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दीदी के देवर ने की मेरी चूत चुदाई पूरी रात Didi ke devar ne ki meri chut chudai puri rat
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आज मैं आपको अपनी एक कहानी पेश कर रही हूँ, क्योंकि मैं जब से जवान हुयी थी यानी की जब से मेरे चूत में और बगल में बाल उगे और मेरी चूची बड़ी बड़ी हुयी तब से मुझे चुदने का बहुत शौक था जो कल पूरा हुआ, मैंने कई सारे कहानी पढ़ी तो मैंने सोचा क्यों ना अपना भी गरमा गर्म कहानी आप लोगो को भी बताऊँ, मैं आपसे चुदवा नहीं सकती पर मैं आपका लंड खड़ा जरूर कर सकती हूँ, अपनी कहानी सुना के, तो लंड को अब आप हाथ में ले लें और धीरे धीरे हिलाना शुरु कर दे, याद रहे कहानी खत्म होने पर ही वीर्य निकाले. हा हा हा हा हा हा हा हा मजाक कर रही हूँ,….. आपकी मर्जी चाहे तो करें या नहीं…
आज मैं आपको अपनी एक कहानी पेश कर रही हूँ, क्योंकि मैं जब से जवान हुयी थी यानी की जब से मेरे चूत में और बगल में बाल उगे और मेरी चूची बड़ी बड़ी हुयी तब से मुझे चुदने का बहुत शौक था जो कल पूरा हुआ, मैंने कई सारे कहानी पढ़ी तो मैंने सोचा क्यों ना अपना भी गरमा गर्म कहानी आप लोगो को भी बताऊँ, मैं आपसे चुदवा नहीं सकती पर मैं आपका लंड खड़ा जरूर कर सकती हूँ, अपनी कहानी सुना के, तो लंड को अब आप हाथ में ले लें और धीरे धीरे हिलाना शुरु कर दे, याद रहे कहानी खत्म होने पर ही वीर्य निकाले. हा हा हा हा हा हा हा हा मजाक कर रही हूँ,….. आपकी मर्जी चाहे तो करें या नहीं…
मेरा नाम पहेली है, मैं 21 साल की हूँ, मैं भरपूर जवानी से तर बतर हूँ, आजकल किसी भी लड़के को देखकर बूर में पानी आ जाता है पर समाज के बंधन के चलते मैं किसी से चुद नहीं सकती, बस मन मसोस के ही रह जाती हूँ, मेरी बड़ी दीदी कौशल्या जो की 24 साल की है, वो भी बहुत चुदक्कड़ थी, उसके किस्से तो बड़े आम है वो तो बहुत से पड़ोस के लड़कों से चुद चुकी थी, उसकी शादी पिछले साल ही हो गयी, मेरे जीजा जी, जो की अभी दुबई गए हुए है, वो प्रेग्नेंट कर के छोड़ गए थे, मेरी दीदी अभी कल ही एक लड़के को जन्म दिया है. आप यह कहानी हिंदी सेक्स स्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है।
मेरे घर में माँ पापा और मैं और दोनों बहन ही रहते है, दीदी को दर्द उठा तो वो हॉस्पिटल में भर्ती हो गयी, जीजा जी तो यहाँ है नहीं इस वजह से उनका छोटा भाई रोहित आया हुआ था, शाम को मम्मी पापा खाना खाके दोनों हॉस्पिटल चले गए रोहित भी गया पर वहां सब कुछ देख के वो वापस आ गया, क्योंकि माँ और पापा बोले आपको यहाँ रहने की जरूरत नहीं है आप आराम कीजिये घर जाके, आप ऐसे भी सुबह से थके है. तो रोहित वापस आ गया था घर पे,
मैं नहा रही थी बाथरूम में उसी समय रोहित आया था, वो घंटी बजाता रहा मुझे दरवाजा खोलने में देर हो गई, जब मैं नहा के निकली तो सिर्फ तौलिया लपेट रखा था, वो भी सिर्फ मेरा चूच को ढक रहा था और निचे से मेरे घुटने से काफी ऊपर था, ऊपर कंधे का भाग थोड़ा थोड़ा चूच और निचे मोटी मोटी जांघे दिख रही थी, दरवाजा खोला तो रोहित था मैंने पूछा आप तो हॉस्पिटल गए थे. फिर वो बोले - आपके पापा - मम्मी ने वापस भेज दिया. वो साला मुझे देखता ही रह गया, उसकी हवसी आँखे मुझे घूर रही थी, वो मुझे ऊपर से निचे तक निहार रहा था, उसने छुआ नहीं पर मुझे लग रहा था वो अपनी आँख से मेरे तन बदन को छु रहा है, मैं थोड़ी नर्वस हो गयी, मेरी आँखे निचे झुकने लगी, पर वो खड़ा होके अपनी नजर को सेक रहा था, मैं भी थोड़े इठलाती हुयी चलने लगी और बैडरूम में चली गयी, और मैंने कह दिया रोहित दरवाजा बंद कर देना बाहर का, वो दरबाजा बंद करने लगा, और मैं अंदर आके कपडे पहने लगी, तभी मेरा ब्रा का हुक पीछे बाल में अटक गया था, और मैं जितना निकलने की कोशिश की वो उतना फास्ता ही जा रहा था, तो मैंने रोहित को बुलाया की मेरा हुक फसा हुआ है निकाल दे.
वो जब अंदर आया तो देख कर और भी दंग रह गया, मेरी पीठ पूरी खुली हुई थी, चूचियाँ मेरी घुटनो से चिपकी हुई थी, मैं बैठी थी, तब मैंने रोहित को बोला - इससे पहले किसी लड़की को नहीं देखा क्या आपने, मैंने आपको सिर्फ हुक खोलने के लिए बुलाया है, आप तो टकटकी लगा के देख रहे हो और मैं दर्द से परेशान हूँ. वो फटा फट मेरे पास आया और हुक निकाल दिया, लगे हाथ उसने मेरी पीठ को सहला दिया मेरे तन बदन में आग लग चुकी थी, फिर मैं जब खड़ी होकर पीछे हुक लगाने लगी मेरा तौलिया निचे गिर गया और मैं सिर्फ ब्रा पहने रोहित के आगे खड़ी थी, यहाँ तक की मैं पेंटी भी नहीं पहनी थी. मैं खड़ी थी रोहित मेरे पास आ गया और मुझे किश करने लगा, मैंने कहा ये क्या कर रहे हो, तो बोला मुझे मत रोको प्लीज, आज तक मैंने ऐसे किसी को नहीं देखा. आप यह कहानी हिंदी सेक्स स्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है।
मुझे जैसे ही उसने होठो से छुआ मेरे शरीर में सिहरन हो गयी, और मैं भी अपने आप को नहीं रोक पायी, मेरी गदराई हुयी जवानी थी और मैं मेरे मन को नहीं रोक पा रही थी और मै भी रोहित के जिस्म को टटोलते हुए चूमने लगी, और वो अपने हाथो से मेरी चूचियों को दबाने लगा, मैंने उसके लंड को जीन्स के ऊपर से ही महसूस किया, बड़ा कड़क माल था, मैंने रोहित की जीन्स का ज़िप खोल दिया और पेंट खोल दी, वो फ्रेंची में था बड़ा ही मस्त लग रहा था और अंदर नाग फुफकार रहा था, मेरा गोरा बदन महक रहा था, हम दोनों की साँसे तेज हो गयी, वो मेरी निप्पल को पिने लगा, पहला एहसास था, किसी को अपना दूध पिलाने का, फिर वही बेड पे लेट गए और वो मेरे ऊपर चढ़ गया,
मैंने अपनी टांग फैला दी, वो बीचो बीच आके मेरी बूर को चाटने लगा मैं उसके बाल को पकड़ के अपने बूर में सटा रही थी जी कर रहा था उसको पूरा का पूरा अपने बूर में घुसा दू, फिर वो ऊपर आया और मैंने अपने पैर से ही उसका जाँघिया खोल दिया मोटा काला लंड खड़ा था मुझे चोदने के लिए और मेरी बूर भी चुदने को तैयार थी और उसके मोटे लंड को अपने में समाने के लिए, उसने अपने लंड का सुपाड़ा मेरी चूत के मुह पे लगाया और एक ही झटके में घुसा दिया, मुझे काफी दर्द हो रहा था, मैंने उसको निकालने के लिए कहा की दर्द हो रहा है पर वो साला कुत्ता मेरी चूच को चाटते हुए मुझे झटके दे रहा था और उसने अपना मोटा लंड मेरी बूर में पेल दिया. आप यह कहानी हिंदी सेक्स स्टोरीज वेबसाइट पर पढ़ रहे है।
मैं भी एक नंबर की चुदक्कड़ थी, मैं भी लगी गांड उठा उठा के झटके देने, और साथ साथ गाली भी दे रही थी, कह रही थी चोद साले कुत्ते चोद मुझे, बस इतनी ही ताकत है, मार जोर से और मार क्यों माँ ने दूध नहीं पिलाया, वो भी जोर जोर से चोद रहा था, मेरी फटी जा रही थी और मैं गाली दे रही थी, मैं अपने आप को कमजोर नहीं होने देना चाह रही थी, फिर मैंने कहा बस हो गया क्या? साला चोद ना मुझे जोर जोर से, वो लगा चोदने जोर जोर से फिर मेरी सांस तेज हो गयी और एक अंगड़ाई के साथ मैं झड़ गयी और ठीक उसके बाद रोहित ने भी अपना वीर्य मेरी बूर के अंदर ही छोड दिया. दोनों एक दूसरे को चूमने लगे, और वैसे ही पड़े रहे, फिर उठे और खाना खाया, और फिर दोनों एक ही बेड पे सो गए, रात भर चोदम चोदी चल रही थी और हम एक दूसरे को मजा दे रहे था. मजा आया आपको मेरी कहानी पढ़कर, ये सच्ची है यार, अब जोर जोर से मूठ मार लो आप भी मुझे याद करके....
मेरे घर में माँ पापा और मैं और दोनों बहन ही रहते है, दीदी को दर्द उठा तो वो हॉस्पिटल में भर्ती हो गयी, जीजा जी तो यहाँ है नहीं इस वजह से उनका छोटा भाई रोहित आया हुआ था, शाम को मम्मी पापा खाना खाके दोनों हॉस्पिटल चले गए रोहित भी गया पर वहां सब कुछ देख के वो वापस आ गया, क्योंकि माँ और पापा बोले आपको यहाँ रहने की जरूरत नहीं है आप आराम कीजिये घर जाके, आप ऐसे भी सुबह से थके है. तो रोहित वापस आ गया था घर पे,
मैं नहा रही थी बाथरूम में उसी समय रोहित आया था, वो घंटी बजाता रहा मुझे दरवाजा खोलने में देर हो गई, जब मैं नहा के निकली तो सिर्फ तौलिया लपेट रखा था, वो भी सिर्फ मेरा चूच को ढक रहा था और निचे से मेरे घुटने से काफी ऊपर था, ऊपर कंधे का भाग थोड़ा थोड़ा चूच और निचे मोटी मोटी जांघे दिख रही थी, दरवाजा खोला तो रोहित था मैंने पूछा आप तो हॉस्पिटल गए थे. फिर वो बोले - आपके पापा - मम्मी ने वापस भेज दिया. वो साला मुझे देखता ही रह गया, उसकी हवसी आँखे मुझे घूर रही थी, वो मुझे ऊपर से निचे तक निहार रहा था, उसने छुआ नहीं पर मुझे लग रहा था वो अपनी आँख से मेरे तन बदन को छु रहा है, मैं थोड़ी नर्वस हो गयी, मेरी आँखे निचे झुकने लगी, पर वो खड़ा होके अपनी नजर को सेक रहा था, मैं भी थोड़े इठलाती हुयी चलने लगी और बैडरूम में चली गयी, और मैंने कह दिया रोहित दरवाजा बंद कर देना बाहर का, वो दरबाजा बंद करने लगा, और मैं अंदर आके कपडे पहने लगी, तभी मेरा ब्रा का हुक पीछे बाल में अटक गया था, और मैं जितना निकलने की कोशिश की वो उतना फास्ता ही जा रहा था, तो मैंने रोहित को बुलाया की मेरा हुक फसा हुआ है निकाल दे.
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मुझे जैसे ही उसने होठो से छुआ मेरे शरीर में सिहरन हो गयी, और मैं भी अपने आप को नहीं रोक पायी, मेरी गदराई हुयी जवानी थी और मैं मेरे मन को नहीं रोक पा रही थी और मै भी रोहित के जिस्म को टटोलते हुए चूमने लगी, और वो अपने हाथो से मेरी चूचियों को दबाने लगा, मैंने उसके लंड को जीन्स के ऊपर से ही महसूस किया, बड़ा कड़क माल था, मैंने रोहित की जीन्स का ज़िप खोल दिया और पेंट खोल दी, वो फ्रेंची में था बड़ा ही मस्त लग रहा था और अंदर नाग फुफकार रहा था, मेरा गोरा बदन महक रहा था, हम दोनों की साँसे तेज हो गयी, वो मेरी निप्पल को पिने लगा, पहला एहसास था, किसी को अपना दूध पिलाने का, फिर वही बेड पे लेट गए और वो मेरे ऊपर चढ़ गया,
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