति कैसे अपनी गांड से जोर लगा लगा कर तेरी माँ की बहन की बुर ले रहा है।
रेनू भी बोल पड़ी :- हाय पूजा, तेरा पति तो मेरी चूत के चीथड़े उड़ा रहा है यार। इसका लन्ड मादर चोद मोटा भी है और सख्त भी। मैं तो वैसे भी पराये मरद के लन्ड दीवानी हूँ और आज मुझे इतना दीवाना लौड़ा मिला है जिसकी जितनी तारीफ करूँ उतना कम है। अब तो मैं अक्सर तेरे पति से चुदवाया करुँगी। इस तरह तीनो बीवियां वाकई बड़ी मस्ती से चुदवा रही थी।
यह बात सच है की अगर चुदवाने वाली बीवियां मन से चुदवाये तो चोदने वालों को ज्यादा मज़ा आता है। तब तक मौसा मुझे पीछे से चोदने लगा। जैसे ही लौड़ा उसने मेरी चूत में रखा वैसे ही मैंने कहा देखो भोसड़ी के मौसा मेरी गांड में लौड़ा मत पेल देना। मुझे गांड मराने का बिलकुल शौक नहीं है। तब तक उसने दन्न से लौड़ा मेरी चूत में घुस गया। वह बोला मुझे भी गांड मारने का कोई शौक नहीं है पूजा। मेरे बगल में रेनू भी पीछे से मेरे पति का लन्ड ले रही थी और काजल मौसी तो रेनू के पति सनी के लन्ड पर बैठी थी। वह लन्ड चोदने का मज़ा लेने लगी। उसने कहा पूजा भगवान् करे की होली हर दिन आये ! तभी तो पराये मरदों से चुदवाने का मज़ा मिला करेगा। उधर से रेनू बोली अरे यार जब मन हो तभी मना लो होली। अगर दूसरों से चुदवाने का इतना मन है जब चाहो तब चुदवाओ और मनाओ होली। मेरे पति का लन्ड तेरे लिए हमेशा तैयार है।
ऐसी ही मस्ती और गन्दी गन्दी बातें करते हुए हम सब चुदाई का आनंद लेने लगीं। थोड़ी देर में मैं तो खलास होने लगी। मेरी चूत ढीली हो गयी और मौसा का लन्ड भी बोल गया। मैं उसका झड़ता हुआ लन्ड चाटने लगी। उधर मैंने देखा की रेनू भी मेरे मियां का लन्ड चाट रही है और मौसी भी सनी का लन्ड मुंह में घुसेड़े हुए पी रहीं हैं। हम सब एक दूसरे को देख देख कर खुश होने लगी। चुदाई के बाद हमने नंगे नंगे ही डिनर किया और ढेर सारी खुली खुली अश्लील बातें की।
जब दूसरी पारी शुरू हुई तो मैंने लपक कर सनी का लन्ड पकड़ लिया। मैंने उसे चूमा और प्यार से हिलाने लगी। लन्ड साला एकदम से खड़ा हो गया। मैंने उसका सुपाड़ा फिर चूमा और उसके चारों तरफ अपनी जबान घुमाने लगी। तब तक मौसी ने मेरे पति सूरज का लन्ड अपने कब्जे में ले लिया। उसका लन्ड मौसी के हाथ में जाकर छलागें मारने लगा। मेरा पति मौसी की बड़ी बड़ी चूँचियों से खेलने लगा। उधर रेनू के हाथ में मौसा का लन्ड आ गया। वह बोली हाय पूजा तेरे मौसा का लौड़ा तो साला बड़ा मोटा है। सच बताओ क्या तुमने आज से पहले कभी अपने मौसा से चुदवाया ? कभी इसका लन्ड पकड़ा और अपनी चूत में पेला। मैंने कहा नहीं यार मैंने पहले कभी इसका लौड़ा नहीं पकड़ा लेकिन मेरा मन बहुत दिनों से इसका लन्ड पकड़ने का था। यह बात सच है की मैं इससे चुदवाना भी चाहती थी। आज मेरी इच्छा पूरी हुई। अब मुझे इसका लन्ड का स्वाद मिल गया है।
तब मौसी बोली अरे रेनू मुझे भी पूजा के पति के लन्ड का स्वाद मिल गया है। पूजा की माँ का भोसड़ा। अगर ये मेरे पति का लन्ड चोदेगी तो मैं भी इसके पति का लन्ड चोदूंगी। हम लोग इसी तरह की बातें कर ही रहीं थीं की मेरे पति ने मेरी मौसी की चूत में घुसा दिया लन्ड। सूरज पवन की बीवी चोदने लगा। पवन सनी की बीवी चोदने लगा। और सनी सूरज की बीवी यानी मुझे चोदने लगा। तीनो मरद आपस में एक दूसरे की बीवी चोदने का मज़ा लूटने लगे।
उसके बाद तो मेरे पति ने अपने कुछ दोस्तों के साथ बीवियों की अदला बदली की तब मुझे रोहित, संजय, विपुल और जॉन से चुदवाने का सुनहरा मौक़ा मिला। इन चारों के लन्ड से मैंने खूब जी भर के चुदवाया। धीरे धीरे कई लोगों को मालूम हो गया की हम लोग "wife swapping" करते हैं।
एक दिन मैं अपने पति के साथ शाम को बैठी हुई बियर पी रही थी। तभी अचानक उसके दोस्त का फोन आ गया। उसने मोबाइल स्पीकर पर लगा दिया।
वह बोला यार सूरज मैं बलराम बोल रहा हूँ।
अरे वाह ! बहुत दिनों के बाद याद किया तुमने यार। कहाँ थे अब तक ?
मैं दो साल के लिए विदेश चला गया था। अभी पिछले हफ्ते ही वापस आया हूँ।
और भाभी कैसी हैं ? सब ठीक ठाक है न ?
हां यार सब ठीक है। मैंने सुना है सूरज की तुम "wife swapping" करते हो ?
हां करता तो हूँ।
तो फिर मेरे साथ करो न ? मुझे मेरी बीवी हर रोज़ याद दिलाती है। हम जब अमेरिका में थे तो हर रोज़ रात में "wife swapping" की पार्टी में जाया करते थे और खूब एन्जॉय करते थे। जब से यहाँ आया हूँ तब से कोई ऐसा मिल ही नहीं रहा है। मेरी बीवी तो पराये मरद के लिए तरस रही है।
अरे यार तो फर क्या ? अभी आ जाओ न मेरी बीवी भी तम्हे पूंछ रही है।
बस बलराम अपनी बीवी बबली के साथ आधे घंटे में आ गया। मैं उसे देख कर खुश हो गयी और सूरज उसकी बीवी को देख कर। हमने पहले शराब पीने का इंतज़ाम किया और फिर एकदम मस्त चुदाई का। मैंने देखा की मुझसे ज्यादा बेशर्म बबली थी पराये मरद से चुदवाने में। मैं बलराम से चुदवाने लगी और बबली मेरे पति से चुदवाने लगी। वह बोली यार सूरज मैं तो पराये मरदों से गांड भी मरवाती हूँ। आज तुम अपनी बीवी के सामने मेरी गांड भी मारो। मेरा पति बोला बबली भाभी मुझे गांड मारना नहीं आता ? वह बोली मैं तुम्हे सिखा दूँगी की कैसे मारी जाती है गांड ? उसने जब मेरे पति को गांड मारना सिखाया तो मैंने भी उससे गांड मरवाना सीख लिया। उस दिन मुझे मालूम हुआ की गांड मरवाने का मज़ा भी कितना मस्त होता है ? मैंने बलराम से कई बार चुदवाया तो कई बार गांड भी मरवाया।
तो दोस्तों, ऐसा होता है होली में चुदाई का मज़ा ?
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