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बीवियों की सामूहिक चोदा चोदी अदला बदली खेल - Biwiyon ki samuhik chudai adla badli mein
बीवियां सबकी चोदो - लण्ड सबके चोदो
अरे अम्मी, मुझे एक बात समझ में नहीं आती बहन चोद की हम सब बीवियां अकेली अकेली ही क्यों चुदवाती हैं? कभी अलग अलग कमरे में और कभी एक कोने में चुप चाप चुदवाया करती हैं। यहाँ किसी को खुल कर चुदवाने की हिम्मत ही नहीं है। खुलकर चुदवाने जाने क्यों सबकी गांड फटती है ? हम सब मिलकर एक साथ क्यों नहीं चुदवाती ? हम जब एक साथ काम करतीं हैं। एक साथ बाज़ार जातीं हैं, एक साथ बैठ कर सिनेमा देखतीं है, शॉपिंग करने जाती हैं और एक साथ खाना खातीं है तो फिर एक साथ चुदवाती क्यों नहीं ? एक साथ चुदवाने से हमें परहेज क्यों है ? क्या ऐसा नहीं हो सकता की सब लोग एक साथ आमने सामने चोदा चोदी करें ? अपनी अपनी चुदाई दूसरों को दिखाएँ और दूसरों की चुदाई देखें ? चुदाई देखने और दिखाने का भी एक अलग ही मजा है। मेरी बड़ी इच्छा है की लोग मुझे चुदवाते हुए देखें और मेरी तारीफ करें।
अम्मी ने कहा :- हां बेटी खुशबू तुम बात तो सच कह रह रही हो। हमने तो कभी इस बात पर ध्यान ही नहीं दिया। अगर सब एक साथ एक ही जगह चुदवायें तो वाकई मज़ा तो बड़ा आएगा ? मैंने कहा :- एक बात और है अम्मी मैं जानती हूँ की हमारे कुनबे की बीवियां हरामजादी छुप छुप कर ग़ैर मरदों से चुदवाती हैं। मैंने कई बीवियों को चुदवाते हुए देखा है अम्मी ? खाला जान को मैंने अब्बू का लण्ड पीते हुए देखा है, फूफी को अपने देवर से चुदवाते हुए देखा है, दीदी को अपने नंदोई से चुदवाते हुए देखा है और अपनी नन्द को अपने ससुर का लण्ड चाटते हुए देखा है। तो फिर ये सब छुप छुप कर क्यों ? खुल्लम खुल्ला क्यों नहीं ?
अम्मी हंस कर बोली :- हां बेटी तू बिलकुल सच कह रही है। अब तुमसे क्या छुपाना ? तेरी माँ भी भोसड़ी की गैर मरदों से चुदवाती है, खुशबू ? मैं तेरे खालू से चुदवाती हूँ। तेरा जीजू से चुदवाती हूँ, तेरा ससुर भी मुझे बड़ी मस्ती से चोदता है। मुझे उसका लौड़ा भी बहुत पसंद है।
मैंने कहा :- हां मैं सब कुछ जानती हूँ अम्मी।
अम्मी फिर खुल कर बोली :- तेरी माँ की चूत, बहन चोद खुशबू। जब तू सब कुछ जानती है तो पहले बताया क्यों नहीं ? जब मैं तेरे ससुर का लण्ड चाट रही थी तब बताया होता तो मैं वही लण्ड तेरे मुंह में घुसेड़ देती ?
मैंने कहा ;- मैं तो उसका लण्ड मुंह में क्या अपनी बुर में भी ले चुकी हूँ अम्मी। वह साला बहुत हरामी है। लड़कियां भी चोदता है और लड़कियों की माँ भी। मगर यह भी सच है की कोई इसका शिकायत नहीं करती। क्योंकि उसका लौड़ा साला इतना बड़ा और मोटा है की उससे चुदवाने में सबको मज़ा आता है। असली बात यह अम्मी की मैं सबको देख देख कर मज़ा लेती हूँ। यह मत समझो समझो की तेरी बेटी बड़ी भोली भाली है, बड़ी सीधी सादी है। तेरी बिटिया की बुर लण्ड का मज़ा लेने में अव्वल है अम्मी।
मैं तो कहती हूँ की एक ही बड़े कमरे में, या फिर खुले आँगन में या फिर खुली छत पर सब लोग सबकी बीवियां चोदें और सब बीवियां सबसे चुदवायें। सबके शौहर चोदे सबकी बीवियों की बुर और सबकी बीवियां चोदे सबके शौहरों के लण्ड। तब आएगा जवानी का असली मज़ा ? ये चोरी चोरी चुपके चुपके न तो कोई किसी की बीवी चोदे और न कोई बीवी किसी के शौहर से चुदवाये। खुल्लम खुल्ला सबकी बुर चोदो और खुल्लम खुला सबके लण्ड चोदो।
इतने में मेरी खाला की बेटी गौहर आ गयी। उसने मेरी सारी बातें सुन लीं थी।
वह अम्मी से बोली :- हां खाला जान, खुशबू बिलकुल सही कह रही है। हम लोगों को छुप छुप कर चुदवाने की क्या जरुरत है ? मैं मानती हूँ की जो भी करो खुल कर करो। अब देखो मेरी माँ छुप छुप कर कई लोगों से चुदवाती है। अभी कुछ दिन पहले मैंने अम्मी को चचा जान का लौड़ा चूसते हुए देखा था। वह भी भोसड़ी का अम्मी की बुर चाट रहा था। यह सब देखते ही मेरी चूत की आग भड़क उठी। थोड़ी देर में उसने पेल दिया लण्ड मेरी माँ की चूत में ? मेरा मन हुआ की मैं भी अपनी चूत खोल कर उसके सामने खड़ी हो जाऊं और कहूँ की चचा जान इसमें भी पेल दो अपना लण्ड ? जब तू मादर चोद मेरी माँ की बुर ले सकता है तो मेरी बुर क्यों नहीं ले सकता ? मेरी बुर लेने में तेरी गांड फटती है क्या ? लेकिन मैं रुक गयी क्योंकि मेरी शादी होने वाली थी। कहीं कोई गड़बड़ न हो जाये ?
अब तो मैं चचा का लण्ड पहचान गई हूँ। मैं कई लोगों के लण्ड पहचानती हूँ और कई लण्ड नहीं पहचानती हूँ। खुशबू भी कई लण्ड पहचानती है और कई लण्ड नहीं ? खाला जान तुम्हारा भी यही हाल है। तुम मेरी ससुराल का कोई भी लण्ड नहीं पहचानती हो। मैं खुशबू के ससुराल के लण्ड नहीं पहचानती ? मेरी अम्मी ने अभी खुशबू के शौहर का लण्ड नहीं देखा। न ही मैंने देखा। खाला जान तूने भी मेरे शौहर का लण्ड अभी तक नहीं पकड़ा। इसी तरह मरद भी कई बीवियों की चूँचियाँ नहीं पहचानते ? खाला जान, मेरा अब्बू तेरी चूँचियाँ पहचानता है पर तेरी छोटी बहू की चूँचियाँ नहीं ? कई मरद मेरी बुर पहचानते हैं और कई नहीं पहचानते ? अब अगर खुशबू की बात मान ली जाए तो यह सब ख़तम हो जायेगा। सबकी बीवियां सबके लण्ड पहचान जायेगीं और सबके शौहर सबकी बीवियों की चूँचियाँ पहचान जायेगें और उनकी चूत भी ? अँधेरे में भी पकड़ो लण्ड तो मालूम हो जायेगा किसका है ?
तब तक एक आवाज़ आयी अरे गौहर दीदी तुमने एक बात बहुत अच्छी कही है की तुम मेरे मियां का लण्ड पहचानो और मैं तेरे मियां का लण्ड पहचानू। मामी जान ( मेरी अम्मी ) इसे तो फ़ौरन लागू कर दो। खुशबू दीदी की और गौहर दीदी की बात मान लो। मैंने अभी तक न खुशबू दीदी के मियां का लण्ड देखा और न गौहर दीदी के मियां का लण्ड। हां तुम दोनों के अब्बू का लण्ड जरूर देखा है। देखा क्या पेला भी है अपनी चूत में। खालू का लण्ड भी पेला है अपनी चूत में और अम्मी के देवर से भी चुदवाया है। मैं बस इतने ही लण्ड जानती हूँ। जबकि कुनबे में लण्ड बहुत हैं। यह बात रेहाना कह रही थी जो मेरी फूफी की बेटी है।
अम्मी ने कहा :- रेहाना तेरी माँ की चूत ? तुझे नहीं मालूम की तेरी माँ कितने लण्ड पहचानती है ? वो तो बिल्कुल रंडी है बुर चोदी रंडी । किसी का भी लण्ड खुले आम अपनी चूत में घुसेड़ लेती है।
रेहाना की अम्मी मेरी अम्मी की नन्द हैं। इसलिए अम्मी उसे खूब गालियां सुना रहीं हैं।
वह भी बोली :- मामी जान, तेरी नन्द का भोसड़ा और तेरी नन्द की बिटिया की बुर ? मैं भी जवान हूँ मेरी भी शादी हो चुकी है। मुझे भी सबके लण्ड अपनी चूत में पेलना है।
अम्मी बोली :- खुशबू तू ठीक कह रही है। अब जल्दी से एक सामूहिक चुदाई का इंतज़ाम कर ले। गौहर और रेहाना को अपने साथ लगा ले. ऐसा चुदाई का जश्न मनाया जाए की वह हमेशा याद रहे ?
मैंने कहा :- देखो अम्मी अगर आज ही प्रोग्राम करना है तो फिर जो लोग हैं उन्ही के साथ होगा। और अगर इसे दो दिन बाद करना है तो और लोगों को बुलाया जा सकता है।
तब तक गौहर बोली :- तू भोसड़ी की खुशबू चूत में आग लगा के भाग जाना चाहती है। अब तो प्रोग्राम आज ही होगा। जितने लोग मौजूद हैं यहाँ और जो लोग अभी आसानी से आ सकतें हैं उन्हें बुला कर आज रात को ही हो जाए सामूहिक चुदाई का जश्न ?
रेहाना बोली :- हां यार मैं इस बात से सहमत हूँ। आग तो मेरी भी चूत में भयानक लगी हुई है। मुझे भी बहन चोद ग़ैर मरदों के लण्ड से उतना ही प्यार है जितना की तुम सबको।
मैंने कहा :- ठीक है, तो सब लोग इंतज़ाम करो और आज ही शाम को ८ बजे से प्रोग्राम चालू हो जायेगा। शाम को ड्रिंक्स का सेट लग चूका था। खुले आँगन में गद्दे बिछ चुके थे। चारों तरफ लाइट का इंतज़ाम हो चुका था और चुदाई का सारा सामान लग गया था। जैसे की रेज़र, कैंची, क्रीम, वायसलीन, इंची टेप, नैपकीन,,,,,,आदि आदि। हमारे याहं कंडोम कोई इस्तेमाल करता नहीं। अगर कोई प्रिगनेंट हो जाए तो उससे कोई फरक नहीं पड़ता। जो लोग इकठ्ठा हुए वो सब इस प्रकार हैं।
१.मैं खुशबू मेरा शौहर बदर, २. अम्मी आरा और अब्बू अब्बास, ३. खाला ज़ाहिरा और खालू आरिफ, ४. खाला की बेटी गौहर उसका नियाज़, ५. फूफी की बेटी रेहाना उसका मियां अब्दुल, ६. मेरी नन्द ज़ारा उसका मियां सफी, ७. गौहर की सास आतिफा ससुर रहमान ८. अब्बू का दोस्त सफीक उसकी बीवी रूही।
ड्रिंक्स चालू हो गयी। सबके हाथ में एक एक शराब का गिलास आ गया और सबने चियर्स कह कर पीना शुरू कर दिया। यह बात सच है थोड़ा नशा हो जाने से चुदाई का मज़ा दूना हो जाता है। वैसे तो हम सब मादर चोद बड़े बेशर्म हैं पर नशे में कुछ भी करने का और कुछ भी कहने का मौका मिल जाता है क्योंकि ऐसे में कोई बुरा नहीं मानता और नहीं मानती। मैंने देखा है की जबसे बीवियां साथ में शराब पीने लगी हैं तबसे सामूहिक चुदाई ने ज्यादा मज़ा आने लगा है क्योंकि बीवियों की मस्त मस्त गालियां मर्दों के लण्ड में जोश भर देतीं हैं। दूसरा पैग जब चालू हुआ तो मैंने कहा :- देखो आज तो सामूहिक चुदाई होनी हैं। सबकी बीवियां चोदी जानी हैं। इसलिये आज इस प्रोग्राम में रिस्ता नाता गया गधे की गांड में ? शर्म लिहाज़ की माँ की चूत ? आज तो सिर्फ लण्ड और चूत की सुनी जाएगी ? खुल्लम खुल्ला गन्दी गन्दी बातें करो, प्यार से गालियों दो और सबकी माँ बहन चोदो। पर हां गालियां सिर्फ बीवियां ही देगीं मियां नहीं ?
और आज कोई अपनी बीवी नहीं चोदेगा। चोदना तो दूर कोई अपनी बीवी को छुएगा भी नहीं। इसी तरह कोई बीवी अपने शौहर से नहीं चुदवायेगी। उसका लण्ड बिलकुल नहीं छुयेगी। आज तो बस दूसरों की बीवियां चोदो और दूसरों के मियों से चुदवाओ। ऐसा कह कर मैंने गौहर के मियां के पैजामे में हाथ घुसेड़ दिया। मेरा हाथ उसके लण्ड से टकरा गाय। मुझे समझ में आया की लण्ड तो बड़ा दमदार है। धीरे धीरे लण्ड खड़ा होने लगा तो सबकी निगाह उस पर पड़ी। तब तक गौहर ने रेहाना के मियां अब्दुल के लण्ड पर हाथ रख दिया। उसने भी हाथ अंदर घुसेड़ा और लण्ड हिलाने लगी। रेहाना ने देख लिया की उसके मियां का लण्ड बुक हो गया है तो उसने गौहर के ससुर रहमान की लुंगी में हाथ घुसेड़ा उसका लण्ड पकड़ा और बाहर निकाल लिया। सबसे पहले इसी का लण्ड सबने देखा। गौहर लण्ड देख कर मुस्कराने लगी। तब तक गौहर की सास आतिफा गरमा गयी। उसने मेरे अब्बू के दोस्त सफीक का लौड़ा धर दबोचा।
मैं, खाला की बेटी गौहर, फूफी की बेटी रेहाना और गौहर की सास आतिफा सबकी सब अपने अपने कपडे उतार कर नंगी हो गयीं। हमारी बड़ी बड़ी चूँचियाँ और मस्तानी चूत देख कर उन लोगों के लण्ड साले तन कर आसमान देखने लगे। हाथ में जब पराये मरद का लण्ड हो तो मस्ती बहन चोद बढ़ ही जाती है। हम चारों एक दूसरे को देख देख कर मज़ा लेने लगीं।
उधर रूही ने हाथ बढ़ाया और मेरे अब्बू का लण्ड खींच लिया। वह लण्ड हिलाने लगी। शायद उसने पहली बार अब्बू का लण्ड देखा था। वह बोली हाय खुशबू तेरे अब्बू का लण्ड साला घोड़े के लण्ड जैसा है यार ? आज तो मेरे भोसड़े का बाजा बज जायेगा। तब तक अम्मी ने मेरे नंदोई को नंगा किया और उसका लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। लण्ड खड़ा हो गया। अम्मी ने उसे चूमा और बोली तुम भोसड़ी के मेरी बेटी की बुर में घुसते हो। आज तुम उसकी माँ के भोसड़ा में घुस कर दिखाओ। तब तक ज़ारा बोली हां आंटी ये तो मेरी खुशबू भाभी की बुर खूब लेता है। मेरी नन्द ज़ारा ने फिर हाथ बढाकर मेरे खालू आरिफ का लौड़ा पकड़ लिया। ज़ारा बोली हाय अल्ला, ये लौड़ा तो मेरे ससुर के लौड़े जैसे लगता है बहन चोद ? बड़ा मोटा है यार तेरे खालू का लण्ड खुशबू । उधर खाला ने मेरे शौहर बदर का लण्ड अपने कब्जे में कर लिया। खाला ने कहा खुशबू आज पहली बार मैं तेरे मियां का लण्ड देख रही हूँ। मैंने कहा खाला जान देखो नहीं इसे अपनी बुर में पेलो। जैसे देख तेरी बेटी गौहर ने रेहाना के मियां का लण्ड अपनी बुर में पेल रखा है।
इधर अम्मी, खाला, मेरी नन्द और अब्बू के दोस्त की बीवी जूही चार की चारों कपड़े खोल कर नंगी हो गयीं। अब तो आँगन में दो ग्रुप अपने आप बन गए। चार का एक ग्रुप और चार का दूसरा ग्रुप। उस बड़े से आँगन में ८ बीवियां नंगी नंगी दिखाई पड़ने लगी और साथ में ८ नंगे नंगे मरद भी। यह सीन देख कर सब लोग वास्तव में बहुत खुश हुए। अम्मी ने कहा बेटी खुशबू तुमने आज बहुत अच्छा काम किया। मैंने अपनी ज़िन्दगी में कभी भी ऐसा सीन नहीं देखा। इतने सारे नंगे नंगे लण्ड एक साथ कभी नहीं देखा। ये तो लण्ड का मेला हो गया। गौहर बोली हां खाला जान मैं भी पहली बार ये सब देख रही हूँ। पर इससे भी बड़ा मेला हो सकता है। आज तो जो यहाँ थे उन्ही को पकड़ लिया। अब सोंचो ज़रा जब ३/४ दिन का समय दिया जायेगा तो कुनबे के कितने लोग इकठ्ठा हो जायेगें ? और तब जश्न मनाया जायेगा तो लगभग १८/२० लण्ड हो जायेगें और इतनी ही चूत और चूँचियाँ। तब आएगा ज़न्नत का मज़ा ?
सारे लण्ड मुस्लिम लण्ड थे माने कटे लण्ड थे। कटे लण्ड के सुपाड़े एकदम साफ़ साफ़ चिकने दिखाई पड़ रहे थे। गोरे गोरे ये सारे बिना झांट के लण्ड वाकई बड़े खूबसूरत लग रहे थे। हालांकि सबके लण्ड अलग अलग थे. लण्ड के टोपा अलग अलग थे मगर सच है की इतने खूबसूरत लण्ड एक साथ कभी नहीं देखा। इसलिए मैंने २/३ तरफ कैमरा लगा दिया था। हमारी चुदाई का वीडियो बन रहा था। लेकिन यह बात किसी और को नहीं मालूम थी। अचानक मैंने देखा की सबने अपना लौड़ा परायी बीवी की बुर में घुसेड़ा और मस्ती से चोदने लगे। बीवियां भी अपनी अपनी गांड उठा उठा के चुदाने लगीं। पूरा आँगन चुदाई की आवाज़ों से गूंजने लगा। चुदवाते समय बीवियों के मुंह से अजब अजब तरह की आवाज़ें निकल रही थीं। जैसे की :-
"लौड़ा पूरा घुसेड़ दो मेरी बुर चोदी बुर में यार ,,,, मुझे अपनी बीवी समझ के चोदो भोसड़ी के ,,,,,,,वाओ, कितना मोटा लण्ड है तेरा यार ? ये तो मेरी माँ का भोसड़ा भी फाड़ डालेगा ,,,,,,, हाय दईया बड़ा मज़ा आ रहा है चुदाने में ,,,,,,,, सामूहिक चुदाई में इतना अच्छा लगता है यह मुझे आज मालूम हुआ,,,,,,, तुम तो मेरी माँ का भोसड़ा भी चोदते हो न आज उसकी बेटी की बुर चोदो ,,,,, हाय अल्ला, ज़न्नत का मज़ा आ रहा है तुमसे चुदवाने में ,,,,,,,, कभी मेरे घर भी आया करो चोदने ,,,, तेरी बेटी तो बुर चोदी बड़े मजे से चुदवा रही है ,,,,,,,, पूरा पेल दे लण्ड। यार मुझे रंडी की तरह चोदो ,,,,,, पराये मरद से चुदवाने में वाकई बड़ा मज़ा आता है ,,,,,,,मुझे भी चोदो मेरी माँ भी चोदो ,,,,,,,,, हाय रे तेरा लण्ड साला दूर तक घुस गया है यार कितना लंबा है तेरा लण्ड ,,,,,, मेरी बुर चरमरा रही है मादर चोद ,,,,, ससुर जी भोसड़ी के तुझे अपनी बहू की चूत में लण्ड घुसाने में शर्म नहीं आती ? . तेरी बिटिया की बुर. तेरा लण्ड साला लोहे की तरह सख्त है बहन चोद ,,,,,,,, अरे बेटा तूने मेरी बेटी की बुर चोदा है आज उसकी माँ का भोसड़ा चोदो, कितना नसीबवाला है तेरा लण्ड ,,,,,,. तेरे लण्ड की बहन की बुर साला देखो कितनी मस्ती से मेरी चूत में घुसा जा रहा है ,,,,,, अरे यार तू मेरी गांड मार ले। पेल दे अपना लौड़ा मेरी गांड में भी "
मैंने कहा :- यार गौहर मुझे तेरे मियां से चुदवाने में बड़ा अच्छा लग रहा है। क्या मस्त लौड़ा है इसका ?
गौहर :- मुझे भी रेहाना के मियां का लौड़ा मज़ा दे रहा है। मुझे ऐसा लगता है की मैं इससे हमेशा चुदवाती रहूं रेहाना :- गौहर ,मुझे तो तेरे ससुर से चुदवाने में खूब मज़ा आ रहा है। जब से ये भोसड़ी के मरद अपनी बेटियां और अपनी बहुओं की बुर लेने लगे हैं, तब से चुदाई जगत में एक तूफ़ान आ गया है। बेटियों और बहुओं को भी इनके बड़े बड़े लण्ड का मज़ा मिलता है और वो खूब एन्जॉय करती हैं।
आतिफा आंटी बोली :- अरी बुर चोदी बेटियों, पराये मरदों के लण्ड तो सबको अच्छे लगतें हैं। मैं तो अपनी सुहागरात से ही गैर मर्दों से चुदवा रही हूँ। बेटियों के मियों के लण्ड भी घुस कर मेरी बुर चोदते हैं। देखो न मुझे खशबू के अब्बू का दोस्त सफीक कैसे मुझे हचक हचक कर चोद रहा है। इसका साढ़े आठ इंची लण्ड बड़ा मज़ा दे रहा है।
मेरी खाला बोली :- हाय खुशबू बेटी मुझे तेरे शौहर का लण्ड पसंद आ गया है। ये तो बहन चोद मेरी चूत के चीथड़े उड़ा रहा है। मुझे इसी तरह के लण्ड चाहिए।
मेरी नन्द ज़ारा बोली :- हाय खुश्बू भाभी, मुझे तेरे खालू का लण्ड गचागच चोद रहा है और मैं यहाँ सबके लण्ड देख रही हूँ। इतने बढ़िया बढ़िया लण्ड मैंने पहले कभी नहीं देखा। अब तो मैं सबके साथ मिलकर ही चुदवाया करूंगी। मुझे बड़े लोगों से चुदवाने में ज्यादा मज़ा आता है। उधर देखो तेरी अम्मी मेरे शौहर से कैसे अपनी गांड उठा उठा के चुदवा रही हैं।भाभी देखो ने कितनी मस्ती से तेरी माँ का भोसड़ा चुद रहा है। मैं जब अपने मियां को किसी और की बीवी चोदते हुए देखती हूँ तो मुझे बड़ा मज़ा आता है। मैं तो चाहती हूँ की मेरा मियां सबकी बीवी चोदे और मैं सबके मियां से चुदवाऊँ।
सामूहिक चुदाई में मरदों को इसलिए ज्यादा ज़ाता है की वो एक बीवी की बुर से लौड़ा निकाल कर दूसरे की बीवी की बुर में घुसेड़ देते हैं। दूसरे की बुर से निकाल कर तीसरी बीवी की पर में ठोंक देते हैं फिर चौथी बीवी की बुर में या मुंह में घुसेड़ देते हैं। यही हाल बीवियों का भी है। उन्हें भी इसलिए ज्यादा मज़ा आता है की वो एक मरद का लौड़ा निकाल कर दूसरे मरद का लौड़ा पेल लेती है अपनी बुर में। फिर दूसरे का निकाल कर तीसरा लौड़ा घुसेड़ लेती हैं फिर चौथा फिर पांचवां लौड़ा ? किसी का लण्ड बुर में, किसी का लण्ड गांड में, किसी का मुंह में और किसी का चूँचियों में घुसा लेतीं हैं ? लण्ड बदलने का मौक़ा सामूहिक चुदाई में ही मिलता है और कहीं नहीं।
इसी तरह हंसी मजाक होती रही और चुदाई भी होती रही। दूसरे ग्रुप ने भी लण्ड अदल बदल कर चुदवाया। हर एक बीवी ने सात सात मरदों से चुदवाया। इन आठों बीवियों ने सात सात लण्ड का मज़ा लूटा ? इतनी जल्दी ७ -७ लण्ड अपनी चूत में पेलवाना कोई हंसी मजाक नहीं है।
उसके बाद हम लड़कियां महीने में १/२ बार इस तरह की सामूहिक चुदाई का जश्न आज भी मनाती हैं।
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