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मेरे लण्ड का साइज मैं आपको अभी नहीं बताऊंगा - Mere lund ka size abhi nahi bataunga
मेरे लण्ड का साइज मैं आपको अभी नहीं बताऊंगा - Mere lund ka size abhi nahi bataunga , I love your lund from the core of my heart , चोदा चादी और चुदास अन्तर्वासना कामवासना , चुदवाने और चुदने के खेल , चूत गांड बुर चुदवाने और लंड चुसवाने की हिंदी सेक्स पोर्न कहानी.
मेरा नाम लार्क है दोस्तों। मैं मुम्बई में अपने फ्लैट में अकेले ही रहता हूँ। मैं ३० साल का एक हैंडसम नौजवान हूँ, एक डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर काम कर रहा हूँ, जहाँ लड़के लड़कियां साथ साथ पढ़तीं हैं। मेरा रंग गोरा है, मैं कसरती हूँ, जिम में जाना और कसरत करना मेरी हॉबी है। मेरा कद ५' १०" है। मेरे लण्ड का साइज मैं आपको अभी नहीं बताऊंगा। कोई लड़की ही नाप कर खुद ब खुद मेरे लण्ड का साइज आपको बता देगी । मैं बस इतना बता रहा हूँ आपको की मुझे लड़कियां चोदने का जबरदस्त शौक है ? मैं पहले लड़कियां पटाता हूँ, उन्हें अपने घर लाता हूँ, प्यार से बात चीत करता हूँ और फिरअचानक अपने लण्ड की एक झलक दिखा देता हूँ। जवान लड़की अगर अकेले में किसी जवान लड़के का मोटा तगड़ा लण्ड देख ले तो फिर वह अपने आपको रोक नहीं सकती। उसकी लण्ड पकड़ कर देखने की और लण्ड चूसने की इच्छा कई गुना बढ़ जाती है। ऐसा खूबसूरत लड़कियों के साथ अक्सर होता है। यह बात सच है की खूबसूरत लड़कियां जल्दी पट जाती है। उनके अंदर सेक्स करने की इच्छा ज्यादा प्रबल होती है। मैं बस इसी बात का फायदा उठाता हूँ। मुझे जबरदस्त कामयाबी मिल रही है। इसीलिए मैं हर दिन एक नयी लड़की चोदता हूँ। कभी कभी तो २/३ लड़कियां भी चोद लेता हूँ। जो लड़की एक बार मुझसे चुदवा कर जाती है वह बार बार चुदवाने आती है औरअपने साथ अपनी सहेलियों को भी चुदवाने के लिए ले आती है। ये कमाल मेरा नहीं है दोस्तों, मेरे लण्ड का है ? GOD ने मेरा लण्ड बड़ा मोटा तगड़ा और सख्त बनाया है जिस पर हर लड़की मरती है। अब मैं आपको वह पहली लड़की की बात बताता हूँ जिसने मेरा लन्ड पकड़ा और ऐसा पकड़ा की आज तक छोड़ा नहीं है। उसकी शादी हो गयी है लेकिन फिर भी वह मेरा लन्ड पकड़ने दौड़ी चली आती है।
वह संडे का दिन था। मैं नंगे बदन ड्राइंग रूम में बैठे व्हिस्की पी रहा था और सामने टी वी देख रहा था। तभी डोर बेल बजी। मैजे दरवाजा खोला तो सामने बरखा खड़ी थी। मैंने कहा बरखा what a nice surprise ? come in please . मैंने उसे अंदर बैठाया। उसे देख कर मन हुआ की इसे अभी अपना लौड़ा पकड़ा दूं। वह बहुत ही खूबसूरत और सेक्सी बदन वाली लड़की थी। मुझे कॉलेज में सबसे ज्यादा हॉट कोई लड़की लगती है तो वह बरखा। मेरी निगाह उसकी बड़ी बड़ी मादक चूँचियों पर टिक गयी। उसने जीन्स और टॉप पहन रखा था।
तब मुझे समझ में आ गया की बरखा एक चालू लड़की है। मैं इसके सहारे कई लड़कियां चोद सकता हूँ। मैंने पूंछा तो तुम थामस का लन्ड पकड़ती हो ? वह बोली सर, मैं दो टीचरों को छोड़ कर बाकी सभी टीचरों के लन्ड पकडती हूँ।उनके लन्ड पर बैठती हूँ और चुदवाती हूँ। ऐसा कह कर उसने लन्ड मुंह में लिया और चूसने लगी। उसका टॉप खुल चुका था। उसकी बड़ी बड़ी चूंचियां मेरे हाथ में आ गयी। मैं उन्हें दबाने लगा और फिर मेरे लन्ड की उत्तेजना बढ़ गयी। मैंने धीरे से उसकी जीन्स भी खोल दी। जींस खुलते ही उसकी छोटी छोटी झांटों वाली चूत मेरे सामने नाचने लगी। मैंने उसे चूमा और सहलाने लगा। उसके चूतड़ों पर हाथ फेरने लगा और पूरे बदन को प्यार करने लगा। वह बोली सर, तेरा लन्ड सच में सबसे बड़ा है ? मुझे इससे मोहब्बत हो गयी है। प्यार हो गया है मुझे तेरे लन्ड से ? I love your lund from the core of my heart . मैं तेरे लन्ड को दिलोजान से प्यार करती हूँ और करती रहूंगी। आज मुझे पहली बार मेरे मन का लन्ड मिला है, सर।
मैं उसे बेड रूम में ले गया। उसने मुझे बेड पर चित लिटा दिया और बोली अब मैं पहले तेरे लन्ड पर बैठूंगी। वह बैठ भी गयी। लन्ड सटाक से उसकी बुर में घुसता चला गया। उसने पूरा लन्ड घुसेड़ लिया और चूत में और फिर चूतड़ के बल बैठ कर मेरे ऊपर ही चारों तरफ घूमने लगी। वह बोली देखा सर, तेरा भोसड़ी का लन्ड कहाँ गायब हो गया ? मेरी चूत खा गयी तेरा पूरा का पूरा लन्ड ? उसकी बातों से मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था। वह झुक कर मेरा लन्ड ही चोदने लगी। उसने कहा सर मुझे लन्ड चोदना आता है। आजकल की लड़कियां बुर चुदवाती नहीं हैं, सर, बल्कि लन्ड चोदतीं है लन्ड ? मेरी सभी सहेलियां इसी तरह सबके लन्ड चोदतीं हैं। मैंने कहा कौन कौन है तेरी सहेलियां चुदवाने वाली मुझे भी बताओ न ? वह बोली बताऊंगी नहीं सर, सबकी चूत में मैं पेलूंगी तेरा लन्ड ? इसी लन्ड से सबकी चोदूँगी बुर।
उसके बाद बरखा दना दन्न चोदने लगी मेरा लन्ड. मुझे भी अच्छा लग रहा था। बरखा की शक्रियता मुझे बहुत प्रभावित कर रही थी। अक्सर लड़कियां चूत फैलाकर लेट जाती हैं और लड़का ऊपर से धचर धचर करके चोद लके चला जाता है। उसमे बिलकुल मज़ा नहीं आता। जो लड़की खुद चुदाई में एक्टिव रहे वही चुदाई मज़ा देती है। मैं बरखा से बहुत खुश हुआ। फिर मुझे भी जोश मैंने उसे नीचे पटक कर उसके ऊपर चढ़ बैठा। पेल दिया लन्डऔर धकाधक चोदने लगा उसकी बुर। वह भी अपनी गांड उचका उचका कर चुदवाने लगी। थोड़ी देर में मेरा लन्ड मस्ती से भर चुका था। मुझे लगा की वह ढीली हो गयी है। मैं बोला बरखा अब मैं निकलने वाला हूँ। उसने फ़ौरन घूम कर लन्ड मुठ्ठी में लिया और सड़का मारने लगी। इतने प्यार से उसने सड़का मारा की मेरा लन्ड बड़ी देर तक ठहर नहीं सका और उसके मुंह से निकल पड़ी पिचकारी। बरखा ने सारा वीर्य अपने मुंह में ले लिया और पी गयी मेरा लन्ड। उसने सुपाड़ा चाट चाट कर साफ़ कर दिया।
मैंने पहले भी कई लड़कियां चोद चुका हूँ पर इतना मज़ा कभी नहीं आया। मैंने चलते समय उसे १०००/- रुपया दिया। उसने लिया नहीं बल्कि यह कहा सर मैं पैसों से लिए नहीं अपनी मस्ती के लिए चुदवाती हूँ। मैं लन्ड अपने मजे के लिए लेती हूँ। मैंने तेरा इनाम है तेरी चुदाई की फीस नहीं है। मैं तुमसे बहुत खुश हूँ बरखा। हां एक बात जरूर कहूंगा की तेरे जैसी लड़की कोई मिले तो मैं उसे चोदना चाहूंगा। वह बोली हां सर,मैं तुम्हे दूँगी इसी तरह लन्ड पीने वाली और मस्त चुदवाने वाली कई खूबसूरत लड़कियां ? बरखा ने फिर मेरी मुलाक़ात शिल्पा, रोली, सना, गौरी और मैंडी से करवाई। मैं इन लड़कियों को भी चोदना शुरू कर दिया। सब की सब मंडी मस्त चुदवाने वाली लड़कियां उर लन्ड तो इतनी मस्ती से चूसती है और पीती है जिसका कोई जबाब नहीं।अब मुझे खूबसूरत लड़कियां चोदने की आदत पड़ गयी।
मेरे घर में एक मेड सर्वेंट काम करती थी। मैं उसके काम से खुश भी था। उसकी उमर करीब ४५/४६ साल की होगी। एक दिन वह बोली बाबू जी अब आज से मैं काम नहीं करूंगी। मेरी जगह मेरी बेटी छमिया काम करेगी। आपको कोई दिक्कत नहीं होगी। मैं कहीं और काम करने जा रही हूँ। कल से मेरी बेटी सवेरे सवेरे आएगी और आपका सारा काम कर देगी। मैंने कहा ठीक है कोई बात नहीं। आने दो उसे। हां उसे ठीक से काम के बारे में समझा देना। उसने कहा हां बाबू जी मैं सब बता दूँगी। फिर वह चली गयी। दूसरे दिन सवेरे सवेरे जब छमिया आयी तो उसे देख कर मेरे तो होश उड़ गए। उसकी उम्र यही कोई २१/२२ साल की होगी। गदराया बदन, बड़ी बड़ी चूंचियां, गोरी चिट्टी, पतली कमर, बड़े बड़े कूल्हे, मस्त गांड और उभरे हुए चूतड़ सब कुछ देख कर मेरा लन्ड साला कुलबुलाने लगा। मैं सोंचने लगा की इतनी सुन्दर लड़की बिचारी चौका बर्तन करती है ? मैं बड़ी देर तक उसे एकटक देखता रहा। उसके हाव भाव देखता रहा।
कई दिन हो गए। मेरा मन उसको लन्ड पकड़ाने का हो गया। मन तो वास्तव में उसकी बुर चोदने का था लेकिन मैं सोंचने लगा की पहले वहअगर प्यार से लन्ड ही पकड़ ले तो अच्छा है। जब तक वह घर में रहती तब तक मैं भी घर में एक नेकर पहने हुए नंगे बदन घूमता रहता। कभी उसके सामने अपना लौड़ा सहलाने भी लगता। मैंने देखा की उसकी चूंचियां भी दिन पर दिन कुछ खुलती जा रही हैं। झाडू और पोंछा लगाते समय वह थोड़ा झुक भी जाती है और कभी कभी तो बड़ी देर तक झुकी रहती है। मैं उसकी बाहर झांकती हुई चूंचियां देखने लगता। एक दिन मुझे ऐसा लगा की शायद वह भी अपने बूब्स मुझे दिखाना चाहती है। वह मुझसे तिरछीं निगाहों से बातें भी करने लगी अदाएं भी दिखाने लगी। मैं भी उसकी तरफ खिंचने लगा.तब फिर मैंने एक दिन प्लान बनाया। मैंने कहा छमिया मुझे सवेरे उठने में दिक्कत होती है। मेरी नींद टूट जाती है। लो तुम दरवाजे की एक चाभी रख लो। खुद दरवाजा खोल कर आ जाया करो ताकि मुझे उठना न पड़े। मैं सवेरे उठूँ या न उठूँ पर तुम काम करके चली जाना हां जाते समय बता जरूर देना।
उसने चाभी अपने ब्लाउज़ के अंदर रखा और मुस्कराती हुई चली गयी।
एक दिन मैं नशे में धुत्त था। थोड़ा खाना खाया और एक छोटी सी लुंगी लपेट कर सो गया। सवेरे वह आयी और उसने बर्तन साफ किया फिर झाड़ू लगाने लगी। वह मेरे कमरे में आयी तो देखा की मेरी लुंगी खुली पड़ी है और मैं नंगा लेटा हूँ। मेरा लन्ड आधे से अधिक खड़ा है। लन्ड का टोपा बिलकुल बाहर आ चुका है। छमियाँ यह देख कर थोड़ा रुक गयी। मेरी नींद खुल चुकी थी लेकिन मैं आँखें बंद किये लेटा रहा। मैं यह तो जानता था की जिस दिन छमिया मेरा लन्ड देख लेगी उस दिन वह अपने आपको रोक नहीं पायेगी। वह बड़ी देर तक लन्ड देखती रही। इधर उधर झाँक कर भी देखा। फिर वह लन्ड के पास बैठ गयी। अपनी धोती खोल कर रख दिया। ब्लाउज़ का बटन खोल दिया। उसकी आधे से अधिक चूंचियां खुल गयीं। ब्रा नहीं थी। मैं कनखियों से सब देख रहा था। वह लन्ड के और पास। उसने लन्ड पहले सूँघा। उसे स्मेल अच्छी लगी। जबान से अपने होंठ चाटने लगी। मैं जान गया की उसकी चूत में आग लग गयी है। उसने अपने पेटीकोट ऊपर चढ़ाया तो उसकी चूत की झलक मुझे मिल गयी। मेरा लन्ड और तन गया।
वह झुकी और जबान से लन्ड का टोपा छुआ। फिर जबान से पेलहड़ भी छुआ। फिर धीरे से लन्ड का टोपा जबान से उठाया। लन्ड थोड़ा उठा और तन गया। उसने उंगलियों से पकड़ लिया लन्ड। उसने अपनी दोनों टांगें फैला दी। उसकी चूत मुझे साफ़ दिखाई पड़ रही थी। उसने लन्ड मुठ्ठी में लिया और हौले हौले सहलाने लगी। मैंने कोई हरकत नहीं की। उसकी हिम्मत बढ़ी तो लन्ड की चुम्मी ले ली। कई बार प्यार से चूमा लन्ड का टोपा ? फिर उसने अपना ब्लाउज़ खोल कर फेंक दिया। उसकी नंगी चूंचियां मेरे लन्ड का जोश बढ़ाने लगीं। उसने अपनी मुठ्ठी सख्त की और लन्ड हिलाने लगी। फिर वह लन्ड पूरा मुठ्ठी में लेकर ऊपर नीचे करने लगी। वह शायद जान गयी की मैं जग गया हूँ। वह जबान से लन्ड का टोपा चाटने लगी। टोपा के चारों तरफ जबान घुमाने लगी। अब मैं और रुक नहीं सका। मैंने छमिया को पकड़ कर चिपका लिया और कहा हाय मेरी जान तूने तोआग लगा दी बहन चोद ? वह बोली आग तो मेरे बदन में भी लग चुकी है, बाबू जी। मैंने उसका नंगा बदन खूब चारों तरफ से दबाया और वहीँ एक सोफा पड़ा था मैं सोफा पर बैठ गया वह ज़मीन पर मेरी दोनों टांगों के बीच बैठ कर एक हाथ से पेलहड़ थामें हुए मेरा लन्ड चाटने लगी।
थोड़ी देर तक इस तरह चुदवाने के बाद वह मेरे लन्ड पर बैठ गयी और झुक कर चुदवाने लगी। तब वह बोली बाबू जी लाल कोठी वाली मालकिन की बुर चोदोगे ? मैंने कहा ऐसा क्या है उसकी बुर में ? उसने बताया की वह अभी दो साल पहले ही शादी करके यहाँ आयी है। उसके पति का लन्ड छोटा है और वह अक्सर बाहर भी जाता है। मालकिन बिचारी चुदासी रह जाती हैं। वह मुझसे कई बार कह चुकी हैं की छमियाँ कोई मोटा तगड़ा लन्ड पेलो मेरी बुर में । मेरी बुर चुदवा दो छमिया प्लीज। मुझे उस पर तरस आता है बाबू जी। मैं बिनती करती हूँ बाबू जी की तुम मेरे सामने ही मेरी मालकिन की बुर चोदो। मैंने कहा अच्छा ठीक है तुम कहती हो तो जरूर चोदूंगा उसकी बुर। ऐसा कह कर मैं उसे पीछे से चोदने लगा। उसके बाद मैंने उसे नीचे पटक दिया और उस पर चढ़ बैठा। लौड़ा घुसा दिया अंदर और फिर भकाभक चोदने लगा। थोड़ी ही देर में उसकी चूत ढीली हो गयी। तब मैंने कहा छमिया मैं भी निकलने वाला हूँ। उसने लन्ड मुठ्ठी में लिया और फटाफट मुठ्ठी मारने लगी। फिर उसने मस्ती से मेरा झड़ता हुआ लन्ड पिया।
उसके बाद छमिया रोज़ काम ख़तम करके मुझसे चुदवा कर ही वापस आ जाती। कभी जब टाइम नहीं होता तब भी वह मुठ्ठी मार लन्ड पी कर ही जाती है। बिना लन्ड पिये वापस नहीं जाती।
एक दिन उसने अपनी लाल कोठी वाली मालकिन से मिलवा दिया। उसका नाम सुनीता था। मैं तो उसे देख कर दंग रह गया. एकदम गोरी चिट्टी, लाल टमाटर जैसे उसका सारा बदन, बेहद खूबसूरत, बड़ी बड़ी सुडौल चूंचियां, मस्त चूतड़ और गांड, मस्त गुन्दाज़ बाहें, पतली कमर और मोटी मोटी जांघें मेरा लन्ड तो साला कूदने लगा। छमियाँ उसके कपड़े उतारने लगी। उसे जब पूरी नंगी कर दिया तो मेरा लौड़ा उसे नंगी देख कर आसमान ताकने लगा। छमिया ने फिर मेरे कपड़े उतारे और मुझे भी नंगा कर दिया। सुनीता ने हाथ बढ़ाया और पकड़ लिया मेरा लन्ड ? वह बोली वाओ, आज पहली बार मुझे कोई मरदाना लन्ड मिला है। आज मेरी चूत की प्यास बुझेगी। तब तक छमिया भी नंगी हो चुकी थी। सुनीता मेरा लन्ड चूसने लगी और छमिया उसकी बुर चाटने लगी।
जब मैंने लन्ड उसकी चूत में पेला तो मुझे वाकई ज़न्नत का मज़ा आया। मैं उसे पूरे मन से चोदने लगा। मैं अपने आप को बड़ा लकी महसूस करने लगा जिसको इतनी बढ़िया चूत चोदने को मिल रही है।
मेरा नाम लार्क है दोस्तों। मैं मुम्बई में अपने फ्लैट में अकेले ही रहता हूँ। मैं ३० साल का एक हैंडसम नौजवान हूँ, एक डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर काम कर रहा हूँ, जहाँ लड़के लड़कियां साथ साथ पढ़तीं हैं। मेरा रंग गोरा है, मैं कसरती हूँ, जिम में जाना और कसरत करना मेरी हॉबी है। मेरा कद ५' १०" है। मेरे लण्ड का साइज मैं आपको अभी नहीं बताऊंगा। कोई लड़की ही नाप कर खुद ब खुद मेरे लण्ड का साइज आपको बता देगी । मैं बस इतना बता रहा हूँ आपको की मुझे लड़कियां चोदने का जबरदस्त शौक है ? मैं पहले लड़कियां पटाता हूँ, उन्हें अपने घर लाता हूँ, प्यार से बात चीत करता हूँ और फिरअचानक अपने लण्ड की एक झलक दिखा देता हूँ। जवान लड़की अगर अकेले में किसी जवान लड़के का मोटा तगड़ा लण्ड देख ले तो फिर वह अपने आपको रोक नहीं सकती। उसकी लण्ड पकड़ कर देखने की और लण्ड चूसने की इच्छा कई गुना बढ़ जाती है। ऐसा खूबसूरत लड़कियों के साथ अक्सर होता है। यह बात सच है की खूबसूरत लड़कियां जल्दी पट जाती है। उनके अंदर सेक्स करने की इच्छा ज्यादा प्रबल होती है। मैं बस इसी बात का फायदा उठाता हूँ। मुझे जबरदस्त कामयाबी मिल रही है। इसीलिए मैं हर दिन एक नयी लड़की चोदता हूँ। कभी कभी तो २/३ लड़कियां भी चोद लेता हूँ। जो लड़की एक बार मुझसे चुदवा कर जाती है वह बार बार चुदवाने आती है औरअपने साथ अपनी सहेलियों को भी चुदवाने के लिए ले आती है। ये कमाल मेरा नहीं है दोस्तों, मेरे लण्ड का है ? GOD ने मेरा लण्ड बड़ा मोटा तगड़ा और सख्त बनाया है जिस पर हर लड़की मरती है। अब मैं आपको वह पहली लड़की की बात बताता हूँ जिसने मेरा लन्ड पकड़ा और ऐसा पकड़ा की आज तक छोड़ा नहीं है। उसकी शादी हो गयी है लेकिन फिर भी वह मेरा लन्ड पकड़ने दौड़ी चली आती है।
वह संडे का दिन था। मैं नंगे बदन ड्राइंग रूम में बैठे व्हिस्की पी रहा था और सामने टी वी देख रहा था। तभी डोर बेल बजी। मैजे दरवाजा खोला तो सामने बरखा खड़ी थी। मैंने कहा बरखा what a nice surprise ? come in please . मैंने उसे अंदर बैठाया। उसे देख कर मन हुआ की इसे अभी अपना लौड़ा पकड़ा दूं। वह बहुत ही खूबसूरत और सेक्सी बदन वाली लड़की थी। मुझे कॉलेज में सबसे ज्यादा हॉट कोई लड़की लगती है तो वह बरखा। मेरी निगाह उसकी बड़ी बड़ी मादक चूँचियों पर टिक गयी। उसने जीन्स और टॉप पहन रखा था।
- मैंने पूंछा बोलो बरखा कोई ख़ास बात है ?
- वह बोली नहीं सर, मैं बस यही से निकल रही थी तो मन में आया की आपसे मिलती चलूँ।
- wow, thank you very much, dear मेरे लायक कोई काम हो तो बताना ?
- हां सर, जरूर बताऊंगी। आपको नहीं बताऊंगी तो फिर किसको बताऊंगी ?
- Will you please give me company in drinks ?
- O' Yes, why not ? I can enjoy drinks with you, sir .
- मैंने उसके लिए एक डिंक्स बनायीं और पकड़ा दिया। फिर बातें होने लगीं। अचानक मेरे मुंह से निकला की कॉलेज में रॉकी तो बड़ा बदमास लड़का है बरखा ?
- होगा साला बदमास ? वो माँ का लौड़ा मेरा क्या उखाड़ लेगा ? उसके मुंह से गाली सुन कर मैं तो बहुत खुश भी हुआ और हैरान भी। मुझे लड़कियों के मुंह से गालियां सुनना बहुत अच्छा लगता है बशर्ते की वो मुझ पर न हों। सच तो यह है की बरखा के मुंह से गाली सुनकर मेरा लन्ड साला उछल पड़ा।
- मैंने कहा बरखा एक बात पूंछूं बुरा तो नहीं मानोगी ?
- हां हां पूँछों न सर, मैं बुरा बिलकुल नहीं मानूंगी।
- क्या तुम इसी तरह कॉलेज में भी गालियां देती हो ?
- हां हां बिलकुल देती हूँ। इससे ज्यादा गालियां देती हूँ सर. वैसे तो कॉलेज की हर लड़की गाली देती है लेकिन मैं सबसे ज्यादा गालियां देती हूँ। ये तो आजकल का फ़ैसन है सर ? लड़की जितनी गाली देगी वह उतनी ही फेमस होगी।
- और कौन कौन सी गालियां देती हो।
- मादर चोद, बहन चोद, माँ का लौड़ा, साला, भोसड़ी का, गांडू कहीं का, बेटी चोद, तेरी माँ का भोसड़ा, तेरी बहन का लन्ड, तेरी गांड में ठोंक दूँगी लन्ड, तेरी बिटिया की बुर कमीने,,,,,,,,,, ?
- मैंने कहा यार इतनी गालियां वह भी एक ही सांस में बरखा You are great, Barkha ! You are very bold . I love you Barkha .
- I too love you sir. You are very handsome and very hot. I with to sit on your lap.
तब मुझे समझ में आ गया की बरखा एक चालू लड़की है। मैं इसके सहारे कई लड़कियां चोद सकता हूँ। मैंने पूंछा तो तुम थामस का लन्ड पकड़ती हो ? वह बोली सर, मैं दो टीचरों को छोड़ कर बाकी सभी टीचरों के लन्ड पकडती हूँ।उनके लन्ड पर बैठती हूँ और चुदवाती हूँ। ऐसा कह कर उसने लन्ड मुंह में लिया और चूसने लगी। उसका टॉप खुल चुका था। उसकी बड़ी बड़ी चूंचियां मेरे हाथ में आ गयी। मैं उन्हें दबाने लगा और फिर मेरे लन्ड की उत्तेजना बढ़ गयी। मैंने धीरे से उसकी जीन्स भी खोल दी। जींस खुलते ही उसकी छोटी छोटी झांटों वाली चूत मेरे सामने नाचने लगी। मैंने उसे चूमा और सहलाने लगा। उसके चूतड़ों पर हाथ फेरने लगा और पूरे बदन को प्यार करने लगा। वह बोली सर, तेरा लन्ड सच में सबसे बड़ा है ? मुझे इससे मोहब्बत हो गयी है। प्यार हो गया है मुझे तेरे लन्ड से ? I love your lund from the core of my heart . मैं तेरे लन्ड को दिलोजान से प्यार करती हूँ और करती रहूंगी। आज मुझे पहली बार मेरे मन का लन्ड मिला है, सर।
मैं उसे बेड रूम में ले गया। उसने मुझे बेड पर चित लिटा दिया और बोली अब मैं पहले तेरे लन्ड पर बैठूंगी। वह बैठ भी गयी। लन्ड सटाक से उसकी बुर में घुसता चला गया। उसने पूरा लन्ड घुसेड़ लिया और चूत में और फिर चूतड़ के बल बैठ कर मेरे ऊपर ही चारों तरफ घूमने लगी। वह बोली देखा सर, तेरा भोसड़ी का लन्ड कहाँ गायब हो गया ? मेरी चूत खा गयी तेरा पूरा का पूरा लन्ड ? उसकी बातों से मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था। वह झुक कर मेरा लन्ड ही चोदने लगी। उसने कहा सर मुझे लन्ड चोदना आता है। आजकल की लड़कियां बुर चुदवाती नहीं हैं, सर, बल्कि लन्ड चोदतीं है लन्ड ? मेरी सभी सहेलियां इसी तरह सबके लन्ड चोदतीं हैं। मैंने कहा कौन कौन है तेरी सहेलियां चुदवाने वाली मुझे भी बताओ न ? वह बोली बताऊंगी नहीं सर, सबकी चूत में मैं पेलूंगी तेरा लन्ड ? इसी लन्ड से सबकी चोदूँगी बुर।
उसके बाद बरखा दना दन्न चोदने लगी मेरा लन्ड. मुझे भी अच्छा लग रहा था। बरखा की शक्रियता मुझे बहुत प्रभावित कर रही थी। अक्सर लड़कियां चूत फैलाकर लेट जाती हैं और लड़का ऊपर से धचर धचर करके चोद लके चला जाता है। उसमे बिलकुल मज़ा नहीं आता। जो लड़की खुद चुदाई में एक्टिव रहे वही चुदाई मज़ा देती है। मैं बरखा से बहुत खुश हुआ। फिर मुझे भी जोश मैंने उसे नीचे पटक कर उसके ऊपर चढ़ बैठा। पेल दिया लन्डऔर धकाधक चोदने लगा उसकी बुर। वह भी अपनी गांड उचका उचका कर चुदवाने लगी। थोड़ी देर में मेरा लन्ड मस्ती से भर चुका था। मुझे लगा की वह ढीली हो गयी है। मैं बोला बरखा अब मैं निकलने वाला हूँ। उसने फ़ौरन घूम कर लन्ड मुठ्ठी में लिया और सड़का मारने लगी। इतने प्यार से उसने सड़का मारा की मेरा लन्ड बड़ी देर तक ठहर नहीं सका और उसके मुंह से निकल पड़ी पिचकारी। बरखा ने सारा वीर्य अपने मुंह में ले लिया और पी गयी मेरा लन्ड। उसने सुपाड़ा चाट चाट कर साफ़ कर दिया।
मैंने पहले भी कई लड़कियां चोद चुका हूँ पर इतना मज़ा कभी नहीं आया। मैंने चलते समय उसे १०००/- रुपया दिया। उसने लिया नहीं बल्कि यह कहा सर मैं पैसों से लिए नहीं अपनी मस्ती के लिए चुदवाती हूँ। मैं लन्ड अपने मजे के लिए लेती हूँ। मैंने तेरा इनाम है तेरी चुदाई की फीस नहीं है। मैं तुमसे बहुत खुश हूँ बरखा। हां एक बात जरूर कहूंगा की तेरे जैसी लड़की कोई मिले तो मैं उसे चोदना चाहूंगा। वह बोली हां सर,मैं तुम्हे दूँगी इसी तरह लन्ड पीने वाली और मस्त चुदवाने वाली कई खूबसूरत लड़कियां ? बरखा ने फिर मेरी मुलाक़ात शिल्पा, रोली, सना, गौरी और मैंडी से करवाई। मैं इन लड़कियों को भी चोदना शुरू कर दिया। सब की सब मंडी मस्त चुदवाने वाली लड़कियां उर लन्ड तो इतनी मस्ती से चूसती है और पीती है जिसका कोई जबाब नहीं।अब मुझे खूबसूरत लड़कियां चोदने की आदत पड़ गयी।
मेरे घर में एक मेड सर्वेंट काम करती थी। मैं उसके काम से खुश भी था। उसकी उमर करीब ४५/४६ साल की होगी। एक दिन वह बोली बाबू जी अब आज से मैं काम नहीं करूंगी। मेरी जगह मेरी बेटी छमिया काम करेगी। आपको कोई दिक्कत नहीं होगी। मैं कहीं और काम करने जा रही हूँ। कल से मेरी बेटी सवेरे सवेरे आएगी और आपका सारा काम कर देगी। मैंने कहा ठीक है कोई बात नहीं। आने दो उसे। हां उसे ठीक से काम के बारे में समझा देना। उसने कहा हां बाबू जी मैं सब बता दूँगी। फिर वह चली गयी। दूसरे दिन सवेरे सवेरे जब छमिया आयी तो उसे देख कर मेरे तो होश उड़ गए। उसकी उम्र यही कोई २१/२२ साल की होगी। गदराया बदन, बड़ी बड़ी चूंचियां, गोरी चिट्टी, पतली कमर, बड़े बड़े कूल्हे, मस्त गांड और उभरे हुए चूतड़ सब कुछ देख कर मेरा लन्ड साला कुलबुलाने लगा। मैं सोंचने लगा की इतनी सुन्दर लड़की बिचारी चौका बर्तन करती है ? मैं बड़ी देर तक उसे एकटक देखता रहा। उसके हाव भाव देखता रहा।
कई दिन हो गए। मेरा मन उसको लन्ड पकड़ाने का हो गया। मन तो वास्तव में उसकी बुर चोदने का था लेकिन मैं सोंचने लगा की पहले वहअगर प्यार से लन्ड ही पकड़ ले तो अच्छा है। जब तक वह घर में रहती तब तक मैं भी घर में एक नेकर पहने हुए नंगे बदन घूमता रहता। कभी उसके सामने अपना लौड़ा सहलाने भी लगता। मैंने देखा की उसकी चूंचियां भी दिन पर दिन कुछ खुलती जा रही हैं। झाडू और पोंछा लगाते समय वह थोड़ा झुक भी जाती है और कभी कभी तो बड़ी देर तक झुकी रहती है। मैं उसकी बाहर झांकती हुई चूंचियां देखने लगता। एक दिन मुझे ऐसा लगा की शायद वह भी अपने बूब्स मुझे दिखाना चाहती है। वह मुझसे तिरछीं निगाहों से बातें भी करने लगी अदाएं भी दिखाने लगी। मैं भी उसकी तरफ खिंचने लगा.तब फिर मैंने एक दिन प्लान बनाया। मैंने कहा छमिया मुझे सवेरे उठने में दिक्कत होती है। मेरी नींद टूट जाती है। लो तुम दरवाजे की एक चाभी रख लो। खुद दरवाजा खोल कर आ जाया करो ताकि मुझे उठना न पड़े। मैं सवेरे उठूँ या न उठूँ पर तुम काम करके चली जाना हां जाते समय बता जरूर देना।
उसने चाभी अपने ब्लाउज़ के अंदर रखा और मुस्कराती हुई चली गयी।
एक दिन मैं नशे में धुत्त था। थोड़ा खाना खाया और एक छोटी सी लुंगी लपेट कर सो गया। सवेरे वह आयी और उसने बर्तन साफ किया फिर झाड़ू लगाने लगी। वह मेरे कमरे में आयी तो देखा की मेरी लुंगी खुली पड़ी है और मैं नंगा लेटा हूँ। मेरा लन्ड आधे से अधिक खड़ा है। लन्ड का टोपा बिलकुल बाहर आ चुका है। छमियाँ यह देख कर थोड़ा रुक गयी। मेरी नींद खुल चुकी थी लेकिन मैं आँखें बंद किये लेटा रहा। मैं यह तो जानता था की जिस दिन छमिया मेरा लन्ड देख लेगी उस दिन वह अपने आपको रोक नहीं पायेगी। वह बड़ी देर तक लन्ड देखती रही। इधर उधर झाँक कर भी देखा। फिर वह लन्ड के पास बैठ गयी। अपनी धोती खोल कर रख दिया। ब्लाउज़ का बटन खोल दिया। उसकी आधे से अधिक चूंचियां खुल गयीं। ब्रा नहीं थी। मैं कनखियों से सब देख रहा था। वह लन्ड के और पास। उसने लन्ड पहले सूँघा। उसे स्मेल अच्छी लगी। जबान से अपने होंठ चाटने लगी। मैं जान गया की उसकी चूत में आग लग गयी है। उसने अपने पेटीकोट ऊपर चढ़ाया तो उसकी चूत की झलक मुझे मिल गयी। मेरा लन्ड और तन गया।
वह झुकी और जबान से लन्ड का टोपा छुआ। फिर जबान से पेलहड़ भी छुआ। फिर धीरे से लन्ड का टोपा जबान से उठाया। लन्ड थोड़ा उठा और तन गया। उसने उंगलियों से पकड़ लिया लन्ड। उसने अपनी दोनों टांगें फैला दी। उसकी चूत मुझे साफ़ दिखाई पड़ रही थी। उसने लन्ड मुठ्ठी में लिया और हौले हौले सहलाने लगी। मैंने कोई हरकत नहीं की। उसकी हिम्मत बढ़ी तो लन्ड की चुम्मी ले ली। कई बार प्यार से चूमा लन्ड का टोपा ? फिर उसने अपना ब्लाउज़ खोल कर फेंक दिया। उसकी नंगी चूंचियां मेरे लन्ड का जोश बढ़ाने लगीं। उसने अपनी मुठ्ठी सख्त की और लन्ड हिलाने लगी। फिर वह लन्ड पूरा मुठ्ठी में लेकर ऊपर नीचे करने लगी। वह शायद जान गयी की मैं जग गया हूँ। वह जबान से लन्ड का टोपा चाटने लगी। टोपा के चारों तरफ जबान घुमाने लगी। अब मैं और रुक नहीं सका। मैंने छमिया को पकड़ कर चिपका लिया और कहा हाय मेरी जान तूने तोआग लगा दी बहन चोद ? वह बोली आग तो मेरे बदन में भी लग चुकी है, बाबू जी। मैंने उसका नंगा बदन खूब चारों तरफ से दबाया और वहीँ एक सोफा पड़ा था मैं सोफा पर बैठ गया वह ज़मीन पर मेरी दोनों टांगों के बीच बैठ कर एक हाथ से पेलहड़ थामें हुए मेरा लन्ड चाटने लगी।
- मैंने बड़े प्यार से पूंछा छमिया ये क्या चाट रही हो तुम ?
- वह मुझे लन्ड दिखाते हुए बोली ये चाट रही हूँ, बाबू जी।
- नहीं इसका नाम बताओ न छमियाँ ?
- ये तो सबके पास होता है बाबू जी। इसका कोई अलग नाम तो होता नहीं।
- ऐसा नहीं है छमियाँ खुल कर बताओ इसका नाम ?
- मुझे शर्म आती है बाबू जी।
- मैंने उसका गाल नोंच कर कहा अच्छा इतना बड़ा मुंह में ले लिया तब तुम्हे शर्म नहीं आयी और अब नाम बताने में शर्म आ रही है।
- वह शर्माते हुए बोली इसे तो 'लन्ड' कहते हैं बाबू जी। बस उसके मुंह के जैसे 'लन्ड' निकला वैसे ही मेरे लन्ड ने एक बड़ी छलांग मारी।
- छमिया बोली देखो ये भी जानता है अपना नाम बाबू जी ?
- अच्छा और क्या कहते हैं इसे ?
- हां एक नाम और है बाबू जी।
- तो फिर वह भी बताओ न मुझे ?
- इसे 'लौड़ा' भी कहते हैं बाबू जी।
थोड़ी देर तक इस तरह चुदवाने के बाद वह मेरे लन्ड पर बैठ गयी और झुक कर चुदवाने लगी। तब वह बोली बाबू जी लाल कोठी वाली मालकिन की बुर चोदोगे ? मैंने कहा ऐसा क्या है उसकी बुर में ? उसने बताया की वह अभी दो साल पहले ही शादी करके यहाँ आयी है। उसके पति का लन्ड छोटा है और वह अक्सर बाहर भी जाता है। मालकिन बिचारी चुदासी रह जाती हैं। वह मुझसे कई बार कह चुकी हैं की छमियाँ कोई मोटा तगड़ा लन्ड पेलो मेरी बुर में । मेरी बुर चुदवा दो छमिया प्लीज। मुझे उस पर तरस आता है बाबू जी। मैं बिनती करती हूँ बाबू जी की तुम मेरे सामने ही मेरी मालकिन की बुर चोदो। मैंने कहा अच्छा ठीक है तुम कहती हो तो जरूर चोदूंगा उसकी बुर। ऐसा कह कर मैं उसे पीछे से चोदने लगा। उसके बाद मैंने उसे नीचे पटक दिया और उस पर चढ़ बैठा। लौड़ा घुसा दिया अंदर और फिर भकाभक चोदने लगा। थोड़ी ही देर में उसकी चूत ढीली हो गयी। तब मैंने कहा छमिया मैं भी निकलने वाला हूँ। उसने लन्ड मुठ्ठी में लिया और फटाफट मुठ्ठी मारने लगी। फिर उसने मस्ती से मेरा झड़ता हुआ लन्ड पिया।
एक दिन उसने अपनी लाल कोठी वाली मालकिन से मिलवा दिया। उसका नाम सुनीता था। मैं तो उसे देख कर दंग रह गया. एकदम गोरी चिट्टी, लाल टमाटर जैसे उसका सारा बदन, बेहद खूबसूरत, बड़ी बड़ी सुडौल चूंचियां, मस्त चूतड़ और गांड, मस्त गुन्दाज़ बाहें, पतली कमर और मोटी मोटी जांघें मेरा लन्ड तो साला कूदने लगा। छमियाँ उसके कपड़े उतारने लगी। उसे जब पूरी नंगी कर दिया तो मेरा लौड़ा उसे नंगी देख कर आसमान ताकने लगा। छमिया ने फिर मेरे कपड़े उतारे और मुझे भी नंगा कर दिया। सुनीता ने हाथ बढ़ाया और पकड़ लिया मेरा लन्ड ? वह बोली वाओ, आज पहली बार मुझे कोई मरदाना लन्ड मिला है। आज मेरी चूत की प्यास बुझेगी। तब तक छमिया भी नंगी हो चुकी थी। सुनीता मेरा लन्ड चूसने लगी और छमिया उसकी बुर चाटने लगी।
जब मैंने लन्ड उसकी चूत में पेला तो मुझे वाकई ज़न्नत का मज़ा आया। मैं उसे पूरे मन से चोदने लगा। मैं अपने आप को बड़ा लकी महसूस करने लगा जिसको इतनी बढ़िया चूत चोदने को मिल रही है।
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