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Saas ke sath Nanad ki chudai - Saas aur Nanad ki chut me ek ek land
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एक लन्ड नन्द की बुर में दूसरा लन्ड सास के भोसड़ा में पेलूँगी
मैंने कमरे में घुसते ही कहा :- तेरी बुर चोदी बहू की बुर अम्मी।आज मैं तेरी बहू की बुर चोदूँगी।
तब तक पीछे से मेरी भाभी यानी अम्मी की बहू भी आ गयी। आते ही वह बोली :- तेरी बुर चोदी माँ की चूत। आज मैं तेरी माँ की बुर चोदूंगी, नन्द रानी ?
इतनी मस्त मस्त बातें सुनकर अम्मी से रहा न गया। वह भी बोली :- तेरी बुर चोदी नन्द की बुर बहू। आज मैं तेरी नन्द की बुर चोदूँगी
फिर हम तीनो खिलखिला कर हंसने लगीं। अम्मी ने फिर प्यार से गालियां शुरू कर दीं।
सास बोली - बहू, तेरी नन्द की माँ का भोसड़ा।
मैंने कहा - भाभी, तेरी सास की बिटिया की बुर.
बहू ने कहा - नन्द रानी, तेरी माँ की बहू की बुर.
एक बार फिर ठहाका लगा और सबने खूब एन्जॉय किया। क्योंकि हम तीनो ने अपनी अपनी ही चूत को गाली दी। पर सुनने में ऐसा लग रहा था जैसे हमने किसी को गाली दे है। तेरी बुर चोदी बहू की बुर अम्मी
मेरा नाम मलाला है। मैं इस समय २१ साल की हूँ खूबसूरत हूँ हॉट हूँ और बड़ी बड़ी मस्त चूँचियों वाली हूँ। मैं जब १५ साल की थी तभी से मेरे अंदर लन्ड पकड़ने की इच्छा जाग्रत हो गयी थी। मेरे मोहल्ले में एक अंकल थे रॉबर्ट। वह क्रिश्चियन थे और शराब खूब पीते थे। मैं उसके घर बहुत आया जाय करती थी। वह मुझे बहुत अच्छे लगते थे। मैं उससे खूब बातें करती थी और हंसी मजाक भी करती थी। वह अक्सर नंगे बदन रहते थे। मुझे उसका नंगा शरीर बड़ा हॉट लगता था। वह हमेशा एक ढीली ढीली नेकर पहना करते थे। कभी कभी उसकी हिलता हुआ लन्ड मुझे दिखाई देता था तो मैं उसे पकड़ने के लिए ललचा जाती थी। फिर मैं भी अपनी चूँचियाँ आधे से अधिक खोल कर उसके सामने बैठती थी। धीरे धीरे मैं उसके साथ शराब पीने लगी।
एक दिन मैंने मजाक मजाक में अपना हाथ उसकी नेकर में घुसेड़ दिया। मेरा हाथ उसके लन्ड से टकरा गया।
मैंने कहा - वाओ, इतना बड़ा बाप रे बाप ?
वह बोला - हाय बेबी क्या इतना बड़ा ? तुम जानती हो इसे क्या कहते हैं ?
हां जानती हूँ, अंकल।
तो फिर बताओ न इसे क्या कहतें हैं ?
इसे 'लन्ड' कहते हैं अंकल 'लन्ड'
कुछ और भी ,,,,,,,, ?
और 'लौड़ा' भी कहते हैं। कहीं कही इसे 'लांड' भी कहा जाता है।
क्या करता है ये लौड़ा बेबी मलाला ?
मैं मस्ती में आ गयी और बोली माँ चोदता है ये लौड़ा बहन चोद और क्या ? लड़कियों की बुर लेता है ये लौड़ा और क्या ? मुंह में घुस जाता है ये लौड़ा। गांड में भी घुस जाता है ये लौड़ा ? चूँचियों के बीच की सुरंग में घुस जाता है ये लौड़ा ? साला बड़ा हरामजादा मादर चोद भोसड़ी का होता है ये लौड़ा ?
मेरी बातें सुनकर उसका लौड़ा साला और तन कर खड़ा हो गया। मैंने उसे बाहर निकाल लिया और हिला हिला कर देखने लगी। तब तक उसने अपना हाथ मेरी चूँचियों पर रख दिया। मैं भी पूरी नंगी हो चुकी थी और वह भी पूरा नंगा। मेरा मुंह अपने आप खुल गया और मैं लन्ड पीने लगी। मुझे लन्ड पीने की आदत उसी दिन से पड़ गयी।
अब आपको लग रहा होगा की मैं अपनी अम्मी से कैसे खुल गयी और इतनी गन्दी गन्दी बातें कैसे करने लगी उसे प्यार से गालियां देने कैसे लगी और वह मुझे गालियां कैसे देने लगीं ? तो इसका भी एक मजेदार वाकिया है।
जब मैं साढ़े १७ साल की हुई तो एक दिन अपने पड़ोस की रहीमा आंटी के घर चली गयी। दरवाजा आंटी ने नहीं बल्कि उसकी बेटी ने खोला। मैंने कहा आंटी कहाँ हैं ? वह बोली अम्मी अंदर हैं ? तुम बैठो मैं उसे बताती हूँ। मैं कमरे में बैठ गयी। थोड़ी देर में उसकी बेटी आयी और बोली मलाला अम्मी तुम्हे अंदर बुला रहीं हैं। मैं जब अंदर गयी तो वहां का सीन देख कर दंग रह गयी। मैंने देखा की आंटी बिलकुल नंगी लेटी हैं और उसकी बेटी नंगी नंगी एक लन्ड पकड़े हुए आंटी की चूत में पेल रही है। आंटी बोली बेटी मलाला हैरान होने की कोई जरुरत नहीं है। यहाँ कुछ अजूबा नहीं हो रहा है। यहाँ बस मेरी बेटी अपनी माँ चुदवा रही है। तुम भी जवान हो गयी हो। बस एक साल में तुम बालिग हो जाओगी और तब तुम भी अपनी माँ इसी तरह चुदवाना ?
मैंने कहा - हाय आंटी क्या कह रहीं हैं आप ?
वह बोली - हां मलाला मैं सच कह रही हूँ। तेरी माँ तुझे बालिग़ होने का इंतज़ार कर रही है। जब तू १८ + की हो जाएगी तब तेरी अम्मी तुझे लन्ड पकड़ा देगी और कहेगी लो बेटी इसे अपनी माँ की चूत में पेलो। आज से अपनी माँ चुदाना शुरू कर दो। और फिर वह भी एक लन्ड तेरी चूत में पेल देगी और कहेगी जैसे मैं अपनी बेटी चुदाना शुरू कर रही हूँ। मैंने भी ऐसे ही किया और देखो आज मेरी बेटी बुर चोदी अपनी माँ का भोसड़ा कितनी मस्ती से चुदवा रही है। तब तक एक और आदमी एकदम नंगा नंगा बाथ रूम से निकल आया। मैं उसका लन्ड देख कर दंग रह गयी। उसका लन्ड बिलकुल रॉबर्ट अंकल के लन्ड की तरह था। तेरी माँ मेरी पक्की सहेली है मलाला। हम दोनों ने यह तय किया था की हमारी बेटियां जवानी में खूब मस्ती करें। एक से एक बेहतरीन लन्ड पकड़े अपनी बुर चुदवायें और अपनी माँ का भोसड़ा चुदवायें ? बड़े होटलों में जायें बड़े बड़े लोगों के लन्ड पकड़े उनका मनोरंजन करें, उनसे चुदवायें और खूब पैसा पैदा करें। हम दोनों ने यही किया देखो आज हमारे पास करोड़ों की समपत्ति है। चुदवाने का पैसा भी खूब मिलता है और लन्ड भी खूब मिलते हैं।
आंटी के ये बातें सुनकर मैं मन ही मन बहुत खुश हुई। उसे क्या मालूम की मैं दो साल से लन्ड पकड़ रही हूँ। लन्ड पी रही हूँ और लन्ड पेल भी रही हूँ चूत में ? उस दिन मैंने आंटी का भोसड़ा चोदा और उसकी बेटी की बुर भी . उन दोनों ने मिलकर मेरी बुर खूब मस्ती से चोदी।
मैं घर चली आई. अब मुझे मालूम हो गया की मेरी अम्मी के मन में क्या चल रहा है ? वह तो केवल ६ महीने का इंतज़ार रही है उसके बाद वो लौड़ा मेरे हाथ में पकड़ा देगी। मैं भी ६ महीने का इंतज़ार कर रही हूँ उसके बाद मैं लौड़ा उसकी चूत में ठोंक दूँगी। खैर किसी तरह मैं १८ साल की हो गयी और अम्मी ने मेरा बर्थ दे मनाया। मैं पैदा हुई थी सवेरे और बर्थ मनाया जा रहा था शाम को। मतलब यह की मैं १८ + की हो गयी थी। मेरे दिल में खलभली मची हुई थी। अम्मी के सामने लन्ड पकड़ने की चाहत बढ़ती जा रही थी। रहीमा आंटी की तरह माँ का भोसड़ा चुदाने का मन कर रह था। मेरी चूत में आग लगी थी और अम्मी की हरकतों को भी देख रही थी। ख़ैर केक कटा बर्थ डे का गाना गया। केक बांटा गया और फिर डांस भी होने लगा। डांस में लड़के भी थे और लड़कियां भी आंटी भी थीं और अंकल भी।
धीरे धीरे डांस में सबके कपड़े अस्त व्यस्त होने लगे। लड़के और लड़कियां मस्त होने लगीं। किसी को भी अपने कपड़ों पर कोई कण्ट्रोल नहीं रहा। लड़कियों की चूँचियाँ दिखने लगी तो लड़कों के हिलाते हुए लन्ड नज़र आने लगे। किसी की गांड दिखने लगी तो किसी की झांटें। किसी की मोटी मोटी जांघें दिखने लगीं। आंटिया कुछ ज्यादा ही मस्त थीं। डांस में कभी कभी भोसड़ा पर नज़र चली जाती थी। २/३ लड़कों के लन्ड का सुपाड़ा भी दिखने लगा। फिर सबके लिए डिनर हुआ और कुछ लोग जाने भी लगे। लेकिन कुछ लोग खाने के बाद भी नाचने लगे। इस बार का डांस कुछ ज्यादा ही सेक्सी और हॉट था। असगर, थामस और अकरम अंकल थे। लड़कों में अनीस, हसन और टोनी थे। आंटी रेहाना और उसकी बेटी भी थी। रूबी और नज़मा नाम की दो लड़कियां भी थीं। मैं और मेरी अम्मी।
इतने लोग मस्ती के मूड में आ गए। थोड़ी देर में मैंने देखा की रेहाना आंटी ने अपनी ब्रा खोल दी और वह चूँचियाँ हिला हिला कर नाचने लगी। उसकी बेटी ने तो सलवार भी उतार दिया। वह मादर चोद एकदम नंगी हो गयी। थामस अंकल का लन्ड साफ़ साफ दिखाई पड़ रहा था। अकरम की छोटी छोटी झांटें नज़र आ रही थी। अम्मी का भोसड़ा खुल चुका था और लड़को के लन्ड टन टना उठे थे। मैं भी नंगी हो चुकी थी। ५ मिनट में सब लोग नंगे नज़र आ गये। मैं सबके लन्ड देखने लगी। मरद सारे सबकी चूँचियाँ और चूत देखने लगे। डांस बड़ी जोरों से चल रहा था।
तब अचानक अम्मी ने कहा मलाला तेरी जवानी में तो माशा अल्ला बड़ा निखार आ गया है। तेरी माँ की चूत बहन चोद। आज से तू शुरू कर दे लन्ड पीना ? उसने फटाक से थामस का मोटा लन्ड पकड़ कर मेरे हाथ में रख दिया। अम्मी बोली ले बुर चोदी मलाला मुंह में ले ले लन्ड और लूट ले जवानी का मज़ा । मुझे भी मस्ती आ गई तो मैंने कहा तेरी बेटी की बुर अम्मी। मैं लन्ड पियूँगी भी और पेलूँगी भी। आज तेरा बेटी चोद भोसड़ा मुझसे बच कर नहीं जाने पायेगा। आज मैं इसकी धज्जियां उड़ा दूँगी। मैंने थामस अंकल का लौड़ा मुंह में डाला और चूसने लगी। इतना मोटा लन्ड आज पहली बार मेरे हाथ में आया है। मैंने देखा की रहीमा आंटी अनीस का लौड़ा हिला रही है और उसकी बेटी अकरम अंकल का लन्ड चाट रही है। अम्मी ने हसन के लँड़पर हमला बोल दिया। उसका टन टनाता लन्ड अपनी चूँचियों के बीच घुसेड़ लिया। रूबी का दिल असगर के लन्ड पर आ गया और नज़मा भोसड़ी की टोनी के लन्ड से। हम सभी के हाथ में एक एक लन्ड था लेकिन नज़र बहन चोद सबके लन्ड पर थी। सब सबको लन्ड चूसती हुई देख भी रहीं थीं।
रहीमा आंटी ने कहा - देखा मलाला मैं कह रही थी न की तेरी माँ भोसड़ी की तेरे जवान होने का इंतज़ार कर रही है। आज तू १८ + की हुई तो तेरे हाथ में लन्ड रख दिया।
मैंने कहा - हां आप सही कह रही थी। आज मैं जवान हो गयी हूँ तो देखो मैंने अपनी माँ के भोसड़ा पर लन्ड रख दिया। मैंने ऐसा कह कर थामस अंकल का लन्ड अम्मी की चूत पर रखा और ऊपर से दबा दिया। लन्ड गप्प से घुस गया अंदर।
आंटी बोली - हाय अल्ला, तू तो आज से ही अपनी माँ चुदाने लगी मलाला ?
तब तक आंटी की बेटी ने अकरम का लन्ड अपनी माँ की बुर पर रखा और फिर एक ही धक्के से अंदर घुसा दिया।
वह बोली - यार मलाला, देख मैं भी तेरे सामने माँ चुदा रही हूँ अपनी।
मैंने कहा - तेरी माँ की चूत साली तू तो बहुत हरामजादी है।
कमरे में पूरा मस्ती का माहौल हो गया और चुदाई की आवाज़ों से गूंजने लगा। मस्ती बढ़ने लगी और तब आंटी की बेटी ने हसन का लन्ड पकड़ लिया और उससे चुदवाने लगी। इधर रूबी ने टोनी का लन्ड धार दबोचा और उसे अपने घुसाया। उधर नज़मा ने असगर का लन्ड घुसेड़ लिया। एक बार फिर सब बहन चोद झमाझम चुदवाने लगीं। मैं इस बात से खुश थी चलो आज से मैं किसी से भी चुदवा सकती हूँ अब तो अम्मी का कोई न कोई डर है और न उससे कोई शर्म। उसे भी आज़ादी मिल गयी। वह भी मेरे सामने कसी से भी चुदवा सकती थी। मैंने ठान लिया की अब मैं कॉलेज के सभी लड़कों के लन्ड अपनी माँ की चूत में पेला करूंगी और खूब एन्जॉय करुँगी। अम्मी भी अपनी बेटी की बुर चुदवाने में कोई कसर उठा नहीं रखेगी।
कुछ दिन बाद मेरी भाभी नायरा आ गयी। एक दिन हम तीनो बैठी हुई शराब भी पी रही थीं और गरमागरम बातें भी कर रही थीं।
अम्मी बोली :- बेटी मलाला तेरी माँ का भोसड़ा मादर चोद बहुत हरामजादा है। मैं जितने लन्ड इसमें घुसाती हूँ उतने ही लन्ड यह और मांगता है।
मैंने कहा :- अरे अम्मी तेरी बेटी की चूत कम है क्या भोसड़ी की ? खूब खुल्लम खुल्ला चुदवाती है और किसी का भी लन्ड घुसेड़ लेती है।
हम दोनों की बातें सुनकर भाभी बड़ी हैरान हो गयीं। वह सोचने कागि की जब मैं माईके गयी थी तब तक तो ऐसा कुछ नहीं था। अब क्या हो गया जो ये दोनों इतनी गन्दी गन्दी और गालियों से बातें कर रहीं हैं। तभी अम्मी ने बात साफ़ की।
वह बोली :- अरे बहू, तेरी नन्द बुर चोदी अपनी माँ चुदवाने लगी है। अपनी माँ के भोसड़ा में लन्ड पेलने लगी है।
मैंने कहा :- हां भाभी और तेरी सास अपनी बिटिया की बुर चुदवाती है। लौड़ा घुसती है उसकी चूत में ?
अम्मी ने कहा :- अच्छा बहू, यह बताओं की तेरी माँ का भोसड़ा कितना बड़ा है ?
बहू ने कहा :- उसका भोसड़ा बहुत बड़ा सासू जी। बड़े बड़े लन्ड नंगे पाँव उसके भोसड़ा में उतर जातें हैं। मेरे कुनबे के सारे लन्ड उसका भोसड़ा पहचानता है ?
अम्मी बोली :- और तेरे बाप का लन्ड कैसा है बहू रानी ?
बहू ने कहा :- वह तो मैं तेरे भोसड़ा में पेल कर बताऊंगी सासू जी। अपनी नन्द की चूत में पेलूँगी अपने बाप का लन्ड। तब तेरी बेटी बताएगी की कितना बड़ा है मेरे बाप का लन्ड ?
मैंने कहा :- अम्मी तेरी बुर चोदी बहू की बुर बहुत आवारा है। मैं किसी दिन इसकी बुर चोद डालूंगी ?
बहू बोली :- सासू जी, तेरी बहू की नन्द की बुर ?
सास ने कहा :- तू चिंता न कर मैं तेरी नन्द की भी बुर चोदूँगी और तेरी भी बुर चोदूँगी ? बात करते करते हम सबकी चूत चूँचियाँ गांड सब खुली जा रहीं थी और हम लोग बुरी तरह चुदासी हो गयीं। अब तो हमें लन्ड की सख्त जरुरत थी। मैंने चुपचाप लन्ड का इंतज़ाम कर लिया था। मुझे मालूम था की आज मेरी भाभी आने वाली है और मैं उसकी बुर में लन्ड जरूर पेलूँगी। अम्मी की बहू की बुर जरूर चोदूँगी। और फिर उसकी सास का भोसड़ा। मुझे पानी बुर चुदाने से ज्यादा मज़ा दूसरों की बुर चुदाने आता है। तब तक किसी ने डोर बेल बजा दी। मैंने दरवाकजैः खोला तो सामने ४ लड़के खड़े थे।
मैंने कहा - आ गए तुम सब लोग भोसड़ी वालों ? मैं तेरा ही इंतज़ार कर रही थी। आओ अंदर आओ और बैठो। वो सब अंदर आकर बैठ गये। अंदर मेरी अम्मी साजिया भीं थीं, मैं मलाला और मेरी भाभी नायरा थी। मैंने कहा अम्मी ये है ताबीर अहमद ? और सब इसके दोस्त। एक है मादर चोद अरीब खान दूसरा माँ का लौड़ा है तनबीर अहमद तीसरा है बहन चोद साबिर अली। फिर मैंने उन लोग से कहा ये है मेरी भोसड़ी की अम्मी साजिया और ये है मेरी बूर चोदी भाभी नायरा . इसी बात से माहौल में गर्मी छा गयी। शराब का दौर चालू था ही। फिर मैंने फिर कहा आज मैंने तुम लोगों की अपनी माँ चोदने के लिए बुलाया है और साथ साथ उसकी बहू की बुर चोदने के लिए भी।
तब तक भाभी बोली - इतना ही नहीं मैं भी तुम्हारे लन्ड पेल पेल कर अपनी नन्द की बुर चोदूँगी।
अम्मी से न रहा गया। वह भी बोली - मैं भी अपनी बेटी की चूत और बहू की बुर झमाझम चुदवाऊंगी ?
फिर मैंने साबिर अली का पैजामा खोला और उसमे हाथ घुसेड़ कर लन्ड पकड़ लिया। भाभी ने तनबीर अहमद के लन्ड पर धावा बोल दिया। वह भी मजे से लौड़ा हिलाने लगी और अम्मी ने एक हाथ से ताबीर का लन्ड पकड़ा और दूसर हाथ से अरीब का लन्ड। तीनो लन्ड जैसे ही बाहर निकले वैसे ही हम सबकी चूत की आग और भड़क गयी। लन्ड देख कर मस्ती छा गयी, मुंह से लार टपकने लगी और लन्ड चाटने की इच्छा भड़क उठी। तब तक मैंने अपने कपड़ें उतारे और नंगी हो गयी। मुझे देख कर भाभी ने भी अपना नंगा बदन सबको दिखा दिया। उसके बाद अम्मी का नंगा भोसड़ा भी सबकी आँखों के सामने आ गया। कोई भी लन्ड साला ८" से कम न था और मोटा तो इतना की एक मुठ्ठी में भी नहीं आ रहा था। मैंने भाभी कहा आज तो चुदेगी बहू की बुर और सास का भोसड़ा ?
तब तक भाभी बोली - आज तो मैं चोदूँगी अपनी नन्द की बुर और उसकी माँ की चूत ? भाभी ने लन्ड छोड़ दिया और ताबीर का लन्ड मेरी माँ के भोसड़ा में पेल दिया। फिर उसने अरीब का लन्ड मेरी चूत में घुसेड़ दिया उसके बाद वह खुद तनबीर और साबिर दोनों के लन्ड पकड़ कर हिलाने लगी। एक लन्ड अपने मुंह में लिया और दूसरा लन्ड अपनी चूत में ?
अम्मी बोली :- हाय मलाला तेरी भाभी तो बहुत बड़ी लन्ड बाज़ है ?
फिर हम तीनो मिलकर एक दूसरे की बुर में लन्ड पेलते हुए रात भर चुदवाती रहीं। माँ की चूत. सास का भोसड़ा, नन्द की चूत , बहू की बुर और बिटिया की बुर सब एक साथ भकाभक चुदती रहीं।
एक लन्ड नन्द की बुर में दूसरा लन्ड सास के भोसड़ा में पेलूँगी
मैंने कमरे में घुसते ही कहा :- तेरी बुर चोदी बहू की बुर अम्मी।आज मैं तेरी बहू की बुर चोदूँगी।
तब तक पीछे से मेरी भाभी यानी अम्मी की बहू भी आ गयी। आते ही वह बोली :- तेरी बुर चोदी माँ की चूत। आज मैं तेरी माँ की बुर चोदूंगी, नन्द रानी ?
इतनी मस्त मस्त बातें सुनकर अम्मी से रहा न गया। वह भी बोली :- तेरी बुर चोदी नन्द की बुर बहू। आज मैं तेरी नन्द की बुर चोदूँगी
फिर हम तीनो खिलखिला कर हंसने लगीं। अम्मी ने फिर प्यार से गालियां शुरू कर दीं।
सास बोली - बहू, तेरी नन्द की माँ का भोसड़ा।
मैंने कहा - भाभी, तेरी सास की बिटिया की बुर.
बहू ने कहा - नन्द रानी, तेरी माँ की बहू की बुर.
एक बार फिर ठहाका लगा और सबने खूब एन्जॉय किया। क्योंकि हम तीनो ने अपनी अपनी ही चूत को गाली दी। पर सुनने में ऐसा लग रहा था जैसे हमने किसी को गाली दे है। तेरी बुर चोदी बहू की बुर अम्मी
मेरा नाम मलाला है। मैं इस समय २१ साल की हूँ खूबसूरत हूँ हॉट हूँ और बड़ी बड़ी मस्त चूँचियों वाली हूँ। मैं जब १५ साल की थी तभी से मेरे अंदर लन्ड पकड़ने की इच्छा जाग्रत हो गयी थी। मेरे मोहल्ले में एक अंकल थे रॉबर्ट। वह क्रिश्चियन थे और शराब खूब पीते थे। मैं उसके घर बहुत आया जाय करती थी। वह मुझे बहुत अच्छे लगते थे। मैं उससे खूब बातें करती थी और हंसी मजाक भी करती थी। वह अक्सर नंगे बदन रहते थे। मुझे उसका नंगा शरीर बड़ा हॉट लगता था। वह हमेशा एक ढीली ढीली नेकर पहना करते थे। कभी कभी उसकी हिलता हुआ लन्ड मुझे दिखाई देता था तो मैं उसे पकड़ने के लिए ललचा जाती थी। फिर मैं भी अपनी चूँचियाँ आधे से अधिक खोल कर उसके सामने बैठती थी। धीरे धीरे मैं उसके साथ शराब पीने लगी।
एक दिन मैंने मजाक मजाक में अपना हाथ उसकी नेकर में घुसेड़ दिया। मेरा हाथ उसके लन्ड से टकरा गया।
मैंने कहा - वाओ, इतना बड़ा बाप रे बाप ?
वह बोला - हाय बेबी क्या इतना बड़ा ? तुम जानती हो इसे क्या कहते हैं ?
हां जानती हूँ, अंकल।
तो फिर बताओ न इसे क्या कहतें हैं ?
इसे 'लन्ड' कहते हैं अंकल 'लन्ड'
कुछ और भी ,,,,,,,, ?
और 'लौड़ा' भी कहते हैं। कहीं कही इसे 'लांड' भी कहा जाता है।
क्या करता है ये लौड़ा बेबी मलाला ?
मैं मस्ती में आ गयी और बोली माँ चोदता है ये लौड़ा बहन चोद और क्या ? लड़कियों की बुर लेता है ये लौड़ा और क्या ? मुंह में घुस जाता है ये लौड़ा। गांड में भी घुस जाता है ये लौड़ा ? चूँचियों के बीच की सुरंग में घुस जाता है ये लौड़ा ? साला बड़ा हरामजादा मादर चोद भोसड़ी का होता है ये लौड़ा ?
मेरी बातें सुनकर उसका लौड़ा साला और तन कर खड़ा हो गया। मैंने उसे बाहर निकाल लिया और हिला हिला कर देखने लगी। तब तक उसने अपना हाथ मेरी चूँचियों पर रख दिया। मैं भी पूरी नंगी हो चुकी थी और वह भी पूरा नंगा। मेरा मुंह अपने आप खुल गया और मैं लन्ड पीने लगी। मुझे लन्ड पीने की आदत उसी दिन से पड़ गयी।
अब आपको लग रहा होगा की मैं अपनी अम्मी से कैसे खुल गयी और इतनी गन्दी गन्दी बातें कैसे करने लगी उसे प्यार से गालियां देने कैसे लगी और वह मुझे गालियां कैसे देने लगीं ? तो इसका भी एक मजेदार वाकिया है।
जब मैं साढ़े १७ साल की हुई तो एक दिन अपने पड़ोस की रहीमा आंटी के घर चली गयी। दरवाजा आंटी ने नहीं बल्कि उसकी बेटी ने खोला। मैंने कहा आंटी कहाँ हैं ? वह बोली अम्मी अंदर हैं ? तुम बैठो मैं उसे बताती हूँ। मैं कमरे में बैठ गयी। थोड़ी देर में उसकी बेटी आयी और बोली मलाला अम्मी तुम्हे अंदर बुला रहीं हैं। मैं जब अंदर गयी तो वहां का सीन देख कर दंग रह गयी। मैंने देखा की आंटी बिलकुल नंगी लेटी हैं और उसकी बेटी नंगी नंगी एक लन्ड पकड़े हुए आंटी की चूत में पेल रही है। आंटी बोली बेटी मलाला हैरान होने की कोई जरुरत नहीं है। यहाँ कुछ अजूबा नहीं हो रहा है। यहाँ बस मेरी बेटी अपनी माँ चुदवा रही है। तुम भी जवान हो गयी हो। बस एक साल में तुम बालिग हो जाओगी और तब तुम भी अपनी माँ इसी तरह चुदवाना ?
मैंने कहा - हाय आंटी क्या कह रहीं हैं आप ?
वह बोली - हां मलाला मैं सच कह रही हूँ। तेरी माँ तुझे बालिग़ होने का इंतज़ार कर रही है। जब तू १८ + की हो जाएगी तब तेरी अम्मी तुझे लन्ड पकड़ा देगी और कहेगी लो बेटी इसे अपनी माँ की चूत में पेलो। आज से अपनी माँ चुदाना शुरू कर दो। और फिर वह भी एक लन्ड तेरी चूत में पेल देगी और कहेगी जैसे मैं अपनी बेटी चुदाना शुरू कर रही हूँ। मैंने भी ऐसे ही किया और देखो आज मेरी बेटी बुर चोदी अपनी माँ का भोसड़ा कितनी मस्ती से चुदवा रही है। तब तक एक और आदमी एकदम नंगा नंगा बाथ रूम से निकल आया। मैं उसका लन्ड देख कर दंग रह गयी। उसका लन्ड बिलकुल रॉबर्ट अंकल के लन्ड की तरह था। तेरी माँ मेरी पक्की सहेली है मलाला। हम दोनों ने यह तय किया था की हमारी बेटियां जवानी में खूब मस्ती करें। एक से एक बेहतरीन लन्ड पकड़े अपनी बुर चुदवायें और अपनी माँ का भोसड़ा चुदवायें ? बड़े होटलों में जायें बड़े बड़े लोगों के लन्ड पकड़े उनका मनोरंजन करें, उनसे चुदवायें और खूब पैसा पैदा करें। हम दोनों ने यही किया देखो आज हमारे पास करोड़ों की समपत्ति है। चुदवाने का पैसा भी खूब मिलता है और लन्ड भी खूब मिलते हैं।
आंटी के ये बातें सुनकर मैं मन ही मन बहुत खुश हुई। उसे क्या मालूम की मैं दो साल से लन्ड पकड़ रही हूँ। लन्ड पी रही हूँ और लन्ड पेल भी रही हूँ चूत में ? उस दिन मैंने आंटी का भोसड़ा चोदा और उसकी बेटी की बुर भी . उन दोनों ने मिलकर मेरी बुर खूब मस्ती से चोदी।
मैं घर चली आई. अब मुझे मालूम हो गया की मेरी अम्मी के मन में क्या चल रहा है ? वह तो केवल ६ महीने का इंतज़ार रही है उसके बाद वो लौड़ा मेरे हाथ में पकड़ा देगी। मैं भी ६ महीने का इंतज़ार कर रही हूँ उसके बाद मैं लौड़ा उसकी चूत में ठोंक दूँगी। खैर किसी तरह मैं १८ साल की हो गयी और अम्मी ने मेरा बर्थ दे मनाया। मैं पैदा हुई थी सवेरे और बर्थ मनाया जा रहा था शाम को। मतलब यह की मैं १८ + की हो गयी थी। मेरे दिल में खलभली मची हुई थी। अम्मी के सामने लन्ड पकड़ने की चाहत बढ़ती जा रही थी। रहीमा आंटी की तरह माँ का भोसड़ा चुदाने का मन कर रह था। मेरी चूत में आग लगी थी और अम्मी की हरकतों को भी देख रही थी। ख़ैर केक कटा बर्थ डे का गाना गया। केक बांटा गया और फिर डांस भी होने लगा। डांस में लड़के भी थे और लड़कियां भी आंटी भी थीं और अंकल भी।
धीरे धीरे डांस में सबके कपड़े अस्त व्यस्त होने लगे। लड़के और लड़कियां मस्त होने लगीं। किसी को भी अपने कपड़ों पर कोई कण्ट्रोल नहीं रहा। लड़कियों की चूँचियाँ दिखने लगी तो लड़कों के हिलाते हुए लन्ड नज़र आने लगे। किसी की गांड दिखने लगी तो किसी की झांटें। किसी की मोटी मोटी जांघें दिखने लगीं। आंटिया कुछ ज्यादा ही मस्त थीं। डांस में कभी कभी भोसड़ा पर नज़र चली जाती थी। २/३ लड़कों के लन्ड का सुपाड़ा भी दिखने लगा। फिर सबके लिए डिनर हुआ और कुछ लोग जाने भी लगे। लेकिन कुछ लोग खाने के बाद भी नाचने लगे। इस बार का डांस कुछ ज्यादा ही सेक्सी और हॉट था। असगर, थामस और अकरम अंकल थे। लड़कों में अनीस, हसन और टोनी थे। आंटी रेहाना और उसकी बेटी भी थी। रूबी और नज़मा नाम की दो लड़कियां भी थीं। मैं और मेरी अम्मी।
इतने लोग मस्ती के मूड में आ गए। थोड़ी देर में मैंने देखा की रेहाना आंटी ने अपनी ब्रा खोल दी और वह चूँचियाँ हिला हिला कर नाचने लगी। उसकी बेटी ने तो सलवार भी उतार दिया। वह मादर चोद एकदम नंगी हो गयी। थामस अंकल का लन्ड साफ़ साफ दिखाई पड़ रहा था। अकरम की छोटी छोटी झांटें नज़र आ रही थी। अम्मी का भोसड़ा खुल चुका था और लड़को के लन्ड टन टना उठे थे। मैं भी नंगी हो चुकी थी। ५ मिनट में सब लोग नंगे नज़र आ गये। मैं सबके लन्ड देखने लगी। मरद सारे सबकी चूँचियाँ और चूत देखने लगे। डांस बड़ी जोरों से चल रहा था।
तब अचानक अम्मी ने कहा मलाला तेरी जवानी में तो माशा अल्ला बड़ा निखार आ गया है। तेरी माँ की चूत बहन चोद। आज से तू शुरू कर दे लन्ड पीना ? उसने फटाक से थामस का मोटा लन्ड पकड़ कर मेरे हाथ में रख दिया। अम्मी बोली ले बुर चोदी मलाला मुंह में ले ले लन्ड और लूट ले जवानी का मज़ा । मुझे भी मस्ती आ गई तो मैंने कहा तेरी बेटी की बुर अम्मी। मैं लन्ड पियूँगी भी और पेलूँगी भी। आज तेरा बेटी चोद भोसड़ा मुझसे बच कर नहीं जाने पायेगा। आज मैं इसकी धज्जियां उड़ा दूँगी। मैंने थामस अंकल का लौड़ा मुंह में डाला और चूसने लगी। इतना मोटा लन्ड आज पहली बार मेरे हाथ में आया है। मैंने देखा की रहीमा आंटी अनीस का लौड़ा हिला रही है और उसकी बेटी अकरम अंकल का लन्ड चाट रही है। अम्मी ने हसन के लँड़पर हमला बोल दिया। उसका टन टनाता लन्ड अपनी चूँचियों के बीच घुसेड़ लिया। रूबी का दिल असगर के लन्ड पर आ गया और नज़मा भोसड़ी की टोनी के लन्ड से। हम सभी के हाथ में एक एक लन्ड था लेकिन नज़र बहन चोद सबके लन्ड पर थी। सब सबको लन्ड चूसती हुई देख भी रहीं थीं।
रहीमा आंटी ने कहा - देखा मलाला मैं कह रही थी न की तेरी माँ भोसड़ी की तेरे जवान होने का इंतज़ार कर रही है। आज तू १८ + की हुई तो तेरे हाथ में लन्ड रख दिया।
मैंने कहा - हां आप सही कह रही थी। आज मैं जवान हो गयी हूँ तो देखो मैंने अपनी माँ के भोसड़ा पर लन्ड रख दिया। मैंने ऐसा कह कर थामस अंकल का लन्ड अम्मी की चूत पर रखा और ऊपर से दबा दिया। लन्ड गप्प से घुस गया अंदर।
आंटी बोली - हाय अल्ला, तू तो आज से ही अपनी माँ चुदाने लगी मलाला ?
तब तक आंटी की बेटी ने अकरम का लन्ड अपनी माँ की बुर पर रखा और फिर एक ही धक्के से अंदर घुसा दिया।
वह बोली - यार मलाला, देख मैं भी तेरे सामने माँ चुदा रही हूँ अपनी।
मैंने कहा - तेरी माँ की चूत साली तू तो बहुत हरामजादी है।
कमरे में पूरा मस्ती का माहौल हो गया और चुदाई की आवाज़ों से गूंजने लगा। मस्ती बढ़ने लगी और तब आंटी की बेटी ने हसन का लन्ड पकड़ लिया और उससे चुदवाने लगी। इधर रूबी ने टोनी का लन्ड धार दबोचा और उसे अपने घुसाया। उधर नज़मा ने असगर का लन्ड घुसेड़ लिया। एक बार फिर सब बहन चोद झमाझम चुदवाने लगीं। मैं इस बात से खुश थी चलो आज से मैं किसी से भी चुदवा सकती हूँ अब तो अम्मी का कोई न कोई डर है और न उससे कोई शर्म। उसे भी आज़ादी मिल गयी। वह भी मेरे सामने कसी से भी चुदवा सकती थी। मैंने ठान लिया की अब मैं कॉलेज के सभी लड़कों के लन्ड अपनी माँ की चूत में पेला करूंगी और खूब एन्जॉय करुँगी। अम्मी भी अपनी बेटी की बुर चुदवाने में कोई कसर उठा नहीं रखेगी।
कुछ दिन बाद मेरी भाभी नायरा आ गयी। एक दिन हम तीनो बैठी हुई शराब भी पी रही थीं और गरमागरम बातें भी कर रही थीं।
अम्मी बोली :- बेटी मलाला तेरी माँ का भोसड़ा मादर चोद बहुत हरामजादा है। मैं जितने लन्ड इसमें घुसाती हूँ उतने ही लन्ड यह और मांगता है।
मैंने कहा :- अरे अम्मी तेरी बेटी की चूत कम है क्या भोसड़ी की ? खूब खुल्लम खुल्ला चुदवाती है और किसी का भी लन्ड घुसेड़ लेती है।
हम दोनों की बातें सुनकर भाभी बड़ी हैरान हो गयीं। वह सोचने कागि की जब मैं माईके गयी थी तब तक तो ऐसा कुछ नहीं था। अब क्या हो गया जो ये दोनों इतनी गन्दी गन्दी और गालियों से बातें कर रहीं हैं। तभी अम्मी ने बात साफ़ की।
वह बोली :- अरे बहू, तेरी नन्द बुर चोदी अपनी माँ चुदवाने लगी है। अपनी माँ के भोसड़ा में लन्ड पेलने लगी है।
मैंने कहा :- हां भाभी और तेरी सास अपनी बिटिया की बुर चुदवाती है। लौड़ा घुसती है उसकी चूत में ?
अम्मी ने कहा :- अच्छा बहू, यह बताओं की तेरी माँ का भोसड़ा कितना बड़ा है ?
बहू ने कहा :- उसका भोसड़ा बहुत बड़ा सासू जी। बड़े बड़े लन्ड नंगे पाँव उसके भोसड़ा में उतर जातें हैं। मेरे कुनबे के सारे लन्ड उसका भोसड़ा पहचानता है ?
अम्मी बोली :- और तेरे बाप का लन्ड कैसा है बहू रानी ?
बहू ने कहा :- वह तो मैं तेरे भोसड़ा में पेल कर बताऊंगी सासू जी। अपनी नन्द की चूत में पेलूँगी अपने बाप का लन्ड। तब तेरी बेटी बताएगी की कितना बड़ा है मेरे बाप का लन्ड ?
मैंने कहा :- अम्मी तेरी बुर चोदी बहू की बुर बहुत आवारा है। मैं किसी दिन इसकी बुर चोद डालूंगी ?
बहू बोली :- सासू जी, तेरी बहू की नन्द की बुर ?
सास ने कहा :- तू चिंता न कर मैं तेरी नन्द की भी बुर चोदूँगी और तेरी भी बुर चोदूँगी ? बात करते करते हम सबकी चूत चूँचियाँ गांड सब खुली जा रहीं थी और हम लोग बुरी तरह चुदासी हो गयीं। अब तो हमें लन्ड की सख्त जरुरत थी। मैंने चुपचाप लन्ड का इंतज़ाम कर लिया था। मुझे मालूम था की आज मेरी भाभी आने वाली है और मैं उसकी बुर में लन्ड जरूर पेलूँगी। अम्मी की बहू की बुर जरूर चोदूँगी। और फिर उसकी सास का भोसड़ा। मुझे पानी बुर चुदाने से ज्यादा मज़ा दूसरों की बुर चुदाने आता है। तब तक किसी ने डोर बेल बजा दी। मैंने दरवाकजैः खोला तो सामने ४ लड़के खड़े थे।
मैंने कहा - आ गए तुम सब लोग भोसड़ी वालों ? मैं तेरा ही इंतज़ार कर रही थी। आओ अंदर आओ और बैठो। वो सब अंदर आकर बैठ गये। अंदर मेरी अम्मी साजिया भीं थीं, मैं मलाला और मेरी भाभी नायरा थी। मैंने कहा अम्मी ये है ताबीर अहमद ? और सब इसके दोस्त। एक है मादर चोद अरीब खान दूसरा माँ का लौड़ा है तनबीर अहमद तीसरा है बहन चोद साबिर अली। फिर मैंने उन लोग से कहा ये है मेरी भोसड़ी की अम्मी साजिया और ये है मेरी बूर चोदी भाभी नायरा . इसी बात से माहौल में गर्मी छा गयी। शराब का दौर चालू था ही। फिर मैंने फिर कहा आज मैंने तुम लोगों की अपनी माँ चोदने के लिए बुलाया है और साथ साथ उसकी बहू की बुर चोदने के लिए भी।
तब तक भाभी बोली - इतना ही नहीं मैं भी तुम्हारे लन्ड पेल पेल कर अपनी नन्द की बुर चोदूँगी।
अम्मी से न रहा गया। वह भी बोली - मैं भी अपनी बेटी की चूत और बहू की बुर झमाझम चुदवाऊंगी ?
फिर मैंने साबिर अली का पैजामा खोला और उसमे हाथ घुसेड़ कर लन्ड पकड़ लिया। भाभी ने तनबीर अहमद के लन्ड पर धावा बोल दिया। वह भी मजे से लौड़ा हिलाने लगी और अम्मी ने एक हाथ से ताबीर का लन्ड पकड़ा और दूसर हाथ से अरीब का लन्ड। तीनो लन्ड जैसे ही बाहर निकले वैसे ही हम सबकी चूत की आग और भड़क गयी। लन्ड देख कर मस्ती छा गयी, मुंह से लार टपकने लगी और लन्ड चाटने की इच्छा भड़क उठी। तब तक मैंने अपने कपड़ें उतारे और नंगी हो गयी। मुझे देख कर भाभी ने भी अपना नंगा बदन सबको दिखा दिया। उसके बाद अम्मी का नंगा भोसड़ा भी सबकी आँखों के सामने आ गया। कोई भी लन्ड साला ८" से कम न था और मोटा तो इतना की एक मुठ्ठी में भी नहीं आ रहा था। मैंने भाभी कहा आज तो चुदेगी बहू की बुर और सास का भोसड़ा ?
तब तक भाभी बोली - आज तो मैं चोदूँगी अपनी नन्द की बुर और उसकी माँ की चूत ? भाभी ने लन्ड छोड़ दिया और ताबीर का लन्ड मेरी माँ के भोसड़ा में पेल दिया। फिर उसने अरीब का लन्ड मेरी चूत में घुसेड़ दिया उसके बाद वह खुद तनबीर और साबिर दोनों के लन्ड पकड़ कर हिलाने लगी। एक लन्ड अपने मुंह में लिया और दूसरा लन्ड अपनी चूत में ?
अम्मी बोली :- हाय मलाला तेरी भाभी तो बहुत बड़ी लन्ड बाज़ है ?
फिर हम तीनो मिलकर एक दूसरे की बुर में लन्ड पेलते हुए रात भर चुदवाती रहीं। माँ की चूत. सास का भोसड़ा, नन्द की चूत , बहू की बुर और बिटिया की बुर सब एक साथ भकाभक चुदती रहीं।
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