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जीजा करे चूत की चुदाई और खालू मारे गांड - Jija kre chut ki chudai aur khalu maare gand
- मैंने कहा - जीजू मैं तुम्हे अच्छी तरह जानती हूँ। तुम्हारी नस नस पहचानती हूँ। तुम मुझसे कुछ भी छुपा नहीं सकते ?
- जीजा ने हंस कर कहा - अच्छा ऐसी बात है ? तुम मेरी कौन कौन सी नस जानती हो ? ज़रा मुझे भी बता दो ? अगर कोई नस बची हो तो वह देख लो मेरी जान ?
- हाय दईया बड़ी जवानी चढ़ी है तुम पर जीजा जी ? मैं एक मिनट में लोगों की जवानी उतार देती हूँ। मैं किसी से डरती नहीं हूँ। मुझे कोई भोसड़ी वाला छू भी नहीं सकता ?
- वैसी भी नागिन को कोई छूता भी नहीं है। बल्कि नागिन ही सबके ऊपर चढ़ने की कोशिश करती है।
- मैं केवल चढ़ने वाली नागिन नहीं हूँ। मैं तो चढ़ के डसने वाली नागिन हूँ। अगर मैंने तुम्हे डस लिया न जीजा जी तो मैं तुम्हारी नस नस में चढ़ जाऊंगी।
- तो फिर चढ़ जाओ न मेरी नस नस पर ? तुम्हे कौन रोक सकता है ? मैं चाहता हूँ की तुम मेरे ऊपर चढ़ो।
- हाय दईया, तुम जो कह रहे हो न मैं वह सब समझ रही हूँ जीजा जी। मैं अब बच्ची नहीं हूँ। सब जानती हूँ चढ़ने का मतलब क्या होता है ?
- अगर जानती हो तो फिर फ़ौरन चढ़ जाओ न मेरे ऊपर ? नहीं तो मैं तेरे ऊपर चढ़ जाऊंगा।
- तेरी बहन का लण्ड, जीजा जी ? मुझे बहन चोद इतना बेवकूफ न समझो ? मैं मर्दों की फितरत खूब समझती हूँ। एक बात सुन लो मैं सबकी माँ बहन चोद देती हूँ।
- तो क्या लण्ड भी चोद लेती हो, साली जी ?
- हां मैं लण्ड चोदना भी जानती हूँ लेकिन 'लण्ड' इतनी आसानी नहीं चोदे जाते ? लण्ड चुदाने की कीमत देनी पड़ती है ? बोलो दोगे अपना लण्ड चुदाने की कीमत ? है तेरी गांड में दम ?
- बोलो क्या कीमत लोगी तुम ?
- तेरी माँ का भोसड़ा, तेरी बहन की बुर लूंगी, बोलो दोगे ?
अम्मी बोली - क्या हो रहा है जीजा साली के बीच में ?
जीजा बोला - कुछ नहीं सासू जी बस ऐसे ही ,,,,,,, ?
अम्मी - जहाँ जीजा साली हों वहां कुछ हो नहीं ऐसा तो हो नहीं सकता ? और अगर सच में कुछ नहीं है तो फिर या तो जीजा की गांड में दम नहीं है या फिर साली की गांड में दम नहीं है।
मैंने कहा - मेरी गांड में दम है अम्मी ? अब जीजू की गांड तुम देख लो ?
अम्मी - बेटी रफ़ा, जीजू की गांड में भी दम होनी चाहिए और जीजू के लांड में भी दम होनी चाहिए तभी काम बनेगा ?
मैं जीजू को अंगूठा दिखती हुई बोली - ले टिली लिल्ली ,,,,,,,गांड तो तेरी फट गई अब तू अपना लांड संभाल कर रख जीजू ?
अम्मी भी मुस्कराने लगीं। मेरा नाम रफ़ा है दोस्तों, मैं २२ साल की हूँ, सुन्दर हूँ, सेक्सी हूँ और हॉट हूँ. मैं अम्मी से पूरी तरह खुल चुकी हूँ। मैं जब १९ साल की हुई तो अम्मी ने एक दिन मुझे बुला कर कहा था - बेटी रफ़ा अब तू सायानी हो गयी है, जवान हो गयी है, अब मैं तुमसे कुछ नहीं छुपाना चाहती। बेटों मैं बहुत बड़ी बुर चोदी हूँ, मादर चोद हूँ, हरामजादी हूँ और बेहद अय्यास हूँ। मैं दारू पीती हूँ लण्ड पीती हूँ, पेल्हड़ चाटती हूँ, सब कुछ खुले आम करती हूँ। लण्ड में लेती हूँ, बुर में लेती हूँ, चूँचियाँ के बीच लेती हूँ, गांड में लेती हूँ और हाथ में लेकर सड़का मारती हूँ, फिर झड़ता हुआ लण्ड चाटती हूँ। अब तू मुझे चाहे रंडी कहे, चाहे बदचलन के, बेहाया, निर्लज्ज कहे, चाहे चुदक्कड़ कहे जो मन हो वो कहे। मुझे सब मंजूर है।
मैंने कहा - अम्मी तुम जैसी भी हो मुझे सब मंजूर है। मैं अम्मी के गले लग गयी और बोली - I LOVE YOU AMMI JAAN पर मैं भी कुछ कहना चाहती हूँ।
वह बोली - हां कहो बेटी, जो कुछ भी कहना चाहती हो ?
मैंने कहा - मैं भी दारू पीती हूँ, लण्ड पीती हूँ और कभी कभी चुदवाती भी हूँ।
अम्मी बोली - WOW, THIS IS A VERY GOOD NEWS FOR ME, BETI RAFA . I AM VERY HAPPY, . ये तो बड़ी अच्छी खबर है, बेटी । फिर हम दोनों मिलकर क्यों न दारू पियें और लण्ड पियें।
इतने में पीछे से किसी ने कहा - और लण्ड चोदें भी खाला जान ? बिना लण्ड चोदे मज़ा नहीं आएगा ?
मैंने पीछे देखा तो वह मेरी खाला जान की बेटी सलमा थी।
सलमा बोली - तुम भी अपनी माँ चुदवाओ रफ़ा जैसे मैं अपनी माँ चुदवाती हूँ।
अम्मी बोली - अरी बुर चोदी सलमा पहले रफ़ा को दारू तो पिलाओ, लण्ड तो पिलाओ तब वह लण्ड चोदेगी। सलमा ने कहा - अरे खाला जान मैं अभी इंतज़ाम करती हूँ लण्ड पीने का। तुम दारू पीने का इंतज़ाम करो । सलमा मुझसे मिली और बोली मैं अपने नंदोई को बुला लेती हूँ। वह इसी शहर में है। मैंने कहा मैं अपने दोस्त को बुला लेती हूँ। सलमा बोली चलो दो तो लण्ड हो ही गये हैं। तीसरा भी देखती हूँ। तब तक अम्मी ने दारू का सेट लगा दिया। शाम को मेरा दोस्त टैंगो आ गया। वह एक क्रिश्चियन लड़का है। और सलमा का नंदोई जासीर भी आ गया। मैं जासीर को जानती थी। मेरी अम्मी भी उसे जानतीं हैं। मैंने अपने दोस्त टैंगो को सबसे मिलवाया। हम लोग दारू पर बैठ गए। तभी किसी ने डोर बेल बजा दी तो अम्मी ने दरवाजा खोला। थोड़ी देर में अम्मी एक आदमी के साथ अंदर आ आयीं। अम्मी ने कहा इससे मिलो ये है आसिफ मियां मेरी दोस्त का शौहर। हमने उसे भी पार्टी में शामिल कर लिया।
मैंने जींस पहनी थी और बिना ब्रा का टॉप। अम्मी ने सिर्फ एक पारदर्शी गाउन पहन रखा था जिसके अंदर से उसकी चूँचियाँ साफ़ साफ दिखायीं पड़ रहीं थी। सलमा ने नीचे सलवार पहनी और ऊपर से एक चुन्नी ओढ़ ली। उसकी चूँचियाँ तो बिलकुल नंगी ही थीं। मैं और अम्मी दोनों दारू पीने में बड़ी तेज हैं। कारण यह है की दारू पीने के बाद बेशर्मी बढ़ जाती है और फिर लण्ड पीने में ज्यादा मज़ा आता है। मुझे तो लड़कों के बीच नंगी होकर और लड़कों को नंगा करके दारू पीने में ज्यादा मज़ा आता है। हमने चियर्स कहा और शुरू हो गए। आधा गिलास पीने के बाद अम्मी बोलीं देखो आसिफ मियां मैंने तुझे इन दोनों लड़कियों की बुर लेने के लिए बुलाया है. ये है मेरी बेटी रफ़ा और ये है मेरी बहन की बेटी सलमा ? आज तुम मेरे सामने मेरी बिटिया की बुर धकाधक चोदो और सलमा की भी बुर चोदो। बिलकुल वैसे ही चोदो जैसे तुम मेरी बुर चोदते हो। जैसे तेरी बीवी ग़ैर मर्दों से चुदवाती है वैसे मैं भी चुदवाती हूँ और मेरी बहन की बेटी बुर चोदी सलमा भी ग़ैर मर्दों से चुदवाने में माहिर है। गन्ना की तरह चूसती है सलमा ग़ैर मर्दों के लण्ड।
सलमा बोली हां अंकल मेरी खाला बिलकुल ठीक कह रहीं हैं। मुहे भी माँ चुदाने का शौक है। जब मैं अपनी माँ चुदवा सकती हूँ तो माँ की बहन भी। मैं इसीलिए अपने नंदोई को साथ लायी हूँ। ये मेरी बुर लेता है आज ये मेरी खाला की बुर लेगा और खाला की बिटिया की भी बुर लेगा। इधर मैंने भी कहा यार टैंगो मैंने तुझे अपनी माँ का भोसड़ा चोदने के लिए बुलाया है। इत्तिफाक से मेरी खाला की बेटी सलाम भी बुर चोदी यहाँ मौजूद है। तुम इसकी भी बुर चोदो जैसे तुम मेरी बुर चोदते हो ? मन हो तो इसकी गांड में घुसा देना लण्ड। सलमा तेरी माँ की चूत आज मैं देखूंगी की तेरी चूत में कितना दम है। इस तरह हम तीनो ने खुल्लम खुल्ला बात की और एक दूसरे की बुर चोदने की ठान ली। अब न तो मेरी बुर की ख़ैर है और न ही इन दोनों की बुर की ख़ैर ?
बस मैं उठा खड़ी हुई और अपने कपड़े उतार कर फेंक दिया। मैं घूम घूम कर अपना जिस्म सबको दिखाने लगी। यही सलमा ने भी किया . तीनो मरद एकटक हमारे नंगे जिस्म को देखने लगे। मैं और मस्त होने लगी। मैंने फिर देर नहीं की और सलमा के नंदोई का हाथ पकड़ कर उसे खड़ा कर दिया। मैं उसके कपडे खोलने लगी। सलमा आसिफ अंकल को नंगा करने लगी और अम्मी जान ने मेरे बॉय फ्रेंड टैंगो के लण्ड पर हाथ रख दिया। वह थोड़ी देर तक लण्ड ऊपर से रगड़तीं रहीं और उसकी पैंट खोलने लगीं। इसी बीच अम्मी की चूँचियाँ एकदम खुल कर बाहर आ गयीं। देखते ही देखते तीनो मरद बहन चोद नंगे हो गए और उनके लण्ड भी तन कर खड़े होने लगे।
मैं जासीर का लौड़ा पकड़ कर ऊपर पीछे करने लगी और बार बार चूमने लगी। लण्ड बढ़ने लगा। सलमा आसिफ अंकल का लौड़ा मुठ्ठी में लेकर मस्ती से सहलाने लगी और अम्मी जान ने मेरे दोस्त का लौड़ा मुंह में ही भर लिया। अंदर ही अंदर अम्मी लण्ड पे सुपाड़ी पर जाबन फिराने लगीं। इस तरहज हम तीनो एक ह कमरेमें नंगी नंगी अपने अपने लण्ड का मज़ा लूटने लगीं। थोड़ी देर बाद मैंने लण्ड अपनी चूत में घुसेड़ा और चुदवाने लगी, साला ने भी देर नहीं लगाया एयर लौड़ा चूत में घुसा लिया। अम्मी तो जाने कब से चुदासी थीं। उसने लण्ड अपने भोसड़ा में डाला और धकाधक चुदवाने लगी। सबसे ज्यादा तो मस्ती तो अम्मी के ऊपर ही चढ़ी थी। वह अपने को एक १८ साल की लड़की समझ कर ही चुदवाने में जुटी थी। तब तक किसी ने जोर से कहा -
तेरी बुर में लण्ड है, मेरी बुर में लण्ड
अभी गांड में घुसेगा, चूँची में भी लण्ड
कहतें हैं की चुदाई जब चरम सीमा पर पहुँच जाती है तो मुंह से कुछ न कुछ अजीब सी बातें निकलने लगतीं हैं। उनका मज़ा ही और होता है।
अब देखो न अम्मी बोल रहीं है - सलमा, तेरी माँ की बहन का भोसड़ा ? देखो न तेरी खाला बुर चोदी कैसे भकर भकर अपना भोसड़ा चुदवा रही है। तेरी खाला माँ की लौड़ी बहुत ही चुड़क्कड़ है। जाने कितने लण्ड खाता है इसका भोसड़ा ? इस बुर चोदी की नज़र तेरे शौहर के लण्ड पर है। जिस दिन मौक़ा मिलेगा तेरी चूत से लण्ड निकाल कर अपनी चूत में घुसा लेगी।
अम्मी ने अपने भोसड़ा को गाली भी दी और अपने मन की बात भी कह दी। पता चल गया है की वह सलमा के मियां से जल्दी ही चुदवाना चाहती है।
तभी मेरे भी मुंह से भी निकला - सलमा, तेरी खाला की बिटिया की बुर बहन चोद ? तुम्हे नहीं की उसकी बुर ससुरी कितनी हरामजादी है, कितनी आवारा और बदचलन हैं ? ये तो भोसड़ी वाली लड़कों के लण्ड ही नहीं बल्कि अपने बाप के उम्र के लोगों के लण्ड भी अपनी चूत में घुसेड़ना चाहती है। पता नहीं इसकी चूत कितनी गहरी है, बहन चोद ? सलमा के बात नोट कर ले तू यह तेरे मियां का लण्ड नहीं, तेरे ससुर का लण्ड भी किसी दिन अपने चूत में घुसा लेगी।
मैंने भी अपने मन की बात कह दी। अब सलमा की बारी थी। वह भी अपने आपको रोक नहीं सकी।
वह बोली - रफ़ा, तेरी बुर चोदी खाला की बिटिया की चूत। तेरी खाला को बहन चोद सिर्फ इतना ही मालूम है की की उसकी बेटी लौड़ा मुंह में लेती है और अपनी बुर में लेती है मगर वह कितने लौड़े मुझे में लेती है और कितने लौड़े बुर में ? उसकी बेटी मादर चोद रंडी की से भी बद्तर है। अपनी माँ चुदाने के साथ साथ वह अपनी सास का भोसड़ा भी चुदवाती है, अपनी नन्द की बुर में लण्ड पेलती है और अपनी जेठानी की गांड मारती है ? इन सब गन्दी गन्दी और मस्त मस्त बातों ने सबके लण्ड में गज़ब का जोश भर दिया और फिर किसी ने देर नहीं लगायी। सबने लौड़ा चूत में घुसेड़ कर बुर चोदना शुरू कर दिया। मैं सलमा के नंदोई से धकापेल चुदवा रही थी। मेरा दोस्त मेरी अम्मी की बुर लेने में जुटा था और सलमा भी आसिफ अंकल से झमाझम चुदवा रही थी। एक दूसरे को देख देख कर चुदवाने में खूब मज़ा आ रहा था।
मैंने अपने बॉय फ्रेंड से कहा - टैंगो मेरी माँ चोद रहे हो भोसड़ी वाले ? तूने कभी किसी और की माँ चोदी है ?
वह बोला - हां यार चोदी है। कॉलेज की तीन लड़कियां रूही, मैंडी और रिदा अक्सर मुझे अपने घर ले जातीं हैं और अपने सामने ही अपनी माँ चुदवाती है। मुझे माँ चोदने का बड़ा अनुभव है।
उधर सलमा बोली - आसिफ अंकल तुम मादर चोद बहुत अच्छी तरह से बुर ले रहे हो मेरी ? कभी अपनी बेटी की बुर ली है तूने ?
वह बोला - बेटी की ही नहीं बहू की भी बुर लेता हूँ मैं। रात में जो भी मेरा लण्ड पकड़ लेती है मैं उसी बुर में लौड़ा पेल देता हूँ अपना ? मुझे कोई शर्म नहीं आती। एक दिन रात में मेरी बेटी ने मेरा लौड़ा पकड़ लिया था। अँधेरा इतना था की मुझे समझ में नहीं आया की किसने मेरा लण्ड पकड़ा है। बस मैं चढ़ गया उसके ऊपर और भकाभक चोदने लगा जैसे मैं अभी तुझे चोद रहा हूँ। वह बह मुझसे खूब मस्ती से चुदवाने लगी। बाद में मुझे मालूम हुआ की वह मेरी बेटी थी। उसे भी मज़ा आया। उसके बाद सिलसिला चल पड़ा। हमारे यहाँ चुदाई में सब चलता है सब जायज़ है कोई कभी बुरा नहीं मनाता और बुरा नहीं मानती। लण्ड खुदा ने दिया है, चूत खुदा ने दी है तो इसका इस्तेमाल होना चाहिए बस। बाकी कुछ भी सोंचने की जरुरत नहीं है।
मैंने भी सलमा के नंदोई से चुदवाते पूंछा - जासीन तुम बताओ की तेरी बीवी कौन कौन चोदता है ?
वह बोला - मेरे सारे दोस्त मेरी बीवी चोदते हैं और मैं भी अपने सभी दोस्तों की बीवियां चोदता हूँ। मुझे मालूम है की मेरे कुनबे के कुछ लोग और मेरे नाते रिश्तेदारों में कुछ लोग मेरी बीवी की बुर लेतें हैं. मेरी बीवी भी उनसे खूब मजे से चुदवाती है लेकिन मैं इसका बुरा नहीं मानता क्योंकि मैं भी घर में कई लड़कियों की बुर लेता हूँ. कई लोगों की बीवियां चोदता हूँ और कई लड़कियों की माँ भी चोदता हूँ।
तब तक सबने चुदाई की स्पीड बढ़ा दी और ऐसे में मज़ा दूना हो गया।
सलमा मेरे बगल में लेटी हुई आसिफ से चुदवा रही थी। आसिफ अंकल मेरी चूत देख रहे थे और मेरी नाचती हुई चूँचियाँ भी बड़े गौर से देख रहे थे , फिर जाने क्या उसके मन में आया। उसने लण्ड सलमा की बुर से निकाल कर मेरी बुर में ठोंक दिया। अब मैं आसिफ अंकल से चुदवाने लगी। टैंगो ने लण्ड सलमा की बुर में घुसा दिया। वह मजे से सलमा की बुर लेने लगा , तभी अम्मी ने सलमा के नंदोई जासीर का लौड़ा अपने भोसड़ा में घुसेड़ लिया। वह भी हम दोनों की तरह धकाधक चुदवाने लगीं। लण्ड की अदला बदली ने एक नयी ऊर्जा भर दी हम लोगों के जोश में। हम तीनो फिर बड़े उत्साह से अपनी अपनी गांड उठा उठा के चुदवाने लगीं। अम्मी बोली - हाय जासीर तेरा लण्ड बड़ा मज़ा दे रहा है. बेटा मुझे और चोदो। कस कस के चोदो। फाड़ दो मेरा भोसड़ा। चोद लो रफ़ा की माँ की चूत। उधर सलमा बोलने लगी - हाय रफ़ा तेरे बॉय फ्रेंड का लौड़ा तो मेरी चूत फाडे दे रहा है यार। तूने तो इससे चुदवाकर खूब मज़ा लिया होगा। आज तो तुमने अपनी माँ भी चुदवा ली। तू सच में बहुत बड़ी बुर चोदी है।
मैंने कहा - अम्मी जान तेरी सहेली का मियां तो तो बेटी की बुर के चीथड़े उड़ा रहा है। तू बुर चोदी अम्मी कितने लोगों से चुदवाती है ? तेरा भोसड़ा कभी चुदवाते हुए थकता नहीं क्या ?
वह बोली - अरी मेरी भोसड़ी वाली रफ़ा, वह भोसड़ा ही क्या बेटी जो चुदवाते चुदवाते थक जाए ? ये तेरी माँ का भोसड़ा है बेटी कभी नहीं थकता ?
एक दिन मेरा जीजू आ गया। दीदी नहीं आई। वह अपनी ससुराल में ही थी। अब मेरी नियत जीजू के लण्ड पर ख़राब हो गयी। मैं मन ही मन सोंचने लगी की आज रात को अगर जीजू रुक गया तो मैं इसके लण्ड पर चढ़ बैठूंगी फिर चाहे जो हो ? अम्मी तो कुछ कह नहीं सकती क्योंकि वह तो खुद ही बहुत बड़ी हरामजादी चुदक्कड़ है। दूसरी किसी की हिम्मत नहीं है मुझसे कहने की। वैसे भी मैं झांट किसी की परवाह नहीं करती ? मेरे जीजू का नाम है हासिम। वह बड़ा स्मार्ट है हैंडसम है और गोरा चिट्टा है। सबसे बड़ी बात यह है की वह क्लीन सेव रहता है दाढ़ी मूंछ कुछ नहीं रखता। देखने से वह मुस्लिम नहीं लगता पर है मुस्लिम। शाम को जब मैं घर आयी तो देखा मेरा खालू भी आया हुआ है। उसक नाम है फरहत। अम्मी उससे बातें कर रहीं हैं। वह अम्मी की बड़ी बहन का शौहर है। इसलिए वह अम्मी का जीजू हुआ। मैं थोड़ा सेक्सी नेचर की हूँ इसलिए बड़ी जल्दी मर्दों के लण्ड के बारे में सोंचने लगती हूँ। मुझे लगा की इसका भी लौड़ा मजेदार होगा। हो सकता है की अम्मी इसका लौड़ा पीतीं हों ? लौड़ा अपनी चूत में घुसेड़ती हों, चुदवाती भी हों जैसे मैं अपने जीजू से चुदवाने की सोंच रही हूँ। अगर ऐसा है तो फिर आज अम्मी का भोसड़ा चुदेगा जरूर।
मैं चुपचाप उनकी बातें इसलिए सुनने लगी की शायद मुझे इसके लण्ड के बारे में कुछ मालूम हो जाए ?
- अम्मी - सुना है जीजू की आजकल तुम लड़कियों को बहुत बुलाते हो अपने पास ?
- वह बोला - नहीं ऐसी बात नहीं है। मेरे पास कुछ लड़कियां पढ़ने जरूर आ जातीं है ?
- अच्छा तो पढ़ाने के बहाने तुम उन्हें पटा लेते हो।
- अरे आसिफा बेगम (मेरी अम्मी का नाम) आजकल लड़कियों को पटाने की जरुरत नहीं होती है। लड़कियां खुद लड़के पटाने लगीं हैं। अब देखो न मेरे दोस्त ली लड़की ने एक दिन मेरा लण्ड पकड़ लिया। बोली आज मैं तेरा लण्ड पियूँगी अंकल। मुझे लण्ड पिलाओ तब मैं तुम्हे जाने दूँगी।
- तो फिर क्या किया तुमने जीजू जी ?
- मैंने कुछ नहीं किया। उसने पहले मेरे पैजामे में हाथ डाला, मेरा लौड़ा बाहर निकला और उसे मुंह में लेकर पीने लगी। मैं जब झड़ गया तब उसने लण्ड मुंह से बाहर निकाला।
- अरे जीजू एक बात समझ लो की अब वह तेरा लौड़ा अक्सर पीती रहेगी और अपनी चूत में भी पेलेगी। तेरा बहन चोद मोटा तगड़ा ८" + का लण्ड भला कौन लड़की छोड़ देगी ? मैं भी नहीं छोडूंगी। आज तो मैं तेरा लण्ड अपने भोसड़ा में घुसेड़ूँगी, जीजू।
मैं अपने जीजू के पास गयी मैं भी उससे बातें करने लगी।
- मैंने कहा - जीजू तुम तो बहुत बड़े बहन चोद हो ?
- वह बोला - वो कैसे ?
- अरे यार तुम मेरी बहन चोदते हो की नहीं ? अगर चोदते हो तो फिर बहन चोद हुए न ? कहीं ऐसा तो नहीं है की तुम मेरी बहन चोदते ही न हो ? कोई और चोदता हो मेरी बहन।
- अब देखो साली जी। तुमने मुझे अपनी बहन दी है। अब यह मुझ पर है की मैं तेरी बहन चोदूँ या किसी और से चुदवाऊँ।
- अरे भोसड़ी के जीजा जी तो फिर मेरी बहन की बहन भी चोद लो न ? मैंने सुना है तेरे लौड़े में बड़ी दम है यार ?
शाम को मैं, मेरी अम्मी, मेरा खालू और मेरा जीजू सब लोग इकठ्ठा हो गए। ड्रिंक्स पर बैठ कर बातें होने लगीं। मैंने न कभी खालू का लण्ड देखा था और न कभी जीजू का लण्ड। इसलिए मैं बहुत उत्तेजित थी। मेरी चूत गीली हो गयी थी. अम्मी ने तो खालू का लौड़ा देखा भी था और चोदा भी था। हां उसने जीजू का लौड़ा नहीं देखा था और उस देखने के लिए वह भी उत्तेजित हो रही थी। शर्म तो किसी को थी नहीं। नंगी होने में हम में से कोई नहीं शर्माती। इसलिए मैं उठ खड़ी हुई और अपने कपड़े उतारने लगी। मुझे देख कर अम्मी भी खड़ी हो गयीं। वह अपने को एक २४ साल की लड़की समझती हुई अपने कपड़े खोलने लगी।
हम दोनों फिर नंगी नंगी घूम घूम कर सबको अपना जिस्म दिखाने लगी। मैं खालू की तरफ बढ़ी और अम्मी मेरे जीजू की तरफ। मेंने खालू को नंगा किया और उसका लौड़ा हिला हिला कर खड़ा करने लगी। अम्मी ने मेरे जीजू का लौड़ा हिलाकर खड़ा कर दिया।
मैंने कहा - जीजू तुम मेरी माँ का भोसड़ा चोदो। और खालू तुम मेरी बुर चोदो।
अम्मी बोली - हां मेरी बुर चोदी बेटी रफ़ा, तेरी जीजू मेरी बुर चोदे और मेरा जीजू तेरी बुर चोदे तब आएगा ज़न्नत का मज़ा ?
फिर क्या मैं अम्मी के जीजू का लौड़ा चूसने लगी और अम्मी नेरे जीजू का लौड़ा...
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