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मैं तेरी बीवी चोदूंगा तुम मेरी बीवी चोदो - Main teri biwi chodunga tum meri patni chodo
बेटी माहिरा अब तुम १९ साल को हो गयी हो। पूरी तरह जवान हो गयी हो। बालिग तो तुम एक साल पहले ही हो चुकी थी। मैं तेरा निकाह करना चाहती हूँ लेकिन उसके पहले तुम जवानी का मज़ा पूरी तरह लेना सीख जाओ मैं यही चाहती हूँ। तुम यह भी जान जाओ की दुनिया में क्या क्या होता है ? देखो जवानी का मज़ा लेने के लिए सबसे पहले बेशरम बनना पड़ता है। गालियां सीखनी पड़ती है और फिर खुले आम गालियां देनी भी पड़तीं हैं, बेटी। ये दुनिया बड़ी ज़ालिम है बहन चोद । जब तक इसकी माँ बहन नहीं चोदोगी तब तक ये दुनियां कुछ भी नहीं सुनने वाली। इसलिए सबसे पहले प्यार से गालियां देना सीखो, फिर लण्ड पकड़ना सीखो, फिर लण्ड चूसना चाटना और लण्ड पीना सीखो। उसके बाद लण्ड पेलना सीखो और फिर माँ चुदाना सीखो। जिस दिन तुम बड़ी बेशर्मी से अपनी माँ चुदवा लोगी उस दिन तुम जवानी का पूरा मज़ा लूटना सीख जाओगी बेटी माहिरा ?
मैंने मन में कहा अरे अम्मी जान मैं भोसड़ी की सब कुछ पहले ही सीख चुकी हूँ। मुझे गालियां देना भी आता है और लोगों की माँ बहन चोदना भी जानती हूँ। बस माँ चुदाना बाकी है। वह भी किसी दिन पूरा कर लूंगी । मैंने सोंच लिया है की मैं अपने बॉय फ्रेंड का लण्ड तेरे भोसड़ा में घुसेड़ दूँगी। मैंने अपना सिर हिला कर कहा हां अम्मी मैं सब समझ गयी हूँ। अम्मी आगे बोलती गई देख बेटी जब तू ससुराल जाएगी तो पता नहीं वहां तुम्हे किस तरह के लोग मिलेगें ? वैसे तो मैं उन सबको जानती हूँ फिर भी बहुत से ऐसे लोग मिल जातें है जिन्हे न मैं जानती हूँ और न तू। इसलिए तुम्हे पहले से ही हर बात के तैयार रहना चाहिए। मैंने कहा हां अम्मी मैं बिलकुल तैयार हो जाऊँगी। तुम चिंता न करो अम्मी। मुझे सीखने में देर नहीं लगेगी।
एक बात और समझ ले बेटी की आजकल नयी दुल्हन के पीछे हर आदमी पड़ा रहता है। उसे नंगी देखना चाहता है। उसके सामने नंगा होना चाहता है। उसके सामने अपना नंगा नंगा लण्ड हिलाना चाहता है। तुम भी जोश में आकर उसका लण्ड पकड़ना चाहोगी पर तुम्हे यह समझना पड़ेगा की ऐसा करने से कहीं तेरे शौहर का मिज़ाज़ न बिगड़ जाये ? तो तुम्हे सबसे पहले अपने शौहर की पसंद और नापसंद की ख्याल रखना होगा बेटी। वैसे लोग आजकल दूसरे की बीवी खूब चोदते हैं और अगर तेरा शौहर भी दूसरे की बीवी चोदने में यकीन करता है तो फिर तुम भी दूसरे के शौहर से चुदवा लेना बेटी। फिर कोई हर्ज़ नहीं है। अम्मी अपना उपदेश देकर मुस्कराती हुई चली गयीं।
अब मैं आपको पहले अपने बारे में बता दूँ दोस्तों। मैं एक बेहद खूबसूरत, गदराये हुए बदन वाली गोरी चिट्टी एक चंचल और शोख लड़की हूँ। कहतें है की जो लड़की जितनी खूबसूरत होती है वह उतनी ही बड़ी छिनार होती है। उसकी लण्ड पकड़ने की आदत बचपन से पद जाती है। यही मेरे साथ भी हुआ। मैंने १५ साल की उम्र में ही लण्ड पकड़ना, लण्ड चाटना, लण्ड चूसना और मुठ्ठ मार कर लण्ड पीना सीख लिया था। मेरी एक सहेली थी समीना। वह अपने खालू का लण्ड पकड़ती थी और उससे चुदवाती भी थी। उसी ने मुझे एक दिन अपने खालू का लण्ड मुझे पकड़ा दिया था। मैंने जब पहली बार लण्ड पकड़ा तो मुझे बहुत मज़ा आया। पहली बार जब मैं किसी मरद के सामने नंगी हुई और उसे नंगा देखा तो मुझे बड़ा मज़ा आया था। समीना भी भोसड़ी की मेरे नंगी थी। फिर तो दिन भर मैं लण्ड पकड़ती रही और चूसती रही। हां मैंने कभी चुदवाया नहीं क्योंकि डर था की कहीं कुछ गड़बड़ न हो जाये ?
उसके बाद समीना ने मुझे आपने मामू का लौड़ा भी पकड़ाया। मुझे उसमे में भी खूब मज़ा आया। फिर मैं अपने कॉलेज के लड़कों को पटाने लगी और उनके लण्ड पकड़ने लगी। धीरे धीरे मैं गालियां देना भी सीख गयी और दिन पर दिन बोल्ड होती गयी। १८ + की उम्र मैंने चुदवाना भी शुरू कर दिया। पर इस सब की भनक अम्मी को बिलकुल नहीं थी। इस तरह काफी समय बीत गया और मैं २१ साल की हो गयी। एक दिन मैं फोन से बातें कर रही थी। मैं बोली --- हां बोल न भोसड़ी की ,,,,,,,,,,उसकी माँ का चूत बहन चोद ,,,,,,,,,उसकी तो झांटें उखाड़ लूंगी ,,,,,,,,,वाओ, लौड़ा ८" + था,,,,,,,, ? तब तो तूने बड़ा मज़ा किया होगा ,,,,,,,,,,,,मुझे भी चोदेगा क्या ,,,,,,,,,? तूने माँ चुदाना शुरू कर दिया ,,,,,,,,,,,? हां हां यार मैं भी माँ चुदवाऊंगी,,,,,,,,उसकी गांड में तो लण्ड ठोंकूंगी मैं ,,,,,,,,,? उसकी बहन का लण्ड ,,,,,,,,,,,? हां हां मैं सब संभाल लूंगी ,,,,,,,,,? अरे यार मुझे भी कभी उसका लौड़ा पकड़ाओ न ,,,,,,,,,? हां हां मैं उसे भी बुर दे दूँगी अपनी,,,,, ?
मेरी बात ख़तम हुई तब मैंने देखा की मेरे बगल में अम्मी खड़ी हैं। वह मुझे देख कर बोली बेटी माहिरा बहुत अच्छा यही मैं चाहती थी। अब तू बोल्ड हो गयी है। अब तू दुनिया की माँ बहन चोद सकती है।
एक दिन इत्तिफाक से मैंने अम्मी को यह सब करते हुए देख लिया। रात को जब मैं बाथ रूम के लिए उठी तो देखा की अम्मी के कमरे में बहुत धीमी धीमी लाइट जल रही है। मैं उत्सुकता बस अंदर झाँकने लगी। मैं अंदर का सीन देख कर दंग रह गई। मैंने देखा की अम्मी एकदम नंगी नंगी खालू का लण्ड पकड़ कर मजे से हिला रही है और चूम भी रहीं हैं। यह सब देख कर मेरे बदन में आग लग गयी। मैंने फिर वह भी देखा जब खालू मेरी अम्मी की बुर चोदने लगा। मैंने चुपचाप पूरी चुदाई देखी। जैसे ही खालू के लण्ड ने वीर्य उगला वैसे ही मैं दौड़ कर अपने कमरे में आ गई।
अब मेरी हिम्मत और बढ़ गयी। उस दिन मैं घर में अकेली थी। अम्मी कहीं बाहर गयीं थीं। मैंने अपना लैपटॉप खोला और पोर्न फिल्म देखने लगी। मेरे कपड़े उतर गए और मैं नंगी हो गयी। पोर्न का नाम था X PAWN SLUTS.COM उसमे एक बड़ी बड़ी चूँचियाँ वाली लड़की को एक आदमी का लण्ड चूसते हुए देखा तो मेरी चूत की आग भड़क उठी। उसका कटा (circumcised cock) टन टनाता हुआ लण्ड देख कर मैं बहुत गरमा गयी और ऐसा लण्ड पीने की कल्पना करने लगी। बस मैंने फोन उठाया और कबीर को बुला लिया। कबीर मेरा बॉय फ्रेंड है। वह आधे घंटे के आ गया और मैं उससे लिपट गयी। मैंने उसे लैपटॉप पर लण्ड दिखाया और कहा यार मुझे ऐसा ही लण्ड चाहिए। तुम खोलो अपना लण्ड और मेरे मुंह में घुसेड़ दो। मैं इसी औरत की तरह तेरा लण्ड चाटूँगी। मैनें उसे एक मिनट में नंगा कर दिया और उसका लण्ड उसी तरह चाटने लगी। कबीर का लण्ड भी लगभग उसी तरह का था।
मैंने कबीर को टेबल पर नंगा बैठा दिया और मैं उसके सामने एक कुर्शी पर बैठ गयी। उसका खड़ा लण्ड मैं भी उसी तरह ऊपर नीचे करने लगी और फिर मुंह में डाल कर चूसने लगी। लण्ड का टोपा बहन चोद बिलकुल उसी तरह का था। मैं मस्ती हो गयी थी। तभी अचानक अम्मी कमरे में आ गयीं। मैंने उसे नहीं देखा पर उसने मुझे देखा और बड़ी देर तक देखती रहीं। फिर उसने हाथ बढ़ा कर लण्ड पकड़ लिया। मैंने सर उठाया और कहा हाय अम्मी ,,,,,? वह बोली हाय माहिरा तेरे दोस्त का लण्ड तो बड़ा जबरदस्त है यार ? कितना मोटा और कितना खूबसूरत है। उसने लण्ड का सुपाड़ा चाट कर कहा। मैंने कहा हां अम्मी आज ये लण्ड मेरी माँ चोदेगा ? मेरी माँ के भोसड़ा में घुसेगा ये लण्ड। अम्मी ने बड़े प्यार से मेरे गाल थपथपाये और बोली मैं अभी आती हूँ। वह जब वापस आयी तो मैं उसे कर हैरान हो गयी। एक तो वह बिल्कुल नंगी थी और दूसरे उसके हाथ में एक मस्त मोटा लण्ड था।
वह मुझे लण्ड पकड़ाते हुए बोली माहिरा देखो ये लण्ड कैसा है बेटी ? ये मेरा बॉयफ्रेंड अकबर है। मैंने लण्ड पकड़ा और बोली हाय अम्मी लण्ड तो बड़ा जबरदस्त है यार ? बड़ा मोटा और सख्त है लण्ड ? अम्मी बोली आज ये लण्ड मेरी बेटी चोदेगा। मेरी बिटिया की बुर में घुसेगा ये लण्ड ?
अम्मी ने मस्ती से कहा :- तेरी माँ की चूत माहिरा मैं तुमसे कम नहीं हूँ।
मैंने भी मस्ती में जबाब दिया :- तेरी बिटिया की बुर ज़ाहिरा मैं भी तुमसे कम नहीं हूँ। हम दोनों एकदम से एक साथ हंस पड़ीं। फिर अम्मी ने कहा देखो माहिरा अभी इस समय तेरा बॉय फ्रेंड तेरा शौहर है। मेरा बॉय फ्रेंड मेरा शौहर है। अब मेरा शौहर तुम्हे चोदेगा और तेरा शौहर मुझे चोदेगा। तुम अपनी माँ चुदवाओ मैं अपनी बेटी चुदवाऊंगी। बस मैं अकबर अंकल का लण्ड चाटने लगी और अम्मी कबीर का लण्ड चाटने लगीं। फिर अंकल ने जैसे ही लण्ड पेला मेरी चूत में मैं वैसे ही चिल्ला पड़ी उई माँ फाड़ डाला भोसड़ी वाले ने मेरी बुर। हाय रे बड़ा मोटा लण्ड बहन चोद। तब तक कबीर ने भी पेल दिया लण्ड मेरी माँ के भोसड़ा में। उधर वो चुदवाने लगी इधर मैं ? मुझे माँ चुदाने का मज़ा आने लगा। अम्मी को बेटी चुदाने का। हालांकि मेरी शादी नहीं हुई थी पर मुझे मियां अदल बदल कर चुदवाने का मज़ा आने लगा। मैं सोंचने लगी की अगर मेरा मियां भी इसी तरह अपनी बीवी चुदवाये तो कितना अच्छा होगा ?
अम्मी बोली :- माहिरा बुर चोदी, देख तेरा मियां मुझे चोद रहा है और मेरा मियां तुझे चोद रहा है। यही है जवानी का असली आनंद ?
मैंने कहा :- ज़ाहिरा भोसड़ी की तू भी देख ले मेरा मियां कैसे तेरी चूत के चीथड़े उड़ा रहा है। फिर हम दोनों ने खूब मस्ती से तीन तीन बार चुदवाया। अकबर बोला ज़ाहिरा भाभी मुझे तेरी बिटिया की बुर चोदने में खूब मज़ा आया। मैं तो आगे भी इसे चोदा करूंगा। कबीर ने भी कहा यार माहिरा मैंने कई लड़कियों की माँ चोदी है लेकिन जो मज़ा तेरी माँ चोदने में आया है वह मज़ा किसी और की माँ चोदने में नहीं आया। मैं आगे भी चोदा करूंगा तेरी माँ माहिरा।
अगले हफ्ते हमारे घर में एक जश्न मनाया गया। जिसमे पूरे कुनबे के लोग और नाते रिस्तेदार सब इकठ्ठा हुए। बड़ी ख़ुशी का माहौल था। खूब हंसी मजाक हो रही था , खुल्लम खुल्ला बातें हो रहीं थीं। किसी को कोई शर्म नहीं थी। लण्ड, बुर, चूत, भोसड़ा, गांड, झांटें, सब कुछ फ़टाफ़ट सबके मुंह से निकल रहा था। मादर चोद, बहन चोद, भोसड़ी के, गांडू, माँ का लौड़ा, बहन की लौड़ी सब कुछ हो रहा था मगर प्यार से। पूरा घर हंसी के ठहाकों से गूँज रहा था। मैं भी खूब मस्ती कर रही थी और अम्मी भी। रात को जब मैं लेटी थी तो अम्मी ने कहा अरे माहिरा ज़रा जा के देख तो की सबके कमरों में क्या हो रहा है ? मैं उठी और चुपके चुपके बगल के कमरे में झाँकने लगी। मैंने देखा की मेरी दीदी एकदम नंगी नंगी खालू का लंडात रहीं हैं। लण्ड साला एकदम तन कर खड़ा है। झांटें साफ़ हैं। मैं तो ललचा गयी लेकिन बोली नहीं। थोड़ी देर में खालू ने लण्ड पेल दिया दीदी की बुर में वह भी मजे से चुदवाने लगी।
मैंने सोंचने लगी की अम्मी सही कह रही थी की अदला बदली में ज्यादा मज़ा आता है। फिर मैंने देखा की वहीँ एक कोने में खाला जान फूफा का लण्ड चूस रही हैं। उसका भी लण्ड साला बड़ा लाजबाब था। और पलक झपकते ही खाला उससे चुदवाने लगीं। मैंने मन में कहा देखो भोसड़ी की दरवाजा खुला है और कितनी बेशर्मी से दोनों ग़ैर मर्दों से चुदवा रही हैं। फिर मैंने दूसरी तरफ वाले कमरे में झांका। मैंने देखा की वहां फूफी अपने दामाद से ही चुदवा रही हैं। मैंने कहा बाप रे बाप ! फूफी तो अपनी ही बेटी के शौहर से चुदवा रही है। बहुत बड़ी छिनार है मेरी फूफी भोसड़ी की ? यही नहीं उसके बगल में खाला की बेटी जो की मेरे उम्र की है वह माँ की लौड़ी दीदी के ससुर का लण्ड पी रही है। हाय अल्ला अपने बाप के उम्र के आदमी का लण्ड पी रही है बुर चोदी ? और फिर उसने कहा अंकल अब मुझे चोदो और अपनी बीवी की तरह चोदो ? मेरी तो आँखे खुली की खुली रह गयीं। वाकई दुनिया को तो छोड़ो घर में ही देखो क्या क्या होता है ? मैंने इससे पहले कभी इस तरह का सीन देखा नहीं था। इसका मतलब की ये तो बहुत पहले से चला आ रहा है।
फिर मैं ऊपर चली गयी। वहां भी झाँक कर देखा की फूफी के बेटी अपने नंदोई का लण्ड पूरा का पूरा अपनी चूत में घुसेड़े हुए है और बोल रही है नंदोई राजा आज मेरी बुर अच्छी तरह से ले लो। उस दिन तुम मुझे ठीक से चोद नहीं पाए थे आज चोद लो ? कल फिर मेरी माँ का भोसड़ा चोदना ? तुझे भी खूब मज़ा आएगा और तेरे इस हरामजादे लण्ड को भी मज़ा आएगा। उसी के बगल में उसकी नन्द भी नंगी लेटी हुई मेरे जीजू से चुदवा रही थी। यानी उसकी नंद अपने शौहर के सामने ही पराये मरद से चुदवा रही थी। मुझे लगा की उसकी नन्द तो बड़े अच्छे से अपनी बुर चुदवा लेती है। थोड़ी देर में उसने जब लण्ड अपनी बुर से निकाल कर मुंह में लिया तो मैंने लण्ड को अच्छी तरह देखा। लण्ड साला बिलकुल खालू के लण्ड की तरह था। यह सब देख कर मैं बुरी तरह चुदासी हो गयी थी। मेरी चूत बहन चोद बिलकुल गीली हो गयी। मेरी चूत एकदम ज्वाला मुखी बन गयी।
मैं जब वापस आयी तो देखा की अम्मी किसी का लण्ड पकड़ कर हिला रही हैं। मुझे देख कर वह बोली अरे सफी लो आ गयी तेरी बुर चोदी माहिरा जिसकी बुर लेने तुम आये हो। अब पेल दो इसकी चूत में लण्ड। ये बहुत चुदासी है इसे खूब कस के चोदो। उसने मुझे लिटा दिया और टिका दिया अपना लण्ड मेरी चूत में। उसने धक्का दिया और मैं चुदवाने लगी तब अम्मी ने कहा बेटी ये है मेरा कानपुर वाला बहनोई। इसने तेरी चूत की तारीफ सुनी तो तुम्हे चोदने आ गया।
चुदवाने के बाद मैं सो गयी। सवेरे ४ बजे उठी तो बाथ रूम की तरफ गयी। मैं जब वापस आ रही थी तो देखा की फूफी का दामाद और दीदी का नंदोई दोनों आपस में बातें कर रहे हैं । एक बोल रहा था - चलो यार आज तुम मेरी बीवी चोदो मैं तेरी बीवी चोदूँ। दूसरा बोला हां यार और कल तुम मेरी बीवी की माँ चोदना और मैं तेरी बीवी की माँ चोदूंगा ? तब तक मैंने देखा की मेरा खालू और फूफा दोनों बातें कर रहें हैं। मैं उनकी भी बातें सुनने लगी। खालू बोल रहा था यार अब चलो तुम मेरी बेटी चोदो मैं तेरी बेटी चोदूँ ? इन दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है और अब ये बीवियां बन चुकी हैं तो फिर क्यों न इन्हे चोदा जाए ? फूफा बोला हां जरूर चोदो यार। हमें तो दूसरे की बीवी चोदना है वो चाहे अपनी बेटी हो या फिर किसी और की बेटी । बस बीवी होनी चाहिए। मेरे मुँह से निकला ये साले भोसड़ी के मरद दूसरों की बीवियां चोदना अपना हक़ सकझते हैं। तब तक अम्मी बोली अरी माहिरा अब ज़माना बदल गया है, बेटी। अब तो बीवियां ग़ैर मर्दो से चुदवाना अपना हक़ समझती हैं। बहू बेटियां गैर मरदों से चुदवाने के लिए अपनी बुर हाथ में लिए घूमती हैं।
कुछ दिन बाद फिर मेरी भी शादी हो गयी। मैं मन में सोंचने लगी की अब मैं भी ग़ैर मर्दों से खुले आम चुदवाने के काबिल हो गयी हूँ। मैं ससुराल गयी और अगले दिन मेरी सुहागरात थी। उसी रात को मेरी नन्द बोली हाय माहिरा भाभी आज तो तेरी खूब जम कर चुदेगी बुर ? मेरी सुहागरात की जिम्मेदारी मेरी नन्द को मिली थी। उसी को सारा इंतज़ाम करना था। वह बोली भाभी बताओ कितने लण्ड से सुहागरात मनाओगी ? मैंने कहा यार क्यों मजाक कर रही हो ? सोहागरात तो सिर्फ अपने शौहर के साथ ही मनाई जाती है। वह बोली हां हां बिलकुल यह बात तो सच है लेकिन दुल्हन का मन एक लण्ड से नहीं भरता ? और फिर दूल्हा भी उस दिन किसी और की लेना चाहता है। कुछ ऐसे भी दूल्हे होतें हैं जो सुहागरात को ही अपनी बीवी दूसरों से चुदवाते हैं। मेरा भाई जान यानी तुम्हारा शौहर दोनों में ही खुश होगा। मर्जी तुम्हारी है भाभी जान। मैंने कहा नहीं पगली मेरी नन्द रानी मर्जी मेरे शौहर की है। वह जो चाहे वो करे मैं उसके साथ हूँ।
तब नन्द ने खुल कर कहा वह तो पहले तुम्हे चोद कर वहीं अपने दोस्त की बीवी चोदना चाहता है और तुम्हे उससे चुदवाना चाहता है। पर यह तभी होगा जब तुम हां कहोगी। मैंने कहा न अगर मेरा शौहर चाहता है तो मैं तैयार हूँ। जब वह चली गयी तो पीछे से मेरा शौहर आया। मैं उसे पहले भी देख चुकी थी। हां उसका लण्ड नहीं देखा था। मैं खुदा से दुआ कर रही थी की उसका लौड़ा मेरे मन का निकले तो अच्छा हो ? जब उसने मेरे कपड़े उतारे, मैंने उसके और हम दोनों नंगे हो गये तब मैंने उसका लण्ड पकड़ कर हिलाया। लण्ड फटाक से खड़ा हो गया तब मैंने खुदा का शुक्रिया अदा किया क्योंकि लण्ड बिलकुल मेरी पसंद का निकला। मैंने मस्ती से खूब हचक हचक कर चुदवाया।
करीब एक घंटा के बाद मैंने देखा की मेरे शौहर के साथ कमरे में एक और लड़का आ गया उसके पीछे
दूसरी रात को मैं अपने शौहर का इंतज़ार कर रही थी. शौहर तो नहीं आया पर एक मस्त जवान लड़का आ गया। उसके साथ मेरी नन्द भी थी। वह बोली भाभी जान ये मेरा नंदोई है। आज यह तेरी बुर लेगा क्योंकि इसकी बीवी यानी मेरी नन्द तेरे शौहर से चुदवा रही है। नन्द ने उसका लण्ड खींच कर मुझे पकड़ा दिया। मैं भी मजे से लण्ड हिला हिला कर मज़ा लेने लगी और बीच बीच में उसका सुपाड़ा चाटने लगी। मैं बहन चोद एकदम नंगी थी। बिना झांट का चिकना लण्ड मुझे पसंद आ गया। उसके बाद दो कपल भी कमरे में आ गए। तब नन्द बोली भाभी आज ये दोनों भी बीवियों की अदला बदली करेगें। तुम मेरे नंदोई को अपना शौहर मान कर इनके साथ अदला बदली करके चुदवाओ। ये तीनो तेरी बुर चो देगें और तुम इन तीनो के लण्ड चोदना। मैं भी अपने ससुर से चुदवाने जा रही हूँ और मेरी अम्मी तो पहले से ही मेरे जीजू से चुदवा रही हैं। मेरी सास तेरे ससुर का लण्ड अपने भोसड़ा में पेले हुए पड़ी है। यहाँ सब लोग दूसरों की बीवियां चोदते हैं भाभी। इसलिए तुम्हे परेशान होने की कोई जरुरत नहीं है। खूब मस्ती से सबसे चुदवाओ। सबके लण्ड पेलो अपनी चूत में और लूटो अपनी जवानी का असली मज़ा ? शादी हो जाने के यही फायदे होतें हैं भाभी जान । हमें किसी से भी चुदवाने की इज़ाज़त मिल जाती है। हां बस वह अपने ही कुनबे का और अपने नाते रिस्तेदारी का हो।
फिर क्या मैं ससुराल में भी और माईके में भी पूरी ऐय्यासी करने लगी। मैं इतनी अय्यास हो गयी की कोई रंडी भी बुर चोदी मेरे आगे चुदाने में ठहर नहीं सकती।
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