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Devar Bhabhi Chudai - Devar ka land Bhabhi ne dekhte hi pahchan liya
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लण्ड देख कर मैं यह तो पहचान गयी की यह मेरे देवर का लण्ड है। क्योंकि मैंने इस लण्ड को कई बार अपने मुंह में भी लिया है और बुर में भी लिया है। लेकिन आज यह लण्ड जिसकी चूत में घुसा है मैं उसकी चूत को पहचान नहीं पा रही हूँ क्योंकि मुझे उसकी चूत के अलावा कुछ और नहीं दिखाई पड़ रहा है । मैं यह सोंचने लगी की आखिर ये लण्ड किसकी चूत में घुसा है ? मेरा देवर किसकी बुर ले रहा है ? यह बहन चोद किसकी बुर में लौड़ा पेल कर चोद रहा है ? मेरा देवर भी बहुत बड़ा चोदू है मादर चोद। जहाँ जाता है वही किसी न किसी की बुर में लौड़ा पेल देता है। बड़ा साला नसीबवाला है। इसको जाने कैसे कोई न कोई बुर हर जगह चोदने को मिल जाती है। अभी कुछ दिन पहले यह अपनी बहन की ससुराल गया था वहां इसने अपनी बहन की नन्द की बुर चोद डाली ? बहन की सास का भोसड़ा चोद डाला। बहन की देवरानी की चूत में लौड़ा पेल दिया। मेरे माईके पहुंचा तो मेरी खाला जान की बेटी की बुर भी ले ली। अरे यह तो भोसड़ी का खाला का भोसड़ा भी चोदने वाला था लेकिन उसी समय इसका फोन आ गया तो यह वापस चला आया। अगर ये भोसड़ी का २/३ दिन और रुका जाता तो सारे कुनबे की लड़कियों की बुर चोद कर आता. पर हां खुदा ने इसका लण्ड बहुत तगड़ा बनाया है। मैं भी इसके लन्ड की गुलाम हो गयी हूँ।
मेरा नाम रुबीना है। मैं २५ साल की हूँ और मेरी शादी अभी ६ महीने पहले ही हुई है। मैं एक खूबसूरत, सेक्सी और हॉट बीवी हूँ। मेरा शौहर मुझे बहुत प्यार करता है और जब वह घर में रहता है तो मुझे हर रोज़ चोदता है। उसके जाने के बाद मैं लण्ड के लिए तड़प उठती हूँ और फिर ऐसे में मैं किसी का भी लण्ड हाथ बढ़ाकर पकड़ लेती हूँ। इसी चक्कर में एक दिन मेरे हाथ में मेरे देवर दानिस का लण्ड आ गया और मैं उससे भी चुदवाने लगी। उसका लण्ड मुझे पसंद आ गया तो मैं उसका लण्ड पकड़ने के कोई भी मौक़ा गंवाती नहीं हूँ।
हां तो दोस्तों, मुझे अभी तक यह पता नहीं चला की मेरा देवर किसकी बुर चोद रहा है ?
इतने वह बोली - दानिस बेटा तुम अपनी भाभी की बुर लेते हो ?
यह आवाज़ तो मेरी अम्मी की थी। तो क्या मेरा देवर मेरी अम्मी की बुर ले रहा है ? मैं बड़े गौर से उनकी बातें सुनने लगी।
दानिस ने जबाब दिया :- हां आंटी मैं अपनी रुबीना भाभी की बुर लेता हूँ। भाभी तो बड़े प्यार से मुझे अपनी बुर देतीं हैं। मुझे बहुत चाहती हैं मेरी भाभी।
दानिस मेरी तारीफ कर रहा था और यहाँ मेरी गांड फटी जा रही थी। वह भोसड़ी का मेरी सारी पोल मेरी अम्मी के सामने खोल रहा था।
अम्मी ने पूंछा - तेरी भाभी और किस किस से चुदवाती है, दानिस ?
दानिस ने बताया :- भाभी तो इतनी खूबसूरत है की हर कोई उसे चोदना चाहता है। एक दिन मेरे दोस्त का दिल मेरी भाभी पर आ गया। मैंने यह बात भाभी को बताई तो भाभी ने मेरे सामने ही उसका लण्ड पकड़ लिया। फिर हम दोनों ने मिलकर भाभी की बुर खूब जी भर के चोदी।
अम्मी ने कहा - हाय दईया, तेरी बुर चोदी रुबीना भाभी बहुत बड़ी लण्ड की शौकीन है। जाने किस किस का लण्ड पकड़ा करती है। वह तो मादर चोद शादी के पहले भी इधर उधर लड़कों से चुदवाया करती थी।
दानिस ने कहा :- आंटी जी, जब भाभी इतनी अच्छी हैं तो कोई भी उसे अपना लण्ड पकड़ा देगा।
अम्मी बोली :- तेरी भाभी माँ का भोसड़ा दानिस ? तुम अपनी भाभी की चूत में लण्ड पेलते हो और आज तुम उसकी माँ की चूत में लन्ड पेल रहे हो। यानी तुम मेरी बेटी की भी बुर चोदते हो और बेटी की माँ की भी बुर ?
मेरे मुंह से निकला बाप रे बाप मेरा देवर ही मेरी माँ चोद रहा है। और मेरी बुर चोदी माँ भी मस्ती से मेरे देवर से चुदवा रही है। उसे इस बात का पता है की जो लण्ड उसकी बुर में घुसा है वही लण्ड उसकी बिटिया की बुर में भी घुस चुका हैऔर अक्सर घुसता रहता है। मैंने मन में कहा ये बुर, बुर चोदी चाहे जिसकी हो पर होती है बड़ी बेशर्म बहन चोद । किसी का भी लण्ड अपने अंदर घुसेड़ लेती है।
मैं अपनी चूत में ऊँगली घुसेड़े हुए और एक हाथ से अपनी चूँचियाँ मसलते हुए उसकी चुदाई देखने लगी। मेरा मन तो हो रहा था की मैं भी अभी कूद पडूँ पर मैंने उन्हें डिस्टर्ब करना ठीक नहीं समझा। जब चुदाई ख़तम होने वाली थी तो डेनिस के लन्ड ने ढेर सारा वीर्य उगल दिया जिसे अम्मी बड़े प्यार से चाट गयीं। चलते चलते अम्मी ने कहा दानिस इसी तरह आया करो बेटा और अपनी भाभी की माँ चोद कर जाया करो। और हां तेरे लन्ड की तरह तेरे दोस्त भी बड़े बड़े लन्ड वाले होगें ? अगर ऐसा हो तो उन्हें भी ले आना और फिर तुम लोग मिलकर चोदना मेरी चूत। मेरी भी बुर चोदना और अपनी भाभी की भी बुर ? मैं यह जान गयी की अम्मी को मेरे साथ चुदवाने में कोई ऐतराज़ नहीं है। हालांकि आजतक ऐसा हुआ नहीं ? मेरे मन में आया जब अम्मी चाहती है मेरे साथ चुदवाना तो फिर क्यों न एक दिन ऐसा कर लिया जाये ? मैं भी कोई बढ़िया लन्ड अम्मी की चूत में पेल कर देखूं।जब मैं पेलूँगी तो वह भी पलेगी लन्ड मेरी चूत में ?
बस उस दिन से मैं अम्मी पर नज़र रखने लगी। उसके आने जाजे का पीछा भी करने लगी। एक दिन दोपहर में मुझे मालूम हुआ की अम्मी मेरे पड़ोस में गयीं हैं। बस उसके जाने के कुछ समय बाद मैं भी चली गयी। तब रहीमा आंटी की बेटी रूना ने मुझे बताया की यार रुबीना तेरी अम्मी मेरे घर में हैं। मैंने पूंछा वह क्या कर रहीं हैं। वह बोली अंदर कमरे में कुछ हो रहा है पर मुझे मालूम नहीं। बस हम दोनों मिलकर अंदर झाँकने लगीं। मैंने देखा की अम्मी किसी का लन्ड हिला रहीं हैं। रूना ने मेरे कान में कहा अरे यार ये तो मेरे खालू का लन्ड है। मैं इसका लन्ड पीती हूँ पर मेरी अम्मी को यह बात नहीं मालूम। लेकिन ये बहन चोद मेरी माँ का भोसड़ा चोदता है। आज ये तेरी माँ का भोसड़ा चोदेगा। तब तक बाथ रूम से एक और आदमी नंगा नंगा निकल आया। उसका भी लौड़ा गज़ब का था। रूना में फिर कहा हाय दईया ये तो मेरा चाचू है यार। मैंने इसका लौड़ा तो नहीं पिया पर यह भी मेरी माँ चोदता होगा।
फिर वो तीनो बात करने लगे और हम दोनों सुनने लगीं।
अम्मी - यार सफी (खालू ) आज तो तेरा लन्ड भोसड़ी का बड़ा मोटा लग रहा है। और आरिफ तेरा भी लन्ड पहले से बड़ा लग रहा है।
सफी - अरे भाभी ही तेरे हाथ में जाकर लन्ड साला बड़ा हो ही जाता है। मुझे तो तुम्हे चोदने में और सायरा भाभी को चोदने में जो मज़ा आता है वह मज़ा कहीं और नहीं आता।
अम्मी - कभी रहीमा की बेटी चोदी है तूने, सफी ? अब तो वह २१ साल की हो गयी है। माशा अल्ला बड़ी हसीन जवान लड़की है।
सफी - चोदी तो नहीं है पर हां लन्ड जरूर पकड़ाया है उसे। अब तो वाकई चोदना चाहता हूँ अगर रहीम भाभी इज़ाज़त दें ?
आंटी - मुझे क्या ? तेरे लन्ड में ताकत हो तो चोद ले ? तेरी गांड में ताकत हो तो चोद ले ?
अम्मी - सफी यार तुम पहले मेरी बेटी चोद लो। वो तो अपने देवर से चुदवाती है। उसके दोस्तों से चुदवाती है। और भी कई लोगों से चुदवाती है। वो बुर चोदी बड़ी मस्त चुदवाने वाली लड़की है। किसी दिन मेरे सामने ही चोदो बुर चोदी रुबीना की बुर ?
सफी - हां भाभी। तुमने मेरे मुंह की बात छीन ली। मैं तो तेरी बेटी चोदना चाहता हूँ। वह बहुत खूबसूरत है मुझे बहुत अच्छी लगती है।
आरिफ - अरे सायरा भाभी मुझे भी तेरी बेटी रुबीना बड़ी अच्छी लगती है।
अम्मी - हां मैं जानती हूँ क्योंकि मेरी बेटी के नाम पर तेरा लन्ड मेरे हाथ में उछल पड़ा। तो फिर तू भी चोद ले मेरी बेटी की बुर ? यार अगर वह यहाँ होती तो मैं अभी दोनों लन्ड उसकी चूत में घुसेड़ देती ?
आंटी - अरे यार कहो तो बुला लूँ रुबीना को ? उधर मैं अपनी बेटी को भी बुला लती हूँ। आज सब कुछ खुल्लम खुल्ला हो जाए। मैं तो कहती हूँ की खुदा करे की आज से ही मेरी बेटी अपनी माँ चुदाने लगे।
अम्मी - हां यार चाहती तो मैं भी यही हूँ की मेरी बेटी रुबीना मेरी चूत में लन्ड पेले। अपनी माँ चुदाये।
आंटी - ठीक है, मैं अभी उन दोनों भोसड़ी वालियों को बुलवाती हूँ।
आंटी ने वहीँ से आवाज़ लागई अरी वो रूना पड़ोस में सायरा के घर जा और उसकी बेटी रुबीना को अपने साथ ले आ । फिर उसे लेकर मेरे कमरे में आ जा. मैंने कहा रूना आज तो खुल्लम खुल्ला चुदाई होगी तेरी भी और मेरी भी। वह बोली केवल तेरी और मेरी ही नहीं। मेरी माँ की भी और तेरी माँ की भी। रूना मजाक करती हुई बोली मैं तो तेरी माँ चोदूँगी रुबीना। मैंने कहा अच्छा तो मैं क्या अपनी झांटें उखाडूँगी बैठे बैठे ? मैं भी तेरी माँ चोदूँगी। बस थोड़ी इसी तरह की बातें करके हम दोनों आंटी के कमरे में घुस गयीं।
घुसते ही मैंने कह वाओ, तुम यहाँ ? और इस हालत में ? वह बोली तो क्या हुआ ? तू क्या बच्ची है ? अरे तू भी जवान हो गयी है। तेरी तो शादी भी हो गयी है। तू अपनी सुहागरात में चुदवाकर कर आयी है तो फिर तेरे से पर्दा कैसा ? मैं नंगी हूँ तो क्या हुआ ? मेरे हाथ में लन्ड है तो क्या हुआ ? तू भी तो लन्ड पकड़ती है। तब तक रूना बोली हाय अम्मी हमें किसलिए बुलाया है ? आंटी बोली माँ चोदने के लिए बुलाया है तुझे भोसड़ी वाली। ले पकड़ अपने खालू का लन्ड ? आंटी ने उसे लन्ड दिखाती हुई बोली। रूना ने थोड़ा आना कानी की तो आंटी बोली अच्छा तू मुझसे छुपा रही है बुर चोदी रूना ? कितना छुप छुप कर रहेगी तू मुझसे ? मुझे सब मालूम है तू इसका लन्ड खूब पकड़ती है, तू अपने मुंह में लेती है लन्ड, मुठ्ठ मार कर पीती है तू लन्ड और अब मुझसे नखरा दिखा रही है। अरे तू बहन चोद जवान है तो हम भी जवान हैं।
मैं अभी ४४ साल की हूँ और तेरी सायरा आंटी ४६ साल की। मैं जब तेरी उम्र की थी तो बड़े बड़े लन्ड अपनी चूत में उतार लेती थी। ले पकड़ लन्ड और चुदा अपनी माँ का भोसड़ा ? रूना ने चुपके से लन्ड पकड़ लिया। उधर अम्मी ने मुझे आरिफ का लौड़ा पकड़ा दिया। तब तक अम्मी ने रूना के सारे कपड़े उतार डाले और आंटी ने मेरे सारे कपड़े। हम दोनों भी उन दोनों की तरह नंगी हो गयीं। मैं रूना के चचा जान का लौड़ा पाकर मस्त हो गयी। अब तक मैं बिलकुल बेशरम हो चुकी थी। मैंने एक हाथ से पेल्हड़ थामे और दूसरे हाथ से लन्ड पकड़ कर चूमने चाटने और चूसने लगी। लन्ड का सुपाड़ा बहुत बड़ा था। मैंने उसे एक पहाड़ी आलू की तरह मुंह में भर लिया और अंदर अंदर ही उसे चूसती रही। मेरे सामने ही रूना अपने खालू का लाउदास घुसने में जुट गयी। वो तो खालू का लन्ड पहले भी चूसती थी।
'थोड़ी देर में आंटी ने खालू का लन्ड अपनी बेटी की चूत में घुसेड़ दिया और बोली ले रूना तू अभी तक इसका लौड़ा पीती ही थी और अब आज से अपनी बुर भी चुदवाया कर ? खालू साला बड़ी जोर दरी स रूना की बुर चोदने लगा। उसे देख कर आरिफ ने भी लौड़ा मेरी चूत में पेल दिया। अम्मी ने उसके पेल्हड़ सहलाने लगी और लौड़ा पूरा का पूरा मेरी चूत में आने जाने लगा। मैं भी मस्ती में आ गयी और बोली हाय मेरी सायरा अब तू भी अपनी बिटिया की बुर चुदवाने लगी। अम्मी ने भी उसकी लहज़े में जबाब दिया हां मेरी भोसड़ी की रुबीना मैं अपनी बिटिया की बुर चुदवा रही हूँ तो तेरी गांड क्यों फट रही है। तू भी अपनी माँ का भोसड़ा चुदवा ले ? तब तक उधर से रूना बोली नहीं रुबीना तेरी माँ का भोसड़ा मैं चोदूँगी। उसने वाकई अपनी चूत से अपने खालू का लन्ड निकाल कर मेरी माँ के भोसड़ा में घुसेड़ दिया। फिर क्या मुझे भी ताव आ गया और मैंने अपनी चूत से आरिफ का लौड़ा निकाल कर आंटी की बुर में पेल दिया और कहा ले देख ले रुबीना मैं भी तेरी माँ का भोसड़ा चोद रही हूँ।
तेरे चचा का लन्ड तेरी माँ की चूत में पेल रही हूँ।
दोस्तों, मुझे उस दिन की चुदाई आज भी याद है। जवानी में बहन चोद कुछ भी हो सकता है। चाहे बाप का लन्ड हो चाहे माँ की चूत ? सब बराबर ? जवानी में लन्ड और चूत के आगे कोई नाता रिस्ता नहीं चलता ? जवानी की आग में बाप का लन्ड भी चूत में घुस जाता है और माँ का भोसड़ा भी पेल लेता है लन्ड ?
कुछ दिन बाद मैं अपनी ससुराल चली गयी। अब मैं आपको अपनी ससुराल ले चलती हूँ। उस समय की बात बताती हूँ जब मेरी सुहागरात हुई थी। सुहागरात की तैयारियां हो चुकी थीं। मेरा कमरा मेरी नन्द ने तैयार किया था। रात को जब मैं अकेली पलंग पर बैठी थी तो मेरी नन्द मेरे पास और बोली रुबीना भाभी तुमको किस तरह के लन्ड पसंद हैं ? मैं तो यह सवाल सुनकर दंग रह गयी। मैं उसे तिरछी निगाहों से देखने लगी। वह फिर बोली भाभी जान देखो तुम्हारी सुहागरात की जिम्मेदारी मुझ पर है। हर दुल्हन चाहती है की उसे अच्छा से अच्छा लन्ड मिले ? मैं इसीलिए लन्ड के बारे में आपसे पूंछ रही हूँ। मेरे पास हर तरह के लन्ड है भाभी ? मैंने पूंछा मुझे मेरा शौहर चोदेगा की मेरी पसंद का लन्ड मुझे चोदेगा ?
मेरी नन्द बोली अरे भाभी हमारे यहाँ का रिवाज़ है की सुहागरात में पहले तो दुल्हन अपने शौहर से चुदवाती है और फिर वह अपनी पसंद के लन्ड से चुदवाती है। एक लन्ड हो चाहे कई लन्ड ? उसे किसी से इज़ाज़त लेने की जरुरत नहीं है। अपने मन के लन्ड से चुदवाना उसका हक़ है ? मैंने तो अपनी सुहागरात में अपने शौहर के अलावा तीन तीन लन्ड से चुदवाया था ? अब बताओ तुम्हे किस तरह के लन्ड पसंद हैं भाभी ?
यह सुनकर तो मेरे बदन में आग लग गयी और मुझे गुद गुदी होने लगी। मैंने खुल कर कह दिया की लन्ड बड़ा भी हो, मोटा भी हो और सख्त भी हो ? वह बोली हाय दईया मुझे भी इसी तरह के लन्ड पसंद है भाभी। अब एक बात और बता दो। कितने लन्ड से चुदवाओगी ? मैंने कहा अपने मियां के लन्ड के अलावा दो और लन्ड से ? उसके जाने के बाद मेरा मियां आया। वह शराब पी कर आया था। वैसे शराब मैं भी पीती हूँ और लन्ड के साथ तो और शराब पीती हूँ पर यहाँ किसी ने शराब के लिए पूंछा ही नहीं। मेरा मियाँ नशे में था। उसने मेरे कपड़े उतारे। मेरी चूँचियाँ दबायीं, मेरी चूत सहलाई और मेरे नंगे बदन पर हाथ फेरा। मैंने भी उसे नंगा किया और उसका लन्ड पकड़ कर हिलाया। लन्ड खड़ा तो गया। लन्ड बड़ा और मोटा भी था लेकिन ज्यादा देर तक ठहर नहीं सका। वह खलास होकर चला गया और मैं चुदासी ही रह गयी।
उसके जाने के बाद नन्द नंगी नंगी एक लड़के का लन्ड पकड़े हुए मेरे पास आयी और बोली भाभी लो ये मेरे जीजू का लन्ड है। इससे चुदवाकर कर देखो। मैं तो गरम थी ही। मैंने मुस्कराते हुए लन्ड पकड़ लिया। मैंने लन्ड चूमा चाटा और चूसने लगी। वह मेरी बुर चाटने लगा। मेरी नन्द मेरी चूँचियाँ चाटने लगी बोली भाभी लन्ड पसंद आया की नहीं ? मैंने कहा हां यार लन्ड तो बहुत बढ़िया है। वह बोली ठीक है भाभी तुम चुदाओ मैं जाती हूँ। मैंने कहा तू कहाँ जा रही है ? वह बोली मैं अपने ससुर का लन्ड चोदने जा रही हूँ। मैं समझ गयी की मैं भी किसी दिन नन्द के ससुर से चुदवाऊंगी। बस मैं उसके जीजू से चुदवाने लगी। जीजू भी साला मेरी बुर गचर गचर चोदने लगा। मैं इस बात से ज्यादा खुश थी की मैं अपनी सुहागरात से ही गैर मरद से चुदवाने लगी हूँ। उसने वाकई मुझे खूब हचक हचक कर चोदा और मुझे खलास कर दिया।
सुबह करीब ४ बजे वह फिर आयी। इस बार उसके हाथ में किसी और का लन्ड था। वह बोली लो भाभी अब तुम मेरे खालू के लन्ड से चुदवाओ ? इसका लन्ड भी तुझे पसंद आएगा। ये तो बहन चोद मेरी माँ भोसड़ा चोदता है, भाभी। मैंने लण्ड पकड़ लिया और उसे चूमने लगी। मैं मन में बोली हाय मेरे लन्ड राज़ा तू मेरी सास की बुर लेता है। मेरी नन्द की बुर लेता है। आज तू मेरी भी बुर ले ले ? किसी दिन मैं तुझे अपनी माँ की बुर दूँगी। उसके बाद तो मैं एक मंजी हुई रंडी की तरह खुलेआम चुदवाने लगी।
चुदाई ख़तम होते ही नन्द फिर मेरे कमरे मेंआ गयी। वह बोली भाभी चलो मैं तुम्हे एक सिनेमा दिखाती हूँ। मैं उसके साथ चल पड़ी। वह मुझे बगल के कमरे में ले गयी। उसने कहा भाभी अब तुम झाँक कर देखो अंदर क्या हो रहा है ? मैंने देखा की मेरी सास किसी जवान लड़के से चुदवा रही है.
मेरे मुंह से निकला :- हाय दईया ये कौन चोद रहा है तेरी माँ, नन्द रानी ?
वह बोली :- मेरा भोसड़ी का देवर मेरी बुर चोदी माँ की बुर चोद रहा है, भाभी।
मेरा नाम रुबीना है। मैं २५ साल की हूँ और मेरी शादी अभी ६ महीने पहले ही हुई है। मैं एक खूबसूरत, सेक्सी और हॉट बीवी हूँ। मेरा शौहर मुझे बहुत प्यार करता है और जब वह घर में रहता है तो मुझे हर रोज़ चोदता है। उसके जाने के बाद मैं लण्ड के लिए तड़प उठती हूँ और फिर ऐसे में मैं किसी का भी लण्ड हाथ बढ़ाकर पकड़ लेती हूँ। इसी चक्कर में एक दिन मेरे हाथ में मेरे देवर दानिस का लण्ड आ गया और मैं उससे भी चुदवाने लगी। उसका लण्ड मुझे पसंद आ गया तो मैं उसका लण्ड पकड़ने के कोई भी मौक़ा गंवाती नहीं हूँ।
हां तो दोस्तों, मुझे अभी तक यह पता नहीं चला की मेरा देवर किसकी बुर चोद रहा है ?
इतने वह बोली - दानिस बेटा तुम अपनी भाभी की बुर लेते हो ?
यह आवाज़ तो मेरी अम्मी की थी। तो क्या मेरा देवर मेरी अम्मी की बुर ले रहा है ? मैं बड़े गौर से उनकी बातें सुनने लगी।
दानिस ने जबाब दिया :- हां आंटी मैं अपनी रुबीना भाभी की बुर लेता हूँ। भाभी तो बड़े प्यार से मुझे अपनी बुर देतीं हैं। मुझे बहुत चाहती हैं मेरी भाभी।
दानिस मेरी तारीफ कर रहा था और यहाँ मेरी गांड फटी जा रही थी। वह भोसड़ी का मेरी सारी पोल मेरी अम्मी के सामने खोल रहा था।
अम्मी ने पूंछा - तेरी भाभी और किस किस से चुदवाती है, दानिस ?
दानिस ने बताया :- भाभी तो इतनी खूबसूरत है की हर कोई उसे चोदना चाहता है। एक दिन मेरे दोस्त का दिल मेरी भाभी पर आ गया। मैंने यह बात भाभी को बताई तो भाभी ने मेरे सामने ही उसका लण्ड पकड़ लिया। फिर हम दोनों ने मिलकर भाभी की बुर खूब जी भर के चोदी।
अम्मी ने कहा - हाय दईया, तेरी बुर चोदी रुबीना भाभी बहुत बड़ी लण्ड की शौकीन है। जाने किस किस का लण्ड पकड़ा करती है। वह तो मादर चोद शादी के पहले भी इधर उधर लड़कों से चुदवाया करती थी।
दानिस ने कहा :- आंटी जी, जब भाभी इतनी अच्छी हैं तो कोई भी उसे अपना लण्ड पकड़ा देगा।
अम्मी बोली :- तेरी भाभी माँ का भोसड़ा दानिस ? तुम अपनी भाभी की चूत में लण्ड पेलते हो और आज तुम उसकी माँ की चूत में लन्ड पेल रहे हो। यानी तुम मेरी बेटी की भी बुर चोदते हो और बेटी की माँ की भी बुर ?
मेरे मुंह से निकला बाप रे बाप मेरा देवर ही मेरी माँ चोद रहा है। और मेरी बुर चोदी माँ भी मस्ती से मेरे देवर से चुदवा रही है। उसे इस बात का पता है की जो लण्ड उसकी बुर में घुसा है वही लण्ड उसकी बिटिया की बुर में भी घुस चुका हैऔर अक्सर घुसता रहता है। मैंने मन में कहा ये बुर, बुर चोदी चाहे जिसकी हो पर होती है बड़ी बेशर्म बहन चोद । किसी का भी लण्ड अपने अंदर घुसेड़ लेती है।
मैं अपनी चूत में ऊँगली घुसेड़े हुए और एक हाथ से अपनी चूँचियाँ मसलते हुए उसकी चुदाई देखने लगी। मेरा मन तो हो रहा था की मैं भी अभी कूद पडूँ पर मैंने उन्हें डिस्टर्ब करना ठीक नहीं समझा। जब चुदाई ख़तम होने वाली थी तो डेनिस के लन्ड ने ढेर सारा वीर्य उगल दिया जिसे अम्मी बड़े प्यार से चाट गयीं। चलते चलते अम्मी ने कहा दानिस इसी तरह आया करो बेटा और अपनी भाभी की माँ चोद कर जाया करो। और हां तेरे लन्ड की तरह तेरे दोस्त भी बड़े बड़े लन्ड वाले होगें ? अगर ऐसा हो तो उन्हें भी ले आना और फिर तुम लोग मिलकर चोदना मेरी चूत। मेरी भी बुर चोदना और अपनी भाभी की भी बुर ? मैं यह जान गयी की अम्मी को मेरे साथ चुदवाने में कोई ऐतराज़ नहीं है। हालांकि आजतक ऐसा हुआ नहीं ? मेरे मन में आया जब अम्मी चाहती है मेरे साथ चुदवाना तो फिर क्यों न एक दिन ऐसा कर लिया जाये ? मैं भी कोई बढ़िया लन्ड अम्मी की चूत में पेल कर देखूं।जब मैं पेलूँगी तो वह भी पलेगी लन्ड मेरी चूत में ?
बस उस दिन से मैं अम्मी पर नज़र रखने लगी। उसके आने जाजे का पीछा भी करने लगी। एक दिन दोपहर में मुझे मालूम हुआ की अम्मी मेरे पड़ोस में गयीं हैं। बस उसके जाने के कुछ समय बाद मैं भी चली गयी। तब रहीमा आंटी की बेटी रूना ने मुझे बताया की यार रुबीना तेरी अम्मी मेरे घर में हैं। मैंने पूंछा वह क्या कर रहीं हैं। वह बोली अंदर कमरे में कुछ हो रहा है पर मुझे मालूम नहीं। बस हम दोनों मिलकर अंदर झाँकने लगीं। मैंने देखा की अम्मी किसी का लन्ड हिला रहीं हैं। रूना ने मेरे कान में कहा अरे यार ये तो मेरे खालू का लन्ड है। मैं इसका लन्ड पीती हूँ पर मेरी अम्मी को यह बात नहीं मालूम। लेकिन ये बहन चोद मेरी माँ का भोसड़ा चोदता है। आज ये तेरी माँ का भोसड़ा चोदेगा। तब तक बाथ रूम से एक और आदमी नंगा नंगा निकल आया। उसका भी लौड़ा गज़ब का था। रूना में फिर कहा हाय दईया ये तो मेरा चाचू है यार। मैंने इसका लौड़ा तो नहीं पिया पर यह भी मेरी माँ चोदता होगा।
फिर वो तीनो बात करने लगे और हम दोनों सुनने लगीं।
अम्मी - यार सफी (खालू ) आज तो तेरा लन्ड भोसड़ी का बड़ा मोटा लग रहा है। और आरिफ तेरा भी लन्ड पहले से बड़ा लग रहा है।
सफी - अरे भाभी ही तेरे हाथ में जाकर लन्ड साला बड़ा हो ही जाता है। मुझे तो तुम्हे चोदने में और सायरा भाभी को चोदने में जो मज़ा आता है वह मज़ा कहीं और नहीं आता।
अम्मी - कभी रहीमा की बेटी चोदी है तूने, सफी ? अब तो वह २१ साल की हो गयी है। माशा अल्ला बड़ी हसीन जवान लड़की है।
सफी - चोदी तो नहीं है पर हां लन्ड जरूर पकड़ाया है उसे। अब तो वाकई चोदना चाहता हूँ अगर रहीम भाभी इज़ाज़त दें ?
आंटी - मुझे क्या ? तेरे लन्ड में ताकत हो तो चोद ले ? तेरी गांड में ताकत हो तो चोद ले ?
अम्मी - सफी यार तुम पहले मेरी बेटी चोद लो। वो तो अपने देवर से चुदवाती है। उसके दोस्तों से चुदवाती है। और भी कई लोगों से चुदवाती है। वो बुर चोदी बड़ी मस्त चुदवाने वाली लड़की है। किसी दिन मेरे सामने ही चोदो बुर चोदी रुबीना की बुर ?
सफी - हां भाभी। तुमने मेरे मुंह की बात छीन ली। मैं तो तेरी बेटी चोदना चाहता हूँ। वह बहुत खूबसूरत है मुझे बहुत अच्छी लगती है।
आरिफ - अरे सायरा भाभी मुझे भी तेरी बेटी रुबीना बड़ी अच्छी लगती है।
अम्मी - हां मैं जानती हूँ क्योंकि मेरी बेटी के नाम पर तेरा लन्ड मेरे हाथ में उछल पड़ा। तो फिर तू भी चोद ले मेरी बेटी की बुर ? यार अगर वह यहाँ होती तो मैं अभी दोनों लन्ड उसकी चूत में घुसेड़ देती ?
आंटी - अरे यार कहो तो बुला लूँ रुबीना को ? उधर मैं अपनी बेटी को भी बुला लती हूँ। आज सब कुछ खुल्लम खुल्ला हो जाए। मैं तो कहती हूँ की खुदा करे की आज से ही मेरी बेटी अपनी माँ चुदाने लगे।
अम्मी - हां यार चाहती तो मैं भी यही हूँ की मेरी बेटी रुबीना मेरी चूत में लन्ड पेले। अपनी माँ चुदाये।
आंटी - ठीक है, मैं अभी उन दोनों भोसड़ी वालियों को बुलवाती हूँ।
आंटी ने वहीँ से आवाज़ लागई अरी वो रूना पड़ोस में सायरा के घर जा और उसकी बेटी रुबीना को अपने साथ ले आ । फिर उसे लेकर मेरे कमरे में आ जा. मैंने कहा रूना आज तो खुल्लम खुल्ला चुदाई होगी तेरी भी और मेरी भी। वह बोली केवल तेरी और मेरी ही नहीं। मेरी माँ की भी और तेरी माँ की भी। रूना मजाक करती हुई बोली मैं तो तेरी माँ चोदूँगी रुबीना। मैंने कहा अच्छा तो मैं क्या अपनी झांटें उखाडूँगी बैठे बैठे ? मैं भी तेरी माँ चोदूँगी। बस थोड़ी इसी तरह की बातें करके हम दोनों आंटी के कमरे में घुस गयीं।
घुसते ही मैंने कह वाओ, तुम यहाँ ? और इस हालत में ? वह बोली तो क्या हुआ ? तू क्या बच्ची है ? अरे तू भी जवान हो गयी है। तेरी तो शादी भी हो गयी है। तू अपनी सुहागरात में चुदवाकर कर आयी है तो फिर तेरे से पर्दा कैसा ? मैं नंगी हूँ तो क्या हुआ ? मेरे हाथ में लन्ड है तो क्या हुआ ? तू भी तो लन्ड पकड़ती है। तब तक रूना बोली हाय अम्मी हमें किसलिए बुलाया है ? आंटी बोली माँ चोदने के लिए बुलाया है तुझे भोसड़ी वाली। ले पकड़ अपने खालू का लन्ड ? आंटी ने उसे लन्ड दिखाती हुई बोली। रूना ने थोड़ा आना कानी की तो आंटी बोली अच्छा तू मुझसे छुपा रही है बुर चोदी रूना ? कितना छुप छुप कर रहेगी तू मुझसे ? मुझे सब मालूम है तू इसका लन्ड खूब पकड़ती है, तू अपने मुंह में लेती है लन्ड, मुठ्ठ मार कर पीती है तू लन्ड और अब मुझसे नखरा दिखा रही है। अरे तू बहन चोद जवान है तो हम भी जवान हैं।
मैं अभी ४४ साल की हूँ और तेरी सायरा आंटी ४६ साल की। मैं जब तेरी उम्र की थी तो बड़े बड़े लन्ड अपनी चूत में उतार लेती थी। ले पकड़ लन्ड और चुदा अपनी माँ का भोसड़ा ? रूना ने चुपके से लन्ड पकड़ लिया। उधर अम्मी ने मुझे आरिफ का लौड़ा पकड़ा दिया। तब तक अम्मी ने रूना के सारे कपड़े उतार डाले और आंटी ने मेरे सारे कपड़े। हम दोनों भी उन दोनों की तरह नंगी हो गयीं। मैं रूना के चचा जान का लौड़ा पाकर मस्त हो गयी। अब तक मैं बिलकुल बेशरम हो चुकी थी। मैंने एक हाथ से पेल्हड़ थामे और दूसरे हाथ से लन्ड पकड़ कर चूमने चाटने और चूसने लगी। लन्ड का सुपाड़ा बहुत बड़ा था। मैंने उसे एक पहाड़ी आलू की तरह मुंह में भर लिया और अंदर अंदर ही उसे चूसती रही। मेरे सामने ही रूना अपने खालू का लाउदास घुसने में जुट गयी। वो तो खालू का लन्ड पहले भी चूसती थी।
'थोड़ी देर में आंटी ने खालू का लन्ड अपनी बेटी की चूत में घुसेड़ दिया और बोली ले रूना तू अभी तक इसका लौड़ा पीती ही थी और अब आज से अपनी बुर भी चुदवाया कर ? खालू साला बड़ी जोर दरी स रूना की बुर चोदने लगा। उसे देख कर आरिफ ने भी लौड़ा मेरी चूत में पेल दिया। अम्मी ने उसके पेल्हड़ सहलाने लगी और लौड़ा पूरा का पूरा मेरी चूत में आने जाने लगा। मैं भी मस्ती में आ गयी और बोली हाय मेरी सायरा अब तू भी अपनी बिटिया की बुर चुदवाने लगी। अम्मी ने भी उसकी लहज़े में जबाब दिया हां मेरी भोसड़ी की रुबीना मैं अपनी बिटिया की बुर चुदवा रही हूँ तो तेरी गांड क्यों फट रही है। तू भी अपनी माँ का भोसड़ा चुदवा ले ? तब तक उधर से रूना बोली नहीं रुबीना तेरी माँ का भोसड़ा मैं चोदूँगी। उसने वाकई अपनी चूत से अपने खालू का लन्ड निकाल कर मेरी माँ के भोसड़ा में घुसेड़ दिया। फिर क्या मुझे भी ताव आ गया और मैंने अपनी चूत से आरिफ का लौड़ा निकाल कर आंटी की बुर में पेल दिया और कहा ले देख ले रुबीना मैं भी तेरी माँ का भोसड़ा चोद रही हूँ।
तेरे चचा का लन्ड तेरी माँ की चूत में पेल रही हूँ।
दोस्तों, मुझे उस दिन की चुदाई आज भी याद है। जवानी में बहन चोद कुछ भी हो सकता है। चाहे बाप का लन्ड हो चाहे माँ की चूत ? सब बराबर ? जवानी में लन्ड और चूत के आगे कोई नाता रिस्ता नहीं चलता ? जवानी की आग में बाप का लन्ड भी चूत में घुस जाता है और माँ का भोसड़ा भी पेल लेता है लन्ड ?
कुछ दिन बाद मैं अपनी ससुराल चली गयी। अब मैं आपको अपनी ससुराल ले चलती हूँ। उस समय की बात बताती हूँ जब मेरी सुहागरात हुई थी। सुहागरात की तैयारियां हो चुकी थीं। मेरा कमरा मेरी नन्द ने तैयार किया था। रात को जब मैं अकेली पलंग पर बैठी थी तो मेरी नन्द मेरे पास और बोली रुबीना भाभी तुमको किस तरह के लन्ड पसंद हैं ? मैं तो यह सवाल सुनकर दंग रह गयी। मैं उसे तिरछी निगाहों से देखने लगी। वह फिर बोली भाभी जान देखो तुम्हारी सुहागरात की जिम्मेदारी मुझ पर है। हर दुल्हन चाहती है की उसे अच्छा से अच्छा लन्ड मिले ? मैं इसीलिए लन्ड के बारे में आपसे पूंछ रही हूँ। मेरे पास हर तरह के लन्ड है भाभी ? मैंने पूंछा मुझे मेरा शौहर चोदेगा की मेरी पसंद का लन्ड मुझे चोदेगा ?
मेरी नन्द बोली अरे भाभी हमारे यहाँ का रिवाज़ है की सुहागरात में पहले तो दुल्हन अपने शौहर से चुदवाती है और फिर वह अपनी पसंद के लन्ड से चुदवाती है। एक लन्ड हो चाहे कई लन्ड ? उसे किसी से इज़ाज़त लेने की जरुरत नहीं है। अपने मन के लन्ड से चुदवाना उसका हक़ है ? मैंने तो अपनी सुहागरात में अपने शौहर के अलावा तीन तीन लन्ड से चुदवाया था ? अब बताओ तुम्हे किस तरह के लन्ड पसंद हैं भाभी ?
यह सुनकर तो मेरे बदन में आग लग गयी और मुझे गुद गुदी होने लगी। मैंने खुल कर कह दिया की लन्ड बड़ा भी हो, मोटा भी हो और सख्त भी हो ? वह बोली हाय दईया मुझे भी इसी तरह के लन्ड पसंद है भाभी। अब एक बात और बता दो। कितने लन्ड से चुदवाओगी ? मैंने कहा अपने मियां के लन्ड के अलावा दो और लन्ड से ? उसके जाने के बाद मेरा मियां आया। वह शराब पी कर आया था। वैसे शराब मैं भी पीती हूँ और लन्ड के साथ तो और शराब पीती हूँ पर यहाँ किसी ने शराब के लिए पूंछा ही नहीं। मेरा मियाँ नशे में था। उसने मेरे कपड़े उतारे। मेरी चूँचियाँ दबायीं, मेरी चूत सहलाई और मेरे नंगे बदन पर हाथ फेरा। मैंने भी उसे नंगा किया और उसका लन्ड पकड़ कर हिलाया। लन्ड खड़ा तो गया। लन्ड बड़ा और मोटा भी था लेकिन ज्यादा देर तक ठहर नहीं सका। वह खलास होकर चला गया और मैं चुदासी ही रह गयी।
उसके जाने के बाद नन्द नंगी नंगी एक लड़के का लन्ड पकड़े हुए मेरे पास आयी और बोली भाभी लो ये मेरे जीजू का लन्ड है। इससे चुदवाकर कर देखो। मैं तो गरम थी ही। मैंने मुस्कराते हुए लन्ड पकड़ लिया। मैंने लन्ड चूमा चाटा और चूसने लगी। वह मेरी बुर चाटने लगा। मेरी नन्द मेरी चूँचियाँ चाटने लगी बोली भाभी लन्ड पसंद आया की नहीं ? मैंने कहा हां यार लन्ड तो बहुत बढ़िया है। वह बोली ठीक है भाभी तुम चुदाओ मैं जाती हूँ। मैंने कहा तू कहाँ जा रही है ? वह बोली मैं अपने ससुर का लन्ड चोदने जा रही हूँ। मैं समझ गयी की मैं भी किसी दिन नन्द के ससुर से चुदवाऊंगी। बस मैं उसके जीजू से चुदवाने लगी। जीजू भी साला मेरी बुर गचर गचर चोदने लगा। मैं इस बात से ज्यादा खुश थी की मैं अपनी सुहागरात से ही गैर मरद से चुदवाने लगी हूँ। उसने वाकई मुझे खूब हचक हचक कर चोदा और मुझे खलास कर दिया।
सुबह करीब ४ बजे वह फिर आयी। इस बार उसके हाथ में किसी और का लन्ड था। वह बोली लो भाभी अब तुम मेरे खालू के लन्ड से चुदवाओ ? इसका लन्ड भी तुझे पसंद आएगा। ये तो बहन चोद मेरी माँ भोसड़ा चोदता है, भाभी। मैंने लण्ड पकड़ लिया और उसे चूमने लगी। मैं मन में बोली हाय मेरे लन्ड राज़ा तू मेरी सास की बुर लेता है। मेरी नन्द की बुर लेता है। आज तू मेरी भी बुर ले ले ? किसी दिन मैं तुझे अपनी माँ की बुर दूँगी। उसके बाद तो मैं एक मंजी हुई रंडी की तरह खुलेआम चुदवाने लगी।
चुदाई ख़तम होते ही नन्द फिर मेरे कमरे मेंआ गयी। वह बोली भाभी चलो मैं तुम्हे एक सिनेमा दिखाती हूँ। मैं उसके साथ चल पड़ी। वह मुझे बगल के कमरे में ले गयी। उसने कहा भाभी अब तुम झाँक कर देखो अंदर क्या हो रहा है ? मैंने देखा की मेरी सास किसी जवान लड़के से चुदवा रही है.
मेरे मुंह से निकला :- हाय दईया ये कौन चोद रहा है तेरी माँ, नन्द रानी ?
वह बोली :- मेरा भोसड़ी का देवर मेरी बुर चोदी माँ की बुर चोद रहा है, भाभी।
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