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बेटी तू जवान हो गई अब खूब चुदवाया कर - Maa ne beti ko chudne ki salaah di
बेटी तू जवान हो गई अब खूब चुदवाया कर - Maa ne beti ko chudne ki salaah di , माँ ने बेटी को चुदवाया चुदाई चुदना सिखाया , चोद दिया , चुक्कड़ माँ की लंड खानी बेटी , माँ बेटी की सेक्स कहानी , घर में खेत में नहर पर पार्क में सब जगह चुदास लड़की.
एक दिन अम्मी जान ने कहा - कान खोल कर सुन बेटी रेशमा, अब तू बुर चोदी बच्ची नहीं रही। अब तू जवान हो गई है। तेरी उम्र 20 साल की हो गयी है। तेरी चूँचियाँ बड़ी बड़ी हो गईं है और चूत भी बिलकुल पक गई है। अब तो तू अपनी माँ चुदाने वाली हो गई है रेशमा ? तेरी उम्र की बेटियां आजकल अपनी माँ के भोसड़ा में लण्ड पेलने लगीं हैं। मेरी सहेली की बेटी अभी 19 साल की है और अभी से अपनी माँ की चूत में लण्ड घुसेड़ने लगी है। जवानी का हर एक पल एन्जॉय कर रही है वो और उसकी माँ ? यहाँ तू भोसड़ी वाली अभी तक ठीक तरह से लण्ड पकड़ना भी नहीं सीख पाई ?
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एक दिन अम्मी जान ने कहा - कान खोल कर सुन बेटी रेशमा, अब तू बुर चोदी बच्ची नहीं रही। अब तू जवान हो गई है। तेरी उम्र 20 साल की हो गयी है। तेरी चूँचियाँ बड़ी बड़ी हो गईं है और चूत भी बिलकुल पक गई है। अब तो तू अपनी माँ चुदाने वाली हो गई है रेशमा ? तेरी उम्र की बेटियां आजकल अपनी माँ के भोसड़ा में लण्ड पेलने लगीं हैं। मेरी सहेली की बेटी अभी 19 साल की है और अभी से अपनी माँ की चूत में लण्ड घुसेड़ने लगी है। जवानी का हर एक पल एन्जॉय कर रही है वो और उसकी माँ ? यहाँ तू भोसड़ी वाली अभी तक ठीक तरह से लण्ड पकड़ना भी नहीं सीख पाई ?
देख बेटी एक बात नोट कर ले तू की जवानी बहुत जल्दी निकल जाती है। जवानी का हर एक पल एन्जॉय करना चाहिए। जवानी का मज़ा लण्ड में है और चोदा चोदी करने में है। आज ही मैं तेरी मुलाकात एक लण्ड से करवाऊंगी। अगर तुझमें हिम्मत है तो अपने हाथ से लण्ड अपनी माँ के भोसड़ा में पेल देना, बेटी रेशमा ?
मेरी अम्मी जान इस तरह से मुझे अपना भोसड़ा चुदवाने के लिए ललकार रही थी। वह चाहती हैं की मैं उसका भोसड़ा चुदवाने लगूं और जवानी का मज़ा लूटने लगूं। उसे शायद यह मालूम है की मेरी बेटी को अभी तक लण्ड पकड़ना भी नहीं आता। उसे क्या मालूम की मैं 15 साल की उम्र से लण्ड पकड़ रही हूँ और लण्ड पी रही हूँ। मैं 17 साल की उम्र से चुदवाने भी लगी थी। सबसे पहला लण्ड मैंने कॉलेज के एक लड़के का अपनी चूत में पेला था। तब से मैंने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। एक के बाद दूसरा और दूसरे के बाद तीसरा लण्ड पेलती रही अपनी चूत में। अम्मी जान को ये सब नहीं मालूम है । न उसने कभी मुझे देखा और न मैंने कभी उसे बताया। वह बुर चोदी मुझे अनाड़ी ही समझ रही है। ख़ैर कोई बात नहीं आज मैं जब उसका भोसड़ा चोदूँगी तब उसे पता चलेगा। आज रात को वह मुझे एक लण्ड पकड़ायेगी तो मैं उसे दो लण्ड पकड़ा दूँगी। फाड़ डालूंगी उसका हरामजादा भोसड़ा।
मेरी अम्मी का नाम है समीना बेगम। वह 44 साल की हैं , बड़ी मद मस्त हैं, सेक्सी हैं, खूबसूरत हैं और हॉट हैं। लोग उसे चोदने के लिए हमेशा लालायित रहतें हैं। एक बात तो सच है की खूबसरत औरत गैर मर्दों से चुदवाने में अव्वल रहती है। ऐसी औरतें बड़ी बदचलन होतीं हैं और बहुत बड़ी चुदक्कड़ होतीं हैं। मेरी अम्मी जान बुर चोदी भी बहुत बड़ी चुदक्कड़ हैं। मैं आज उसका भोसड़ा चोद कर अपना असली रूप दिखा दूँगी। आज मैं साबित कर दूँगी मैं भी एक चुदक्कड़ लड़की हूँ।
रात को अम्मी जान ने मुझे अपने कमरे में बुलाया। मैं तुरंत चली गयी। मैंने देखा की अम्मी जान बिलकुल नंगी बैठी हुई हैं। रात में वैसे भी औरतें ज्यादा चुदासी हो जातीं हैं। अम्मी के बगल में एक आदमी लेटा था। उसके बदन पर एक पजामा था बस। मैं जब अम्मी के पास गयी तो वह बोली बेटी मेरे बगल में बैठो लेकिन अपने सारे कपड़े खोल कर। मैं नंगी हूँ और तुमको भी नंगी होना है। मैंने कहा अम्मी मैं एक अनजान मरद के आगे कैसे नंगी हो सकती हूँ ? वह बोली जब तेरी बुर चोदी अम्मी जान नंगी हो सकती है तो तू भोसड़ी वाली क्यों नहीं हो सकती ? तुझे होना पड़ेगा। मैं हँसते हुए अपने कपड़े खोल कर नंगी हो गयी. अम्मी बोली बेटी रेशमा इससे मिलो ये है मेरा दोस्त ज़ाहिर अली।
मैंने उसे आदाब कहा तो वह खुश हो गया। अम्मी ने मेरे सामने उसके पजामा का नाड़ा खोला और मेरा हाथ पकड़ कर उसके अंदर घुसेड़ दिया और कहा बेटी रेशमा अब तुम अंदर का सामान निकाल कर मुझे दिखाओ। मैंने मुस्कराते हुए हाथ घुसेड़ दिया। मेरा हाथ फ़ौरन उसके लण्ड से टकरा गया तो मैं समझ गयी की लौड़ा बड़ा मोटा है और जानदार भी है। मैंने अंदर ही अंदर उसके पेल्हड़ पकडेऔर अंदाज़ा लगाया। हां मुझे लगा की लण्ड चिकना है क्योंकि झांटें बिलकुल नहीं थीं। मैंने लौड़ा फ़ौरन बाहर निकाल लिया। लौड़ा गोरा था, लगभग 9" का था और सुपाड़ा अंडाकार था। अम्मी बोली बेटी ये क्या है ? मैंने कह ये लण्ड है अम्मी जान। इसे लौड़ा भी कहतें हैं। आज ये मेरी माँ का भोसड़ा चोदेगा। वह बोली ये तो मेरी बेटी की बुर भी चोदेगा रेशमा।
मैंने कहा - तेरी बेटी की माँ का भोसड़ा अम्मी जान ? वह मेरी गाली सुनकर गद गद हो गई।
वह बोली - तेरी माँ की बिटिया की बुर, रेशमा। अगर तेरी माँ का भोसड़ा चुदेगा तो तेरी माँ की बेटी भी चुदेगी. तभी अचानक किसी ने दरवाजा खटखटाया। मैंने लण्ड अम्मी के मुंह में ठूंस कर दरवाजा खोलने चली गई। मैंने जैसे ही दरवाजा खोला वैसे ही मेरे सामने दो मस्त जवान लड़के खड़े थे। मैंने कहा आ गए तुम दोनों भोसड़ी वालों। आओ अंदर बैठो। मैंने उन्हें अंदर बैठाकर दरवाजा बंद कर दिया। मैंने अपनी चादर गिरा दी तो मैं उनके आगे नंगी हो गयी और कहा अब तुम लोग भी अपने अपने कपड़े उतार डालो। दोनों नंगे हो गए। मैंने कहा अब चलो और मेरी माँ का भोसड़ा चोदो। मैं अपने दोनों हाथों में लण्ड पकड़े पकड़े अम्मी के पास चली गयी।
मैंने अम्मी से कहा - लो अम्मी जान पकड़ो ये दोनों लण्ड। ये है रहीम और ये है करीम। आज मैं ये दोनों लण्ड पेल कर तेरा भोसड़ा चोदूँगी। अम्मी यह देख कर हैरान हो गई। उसे इस बात की बिलकुल उम्मीद नहीं थी। उसे लगा की मेरी बेटी बहुत आगे निकल चुकी है।
अम्मी ने पूंछा - बेटी रेशमा ये बताओ क्या कभी इन दोनों ने लण्ड तेरी बुर में पेला है ?
मैंने कहा - अरे अम्मी जान अगर पेला न होता तो मैं इन्हे अपने घर अपनी माँ चोदने के लिए न बुलाया होता। अगर इन लोगों ने मुझे चोदा न होता तो मैं इनके लण्ड पकड़ कर तेरे पास न आती। आज तेरे भोसड़ा की ख़ैर नहीं है अम्मी जान। तुम समझती हो की मुझे लण्ड पकड़ना नहीं आता। मुझे अपनी माँ चुदाना नहीं आता। अरे मुझे माँ चुदाना भी आता है और माँ चोदना भी आता है। मैंने अपनी कई सहेलियों की माँ चुदवाई भी है और चोदा भी है। कई सहेलियों के बाप का लण्ड भी चोदा है मैंने ? जिसका लण्ड मैं एक बार चोदती हूँ वह बार बार मुझसे अपना लण्ड चुदवाने आता है।
मेरी इस तरह की बातें सुनकर अम्मी की तो गांड फट गयी. वह बोली हाय दईया बेटी रेशमा मैं सही में तुम्हें अभी तक अनाड़ी ही समझती थी। मुझे लगा की तू जवानी का मज़ा नहीं ले पायेगी इसलिए मैं तुझे उकसाती थी की तू अपनी माँ चुदाना शुरू कर दे। मैं यह भी जानना चाहती थी की तू पूरी तरह औरत बन चुकी है की नहीं ? कहीं कोई औरत बनने में कोई कमजोरी तो नहीं है ? अब मुझे मालूम हो गया है की तू अपनी माँ का भोसड़ा क्या उसकी गांड भी चोद सकती है। तू तो बहुत बड़ी हरामजादी बन चुकी है बुर चोदी रेशमा। अब तो मैं चोदूँगी तेरी बुर और मारूंगी तेरी गांड ? तेरी माँ की चूत तू अभी तक छिपी बैठी हुई थी और मुझे चूतिया बना रही थी। अब तो मैं उखाडूँगी झांटें ? तूने अगर सही वख्त पर बताया होता तो अब तक मैं तेरे जाने कितने लड़कों से अपना भोसड़ा चुदवा चुकी होती ?
मैंने कहा अगर तूने मुझे सही वख्त पर पहचान लिया होता तो मैं भी ज़ाहिर अंकल के जैसे जाने कितने लोगों से चुदवा चुकी होती और उनके बड़े बड़े लण्ड का मज़ा लूट चुकी होती ? समीना तेरी बिटिया की बुर तेरी बहन का भोसड़ा ? मुझे नहीं मालूम था की तू अपनी बेटी चुदाने के लिए इतनी बेताब हो रही थी। आज जा मैदान में देखती हूँ की कौन अच्छी ज्यादा अच्छी चुदवाती है ? मैं अपनी माँ का भोसड़ा अच्छी तरह चुदवाती हूँ की तू अपनी बिटिया की बुर ? तब तक मैंने रहीम का लौड़ा अम्मी की बुर में पेल दिया और करीम का लौड़ा उसके मुंह में घुसा दिया। अम्मी को दोनों लण्ड का मज़ा मिलने लगा। उधर ज़हीर अंकल ने अपना लण्ड पूरा मेरी चूत में पेल दिया और मैं भी उससे रंडी की तरह चुदवाने लगी। मुझे अपनी माँ का चुदता हुआ भोसड़ा देखने में बड़ा मज़ा आ रहा था।
मैंने अपना मुंह अम्मी की गांड की तरफ कर लिया। मैं रहीम का लण्ड अम्मी की बुर में आते जाते हुए देख रही थी। लण्ड जैसे ही बहार निकल आता तो मैं उसे अंदर घुसेड़ देती। आज पहली बार मैं अपनी माँ का भोसड़ा चुदा रही थी और मुझे वाकई बड़ा मज़ा आ रहा था। मैंने कहा रहीम यार तुमने उस दिन यास्मीन की माँ का भोसड़ा चोदा था उसी तरह मेरी माँ का भोसड़ा चोदो। फाड़ डालो इसका भोसड़ा ? मेरी माँ बुर चोी बहुत बड़ी चुदक्कड़ है। इसके भोसड़ा का निकाल दो तेल। तूने उस दिन खुशबू की माँ चोदी थी बिलकुल वैसे ही मेरी माँ चोदो। थोड़ी देर बाद मैंने करीम एक लण्ड पेल दिया अम्मी की चूत में और रहीम ने लण्ड उसके मुंह में घुसेड़ दिया। अम्मी मजे से उसका लौड़ा चूसने लगीं। मैंने कहा करीम यार जैसे तुम जैसे अपनी माँ भोसड़ा चोदते हो वैसे मेरी माँ का भोसड़ा चोदो।
अम्मी ने पूंछा - बेटा करीम क्या तुम अपनी माँ का चोदते हो ?
वह बोला - हां आंटी चोदता हूँ और खूब मजे स चोदता हूँ। मेरी अम्मी का कहना है की जब बेटा मरद बन जाता है तो वह अपनी माँ चोद सकता है। ऐसा हमारे समाज में होता है। मेरी नन्द का लड़का नन्द का भोसड़ा चोदता है। मेरी जेठानी का बेटा जेठानी की बुर में लण्ड पेलता है। जैसे एक बाप अपनी बेटी की बुर लेता है वैसे ही एक माँ अपने बेटे का लण्ड लेती है। हमारे याहं ये दोनों जायज़ हैं। इसमें कोई गुनाह नहीं है। जैसे तेरी बेटी रेशमा अपनी माँ चुदवा रही है वैसे ही बेटा भी अपनी माँ अपने दोस्तों से चुदवाता है और चोदता भी है।
इन बातों से सबको और जोश आ गया। चुदाई की रफ़्तार तेज हो गई। एक तरफ बिटिया की बुर चुदने लगी और दूसरी तरफ उसकी माँ का भोसड़ा ?
ज़हीर अंकल का मोटा 9 " का लण्ड मेरी चूत के चीथड़े उड़ा रहा था। आज मुझे अपनी अम्मी जान के आगे चुदवाने में दूना मज़ा आ रहा था। फिर मैंने रहीम और करीम दोनों से कहा अब तुम लोग मिलकर दोनों लण्ड अम्मी के भोसड़ा में घुसा दो। रहीम नीचे लेट गया। अम्मी उसके ऊपर और उसका लौड़ा अम्मी के भोसड़ा में घुस गया। अम्मी ने अपनी गांड उठाई तो उसकी गांड का छेड़ दिखाई पड़ने लगा। बस रहीम ने लण्ड उसी में ठोंक दिया। रहीम अब मेरी माँ की गांड मारने लगा। जैसा की आप इस फोटो में देख रहें हैं। दोनों लण्ड इस तरह अम्मी जान को चोदने में जुट गए । अम्मी बोली हाय मेरी माँ की लौड़ी रेशमा तू तो वाकई अपनी माँ चुदाने में बड़ी माहिर हो गई है। मुझे नहीं मालूम था की तू इतनी अच्छी तरह अपनी माँ चुदवा लेगी ? तू अपनी माँ का भोसड़ा भी चुदवा रही है और साथ ही साथ उसकी गांड भी मरवा रही है। मुझे तुम पर नाज़ है बुर चोदी रेशमा ? उधर से आवाज़ आयी नाज़ तो मुझे भी है अपनी बेटी पर समीना भाभी जान। वह मेरी फूफी जान थीं। फूफी बोली - रात भर मेरी बेटी ने अपने मियां का लण्ड मेरे भोसड़ा में पेला है। वाह वाह क्या लौड़ा है उसका भाभी। उसके 9" के लण्ड ने मेरा भोसड़ा फाड़ डाला। बेटी हो तो ऐसी जो अपने ही शौहर से अपनी माँ का भोसड़ा फड़वाये ? आज वह कह रही थी की अम्मी जान अब मैं तेरा भोसड़ा अपने ससुर से फड़वाऊंगी। मैंने कहा आ जा बुर चोदी मैं भी आज तेरी बुर अपने देवर से फड़वाऊंगी।
उसका ससुर और मेरा देवर आया। उसके ससुर ने मेरा भोसड़ा चोदा और मेरे देवर ने उसकी बुर चोदी। मैंने इन दोनों को रोक लिया और सोंचा की क्यों न मैं इन लोगों से अपनी भाभी की बुर फड़वा लूं और उसकी बेटी की चूत। इसलिए मैं इन दोनों को लेकर तेरे पास आई हूँ भाभी जान। अम्मी ने उनका वेलकम किया और सबको अपने सामने बैठा लिया। वो तीनो मेरी और अम्मी की चुदाई देखने लगे। कुछ देर बाद ज़हीर अंकल का लण्ड झड़ने लगा और मैं झड़ता हुआ लण्ड पीने लगी और सारा वीर्य पी गयी। सुपाड़ा चाट चाट कर लाल कर दिया। उधर एमी भी रहीम और करीम एक लण्ड चाट रहीं थी और चूस भी रहीं थीं। सबन खूब तालियां बजाईं और हम सबका हौसला बढ़ाया। उसके बाद खाना हुआ और सबने नंगे नंगे ही खूब जम कर बातें कीं।
एक घंटे के बाद मैंने फूफी की बेटी के ससुर का लण्ड अम्मी की चूत में पेला। उसका लण्ड साला पठानी लण्ड था। बड़ा मोटा और बड़ा सख्त। अम्मी का भोसड़ा फटने लगा। मैंने फूफी के देवर का लण्ड अम्मी के मुंह में घुसेड़ दिया। वह लण्ड भी बड़ा हक्कानी लण्ड था। इस तरह बारी बारी से दोनों मेरी माँ का भोसड़ा बजाने लगे। उधर रहीम और करीम भी मिलकर फूफा का भोसड़ा बजाने लगे। मुझे दोनों चुदते हुए भोसड़ा देखने में मज़ा आने लगा। मैं ज़हीर का लण्ड थामे हुए दोनोंकी चुदाई का नज़ारा ले रही थी। अम्मी बोली - भोसड़ी की तू बहुत कामिनी बेटी है। पहले अपनी माँ एक भोसड़ा बजवाया और अब तू अम्मी के साथ साथ अम्मी की नन्द का बजवा रही है।
उधर से फूफी बोली - रेशमा, तेरी माँ का भोसड़ा ? तेरी माँ की नन्द की बुर ?
मैंने कहा - फ़ूफी जान. तेरी भाभी की बिटिया की चूत ? तेरी बेटी की माँ का भोसड़ा ?
अम्मी ने मुस्कराते हुए कहा - बेटी रेशमा मैं मान गई की चुदवाने में तू मुझसे कहीं ज्यादा बढ़ कर है। अब मैं चोदूँगी तेरी बुर ?
ऐसा कह कर अम्मी ने फूफी के देवर का लण्ड मेरी चूत में घुसेड़ दिया। लण्ड घुसा तो मेरी चीख निकल पड़ी। उधर फूफी की बेटी का ससुर अपना लण्ड मेरे मुंह में डाल दिया। मैं दो दो लण्ड का मज़ा लेने लगी। फूफी जान ज़हीर अंकल का लण्ड पीने लगी। इस तरह रात भर हम तीनों लण्ड अदल बदल कर चुदवाती रहीं।
०=०=०=०=०=० समाप्त
मेरी अम्मी का नाम है समीना बेगम। वह 44 साल की हैं , बड़ी मद मस्त हैं, सेक्सी हैं, खूबसूरत हैं और हॉट हैं। लोग उसे चोदने के लिए हमेशा लालायित रहतें हैं। एक बात तो सच है की खूबसरत औरत गैर मर्दों से चुदवाने में अव्वल रहती है। ऐसी औरतें बड़ी बदचलन होतीं हैं और बहुत बड़ी चुदक्कड़ होतीं हैं। मेरी अम्मी जान बुर चोदी भी बहुत बड़ी चुदक्कड़ हैं। मैं आज उसका भोसड़ा चोद कर अपना असली रूप दिखा दूँगी। आज मैं साबित कर दूँगी मैं भी एक चुदक्कड़ लड़की हूँ।
रात को अम्मी जान ने मुझे अपने कमरे में बुलाया। मैं तुरंत चली गयी। मैंने देखा की अम्मी जान बिलकुल नंगी बैठी हुई हैं। रात में वैसे भी औरतें ज्यादा चुदासी हो जातीं हैं। अम्मी के बगल में एक आदमी लेटा था। उसके बदन पर एक पजामा था बस। मैं जब अम्मी के पास गयी तो वह बोली बेटी मेरे बगल में बैठो लेकिन अपने सारे कपड़े खोल कर। मैं नंगी हूँ और तुमको भी नंगी होना है। मैंने कहा अम्मी मैं एक अनजान मरद के आगे कैसे नंगी हो सकती हूँ ? वह बोली जब तेरी बुर चोदी अम्मी जान नंगी हो सकती है तो तू भोसड़ी वाली क्यों नहीं हो सकती ? तुझे होना पड़ेगा। मैं हँसते हुए अपने कपड़े खोल कर नंगी हो गयी. अम्मी बोली बेटी रेशमा इससे मिलो ये है मेरा दोस्त ज़ाहिर अली।
मैंने उसे आदाब कहा तो वह खुश हो गया। अम्मी ने मेरे सामने उसके पजामा का नाड़ा खोला और मेरा हाथ पकड़ कर उसके अंदर घुसेड़ दिया और कहा बेटी रेशमा अब तुम अंदर का सामान निकाल कर मुझे दिखाओ। मैंने मुस्कराते हुए हाथ घुसेड़ दिया। मेरा हाथ फ़ौरन उसके लण्ड से टकरा गया तो मैं समझ गयी की लौड़ा बड़ा मोटा है और जानदार भी है। मैंने अंदर ही अंदर उसके पेल्हड़ पकडेऔर अंदाज़ा लगाया। हां मुझे लगा की लण्ड चिकना है क्योंकि झांटें बिलकुल नहीं थीं। मैंने लौड़ा फ़ौरन बाहर निकाल लिया। लौड़ा गोरा था, लगभग 9" का था और सुपाड़ा अंडाकार था। अम्मी बोली बेटी ये क्या है ? मैंने कह ये लण्ड है अम्मी जान। इसे लौड़ा भी कहतें हैं। आज ये मेरी माँ का भोसड़ा चोदेगा। वह बोली ये तो मेरी बेटी की बुर भी चोदेगा रेशमा।
मैंने कहा - तेरी बेटी की माँ का भोसड़ा अम्मी जान ? वह मेरी गाली सुनकर गद गद हो गई।
वह बोली - तेरी माँ की बिटिया की बुर, रेशमा। अगर तेरी माँ का भोसड़ा चुदेगा तो तेरी माँ की बेटी भी चुदेगी. तभी अचानक किसी ने दरवाजा खटखटाया। मैंने लण्ड अम्मी के मुंह में ठूंस कर दरवाजा खोलने चली गई। मैंने जैसे ही दरवाजा खोला वैसे ही मेरे सामने दो मस्त जवान लड़के खड़े थे। मैंने कहा आ गए तुम दोनों भोसड़ी वालों। आओ अंदर बैठो। मैंने उन्हें अंदर बैठाकर दरवाजा बंद कर दिया। मैंने अपनी चादर गिरा दी तो मैं उनके आगे नंगी हो गयी और कहा अब तुम लोग भी अपने अपने कपड़े उतार डालो। दोनों नंगे हो गए। मैंने कहा अब चलो और मेरी माँ का भोसड़ा चोदो। मैं अपने दोनों हाथों में लण्ड पकड़े पकड़े अम्मी के पास चली गयी।
मैंने अम्मी से कहा - लो अम्मी जान पकड़ो ये दोनों लण्ड। ये है रहीम और ये है करीम। आज मैं ये दोनों लण्ड पेल कर तेरा भोसड़ा चोदूँगी। अम्मी यह देख कर हैरान हो गई। उसे इस बात की बिलकुल उम्मीद नहीं थी। उसे लगा की मेरी बेटी बहुत आगे निकल चुकी है।
अम्मी ने पूंछा - बेटी रेशमा ये बताओ क्या कभी इन दोनों ने लण्ड तेरी बुर में पेला है ?
मैंने कहा - अरे अम्मी जान अगर पेला न होता तो मैं इन्हे अपने घर अपनी माँ चोदने के लिए न बुलाया होता। अगर इन लोगों ने मुझे चोदा न होता तो मैं इनके लण्ड पकड़ कर तेरे पास न आती। आज तेरे भोसड़ा की ख़ैर नहीं है अम्मी जान। तुम समझती हो की मुझे लण्ड पकड़ना नहीं आता। मुझे अपनी माँ चुदाना नहीं आता। अरे मुझे माँ चुदाना भी आता है और माँ चोदना भी आता है। मैंने अपनी कई सहेलियों की माँ चुदवाई भी है और चोदा भी है। कई सहेलियों के बाप का लण्ड भी चोदा है मैंने ? जिसका लण्ड मैं एक बार चोदती हूँ वह बार बार मुझसे अपना लण्ड चुदवाने आता है।
मेरी इस तरह की बातें सुनकर अम्मी की तो गांड फट गयी. वह बोली हाय दईया बेटी रेशमा मैं सही में तुम्हें अभी तक अनाड़ी ही समझती थी। मुझे लगा की तू जवानी का मज़ा नहीं ले पायेगी इसलिए मैं तुझे उकसाती थी की तू अपनी माँ चुदाना शुरू कर दे। मैं यह भी जानना चाहती थी की तू पूरी तरह औरत बन चुकी है की नहीं ? कहीं कोई औरत बनने में कोई कमजोरी तो नहीं है ? अब मुझे मालूम हो गया है की तू अपनी माँ का भोसड़ा क्या उसकी गांड भी चोद सकती है। तू तो बहुत बड़ी हरामजादी बन चुकी है बुर चोदी रेशमा। अब तो मैं चोदूँगी तेरी बुर और मारूंगी तेरी गांड ? तेरी माँ की चूत तू अभी तक छिपी बैठी हुई थी और मुझे चूतिया बना रही थी। अब तो मैं उखाडूँगी झांटें ? तूने अगर सही वख्त पर बताया होता तो अब तक मैं तेरे जाने कितने लड़कों से अपना भोसड़ा चुदवा चुकी होती ?
मैंने कहा अगर तूने मुझे सही वख्त पर पहचान लिया होता तो मैं भी ज़ाहिर अंकल के जैसे जाने कितने लोगों से चुदवा चुकी होती और उनके बड़े बड़े लण्ड का मज़ा लूट चुकी होती ? समीना तेरी बिटिया की बुर तेरी बहन का भोसड़ा ? मुझे नहीं मालूम था की तू अपनी बेटी चुदाने के लिए इतनी बेताब हो रही थी। आज जा मैदान में देखती हूँ की कौन अच्छी ज्यादा अच्छी चुदवाती है ? मैं अपनी माँ का भोसड़ा अच्छी तरह चुदवाती हूँ की तू अपनी बिटिया की बुर ? तब तक मैंने रहीम का लौड़ा अम्मी की बुर में पेल दिया और करीम का लौड़ा उसके मुंह में घुसा दिया। अम्मी को दोनों लण्ड का मज़ा मिलने लगा। उधर ज़हीर अंकल ने अपना लण्ड पूरा मेरी चूत में पेल दिया और मैं भी उससे रंडी की तरह चुदवाने लगी। मुझे अपनी माँ का चुदता हुआ भोसड़ा देखने में बड़ा मज़ा आ रहा था।
मैंने अपना मुंह अम्मी की गांड की तरफ कर लिया। मैं रहीम का लण्ड अम्मी की बुर में आते जाते हुए देख रही थी। लण्ड जैसे ही बहार निकल आता तो मैं उसे अंदर घुसेड़ देती। आज पहली बार मैं अपनी माँ का भोसड़ा चुदा रही थी और मुझे वाकई बड़ा मज़ा आ रहा था। मैंने कहा रहीम यार तुमने उस दिन यास्मीन की माँ का भोसड़ा चोदा था उसी तरह मेरी माँ का भोसड़ा चोदो। फाड़ डालो इसका भोसड़ा ? मेरी माँ बुर चोी बहुत बड़ी चुदक्कड़ है। इसके भोसड़ा का निकाल दो तेल। तूने उस दिन खुशबू की माँ चोदी थी बिलकुल वैसे ही मेरी माँ चोदो। थोड़ी देर बाद मैंने करीम एक लण्ड पेल दिया अम्मी की चूत में और रहीम ने लण्ड उसके मुंह में घुसेड़ दिया। अम्मी मजे से उसका लौड़ा चूसने लगीं। मैंने कहा करीम यार जैसे तुम जैसे अपनी माँ भोसड़ा चोदते हो वैसे मेरी माँ का भोसड़ा चोदो।
अम्मी ने पूंछा - बेटा करीम क्या तुम अपनी माँ का चोदते हो ?
वह बोला - हां आंटी चोदता हूँ और खूब मजे स चोदता हूँ। मेरी अम्मी का कहना है की जब बेटा मरद बन जाता है तो वह अपनी माँ चोद सकता है। ऐसा हमारे समाज में होता है। मेरी नन्द का लड़का नन्द का भोसड़ा चोदता है। मेरी जेठानी का बेटा जेठानी की बुर में लण्ड पेलता है। जैसे एक बाप अपनी बेटी की बुर लेता है वैसे ही एक माँ अपने बेटे का लण्ड लेती है। हमारे याहं ये दोनों जायज़ हैं। इसमें कोई गुनाह नहीं है। जैसे तेरी बेटी रेशमा अपनी माँ चुदवा रही है वैसे ही बेटा भी अपनी माँ अपने दोस्तों से चुदवाता है और चोदता भी है।
ज़हीर अंकल का मोटा 9 " का लण्ड मेरी चूत के चीथड़े उड़ा रहा था। आज मुझे अपनी अम्मी जान के आगे चुदवाने में दूना मज़ा आ रहा था। फिर मैंने रहीम और करीम दोनों से कहा अब तुम लोग मिलकर दोनों लण्ड अम्मी के भोसड़ा में घुसा दो। रहीम नीचे लेट गया। अम्मी उसके ऊपर और उसका लौड़ा अम्मी के भोसड़ा में घुस गया। अम्मी ने अपनी गांड उठाई तो उसकी गांड का छेड़ दिखाई पड़ने लगा। बस रहीम ने लण्ड उसी में ठोंक दिया। रहीम अब मेरी माँ की गांड मारने लगा। जैसा की आप इस फोटो में देख रहें हैं। दोनों लण्ड इस तरह अम्मी जान को चोदने में जुट गए । अम्मी बोली हाय मेरी माँ की लौड़ी रेशमा तू तो वाकई अपनी माँ चुदाने में बड़ी माहिर हो गई है। मुझे नहीं मालूम था की तू इतनी अच्छी तरह अपनी माँ चुदवा लेगी ? तू अपनी माँ का भोसड़ा भी चुदवा रही है और साथ ही साथ उसकी गांड भी मरवा रही है। मुझे तुम पर नाज़ है बुर चोदी रेशमा ? उधर से आवाज़ आयी नाज़ तो मुझे भी है अपनी बेटी पर समीना भाभी जान। वह मेरी फूफी जान थीं। फूफी बोली - रात भर मेरी बेटी ने अपने मियां का लण्ड मेरे भोसड़ा में पेला है। वाह वाह क्या लौड़ा है उसका भाभी। उसके 9" के लण्ड ने मेरा भोसड़ा फाड़ डाला। बेटी हो तो ऐसी जो अपने ही शौहर से अपनी माँ का भोसड़ा फड़वाये ? आज वह कह रही थी की अम्मी जान अब मैं तेरा भोसड़ा अपने ससुर से फड़वाऊंगी। मैंने कहा आ जा बुर चोदी मैं भी आज तेरी बुर अपने देवर से फड़वाऊंगी।
उसका ससुर और मेरा देवर आया। उसके ससुर ने मेरा भोसड़ा चोदा और मेरे देवर ने उसकी बुर चोदी। मैंने इन दोनों को रोक लिया और सोंचा की क्यों न मैं इन लोगों से अपनी भाभी की बुर फड़वा लूं और उसकी बेटी की चूत। इसलिए मैं इन दोनों को लेकर तेरे पास आई हूँ भाभी जान। अम्मी ने उनका वेलकम किया और सबको अपने सामने बैठा लिया। वो तीनो मेरी और अम्मी की चुदाई देखने लगे। कुछ देर बाद ज़हीर अंकल का लण्ड झड़ने लगा और मैं झड़ता हुआ लण्ड पीने लगी और सारा वीर्य पी गयी। सुपाड़ा चाट चाट कर लाल कर दिया। उधर एमी भी रहीम और करीम एक लण्ड चाट रहीं थी और चूस भी रहीं थीं। सबन खूब तालियां बजाईं और हम सबका हौसला बढ़ाया। उसके बाद खाना हुआ और सबने नंगे नंगे ही खूब जम कर बातें कीं।
एक घंटे के बाद मैंने फूफी की बेटी के ससुर का लण्ड अम्मी की चूत में पेला। उसका लण्ड साला पठानी लण्ड था। बड़ा मोटा और बड़ा सख्त। अम्मी का भोसड़ा फटने लगा। मैंने फूफी के देवर का लण्ड अम्मी के मुंह में घुसेड़ दिया। वह लण्ड भी बड़ा हक्कानी लण्ड था। इस तरह बारी बारी से दोनों मेरी माँ का भोसड़ा बजाने लगे। उधर रहीम और करीम भी मिलकर फूफा का भोसड़ा बजाने लगे। मुझे दोनों चुदते हुए भोसड़ा देखने में मज़ा आने लगा। मैं ज़हीर का लण्ड थामे हुए दोनोंकी चुदाई का नज़ारा ले रही थी। अम्मी बोली - भोसड़ी की तू बहुत कामिनी बेटी है। पहले अपनी माँ एक भोसड़ा बजवाया और अब तू अम्मी के साथ साथ अम्मी की नन्द का बजवा रही है।
उधर से फूफी बोली - रेशमा, तेरी माँ का भोसड़ा ? तेरी माँ की नन्द की बुर ?
मैंने कहा - फ़ूफी जान. तेरी भाभी की बिटिया की चूत ? तेरी बेटी की माँ का भोसड़ा ?
अम्मी ने मुस्कराते हुए कहा - बेटी रेशमा मैं मान गई की चुदवाने में तू मुझसे कहीं ज्यादा बढ़ कर है। अब मैं चोदूँगी तेरी बुर ?
ऐसा कह कर अम्मी ने फूफी के देवर का लण्ड मेरी चूत में घुसेड़ दिया। लण्ड घुसा तो मेरी चीख निकल पड़ी। उधर फूफी की बेटी का ससुर अपना लण्ड मेरे मुंह में डाल दिया। मैं दो दो लण्ड का मज़ा लेने लगी। फूफी जान ज़हीर अंकल का लण्ड पीने लगी। इस तरह रात भर हम तीनों लण्ड अदल बदल कर चुदवाती रहीं।
०=०=०=०=०=० समाप्त
Tags: बेटी तू जवान हो गई अब खूब चुदवाया कर - Maa ne beti ko chudne ki salaah di , माँ ने बेटी को चुदवाया चुदाई चुदना सिखाया , चोद दिया , चुक्कड़ माँ की लंड खानी बेटी , माँ बेटी की सेक्स कहानी , घर में खेत में नहर पर पार्क में सब जगह चुदास लड़की.
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