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साइकिल सिखाते हुए एकांत में चुदाई की By Cycle sukhate huye ekant me chudai ki
साईकिल चलाना सिखाने के बहाने चूत की चुदाई , साइकिल सिखाते हुए एकांत में चुदाई की By Cycle sukhate huye ekant me chudai ki , चुद गई , चुदवा ली , चोद दी , चुदवाती हूँ , चोदा चादी और चुदास अन्तर्वासना कामवासना , चुदवाने और चुदने के खेल , चूत गांड बुर चुदवाने और लंड चुसवाने की हिंदी सेक्स पोर्न कहानी.
हेल्लो मित्रो, मैं तरुष आज 21 साल का हो गया हूँ लेकिन यह बात तब की हैं जब मेरी उम्र 18 साल और 1 महिना थी. मेरी पड़ोसन लड़की का नाम तिरिजा था. तिरिजा की उम्र मेरे जितनी ही थी, वो गर्ल्स कोलेज में थी और जब वोह शर्दियो में स्वेटर पहनती थी तो उसके बड़े बड़े स्तन देख के मेरा मन उसकी चुदाई करने को जरुर कर जाता था लेकिन साला चुदाई का कुछ जुगाड़ नहीं हो रहा था. तिरिजा का बॉयफ्रेंड भी था जो शायद उसके चुंचो को इतना दबाता था की वोह शरीर से बाहर आने को उतारू हुए पड़े थे. एक दिन सुबह सुबह मैं अख़बार पढ़ रहा था तभी तिरिजा आई और बोली - तरुष बाहर आओ ना. मुझे लगा की उसे कोलेज का कुछ काम होंगा. लेकिन मैं बाहर आया तो देखा की तिरिजा एक हौंडा साईकिल लिए खड़ी थी.
हेल्लो मित्रो, मैं तरुष आज 21 साल का हो गया हूँ लेकिन यह बात तब की हैं जब मेरी उम्र 18 साल और 1 महिना थी. मेरी पड़ोसन लड़की का नाम तिरिजा था. तिरिजा की उम्र मेरे जितनी ही थी, वो गर्ल्स कोलेज में थी और जब वोह शर्दियो में स्वेटर पहनती थी तो उसके बड़े बड़े स्तन देख के मेरा मन उसकी चुदाई करने को जरुर कर जाता था लेकिन साला चुदाई का कुछ जुगाड़ नहीं हो रहा था. तिरिजा का बॉयफ्रेंड भी था जो शायद उसके चुंचो को इतना दबाता था की वोह शरीर से बाहर आने को उतारू हुए पड़े थे. एक दिन सुबह सुबह मैं अख़बार पढ़ रहा था तभी तिरिजा आई और बोली - तरुष बाहर आओ ना. मुझे लगा की उसे कोलेज का कुछ काम होंगा. लेकिन मैं बाहर आया तो देखा की तिरिजा एक हौंडा साईकिल लिए खड़ी थी.
साली ने मस्त टाईट टी-शर्ट पहना था जिसके अंदर से उसके स्तन साफ़ साफ़ तो नहीं दिख रहे थे लेकिन टी-शर्ट के उकसने से उनका बड़ा बड़ा आकर किसी भी लंड को तिरिजा की चुदाई के लिए बेताब कर सकता था. तिरिजा बोली, तरुष मेरे पिता जी मेरे लिए साईकिल ले के आये हैं. मुझे आती नहीं हैं, उन्होंने कहा है की तुम मुझे सिखाओगे. मैंने सोचा साला कंजूस लाखो कमाता है और आसानी से एक्टिवा वगेरह ले सकता हैं, फिर भी उसने अपनी बेटी को एक साईकिल ही दी. मैंने तिरिजा को कहा की 2 मिनिट रुको मैं चाय पी लूँ. मैं फट से चाय पी के बाहर आया. तिरिजा वही खड़ी थी. मैं इस सेक्सी लड़की को लेके सोसायटी के पीछे वाले भाग में गया. यहाँ कुछ घर का काम काज चालू था लेकिन आज सन्डे होने की वजह से पूरा एरिया सुनसान था. आप यह कहानी हिंदी सेक्स स्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है।
तिरिजा को मैंने पूछा की उसे पता है की ब्रेक वगेरह कैसे लगाते हैं, उसे सब पता था केवल बेलेंस की गडबड थी. मैंने तिरिजा को साईकिल पर बिठाया. तिरिजा के एक हाथ को मैंने अपने कंधे के ऊपर रखा और उसे आहिस्ता आहिस्ता पेडल देने को कहा. मेरा हाथ सिट के ऊपर था और ना चाहते हुए भी उसकी गांड मुझ से स्पर्श हो रही थी. तिरिजा पेडल लगा रही थी. साईकिल के चलने से उसके बूब्स उछलने लगे थे. तभी मेरे मन में चुदाई की वासना जाग उठी. तिरिजा हंस रही थी क्यूंकि उसका बेलेंस धीरे धीरे सही हो रहा था. मैंने धीरे से मेरा हाथ तिरिजा की गांड पर से हटा कर थोड़ा निचे किया. तिरिजा अभी भी साईकिल सिखने के उत्साह में थी. मेरी ऊँगली सीधे गांड के छेद पर जा के रुकी. उसने मेरी तरफ देखा और बोली, तरुष क्या कर रहे हों. मैंने कहा, आगे देखो नहीं तो बेलेंस ख़राब हो जाएगा. तिरिजा हंस पड़ी और मुझे लगा की उसे भी मजा आ रहा हैं. मैंने उसकी गांड के छेद के ऊपर ऊँगली रगड़ना चालू किया. तिरिजा ने पेडल लगाने की स्पीड कम कर दी. मैंने अपना दूसरा हाथ कंधे के ऊपर सहलाना चालू किया.
तिरिजा को मैंने पूछा की उसे पता है की ब्रेक वगेरह कैसे लगाते हैं, उसे सब पता था केवल बेलेंस की गडबड थी. मैंने तिरिजा को साईकिल पर बिठाया. तिरिजा के एक हाथ को मैंने अपने कंधे के ऊपर रखा और उसे आहिस्ता आहिस्ता पेडल देने को कहा. मेरा हाथ सिट के ऊपर था और ना चाहते हुए भी उसकी गांड मुझ से स्पर्श हो रही थी. तिरिजा पेडल लगा रही थी. साईकिल के चलने से उसके बूब्स उछलने लगे थे. तभी मेरे मन में चुदाई की वासना जाग उठी. तिरिजा हंस रही थी क्यूंकि उसका बेलेंस धीरे धीरे सही हो रहा था. मैंने धीरे से मेरा हाथ तिरिजा की गांड पर से हटा कर थोड़ा निचे किया. तिरिजा अभी भी साईकिल सिखने के उत्साह में थी. मेरी ऊँगली सीधे गांड के छेद पर जा के रुकी. उसने मेरी तरफ देखा और बोली, तरुष क्या कर रहे हों. मैंने कहा, आगे देखो नहीं तो बेलेंस ख़राब हो जाएगा. तिरिजा हंस पड़ी और मुझे लगा की उसे भी मजा आ रहा हैं. मैंने उसकी गांड के छेद के ऊपर ऊँगली रगड़ना चालू किया. तिरिजा ने पेडल लगाने की स्पीड कम कर दी. मैंने अपना दूसरा हाथ कंधे के ऊपर सहलाना चालू किया.
तिरिजा कंधे को सहलाते ही हिल गई. उसने मेरी तरफ देखा, मेरी आँखों में उसे उस की चुदाई का भुत साफ़ नजर आ रहा था. तिरिजा बोली, तरुष यहाँ कोई देख लेगा प्लीज़ मत करो ना. मैंने कहा, तिरिजा यहाँ कौन देखेंगा..? तिरिजा की चुदाई की बेताबी बढ़ने लगी थी लेकिन वो बोली, अगर कोई आ गया तो इधर उधर से. मैंने उसे कहा, तिरिजा मैं तुम्हे कितने दिनों से पाने की कोशिश कर रहा था, आज मत रोको मुझे प्लीज़. तिरिजा ने मुझे सामने एक आधा बना हुआ घर दिखाया ओर बोली तरुष चलो उस घर में चले जाते हैं. मुझे भी तिरिजा का आइडिया सही लगा. मुझे भी उस की चुदाई करने के लिए इस घर से अच्छी जगह थोड़ी ही मिलने वाली थी. मैंने घर के पीछे साइकिल को लोक किया और हम खिड़की से कूद के अंदर घुसे. तिरिजा को मैंने हाथ पकड़ अंदर लिया. अंदर आते ही मैंने उसे ले दबोचा और अपने होंठ उसके होंठो पर दे दिए. तिरिजा के गले के ऊपर किस करते ही मुझे निविया क्रीम की खुश्बू आने लगी. मैं और भी मदहोश हो गया और इस देसी लड़की की चुदाई की इच्छा मुझे और भी तीव्र तरह से डंसने लगी. मेरा लंड आग आग सा हो गया था.
मैंने तिरिजा की टी-शर्ट उठाई और देखा की इस लड़की ने अंदर कोई ब्रा नहीं पहनी थी, अच्छा तभी इतना जम्पिंग जपांग कर रहे थे. मैंने उसकी निपल को सीधा मुहं में भर लिया. तिरिजा के मुहं से आह आह निकलने लगी. उसने मेरे लंड के ऊपर हाथ दिया और उसे मरोड़ने लगी. मैंने तिरिजा को कहाँ, डार्लिंग तोता इतना मत मरोड़ो टूट जाएंगा. तिरिजा हंस के बोली, अरे तुम्हारा तोता तो फकमशीन लगता हैं जाने किस किस की चुदाई कर के आया हुआ हैं, इतना कमजोर थोड़ी होगां. तिरिजा बातों में कामुकता भरी थी. उसने लंड को बरमुडा से आजाद किया. मैंने भी उसको पूरी नग्न कर दिया.मेरे दिल में भी बहुत सरे सवाल थे कि मैं आज किस किस तरह से इस हॉट लड़की की चुदाई करूँगा, लेकिन जैसे मैंने तिरिजा की चूत देखी मैं पागल सा हो गया, बिलकुल गुलाबी चूत थी और मस्त शेव की हुई. मैंने उसके ऊपर हाथ फेरा और तिरिजा के मुहं से लंबी आह निकल पड़ी. आप यह कहानी हिंदी सेक्स स्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है।
तिरिजा ने मेरा हाथ अपने चूत के ऊपर दबा दिया. मैंने तिरिजा को वहीँ लिटा दिया और उसकी चूत को जोर से चूसने लगा. मेरा हाथ तिरिजा की गांड को सहला रहा था. मैंने जीभ पूरी के पूरी तिरिजा के चूत में दे दी और तिरिजा आह आह करते हुए मेरे बालो को नोंचने लगी. मेरी जीभ तिरिजा की चुसाई कर रही थी और ऊँगली से उसकी गांड की चुदाई हो रही थी. मैंने चूत के साथ साथ तिरिजा की गांड पर भी जीभ फेरी..जीभ का गांड के ऊपर स्पर्श होते ही तिरिजा को जैसे की शरीर में करंट लगा हो वो वैसे उछल पड़ी. पांच मिनट तक अपनी चूत की और गांड की मुहं से की चुदाई का मजा लेने के बाद तिरिजा उठ खड़ी हुई, उसने मेरे लंड को हाथ से सहलाया. मैंने कहा, चूस लो डार्लिंग मजा आ जाएगा. तिरिजा निचे बैठ गई और मैं दिवार से सट के खड़ा हो गया. तिरिजा ने एक लंबी साँस ली और लंड को अपने मुहं में पूरा भर लिया. मुझे पता नहीं था की तिरिजा को लंड चूसने का इतना अनुभव होंगा. वो किसी एक्सपर्ट पोर्नस्टार के जैसे लंड को सुपाड़े से लेके तह तक मुहं में भर लेती थी और बिच बिच में मेरे गोटो को भी चूस लेती थी.
मुझे भी इस मस्त चुसाई के बाद तिरिजा की चुदाई करने की बहुत इच्छा हो रही थी. तिरिजा जोर जोर से लंड को मुहं में हिलाने लगी और वोह अपने हाथो से अपने चुंचो को भी मरोड़ने लगी. मैं चुपचाप खड़ा इस हॉट लड़की की कामुकता को देखता रहां. तिरिजा ने तभी लंड को मुहं से बाहर निकाला. मैंने उसे गांड से पकड़ा और अपनी तरफ खिंच लिया. हम दोनों मस्त फ्रेंच किस करने लगे और तिरिजा मेरी जबान से अपनी जबान लड़ाने लगी. मेरे हाथ तिरिजा की चूत के उपर गए. चूत बहुत गीली थी और मेरा औज़ार भी गर्म हुआ पड़ा था. मैंने तिरिजा को वहीं निचे लिटा दिया, उसके जांघो को फाड़ते हुए मैंने उसकी चूत की चुदाई करने के लिए अपना सुपाड़ा उसके चूत के मुहं पर रखा. तिरिजा आह बोली और मैंने एक हल्का झटका देते हुए लंड के आधे से ज्यादा भाग को अंदर कर दिया. तिरिजा की आह आह अब ओह ओह ओ ओऊ आऊं में बदलने लगी लेकिन वो मुझसे कहने लगी…आह तरुष आह बहुत मजा आ रहा हैं मुझे चोदो आह आह ओह…..
मैंने तिरिजा के कंधे को पकड़ लिया और अपने हाथो से उसके स्तन भी मसलने लगा. इधर मेरा लंड तिरिजा की चुदाई में मशगुल था और मैं ऊपर उसके स्तन और होंठो को भी चूस रहा था. तिरिजा अपनी गांड वाला हिस्सा हिला रही थी और मुझे अपनी तरफ खिंच रही थी. मैं भी जीतना हो सके उतना जोर से तिरिजा की चुदाई किए जा रहा था. तिरिजा के मुहं से आह आह निकलता ही रहा और मैंने उसे पकड़ के गले से लगा लिया. तभी तिरिजा बोली, तरुष जोर से चोदो मैं झड़ने वाली हूँ…मैंने तिरिजा को कहा, हाँ मैं भी झड़ने वाला हूँ..चलो साथ में झड़ते हैं. मैंने और भी तीव्रता से तिरिजा की चुदाई करनी चालू कर दी. वो भी अपनी चूत को मेरे लंड के ऊपर दबाने लगी. मेरे हाथ उसकी कमर को पकड़ मेरी तरफ खिंच रहे थे और वो भी मुझे पकड़ अपनी तरफ खिंच रही थी. आप यह कहानी हिंदी सेक्स स्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है।
मैं बोला, तिरिजा लेना मैं आ रहा हूँ……तिरिजा ने जोर से चूत को कस दिया और मेरा लंड उसकी चूत के अंदर वीर्य भरने लगा. तिरिजा ने जोर से मुझे ले दबोचा और सारा कामरस चूत के अंदर भर लिया. मैंने अपना लंड तिरिजा की चूत से बाहर किया और हम दोनों कपडे पहनने लगे. कुछ देर बाद हम घर की तरफ चल पड़े. इस दिन के बाद तो तिरिजा की चुदाई जैसे की रोज का क्रम हो गया वो अक्सर घर आती थी, कोलेज के काम के बहाने और चांस मिला तो चुदाई नहीं तो चुसाई कर के जाती थी.
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