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» हम सब बीवियां रात भर लण्ड अदल बदल कर चुदवाती रहीं - Din Raat sirf chudai hi chidai
हम सब बीवियां रात भर लण्ड अदल बदल कर चुदवाती रहीं - Din Raat sirf chudai hi chidai
हम सब बीवियां रात भर लण्ड अदल बदल कर चुदवाती रहीं - Din Raat sirf chudai hi chidai , चुद गई , चुदवा ली , चोद दी , चुदवाती हूँ , चोदा चादी और चुदास अन्तर्वासना कामवासना , चुदवाने और चुदने के खेल , चूत गांड बुर चुदवाने और लंड चुसवाने की हिंदी सेक्स पोर्न कहानी.
यह एक ऐसा कुनबा है जहाँ की सभी लड़कियां शादी शुदा हैं और सारे मरद भी शादी शुदा हैं। ये लोग आपस में भले ही माँ बेटी, सास बहू, नन्द भौजाई, देवरानी जेठानी हों पर हैं सब किसी न किसी की बीवियां। इसी तरह यहाँ भले ही देवर भाभी, बाप बेटा, चाचा भतीजा हों पर हैं सब किसी न किसी के शौहर।
मेरा नाम सबीना है। मैं २४ साल की हूँ और शादी शुदा हूँ।
मैं जब २१ साल की हुई थी तो एक दिन जाने किस मूड में अम्मी जान ने कहा - बेटी सबीना, तेरी बुर चोदी माँ की चूत ? मैं किसी दिन तेरी माँ की चूत तेरे सामने ही चोदूँगी।
मैं समझ नहीं पाई की अम्मी जान मुझसे इतनी गन्दी गन्दी बातें कैसे कह रहीं हैं ? तब तक मेरी खाला की बेटी आ गई। वह मुझसे दो साल बड़ी थी। मैंने उससे अपनी बात कही तो उसने मुझे बताया की तेरी अम्मी अब तुझसे गालियों से बात करना चाहती है। उसका मानना है की लड़की मेरी जवान हो गई है तो वह जवानी का पूरा मज़ा ले। अगर वह शर्माती रहेगी तो जवानी का मज़ा नहीं ले पायेगी। इसलिए वह चाहती हैं की तुम गालियां देना शुरू कर दो और फिर लण्ड पकड़ना और चुदवाना शुरू कर दो ? मैंने कहा अरे दीदी मैं तो लण्ड पकड़ रही हूँ। मैंने दो बार लण्ड अपनी चूत में भी पेला है। मगर यह बात अम्मी को नहीं मालूम ? वह बोली तो फिर तुम चुप रहो। लेकिन गालियां देने में कोई गुनाह नहीं है। गालियों से तुम बोल्ड बनोगी और तब जवानी का मज़ा खुले आम ले पाओगी। मुझसे यह सब बता कर वह बोली खाला जान मैं किसी दिन तेरी बहन की बिटिया की बुर चोदूँगी। लण्ड पेलूँगी मैं तेरी बहन की बिटिया की बुर में, खाला जान। तब तक खाला भी आ गयीं .
वह बोली - सबीना मैं भी कसी दिन तेरी माँ की बहन का भोसड़ा चोदूँगी। लण्ड तेरी माँ की बहन के भोसड़ा में घुसा दूँगी।
फिर मुझसे भी न रहा गया। मैंने भी गाली देने का मन बना लिया। सब गाली में अपनी अपनी ही बुर का ज़िकर कर रहीं थीं। तो मैंने भी कहा अम्मी जान मैं चोद डालूंगी तेरी बहू की नन्द की बुर ? एक मोटा लण्ड घुसेड़ दूँगी तेरी बहू की नन्द की बुर में ?
मेरी बात सुनकर सब लोग ठहाका मार कर हंसने लगीं।
उस दिन से मैं अम्मी से खुल गई और एक दिन उसने खुद मुझे एक लण्ड पकड़ा दिया। वह बोली बेटी सबीना तुम लण्ड पीना जानती हो ? मैंने सर हिला कर कहा हां जानती हूँ। वह बोली फिर आज तुम मेरे सामने मुठ्ठ मार लण्ड पियो। मैं तुम्हे लण्ड पीते हुए देखना चाहती हूँ। अगर तुम अच्छी तरह लण्ड पी लोगी तो मुझे यकीं हो जायेगा जी तुम अपनी जवानी का पूरा मज़ा ले पाओगी। मैंने लण्ड भी पिया और लण्ड अपनी चूत में भी पेला। अम्मी मस्ती में आ गयी और दूसरी पारी में बोली बेटी सबीना अब तुम लण्ड अपनी माँ की बुर में घुसेड़ दो। मैंने घुसेड़ दिया लण्ड । उस दिन से मैं बेधड़क अपनी माँ चुदवाने लगी। अब तो मेरी शादी हो गई है। मैं कई बार लण्ड अपनी चूत में पेलवा चुकी हूँ। कई लोगों के लण्ड अपनी बुर में घुसेड़वा चुकी हूँ। उस दिन मैं थी, मेरी खाला की बेटी थी जिसे मैं दीदी कहती हूँ, मेरी फूफी की बेटी भी थी और मेरे चचा जान की बेटी भी। हम सब बातें कर रहीं थीं और बड़ी गन्दी गन्दी बातें लण्ड, बुर, चूत, भोसड़ा, गांड, झांट सबकी बातें कर रहीं थीं। तभी हमने अम्मी खाला और फूफी की कुछ बातें सुन लीं।
अम्मी ने कहा - आज तो सब बेटियां है यार। आज कैसे हमारे घर के मरद एक दूसरे की बीवी चोदेंगें ? रोज़ तो भोसड़ी वाले परायी बीवियां चोदते हैं।
फूफी ने कहा - आज अगर ये सब परायी बीवियां चोदेंगें तो इन सबकी पोल अपनी बेटियों के सामने खुल जाएगी।तब तक खाला बोली - पोल खुल जाएगी तो क्या हो जायेगा ? ये बेटियां सबकी सब भोसड़ी वाली अपनी अपनी बुर चुदवा कर आयीं हैं। इनके सामने पोल खुल जाएगी तो क्या फरक पड़ेगा ? सबकी बेटियां अपनी माँ का भोसड़ा चुदवाती हैं की नहीं।
फूफी बोली - तो क्या तुम आज मेरे मरद से चुपके चुपके चुदवाओगी और मैं तेरे मरद से चुपके चुपके चुदवाऊंगी ?
खाला ने कहा - चुपके चुपके नहीं खुले आम चुदवाऊंगी। देखो सौ की सीधी एक बात। ये सभी बेटियां बुर चोदी अब हो गईं है बीवियां। इन्हे भी बीवियों की अदला बदली की चुदाई में शामिल कर लो। मैं तो इन सबके शौहरों से चुदवाना चाहती हूँ। सबके लण्ड पकड़ पकड़ कर देखना चाहती हूँ, लण्ड सबके पीना चाहती हूँ और अपनी बुर में पेलना चाहती हूँ। अब इनसे शर्म कैसी ? इन सबकी माँ की चूत बहन चोद ? अब ये बेटियां नहीं है बीवियां हैं और हर एक मरद दूसरे की बीवी चोदना चाहता है। सच बताऊँ मैं सबसे पहले अपनी बेटी के मियां का लण्ड पीना चाहती हूँ। मैं जानना चाहती हूँ की मेरी बेटी को कैसा लण्ड मिला है ? बेटियों के साथ भी होना चाहिए बीवियों की अदला बदली।
अम्मी ने कहा - बात तो तुम्हारी बिलकुल सही है। अब इस काम को तुम्ही आगे बढ़ाओ तो अच्छा है। आज मैं भी इन बेटियों के मियों के लण्ड पियूँगी।
फूफी ने कहा - तो फिर इकठ्ठा कर लो कुनबे की बीवियां और कुनबे के लण्ड ?
खाला ने कहा - हां हां मैं इकठ्ठा कर लूंगी।
कुनबे की बीवियों की अदला बदली और चोदा चोदी
खाला ने सबकी बेटियों को बुलाया और कहने लगीं -
"देखो मेरी बुर चोदी बेटियों, तुम सबकी शादी हो चुकी है और तुम सब अब बन चुकी हो किसी न किसी की बीवी। हम लोग यहाँ घर में करती हैं बीवियों की अदला बदली और चोदा चोदी ? जैसे मेरी दीदी मेरे मियां से मेरे सामने चुदवाती हैं और मैं उसके सामने उसके मियां से चुदवाती हूँ। जैसे मेरा देवर अपने दोस्त की बीवी चोदता है और दोस्त उसकी बीवी चोदता है। इसी तरह हम सब बीवियां आज अदला बदली करने जा रहीं हैं। मियों की अदला बदली या लण्ड की अदला बदली कहो पर सच्चाई यह हैं की कोई अपनी बीवी नहीं चोदेगा सब दूसरे की बीवियां चोदेंगें। तुम सबको मंजूर है की नहीं ? सबने कहा हां मंजूर है।"
खाला की बातें सबको भा गयी और सब बेटियां तैयार हो गयीं।
खाला की बेटी बोली अरे अम्मी जान मेरा मियां तो अपनी सुहागरात से ही बीवियों की अदला बदली करने लगा है। मैं उसके कई दोस्तों से चुदवाती हूँ और वह अपने कई दोस्तों की बीवियां चोदता है। यह खेल है तो बहुत ही मजेदार। बीवी बदलो और ठोंको लण्ड। मियां बदलो और चोदो लण्ड। आज इस समय इस महफ़िल में चार बेटियां बैठी हुई हैं। चारों के इत्तिफाक से मियां भी मौजूद हैं। १. मैं सबीना और मेरा शौहर साहिल, २. खाला की बेटी रुबिया जिसको मैं दीदी कहती हूँ और उसका यां बसीर, ३. फूफी की बेटी अदा और उसका मियां हसन, ४. चचा जान की बेटी आला और उसका मरद रफीक, इनके साथ मेरी खाला सामिया बेगम और खालू मदनी, फूफी बसीमा और फूफा फहीम।
पार्टी के लिए हमने ड्रिंक्स का इंतज़ाम किया था तो मैंने दारू का गिलास सबको पकड़ा दिया। जब एक एक पैग शराब अंदर घुस गयी तो मैंने मर्दों से पूंछा की तुमको पराई बीवी चोदने में मज़ा क्यों आता है।
लगा, मदनी ने फूफी की बुर में लौड़ा घुसेड़ दिया, फहीम ने आला की चूत में लौड़ा पेला और चोदने लगा। सबकी बुर में लण्ड बदल गये और सबके लण्ड के चूत भी बदल गयी तो मज़ा दूना हो गया। एक बार फिर चुदाई की रफ़्तार तेज हो गयी और चुदाई की आवाज़ों से पूरा कमरा गूंजने लगा।
किसी ने कहा - यार अपने ही कुनबे की बीवियां चोदने में ज्यादा मज़ा आता है। किसी ने कहा - हां यार अपने कुनबे के लण्ड से चुदवाने में तो ज़न्नत का मज़ा है। किसी ने कहा - हमारे कुनबे में हर तरफ के लण्ड हैं और चूत भी ? ये सब बातें हो ही रही थी की अचानक कमरे में मेरी नन्द बुर चोदी आ गयी वह भी अपने मियां के साथ थी। उसका नाम है सूफ़िया और उसका मरद है शौकत अली। मैंने कहा अरी नन्द रानी तू भी किसी का लौड़ा पकड़ ले और शुरू हो जा ? उसके पीछे से मेरी जेठानी नाजिया भी आ गयी। उसका मियां मसूद भी उसके साथ था। मेरी नन्द मसूद को नंगा करके उसका लौड़ा हिलाने लगी और मेरी जेठानी नन्द के मियां का लण्ड पकड़ कर . वो दोनों मरद थोड़ी देर में एक दूसरे की बीवी चोदने लगे। यानी मेरा जेठ मेरी नन्द की बुर लेने लगा। ये दोनों रिश्ते में भाई बहन है ? मेरा नंदोइ मेरी जेठानी की बुर चोदने लगा। मुझे यह सब देख देख कर अपार आनंद का अनुभव हो रहा था।
मेरी नन्द बोली - सबीना भाभी तुम अपने कुबने की बेटियों की बुर चुदवा रही हो ? बेटियों की माँ का भोसड़ा चुदवा रही हो ? मुझे नहीं मालूम था की तू बहन चोद इतनी हरामजादी होगी ? मैंने कहा - अच्छा ये बात तू कह रही है। तू तो खुद अपने ससुर का लण्ड खुले आम अपनी बुर में घुसेड़ लेती है, अपने जेठ का लण्ड पीती है तू, देवर से भकाभक चुदवाती है बुर और उनके दोस्तों से मरवाती है गांड। तू तो मुझसे ज्यादा हरामजादी है नन्द रानी। तेरी माँ की चूत. तेरी बहन का लण्ड और तेरी भाभी की बुर ?
इस तरह मस्ती से हम सब बीवियां रात भर लण्ड अदल बदल कर चुदवाती रहीं।
यह एक ऐसा कुनबा है जहाँ की सभी लड़कियां शादी शुदा हैं और सारे मरद भी शादी शुदा हैं। ये लोग आपस में भले ही माँ बेटी, सास बहू, नन्द भौजाई, देवरानी जेठानी हों पर हैं सब किसी न किसी की बीवियां। इसी तरह यहाँ भले ही देवर भाभी, बाप बेटा, चाचा भतीजा हों पर हैं सब किसी न किसी के शौहर।
मेरा नाम सबीना है। मैं २४ साल की हूँ और शादी शुदा हूँ।
मैं जब २१ साल की हुई थी तो एक दिन जाने किस मूड में अम्मी जान ने कहा - बेटी सबीना, तेरी बुर चोदी माँ की चूत ? मैं किसी दिन तेरी माँ की चूत तेरे सामने ही चोदूँगी।
मैं समझ नहीं पाई की अम्मी जान मुझसे इतनी गन्दी गन्दी बातें कैसे कह रहीं हैं ? तब तक मेरी खाला की बेटी आ गई। वह मुझसे दो साल बड़ी थी। मैंने उससे अपनी बात कही तो उसने मुझे बताया की तेरी अम्मी अब तुझसे गालियों से बात करना चाहती है। उसका मानना है की लड़की मेरी जवान हो गई है तो वह जवानी का पूरा मज़ा ले। अगर वह शर्माती रहेगी तो जवानी का मज़ा नहीं ले पायेगी। इसलिए वह चाहती हैं की तुम गालियां देना शुरू कर दो और फिर लण्ड पकड़ना और चुदवाना शुरू कर दो ? मैंने कहा अरे दीदी मैं तो लण्ड पकड़ रही हूँ। मैंने दो बार लण्ड अपनी चूत में भी पेला है। मगर यह बात अम्मी को नहीं मालूम ? वह बोली तो फिर तुम चुप रहो। लेकिन गालियां देने में कोई गुनाह नहीं है। गालियों से तुम बोल्ड बनोगी और तब जवानी का मज़ा खुले आम ले पाओगी। मुझसे यह सब बता कर वह बोली खाला जान मैं किसी दिन तेरी बहन की बिटिया की बुर चोदूँगी। लण्ड पेलूँगी मैं तेरी बहन की बिटिया की बुर में, खाला जान। तब तक खाला भी आ गयीं .
वह बोली - सबीना मैं भी कसी दिन तेरी माँ की बहन का भोसड़ा चोदूँगी। लण्ड तेरी माँ की बहन के भोसड़ा में घुसा दूँगी।
फिर मुझसे भी न रहा गया। मैंने भी गाली देने का मन बना लिया। सब गाली में अपनी अपनी ही बुर का ज़िकर कर रहीं थीं। तो मैंने भी कहा अम्मी जान मैं चोद डालूंगी तेरी बहू की नन्द की बुर ? एक मोटा लण्ड घुसेड़ दूँगी तेरी बहू की नन्द की बुर में ?
मेरी बात सुनकर सब लोग ठहाका मार कर हंसने लगीं।
उस दिन से मैं अम्मी से खुल गई और एक दिन उसने खुद मुझे एक लण्ड पकड़ा दिया। वह बोली बेटी सबीना तुम लण्ड पीना जानती हो ? मैंने सर हिला कर कहा हां जानती हूँ। वह बोली फिर आज तुम मेरे सामने मुठ्ठ मार लण्ड पियो। मैं तुम्हे लण्ड पीते हुए देखना चाहती हूँ। अगर तुम अच्छी तरह लण्ड पी लोगी तो मुझे यकीं हो जायेगा जी तुम अपनी जवानी का पूरा मज़ा ले पाओगी। मैंने लण्ड भी पिया और लण्ड अपनी चूत में भी पेला। अम्मी मस्ती में आ गयी और दूसरी पारी में बोली बेटी सबीना अब तुम लण्ड अपनी माँ की बुर में घुसेड़ दो। मैंने घुसेड़ दिया लण्ड । उस दिन से मैं बेधड़क अपनी माँ चुदवाने लगी। अब तो मेरी शादी हो गई है। मैं कई बार लण्ड अपनी चूत में पेलवा चुकी हूँ। कई लोगों के लण्ड अपनी बुर में घुसेड़वा चुकी हूँ। उस दिन मैं थी, मेरी खाला की बेटी थी जिसे मैं दीदी कहती हूँ, मेरी फूफी की बेटी भी थी और मेरे चचा जान की बेटी भी। हम सब बातें कर रहीं थीं और बड़ी गन्दी गन्दी बातें लण्ड, बुर, चूत, भोसड़ा, गांड, झांट सबकी बातें कर रहीं थीं। तभी हमने अम्मी खाला और फूफी की कुछ बातें सुन लीं।
अम्मी ने कहा - आज तो सब बेटियां है यार। आज कैसे हमारे घर के मरद एक दूसरे की बीवी चोदेंगें ? रोज़ तो भोसड़ी वाले परायी बीवियां चोदते हैं।
फूफी ने कहा - आज अगर ये सब परायी बीवियां चोदेंगें तो इन सबकी पोल अपनी बेटियों के सामने खुल जाएगी।तब तक खाला बोली - पोल खुल जाएगी तो क्या हो जायेगा ? ये बेटियां सबकी सब भोसड़ी वाली अपनी अपनी बुर चुदवा कर आयीं हैं। इनके सामने पोल खुल जाएगी तो क्या फरक पड़ेगा ? सबकी बेटियां अपनी माँ का भोसड़ा चुदवाती हैं की नहीं।
फूफी बोली - तो क्या तुम आज मेरे मरद से चुपके चुपके चुदवाओगी और मैं तेरे मरद से चुपके चुपके चुदवाऊंगी ?
खाला ने कहा - चुपके चुपके नहीं खुले आम चुदवाऊंगी। देखो सौ की सीधी एक बात। ये सभी बेटियां बुर चोदी अब हो गईं है बीवियां। इन्हे भी बीवियों की अदला बदली की चुदाई में शामिल कर लो। मैं तो इन सबके शौहरों से चुदवाना चाहती हूँ। सबके लण्ड पकड़ पकड़ कर देखना चाहती हूँ, लण्ड सबके पीना चाहती हूँ और अपनी बुर में पेलना चाहती हूँ। अब इनसे शर्म कैसी ? इन सबकी माँ की चूत बहन चोद ? अब ये बेटियां नहीं है बीवियां हैं और हर एक मरद दूसरे की बीवी चोदना चाहता है। सच बताऊँ मैं सबसे पहले अपनी बेटी के मियां का लण्ड पीना चाहती हूँ। मैं जानना चाहती हूँ की मेरी बेटी को कैसा लण्ड मिला है ? बेटियों के साथ भी होना चाहिए बीवियों की अदला बदली।
अम्मी ने कहा - बात तो तुम्हारी बिलकुल सही है। अब इस काम को तुम्ही आगे बढ़ाओ तो अच्छा है। आज मैं भी इन बेटियों के मियों के लण्ड पियूँगी।
फूफी ने कहा - तो फिर इकठ्ठा कर लो कुनबे की बीवियां और कुनबे के लण्ड ?
खाला ने कहा - हां हां मैं इकठ्ठा कर लूंगी।
कुनबे की बीवियों की अदला बदली और चोदा चोदी
खाला ने सबकी बेटियों को बुलाया और कहने लगीं -
"देखो मेरी बुर चोदी बेटियों, तुम सबकी शादी हो चुकी है और तुम सब अब बन चुकी हो किसी न किसी की बीवी। हम लोग यहाँ घर में करती हैं बीवियों की अदला बदली और चोदा चोदी ? जैसे मेरी दीदी मेरे मियां से मेरे सामने चुदवाती हैं और मैं उसके सामने उसके मियां से चुदवाती हूँ। जैसे मेरा देवर अपने दोस्त की बीवी चोदता है और दोस्त उसकी बीवी चोदता है। इसी तरह हम सब बीवियां आज अदला बदली करने जा रहीं हैं। मियों की अदला बदली या लण्ड की अदला बदली कहो पर सच्चाई यह हैं की कोई अपनी बीवी नहीं चोदेगा सब दूसरे की बीवियां चोदेंगें। तुम सबको मंजूर है की नहीं ? सबने कहा हां मंजूर है।"
खाला की बातें सबको भा गयी और सब बेटियां तैयार हो गयीं।
खाला की बेटी बोली अरे अम्मी जान मेरा मियां तो अपनी सुहागरात से ही बीवियों की अदला बदली करने लगा है। मैं उसके कई दोस्तों से चुदवाती हूँ और वह अपने कई दोस्तों की बीवियां चोदता है। यह खेल है तो बहुत ही मजेदार। बीवी बदलो और ठोंको लण्ड। मियां बदलो और चोदो लण्ड। आज इस समय इस महफ़िल में चार बेटियां बैठी हुई हैं। चारों के इत्तिफाक से मियां भी मौजूद हैं। १. मैं सबीना और मेरा शौहर साहिल, २. खाला की बेटी रुबिया जिसको मैं दीदी कहती हूँ और उसका यां बसीर, ३. फूफी की बेटी अदा और उसका मियां हसन, ४. चचा जान की बेटी आला और उसका मरद रफीक, इनके साथ मेरी खाला सामिया बेगम और खालू मदनी, फूफी बसीमा और फूफा फहीम।
पार्टी के लिए हमने ड्रिंक्स का इंतज़ाम किया था तो मैंने दारू का गिलास सबको पकड़ा दिया। जब एक एक पैग शराब अंदर घुस गयी तो मैंने मर्दों से पूंछा की तुमको पराई बीवी चोदने में मज़ा क्यों आता है।
- रुबिया के मियां बसीर ने जबाब दिया - क्योंकि पराई बीवी बहुत अच्छी तरह से उचक उचक कर बड़े मन से और प्यार से चुदवाती है।
- हसन ने कहा - क्योंकि पराई बीवी लण्ड बहुत अच्छी तरह से चूसती है।
- रफीक बोला - क्योंकि पराई बीवी जितनी देर तक लण्ड बुर में लेती है उससे ज्यादा देर तक वह मुंह में लेती है.
- मदनी बोला - मुझे पराई बीवी के मुंह से गन्दी गन्दी बातें और गालियां बहुत अच्छी लगती हैं। वह अपनी गांड मरवाने से भी नहीं चुकती।
- फहीम बोला - परायी बीवियां पराये मर्दों के लण्ड से ज्यादा प्यार करती है, बेधड़क होकर चुदवाती हैं और झड़ता हुआ लण्ड पी जाती हैं।
- साहिल बोला - मुझे पराई बीवियों की चूँचियाँ बहुत अच्छी लगती हैं। मुझे चूँचियाँ चोदने में बड़ा मज़ा आता है। पराई बीवी लण्ड का पूरा मज़ा लेती है। उसके मुंह से 'लण्ड' की गालियां सुनने का मुझे बड़ा शौक है।
- फूफी ने कहा - देखो बेटी सबीना, पराये मरद का लण्ड मूल धन के ब्याज की तरह है। जैसे मूल धन से ज्यादा प्यारा ब्याज लगता है वैसे ही पराये मर्दों के लण्ड लगतें हैं। मूल धन है अपने मियां का लण्ड और ब्याज है ग़ैर मर्दों के लण्ड।
- खाला बोली - यह सच है की मरद भोसड़ी का परायी बीवी को अच्छी तरह चोदता है। पूरी ताकत से चोदता है। जब वह अपनी बीवी को दूसरे से चुदवाते हुए देखता है तो उसका जोश दूना हो जाता है। जितनी मस्ती से उसकी बीवी किसी और से चुदवाती है वह उससे ज्यादा दूसरे की बीवी चोदना चाहता है। इसी वजह से चुदवाने वाली बीवी को ज्यादा मज़ा आता है।
- खाला की बेटी रुबिया बोली - क्योंकि पराये मरद का लण्ड ज्यादा ताकत से अंदर घुस कर चोदता है और चुदवाने वाली बीवी को किसी का डर नहीं रहता क्योंकि उसका मरद मादर चोद उसी के सामने किसी और की बीवी चोदता है। पराये मरद का लण्ड दूसरे की बीवी नंगी देख कर ज्यादा टन्ना कर खड़ा हो जाता है।
- फूफी की बेटी अदा बोली - क्योंकि ग़ैर मर्दों के लण्ड सब अलग अलग होतें हैं। नए नए लण्ड नए नए तरीके से चोदते है तो ज्यादा मज़ा आता है। जितने तरह के लण्ड उतनी तरह का मज़ा ?
- चचा जान की बेटी आला बोली - क्योंकि पराये मरद भोसड़ी के चूत बहुत अच्छी तरह से चाटते हैं। चूँचियाँ खूब चूसते हैं और गांड भी मजे से चूमते हैं। ग़ैर मर्दों के लण्ड में जादू होता है। वह बड़ी देर तक चोदता रहता है। उसे परायी बीवी की बुर चोद कर चले जाना है और कुछ नहीं करना ?
खाला अपने दामाद का लौड़ा हाथ में लेकर हिलाने लगीं। फूफी भी अपने दामाद का लौड़ा पाकर बड़ी खुश नज़र आ रही थीं। उसने कहा सबीना बेटी अब मुझे लगता है की मेरी बेटी के मियां का लौड़ा बड़ा जबरदस्त है और उसकी बुर चोदने के लिए पूरी तरह काबिल है। खाला ने कहा हां यार मेरा दामाद भी मेरी बेटी की बुर चोद चोद कर उसे पूरा मज़ा देगा। मैंने कहा अरे मेरी भोसड़ी की खाला जान तेरे दामाद का लण्ड तेरी बेटी की माँ चोदेगा तब तुम्हे उसकी असली ताकत का अंदाज़ा लगेगा। मैं तो फूफा का लण्ड चाटने लगी और उसके पेल्हड़ भी सहलाने लगी। आला बुर चोदी मेरे खालू का लण्ड पीने लगी। अदा मेरे मियां का लण्ड अपनी नंगी चूँचियों पर रगड़ने लगी। रुबिया रफीक का लण्ड हिलाने लगी। सामूहिक पराये मरद का लण्ड पीने की पार्टी बड़ी अच्छी लग रही थी। सब बीवियां देख रही थी कि कौन किस तरह मेरे मियां का लण्ड पी रही है और मरद भी देख रहे थे की उनकी बीवियां कितनी मस्ती से पराये मरद का लण्ड पी रहीं हैं।
थोड़ी देर बाद एक दूसरे की बीवी की चुदाई शुरू हो गयी। लोग दूसरे की बीवी अपनी बीवी समझ कर चोदने लगे। हसन फहीम की बीवी चोदने लगा. फहीम साहिल की बीवी यानी मुझे चोदने लगा, मेरा शौहर साहिल हसन की बीवी की बुर लेने लगा, रफीक बसीर की बीवी चोदने लगा और बसीर ने लण्ड मदनी की बीवी यानी मेरी खाला के भोसड़ा में लण्ड पेलने लगा, मदनी रफीक की बीवी आला की बुर में लौड़ा घुसाने लगा, सब के सब बहन चोद दूसरे की बीवी चोदने में मस्त होने लगे। चरों तरफ चुदाई की आवाज़ आने लगी। बीवियां भी मस्ती से अपनी अपनी बुर फैलाकर चुदवाने लगी। किसी के माथे पर कोई सिकन नहीं थी। सबको पराये मरद का लण्ड बड़ा प्यारा लग रहा था और सबको परायी बीवी की चूत मज़ा दे रही थी।
एक तरफ दारू का नशा हो और दूसरी तरफ ग़ैर मरद के लण्ड का नशा तो फिर चुदाई का आनंद ही दूसरा होता है। उसके सामूहिक चुदाई की मस्ती अपने आप में ज़न्नत का मज़ा देने लगती है। खाला बोली सबीना तू बुर चोदी इसी तरह की चुदाई हर हफ्ते करवाया कर। तेरी माँ की बहन की बुर ? तू तो बहुत बड़ी मादर चोद है ? मैंने कहा खाला अपने दामाद से चुदवाने में ट्यूझे बड़ा मज़ा आ रहा है इसीलिए तू मस्ती कुछ ज्यादा ही कर रही है। तेरी बिटिया की बुर बहन चोद ? वह तुमसे काम नहीं ग़ैर लोगों से चुदवाने में ?
कोई कह रही थी - हाय पूरा पेल दो लण्ड ,,,,, मेरी बुर रोज़ रोज़ चोदा करो मेरे राजा ,,,,, हाय दईया बड़ा मज़ाआ आ रहा है तेरा लण्ड बड़ा नाजेदार है यार ,,,,,,,,,,,,,,, वाओ, मेरी माँ का भोसड़ा भी इसी तरह चोदना यार। तेरा लण्ड साला बड़ा मोटा है ,,,,,,,,,, मेरी बेटी की बुर भी इसी चोदते हो न ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,? मेरी गांड में भी ठोंक दो लण्ड ,,,,,,,, मेरी चूँचियाँ भी चोद डालो ,,,,,,,,,,,,, तेरे बाप का लण्ड भी इसी तरह चोदती हूँ मैं ,,,,,,,,,,,,,,लण्ड क्या पेल्हड़ भी घुसा दो मेरी चूत में ,,,,,,,,,,, मेरी माँ चोदोगे अंकल चोद लो तेरा लण्ड बड़ा मज़ा करेगा ,,,,,,,,,,,, मेरी नन्द की बुर चोद कर तो देखो एक बार अपनी बीवी की बुर भूल जाओगे ,,,,,,,,, तेरे लण्ड की बहन की बुर ,,,,,,,, आज मैं तेरी बिटिया की बुर में सबके लण्ड पेलूँगी ,,,,,,,,,,,,, हाय दीदी कैसा लग रहा है मेरे मियां का लण्ड ,,,,,,,,,,,,,,,? तेरा शौहर का लण्ड अपनी चूत में डाल कर भून डालूंगी मैं ,,,,,,,,,,,,,,,,,,?
अचानक लोग एक बार और बीवी अदल बदल कर चोदने लगे। हसन खाला की बुर चोदने लगा, बसीर फूफी की बेटी अदा की बुर चोदने लगा, रफीक ने अपना लण्ड मेरी चूत में पेल दिया, मेरा मियां रुबिया की बुर चोदने
किसी ने कहा - यार अपने ही कुनबे की बीवियां चोदने में ज्यादा मज़ा आता है। किसी ने कहा - हां यार अपने कुनबे के लण्ड से चुदवाने में तो ज़न्नत का मज़ा है। किसी ने कहा - हमारे कुनबे में हर तरफ के लण्ड हैं और चूत भी ? ये सब बातें हो ही रही थी की अचानक कमरे में मेरी नन्द बुर चोदी आ गयी वह भी अपने मियां के साथ थी। उसका नाम है सूफ़िया और उसका मरद है शौकत अली। मैंने कहा अरी नन्द रानी तू भी किसी का लौड़ा पकड़ ले और शुरू हो जा ? उसके पीछे से मेरी जेठानी नाजिया भी आ गयी। उसका मियां मसूद भी उसके साथ था। मेरी नन्द मसूद को नंगा करके उसका लौड़ा हिलाने लगी और मेरी जेठानी नन्द के मियां का लण्ड पकड़ कर . वो दोनों मरद थोड़ी देर में एक दूसरे की बीवी चोदने लगे। यानी मेरा जेठ मेरी नन्द की बुर लेने लगा। ये दोनों रिश्ते में भाई बहन है ? मेरा नंदोइ मेरी जेठानी की बुर चोदने लगा। मुझे यह सब देख देख कर अपार आनंद का अनुभव हो रहा था।
मेरी नन्द बोली - सबीना भाभी तुम अपने कुबने की बेटियों की बुर चुदवा रही हो ? बेटियों की माँ का भोसड़ा चुदवा रही हो ? मुझे नहीं मालूम था की तू बहन चोद इतनी हरामजादी होगी ? मैंने कहा - अच्छा ये बात तू कह रही है। तू तो खुद अपने ससुर का लण्ड खुले आम अपनी बुर में घुसेड़ लेती है, अपने जेठ का लण्ड पीती है तू, देवर से भकाभक चुदवाती है बुर और उनके दोस्तों से मरवाती है गांड। तू तो मुझसे ज्यादा हरामजादी है नन्द रानी। तेरी माँ की चूत. तेरी बहन का लण्ड और तेरी भाभी की बुर ?
इस तरह मस्ती से हम सब बीवियां रात भर लण्ड अदल बदल कर चुदवाती रहीं।
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