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अंकल का लौड़ा देख कर बदन में आग लग गई - Uncle ke lund se chudwane ki ichchha
अंकल का लौड़ा देख कर बदन में आग लग गई - Uncle ke lund se chudwane ki ichchha , अंकल से चुद गई , चाचा का लंड चूत की चुदाई , चोदा चादी और चुदास अन्तर्वासना कामवासना , चुदवाने और चुदने के खेल , चूत गांड बुर चुदवाने और लंड चुसवाने की हिंदी सेक्स पोर्न कहानी.
शादी भी एक बड़ा मनोरंजक खेल है। नजदीकी रिश्तों में शादी करने से कई रिश्ते अपने आप बदल जातें हैं ? और कई रिश्ते नये पैदा हो जातें हैं ?
बेटी तू मेरी भाभी हो गई बुर चोदी
शादी की वजह से रिश्तों में बहुत बड़ा परिवर्तन हो जाता है। खाला नन्द बन जाती है, बुआ भाभी बन जाती है, बहन जेठानी या देवरानी बन जाती है, अम्मी कभी नन्द तो कभी भाभी बन जाती है। भाभी सास बन जाती है.
मैं बुर चोदी तेरी नंद हूँ, बेटी
बेटी मैं तेरी नंद हूँ तेरी माँ चोदूँगी
अब मुझे ही देखो न मेरी शादी होते ही मेरी अम्मी मेरी नन्द बन गई हैं। मैं अम्मी की बुर चोदी भाभी बन गयी हूँ। जी हां जिस लड़के से मेरी शादी हुई है वह अम्मी का भाई लगता है। यानी मेरा शौहर रिश्ते में मेरा मामू जान है। अब मैं अम्मी की भाभी हो गई हूँ तो फिर मैं अपनी नन्द की बुर चोदूँगी ही ? इसी तरह अम्मी अपनी भाभी की चूत में लौड़ा पेलेगी ही ? इसमें तो कोई शक ही नहीं है।
यह बात मुझे खुद अम्मी ने बताई। जब मेरी शादी तय हुई तो अम्मी मेरे पास आयी और बोली अरी सरारा बेटी मैं बुर चोदी तेरी नन्द बन गयी हूँ . माँ चोदूँगी तेरी ? गांड मारा करूंगी तेरी बहन चोद। और तू मेरी भाभी बन गई है। भाभी बुर में भी लण्ड पेला करूंगी मैं। सुना तूने सरारा तेरी माँ की चूत ? अब होगा असली लण्ड चूत का खेल ? खुदा ने यह एक बड़ा मस्त रिस्ता बना दिया है। मैं भी हंस कर बोली हाय दईया तो क्या मैं बैठी बैठी अपनी झांटें गिना करूंगी, अम्मी जान । मैं भी अपनी नन्द की बुर में लण्ड पेलूँगी और मारा करूंगी उसकी गांड ? मैं किसी से कम नहीं हूँ तू सुन ले मेरी बुर चोदी नन्द उर्फ़ मेरी अम्मी जान तेरी बिटिया की बुर अब बच नहीं पायेगी ? नन्द भौजाई का रिस्ता तो हंसी मजाक का, चोदा चोदी का होता ही है, अम्मी जान ? अब आएगा असली मज़ा.
वैसे मैं पहले से ही अम्मी से खुली हुई हूँ। जबसे मैंने उसे ऐज़ाज़ अंकल का लण्ड चाटते हुए देखा है तब से वह मुझसे कुछ नहीं छुपाती और खुल कर मेरे सामने ही चोदा चोदी करती हैं। अम्मी ने उसी दिन मुझे भी ऐज़ाज़ अंकल का लण्ड पकड़ा दिया था। मैं उस समय २१ साल की थी। हुआ यह था की जब मैं रात में उठी तो देखा की अम्मी के कमरे से कुछ आवाज़ें आ रहीं हैं। मेरी इच्छा हुई यह देखने की यह क्या माज़रा है ? मैं छिप छिप कर देखने लगी। मैंने देखा की अम्मी ऐज़ाज़ अंकल का लौड़ा हिला रही हैं। वह भी नंगी है और अंकल भी। अम्मी को पहली बार नंगी देख रही थी , उसकी बड़ी बड़ी चूँचियाँ और मस्त चूत देख कर मुझे यकीन हो गया की वह अभी मस्त जवान हैं और किसी भी जवान लड़की का मुकाबला कर सकतीं हैं। अंकल का लौड़ा देख कर मेरी बदन में आग लग गयी।
मैंने मन में कहा भोसड़ी की अम्मी अकेल अकेले ही लण्ड का मज़ा ले रही हैं। उस बुर चोदी को नहीं मालूम की उसकी जवान बेटी भी घर पर है और उसे भी लण्ड की जरुरत है। अंकल का लण्ड देख देख कर मेरी जान निकली जा रही थी। मुझे लगा की मैं अंदर घुस जाऊं और अम्मी के हाथ से लण्ड छीन कर खुद मुंह में भर लूं। सच बात यह है की लण्ड मुझे बहुत अच्छे लगने लगे थे। अचानक अम्मी की नज़र मुझे पर पड़ी। वह वहीँ से बोली अरी सरारा दूर से क्या देख रही है भोसड़ी वाली ? नजदीक आकर देख न अंकल का लण्ड और अपनी माँ का भोसड़ा ? आ जा मेरे पास अब तो तू जवान हो गयी है मादर चोद ? आज ही सीख ले तू लण्ड का मज़ा लेना और अपनी माँ चुदाना ? अब तुमसे क्या छिपाना ? अम्मी की प्यार भरी गालियां सुन कर मेरी चूत की आग और भड़क गयी। बस मैं उसके नजदीक चली गयी। उसने लण्ड मेरे हाथ में रख दिया। मैंने लण्ड मुठ्ठी में लिया तो वह और सख्त हो गया। तब तक अम्मी ने मेरे रहे सहे कपड़े भी उतार डाले। मैं मादर चोद एकदम नंगी हो गयी। उसका कहा सरारा जब बेटी जवान हो जाती है तो अपनी अम्मी की सहेली बन जाती है और सहेलियों के साथ खुल्लम खुल्ला चोदा चोदी की जाती है। उस दिन अंकल के लण्ड ने मेरे सामने मेरी माँ का भोसड़ा चोदा और मेरी चूत। अंकल का लण्ड जब खलास हुआ तो हम दोनों ने मिलकर खूब चाटा।
जब मेरी शादी तय हुई तो मुझे मालूम हुआ की मेरी अम्मी इस नए रिश्ते में मेरी नन्द हो गयी हैं और मैं उसकी भाभी। हम दोनों वैसे ही खूब जम कर चोदा चोदी करने लगीं थीं, एक दूसरे को गालियां देने लगीं थीं, इस नए रिश्ते ने सोने पे सुहागा का काम किया।
अम्मी मुझसे आँख मारती हुई बोली - तेरी नन्द की बिटिया बुर, बेटी सरारा उर्फ़ मेरी भाभी जान ?
मैंने भी आँख मारती हुई जबाब दिया - तेरी भाभी की माँ का भोसड़ा, अम्मी जान उर्फ़ मेरी नन्द ? फिर हम दोनों ने एक दूसरे से गले मिलकर खूब एन्जॉय करा।
मेरी शादी हुई मैं ससुराल चली गयी और अपनी सुहागरात मना कर फिर माईके वापस आ गयी। एक दिन खाला आ गयी। मैं अम्मी के साथ बैठी हुई बातें कर रही थी।
शादी भी एक बड़ा मनोरंजक खेल है। नजदीकी रिश्तों में शादी करने से कई रिश्ते अपने आप बदल जातें हैं ? और कई रिश्ते नये पैदा हो जातें हैं ?
बेटी तू मेरी भाभी हो गई बुर चोदी
शादी की वजह से रिश्तों में बहुत बड़ा परिवर्तन हो जाता है। खाला नन्द बन जाती है, बुआ भाभी बन जाती है, बहन जेठानी या देवरानी बन जाती है, अम्मी कभी नन्द तो कभी भाभी बन जाती है। भाभी सास बन जाती है.
मैं बुर चोदी तेरी नंद हूँ, बेटी
बेटी मैं तेरी नंद हूँ तेरी माँ चोदूँगी
अब मुझे ही देखो न मेरी शादी होते ही मेरी अम्मी मेरी नन्द बन गई हैं। मैं अम्मी की बुर चोदी भाभी बन गयी हूँ। जी हां जिस लड़के से मेरी शादी हुई है वह अम्मी का भाई लगता है। यानी मेरा शौहर रिश्ते में मेरा मामू जान है। अब मैं अम्मी की भाभी हो गई हूँ तो फिर मैं अपनी नन्द की बुर चोदूँगी ही ? इसी तरह अम्मी अपनी भाभी की चूत में लौड़ा पेलेगी ही ? इसमें तो कोई शक ही नहीं है।
यह बात मुझे खुद अम्मी ने बताई। जब मेरी शादी तय हुई तो अम्मी मेरे पास आयी और बोली अरी सरारा बेटी मैं बुर चोदी तेरी नन्द बन गयी हूँ . माँ चोदूँगी तेरी ? गांड मारा करूंगी तेरी बहन चोद। और तू मेरी भाभी बन गई है। भाभी बुर में भी लण्ड पेला करूंगी मैं। सुना तूने सरारा तेरी माँ की चूत ? अब होगा असली लण्ड चूत का खेल ? खुदा ने यह एक बड़ा मस्त रिस्ता बना दिया है। मैं भी हंस कर बोली हाय दईया तो क्या मैं बैठी बैठी अपनी झांटें गिना करूंगी, अम्मी जान । मैं भी अपनी नन्द की बुर में लण्ड पेलूँगी और मारा करूंगी उसकी गांड ? मैं किसी से कम नहीं हूँ तू सुन ले मेरी बुर चोदी नन्द उर्फ़ मेरी अम्मी जान तेरी बिटिया की बुर अब बच नहीं पायेगी ? नन्द भौजाई का रिस्ता तो हंसी मजाक का, चोदा चोदी का होता ही है, अम्मी जान ? अब आएगा असली मज़ा.
वैसे मैं पहले से ही अम्मी से खुली हुई हूँ। जबसे मैंने उसे ऐज़ाज़ अंकल का लण्ड चाटते हुए देखा है तब से वह मुझसे कुछ नहीं छुपाती और खुल कर मेरे सामने ही चोदा चोदी करती हैं। अम्मी ने उसी दिन मुझे भी ऐज़ाज़ अंकल का लण्ड पकड़ा दिया था। मैं उस समय २१ साल की थी। हुआ यह था की जब मैं रात में उठी तो देखा की अम्मी के कमरे से कुछ आवाज़ें आ रहीं हैं। मेरी इच्छा हुई यह देखने की यह क्या माज़रा है ? मैं छिप छिप कर देखने लगी। मैंने देखा की अम्मी ऐज़ाज़ अंकल का लौड़ा हिला रही हैं। वह भी नंगी है और अंकल भी। अम्मी को पहली बार नंगी देख रही थी , उसकी बड़ी बड़ी चूँचियाँ और मस्त चूत देख कर मुझे यकीन हो गया की वह अभी मस्त जवान हैं और किसी भी जवान लड़की का मुकाबला कर सकतीं हैं। अंकल का लौड़ा देख कर मेरी बदन में आग लग गयी।
मैंने मन में कहा भोसड़ी की अम्मी अकेल अकेले ही लण्ड का मज़ा ले रही हैं। उस बुर चोदी को नहीं मालूम की उसकी जवान बेटी भी घर पर है और उसे भी लण्ड की जरुरत है। अंकल का लण्ड देख देख कर मेरी जान निकली जा रही थी। मुझे लगा की मैं अंदर घुस जाऊं और अम्मी के हाथ से लण्ड छीन कर खुद मुंह में भर लूं। सच बात यह है की लण्ड मुझे बहुत अच्छे लगने लगे थे। अचानक अम्मी की नज़र मुझे पर पड़ी। वह वहीँ से बोली अरी सरारा दूर से क्या देख रही है भोसड़ी वाली ? नजदीक आकर देख न अंकल का लण्ड और अपनी माँ का भोसड़ा ? आ जा मेरे पास अब तो तू जवान हो गयी है मादर चोद ? आज ही सीख ले तू लण्ड का मज़ा लेना और अपनी माँ चुदाना ? अब तुमसे क्या छिपाना ? अम्मी की प्यार भरी गालियां सुन कर मेरी चूत की आग और भड़क गयी। बस मैं उसके नजदीक चली गयी। उसने लण्ड मेरे हाथ में रख दिया। मैंने लण्ड मुठ्ठी में लिया तो वह और सख्त हो गया। तब तक अम्मी ने मेरे रहे सहे कपड़े भी उतार डाले। मैं मादर चोद एकदम नंगी हो गयी। उसका कहा सरारा जब बेटी जवान हो जाती है तो अपनी अम्मी की सहेली बन जाती है और सहेलियों के साथ खुल्लम खुल्ला चोदा चोदी की जाती है। उस दिन अंकल के लण्ड ने मेरे सामने मेरी माँ का भोसड़ा चोदा और मेरी चूत। अंकल का लण्ड जब खलास हुआ तो हम दोनों ने मिलकर खूब चाटा।
जब मेरी शादी तय हुई तो मुझे मालूम हुआ की मेरी अम्मी इस नए रिश्ते में मेरी नन्द हो गयी हैं और मैं उसकी भाभी। हम दोनों वैसे ही खूब जम कर चोदा चोदी करने लगीं थीं, एक दूसरे को गालियां देने लगीं थीं, इस नए रिश्ते ने सोने पे सुहागा का काम किया।
अम्मी मुझसे आँख मारती हुई बोली - तेरी नन्द की बिटिया बुर, बेटी सरारा उर्फ़ मेरी भाभी जान ?
मैंने भी आँख मारती हुई जबाब दिया - तेरी भाभी की माँ का भोसड़ा, अम्मी जान उर्फ़ मेरी नन्द ? फिर हम दोनों ने एक दूसरे से गले मिलकर खूब एन्जॉय करा।
मेरी शादी हुई मैं ससुराल चली गयी और अपनी सुहागरात मना कर फिर माईके वापस आ गयी। एक दिन खाला आ गयी। मैं अम्मी के साथ बैठी हुई बातें कर रही थी।
- खाला बोली - अरी सायरा, तू तो अपनी ही बेटी की नन्द बन गयी बहन चोद ? अब तो तेरे मजे हो गये ? और हां तेरी बेटी तेरी भाभी बन गयी है। अब तो तू अपनी भाभी की बुर में लौड़ा पेला करेगी ? खाला की खुल्लम खुल्ला बात सुन कर मैं हैरान भी हुई और मन ही मन खुश भी हुई।
- अम्मी ने कहा - हां यह बात तो सही है ? अब तो मैं अपनी भाभी की बुर में लौड़ा पेला करूंगी और वह भी अपनी नन्द की बुर में लौड़ा घुसेड़ेगी ? अब तो खुले आम होगा चुदाई का खेल ?
- खाला ने कहा - हां यार यह बात तो है। शादियों से अजीब रिश्ते बन जातें हैं। अब मुझे ही देखो मैं अपनी ही बेटी की सास लगती हूँ और वह मेरी बहू ?
- तब तक खाला जान की बेटी सबा भी आ गई । वह बोली मैं तो अपनी सास की गांड में दम करती रहूंगी, लौड़ा ठोंकती रहूंगी उसकी गांड में ? और सुनो, सास को काबू में रखने में रखने के लिये उसका भोसड़ा भी चोदना पड़ेगा मुझे ?
- खाला ने कहा - तो मैं क्या चुप चाप बैठी हुई झांटें गिनूँगी क्या ? मैं भी अपनी बहू की बुर चोदूँगी। लौड़ा पेला करूंगी अपनी बहू की बुर में ? बहू की माँ की चूत ? मैं उससे कम तो हूँ नहीं ?
- अम्मी ने कहा अरे ताहिरा, इस रिश्ते से तो मैं भी तेरी बेटी की सास हुई और वह मेरी बहू ?
- सबा ने कहा हां खाला तुम भी मेरी सास हो ? सास की बुर चोदी बहन तो सास ही हुई न ? मैं तेरा भी भोसड़ा चोदूंगी ? और सास की बहू तेरी भी बहू है खाला जान। इसका मतलब की तुम भी मेरी भी बुर चोदोगी।
- अम्मी ने कहा - हां बिलकुल चोदूँगी
- मैंने कहा खाला कान एक और बात सुन ले। मेरी शादी से तू भी मेरी नन्द हुई और मैं नन्द की बुर में लौड़ा जरूर घुसाती हूँ। अब तेरी चूत पर मेरा भी कब्जा होगा ?
- खाला बोली - अरे हां सरारा तू तो मेरी भी भाभी बन गई है. तेरी माँ की बहन की बुर ? अब मैं सबा के ससुराल वालों के लण्ड तेरी चूत में पेला करूंगी।
- मैंने जबाब दिया और मैं अपनी ससुराल वालों के लण्ड तेरी भी चूत में पेलूँगी और तेरी बेटी की चूत में भी ?
- सबा बोली - यार तुम लोगों ने ये सब बोल बोल कर मेरी चूत को चुदासी बना दिया। मैं तो अभी इसी समय चुदवाना चाहती हूँ।
- चुदवाना तो मैं भी चाहती हूँ सबा ? पेलो न कोई लण्ड मेरी चूत में ?
- उधर खाला बोली - अरे एक लण्ड मेरे भी भोसड़ा में घुसेड़ देना। मैं भी बुरी तरह चुदासी हो गयी हूँ।
मैंने कहा हाय अल्ला ऐसी बात है सबा तो फिर पेल दो न इनके लण्ड अपनी माँ के भोसड़ा में ? यानी अपनी सास की बुर में ? मेरा ऐसा कहना हुआ तो सबा उन दोनों के पैजामे के अंदर हाथ डाल कर अंदर ही अंदर लण्ड सहलाने लगी। लण्ड बहन चोद खड़े होने लगे। तभी सबा ने दोनों के पैजामे के नाड़े खोल डाले तो पैजामे नीचे गिर पड़े और वो दोनों नंगे हो गए। उनके लण्ड देख कर मेरे मुंह में पानी आ गया और मेरी अम्मी भी अपने होंठ चाटने लगी। हम दोनों लण्ड पीने के लिए ललचाने लगीं।
इतने में डोर बेल बज उठी। मैं दरवाजा खोल कर देखने लगी। सामने जॉन अंकल खड़े थे । जॉन अंकल मेरे कॉलेज के टीचर थे। अम्मी उसे अच्छी तरह जानती हैं। अम्मी ने इशारा किया तो मैंने उसे अंदर कमरे में। अम्मी ने कहा जॉन तुम भोसड़ी के बड़े हैंडसम लग रहे हो ? तेरी बीवी कहाँ है ? जॉन ने बताया की वह अपने बॉय फ्रेंड के साथ गयी है। अम्मी उठ कर जॉन के बगल में बैठ गयी और मुस्कराकर बोली अच्छा इसका मतलब तुम अपनी गर्ल फ्रेंड के पास आ गए हो ?
इतने में डोर बेल बज उठी। मैं दरवाजा खोल कर देखने लगी। सामने जॉन अंकल खड़े थे । जॉन अंकल मेरे कॉलेज के टीचर थे। अम्मी उसे अच्छी तरह जानती हैं। अम्मी ने इशारा किया तो मैंने उसे अंदर कमरे में। अम्मी ने कहा जॉन तुम भोसड़ी के बड़े हैंडसम लग रहे हो ? तेरी बीवी कहाँ है ? जॉन ने बताया की वह अपने बॉय फ्रेंड के साथ गयी है। अम्मी उठ कर जॉन के बगल में बैठ गयी और मुस्कराकर बोली अच्छा इसका मतलब तुम अपनी गर्ल फ्रेंड के पास आ गए हो ?
अम्मी उसकी जाँघों पर हाथ फेरने लगी और बीच में उसका लण्ड दबा आकर बोली तेरे लण्ड के क्या हाल हैं जॉन ? जॉन बोला अरे सायरा ये तो बस आपको ही याद करता रहता है। हम सब इसका मतलब समझ गयीं। उधर सबा भी अपने दोनों देवरों के लण्ड पैजामे के अंदर ही सहलाने में जुटी थी। मेरी नज़र वहीं टिकी हुई थी। सबा ने थोड़ी देर में दोनों लण्ड बहार निकाल लिया। मैं दोनों टन टनाते हुए लण्ड देख कर ललचा गयी। मेरी खाला और अम्मी भी अपने होंठ चाटने लगीं। उनकी भी चूत में आग लग चुकी थी। तब तक अम्मी ने भी जॉन का लौड़ा मैदान में रख दिया। मैं बोली हाय अल्ला अम्मी लौड़ा तो बड़ा शानदार है अंकल का ? उधर ताहिरा खाला तो अपने कपड़े खोल कर खड़ी हो गयीं। मैं भी अपने कपड़े उतारने लगी और सबा भी। तब तक सबा के दोनों देवर साजिद और वाजिद नंगे हो चुके थे।
अंकल ने अम्मी को नंगी कर दिया और अम्मी ने अंकल को ? कमरे में हम चार बीवियां और तीन मरद नंगे थे। माहौल बड़ा रंगीन बन गया।
अम्मी मस्ती में बोली :- तेरी नन्द की चूत सरारा तेरी माँ का भोसड़ा ?
मैंने कहा :- तेरी भाभी की चूत अम्मी जान. तेरी बिटिया की बुर ?
ताहिरा खाला बोली :- तेरी माँ की चूत सबा तेरी सास का भोसड़ा ?
सबा ने भी जबाब दिया :- तेरी बिटिया की बुर अम्मी तेरी बहू की चूत ?
दोहरे रिश्ते से दोहरी गालियां भी देने का मौक़ा मिल जाता है और दोहरी बुर चोदने का मौक़ा मिल जाता है। यह सब हंसी मजाक गाली गलौज हो ही रहा था की कमरे में एक आदमी आ गया। घुसते ही बोला अरे भाभी जान यह क्या हो रहा है ? अम्मी ने उसे देखा और कहा भोसड़ी के फज़ल तुम अंदर बिना बताये घुस कैसे आया ? तेरी बहन का भोसड़ा साले तेरी बेटी की चूत बहन चोद ? वह बोला अरे भाभी मैं तो आपको चाभी देने आया था मुझे क्या मालूम की यहाँ ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,? अम्मी बोली अच्छा यहाँ तेरी माँ चुद रही है, तेरी बिटिया की बुर चुद रही है वही देखने आया है तू ? वास्तव में फज़ल मेरा किरायेदार है। वह ४५ साल का आदमी है और सीधा शादा है। वह थोड़ा शर्माने लाग तो अम्मी बोली सरारा अब इसने हम सबको नंगी देख ही लिया है तो इसके भी कपड़े उतार कर फेंक दो। इसको कर दो बहन चोद नंगा। हम लोग भी देखें की इसका लण्ड कैसा है ? बस फिर क्या मैं और सबा दोनों जुट गयी उसे नंगा करने में ?
बस एक मिनट में वह नंगा हो गया। उसका लण्ड साला आधा तो खड़ा ही था। हम दोनों का हाथ लगते ही लण्ड साला फनफना उठा। अम्मी बोली अरे तुम दोनों मिलकर फाड़ डालो इसके कपड़े और चोद डालो इस भोसड़ी वाले का लण्ड ? मैं भी इसके लण्ड का बना दूँगी भरता ? फाज़ल का लण्ड जब खड़ा हुआ तो मैं हैरान हो गयी। लण्ड साला बड़ा मस्त और मोटा लगा। मैं तो उस प्यार से हिलाने लगी। वह बोला है सरारा बेटी तुम तो बहुत अच्छी तरह से लण्ड हिला लेती हो ? तब तक अम्मी बोली अरे यह मेरी भाभी है। ये तो लण्ड अच्छी चोद भी लेती है। आज सरारा ही सबसे पहले हमारे सामने चोदेगी तेरा लण्ड। सबा चोदेगी जॉन का लण्ड मैं चोदूँगी साजिद का लण्ड और तेरी खाला चोदेगी वाजिद का टन टनाता हुआ लण्ड।
मैं तो पहले थोड़ी देर तक फज़ल का लण्ड चूसती रही फिर एकदम से चढ़ बैठी उसके लण्ड पर। सबा भी मुझे देख कर जॉन के लण्ड पर चढ़ बैठी। अम्मी ने साजिद के लण्ड पर चढ़ाई कर दी और खाला ने वाजिद के लण्ड पर सवारी कर ली। इस तरह हम चारों की चूत में ये चारों लण्ड घुस गए। हम चारों बीवियों नेअपने अपने लण्ड पर बैठ कर लण्ड चोदने का मन बना लिया। सबके चेहरे खिले हुए थे। मस्ती सब पर सवार थी और सवार थी हम सब पर वासना ? फिर क्या धीरे धीरे हम लोग लण्ड पर बैठ कर ऊपर नीचे करने लगी। लण्ड पर बैठ कर घूमने लगीं और एक नए तरीके से चुदाई का खाका तैयार हो गया। हमने धीरे धीरे स्पीड बढ़ना शुरू कर दिया। हम लोग अपनी अपनी गांड उछाल उछाल कर लण्ड वैसे ही चोदने लगीं जैसे मियां बीवियों की बुर चोदते हैं। चुदाई का नशा सर पर चढ़ कर बोल रहा था। कमरा चुदाई की आवाज़ों से गूंजने लगा।
इन आवाज़ों की एक धुन बन गयी। सबकी चूत का बाजा बज रहा था। तरह तरह की आवाज़ें आ रही थीं। ऐसा लग रहा था की जैसे ढोलक, हरमुनियम, तबला, झांझ और मृदंग सब एक साथ बज रहें हैं। यह मधुर और मन भावन आवाज़ सुनने के लिए मैं हमेशा बेताब रहती हूँ। मुझे सबके साथ मिलकर चोदने और चुदवाने में बड़ा मज़ा आता है। यही हाल अम्मी का भी है। उसका कहना है की अकेले चुदवाया तो चुदवाया ? चुदवान तो वह जो सबके सामने चुदवाया जाये और सबकी चोदी जाये। आज जो मज़ा हम सबको आ रहा है वह मज़ा हमेशा आना चाहिए। मैं तो अल्ला से यही दुआ करती हूँ।
थोड़ी देर में फज़ल ने लण्ड मेरी चूत से निकाल कर खाला की चूत में पेल दिया और वाज़िद लण्ड खाला के भोसड़ा से निकाल कर मेरी चूत में ठोंक दिया। हम दोनों के लण्ड बदल गये। इसी तरह साजिद लण्ड सबा की बुर में घुसा दिया और जॉन ने अपना लण्ड मेरी अम्मी की चूत में। यहाँ भी हो गयी लण्ड की अदला बदली। यही खूबसूरती है सामूहिक चुदाई की ? सबको सबके लण्ड का मज़ा मिले और सबको सबकी बुर चोदने में मज़ा आए यही मकसद है सामूहिक चुदाई का ?
एक दिन मेरी अम्मी रात को मेरे कमरे में आयीं और बोली भोसड़ी की सरारा मैं तेरी बुर चोदी नन्द हूँ। तू है मेरी बुर चोदी भाभी। आज मैं पहले तेरे कपड़े फाड़ूंगी और फिर फाड़ूंगी तेरी चूत ? तेरी माँ का भोसड़ा सरारा मैं
बहुत रोमांटिक हो रही हूँ इस समय। मैं रुक नहीं सकती। फिर उसने ताली बजाई तो एक नंगा आदमी मेरे सामने अपने लण्ड खड़ा किये हुए आ गया। मैं उसका लण्ड देख कर ललचा गई। अम्मी बोली ले पकड़ मेरे बॉय फ्रेंड का लण्ड। मैं यही लण्ड तेरी चूत में पेलूँगी मेरी भाभी जान ? अम्मी बड़ी मस्ती के मूड में थीं। उसकी इस हरकत ने मेरी चूत में आग लगा दी। मैंने लण्ड पकड़ लिया और उसे कई बार चूमा। लण्ड का सुपाड़ा चाटा और बोली वाओ, लण्ड तो मादर चोद बड़ा सॉलिड है ? फिर मैंने कहा अच्छा मैं अभी आती हूँ।
उस दिन मेरा ससुर आया हुआ था। मैं उसके पास गयी और बोली भोसड़ी के ससुर यहाँ क्या बैठे बैठे अपनी झांटें उखाड़ रहे हो ? ऐसा बोल कर उसकी लुंगी खींच ली तो वह नंगा हो गया। मैंने लण्ड पकड़ कर हिलाया झुलाया तो वह खड़ा हो गया। मैंने कहा अब चलो और मेरी माँ का भोसड़ा चोदो ससुर जी ? मेरी माँ बुर चोदी मेरी नन्द है ? आज मैं इसी लण्ड से उसकी बुर चोदूँगी। मैं उसका लण्ड पकड़े पकड़े वापस कमरे में आ गयी और कहा सायरा देख भोसड़ी की तू मेरी बुर चोदी नन्द है।आज मैं घुसेड़ूँगी अपनी नन्द की बुर में लण्ड ? आज मैं चोदूँगी तेरी चूत ? आज मैं बता दूँगी की कैसे चोदी जाती है नन्द की बुर ? ऐसा कह कर मैंने लण्ड सायरा की चूत में घुसेड़ दिया और उसने अपने बॉय फ्रेंड का लण्ड मेरी चूत में घुसेड़ दिया।
फिर क्या नन्द चोदने लगी अपनी भाभी की बुर और भाभी चोदने लगी अपनी नन्द की बुर ?
एक दिन मैं अपनी सहेली नगमा के घर चली गई। मैंने उसे फोन किया तो वह बोई अरी सरारा तू सीधे मेरे कमरे में चली आ। मैं वहीं बैठी हूँ। मैं सीधे उसके कमरे में घुस गयी. मैंने देखा की वह अपने अब्बू की लुंगी में हाथ डाले हुए उसका लण्ड सहला रही है। वह एकदम नंगी बैठी थी और उसका अब्बू भी केवल लुंगी पहने था। मैंने कहा अरे नगमा तू यह क्या कर रही है ? वह बड़ी बेबाकी से बोली देख तो रही हो मैं लण्ड सहला रही हूँ। मैंने कहा अरे यार अपने ही अब्बू का लण्ड ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,? वह बड़ी जोर से हंसी और बोली यार ये मेरा अब्बू पहले था। जब से मेरी शादी हुई है तब से यह मेरा अब्बू नहीं है। ये भोसड़ी का मेरा नंदोई हो गया है। मेरी अम्मी जान मेरी नन्द हो गई है यार ? मैं तो नन्द की बुर चोदती हूँ और नंदोई का लण्ड ? ऐसा बोल कर उसने अंकल की लुंगी खोल कर फेंक दी। उसका लण्ड साला फनफनाकर खड़ा हो गया। इतना बड़ा और मोटा लण्ड देख कर मेरी तो गांड फट गयी. वह बोली लो सरारा अब तुम इसे हिलाकर देखो। मैंने लण्ड पकड़ लिया क्योंकि मैं पकड़ना चाहती थी। उसने मेरे कपड़े उतार कर मुझे नंगी कर दिया। मैने जब उसे लौड़ा वापस पकड़ाने की कोशिश की तो वह बोली नहीं यार सरारा आज तुम मेरे सामने मेरे नंदोई का लण्ड चोदो। मेरी तो तमन्ना पूरी होने जा रही थी। फिर मैंने उसी के सामने उसके अब्बू का लण्ड चोदा और खूब चोदा।
तब मुझे ध्यान आया की मेरा अब्बू भी मेरा नंदोई हो गया है। मैं भी उसका लण्ड चोद सकती हूँ। एक रात को मैंने देखा की मेरा अब्बू मेरी खाला की बेटी सबा की बुर ले रहा है। तब मुझसे न रहा गया। मैं फ़ौरन कमरे में घुस गई और कहा सबा बुर चोदी तू मेरे ही अब्बा का लौड़ा पेल रही है अपनी चूत में ? वह बोली यार मेरी अम्मी मेरे मियां का लौड़ा अपनी चूत में पेले हुए है। तेरी अम्मी मेरे चचा जान से चुदवा रही है। मेरी दीदी अपने देवर का लण्ड चोद रही हैं। घर में तेरे अब्बा के लण्ड के अलावा और कोई लण्ड था नहीं ? इसलिए मैंने इसे अपनी चूत में घुसेड़ लिया। मैंने कहा तूने बिलकुल ठीक किया सबा। तो फिर यह लण्ड मेरी भी चूत में पेल दे क्योंकि अब ये मेरा अब्बा नहीं भोसड़ी का मेरा नंदोई हो गया है।
अंकल ने अम्मी को नंगी कर दिया और अम्मी ने अंकल को ? कमरे में हम चार बीवियां और तीन मरद नंगे थे। माहौल बड़ा रंगीन बन गया।
अम्मी मस्ती में बोली :- तेरी नन्द की चूत सरारा तेरी माँ का भोसड़ा ?
मैंने कहा :- तेरी भाभी की चूत अम्मी जान. तेरी बिटिया की बुर ?
ताहिरा खाला बोली :- तेरी माँ की चूत सबा तेरी सास का भोसड़ा ?
सबा ने भी जबाब दिया :- तेरी बिटिया की बुर अम्मी तेरी बहू की चूत ?
दोहरे रिश्ते से दोहरी गालियां भी देने का मौक़ा मिल जाता है और दोहरी बुर चोदने का मौक़ा मिल जाता है। यह सब हंसी मजाक गाली गलौज हो ही रहा था की कमरे में एक आदमी आ गया। घुसते ही बोला अरे भाभी जान यह क्या हो रहा है ? अम्मी ने उसे देखा और कहा भोसड़ी के फज़ल तुम अंदर बिना बताये घुस कैसे आया ? तेरी बहन का भोसड़ा साले तेरी बेटी की चूत बहन चोद ? वह बोला अरे भाभी मैं तो आपको चाभी देने आया था मुझे क्या मालूम की यहाँ ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,? अम्मी बोली अच्छा यहाँ तेरी माँ चुद रही है, तेरी बिटिया की बुर चुद रही है वही देखने आया है तू ? वास्तव में फज़ल मेरा किरायेदार है। वह ४५ साल का आदमी है और सीधा शादा है। वह थोड़ा शर्माने लाग तो अम्मी बोली सरारा अब इसने हम सबको नंगी देख ही लिया है तो इसके भी कपड़े उतार कर फेंक दो। इसको कर दो बहन चोद नंगा। हम लोग भी देखें की इसका लण्ड कैसा है ? बस फिर क्या मैं और सबा दोनों जुट गयी उसे नंगा करने में ?
बस एक मिनट में वह नंगा हो गया। उसका लण्ड साला आधा तो खड़ा ही था। हम दोनों का हाथ लगते ही लण्ड साला फनफना उठा। अम्मी बोली अरे तुम दोनों मिलकर फाड़ डालो इसके कपड़े और चोद डालो इस भोसड़ी वाले का लण्ड ? मैं भी इसके लण्ड का बना दूँगी भरता ? फाज़ल का लण्ड जब खड़ा हुआ तो मैं हैरान हो गयी। लण्ड साला बड़ा मस्त और मोटा लगा। मैं तो उस प्यार से हिलाने लगी। वह बोला है सरारा बेटी तुम तो बहुत अच्छी तरह से लण्ड हिला लेती हो ? तब तक अम्मी बोली अरे यह मेरी भाभी है। ये तो लण्ड अच्छी चोद भी लेती है। आज सरारा ही सबसे पहले हमारे सामने चोदेगी तेरा लण्ड। सबा चोदेगी जॉन का लण्ड मैं चोदूँगी साजिद का लण्ड और तेरी खाला चोदेगी वाजिद का टन टनाता हुआ लण्ड।
मैं तो पहले थोड़ी देर तक फज़ल का लण्ड चूसती रही फिर एकदम से चढ़ बैठी उसके लण्ड पर। सबा भी मुझे देख कर जॉन के लण्ड पर चढ़ बैठी। अम्मी ने साजिद के लण्ड पर चढ़ाई कर दी और खाला ने वाजिद के लण्ड पर सवारी कर ली। इस तरह हम चारों की चूत में ये चारों लण्ड घुस गए। हम चारों बीवियों नेअपने अपने लण्ड पर बैठ कर लण्ड चोदने का मन बना लिया। सबके चेहरे खिले हुए थे। मस्ती सब पर सवार थी और सवार थी हम सब पर वासना ? फिर क्या धीरे धीरे हम लोग लण्ड पर बैठ कर ऊपर नीचे करने लगी। लण्ड पर बैठ कर घूमने लगीं और एक नए तरीके से चुदाई का खाका तैयार हो गया। हमने धीरे धीरे स्पीड बढ़ना शुरू कर दिया। हम लोग अपनी अपनी गांड उछाल उछाल कर लण्ड वैसे ही चोदने लगीं जैसे मियां बीवियों की बुर चोदते हैं। चुदाई का नशा सर पर चढ़ कर बोल रहा था। कमरा चुदाई की आवाज़ों से गूंजने लगा।
इन आवाज़ों की एक धुन बन गयी। सबकी चूत का बाजा बज रहा था। तरह तरह की आवाज़ें आ रही थीं। ऐसा लग रहा था की जैसे ढोलक, हरमुनियम, तबला, झांझ और मृदंग सब एक साथ बज रहें हैं। यह मधुर और मन भावन आवाज़ सुनने के लिए मैं हमेशा बेताब रहती हूँ। मुझे सबके साथ मिलकर चोदने और चुदवाने में बड़ा मज़ा आता है। यही हाल अम्मी का भी है। उसका कहना है की अकेले चुदवाया तो चुदवाया ? चुदवान तो वह जो सबके सामने चुदवाया जाये और सबकी चोदी जाये। आज जो मज़ा हम सबको आ रहा है वह मज़ा हमेशा आना चाहिए। मैं तो अल्ला से यही दुआ करती हूँ।
थोड़ी देर में फज़ल ने लण्ड मेरी चूत से निकाल कर खाला की चूत में पेल दिया और वाज़िद लण्ड खाला के भोसड़ा से निकाल कर मेरी चूत में ठोंक दिया। हम दोनों के लण्ड बदल गये। इसी तरह साजिद लण्ड सबा की बुर में घुसा दिया और जॉन ने अपना लण्ड मेरी अम्मी की चूत में। यहाँ भी हो गयी लण्ड की अदला बदली। यही खूबसूरती है सामूहिक चुदाई की ? सबको सबके लण्ड का मज़ा मिले और सबको सबकी बुर चोदने में मज़ा आए यही मकसद है सामूहिक चुदाई का ?
फिर क्या नन्द चोदने लगी अपनी भाभी की बुर और भाभी चोदने लगी अपनी नन्द की बुर ?
एक दिन मैं अपनी सहेली नगमा के घर चली गई। मैंने उसे फोन किया तो वह बोई अरी सरारा तू सीधे मेरे कमरे में चली आ। मैं वहीं बैठी हूँ। मैं सीधे उसके कमरे में घुस गयी. मैंने देखा की वह अपने अब्बू की लुंगी में हाथ डाले हुए उसका लण्ड सहला रही है। वह एकदम नंगी बैठी थी और उसका अब्बू भी केवल लुंगी पहने था। मैंने कहा अरे नगमा तू यह क्या कर रही है ? वह बड़ी बेबाकी से बोली देख तो रही हो मैं लण्ड सहला रही हूँ। मैंने कहा अरे यार अपने ही अब्बू का लण्ड ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,? वह बड़ी जोर से हंसी और बोली यार ये मेरा अब्बू पहले था। जब से मेरी शादी हुई है तब से यह मेरा अब्बू नहीं है। ये भोसड़ी का मेरा नंदोई हो गया है। मेरी अम्मी जान मेरी नन्द हो गई है यार ? मैं तो नन्द की बुर चोदती हूँ और नंदोई का लण्ड ? ऐसा बोल कर उसने अंकल की लुंगी खोल कर फेंक दी। उसका लण्ड साला फनफनाकर खड़ा हो गया। इतना बड़ा और मोटा लण्ड देख कर मेरी तो गांड फट गयी. वह बोली लो सरारा अब तुम इसे हिलाकर देखो। मैंने लण्ड पकड़ लिया क्योंकि मैं पकड़ना चाहती थी। उसने मेरे कपड़े उतार कर मुझे नंगी कर दिया। मैने जब उसे लौड़ा वापस पकड़ाने की कोशिश की तो वह बोली नहीं यार सरारा आज तुम मेरे सामने मेरे नंदोई का लण्ड चोदो। मेरी तो तमन्ना पूरी होने जा रही थी। फिर मैंने उसी के सामने उसके अब्बू का लण्ड चोदा और खूब चोदा।
तब मुझे ध्यान आया की मेरा अब्बू भी मेरा नंदोई हो गया है। मैं भी उसका लण्ड चोद सकती हूँ। एक रात को मैंने देखा की मेरा अब्बू मेरी खाला की बेटी सबा की बुर ले रहा है। तब मुझसे न रहा गया। मैं फ़ौरन कमरे में घुस गई और कहा सबा बुर चोदी तू मेरे ही अब्बा का लौड़ा पेल रही है अपनी चूत में ? वह बोली यार मेरी अम्मी मेरे मियां का लौड़ा अपनी चूत में पेले हुए है। तेरी अम्मी मेरे चचा जान से चुदवा रही है। मेरी दीदी अपने देवर का लण्ड चोद रही हैं। घर में तेरे अब्बा के लण्ड के अलावा और कोई लण्ड था नहीं ? इसलिए मैंने इसे अपनी चूत में घुसेड़ लिया। मैंने कहा तूने बिलकुल ठीक किया सबा। तो फिर यह लण्ड मेरी भी चूत में पेल दे क्योंकि अब ये मेरा अब्बा नहीं भोसड़ी का मेरा नंदोई हो गया है।
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